मंत्री को मंदिर जाने से रोकने की बात सुन सिर शर्म से झुक गया: शांता कुमार

डेस्क।। पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने प्रदेश में मौजूद जातिवाद को शर्मनाक करार दिया है।

हिमाचल प्रदेश में जातिगत भेदभाव और मंत्री राजीव सैजल को मन्दिर में प्रवेश न देने पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का यह भाषण जरूर सुनें।

हिमाचल प्रदेश में जातिगत भेदभाव और मंत्री राजीव सैजल को मन्दिर में प्रवेश न देने पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का यह भाषण जरूर सुनें।

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶುಕ್ರವಾರ, ಜನವರಿ 10, 2020

धर्मपुर के समग्र विकास को हमेशा कार्यरत हूं: महेन्द्र सिंह ठाकुर

सरकाघाट।।  सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, बागवानी तथा सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास को वे हमेशा प्रयासरत हैं। धर्मपुर विस क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से यहां के उत्थान, कल्याण व संपूर्ण विकास को पिछले 35 वर्षों से समर्पित हैं। उन्होने कहा कि धर्मपुर विस क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा सहित अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास में कोई कमी नहीं रखी जा रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में तेजी से प्रयास जारी रहेंगे।

महेन्द्र सिंह ठाकुर आज धर्मपुर विस क्षेत्र के सज्याओ पिपलू में आदर्शनी वेलफेयर सोसाइटी व रेडक्रॉस सोसाइटी के सौजन्य से आयोजित कैंसर रोग जागरूकता शिविर में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी प्रोमिला ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार की धर्मपत्नी शर्मिला परमार भी विशेष तौर पर उपस्थित रहीं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के गत दो वर्ष विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक रहे हैं। ग्रामीण व गरीब परिवार की पृष्ठभूमि से निकला वर्तमान प्रदेश सरकार का नेतृत्व जमीन व धरातल से जुड़ा हुआ है। उन्होने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन के 35 वर्षों में अनेक मुख्य मंत्रियों की कार्यप्रणाली को देखने का मौका मिला लेकिन जय राम ठाकुर की कार्य प्रणाली उपलब्धियों भरी रही है तथा 2 वर्ष की छोटी सी अवधि के दौरान ही अनेकों महत्वपूर्ण कार्य प्रदेश हित में किये हैं।

महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के करोड़ों लोगों को 5 लाख रूपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सेवा को आयुष्मान भारत योजना को शुरू किया है तो वहीं इससे एक कदम आगे बढक़र जय राम ठाकुर सरकार ने हिम केयर योजना को लागू किया है। जिसके तहत भी 5 लाख रूपये तक की नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा रही है। उन्होने हिम केयर योजना से छूटे हुए लोगों से आगामी 31 मार्च तक अपना नामांकन करवाने का आहवान किया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश धुंआ मुक्त रसोई मुहैया करवाने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है तथा हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के माध्यम से एलपीजी गैस विहीन परिवारों को मुफत में रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किये हैं। उन्होने विकास चर्चा करते हुए कहा कि सटयार खड्ड में लगभग 300 करोड़ रूपये की लागत से चैक डैम निर्मित किया जाएगा जिससे इस क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक पंचायतों में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होने कहा कि इस परियोजना की डीपीआर बनाने का कार्य प्रगति पर है तथा जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ होगा।

भ्राडी में आईपीएच विभाग का मंडलीय कार्यालय स्थापित किया है तथा लगभग सात करोड़ रूपये की लागत से भवन निर्मित किया जा रहा है। रोसो गांव में इंटरलाकिंग टाईल्स लगाई गई हैं, सज्याओ पीएचसी का भवन निर्माण करवाया है। लौंगणी से भ्राड़ी तक तीन सडक़ें स्वीकृत हुई हैं तथा लौंगणी-सज्याओ सडक़ को तीन करोड़ रूपये स्वीकृत करवाए हैं।

इसके अतिरिक्त जहां सज्याओ पिपलू में पशु चिकित्सालय स्थापित किया है तो वहीं यहां के लोहड़ी मेले को जिला स्तरीय दर्जा भी प्रदान किया है। उन्होने कहा कि प्रदेश में जब-जब भाजपा की सरकार आई है तब-तब धर्मपुर विस क्षेत्र का विकास हुआ है तथा यहां पर हुए विकास का सारा श्रेय भाजपा सरकारों को दिया। उन्होने कहा कि 24 जनवरी को मुख्य मंत्री धर्मपुर विस क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं तथा इस दिन वे करोड़ों रूपयों की विकास परियोजनाओं की सौगात क्षेत्र वासियों को देंगे।

