तीज का सामान न लाने पर हुई बहस, फंदे से लटकी मिली पत्नी

सोलन।। एक महिला ने अपनी जान इसलिए दे दी क्योंकि उसका पति घर लौटते समय तीज के व्रत का सामान लेकर नहीं आया। मामला सोलन जिला मुख्यालय के साथ लगते एक गांव का है। बताया जा रहा है कि पति घर लौटते समय तीज के व्रत का सामान लेकर नहीं आया। इस पर महिला ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।

महिला को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल ने मामले की सूचना पुलिस थाना सोलन को दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतका के गले में फंदे का निशान पाया। पुलिस ने पाया कि मृतका और उसका पति बिहार के रहने वाले हैं और कोटलानाला में किराए के कमरे में रह रहे थे।

पुलिस ने मृतका के पति राणा प्रताप राय से भी पूछताछ की। उसने बताया कि बुधवार को वह काम से रात के समय क्वार्टर आया और उसकी पत्नी सुनीता ने उसे तीज के त्योहार का सामान लाने के बारे में पूछा। उसने अगले दिन सामान लाने की बात कही। इस पर दोनों में बहस हो गई। इसके बाद वह सो गया।

इसके बाद जब वह गुरुवार सुबह उठा तो देखा कि पत्नी ने दुपट्टे से कमरे में लगे रोशन दान से फंदा लगा लिया है। उसके चीखने और रोने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग भी एकत्रित हो गए। महिला को फंदे से उतारकर क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस बार्बी एसपी वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में दोनों में तीज का सामान न लाने को लेकर बहस की बात सामने आ रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।

डॉक्टरों ने हाई रिस्क बताकर किया रैफर, ईएमटी ने एम्बुलेंस में करवाई डिलीवरी

एमबीएम न्यूज़, सिरमौर।। 108 एम्बुलेंस सेवा ने एक नवजात शिशु और महिला के लिए जीवनदायिनी का काम किया है। 108 एम्बुलेंस में एक बार फिर महिला का सफल प्रसव हुआ है। मामला सिरमौर जिले के शिलाई का है।

दरअसल, शिलाई अस्पताल से डॉक्टरों ने डिलीवरी को हाई रिस्की बताकर महिला को पांवटा साहिब रैफर कर दिया था। लेकिन अस्पताल से दस किलोमीटर की दूरी पर एम्बुलेंस में ही महिला की डिलीवरी करवाई गई

शिलाई के घुडुवी गांव की रहने वाली महिला प्रोमिला को जब एम्बुलेंस में पांवटा साहिब ले जा रहे थे, तो रास्ते में पसव पीड़ा बढ़ने लगी। ऐसे में ईएमटी बस्ती राम और एम्बुलेंस ड्राइवर प्रदीप कुमार ने सड़क किनारे एम्बुलेंस में ही महिला की डिलीवरी करवाने का फैसला लिया। ईएमटी व एम्बुलेंस ड्राइवर ने एम्बुलेंस में ही महिला का सफल प्रसव करवाया।

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अब सवाल यह उठता है कि यदि ईमटी महिला का प्रसव करवाने में कामयाब हो रहे हैं तो डॉक्टर्स ने महिला को रैफर क्यों किया। ग्रामीणों के अनुसार यह ऐसा पहला मामला नहीं है, बल्कि कई मर्तबा 108 कर्मियों द्वारा रास्ते में महिलाओं की डिलीवरी करवाई जा चुकी है, जिन्हें डॉक्टरों द्वारा यह बोल कर रैफर किया जाता है कि इसमें हाई रिस्क है। ऐसे में डॉक्टरों व अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। परिवार के सदस्यों ने दोनों एम्बुलेंस कर्मियों का धन्यवाद किया है।

(यह खबर एमबीएम न्यूज नेटवर्क के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

HPU शिमला देश की टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में नहीं हो पाया शामिल

शिमला।। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला देश की टॉप 200 यूनिवर्सिटीज की श्रेणी से बाहर हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2021 जारी की है। इसमें एचपीयू शिमला देश की टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल नहीं हो पाया है। बता दें पिछले एचपीयू का रैंक 169 था, लेकिन इस बार टॉप 200 से भी बाहर हो गया है।

