मंत्री महेंद्र सिंह की सिफारिश पर हुआ तबादला हाई कोर्ट ने किया रद्द

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की सिफारिश पर बिजली बोर्ड के एक कर्मी का तबादला हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। मंत्री की सिफारिश पर बिजली बोर्ड के हमीरपुर सर्कल कार्यालय में कार्यरत ड्राफ्ट्समैन ज्ञान चंद का तबादला बोर्ड ने हमीरपुर से जिला मंडी के धर्मपुर में कर दिया था। इस पर न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकलपीठ ने प्रार्थी ज्ञान चंद द्वारा दायर याचिका निपटाते हुए व्यवस्था दी कि यह आदेश गैर कानूनी है। कोर्ट ने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मी का तबादला आदेश जारी करने की सिफारिश करना जल शक्ति मंत्री के क्षेत्र अधिकार में नहीं आता।

कोर्ट ने पाया कि बोर्ड अधिकारियों ने इस सिफारिश पर कार्यवाही करने से पूर्व प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की और सीधे विवादित आदेश पारित कर दिए। ज्ञान चंद ने इस तबादला आदेश को याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अमल पर रोक लगा दी थी और याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया था।

प्रार्थी ने अदालत में पेश किए दस्तावेजों के साथ जल शक्ति मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे सिफारिश पत्र और उस पर मुख्यमंत्री द्वारा बोर्ड को भेजे डीओ लेटर की प्रति भी रखी थी। याचिका पर बोर्ड ने अपना पक्ष रखा और दलील दी कि प्रार्थी का तबादला संबंधित अथॉरिटी की मंजूरी के बाद ही जारी किया गया था। प्रार्थी वर्तमान स्थल पर अपना कार्यकाल पूरा कर चुका है। ऐसे में याचिका खारिज की जाए।

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और बोर्ड द्वारा पेश रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद कहा कि बोर्ड द्वारा जारी आदेश कानूनन सही नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने ट्रांसफर के आदेश को कैंसल कर दिया।

मौत के तीन महीने बाद जारी हुआ कोरोना डबल डोज वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट

बिलासपुर। कोरोना वैक्सीनेशन में हिमाचल बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। हालांकि कुछ ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं जो सुर्खियों का विषय बन जाते हैं। एक बार फिर कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर ऐसी ही मामला सामने आया है। मौत के तीन महीने बाद एक महिला के नाम का कोरोना डबल डोज वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी हुआ है।

ये मामला बिलासपुर जिले का है। जानकारी के अनुसार महिला की तीन महीने पहले मौत हो चुकी है, लेकिन शुक्रवार को मृतक महिला के बेटे के नंबर पर मैसेज आया कि उन्हें कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका लगा दिया गया है। दरअसल,  तलाई के वार्ड नंबर 5 की एक बुजुर्ग महिला बंतो देवी की तीन महीने पहले हृदय आघात से मौत हो गई थी।

बंतो देवी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज 13 अगस्त को लगी थी। दूसरी डोज लगाने से पहले ही महिला की मौत हो गई। अब शुक्रवार को मृतक महिला के बेटे के मोबाइल पर एक मैसेज आया। इस मैसेज से मृतक महिला के बेटे को यह पता चला कि उनकी मां को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई है। इसका प्रमाण पत्र भी कोविन पोर्टल पर जनरेट हो चुका है।

प्रमाण पत्र के अनुसार मृतक बंतो देवी को 19 नवंबर 2021 को सीएचसी तलाई में दूसरी डोज लगी है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश दड़ोच का कहना है कि इस मामले की जांच की जाएगी।

चेतन बरागटा की जगह लेंगे अनिल डडवाल, हिमाचल बीजेपी आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक नियुक्त

न तो सीएम बदले जाएंगे और न ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा: पठानिया

कांगड़ा।। वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा है कि हिमाचल में न तो मुख्यमंत्री को बदला जाना है और न ही मंत्रिमंडल में किसी तरह का फेरबदल होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है और कुछ लोग यूं ही अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के नतीजों को पार्टी ने स्वीकार किया है और अब पार्टी के लिए रणनीति बनाएगी।

पठानिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एकजुट हैं जबकि कांग्रेस बिखरी हुई है। कांग्रेस का ना कोई सरदार है और ना ही कोई एक सीएम उमीदवार। इसी वजह से वे आपस में कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं।

वन मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के लिए काम कर रही है। आज प्रदेश में बागवानी में क्रांति आई है और पैदावार बढ़ी है। आम की खेती पर हम जिला कांगड़ा में काम कर रहे हैं और अब ऐसी पैदावार की ओर बल दिया जा रहा है जिससे किसानों की आमदन कई गुना बढ़ जाए ।

