बिलासपुर: आठवीं में पढ़ने वाली बच्ची से कथित गैंगरेप, पुलिस पर टालमटोल के आरोप

बिलासपुर।। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में आठवीं में पढ़ने वाली एक बच्ची के साथ कथित तौर पर गैंगरेप का मामला सामने आया है। कुछ साल पहले नेपाल से मजदूरी करने आए एक शख्स ने बताया कि आरोपी बच्ची को घर से उठाकर ले गए और फिर एक रेस्तरां ले जाकर नशीली चीज पिलाई और फिर गैंगेरप किया। पीड़िता के पिता ने पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करके टालमटोल करने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है।

बिलासपुर: आठवीं में पढ़ने वाली बच्ची से कथित गैंगरेप, पुलिस पर टालमटोल के आरोप

क्या है केस
जिला मुख्यालय के साथ लगते एक गांव में रहने वाले एक शख्स ने बताया कि 6 अक्तूबर को उसकी आठवीं कक्षा में पढऩे वाली बेटी जब शाम को घर में नहीं दिखी तो उसने उसकी काफी तलाश की मगर कहीं पता नहीं चला। पिता का कहना है कि अगले दिन वह महिला पुलिस थाने में गए लेकिन वहां तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने उसके बयान पर एफआईआर दर्ज करने के लिए गंभीरता नहीं बरती।

‘महिला थाने ने नहीं की कार्रवाई’
पिता का कहना है कि पुलिस उल्टा आरोपी के मोबाइल पर फोन करके कहती रही कि लड़की को लेकर आ जाए। दिन भर महिला थाने की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यूज 18 ने पिता के हवाले से बयान छापा है कि उन्हें किसी ने बताया कि उनकी बेटी बस स्टैंड के पीछे किसी पार्क में है। जब वहां पहुंचकर पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा गया तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि बेटी मिल गई आपको, आगे कुछ नहीं कहा। पिता का कहना है कि जब मैं बेटी को घर लेकर गया तो वहां पता चला कि उसके साथ कया हुआ था। वह बुरी तरह लहूलुहान थी।

प्रतीकात्मक तस्वीर

पिता ने बताया कि उसकी बेटी को बिलासपुर के मेन बाजार में एक रेस्तरां-बार में काम करने वाला युवक और बिलासपुर-चंडीगढ़ रोड पर एक रेस्तरां में काम करने वाले दो अन्य युवक घर से जबरन ले गए थे और फिर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उन्होंने दूध में नशीली चीज पिलाई औऱ रात भर बलात्कार करते रहे।

समय पर नहीं हुआ मेडिकल
पिता का कहना है कि उन्होंने महिला पुलिस से कहा था कि बच्ची की मेडिकल जांच करे मगर पुलिस ने इनकार कर दिया। इससे वह बेटी को घर लेकर आ गया था। बाद में जब कुछ जान-पहचान के लोगों और पंचायत के लोगों के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क किया, तब पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज किया। फिर भी पुलिस मेडिकल नहीं कर रही थी। बार-बार कहने पर दो दिन बाद जिला अस्पताल में उसका मेडिकल हुआ।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बिलासपुर के डीएसपी संजय शर्मा का इस मामले मे कहना है कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। मगर पिता के बयानों में अगर सच्चाई है तो बलात्कार के मामलों में पुलिस की और खासकर महिला पुलिसवालों की हालत देखकर शर्म आती है। बलात्कार के मामलों में तुरंत पीड़िता का मेडिकल होना चाहिए। इससे पहले की पीड़िता नहाए और कपड़े बदले, उसके कपड़ों को पुलिस को अपने कब्जे में लेना होता है और शरीर से सैंपल भी लेने होते है ताकि बलात्कार करने वालों का डीएनए मिल सके।

मगर दो दिन बाद पुलिस का मेडिकल करना दिखाता है कि पुलिस में कुछ वर्दीधारी तो बिठा दिए हैं मगर न उनके अंदर समझ है और न संवेदना। ऐसे महिला थानों का भी क्या लाभ जब पुलिसकर्मियों की सोच वही है, जो आम थानों में होती है। अगर इसी शैली से काम करना है तो बेहतर है कि इन थानों को बंद कर दिया जाए।

टूरिजम डिपार्टमेंट ने किया सुंदरनगर में ‘सफेद हाथी’ का इंतजाम

तरुण गोयल।। सुन्दरनगर में कुछ दिन पहले टूरिज्म डिपार्टमेंट ने एक नया होटल खोल दिया – दी सुकेत।

