जानें क्या है सैन्य सेवा के लिए नई ‘अग्निपथ भर्ती’ और अग्निवीर को क्या लाभ मिलेंगे

 

शिमला ।। केंद्र सरकार ने मंगलवार को चार साल की सैन्य सेवा के लिए ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत सेना में चार साल के लिए युवाओं को भर्ती किया जाएगा। सेना में भर्ती होने वाले इन युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। इस नए भर्ती मॉडल को लॉन्च करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं को विश्व की बेहतरीन सेना बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से देश की सुरक्षा मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

क्या है अग्निपथ भर्ती योजना?

केंद्र सरकार की ओर से लॉन्च नए भर्ती मॉडल ‘अग्निपथ’ के तहत सेना में युवाओं को चार साल तक अपनी सेवाएं देने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत सेना में भर्ती होने के लिए 10वीं और 12वीं पास 17.5 साल से 21 साल की उम्र तक के युवा आवेदन कर सकेंगे। चार साल की सेवा में 6 महीने की ट्रेनिंग भी शामिल होगी।

चार साल बाद सेवाकाल में प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन होगा और 25 फीसदी लोगों को रिटेन किया जाएगा। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को पहले साल की सैलरी प्रतिमाह 30 हजार रुपये होगी। चौथे साल में 40 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। सैलरी के अलावा राशन, वर्दी और ट्रेवलिंग अलाउंस जैसे भत्ते भी शामिल होंगे।

इस योजना के तहत चार साल के लिए करीब 45 हजार युवाओं को भर्ती किया जाएगा। इसमें महिलाएं भी शामिल होंगी। चार साल पूरे होने के बाद सभी उम्मीदवारों के लिए एक समग्र वित्तीय पैकेज ‘सेवा निधि’ का भी प्रावधान है। इसके अलावा मृत्यु और विकलांगता पैकेज की भी व्यवस्था की गई है।

अग्निवीरों को चार साल के सेवाकाल के लिए 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें ‘स्किल एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट’ भी मिलेगा जो उन्हें सेना की सेवा के बाद अन्य नौकरी हासिल करने में मदद करेगा।

 

 

हद में रहें अधिकारी, हम तीन महीने में सत्ता में आ रहे हैं: मुकेश अग्निहोत्री

सोलह।। कांग्रेस नेताओं द्वारा हिमाचल के अधिकारियों को चेतावनी देने का सिलसिला जारी है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को लिमिट में रहने की सलाह देते हुए कहा कि अधिकारी उतना ही करें, जितना कि पच जाए। इससे पहले शिमला ग्रामीण से कांग्रेस के विधायक विक्रमादित्य ने भी अधिकारियों को चेतावनी दी थी।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कुछ अधिकारी ऐसे रंग में हैं कि उन्हें लगता है कि सुबह नहीं होगी। मगर तीन माह की बात है, उसके बाद सरकार कांग्रेस की ही आएगी। अग्निहोत्री ने कहा कि उपायुक्त शिमला ने मंत्री के दबाव में आकर वॉर्डों का गलत परिसीमन कर दिया था, ऐसे में उन्हें पद पर रहने का अधिकार नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जहां भी जा रहे हैं, कह रहे हैं कि रिवाज बदलने वाला है। मगर हिंदुस्तान में भले ही कहीं पर भी सत्ता में बीजेपी की वापसी हुई हो, मगर हिमाचल प्रदेश में भाजपा वापस नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुबह उठकर सिर्फ़ घोषणाएं कर रहे हैं जबकि तीन महीने में कोई काम नहीं हो सकता।

सत्येंद्र जैन: AAP नेता की गिरफ्तारी किस मामले में हुई, जानें

नई दिल्ली।। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया है। सत्येंद्र हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी के प्रभारी भी हैं। जैन की गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है। आरोप है कि यह लेनदेन हवाला के माध्यम से किया गया। पूरा मामला क्या है, आइए समझने की कोशिश करते हैं।