इससे पहले प्रदेश बाल कल्याण परिषद की सदस्य वंदना गुलेरिया ने मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथियों को स्वागत करते हुए कैंसर जागरूकता शिविर आयोजन बारे विस्तृत जानकारी रखी।

शरीर में बिना दर्द की गांठ, सूजन या गिल्टी कैंसर हो सकता है-डॉ. प्रियंका
लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज व अस्तपाल नेर चौक की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शरीर में बिना दर्द की गांठ, सूजन या गिलटी कैंसर हो सकता है। उन्होने कहा कि शरीर में अनियंत्रित तरीके से बढऩे वाला सैल कैंसर होता है। समय रहते यदि इस पता चल जाए तो आज कैंसर का ईलाज भी संभव हो गया है। उन्होने कहा कि महिलाओं में स्तन व बच्चे दानी के मुंह का कैंसर प्रमुखता से पाया जाता है।

इसके अलावा फेफडों, आंत तथा गले व मुंह का कैंसर के मामले भी सामने आ रहे हैं। उन्होने कहा कि 20 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाएं प्रत्येक माह स्तन की जांच करें, साल में कम से कम एक बार डॉक्टर की सलाह लें तथा मेमोग्राफी करवाएं ताकि समय पर कैंसर जैसी घातक बीमारी का पता चल सके। उन्होने कहा कि शारीरिक व्यायाम न करना, सेहतमंद भोजन न लेना, दिमागी आराम न होना, अत्यधिक मोटापा इत्यादि के कारण शरीर में कैंसर होने का खतरा बना रहता है।

उन्होंने लोगों से समानुपाति भोजन लेने, वसा व मिठे खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी। साथ ही बीमारी इत्यादि होने पर झोला छाप डॉक्टरों के चक्कर में न पडक़र स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों से इलाज करवाने का भी आहवान किया।

इस अवसर पर आईपीएच मंत्री की धर्मपत्नी प्रोमिला ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की धर्म पत्नी शर्मिला परमार, सदस्य प्रदेश बाल कल्याण परिषद वंदना गुलेरिया के अतिरिक्त धर्मपुर भाजपा मंडलाध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर, भाजयुमो अध्यक्ष राजेश ठाकुर, बीडीसी अध्यक्ष विनोद कुमार, प्रधान सज्याओ पिपलू कमलेश कुमार, सीएमओ डॉ. जीवानंद चौहान, प्रियवर्त शर्मा सहित विभिन्न पंचायतीराज संस्थाओं व महिला मंडलों के प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों ससहित बड़ी संख्या में महिला शक्ति मौजूद रही।

हिमाचल में मंत्रियों तक के साथ होता है जाति आधारित भेदभाव

शिमला।। हिमाचल प्रदेश साक्षरता (शिक्षा नहीं) के मामले में भले ही देश में अग्रणी है मगर यहां लोगों के ऊपर से जातिवाद का भूत नहीं उतर पा रहा। स्कूलों में बच्चों के साथ भेदभाव की खबरें आए दिन आती हैं और परेशान करती हैं। मगर हालात इस कदर खराब हैं कि विधायकों और यहां तक कि मंत्रियों तक को जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

मंत्री डॉ. राजीव सैजल और विधायक विनोद कुमार को नाचन के एक मंदिर में प्रवेश न दिए जाने की घटना के सामने आने पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने दुख जताया है। राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि में इस तरह की घटना से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक व्यवस्था में नागरिकों के समानता की बात करता है।

दरअसल, मंगलवार को विधानसभा में संविधान (एक सौ छब्बीसवां संशोधन) विधेयक 2019 के अनुसमर्थन के लिए बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र में चर्चा के दौरान सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने एक घटना का जिक्र करते हुए मंदिर में प्रवेश न मिलने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री के जिले में विधायक विनोद कुमार के साथ उनके हलके में गया था। वहां एक मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया था।”

डॉक्टर राजीव सैटल

राजीव सैजल का कहना था कि प्राचीन समय में भेदभाव नहीं था। उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम ने निषाद को गले लगकर और शबरी के हाथों से बेर खाकर भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया है। आज भी प्रदेश में जाति के आधार पर भेदभाव है और इसे सवर्ण जाति द्वारा पहल कर दूर किया जा सकता है।”

विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने कहा कि हालात अभी उतने नहीं बदले हैं, जितनी कि उम्मीद थी। उन्होंने कहा, “अब भी दलितों को प्रताडि़त करने की खबरें प्रकाशित होती रहती हैं।”

ठियोग से माकपा विधेयक राकेश सिंघा ने आरक्षण के विधेयक का समर्थन किया और कहा, “आरक्षण को बढ़ाना एक रिव्यू है। आज भी इसकी जरूरत क्यों है यह सोचने वाली बात है। 70 साल बाद भी इस वर्ग को न्याय नहीं दे पाए हैं। मिड डे मील में अलग बिठाया जाना, मंदिरों में प्रवेश न देना व अन्य भेदभाव आज भी जारी है। एससी एसटी के पास जमीन भी 14 फीसद ही है। नौकरियां भी इन वर्गों के पास कम हैं।”

जगत नेगी ने कहा कि आज देश को मनुवादी, रूढि़वादी व छुआछूत से आजादी जरूरी है। उन्होंने कहा, “देश पर 30 फीसद लोग राज कर रहे हैं। जब तक छुआछूत रहेगी, तब तक आरक्षण की जरूरत रहेगी और मानसिकता बदलने की जरूरत है।”

पटवारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का शक, हाई कोर्ट ने CBI को सौंपी जांच

शिमला।। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पिछले दिनों हुई पटवारी परीक्षा में कथित धांधली की जांच सीबीआई को सौंपी है। न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश चंद्रभूषण बारोवालिया की खंडपीठ ने निदेशक लैंड रिकॉर्ड की ओर से दायर शपथपत्र में पाया कि 100 में से 43 प्रश्न वो थे जो पिछली परीक्षाओं में पूछे जा चुके थे।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान आशंका जताई कि कुछ अधिकारियों ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए यह परीक्षा करवाई है। इसी कारण सीबीआई को मामले की जाँच सौंपी गई और अगली सुनवाई तक जाँच पूरी करने का आदेश दिया गया। कोर्ट आठ अप्रैल को मामले मामले की अगली सुनवाई करेगा।

हाईकोर्ट में दायर याचिका में यह आरोप भी लगाया गया था कि परीक्षा केंद्रों में बदइंतजामी के चलते सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों को ग़लत परीक्षा केंद्र दे दिए गए तो कहीं पर दो-दो परीक्षार्थियों को एक ही रोल नंबर दे दिया गया।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रश्न पत्र बांटने में देरी जैसी घटनाएं भी हुईं जिससे परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ हुई हैं। ऐसे में जो लोग इन गड़बड़ियों के चलते परीक्षा नहीं दे पाए, उनके साथ अन्याय हुआ है। पटवारी भर्ती के विज्ञापन के मुताबिक 1194 पदों पर लोग रखे जाने थे।

मंत्री महेंद्र सिंह के बेटे ने श्रम ऑफिस जाकर धमकाईं महिला कर्मचारी, वीडियो वायरल

रितेश चौहान, मंडी।। अक्सर बड़ी-बड़ी बातें करने के लिए चर्चित हिमाचल प्रदेश के सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर सरकारी वाहनों के दुरुपयोग, गलत ढंग से पैसे रीइंबर्स करवाने, पत्नी के नाम पर बने होटल का हिस्सा अवैध निकलने पर नियम बदलवाने और अपने इलाके में अपनी जगह बेटे से उद्घाटन व शिलान्यास आदि करवाने जैसे कई आरोप लग चुके हैं।

इन सब मामलों पर पार्टी आलाकमान और शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी के बाद अब नया मामला सामने आया है जो प्रदेश सरकार को असहज कर सकता है। दरअसल सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने लगे हैं जिसमें महेंद्र सिंह के बेटे रजत ठाकुर एक दफ़्तर में बैठे हैं और किसी बात को लेकर महिला कर्मचारियों और अन्य से उलझे हुए हैं।

इस दौरान वह महिलाओं को प्रधानों के साइन करके शिकायत करने और फिर चंबा और सिरमौर तबादला करने की धमकी दे रहे हैं। किसी ने छिपकर यह वीडियो बनाया है जिसमें कुछ जगह सिर्फ़ आवाज़ सुनाई देती है। दो हिस्सों के एक वीडियो में बीच में रजत ठाकुर कुर्सी पर बैठे नज़र आते हैं। दुख की बात यह है कि रजत की धौंस भरी बातों से तंग महिलाएँ रोने लगती हैं और एक तो नौकरी छोड़ देने की बात करती हैं।