बिल्कुल उसके सामने एक पौराणिक काल से चला आ रहा हमसफ़र होटल है और उसके साथ पूर्व CPS सोहन लाल ठाकुर का होटल पोलो रीजेंसी। उसके थोड़ा आगे बसीलियो ग्रैंड और उसके साथ आशियाना होटल। बस अड्डे के आस पास भी 2-3 बड़े होटल हैं

सरकार किसी बियाबान जंगल मे होटल चलाये जहां कोई इन्वेस्टर न आता हो, या किसी नई जगह को प्रमोट करने के लिए सब्सिडी पर होमस्टे चलाए या कैंपिंग साइट चलाये, वहां होटल चलाने का मतलब समझ आता है , भरे शहर में बीच बाज़ार एक नया हाथी पालने का क्या मतलब??

9 अक्टूबर को अपना वहां लंच करने गए, रेस्टॉरेंट के नाम पर वहां एक छोटा सा कमरा है जिसमें 4 कुर्सी-टेबल हैं, और उसके बिल्कुल सामने मूत्रालय।

मतलब आप बेखुदी में कभी किसी की पार्टी में ज्यादा मुफ्त का माल खा लो और एकदम से पेट खराब हो जाए तो बिना कष्ट उठाये अपनी कुर्सी से लुढ़कते हुए ही आप सीधे मूत्रालय में पहुंच जाओगे और निपट कर राउंड टू के भोजन के लिए फिर से तैयार

मूत्रालय में तौलिया नहीं था, और खाने के टेबल पर टिशू पेपर नहीं था, चिकन में नमक नहीं था

हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में इस तरह के होटल चलाने का क्या मतलब?

अरे भाई लोग, तुम हमारी सड़क पक्की करवा कर दो, खाना हम चंडीगढ़ जाकर ही खा लिया करेंगे।

कुछ पाठकों के लिए ‘सफेद हाथी’ मुहावरे का अर्थ

(लेखक हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हैं और ट्रैवल ब्लॉगर हैं। यह लेख उन्होंने फेसबुक पर भी पोस्ट किया है।)

ये लेखक के निजी विचार हैं

वीरभद्र को PGI से शिमला लाया CM का चॉपर, विक्रमादित्य ने कहा ‘थैंक्स’

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने अपने सरकारी हेलिकॉप्टर को पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह को चंडीगढ़ से शिमला लाने के लिए भेजा। स्वास्थ्य खराब होने के कारण वीरभद्र को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ा था। पिता के लिए सरकारी हेलिकॉप्टर का इंतजाम करने के लिए विक्रमादित्य सिंह ने किया ‘हेलिकॉप्टर वाले सीएम’ का धन्यवाद। कुछ दिन पहले सरकारी वाहनों के दुरुपयोग के विरोध में मुखर थे शिमला ग्रामीण के विधायक। मुख्यमंत्री जयराम को ‘हेलिकॉप्टर वाला मुख्यमंत्री’ कहा था।

जयराम ठाकुर के इस फैसले को जहां कुछ लोग राजनीति से ऊपर उठकर एक मिसाल बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जनता के पैसे से चल रहे ऐसा करने की क्या जरूरत है। अभी हेलिकॉप्टर का किराया प्रति घण्टा लगभग 3 लाख 30 हजार रुपये है। हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल के लिए सीएम और राज्यपाल ही अधिकृत हैं।

दरअसल सीएम को इसलिए हेलिकॉप्टर इस्तेमाल करने का अधिकार है ताकि उनका अधिकतर समय सफर में ही खर्च न हो जाए और वे समय की बचत करके उसका सदुपयोग सरकारी कामकाज निपटाने में कर सकें। चूंकि सीएम के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों को चलना पड़ता है, ऐसे में पूरा लव लश्कर बहुत बड़ा हो जाता है। इसलिए भी हेलिकॉप्टर का प्रयोग सस्ता भी पड़ता है और मूवमेंट से यातायात प्रभावित होने से जनता को दिक्कत भी नहीं होती।

यानी हेलिकॉप्टर सीएम के कम्फर्ट के लिए नहीं बल्कि जनता की सुविधा के लिए होता है। मगर सवाल उठ रहे हैं कि इसे आपतसेवा के लिए इस्तेमाल करना तो ठीक है मगर पूर्व सीएम को लाने-ले जाने में इसका प्रयोग क्यों किया जा रहा है।

