कोरोना के कारण घर पर बैठे अध्यापकों की नाकों पर लगी ड्यूटी

बिलासपुर।। हिमाचल प्रदेश में कोरोना लॉकडाउन के कारण सरकारी स्कूलों के अध्यापक घर पर बैठने को मजबूर हैं। इस बीच बिलासपुर जिला प्रशासन ने कोरोना संकट से निपटने के लिए शिक्षकों की मदद लेने की योजना बनाई है। इसके तहत नयनादेवी से शुरुआत करते हुए अध्यापकों की ड्यूटी नाकों पर लगाई है।

अभी उपमंडल अधिकारी नयनादेवी ने 11 प्राइमरी असिस्टेंट टीचर्स और जेबीटी की ड्यूटी लगाई है। वे विभिन्न नाकों पर ड्यूटी करेंगे और तहसीलदार स्वारघाट को रिपोर्ट करेंगे। ड्यूटी का समय सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक का होगा।

ऐसा करने से क्या होगा
ऐसी चर्चा चल रही है कि अन्य ज़िलों में भी यह मॉडल अपनाया जा जा सकता है। हिमाचल प्रदेश में पुलिस फ़ोर्स को सदस्यों की कमी के कारण दिक़्क़त आ रही है। ऐसे में नाकों पर शिक्षकों की मदद लेने से पुलिस फ़ोर्स पर पड़ा दबाव कम होगा।

नाकों पर टीचर्स के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहेंगे मगर अभी तक तैनात रहे अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को कर्फ़्यू के दौरान गश्त लगाने और अन्य महत्वपूर्ण कामों में लगाया जा सकता है।

बिना रिजल्ट प्रमोट होंगे छात्र
इस बीच एक ख़बर यह आई है कि हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जो छात्र ग़ैर बोर्ड क्लासों में पढ़ते हैं, उन्हें बिना रिज़ल्ट घोषित किए अगली क्लास में प्रमोट किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में कोरोना संकट के कारण पैदा हुए हालात पर चर्चा हुई। इस कारण स्कूली बच्चों के भविष्य को देखते हुए बच्चों को अगली क्लास में प्रमोट करने पर कैबिनेट के बीच सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी है।

ध्यान देने की बात यह है कि इस संबंध में कोई भी फ़ैसला तभी लागू हुआ समझा जाएगा जब शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी होगी। कोरोना के कारण घर पर बैठे अध्यापकों की नाकों पर लगी ड्यूटी आठ कक्षाओं के छात्रों को होगा लाभ सीबीएसई की तर्ज़ पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग़ैर बोर्ड परीक्षाओं वाली क्लासों के लिए यह फ़ैसला लेने की योजना बनाई है।

पहली से चौथी, छठी, सातवीं, नौवीं और ग्यारहवीं क्लास के बच्चे शिक्षा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होती ही अगली क्लास में प्रमोट हो जाएँगे। बैठक में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह मामला उठाया था। जिस पर सैद्धांतिक सहमति बनी है और शिक्षा विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है।

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कोरोना के कारण घर पर बैठे अध्यापकों की नाकों पर लगी ड्यूटी

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पंजाब: रेलवे पुलिस ने पकड़े हिमाचल में प्रवेश कर रहे सात लोग

पठानकोट।। पंजाब से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर रहे सात लोगों को पकड़कर पठानकोट में क्वॉरन्टीन कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर से संबंध रखने वाले ये लोग डमटाल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले कंदरोड़ी से हिमाचल में आ रहे थे। इन लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने इन्हें छोड़ दिया है और वे रेल मार्ग से पैदल ही जम्मू की ओर निकल पड़े थे।

शुक्रवार सुबह को रेलवे पुलिस ने इन्हें पकड़ा। पूछताछ पर इन्होंने बताया कि वे पंजाब के होशियारपुर में किसी ठेकेदार के पास काम करते थे। कर्फ़्यू और लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया और ठेकेदार ने भी छोड़ दिया। इसके बाद वे किसी गाड़ी के ज़रिये हिमाचल की सीमा तक पहुँचे और आगे प्लान बनाया कि रेल की पटरी के सहारे पैदल ही जम्मू की ओर चल देंगे।