हालाँकि, रजत ठाकुर ने कहा है कि उन्होंने कोई गाली गलौज नहीं की। उन्होंने कहा कि वह काम से मंडी में श्रम विभाग के दफ़्तर गए थे और वहाँ कॉमरेड और कर्मचारी एक ही हो गए हैं। अब इस वीडियो को लेकर कर्मचारी संगठनों से लेकर राजनीतिक पार्टियाँ तक सक्रिय हो गई हैं।

पहला हिस्सा, जिसमें प्रधानों से साइन करवाकर लाने और ट्रांसफ़र की धमकी दी गई:

दूसरा हिस्सा जिसमें महिलाएँ रोती हुई सुनाई दे रही हैं:

क्या है मामला
रजत ठाकुर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी भी हैं। आरोप है कि वह श्रम विभाग के कार्यालय गए और उन्होंने दो महिला कर्मचारियों से अभद्र भाषा में बात की। वह कुर्सी पर बैठे रहे जबकि महिला कर्मचारी खड़ी रहीं। महिलाएँ वीडियो में रोती हुई भी सुनाई दे रही हैं। आरोप है कि बाद में श्रम अधिकारी और श्रम निरीक्षक वहाँ आए तो रजत ने उन्हें भी निर्देश दिए।

इस मामले को लेकर अब कांग्रेस, सीटू, भाकपा और धर्मपुर न्याय मंच जैसे संगठन आए आए हैं। इस संबंध में सीटू के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके संगठन के एक कार्यकर्ता ने ये वीडियो बनाए हैं। सीटू का दावा है कि इन वीडियो में दिखता है कि रजत ठाकुर ने श्रम मंत्रालय के कर्मचारियों पर दबाव डाला कि राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से मिल रही सहायता वह लाभ उनकी पार्टी से जुड़े प्रधानों के कहे अनुसार जारी करें वरना स्टाफ़ का तबादला कर दिया जाएगा।

आरोप है कि इसी दौरान रजत ठाकुर ने तमन्ना शर्मा और हेमलता शर्मा को चबा और सिरमौर ट्रांसफ़र करने की धमकी दी, निराधार आरोप लगाए और बदतमीज़ी से बात की। इससे तंग आकर महिलाएँ रोने लगीं और नौकरी से इस्तीफ़ा देने तक की बात करने लगीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान वहाँ श्रम अधिकारी पीसी ठाकुर और श्रम निरीक्षक भावना शर्मा भी थीं।

क्या बोले रजत ठाकुर
रजत ने कहा कि वह काम से श्रम विभाग के दफ़्तर गए थे और उन्होंने किसी को गाली वग़ैरह नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारी एक-एक फ़ॉर्म का एक हज़ार ले रही हैं। रजत ने पत्रकारों को बताया कि धर्मपुर की 50 पंचायतें फ़ॉर्म भरकर दे रही हैं तो क्यों 15 को ही लाभ क्यों मिल रहे हैं? उन्होंने ‘श्रम मंत्रालय के कर्मचारियों की कॉमरेडों से साँठगाँठ’ का आरोप लगाया और कहा कि बाक़ी पंचायतों के फ़ॉर्म दबा दिए जाते हैं।

रजत का दावा है कि इस ऑडियो वीडियो से कई बातें काट दी गई हैं। उनका कहना है कि सरकारी दफ़्तर जाकर काम को लेकर पूछना ग़लत नहीं है। रजत ठाकुर कुछ भी कहें मगर धौंस दिखाकर ट्रांसफ़र करने की दमकी देना कहां तक सही है? यह पहला मामला नहीं है जब महेंद्र सिंह परिवार पर पद के दुरुपयोग और सत्ता में होने का लाभ उठाकर दबाव बनाने समेत कई आरोप लगे हैं। इससे पहले की कुछ ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर पढ़ सकते हैं।

आप होते तो क्या करते? अस्पताल में भीड़ के साथ जाकर जोर-जोर से बोलकर गप्पबाजी में व्यस्त रहते या आपके पैर छूने के लिए बिस्तर से उठ रही बीमार महिला को रोकते?