शिमला और चंडीगढ़ में अधिक दूरी नहीं है और बाकी मरीज और अन्य बुजुर्ग भी तो सड़क मार्ग से ही आते जाते हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से वीरभद्र परिवार खुद इतना सशक्त है और उन्हें वेतन और भत्ते भी मिलते हैं तो वे जरूरत पड़ने पर खुद भी प्राइवेट चॉपर हायर कर सकते हैं।

इस बीच सवाल शिमला रूरल के विधायक विक्रमादित्य की चुप्पी पर भी उठ रहे थे कि इसका उन्होंने फेसबुक पेज पर पोस्ट डालकर विरोध क्यों नहीं किया। दरअसल हाल ही में विक्रमादित्य ने सरकार और अधिकारियों द्वारा सरकारी वाहनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था और साथ ही जयराम ठाकुर को हेलीकॉप्टर वाला सीएम कहा था। अब उन्होंने पोस्ट डालकर सीएम को शुक्रिया कहा है।

With Blessings of Ma Bhimakali and good wishes of you all , Shri Virbhadra Singh has recovered well and has been…

Vikramaditya Singh ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಗುರುವಾರ, ಅಕ್ಟೋಬರ್ 10, 2019

सोशल मीडिया पर सवाल किए जा रहे हैं कि जिन सीएम को आपने हेलिकॉप्टर वाला सीएम कहा था, जब उन्हीं सीएम ने अपना सरकारी हेलिकॉप्टर उनके पिता को लाने के लिए भेज, तब क्यों विक्रमादित्य खामोश रहे और अब क्यों स्वागत कर रहे हैं। सवाल पूछा जा रहा है कि क्यों अब उन्हें सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग नजर नहीं आ रहा।

जो बोलते थे नया सीएम नहीं चल पाएगा, उन्हें करारा जवाब मिला: जयराम

एमबीएम न्यूज, मंडी।। हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि सीएम बनने के बाद उनके ऊपर टिप्पणियां करने वालों को करारा जवाब मिल गया है। यह बात सीएम ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (कार्यकारी) जेपी नड्डा के लिए आयोजित अभिनंदन समारोह में कही।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, “सत्ता परिवर्तन के साथ प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और हमें नई जिम्मेदारी मिली। लेकिन इस जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों ने यह टिप्पणियां करनी शुरू कर दिया कि नया सीएम चलेगा भी या नहीं। लेकिन आज प्रदेश सरकार विकास की नई गाथा के साथ अपना दो वर्षों का कार्यकाल पूरा करने जा रही है।

उन्होंने कहा, “बीच में लोकसभा चुनावों की जो चुनौती थी। उसे प्रदेश की जनता के सहयोग और आशीवार्द से रिकॉर्ड जीत हासिल करके पार किया है। जो जीत 2019 के लोकसभा चुनावों में हुई है, वैसी जीत भविष्य में शायद ही किसी दल को मिले।”

नड्डा के साथ याद किए पुराने दिन
जयराम ठाकुर ने जगत प्रकाश नड्डा के पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि नड्डा जी छात्र राजनीति से ही काफी लोकप्रिय रहे। जब दूसरे दल दबाव की राजनीति करते थे तो उस वक्त भी नड्डा जी को सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ती थी।

जयराम ठाकुर और जेपी नड्डा (Image: MBM News Network)

जयरा ने कहा कि नड्डा जी मंडी बस से आते थे। संगठन की बैठकें आदि करने के बाद ब्रेड समोसे का लंच करके गुजारा करते थे। उन्होंने पुराने दोस्त पाॅल पेंटर का भी जिक्र किया जिसकी दुकान पर नड्डा अकसर जाया करते थे।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि आज विपक्षी दल कांग्रेस के पास बोलने के लिए कुछ नहीं इसलिए सरकार पर अनाप शनाप आरोप लगाए जा रहे हैं। जो कांग्रेस पार्टी सत्ता में रहते हुए नहीं कर सकी उन कार्यों को मौजूदा सरकार कर रही है तो उससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है।

(एमबीएम न्यूज नेटवर्क के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित)