न सिर्फ एचपीयू, अन्य संस्थानों की रैंकिंग में भी गिरावट आई है। एनआईआरएफ 2021 की ओवरआल और इंजीनियरिंग श्रेणी में आईआईटी मंडी की रैंकिंग भी लुढ़क गई है। ओवरआल श्रेणी में 15 पायदान लुढ़ककर आईआईटी मंडी 67वें से 82वें नंबर पर पहुंच गया। जबकि इंजीनियरिंग श्रेणी में आईआईटी मंडी पिछले साल से 10 स्थान फिसलकर 41वें स्थान पर पहुंच गया है।

इसके अलावा इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर की श्रेणी में एनआईटी हमीरपुर की रैंकिंग में भी कमी आई है। इंजीनियरिंग में एनआईटी हमीरपुर 99वें रैंक पर रहा, जबकि बीते वर्ष 98वां रैंक था। वहीं, आर्किटेक्चर श्रेणी में एनआईटी हमीरपुर 19वें रैंक से फिसलकर 23वें रैंक पर पहुंच गया है।

प्रदेश की शूलिनी यूनिवर्सिटी सोलन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। शूलिनी यूनिवर्सिटी देश की टॉप 100 यूनिवर्सिटीज में शामिल हुई है। तीन श्रेणियों में शूलिनी यूनिवर्सिटी का रैंक बढ़ा है। यूनिवर्सिटी श्रेणी में शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायो टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट साइंस सोलन का देश में 89वां रैंक रहा। बीते वर्ष यह यूनिवर्सिटी टॉप 100 में नहीं थी। इंजीनियरिंग श्रेणी में शूलिनी यूनिवर्सिटी का 103वां रैंक रहा। बीते वर्ष यह 112वें रैंक पर थी। वहीं फार्मेसी श्रेणी में शूलिनी यूनिवर्सिटी 39वें रैंक से 36वें रैंक पर पहुंच गई है।

इसके अलावा इंजीनियरिंग श्रेणी में जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉरमेशन टेक्नालॉजी सोलन को 129वां रैंक मिला है,2020 में यह 115वें रैंक पर था। वहीं, मैनेजमेंट, लॉ, मेडिकल और कॉलेज श्रेणी में प्रदेश का कोई भी संस्थान शामिल नहीं हुआ है।

किस आधार पर होती है रैंकिंग

एनआईआरएफ में भारत के शिक्षण संस्थानों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर रैंकिंग में जगह मिलती है। इंडिया रैंकिंग में पांच मापदंड के आधार पर यह निर्णय लिया जाता है। इसमें टीचिंग, लर्निंग, रिसोर्स प्रमुख होते हैं। छात्रों की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता और अनुभव, वित्तीय संसाधन और उनकी उपयोगिता, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में प्रकाशन, प्रकाशन की गुणवत्ता, पेटेंट, सहायता, सलाहकार, यूनिवर्सिटी परीक्षा, प्लेसमेंट पैकेज, पीएचडी छात्रों की संख्या के साथ विदेशी या अन्य राज्यों के छात्र, आर्थिक रूप से कमजोर व दिव्यांग छात्र, उनके लिए सुविधाएं और प्रशासन आदि की परख की जाती है।

टेलर ने दुकान में आई लड़की का कपड़े बदलते हुए वीडियो बनाकर किया वायरल, गिरफ्तार

सोलन।। सोलन जिला में एक टेलर को लड़की का कपड़े बदलते हुए वीडियो के लिए गिरफ्तार किया गया है। मामला सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र का है। जहाँ एक टेलर ने दुकान में आई लड़की का कपड़े बदलते हुए वीडियो बनाया और व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया।

लड़की की माँ को जब वीडियो के बारे में पता चला तो उन्होंने नालागढ़ पुलिस थाना में टेलर के खिलाफ शिकायत की। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी बेटी के एक टेलर के पास कपड़े सिलवाने को दिए थे। करीब दो महीने पहले उसकी बेटी टेलर की दुकान से कपड़े लेने गई थी। लेकिन जब वो कपड़े ट्राई कर रही थी, तो टेलर ने उस समय वीडियो बना लिया और व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया।

