अधूरी स्कीम के पैसे से मंत्री महेंद्र सिंह के घर के पास बना करोड़ों का आलीशान भवन

सरकाघाट, रितेश चौहान, फ़ॉर इन हिमाचल।। वर्ष 2009 से बन रही बहरी ध्वाली मढ़ी सिंचाई योजना भले ही किसानों के खेत तर न कर पाई हो लेकिन इसके पैसे से जलशक्ति विभाग के अफसरों ठेकेदारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आराम करने व सोने बैठने के लिए एक आलीशान किसान भवन जरूर बन गया है। यही नहीं, इसके रखरखाव का ठेका भी कथित तौर पर राजनीतिक रसूख रखने वाले व्यक्ति को दिया गया है।

32.21 करोड़ से बनने वाली इस योजना पर विभाग अब तक पूरा नहीं कर पाया है लेकिन मुख्यमंत्री के जन्मदिन 24 जनवरी को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया। हैरानी की बात है कि 2016 तक इस योजना में ध्वाली में बनाए गये किसान भवन के नाम पर भव्य रेस्ट हाउस का कोई भी जिक्र तक नहीं था लेकिन 2017 में जलशक्ति मंत्री बनते ही मंत्री महेंद्र सिंह ने सबसे पहले अपने घर के पास रेस्ट हाउस बनाने पर जोर दिया।

आरोप है कि इसके निर्मित होने के तुरंत बाद इसके रखरखाव का जिम्मा भी अपने साले को 10 लाख में दिलवा दिया ताकि सरकारी पैसा अपनों के बीच घूमता रहे। हालाँकि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद किसानों के हिस्से कुछ नहीं आया लेकिन मंत्री जी के घर के साथ ज़रूर आलीशान किसान भवन बन गया। अफसरों को आरामगाह मिल गई और साले साहब को रोजगार।

विपक्ष का कहना है कि खुद को ईमानदार कहलाने वाले मुख्यमंत्री जयराम का सब जानते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना समझ से परे है।किसान के खेत सूखे हैं वह किसान भवन में जाकर आराम करे।इसके रखरखाव के लिए सालाना साढ़े नौ लाख रुपये मंत्री के साले सुरेश कुमार को दिए जाते हैं।

यह अलग बात है कि ग़रीब किसान ने कभी इस भवन में पैर नहीं रखे है। अब सवाल यह है कि लोगों के खेत तो सूखे हैं, खेती होगी नहीं तो किसान भवन में आराम किया जाए या सरकारी तंत्र को कोसा जाए। हैरानी इस बात की है कि 10 वर्ष पूर्व भाजपा सरकार में 2 फरवरी 2009 को इस योजना का पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिलान्यास किया था। उन्होंने 3 साल में योजना पूरी करने की घोषणा की थी परंतु 10 साल बीत जाने बाद भी 7 करोड़ अधिक बजट खर्च करने बाद भी योजना आज तक पूरी नहीं की जा सकी है।

हालाँकि इस आधी अधूरी योजना काजल्दबाज़ी में 24 जनवरी 2020 को धर्मपुर दौरे पर आए सीएम जयराम से उद्धघाटन भी करवा दिया गया, परंतु योजना आज तक अधूरी है। बताते चलें कि धर्मपुर मंडल के तहत बहरी-धवाली-मढ़ी उठाऊ सिंचाई योजना वर्ष 2009 में 32 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृत हुई थी। लेकिन दस साल में भी ये स्कीम पूरी नहीं हुई है और इस पर अभी तक 40 करोड़ 78 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं जो स्वीकृत बजट से ज्यादा है।

ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस सिंचाई योजना से बीस गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना विभाग ने बनाई है लेकिन स्वीकृत बजट खत्म हो गया है लेकिन अभी पानी बीस में से एक भी गावँ को उपलब्ध नहीं हुआ है और पिछले तीन सालों से केवल रेस्ट हाउस बनाने के काम में ही प्रगति हुई है।जो विभाग और विभाग के मन्त्री की प्राथमिकता और कर्यप्रणाली को दर्शाता है। जिसमें दस साल में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है लेकिन अपने घर के नज़दीक आलीशान रेस्ट हाउस बना दिया गया।