गुड़िया केस: अभियुक्त आशीष चौहान बोला- पुलिस ने बिजली के झटके लगाए

चंडीगढ़।। शिमला के कोटखाई रेप ऐंड मर्डर केस मामले में बुधवार को अभियोजन पक्ष के छह गवाहों ने सीबीआई के स्पेशल कोर्ट के सामने बयान दर्ज करवाए। इनमें गुजरात की फरेंसिक साइंस लैब की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉक्टर एचवी आचार्य भी थीं। उन्होंने अदालत को बताया कि इस मामले में उन्होंने आशीष चौहान, राजिंदर सिंह, लोकजन, दीपक और सुभाष सिंह की सहमति के बाद उनका बीईओएस और नार्को टेस्ट किया था। वहीं इनका पॉलिग्राफ टेस्ट एचआर शाह ने किया था।

डॉक्टर एचवी आचार्य और एचआर शाह ने तीनों टेस्ट्स के आधार पर एक समग्र फरेंसिक साइकोलॉजिकटल रिपोर्ट की। रिपोर्ट के नतीजों के बारे डॉक्टर आचार्य ने कहा, “पोलिग्राफ, नार्को और बीईओएस में इन पांचों की रेप और हत्या में कोई भूमिका होने के संकेत नहीं मिले। रेप और मर्डर का इरादा क्या था, यह भी पता नहीं चल पाया। इसके अलावा पुलिस हिरासत में सूरज की हत्या में राजिंदर की भूमिका का भी कुछ पता नही चला।”

6 जुलाई 2017 को यहीं मिला था गुड़िया का शव

अभियोजन पक्ष द्वारा गवाह बनाए गए आशीष चौहान ने अदालत को बताया कि नौ जुलाई, 2017 को पुलिसवालों ने उसे घर से उठाया और बानकुफर रेस्ट हाउस ले जाकर पूछताछ की। इसके बाद वो छैला पुलिस चौकी ले गए जहां 10 जुलाई तक रखा। आशीष ने बताया, “11 जुलाई को उन्होंने मुझे टॉर्चर करना शुरू कर दिया। मुझे डंडों से पीटा गया औऱ बिजली के झटके दिए गए।”

13 जुलाई आधीरात को पुलिसकर्मियों ने उसके हस्ताक्षर लिए और बताया कि एफआईआऱ दर्ज हो चुकी है। 15 जुलाई तो ठियोग कोर्ट से पुलिस रिमांड लेकर आशीष को कोटखाई पुलिस स्टेशन में रखा गया।

चौहान उन छह लोगों में शामिल है जिन्हें गुड़िया रेप और मर्डर मामले में शुरुआती जांच करने वाली पुलिस ने शक के आधार पर गिरफ्तार किया था। मगर इस मामले में सूरज नाम के संदिग्ध की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद जब मामला सीबीआई को मिला तो इन सभी को सूरज की मौत के मामले में सरकारी गवाह बना दिया गया।

गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हुए थे।

डॉक्टर एचवी आचार्य और आशीष चौहान के अलावा डीडीयू जोनल अस्पलाल शिमला में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अश्वनी सूद, पुलिस मुख्यालय में सीनियर असिस्टेंट प्रीतम चंद और अमर सिंह वर्मा व कॉन्स्टेबल अजय कुमार के भी बयान हुए।

वहीं सीबीआई कोर्ट ने हिरासत में मौत मामले में एसआई राजिंदर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल रफी मोहम्मद और कॉन्टेबल रणजीत की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

रिलायंस Jio ने ग्राहकों को दिया झटका, अब फ्री नहीं रही वॉइस कॉलिंग

रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए कॉलिंग के लिए पैसे लेने का एलान किया है। पहले जहां वॉइस कॉलिंग पूरी तरह फ्री थिज़ अब जियो के ग्राहकों को अब फोन पर बात करने के लिए पैसे देने होंगे। जियो ने बताया है कि अब उसके ग्राहकों को किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के लिए प्रति मिनट 6 पैसे देने होंगे। हालांकि जियो से जियो के नेटवर्क पर कॉलिंग पहले की तरह ही फ्री रहेगी। जिओ ने अन्य नेटवर्क पर कॉलिंग के लिए कुछ टॉपअप लांच किए हैं।

जियो ने कहा है कि वह अपने 35 करोड़ ग्राहकों को आश्वस्त करता है कि आउटगोइंग ऑफ-नेट मोबाइल कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट का शुल्क केवल तब तक जारी रहेगा जब तक TRAI अपने वर्तमान रेगुलेशन के अनुरूप IUC को समाप्त नहीं कर देता। हम TRAI के साथ सभी डाटा को साझा करेंगे ताकि वह समझ सके कि शून्य IUC यूजर्स के हित में है।