इस बारे डीएसपी बद्दी नवदीप सिंह ने बताया कि टेलर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने टेलर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

आसमानी बिजली गिरने से डेढ़ दर्जन बकरियों की मौत

चंबा।। गुरुवार को आसमानी बिजली गिरने से तीन भेड़ पालकों की डेढ़ दर्जन बकरियों की मौत हो गई। इस प्राकतिक आपदा में एक दर्जन से अधिक बकरियां घायल भी हुई हैं। घटना चंबा जिले के सलूणी उपमंडल के ऊपरी क्षेत्र की थत्थी धार की है।

मिली जानकारी के अनुसार भेड़ पालक टेक चंद पुत्र फ़त्तू राम निवासी नडल भुनाड अपने साथियों के साथ भांदल की थत्थीधार में बकरियों को चराने के लिए गए थे। इस दौरान रात को अचानक आसमानी बिजली गिरी। गनीमत यह रही की भेड़ पालक बिजली की चपेट में नहीं आये। लेकिन बकरियां आसमानी बिजली की चपेट में आ गईं।

इस घटना में टेक चंद की तीन बकरियां व तीन बकरे, अन्य साथी की चार बकरियां व दो बकरे और देव राज निवासी खलोह की चार बकरीयां व एक बकरे की मौके पर मौत हो गई, जबकि 13 बकरियां घायल हो गई हैं। नूह पंचायत प्रधान भोटी देवी ने प्रशासन से प्रभावितों को उचित मुवावजा देने की मांग की है।

इसके अलावा बिलासपुर जिले के स्वारघाट में भी आसमानी बिजली गिरी है। स्वारघाट के जाला देवी में आसमानी बिजली गिरने से मंदिर क्षतिग्रस्त हुआ है। माता की पुरानी पिंडी और सुदर्शन चक्र वाली अंगूठी का ऊपरी हिस्सा खंडित हुआ है।

IGMC लंगर विवाद में सरकार ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

एमबीएम न्यूज़, शिमला।। आईजीएमसी शिमला में चल रहे लंगर विवाद पर सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। सरकार ने एडीएम (लॉ एंड आर्डर) राहुल चौहान को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद ही सरकार इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी।

आईजीएमसी में निजी संस्था “ऑलमाइटी ब्लैसिंग” 2014 से कैंसर अस्पताल के पास तीमारदारों के लिए निःशुल्क लंगर चला रही है। आईजीएमसी प्रशासन ने संस्था को नोटिस जारी कर सामान हटाने को कहा था। प्रशासन ने लंगर वाली जगह को अपना बताया था। लेकिन जब संस्था ने सामान नहीं हटाया और लंगर जारी रखा, तो बवाल बढ़ गया।

आईजीएमसी प्रशासन ने पुलिस की मदद ली और लंगर वाले सामान को कमरे से बार कर दिया। साथ जहाँ लंगर लगता था वहां का बिजली-पानी भी बंद कर दिया। आईजीएमसी प्रशासन के अनुसार लंगर वाली जगह पर संस्था ने अवैध कब्जा कर रखा है। प्रशासन की ओर से संस्था को लंगर चलाने के लिए कोई भी जगह नहीं दी गई है।

आईजीएमसी के एमएस डॉक्टर जनक राज द्वारा जिला प्रशासन से मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग की गई थी। जिसके बाद सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

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“ऑलमाइटी ब्लैसिंग” संस्था के संस्थापक सरबजीत सिंह उर्फ बॉबी 2014 से यह लंगर चला रहे हैं। आईजीएमसी में मरीजों के साथ आने वाले सैंकड़ों तीमारदारों को यह निःशुल्क लंगर दिया जाता है। पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, पूर्व सीएम स्वर्गीय वीरभद्र सिंह समेत कई पूर्व व मौजूदा मंत्री इस संस्था के लंगर में शिरकत कर चुके हैं और समाजसेवी सरबजीत सिंह की इस पहल की भी सराहना की है।