रेलवे पुलिस चौकी चक्की बैंक के प्रभारी पलविंदर सिंह ने इन लोगों के बारे में जानकारी दी है कि ये जम्मू के पुँछ के रहने वाले हैं। इन्हें पठानकोट में बनाए गए क्वॉरन्टीन सेंटर में भेजा गया है जहां 14 दिनों तक इन्हें रखा जाएगा।

कोरोना के कारण घर पर बैठे अध्यापकों की नाकों पर लगी ड्यूटी

टांडा में भर्ती कोरोना संक्रमित महिला की तीसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई

काँगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में भर्ती कोरोना से संक्रमित रही महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। यह महिला दुबई से लौटी थीं और 20 मार्च से टांडा में भर्ती थीं। पहले दो सैंपल में वह कोरोना संक्रमित पाई गई थीं। तीसरा सैंपल दो अप्रैल को लिया गया था जिसकी जाँच में रिपोर्ट नेगेटिव आई।

अब शनिवार को इस महिला का एक और सैंपल लिया जाएगा। यह भी नेगेटिव आता है तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। इसके अलावा टांडा की लैब में की गई तीन संदिग्ध मरीज़ों की जाँच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। ये तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटे थे। इनमें से एक मरीज का सैंपल फेल हुआ है जिसका फिर से सैंपल लेकर जाँच की जाएगी।

इस तरह से काँगड़ा में अब तक कोरोना से एक शख़्स की मौत हुई है। एक मरीज़ को ठीक होने के बाद घर भी भेजा गया था। अब इस महिला की अगली रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो इन्हें भी घर भेज दिया जाएगा। सीएमओ काँगड़ा डॉक्टर सुदर्शन गुप्ता का कहना है कि महिला की सेहत सुधर रही है।

टांडा मेडिकल कॉलेज में ही तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौते उन तीन लोगों को भी इलाज चल रहा है जो कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

कोरोना के कारण घर पर बैठे अध्यापकों की नाकों पर लगी ड्यूटी

कोरोना लॉकडाउन के बीच पीएम मोदी ने सुझाई नई ऐक्टिविटी

कोरोना लॉकडाउन के बीच पीएम मोदी ने सुझाई नई ऐक्टिविटी

शिमला।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि 5 अप्रैल को रात 9 बजे सभी देशवासी अपने घरों की लाइट 9 मिनट तक बंद करके घर के बाहर दीपक, मोमबत्ती या टॉर्च से रोशनी करें।

पीएम ने यह अपील भी की है कि इस दौरान सोशल डिस्टैसिंग का पूरा ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि 9 मिनट मां भारती का स्मरण करना है और सभी देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।

और क्या कहा पीएम ने
“जिस प्रकार आपने 22 मार्च रविवार के दिन (जनता कर्फ्यू) कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया था, वो सभी देशों के लिए मिसाल बन गया है और कई देश ऐसा कर रहे हैं।

कोरोना के कारण देशव्यापी लॉकडाउन को आज नौ दिन हो रहे हैं और इस दौरान आपने जिस आनुशासन और सेवा भाव का परिचय दिया है, वो अभूतपूर्व है। ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने-अपने घरों में जरूर हैं लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है।

इस रविवार 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना संकट के अंधकार को चुनौती देनी है, उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। 5 अप्रैल को हमें, 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।”

तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटे तीन हिमाचलियों को कोरोना- AUDIO

गुरुवार की बड़ी खबरें, सुनें इन हिमाचल के लाइव ऑडियो (पॉडकास्ट) में।

  1. हिमाचल में कोरोना के तीन नए मामले सामने आए, तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटे थे
  2. तबलीगी जमात के कार्यक्रम से 9 हज़ार लोग सीधे-सीधे कोरोना संक्रमण के ख़तरे में
  3. पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के बेटे ने एक हफ़्ते में दूसरी बार तोड़ा नाका, दूसरी एफआईआर

 

दिन की तीन बड़ी खबरें

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಗುರುವಾರ, ಏಪ್ರಿಲ್ 2, 2020

 