सत्येंद्र जैन, जिनकी उम्र 57 वर्ष है, दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह, शहरी विकास और जल मंत्री हैं। वह मूल रूप से यूपी के बागपत के रहने वाले हैं। उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई की, पत्नी आर्किटेक्ट हैं। सत्येंद्र जैन ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में सरकारी नौकरी की लेकिन बाद में अपनी आर्किटेक्चर कंपनी बनाने के लिए नौकरी छोड़ दी। दिल्ली में चले अन्ना आंदोलन के दौरान वह अरविंद केजरीवाल के संपर्क में आए वहां से उनके करीबी बन गए। आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो मंत्री भी बने।

पांच साल पुराना केस
सत्येंद्र जैन के खिलाफ ईडी ने 2017 में केस दर्ज किया था। यह मामला चार करोड़ 63 लाख रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा था। आरोप था कि पैसे का यह खेल चार कंपनियों के जरिए किया गया और ईडी ने पाया कि ये सभी कंपनियां सत्येंद्र जैन से जुड़ी हैं। मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक, ईडी की शुरुआती जांच में पता चला है कि इन कंपनियों में जैन और उनकी पत्नी की हिस्सेदारी थी। आरोप लगा कि दिल्ली के औचंदी, बवाना, कराला और मोहम्मद माजवी गांवों में 2010 और 2016 के बीच 200 बीघे से ज्यादा जमीन की खरीद जैन और उनके परिवार के सदस्यों की कंपनियों ने की।

इस बीच आम आदमी पार्टी का कहना है कि चूंकि हिमाचल में चुनाव होने वाले हैं और सत्येंद्र जैन हिमाचल के लिए प्रभारी हैं, इसलिए ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ईडी ने जैन को पहले भी सात बार पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन कभी गिरफ्तार नहीं किया था। उनका कहना है कि यह हिमाचल में चुनाव से पहले पार्टी को बदनाम करने की कोशिश है।

UPSC 2021 Result: श्रुति शर्मा टॉपर, शीर्ष चार रैंक पर लड़कियों का कब्जा

डेस्क।। यूपीएससी 2021 परीक्षा में लड़कियों ने बाजी मारते हुए टॉप-4 रैंक्स पर कब्जा जमाया है। पहले नंबर श्रुति शर्मा काबिज हुई हैं, दूसरे नंबर अंकिता अग्रवाल, तीसरे नंबर पर गामिनी सिंगला और चौथे नंबर पर ऐश्वर्या वर्मा रहीं। वहीं, पांचवें नंबर पर रहे उत्कर्ष द्विवेदी।

टॉपर श्रुति शर्मा
श्रुति ने अपने कॉलेज की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने अपनी आगे की उच्च शिक्षा जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से की है। फिलहाल श्रुति जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहीं थी।

यूपीएससी सीएसई 2021 फाइनल रिजल्ट में कुल 685 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया है। इसके अलावा एक अभ्यर्थी का रिजल्ट अभी रोका गया है। परीक्षार्थियों के मार्क्स रिजल्ट की घोषणा के करीब 15 दिन बाद जारी किए जाएंगे UPSC के आखिरी परिणाम का रिजल्ट upsc.gov.in पर चेक किया जा सकता है।

इससे पहले आयोग ने 17 मार्च को सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2021 का रिजल्ट जारी किया था। मुख्य परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के इंटरव्यू 5 अप्रैल से 26 मई 2022 तक लिए गए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 भर्ती के जरिए, आईएएस, आईएफएस, आईपीएस व ग्रुप ए व ग्रुप बी के 749 पदों को भरा जाएगा।