कृषि कानून वापस होंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की घोषणा

नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन में कहा कि शायद मेरी तपस्या में कोई कमी रह गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला करती है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया को शुरू की जाएगी।

पीएम मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा, “मैं देशवासियों से क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में भी कोई कमी रह गई थी। हम अपनी बात कुछ किसान भाइयों को समझा नहीं पाए। आज गुरु नानक जी का प्रकाश पर्व है। आज मैं पूरे देश को ये बताने आया हूं, हमने 3 कृषि कानूनों को वापस करने का निर्णय किया है। हम तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की संवैधानिक प्रक्रिया जल्द शुरू करेंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो किया किसानों के लिए किया। आप सभी के लिए मैंने मेहनत में कोई कमी नहीं की। मैं और ज्यादा मेहनत करूंगा ताकि आपके सपने साकार हों। पीएम ने किसानों से आग्रह किया कि आप अपने घर लौटें, अपने खेत लौटें, आइए नई शुरुआत करते हैं।  पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार देश के हित में, किसानों के हित में, कृषि के हित में, किसानों के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से ये कानून लेकर आई थी। लेकिन इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से किसानों के हित की बात, हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए।

पीएम ने कहा, “कृषि अर्थशास्त्रियों ने किसानों को कृषि कानूनों को समझाने का पूरा प्रयास किया। हमने भी किसानों को समझाने की कोशिश की। हर माध्यम से बातचीत भी लगातार होती रही। किसानों को कानून को जिन प्रावधानों पर दिक्कत था, उसे सरकार बदलने को भी तैयार हो गई। दो साल तक सरकार इस कानून को रोकने पर तैयार हो गई। किसानों की स्थिति सुधारने के लिए ही 3 कृषि कानून लाए गए थे। मकसद था कि किसानों को और ताकत मिले। उनको अपनी उपज बेचने का ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले। पहले भी कई सरकारों ने इसपर मंथन किया। इस बार भी संसद में चर्चा हुई, मंथन हुआ और ये कानून लाए गए। देश के कोने-कोने अनेक किसान संगठनों ने इसका स्वागत किया, समर्थन किया। मैं आज उन सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।”

चेतन बरागटा की जगह लेंगे अनिल डडवाल, हिमाचल बीजेपी आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक नियुक्त

शिमला। हिमाचल बीजेपी आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक रहे चेतन बरागटा की जगह अनिल डडवाल लेंगे। हिमाचल बीजेपी ने आईटी विभाग के साथ ही सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश संयोजक तैनात कर दिए गए हैं। इसके साथ ही मंडी लोकसभा और जुब्बल कोटखाई उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशियों ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर और नीलम सरैइक को बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया गया है।

 

नालागढ़ से पुनीत शर्मा को हिमाचल बीजेपी सोशल मीडिया विभाग का प्रदेश संयोजक और ऊना से अनिल डडवाल हिमाचल भाजपा आईटी विभाग का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है।

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दरअसल जुब्बल कोटखाई उपचुनाव में टिकट ना मिलने के बाद चेतन बरागटा ने बीजेपी से बगावत कर दी थी। चेतन बरागटा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और हार गए। इसके साथ ही बीजेपी ने चेतन बरागटा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। बागी होने से पहले चेतन बरागटा ही हिमाचल भाजपी आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक थे।

 

आजादी न होती तो घोड़ों की लीद उठा रही होतीं कंगना: प्रेम देवी शास्त्री

 

 

पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन : वन नेशन-वन लेजिस्लेशन पर विचार करना होगा : पीएम

शिमला । हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधानसभा और विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारियों का 82वां सम्मेलन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन (एआईपीओसी) भारत में व्यवस्थापिकाओं की शीर्ष संस्था है, जो 2021 में अपना शताब्दी वर्ष मना रही है।

शताब्दी वर्ष मनाने के लिए अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के 82वें संस्करण का आयोजन 17-18 नवंबर को शिमला में हो रहा है। प्रथम सम्मेलन का आयोजन भी शिमला में साल 1921 में किया गया था। इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन से सभी को प्रेरणा मिलती है। भविष्य में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। देश के विकास के लिए सभी राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सभी राज्य एकजुट थे। आजादी के अमृत महोत्सव में पीठासीन अधिकारियों के यह सम्मेलन एक संयोग है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन में हमारा आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो। देश की एकता-अखंडता सभी सदनों की जिम्मेदारी है। डिबेट्स में मर्यादा और गंभीरता का पालन हो। सदन में सार्थक चर्चा-परिचर्चा जरूरी है।