नीचे दिए गए ऑडियो प्लेयर में प्ले का बटन दबाकर सुने

हिमाचल में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन नए मामले

शिमला।।  अब तक राहत की सांस ले रहे हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के तीन नए मामले सामने आए हैं। अभी तक जो जानकारी उपलब्ध है, उसके अनुसार ये तीनों मंडी से हैं और लॉकडाउन से पहले 20 मार्च को ऊना जिले के अंब में स्थित एक मस्जिद में रुके हुए थे। बताया जा रहा है कि ये दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने बताया कि सैंपल पॉजिटिव होने के साथ ही मरीजों के यात्रा इतिहास और कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। बताया कि गुरुवार को प्रदेश के 27 लोगों के कोरोना वायरस की जांच को लेकर सैंपल लिए गए थे जिनमें से तीन के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी के सैंपल ऊना में लिए गए थे।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब सभी को तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। वहीं, तीन मामले सामने आने के साथ ही ऊना जिले में पूरी तरह कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। किसी को भी बाहर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 27 में से एक का फिर से सैंपल लिया जा रहा है, बाकि 23 सैंपल सामान्य पाए गए हैं।

इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या चार हो गई है। वायरस से एक की मौत हुई है जबकि एक मरीज ठीक होकर घर लौट गया है। सरकार के अनुसार अब तक प्रदेश में कुल 3904 लोगों को निगरानी पर रखा गया जिनमें से 1511 लोगों ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि पूरी कर ली है और सभी स्वस्थ्य है।

चीन: शेनज़ेन में कुत्ते और बिल्ली खाने पर लगाई गई रोक

बीजिंग।। कोरोना वायरस को देखते हुए चीन के शेनज़ेन शहर में कुत्तों और बिल्लियों को खाने पर रोक लगा दी गई है। कोरोना के उभरने के पीछे जंगली जानवरों के कारोबार की भूमिका सामने आने के बाद यह फैसला किया गया है।

वैज्ञानिकों को संदेह है कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में आया है। शुरू में वुहान शहर में जंगली जानवरों के बाजारों में काम करने वालों को संक्रमण हुआ और फिर वहीं से यह बाकी दुनिया में फैला। वुहान के उस बाजार में चमगादड़, सांप, नेवले और अन्य जानवरों की बिक्री होती थी।

कोरोना वायरस के कारण अभी तक दुनिया भर में लगभग साढ़े नौ लाख लोग संक्रमित हुए हैं और 47 हजार की जान चली गई है। शेनजेन को चीन का टेक्नॉलजी का केंद्र माना जाता है। शेनजेन कुत्तों के मांस पर रोक लगाने वाला चीन का पहला शहर बन गया है। इस शहर में प्रशासन द्वारा लगाया गया प्रतिबंध एक मई से प्रभावी होगा।

बुधवार को जारी सरकारी आदेश में कहा गया है, “कुत्ते और बिल्लियों का अन्य जानवरों की तुलना में पालतू जीव के तौर पर इंसानों से करीबी रिश्ता होता है। ऐसे में कुत्ते-बिल्ली और अन्य पालतू जानवरों को खाने पर रोक लगाना विकसित देशों, हॉन्ग कॉन्ग और ताइवान में सामान्य प्रक्रिया रही है। ऐसे में यह प्रतिबंध जरूरतों के हिसाब से भी जरूरी थी और मानव सभ्यता की भावना के अनुरूप भी है।”

फ़रवरी के आख़िरी हफ़्ते में ही इस तरह का क़ानून लाए जाने की बात कही गई थी। बता दें कि चीन के अलावा एशिया के अन्य कई हिस्सों में भी कुत्तों को खाया जाता है।

तबलीगी जमात: 9000 लोग कोरोना संक्रमण के सीधे ख़तरे में

इन हिमाचल डेस्क।। केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास बुधवार तक पहुंची जानकारी के अनुसार, दिल्ली में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम से अब तक 7600 भारतीयों और 1300 विदेशियों का संबंध पाया गया। हालांकि, अभी यह संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कार्यक्रम में शामिल हुए और सदस्यों के बारे में पता लगाया जा रहा है। इस तरह से देखा जाए तो अभी तक कुल नौ हज़ार लोग कोरोना संक्रमण के ख़तरे में हैं।