हालांकि वर्तमान सरकार में जलशक्ति विभाग के मन्त्री भी धर्मपुर से ही बने हैं बाबजूद इस स्कीम के काम में कोई तेज़ी नहीँ आयी है और न ही सुधार हुआ है। इस योजना के तहत आने वाले कई गांवों के लिए तो उद्धघाटन के 9 माह बाद भी पाईप लाईन भी नहीं डाली गई है। पाईप लाईन कितनी मजबूत है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है की जब टेस्टिंग की गई तो पाईपें फट गई।

हिमाचल किसान सभा खण्ड कमेटी धर्मपुर ने इस अब तक अधूरी पड़ी सिंचाई योजना को जल्द पूरा करके किसानों के लिए पानी उपलबध करने की मांग की है। ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने ये भी बताया कि इस योजना के अंतर्गत विभाग व मन्त्री ने एक आलीशान रेस्ट हाउस बना दिया और इस योजना का अधिकांश पैसा उस पर खर्च कर दिया है और इसका संचालन भी ठेकेदार के माध्यम से शुरू कर दिया गया है जिसके लिए एक वर्ष का ठेका दस लाख रुपये का दे दिया गया है।

भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि किसानों के नाम पर औऱ किसानों के लिएसिंचाई योजना के स्वीकृत बजट में से जिस रफ़्तार से ये रेस्ट हाउस बनाया गया है उस रफ़्तार से सिंचाई योजना का काम विभाग व मन्त्री कियूँ नहीँ कर रहे हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि असल में इस स्कीम में एक किसान भवन के निर्माण के लिए कुछ धनराशी का प्रावधान किया गया था लेकिन पौने तीन साल पहले वर्तमान सरकार मे जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने इसे अपने घर के साथ आलीशान रेस्ट हाउस में तबदील करवा दिया और इस योजना को नजरंदाज करके अधिकतर पैसा इस विश्राम गृह पर खर्च करवा दिया और इसका काम युद्धस्तर पर करवा कर पूरा भी कर दिया है।

जबकि रेस्ट हाउस का फ़ायदा किसानों के बजाए नेताओं, ठेकेदारों औऱ अधिकारियों को ही होगा लेक़िन बजट किसानों के नाम पर खर्च कर दिया गया है।हिमाचल किसान सभा खण्ड कमेटी और ज़िला पार्षद ने इस सिंचाई योजना को जल्दी पूरा करने की मांग की है और यदि सिंचाई योजना का पैसा रेस्ट हाउस में लगाया गया है तो इसकी जांच करने की भी मांग की है।

कांग्रेस की सरकार के दौरान महेंद्र सिंह शिकायत लेकर राज्यपाल के पास जा पहुंचे थे, आज उसी कंपनी को करोड़ों के ठेके- चंद्रशेखर
कांग्रेस नेता चंद्रशेखर का कहना है कि महेंद्र सिंह को कांग्रेस सरकार के समय इस योजना में भ्रष्टाचार नजर आता था। योजना में देरी और घटिया पाइपों की शिकायत लेकर वह राज्यपाल के पास पहुंच गए थे।हैरानी की बात है कि आज वही कंपनी मंत्री की मनपसंद कंपनी है।यूनीप्रो को जलशक्ति मंत्री के इशारे पर करोड़ों के ठेके दिए गए हैं।अंदरखाते क्या डील है यह वही बता सकते हैं लेकिन इस कंपनी की वजह से आज बहरी और मढ़ी के सैंकड़ों किसान पानी से महरूम है।आज क्वालिटी इतनी अच्छी है कि पाइपें योजना चलाते ही फट जाती है जिसका उदाहरण अप्रैल माह में इसकी पाइप फटने से पानी में बह गई दो किसान महिलाएं थीं जो स्थानीय लोगों की हिम्मत से बचा ली गई थीं।