क्या है आईयूसी
यह पूरा मामला इंटरकनेक्ट यूजेज चार्ज से जुड़ा है। IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है। जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं।

जियो का पक्ष
जियो नेटवर्क पर मुफ्त वॉयस कॉलिंग और 2G नेटवर्क पर अत्यधिक टैरिफ होने की वजह से Airtel और Vodafone-Idea के 35 – 40 करोड़ 2G ग्राहक, Jio ग्राहकों को मिस्ड कॉल देते हैं। Jio नेटवर्क पर रोजाना 25 से 30 करोड़ मिस्ड कॉल प्राप्त होते हैं। अन्य नेटवर्क से जियो पर रोजाना होने वाले 25 से 30 करोड़ कॉलिंग (मिस्ड कॉल) से Jio को 65 से 75 करोड़ मिनट इनकमिंग ट्रैफिक मिलना चाहिए था। मगर ऐसा हो नहीं रहा। यानी जिओ से बाहर ज्यादा कॉल जा रहे थे जबकि आ कम रहे थे। उसे कम आईयूसी से पैसा कम आ रहा था जबकि उसे देना ज़्यादा पड़ रहा था। इसलिए अब उसने इसका खर्च ग्राहकों पर थोपा है। Jio ने कॉलिंग पर लगाए जाने वाले चार्ज के बारे में कहा है कि कंपनी ने इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज के लिए 13,500 करोड़ रुपये अपने राइवल्स को पे किए हैं। इनमें वोडाफोन और आईडिया से लेकर भारती एयरटेल शामिल हैं।

टॉपअप
Reliance Jio के कस्टमर्स चार तरह के टॉप अप वाउचर में से सेले्कट कर सकेंगे। 10 रुपये में 124 मिनट मिलेगा और कंपनी 1GB डेटा फ्री देगी। 124 मिनट यानी 10 रुपये का टॉप अप करा कर आप दूसरे नेटवर्क पर 124 मिनट तक बात कर सकेंगे।

दूसरा वाउचर 20 रुपये का है। इसके तहत आपको 249 मिनट मिलेंगे यानी आप इतने मिनट तक नॉन जियो नंबर पर कॉल कर सकेंगे. इसके साथ कंपनी 2GB डेटा फ्री देगी।

तीसरा वाउचर 50 रुपये का है। इतने में आप नॉन जियो नेटवर्क पर 656 मिनट तक कॉलिंग कर सकेंगे। इस प्लान के तहत कंपनी आपको 5GB फ्री डेटा देगी।

चौथा वाउचर 100 रुपये का होगा। इसके तहत 1362 मिनट तक की कॉलिंग मिलेगी जो नॉन जियो के लिए होगी। इस पैक के साथ कंपनी 10GB डेटा फ्री देगी।

प्रदेश कर्ज में, HRTC खस्ताहाल मगर MD की गाड़ी मंत्री की पत्नी की सेवा में

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के परिवहन, वन, युवा एवं खेल मामलों के मंत्री गोविंद ठाकुर की पत्नी रजनी ठाकुर के अढाई लाख रुपये चोरी होने के मामले ने नई बहस छेड़ दी है। HP66 0001 नंबर की जिस गाड़ी से चंडीगढ़ में ये पैसे चोरी हुए, वह एचआरटीसी के एमडी के नाम पंजीकृत है। इंडियन एक्सप्रेस को मंत्री की पत्नी रजनी ठाकुर ने बताया है कि वह स्किन ट्रीटमेंट करवाने एक सलून में गई थीं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्यों एचआरटीसी के एमडी की सरकारी गाड़ी को परिवहन मंत्री की पत्नी के निजी काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे मंत्री द्वारा पद के दुरुपयोग के आरोप भी लग रहे हैं।

सवाल इतनी बड़ी रकम को लेकर भी उठ रहे हैं कि कहां से आई, कैशलेस दौर में क्यों नकदी रखी गई थी। मगर इससे इतर सोशल मीडिया पर सवाल पूछा जा रहा है कि जह प्रदेश कर्ज में है और एचआरटीसी की हालत भी पतली है तब क्यों एमडी की गाड़ी को एक निजी काम के लिए भेजा गया। फेसबुक पर कई लोगों, जिनमें पत्रकार और समाज के प्रबुद्ध लोग भी शामिल हैं, पूछ रहे है कि क्या वीआईपी कल्चर खत्म करने का मतलब सिर्फ बत्ती हटा देना है? भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी कह रहे हैं कि पीएम मोदी को और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।