नरेंद्र मोदी ने कहा, लोकतंत्र भारत के लिए महज सरकार चलाने की व्यवस्था नहीं बल्कि स्वभाव है। उन्होंने कहा कि बीते सालों में देश में ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ जैसी कई व्यवस्थाओं को लागू किया है। मेरा एक विचार ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव’ प्लेटफार्म का है। एक ऐसा पोर्टल जो न केवल हमारी संसदीय व्यवस्था को जरूरी तकनीकी बढ़ावा दे, बल्कि देश की सभी लोकतांत्रिक इकाइयों को जोड़ने का भी काम करे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और विधानसभाएं पेपरलेस मोड में काम करें। हम आजादी के 100 साल की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 25 साल भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने संसद व विधानमंडलों में सदन कैसे सुचारू रूप से चल सकें इसे लेकर अन्य सुझाव भी दिए।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लिए यह गर्व की बात है कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के 82वें संस्करण का आयोजन शिमला में हो रहा है। संसद, विधानसभा और विधान परिषद हमारे देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था के केंद्र बिंदु हैं। हमारे प्रदेश की विधानसभा का भी गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का यह सदन अपनी उच्च परंपराओं के निर्वहन और सकारात्मक विचार-विमर्श के लिए जाना जाता है।

इस दौरान जयराम ठाकुर ने हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार, हिमाचल विधानसभा के पहले अध्यक्ष जयवंत राम को भी याद किया। उन्होंने हिमाचल के विकास में अपना योगदान देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, प्रणब मुखर्जी और हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस सदन को संबोधित कर इसका गौरव बढ़ाया है।

पीठासीन अधिकारियों के इस सम्मेलन में संसद व विधानमंडलों में सदन कैसे सुचारु रूप से चल सकें, जनहित का किस तरह से ध्यान रखा जाए और सरकारों की जवाबदेही कैसे तय की जाए, इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भाग ले रहे हैं।

कांगड़ा के साथ भेदभाव कर रही है सरकार: विजय सिंह मनकोटिया

धर्मशाला।। पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने राज्य सरकार पर कांगड़ा के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और फंड के मामले में जिले के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

मनकोटिया ने कहा, “क्षेत्रीय असंतुलन के कारण कांगड़ा जिले ने पिछले चार साल में बहुत कुछ सहा है और सरकार मैदानी क्षेत्र में एक भी बड़ा प्रॉजेक्ट नहीं दे पाई है। मुख्यमंत्री का फोकस सिर्फ मंडी, उसमें भी खासकर अपने क्षेत्र पर रहा है।”

पत्रकारों से बात करते हुए मनकोटिया ने कहा, “जब भी बीजेपी सत्ता में आई, कांगड़ा के साथ भेदभाव किया गया और इस जिले को उसके हक से वंचित रखा गया।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा किया, यहां पर विधानसभा भवन बनाकर शीत सत्र का आयोजन करना शुरू किया, टांडा मेडिकल कॉलेज खोला और धर्मशाला में सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी खोली।

उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार के दौरान टांडा मेडिकल कॉलेज की उपेक्षा की गई और यहां पर सुपरस्पेशलिस्ट और स्पेशलिस्ट्स के पद खाली रखे गए। सीटी स्कैन और एमआरआई की मशीनें कई महीनों तक खराब रहीं और लोगों को असुविधा होती रही।

मनकोटिया ने कहा, “बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणापत्र में खनन और ड्रग माफिया के उन्मूलन की बात की थी मगर उसके कार्यकाल में ये खूब फले फूले। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर हो रहे अवैध खनन से राज्य को हर रोज करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।”

हिमाचल में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने में ढील बरत रहे लोग

शिमला।। कोरोना महामारी की दशा में हल्का सुधार देखने के बाद लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर ढील देखी जा रही है। पहली डोज लगवाने के मामले में जहां प्रदेश के हर क्षेत्र में हर आयुवर्ग के लोगों ने उत्साह दिखाया था, वहीं दूसरी डोज लगवाने को लेकर वैसी ही इच्छा नहीं दिख रही। अभी हिमाचल में 75 प्रतिशत लोगों को ही दूसरी डोज लग पाई है। अभी देश में गोवा सेकेंड वैक्सीनेशन के मामले में टॉप पर चल रहा है जहां 83 फीसदी पात्र आबादी का संपूर्ण वैक्सीनेशन हो चुका है।

हिमाचल सरकार ने 30 नवंबर तक सभी पात्रों को दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए लोगों को घर-घर वैक्सीन लगाने की भी योजना है। अब वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन भी जरूरी नहीं है। सरकार की ओर से अभियान में तेजी लाई जा रही है मगर स्थिति ऐसी ही रही तो शायद ही 30 नवंबर तक सभी के संपूर्ण वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल हो पाएगा।