क्या कहता है विभाग
“धवाली किसान भवन धवाली में बनाए जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। इसके रखरखाव के लिए सुरेश कुमार पुत्र नारायण सिंह गांव कमलाह को सालाना साढ़े 9 लाख में अधिकृत किया गया है।“
– राकेश पराशर, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग, भराड़ी (धर्मपुर)

महेंद्र सिंह ठाकुर पर फिर लगा सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग का आरोप

अब अटल टनल रोहतांग के मुहाने पर 500 करोड़ की प्रतिमा बनाएगी सरकार

शिमला।। अटल टनल रोहतांग के उत्तरी पोर्टल में पीर पंजाल की पहाड़ी में 500 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रतिमा बनाए जाने की तैयारी है। बुद्ध की यह प्रतिमा पहाड़ काटकर उकेरी जाएगी। हिमाचल सरकार ने इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।

3200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित टनल के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 500 करोड़ की इस प्रतिमा के निर्माण का एलान कर सकते हैं। टनल के नॉर्थ पोर्टल से कुछ ही दूरी पर पीरपंजाल की पहाड़ी कुरेद (कार्विंग) कर अफगानिस्तान के बामियान की तर्ज पर भगवान बुद्ध की 328 फीट (100 मीटर) ऊंची प्रतिमा बनाई जाएगी।

अनुमान है कि इस पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट को खुद प्रधानमंत्री सहमति दे चुके हैं। अमर उजाला के मुताबिक, हिमाचल सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

रोहतांग में पंडित सुखराम की वजह से बनी सुरंग: आश्रय शर्मा

मंडी।। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा ने कहा है कि ‘अटल टनल रोहतांग के निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व मंत्री पंडित सुखराम और कांग्रेस पार्टी की सोच को जाता है।

पिछले लोकसभा चुनावों में मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी रहे आश्रय शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा नेता अटल टनल के निर्माण का इस तरह से श्रेय लेने में जुटे हैं जैसे यह टनल भाजपा की सरकार ने ही बनाई हो। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा और हिविकां के गठबंधन वाली सरकार थी, तो उस वक्त पंडित सुखराम ने मनाली में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलकर लाहौल स्पीति के लिए टनल निर्माण की मांग रखी थी।

आश्रय ने कहा, “प्रधानमंत्री ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पंडित सुखराम के साथ लाहौल जाकर इसकी आधारशिला भी रखी थी। पूर्व की यूपीए सरकार ने इस टनल के निर्माण कार्य को शुरू करवाया और धन भी मुहैया करवाया, लेकिन आज न तो कहीं पंडित सुखराम का जिक्र किया जा रहा है और न ही कांग्रेस पार्टी का।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा नेता इसका झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बातें वह कह रहे हैं, लोग इसकी जानकारी आरटीआई के माध्यम से भी ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के दिल के करीब है हिमाचल: जयराम ठाकुर

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल के करीब है और वे इसे अपना घर मानते हैं। सीएम ने यह बात मनाली में अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने के बाद कही।

उन्होंने कहा, “कोरोना के चलते करीब सात माह बाद पीएम किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इससे पूर्व वे केवल अयोध्या में रामलला मंदिर के स्थापना समारोह में शामिल हुए थे। यह पीएम का हिमाचल के प्रति विशेष लगाव ही है, जो टनल के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे।”

सीएम ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का सपना सामरिक महत्व की महत्वाकांक्षी टनल के उद्घाटन के साथ मोदी पूरा करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री साउथ पोर्टल में बीआरओ के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेंगे। वह जवानों से रूबरू होंगे।”