सीएम और हलवाई के यहां? वीरभद्र तो कभी किसी के घर नहीं गए: प्रतिभा सिंह

शिमला।। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शिमला दौरे से ठीक पहले हिमाचल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बवाल हुआ है कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री का लोगों के घर जाना पद की गरिमा को गिराता है। इस मामले में पर आज एक बार फिर पत्रकारों सवाल किया तो उन्होंने पिछली बात दोहराते हुए और भी कई बातें कह दीं। इन दोनों बयान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह को न सिर्फ आम लोगों का विरोध झेलना पड़ रहा है बल्कि कांग्रेस के अंदर भी उनके विरोध में स्वर उठने लगे हैं।

क्या है मामला
केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के आठ साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को शिमला आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में पार्टी की ओर से तय जिम्मेदारी के तहत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत पार्टी के पदाधिकारी रविवार को शिमला में घर-घर जाकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का न्योता दे रहे थे। मुख्यमंत्री जब शिमला के जाखू वॉर्ड में लोगों को न्योता दे रहे थे तो वहां रहने वालीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने उन्हें व अन्य भाजपा पदाधिकारियों को घर में आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने एक सांसद होने के नाते प्रतिभा सिंह को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का न्योता दिया और आगे बढ़ गए। इसके तुरंत बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार किसी सीएम को इस तरह डोर-टु-डोर घूमते देखा है और ऐसा करना मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को गिराता है, इस काम के लिए कार्यकर्ताओं को भेजना चाहिए था।

इस बयान को सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा कि भूतपूर्व राज परिवार से होने के कारण शायद प्रतिभा सिंह को आम लोगों के घर जाना ठीक नहीं लगता हो, लेकिन एक मुख्यमंत्री का लोगों के घर जाना किसी भी तरह से सीएम पद की गरिमा को नहीं गिराता।

प्रतिभा ने दोहराई ‘गरिमा’ वाली बात
पूरे मसले पर हिमाचल के बीजेपी प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह बयान रजवाड़ाशाही मानसिकता तो दर्शाता है। इस पर आज फिर से पत्रकारों ने प्रतिभा सिंह से सवाल किया तो उन्होंने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि वोट मांगने के लिए ऐसा किया जाए तो समझ में आता है लेकिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का न्योता देने के लिए सीएम को गली-कूचे में घसीटना ठीक नहीं है। ये काम कार्यकर्ताओं से भी करवाया जा सकता था। मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है। प्रतिभा सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि उन्होंने अपने पति दिवंगत वीरभद्र सिंह को भी कभी सीएम रहते हुए किसी के घर जाते नहीं देखा। प्रतिभा सिंह ने कहा, ‘मुझे किसी ने बताया कि सीएम (जयराम) यहां हलवाई की दुकान में घूम रहे हैं। मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था। फिर मैंने जाकर देखा तो सीएम ही थे। सीएम को गली-कूचे में घुमाया जा रहा है ’।

मुख्यमंत्री ने कहा- मैं साधारण कार्यकर्ता
जब प्रतिभा सिंह की इस टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता होने के नाते उन्होंने अपना फर्ज निभाया है और किसी आम व्यक्ति के घर जाने से किसी पद की गरिमा नहीं घटती। उन्होंने कहा, “उनका परिवेश भले अलग रहा हो, उनकी सोच अपनी है लेकिन मैं साधारण परिवार से हूं और साधारण परिवारों से मेरा रिश्ता जिंदगी भर रहेगा। इस रिश्ते को मजबूत करने के लिए जो भी करना होगा, वह हम करेंगे।”

भारी आलोचना
इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस पूरी तरह से बैकफुट पर आ गई है। प्रतिभा सिंह की टिप्पणियों का विरोध न सिर्फ आम जनता, बल्कि कांग्रेस के कार्यकर्ता भी कर रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ता भी सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणियां करते दिख रहे हैं कि हमारे नेता किसी आम कार्यकर्ता और आम आदमी से संपर्क रखना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं और शायद इसीलिए पार्टी की आज यह दशा हुई है।

वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खेमेबाजी में उलझी कांग्रेस को एकजुट रखने के लिए पार्टी ने हाल ही में प्रतिभा सिंह को प्रदेशाध्यक्ष बनाया था। मगर उनकी विवादित टिप्पणियों के बाद उनके विरोधी खेमे सक्रिय हो गए हैं। प्रतिभा सिंह पिछले वर्ष हुए लोकसभा उपचुनाव के दौरान भी सेना को लेकर की गई टिप्पणी के चलते विवादों में रही थीं।

मोदी ने नहीं निभाया कोल्ड ड्रिंक में सेब का जूस मिलाने का वादा: कुलदीप राठौर

शिमला।।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के आठ साल पूरे होने पर शिमला में 31 मई को होने जा रहे कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने कहा कि बीजेपी चुनावी साल में जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम ने हिमाचल के साथ किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

राठौर ने कहा कि पीएम ने सेब पर आयात ड्यूटी बढ़ाने के साथ सेब के जूस को कोल्ड ड्रिंक में इस्तेमाल करने का वादा किया था मगर इस वादे को आज तक पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सीएम ने आज तक हिमाचल के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की है।

राठौर ने कहा कि पीएम हिमाचल को गुमराह करते रहे हैं। देश में महंगाई चरम पर है, युवा बेरोजगार हैं और जिन अच्छे दिनों की बात बीजेपी ने की थी, वे तो आए नहीं, उल्टा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर हजारों करोड़ का कर्ज है। ऐसे में प्रदेश को बड़ा आर्थिक पैकेज दिया जाना चाहिए।

गायक सिद्धू मूसे वाला: हत्या में सामने आ रहा गैंगस्टर लॉरेंस का नाम

चंडीगढ़।। जाने-माने पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आ रहा है। ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि लॉरेंस के साथी गोल्डी बराड़ ने सिद्धू की हत्या की जिम्मेवारी लेते हुए फ़ेसबुक पोस्ट डाली है। गोल्डी बराड़ कनाडा में बताया जा रहा है।

मानसा के गांव जवाहरके में रविवार को AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई जिसमें मूसे वाला की जान चली गई। उनकी गाड़ी में सवार दो साथी भी जख्मी हो गए। पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने एक दिन पहले ही सिद्धू समेत सैकड़ों वीआईपीज़ की सुरक्षा घटा दी थी। मूसेवाला के पास पहले 8 से 10 गनमैन थे, जिन्हें घटाकर पहले 4 कर दिया गया था। शनिवार को सरकार ने उनके पास सिर्फ 2 ही गनमैन छोड़े थे लेकिन हत्या के वक्त ये दोनों भी उनके साथ नहीं थे।

अपने गानों में हथियारों और गैंगस्टर कल्चर को प्रमोट करने के आरोपों से घिरने वाले सिद्धू ने हाल ही में पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था जिसमें 60 हज़ार से ज़्यादा वोटों से उनकी हार हुई थी।

कैसे हुई घटना
सिद्धू मूसेवाला अपने साथियों के साथ थार गाड़ी पर सवार थे। इसे वह ख़ुद चला रहे थे। घर से कुछ किलोमीटर दूर उनपर हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मूसेवाला पर 30 से 40 राउंड फ़ायर किए गए। शुरुआती जानकारी यह आ रही है हमला करने वालों की संख्या 8 तक हो सकती है।

पुलिस मान रही- गैंगवॉर
पुलिस का मानना है कि यह हत्या गैंगवॉर का नतीजा हो सकती है। दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक़, ऐसा माना जा रहा है कि  ‘मूसेवाला की हत्या विक्की मिड्‌डूखेड़ा के कत्ल का बदला लेने के लिए की गई है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथी रहे मिड्‌डूखेड़ा का मोहाली में कत्ल कर दिया गया था। इसमें सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर का नाम सामने आया था। इसके बाद मैनेजर ऑस्ट्रेलिया भाग गया था और वह अभी भी दिल्ली पुलिस का वॉन्टेड है।’