माना जा रहा है कि इस कमी की एक वजह यह भी हो सकती है कि कोरोना काल में घर आए लोग अब हालात सुधरने पर बाहरी राज्यों में काम और पढ़ाई आदि के सिलसिले में लौट चुके हैं। वहीं बाकी लोग भी यही सोच रहे हैं कि आराम से वैक्सीन लगवा लेंगे। उन्हें लग रहा है कि आसपास कोरोना की गंभीर स्थिति तो है नहीं। वहीं कुछ लोग अभी भी यह माने बैठे हैं कि कोरोना कुछ नहीं है।

जबकि संपूर्ण वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है और हिमाचल प्रदेश में अभी भी कोरोना पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सोमवार को ही हिमाचल में 122 लोग पॉजिविट पाए गए हैं। अभी 1113 एक्टिव केस हैं। अगर कोरोना इसी रफ्तार से फैलता रहा तो और लोगों ने समय पर वैक्सीनेशन नहीं करवाया तो वे खुद कैरियर बनकर उन लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं, जिन्होंने शुरुआती दौर में वैक्सीन लगवाई है और अभी उनके शरीर में एंटीबॉडीज कम हो गई हों। इस तरह से कोरोना की नई लहर की शुरुआत हो सकती है।

सोलन : कुनिहार में नाले में कंबल में लिपटा मिला महिला का शव, नहीं थी आंखें

सोलन। कुनिहार-कुफटू मार्ग में बझोल घाटी के नजदीक नाले में बिना आंखों के नाले में एक महिला का शव बरामद हुआ है। शव कंबल में लिपटा हुआ था। मामला सोलन जिला का है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि अभी तक मृतक महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार महिला का शव कुनिहार क्षेत्र में कूड़ा फेंकने वाली जगह से नीचे खाई में फेंका गया था। ऐसे में पूरे मामले को मर्डर से जोड़ कर देखा जा रहा है। मृतक महिला की उम्र 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है। उधर, पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। दरअसल, कुनिहार-कुफटू मार्ग के बझोल के नजदीक नाले में कुछ महिलाएं पशुओं के लिए चारा लाने गई थीं।

इसी दौरान महिलाओं की नजर नाले में पड़े एक कंबल पर पड़ी। जब पास जाकर महिलाओं ने कंबल को खोला तो उसमें महिला की लाश थी। इस पर भी हैरानी की बात यह थी कि महिला की आंखें गायब थीं। स्थानीय महिलाओं ने मामले की सूचना तुरंत स्थानीय पंचायत को दी। पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से पुलिस थाना कुनिहार को दी गई।

हालांकि पुलिस ने स्थानीय लोगों से शव की पहचान करवाई, लेकिन मृतक महिला शिनाख्त नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी अंकुश डोगरा के मुताबिक महिला प्रवासी लग रही है। महिला की मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होगा।

 

आजादी न होती तो घोड़ों की लीद उठा रही होतीं कंगना: प्रेम देवी शास्त्री

 

 

आजादी न होती तो घोड़ों की लीद उठा रही होतीं कंगना: प्रेम देवी शास्त्री

एमबीएम न्यूज, शिमला।। अभिनेत्री कंगना रणौत के आजादी वाले बयान पर ऑल इंडिया फ्रीडम फाइटर समिति की हिमाचल इकाई की अध्यक्ष प्रेम देवी शास्त्री ने तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अगर देश आजाद नहीं हुआ होता तो कंगना रणौत आझ शिमला के रिज मैदान पर अंग्रेजों के घोड़ों की लीद उठा रही होतीं और मेमों की कुर्सी उठा रही होतीं।

प्रेम देवी शास्त्री ने कहा कि अगर आजादी 2014 में मिली है तो बताओ 1947 में क्या मिला था। अगर वो भीख थी तो वो भीख किस पात्र में मिली थी? प्रेम देवी ने कहा कि उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों से लगातार फोन आ रहे है। उन्होंने कहा कि वह अभिनेत्री के बयान से आहत हैं।

शास्त्री ने कहा, अगर क्रांतिकारी देश भर में प्राण न्योछावर कर भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद नहीं करवाते तो हालत क्या होती, ये हर कोई बखूबी समझ सकता है।

प्रेम देवी शास्त्री उस क्रांतिकारी परिवार से ताल्लुक रखती है, जिसने अंग्रेजों के राज में लगान नहीं दिया और आम जन मानस को स्वाधीनता के प्रति जागरूक किया था।

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प्रेम देवी शास्त्री ने सरकार से कंगना के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील करते हुए कहा कि कंगना को 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार सात दिन के भीतर कंगना के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज नहीं करवाती हैं तो वो खुद न्यायालय में याचिका दायर करेंगी।

(यह खबर एमबीएम न्यूज के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)