पीएमनॉर्थ पोर्टल में टनल का उद्घाटन कर बस को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से मोदी का काफिला सिस्सू पहुंचेगा। यहां वे जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर सोलंगनाला में जनसभा करेंगे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि 3200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन के साथ लाहौल-स्पीति तथा कुल्लू के लोगों को 12 महीने आने-जाने की सुविधा मिलेगी। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री से हिमाचल हित पर भी चर्चा होगी।

बेटियों पर पाबंदियां लगाने वाले पहले अपने बेटों को संभालें

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मुक्‍तकंठ कश्‍यप।। देश किसका है यह? उन किन्‍हीं भी दो लोगों का जो अपनी मर्जी से पूरे हाेश-हवास में जंगल में बैठे हैं, अपनी बात कर रहे हैं, या उनका भी जो बाइक पर सवार होकर आते हैं और लड़के को पीट कर लड़की से दुराचार करते हैं? देश दोनों का है लेकिन जिस तरह से ये घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे लगता है कि यह देश केवल उनका है जो मॉरल पुलिसिंग करते हैं और दुराचार की हद तक जा सकते हैं।

हिमाचल कैसे अछूता हो इससे भाई? धीरे-धीरे जानवरों के राज्‍य में तबदील होता यह क्षेत्र अब ऐसा क्षेत्र है जहां कोई लड़की सुरक्षित नहीं है। वह अगर जंगल में बैठी है तो यह किसी भी शोहदे के लिए आमंत्रण है। लोगों की नजर से दूर एकांत में अगर लड़का-लड़की साथ बैठे हैं तो भी गुंडा तत्वों को उनके साथ बदसलूकी का अधिकार मिल जाता है। सवाल यह तो है ही कि हिमाचल में ऐसी घटनाएं हो रही हैं लेकिन इससे बड़े शर्मनाक सवाल ये हैं:

1. क्‍या जंगल में बैठना अपराध है?
2 क्‍या अपने मित्र के साथ सहमति के साथ घूमने जाना दोष है?
3. क्‍या कोई लड़की किसी लड़के के साथ पूरी जिम्‍मेदारी के साथ किसी जगह घूमने जाती है तो उस पर हर शोहदे की नजर इस तरह पड़नी चाहिए ?

समाज फिर से बर्बरता की तरफ लौट रहा है। सोच लो यार… ये बाबों के साम्राज्‍य ऐसे नहीं बने। ये संपदाएं, ये चहल पहल ऐसे नहीं बनी। इसके पीछे समाज के भयादोहन की मेनहत है। साल भर मेहनत कुकर्म और दुष्‍कर्म करो और अंत में पांव छू लो। पाप कट गए। अरे इससे बड़ा पाप क्‍या है कि आप दो लोगों को बैठने नहीं दे रहे हैं ? इससे बड़ी त्रासदी क्‍या है दो किशोरों का बात करने, अकेले बैठने का यह अर्थ लिया जाए कि सबके लिए रास्‍ते खुल गए।

ये हिमाचल प्रदेश के वे युवा हैं जिनका दम अब भर्ती अफसर के सामने फूलने लगता है। फेफड़ों पर बीड़ी और सिगरेट के तंबाकू की मार है। यहीं तक नहीं, रोज मिलने वाली भांग, चरस और भुक्‍की किसी के लिए तो जाती ही है। ये वे युवा हैं जिन्‍हें बाइक पर बैठ कर सांप बनना आता है, कार चलाएं तो कार से ज्‍यादा आवाज़ स्‍पीकर की आती है। पथभ्रष्‍ट और दिशाहीन पीढ़ी के जाहिल हैं ये लाेग।