इस बीच परिवहन मंत्री का वह बयान भी चर्चा में आ गया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जब तक कि एचआरटीसी की आमदनी 100 करोड़ नहीं हो जाती तब तक नई गाड़ी नहीं लूंगा (पढ़ें खबर)। आमदनी तो 100 करोड़ नहीं पहुंची, उल्टा कई वैट लीज़ बसों को इसलिए बंद करने की नौबत आ गई है क्योंकि अवैध वॉल्वो पर लगाम नहीं लगी। और अब एचआरटीसी के एमडी के नाम पर बीते साल खरीदी गई नई इनोवा क्रिस्टा को उनकी पत्नी इस्तेमाल कर रही हैं।

लोग सवाल कर रहे हैं कि इस वादे का क्या हुआ

फेसबुक पर टिप्पणी कर रहे लोगों का ध्यान चोरी से ज्यादा जनता के पैसे की चोरी पर जा रहा है। वे मंत्री की पत्नी द्वारा एचआरटीसी के एमडी की गाड़ी इस्तेमाल करने को जनता के टैक्स के पैसे की लूट बता रहे हैं क्योंकि एचआरटीसी के सेवानिवृत कर्मचारी आए दिन पेंशन को लेकर परेशान रहते हैं। इस बीच कुछ लोग मंत्री द्वारा पद का दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और सख्त कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं।

आने लगीं प्रतिक्रिया
हर वर्ग से इस मामले पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। ऊना से कांग्रेस के विधायक सतपाल रायजादा ने बयान जारी करके कहा है कि आखिर ब्यूटी पार्लर के लिए सरकारी गाड़ी का प्रयोग क्यों हुआ, सीेम को इसका जवाब देना चाहिए। हिमाचल एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष यदोपति ठाकुर ने कहा है कि एक ओर निगम घाटे से गुजर रहा है, दूसरी ओर निजी कार्यों के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है जबकि कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मंत्री की पत्नी को बताना चाहिए कि वह किस हैसियत से सरकारी गाड़ी और कर्मचारी और ड्राइवर को लेकर सलून गईं।”

पत्रकार मुनीष दीक्षित ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है, “अब समझ में आया हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की हालत क्यों खराब हो रही है। जनता टूटी हुई बसों में। अधिकारी बिना गाड़ी के ऑफिस में बैठने को मजबूर और मंत्री की बीवी एमडी की गाड़ी में चंडीगढ़ के सैलून जा रही है।”

विजय ठाकुर नाम के एक शख्स ने इस पूरे मामले पर सरकार पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि राजनेता सिस्टम का फायदा उठा रहे हैं जबकि जनता धक्के खा रही है।

आप इस विषय पर क्या सोचते हैं, अपनी राय संयमित भाषा में कॉमेंट करके दे सकते हैं।

परिवहन मंत्री की पत्नी का ₹2.5 लाख से भरा बैग HRTC की इनोवा से चोरी

 

नड्डा को सरकारी हेलिकॉप्टर पर दिल्ली से बिलासपुर लाना गलत: राठौर

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के हिमाचल दौरे पर सरकारी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।

धर्मशाला में पत्रकारों से बात करते हुए राठौर ने कहा, “धर्मशाला और पच्छाद में भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। धर्मशाला स्थित सरकारी दफ्तरों को भाजपा के प्रचार के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है।”

राठौने यह भी कहा कि जेपी नड्डा को दिल्ली से बिलासपुर सरकारी हेलिकॉप्टर से लाकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि नड्डा को सरकारी हेलिकॉप्टर पर लाने का खर्च को भाजपा के चुनाव व्यय में जोड़ा जाना चाहिए।

परिवहन मंत्री की पत्नी का ₹2.5 लाख से भरा बैग HRTC की इनोवा से चोरी

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के परिहवन, वन, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की पत्नी का अढाई लाख रुपये से भरा बैग चोरी हो गया है। यह घटना उस समय हुई जब मंत्री की पत्नी चंडीगढ़ के सेक्टर 8 के एक सलून में गई थीं। पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।