अभी तक 23 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों से जुटाए गए डेटा के अनुसार 1306 विदेशी लोग निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज (सेंटर) में आए थे। इस सेंटर को कोरोना का हॉटस्पॉट बताया जा रहा है क्योंकि यहां शामिल हुए बहुत सारे लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है।

निज़ामुद्दीन इलाक़े से अस्पताल ले जाए गए लोग।

गृह मंत्रालय के पास एक अप्रैल तक आई जानकारी बताती है कि 1306 विदेशियों में से 1051 को क्वॉरन्टीन कर दिया गया है। इनमें से 21 का टेस्ट पॉजिटिव आया है और दो लोगों की मौत हुई है। प्रशासन का कहना है कि अभी तक तबलीगी जमात के 7688 भारतीय सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर ली गई है जिन्हें क्वॉरन्टीन किया जाना है। हिमाचल प्रदेश में ऐसे 701 लोगों की पहचान हुई है जिनका संबंध तबलीगी जमात के कार्यक्रम से पाया गया है।

 

पूर्व विधायक बंबर के बेटे ने दूसरी बार तोड़ा नाका, बैरिकेड उड़ाया

बिलासपुर।। बिलासपुर सदर से कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के बेटे पर एक हफ़्ते के अंदर दूसरी बार कोरोना के चलते लगाए गए कर्फ़्यू को तोड़ने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इस बार तो नाका तोड़ते समय रात को बैरिकेड तक को टक्कर मार दी गई। घुमारवीं पुलिस ने नाका तोड़कर भागने को लेकर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 186, 188 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। जागरण ने ख़बर दी है कि इस कार पर बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का बेटा सवार था।

नाका तोड़ने का यह मामला पूरे इलाक़े में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि एक बार बंबर ठाकुर की कार से चरस मिल चुकी है और उस कार में उनका बेटा भी सवार था। ऐसे में सवाल यह पूछा जा रहा है कि कर्फ्यू के दौरान इधर-उधऱ घूमने की क्या जरूरत आन पड़ी है और कानून का भी डर क्यों नहीं हैं?

क्या है ताज़ा घटनाक्रम
पुलिस टीम ने चौक पर नाकेबंदी की थी। देर रात एक कार पनोह सड़क की तरफ़ से आई जिसे रोककर ड्राइवर का नाम पूछा गया। अंदर से सही जवाब नहीं आया। पूछताछ जारी ही थी कि चालक कार को भगाकर ले गया। इस दौरान टक्कर से बैरिकेड भी पलट गया।

डीएसपी घुमारवीं राजेंद्र जमवाल ने बताया है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि गाड़ी का नंबर पता कर लिया गया है और जल्द ही संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्या बोले बिलासपुर के एसपी
बिलासपुर के एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है, “पूर्व विधायक के बेटे के ख़िलाफ़ बिलासपुर ज़िले में एक हफ़्ते के अंदर यह दूसरी एफआईआऱ दर्ज हुई है क्योंकि वह कर्फ़्यू का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने मौक़े पर तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में भी बाधा उत्पन्न की।”

इससे पहले भी पूर्व विधायक के बेटे ने ऐसा ही किया था। इस संबंध में एक तस्वीर भी प्रकाशित हुई थी। मार्च के आख़िरी हफ़्ते में बिलासपुर जिला मुख्यालय में बंबर ठाकुर का बेटा अपने साथी के साथ कार पर सवार था। पुलिस ने गाड़ी रोकने की कोशिश की तो भाग निकला। उस समय भी विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ था।

पूर्व विधायक के बेलगाम बेटे
जून, 2018 बंबर ठाकुर की गाड़ी से चरस के साथ चार लोग पकड़े गए थे। इस कार को उनका बेटा चला रहा था जो नाबालिग था। तीन अन्य कार सवार बालिग थे। नाबालिग के ख़िलाफ़ जुवेनाइल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था जबकि बाकियों के ख़िलाफ़ एनडीपीएल एक्ट के तहत। पूरी ख़बर आगे दिए लिंक पर पढ़ें-