देश आजाद है लेकिन समाज इतना कैद और बंधुआ है कि कहीं किसी लड़का-लड़की का साथ बैठना मंजूर नहीं है इसे!! समाज को सुधारने चले हैं रे पिस्ट! यह शर्मिंदा होने का नहीं, हाथ में फरसा पकड़ने का समय है! हां, लड़कों के, कुलदीपकों के, वंश को आगे ले जाकर स्वर्ग के दर्शन करवाने वाले अपने पुत्रों के अभिभावक यह ज़रूर सोचें कि जैसे बेटी के लिए चिंतित होते हैं, औरों की बेटियों के लिए भी चिंतित हों। सुनिश्चित करें रोज कि आपका सांड वापस आपके बाड़े में आ गया है या नहीं? उसकी हरकतों पर नजर रखें! सरकार, पुलिस को गरियाना छोड़ें! अपने छुट्टा सांड सम्भालें पहले!

मां बाप के लिए अपने होने की गारंटी आज भी बेटा है। होता रहे अगर है तो लेकिन उसे संस्‍कार भी तो दें। संस्‍कार देने का जिम्‍मा अध्‍यापकों पर डाल दिया। किसी बच्‍चे ने गलत फार्म भरा और खुद ही सरकारी स्‍कूल में दाखिला लेने चला गया अपना बाप आपने आप बन कर और अध्‍यापक ने कारगुजारी देखकर सलाह दे दी कि साइंस मत रखो तो अगले दिन मीडिया और समाज पिल पड़ेंगे उस स्‍कूल पर।

निजी स्‍कूल में दाखिला लेना होता है तो मुंहमांगी फीस भी देंगे और पिता या माता ही नहीं, दादा, दादी, नाना नानी भी जाएंगे लाल के साथ। यह संस्‍कार दे रहे हैं हम। आंगन में मरी हुई गाय पड़ी है तो यह पंचायत का काम है, वही जाने। रे प हो गया तो पुलिस जाने। सीएम जाने। समाज को सिर्फ गुठलियां गिननी हैं। धिक्‍कार है ऐसे समाज पर!!!!

(लेखक डिजिटल ऐक्टिविस्ट हैं. साहित्य और समाज के विभिन्न पहलुओं पर बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं.)

इन हिमाचल पर 28 अप्रैल, 2018 को प्रकाशित इस लेख को फिर से पब्लिश किया गया है।

अपनी ही पार्टी के किन नेताओं से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं नरेंद्र बरागटा?

शिमला।। पहले मंत्री पद न मिलने से नाखुश रहे जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा अब मुख्य सचेतक बनाए जा चुके हैं मगर उनके असंतोष और पार्टी से नाराजगी की एक नई वजह सामने आ गई है। भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उनके निवास स्थान ओकओवर में करीब दो घण्टों तक मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रेस रिलीज जारी की जिसमें कुछ बातों पर जोर देकर एक संदेश देने की कोशिश की गई।

प्रेस रिलीज में राजनीतिक असुरक्षा की भावना साफ झलकती है। इसमें दो घण्टों तक मुलाकात होने का जिक्र है और लिखा गया है, ‘इस मुलाकात में बरागटा ने उनके हलके में कुछ नेताओं के हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई है।’ इसमें लिखा है कि ये नेता उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल शिमला सिटी से विधायक और मंत्री सुरेश भारद्वाज और बरागटा के बीच लम्बे समय से खींचतान चल रही है। इन हिमाचल को सूत्रों ने बताया है कि बरागटा की नाराजगी भारद्वाज समर्थकों से है। नीलम सरैक को भाजपा महिला मोर्चा की प्रवक्ता बनाना भी बरागटा समर्थकों को अखरा है।

वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि पिछले दिनों शिमला में नरेंद्र बरागटा के बेटे और बीजेपी आईटी सेल के प्रदेश प्रमुख चेतन बरागटा का कंगना प्रकरण में अतिरिक्त सक्रिय होना सुरेश भारद्वाज के करीबियों और राजनीतिक हितैषियों को अखरा था।