शांता कुमार ने बांधे पंजाब के सीएम भगवंत मान की तारीफों के पुल

पालमपुर।। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भ्रष्टाचार के विरूद्ध एक अत्यन्त साहस भरा कदम उठा कर अपने ही स्वास्थ्य मंत्री को जेल भिजवाने के ऐतिहासिक काम के लिए बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार देश का सबसे बड़ा शत्रु है। सब कुछ होते हुए भी देश के करोड़ों लोग भुखमरी की हालत में और सुविधाओं से इसीलिए वंचित रहते है क्योंकि देश में भ्रष्टाचार है। यदि भारत में भ्रष्टाचार न होता तो भारत आज स्वर्ग की तरह होता।

शांता कुमार ने कहा, भ्रष्टाचार महापाप है और इसको मिटाने का काम बहुत बड़ी देशभक्ति और पुण्य का काम है। ऐसा अच्छा काम कोई भी करे उसकी प्रशसा करने का साहस होना चाहिए और भ्रष्टाचार करने वाले अपनी ही पार्टी में हो तो उसका भी विरोध करने की हिम्मत होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री सिंघला करोड़पति है। 6 करोड़ से अधिक उनकी सम्पत्ति है परन्तु पैसों का पागलपन अब उन्हें जेल में ले गया। भ्रष्टाचार को रत्ती भर भी सहन न करने की नीति होनी चाहिए।

शांता कुमार ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के एक राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखों रुपये रिश्वत लेते हुए कैमरे में पकड़े गये थे, उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा था। उसके बाद राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में मैंने कहा था कि उस घटना से लाखों कार्यकर्ताओं के सिर शर्म से झुके हैं। उनका त्यागपत्र ही काफी नहीं, उन्हें अतिशीघ्र पार्टी से निकाल देना चाहिए।”

शांता कुमार ने कहा, “श्री अडवाणी जी मुझपर नाराज हुए परन्तु श्री अटल जी ने हाथ के इशारे से यह कहने के लिए मुझे शाबाश दी थी। मुझे प्रसन्नता है कि मैंने जीवन भर कहीं पर भी भ्रष्टाचार से समझौता नही किया। भले ही उसके लिए मुझे बड़ा मूल्य भी चुकाना पड़ा।”

उन्होंने पूरे देश के नेताओं से कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने जो शानदार साहस का काम किया है सब उसकी प्रंशसा ही न करें, उसी की तरह भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने का साहस भी दिखाएं।

डिग्रियां बिकने और पेपर लीक होने पर शांता कुमार की खरी-खरी

पालमपुर।। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा है कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में 43 हजार फर्जी डिग्रियां बिकने का कलंक अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने फेसबुक पर जारी बयान में लिखा, “43 हजार डिग्रियां करोड़ों रूपये में बिकी। हिमाचल में भी हजारों लोगों ने डिग्रियां खरीदी। कई साल तक यह घोटाला होता रहा। हैरानी की बात यह है कि पुलिस और सरकार को इसका पता ही नही लगा।”

उन्होंने कहा कि हजारों लोगों ने डिग्रियां खरीदी। सैकेड़ों घरों में चर्चा हुई होगी। पुलिस में गुप्तचर विभाग का यही काम होता है कि इस प्रकार के होने वाले अपराध का पता करें। यह भी अपने आप में एक बड़ा घोटाला है कि हिमाचल में इतना बड़ा महापाप और महा अपराध वर्षो तक होता रहा परन्तु सरकार को कोई पता नही चला।

शांता कुमार ने कहा कि यह सोच कर डर लग रहा है कि कहीं जनता भी इस भ्र्ष्टाचार में शामिल तो नही हो गई। सैकड़ों लोगों को फर्जी डिग्रियां बिकने का पता लगा होगा। उन में एक भी ऐसा ईमानदार देशभक्त नहीं था जो इस अपराध की सूचना सरकार को देता। यह भी हो सकता है कि हिम्मत करके सूचना दी हो परन्तु भ्र्ष्टाचार के कारण उस पर कोई कार्यवाही नही हुई हो।