(यह खबर एमबीएम न्यूज नेटवर्क के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

हिमाचल: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को 15 सितंबर से मिलेगी JEE, NEET की फ्री कोचिंग

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सरकार ने जेईई और नीट की फ्री कोचिंग देने का फैसला लिया है। 15 सितंबर से विद्यार्थियों को यह कोचिंग मिलना शुरू हो जाएगी। सरकारी स्कूलों के 1.9 लाख विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की फ्री कोचिंग मिलेगी। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शिक्षक दिवस पर स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना का शुभारंभ किया है।

इस योजना के तहत सरकार हर घर पाठशाला के माध्यम से 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को योजना का लाभ दे रही है। हर हफ्ते शनिवार और रविवार को यह कोचिंग दी जाएगी। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की गणित और विज्ञान की सामग्री मिलेगी। हर हफ्ते 15 से 18 घंटे की कक्षाएं होगी। इस दौरान विद्यार्थियों के सवाल भी लिए जाएंगे और उनकी शंकाएं दूर की जाएंगी।

सरकार द्वारा इस योजना के सही कार्यान्वयन के लिए जिला स्तर पर निगरानी कमेटी गठित की जाएगी। इसमें डाइट के प्रिंसिपल, उच्च शिक्षा उपनिदेशक और स्कूलों के विज्ञान-गणित के पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं। कमेटी मेधावी छात्राओं की पहचान करने में भी मदद करेगी।

इस बारे उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा ने बताया कि स्वर्ण जयंती विद्यार्थी अनुशिक्षण योजना के तहत स्कूलों के छात्र-छात्राओं के लिए जेईई और एनईईटी की कोचिंग 15 सितंबर से शुरू की जा रही है। इससे 1.9 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

हिमाचल : सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को JEE, NEET की फ्री कोचिंग

ठेकेदार को महंगी पड़ी लेटलतीफी, करोडों का जुर्माना, टेंडर भी रद्द

चंबा।। सड़क निर्माण में लेटलतीफी एक ठेकेदार को महंगी पड़ी है। लेटलतीफी के लिए विभाग ने ठेकेदार को दो करोड़ नब्बे लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही ठेकेदार को आबंटित चार टेंडर भी रद्द कर दिए गए हैं। मामला हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला का है।

ठेकेदार पर यह कार्रवाई लोक निर्माण विभाग चंबा मंडल की ओर से की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के तहत ठेकेदार को चार सड़कों को बनाने का टेंडर आबंटित किया गया था। लेकिन, ठेकेदार सड़कों के निर्माण कार्य में लेटलतीफी कर रहा था।

विभाग की ओर से ठेकेदार को एग्रीमेंट के अनुसार काम समय पर पूरा करने के लिए कई बार नोटिस भी जारी किए गए। लेकिन ठेकेदार ने नोटिस भी दरकिनार कर दिए। जब ठेकेदार ने काम में तेजी नहीं दिखाई तो लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार को दो करोड़ नब्बे लाख की पेनल्टी लगाने के साथ ही टेंडर रद्द करने की रिपोर्ट बनाकर विभाग के मुख्य अभियंता को भेजी।

मुख्य अभियंता ने विभागीय रिपोर्ट के आधार ठेकेदार की लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लिया। मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को आबंटित टेंडरों को रद्द करने के आदेश दिए। साथ ही ठेकेदार को दो करोड़ नब्बे लाख का जुर्माना भी लगाने के आदेश दिए। विभाग ने टेंडर रद्द करने और जुर्माने की सूचना ठेकेदार को दे दी है।

अब विभाग द्वारा इन सड़कों के कार्य को पूरा करने के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। ठेकेदार पर विभाग की कार्रवाई से जिले के अन्य ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है। वहीं, आम लोग इस कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं। क्योंकि सम्बंधित इलाके के लोगों द्वारा बार-बार ठेकेदार की लेटलतीफी की शिकायत अधिशासी अभियंता से की जा रही थी।