ऐसे में दिख रहा है कि यह विवाद इतना बढ़ गया है कि बरागटा को मुलाकात से इतर एक प्रेस रिलीज जारी करनी पड़ी। बरागटा ने तो यहां तक कहा है कि अगर शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं की गई तो यह संगठन की दृष्टि से घातक हो सकता है। बरागटा ने कहा कि वह जल्द भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, संगठन मंत्री पवन राणा और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से उनके विधानसभा क्षेत्र के कुछ नेताओं की ओर से अनावश्यक हस्तक्षेप करने के मामले में मुलाकात करेंगे।

चकाचक हो रहे हैं चीन सीमा से सटे हाइवे: रामस्वरूप शर्मा

मंडी।। मंडी संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा है कि चीन सीमा से सटे एनएच को करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से चकाचक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना व आईटीबीपी के जवानों को लाभ मिलेगा और जिला के हजारों लोग भी इससे लाभान्वित होंगे।

सांसद ने कहा, “इन सड़कों का निर्माण होने से भारतीय सैनिकों को आवागमन के साधन में सुविधा रहेगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) करीब 56 किलोमीटर मार्ग को चकाचक कर रहा है। जनजातीय जिला किन्नौर में विकट भौगोलिक परिस्थितियों में बीआरओ के मजदूरों ने 56 किलोमीटर नैशनल हाईवे-5 को डबललेन किया है। पोवारी से लेकर पूह तक करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से एन.एच.-5 को पक्का और चौड़ा किया गया है।”

उन्होंने जानकारी दी, “सीमा सड़क संगठन 5 पुलों का निर्माण कर रहा है, जिनमें 3 पुल इसी साल बन जाएंगे, जबकि 2 पुलों का निर्माण अगले साल तक पूरा होगा। 2.20 करोड़ की लागत से एन.एच.-5 पर पांगी के पास 40 मीटर, 1.70 करोड़ से काशंग के पास 30 मीटर, 3.50 करोड़ से किरण खड्ड पर 55 मीटर, 2.30 करोड़ से 50 मीटर और श्यासो के पास 14 करोड़ से 125 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है।”

सांसद के अनुसार, “संगठन इस वर्ष पांगी, काशंग और किरण खड्ड पर पुलों का निर्माण पूरा करेगा, वहीं कानम और श्यासो के पास निर्माणाधीन पुल का कार्य अगले वर्किंग सीजन तक पूरा किया जाएगा। करीब 60 करोड़ रुपए से 56 किलोमीटर एन.एच. को चौड़ा और पक्का किया जा रहा है। चीन सीमा से सटे तमाम सड़क मार्गों को चौड़ा किया जाएगा तथा संभव हुआ तो अन्य मार्गों का भी निर्माण किया जाएगा।”

तेंदुए ने किया बाइकसवारों पर हमला, युवती को आई चोटें

ऊना।। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में तेंदुए ने बाइकसवारों पर हमला कर दिया। इस हमले में बाइक पर बैठी युवती जख्मी हुई है। हरोली के तहत गांव पालकवाह में पालकवाह-ठाकरां मार्ग पर यह घटना हुई है।

बाइक सवारों का कहना है कि तेंदुए ने उनपर अचानक हमला कर दिया, जिससे वे सड़क पर गिर गए। इस दौरान तेंदुआ बाइक के पीछे बैठी नाबालिग युवती को घायल कर भाग गया।

इसकी सूचना जैसे ही अन्य राहगीरों व स्थानीय लोगों को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और युवती का इलाज करवाया। इस बारे स्थानीय पंचायत प्रधान संदीप अग्निहोत्री ने बताया कि उनके गांव का व्यक्ति अपनी बहन के साथ गांव दुलैहड़ से बाइक पर वापस आ रहा था कि तभी पालकवाह-ठाकरां मार्ग पर मंदिर के नजदीक पहुंचते ही अचानक सड़क पर तेंदुआ आ गया और उन पर हमला कर दिया।