हिंदी अखबार पंजाब केसरी की खबर के अनुसार पुलिस को रजनी ठाकुर, निवासी कुल्लू से शिकायत मिली है। रजनी ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनके पति हिमाचल में मंत्री हैं। वह छह अक्तूबर को चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में ठहरी थीं। सात अक्तूबर को वह सरकारी गाड़ी (HP66-0001) से सेक्टर आठ के हेडमास्टर सलून गई थीं।

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Image: इडियन एक्सप्रेस

शिकायत के अनुसार ड्राइवर पांच घंटे गाड़ी के साथ सलून के बाहर खड़ा था। इसके बाद वह आईं और हिमाचल भवन चली गईं। वहां पहुंचकर पाया कि गाड़ी के अंदर रका बैग गायब था। जब ड्राइवर से पूछा तो उसने जानकारी होने से इनकार कर दिया। हालांकि ड्राइवर का कहना था कि दो घंटे पहले एक शख्स ने शीशा खटखटाकर नीचे रुपये गिरे होने की बात कही।

ड्राइवर का कहना था कि वह उतरा और 10 रुपये के नोट एक भिखारी को दे दिए। ड्राइवर को शक है कि जब वह उतरा था, तब किसी ने पिछड़ी खिड़की खोलकर बैग चुला लिया होगा। खबर के मुताबिक इस बैग में अढ़ाई लाख रुपए, नैकलैस और जरूरी कागजात थे।

हालांकि जिस गाड़ी पर मंत्री की पत्नी चंडीगढ़ के सलून गई थीं (HP66-0001) वह इनोवा क्रिस्टा है और एचआरसीटी के एमडी के नाम पर रजिस्टर्ड है। इंडियन एक्सप्रेस को रजनी ठाकुर ने बताया है कि स्किन ट्रीटमेंट के लिए वह चंडीगढ़ आई थीं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में छानबीन की जा रही है और इस वारदात को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए एक निजी बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।

प्रदेश कर्ज में, HRTC खस्ताहाल मगर MD की गाड़ी मंत्री की पत्नी की सेवा में

झूठी है दयाल प्यारी के अपहरण की खबर, खुद गईं समर्थकों की गाड़ी में

एमबीएम न्यूज, सोलन।। कुछ पोर्टल खबर दे रहे हैं कि नामांकन वापस लेने से इनकार करने पर बीजेपी से बागी हुईं दयाल प्यारी का अपहरण कर लिया गया। मगर पच्छाद से नामांकन दाखिल करने वाली दयाल प्यारी को लेकर फैलाई जा रही यह खबर सही नहीं है।

अब पता चला है कि दयाल प्यारी के अपने ही समर्थकों ने उन्हें काले रंग की स्कार्पियो में बिठाकर सीधे ही प्राचीन भूरेश्वर महादेव मंदिर का रुख किया था। अंतिम जानकारी के मुताबिक भूरेश्वर महादेव मंदिर में ही दयाल प्यारी की बैठक जारी है।

पिछले 48 घंटों से दयाल प्यारी के बारे में जानकारी नहीं थी। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही थी कि बीजेपी का जबरदस्त दबाव है। लेकिन आज सुबह जैसे ही ससुर व पति के अलावा समर्थकों से आमना-सामना हुआ तो सीधे ही मीडिया के सामने आकर चुनाव लड़ने की बात कही।

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बताया जा रहा है कि इस दौरान एक-दो महिलाएं चाहती थी कि दयाल प्यारी उनके साथ चले, लेकिन समर्थकों ने उन्हें अपनी स्कार्पियो में बिठा दिया। इसे लेकर ही सोशल मीडिया पर अगवा किए जाने और इसका दोष बीजेपी को दिए जाने की खबरें फैलीं।

ऐसी खबरें हैं कि वह नामांकन वापस ले सकती हैं मगर अब समय कम ही बचा है।

पच्छाद: दयाल प्यारी ने किया नामांकन वापस न लेने का फैसला, लड़ेंगी चुनाव

(यह खबर एमबीएम न्यूज नेटवर्क के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

वह वीडियो, जिसे दयाल प्यारी के अपहरण का वीडियो बताया गया-

#Himachal: पच्छाद में BJP की तानाशाही… दयाली प्यारी को जबरन गाड़ी में धकेला और उठाकर कहीं ले गए बीजेपी कार्यकर्ता।…

Samachar First ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಬುಧವಾರ, ಅಕ್ಟೋಬರ್ 2, 2019