बता दें कि उक्त ठेकेदार को रजेरा-बैली, साच-फतेहपुर, सनोथा और घार के लिए सड़कों के निर्माण का टेंडर मिला हुआ था। लेकिन, ठेकेदार टेंडर एग्रीमेंट के अनुसार सड़कों का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं कर रहा था। निर्माण कार्य बहुत ही लेटलतीफी से किया जा रहा था, जिस पर विभाग ने यह कार्रवाई की है।

केंद्रीय मंत्री से मिले सीएम, उठाई बल्क ड्रग फार्मा पार्क की स्वीकृति की मांग

शिमला।। सीएम जयराम ठाकुर ने बुधवार शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख एल मंडाविया से मुलाकात की है। प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के पहले डोज का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है। दूसरी डोज़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया है।

सीएम जयराम ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि राज्य के लिए बल्क ड्रग फार्मा पार्क स्वीकृत किया जाए। सीएम ने कहा कि हिमाचल एशिया में फार्मा हब है। अगर बल्क ड्रग फार्मा पार्क की स्वीकृति मिलती है तो प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद वैक्सीनेशन का 103 फीसदी लक्ष्य प्राप्त हुआ है। सीएम ने कहा कि इसमें प्रवासी श्रमिक और पर्यटकों का टीकाकरण भी किया गया है। राज्य को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए सीएम ने केंद्रीय मंत्री का आभार जताया।

इसके लिए केंद्रीय मंत्री ने भी सीएम को बधाई दी। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि प्रदेश की ओर से दूसरी डोज़ का निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए वैक्सीन की कमी नहीं होगी। इसके अलावा सीएम ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।

पर्यटकों को गिफ्ट का लालच देकर ठगी करने वाले 6 लोग गिरफ्तार

शिमला।। पर्यटकों को उपहार का लालच देकर ठगने के मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी लोग राजधानी शिमला में गिरफ्तार किए गए हैं। हाल में ही में इन लोगों ने एक पर्यटक दंपति से एक लाख 40 हज़ार की ठगी की थी। पुलिस ने 6 लोगों मो गिरफ्तार कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इनमें से कुछ आरोपी शिमला तो कुछ बाहरी राज्य के बताए जा रहे हैं।

मोहाली की रहने वाली महिला रिशिता नाइजेल नाथ ने इस मामले की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना सदर में ईमेल के जरिये शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा था कि जब वह अपने पति के साथ शिमला घूमने आई थी, तो मालरोड में कुछ लोग तरह-तरह के होटल में पैकेज को लेकर उपहार देने की बात कर रहे थे। इस दौरान उन्हें भी दो व्यक्ति मिले।

उन्होंने बताया कि उनके होटल की एनीवर्सरी है। ऐसे में वे लोगों को लक्की कूपन दे रहे हैं। कार्ड को स्क्रैच करने पर जो भी उपहार निकलेगा, वो उन्हें इनाम के तौर पर दिया जाएगा। उन्होंने भी कूपन ले लिया। जिसके बाद वे लोग उन्हें होटल में ले गए। महिला के अनुसार वहां उन्होंने 3-4 लोगों से उनका परिचय करवाया। फिर एक महिला ने उन्हें क्लब-21 पैकेज से परिचित करवाया और बाद में अन्य लोग पैकेज के बारे में और जानकारी देने आ गए।

महिला का कहना है कि होटल के उन लोगों ने कहा कि अगर उन्हें 10 साल की सदस्यता लेनी है तो इसके लिए उन्हें एक लाख 40 हजार रुपए देने होंगे। ऐसे में उन्होंने भी ये पैसे दे दिए। उसके बर्फ महिला ने जब इस बारे में किसी से बात की तो मालूम पड़ा कि उनके साथ ठगी हुई है।

हालांकि पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पुलिस को अभी इस मामले में अन्य आरोपियों के संलिप्त होने की आशंका है। ये लोग शिमला में ही इस तरह ठगी करते थे या अन्य जगहों पर भी, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

इस बारे में डीएसपी हैडक्वार्टर शिमला कमल वर्मा ने बताया कि एक महिला ने ई-मेल के माध्यम से पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।