पूर्व सीएम ने कहा कि उस समय के पुलिस गुप्तचर विभाग के प्रमुख को भी अपराधी बनाया जाना चाहिए। इस विभाग के पास लाखों रुपये इसी काम के लिए होते है। सैकड़ों कर्मचारी होते है। वह भी बराबर अपराधी है।

पेपर लीक होने पर भी सवाल
शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में पुलिस पेपर लीक घोटाले में हिमाचल प्रदेश के माथे पर एक और कलंक लगा है। रोज उसकी खबरें पढ़कर सिर शर्म से झुक जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी को बधाई दी है कि उन्होंने इस मामले को सी.बी.आई. को सौंपने का निर्णय किया है।

शांता कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी से आग्रह किया है कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश का कोई भी विभाग अपने विभाग की भर्ती स्वंय न करे। यह काम करने के लिए हिमाचल प्रदेश में दो संस्थाएं पहले से स्थापित है। राजपत्रित कर्मचारियों के लिए एचपी पब्लिक सर्विस कमीशन और अन्य कर्मचारियों के लिए एचपी कर्मचारी चयन कमीशन है। सभी विभागों की भर्ती का काम इन दो संस्थाओं द्वारा ही करवाया जाए। इस निर्णय से हर प्रकार के चयन में पारदर्शिता आयेगी और किसी प्रकार के घोटाले की सम्भावना नही रहेगी।

शांता कुमार ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिये दिन रात परिश्रम कर रहे हैं। केन्द्र सरकार पर पिछले 8 साल में कोई ऊंगली भी नहीं उठा सका परन्तु मोदी सब जगह नही आएंगे। जनता को हर प्रकार का सहयोग देना होगा।”

मंकीपॉक्स: क्या है अमेरिका और 9 यूरोपीय देशों में फैली ये बीमारी

इन हिमाचल डेस्क।। दुनिया के 12 देशों में मंकीपॉक्स के 80 से ज्यादा मामले सामने आने की पुष्टि हुई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इसके अलावा अभी और 50 मामलों की जांच की जा रही है। ये मामले किन देशों के हैं, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, WHO ने चेताया है कि अभी और मामले सामने आ सकते हैं।

अभी तक नौ यूरोपीय देशों, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में मंकीपॉक्स का संक्रमण मिलने की पुष्टि हो चुकी है।

क्या है मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स एक वायरल संक्रमण है जो अफ्रीका के कई देशों में लोगों को संक्रमित करता रहता है। मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के सुदूर इलाकों में इसके मामले सामने आते रहे हैं। माना जाता है कि इससे संक्रमित होने वाले लोगों में मध्यम से लक्षण दिखते हैं और कुछ हफ्तों में वे ठीक हो जाते हैं।

1958 में शोध के लिए रखे गए बंदरों में पॉक्स जैसे लक्षण पाए जाने के बाद इस बीमारी के लिए जिम्मेदार वायरस की पहचान हुई थी, इसलिए इसका नाम मंकीपॉक्स पड़ गया।

यह वायरस उतना अधिक संक्रामक नहीं है कि बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले सके। मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति के शरीर के द्रव्यों, जैसे कि लार या खांसने पर उड़ने वाले छींटों के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित हो सकता है।

हालांकि, मंकीपॉक्स के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। फिर भी यह देखा गया है कि स्मॉलपॉक्स के टीका लगाने पर इस बीमारी से 85 प्रतिशत तक सुरक्षा मिल जाती है क्योंकि दोनों बीमारियों के वायरस काफी हद तक मिलते जुलते हैं।

WHO ने चेताया है कि इस संक्रमण को लेकर डर का माहौल बनाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे संक्रमित लोग सामने आने से बचेंगे और दूसरों में संक्रमण फैलाते रहेंगे।