तेंदुए ने बाइक पर पीछे बैठी युवती पर पंजों से खरोंचें लगाई हैं। बताया जा रहा है कि इससे गांव में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस संदर्भ में कार्रवाई की मांग की है ताकि तेंदुए को पिंजरे में पकड़कर कहीं जंगल में छोड़ा जाए।

कोरोना के कारण घर पर बैठे अध्यापकों की नाकों पर लगी ड्यूटी

HPCA के पवेलियन होटल ने हटाए 28 कर्मचारी, स्टेडियम के सामने प्रदर्शन

धर्मशाला।। धर्मशाला में एचपीसीए के होटल पवेलियन से हटाए गए कर्मचारियों ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने उनके पेट पर लात मार दी है और अब उनके पास परिवार को पालने के लिए आय का कोई और स्रोत भी नहीं बचा। होटल के कर्मचारियों ने धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम के बाहर धरना दिया। उन्होंने सीएम से मांग की कि उन्हें उनकी नौकरी वापस दिलाई जाए।

वहीं होटल का कहना कि कोरोना के कारण कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर काम से हटाना पड़ा है। एचपीसीए के निदेशक आरपी सिंह ने कहा कि होटल 22 मार्च से बंद है ऐसे में प्रबंधन के पास देने के लिए कोई पैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि होटल खोले जाने पर दोबारा इन्हें काम पर रख लिया जाएगा।

ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, होटल के हेड एचआर ने मनेष कोहली ने कहा है कि 28 कर्मचारियों को ले ऑफ किया गया है। उन्होंने कहा कि पवेलियन होटल ही नहीं, अन्य होटलों पर भी कोरोना महामारी की मार पड़ी है। इस बीच सोशल मीडिया पर लोग अनुराग ठाकुर के 17 मार्च को अर्थव्यवस्था पर दिए बयान को लेकर एचपीसीए पर निशाना साध रहे हैं।

गौरतलब है कि जिस एचसीपीए को अनुराग ठाकुर ने खड़ा किया, जिस पवेलियन होटल को लेकर वह विवादों में रहे, आज उसी में यह नौबत आ गई है। जबकि 17 मार्च को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ने राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा था कि कोरोना संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं होगी।

कोविड वॉर्ड में मरीजों के दिमाग में ‘उल्टी कैसेट’ चलने लगती है: महेंद्र सिंह ठाकुर

इन हिमाचल डेस्क।। कोविड वॉर्ड में बाकी मरीजों की कराहें सुनकर मंत्री जी के दिमाग में घूमने लगी थी ‘उल्टी कैसेट.’ कोरोना से उबरे ‘जलशक्ति फंड दुरुपयोग’ मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया अपना अनुभव। बाकी मरीजों की कराहों से हुई घबराहट, सामान्य मरीजों के लिए अलग व्यवस्था का दिया सरकार को सुझाव।

शायद मंत्री की का वास्ता पहली बार ऐसे हालात से पड़ा। वरना आम दिनों में भी जनरल वॉर्ड में आम मरीजों को कई गंभीर मरीजों के साथ रहना पड़ता है, उनके लिए वीआईपी रूम्स की अलग व्यवस्था नहीं होती। अच्छा होगा अगर मंत्री जी की सलाह पर अमल करके सरकार आम दिनों में भी सभी मरीजों के लिए अलग से इंतजाम करे।

वीडियो देखें-

मैं कोरोना महामारी को हराने में सफल रहा हूँ।उस संकट के दौरान क्या स्थिति रहती है..उससे जुड़े अनुभव को आज आपके साथ साझा कर रहा हूं।

Posted by Mahender Singh Thakur on Thursday, September 24, 2020

बहरहाल, अब स्वस्थ हो गए हैं तो उम्मीद है कि वह सरकारी फंड के दुरुपयोग और पद के माध्यम से नैतिक भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी इसी तरह वीडियो डालकर जवाब देंगे।

महेंद्र सिंह ठाकुर पर फिर लगा सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग का आरोप