कांग्रेस के पूर्व MLA बंबर ठाकुर की गाड़ी से आधा किलो चरस बरामद

धमकाने और गुंडागर्दी के आरोप
फ़रवरी, 2017 जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर के बेटे अनिल उर्फ़ पिंटू पर गुंडागर्दी के आरोप लगे थे। उससे पहले एक डॉक्टर को धमकाने के आरोप भी लग चुके थे। फ़रवरी 2017 में बिलासपुर में खूब हंगामा हुआ। पिंटू पर आरोप था कि उन्होंने सब्ज़ी विक्रेताओं पर हमला किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि विधायक का बेटा स्मगलिंग के लिए अपने पिता की लाल बत्ती वाली गाड़ी इस्तेमाल करता है। (पढ़ें खबर)

हमलावरों को जमानत मिलने पर विरोध कर रहे लोगों ने कथित तौर पर पथराव किया था जिसके बाद पुलिस को लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा था। उस दौरान बंबर ठाकुर पर अपने बेटे को गाड़ी में बिठाकर भगाने का आरोप लगा था। उस दौरान क्या हुआ था, पूरा घटनाक्रम पढ़ने के लिए आप आगे दिए गए लिंक पर टैप कर सकते हैं।

बिलासपुर से कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर के बेटे पर गुंडागर्दी के आरोप

उस समय इस घटना को लेकर विभिन्न अख़बारों और टीवी चैनलों में क्या जानकारी दी गई थी, विस्तार से पढ़ने के लिए आगे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं-

बिलासपुर प्रकरण: क्या है कांग्रेस MLA बंबर ठाकुर के बेटे की भूमिका?

हिमाचल भवन में अफ़सरों के बच्चे ठहराने की ख़बर पर एफआईआर

शिमला।। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने हिमाचल भवन चंडीगढ़ में सिर्फ़ अफ़सरों के बच्चे ठहराने जाने की ख़बर को लेकर एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। मीडिया के एक हिस्से में यह ख़बर आई थी कि कोरोना संकट के बीच चंडीगढ़ में आम हिमाचली भटक रहे हैं जबकि हिमाचल भवन में आईएएस अधिकारियों के बच्चों को ठहराया जा रहा है।

दरअसल हिमाचल सरकार ने लॉकडाउन के कारण फँसे हिमाचलियों के लिए खाने और छत का इंतज़ाम करने के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ के हिमाचल भवन खोलने का एलान किया था। इसके बाद ही यह ख़बर आई थी कि यहाँ आम लोगों की जगह अफ़सरों के परिजन ठहरे हुए हैं। हिमाचल सरकार ने इन ख़बरों को निराधार और अफ़वाह बताया था।

हिमाचल भवन चंडीगढ़ में तैनात अधिकारी राजीव कुमार की शिकायत पर धारा 505 (2) के तहत मामला दर्ज करके जाँच शुरू की गई है। एफआईआर में किसी का नाम नहीं लिखा गया है। इस शिकायत में राजीव कुमार का आरोप है कि मीडिया संस्थान अफ़वाह फैला रहे हैं। शिमला के एसपी ओमापति जम्वाल ने एफआईआर की पुष्टि की है।

सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ऐसी ख़बरों में कोई सच्चाई नहीं है। सरकारी प्रवक्ता का कहना था कि कुछ मीडिया संस्थानों की रिपोर्टों में एक लड़की को आईएएस अधिकारी की बेटी दिखाया गया है जबकि उसकी रिश्तेदारी में कोई भी आईएएस अधिकारी नहीं है। लड़की के पिता का दो साल पहले देहांत हुआ है और उसकी माँ गृहिणी है। लड़की निजी क्षेत्र में काम करती है।

हिमाचल भवन में आम लोगों की जगह सिर्फ़ अफ़सरों के बच्चों को ठहराने की ख़बर पर सहयोगी पोर्टल एमबीएम न्यूज़ नेटवर्क ने पड़ताल की थी। क्या पाया गया था उसमें, जानने के लिए आप यहाँ टैप करके पूरी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं

कोरोना लॉकडाउन से चारे की कमी, गोसदनों में मर रहे पशु