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಸೋಮವಾರ, ಜನವರಿ 6, 2020

हिमाचल में ऐसे हो रही ऑनलाइन ठगी, जानें क्या है बचने का तरीका

कांगड़ा पुलिस की ओर से ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जारी किया गया संदेश-

1. आजकल साइबर अपराधियों ने पैसा ऐंठने का एक नया तरीका निकाला है | साइबर अपराधियों के द्वारा आपकी फेसबुक प्रोफाइल से आपकी फोटो डाउनलोड करके एक न्यू फेसबुक प्रोफाइल बना दी जाती है और फिर उसमें उन्ही लोगो को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है जो आपकी असली प्रोफाइल में है। अक्सर लोग आपकी प्रोफाइल समझ कर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते है | उसके बाद साइबर अपराधियों द्वारा आपकी फ्रेंड लिस्ट में ऐड लोगो को फेसबुक मेसेन्जर के जरिये पर्सनल चैट में मैसेज किया जाता है कि वह किसी परेशानी मे फंस गया है या कोई ऐसा कारण वताया जाता है जिससे आपको लगता है कि वह व्यकित वहुत परेशान है व पैसों की बहुत सख्त जरूरत है और आर्थिक सहायता मांगी जाती है साथ ही एक PAYTM न0 या अन्य खाता न0 दिया जाता है जिसमे पैसे जमा करवाने वारा कहा जाता है।

2. फेसबुक प्रोफाइल की तरह आपके Whats app प्रोफाइल पर किसी मोवाईल नम्वर के माध्यम से किसी भी प्रकार का एक लिंक शेयर किया जाता है जिसे आम जनता विना सोचे समझे उस लिंक को खोल देती है जिस कारण लिंक भेजने वाला व्यकित लिंक खोलने वाले व्यकित का डाटा sync कर लेता है या क्लोन वना लेता है । साथ ही फोटो डाउनलोड करके एक न्यू Whats app प्रोफाइल बना दी जाती है और फिर उसमें उन्ही लोगो को मैसेज भेजा जाता है जो ज्यादा जानकार होते हैं । अक्सर लोग आपकी प्रोफाइल फोटो को देख कर यही समझ लेते है कि वे आपसे ही चैट कर रहे है | उसके बाद साइबर क्रिमिनल द्वारा आपकी Whats app के जरिये पर्सनल चैट में कहा जाता है कि वह किसी परेशानी मे फंस गया है या कोई ऐसा कारण वताया जाता है जिससे आपको लगता है कि वह व्यकित वहुत परेशान है व पैसों की बहुत सख्त जरूरत है और आर्थिक सहायता मांगी जाती है साथ ही एक PAYTM या अन्य खाता न0 दिया जाता है जिसमे पैसे जमा करवाने वारा कहा जाता है |

इस प्रकार की कोई सुचना मिलने पर हम सभी एकदम भावुक हो जाते है सहायता करने की भावना से विना सोचे समझे जल्दवाजी मे दिए गए खाता मे पैसा ट्रान्सफर कर देते हैं और एक बहुत बड़े फ्रॉड का शिकार हो जाते है |

भविष्य मे यदि आपको कोई ऐसी काल या मैसेज आता है तो कृपया पैसे जमा करवाने से पहले अपने दोस्त या रिश्तेदार जिसकी facebook I’d से मैैसेज आया है, उससे फोन करके कंफर्म कर लें।

धन्यवाद
कांगड़ा पुलिस।

शिमला: ऐसे मनाया गया देवता चतरखण्ड पंचवीर का जन्मदिन

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के ब्रांदली नामक स्थान में हजारों लोगों ने मनाया देवता का जन्म दिन। क्षेत्र के प्रसिद्ध देवता चतरखंड पंचवीर नववर्ष के आगमन पर विधि विधान से जन्मदिन मनाते हैं।

मान्यता है कि देवता का जन्मदिन मनाने ब्रांदली देवता मंदिर पहुंचने पर लोगों की मनोकामना पूरी होती है। इस दौरान देवता के पुजारी ‘भविष्यवाणी’ करते हैं कि आने वाला साल कैसा रहेगा।

इस मौके पर लोग जश्न भी मनाते हैं। इसमें शिकरत करने के लिए दूर दूर से लोग पहुंचते हैं।

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के ब्रांदली में हजारों लोगों ने मनाया क्षेत्र के प्रसिद्ध देवता चतरखंड पंचवीर का जन्मदिन।

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಗುರುವಾರ, ಜನವರಿ 2, 2020

कौन हैं ICC के अंपायर पैनल में शामिल होने वाले हिमाचली वीरेंद्र शर्मा

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर गांव पुरली कक्कड़ में जन्मे 49 वर्षीय वीरेंद्र शर्मा इस वर्ष बीसीसीआई की ओर से आईसीसी अंपायर्स पैनल के लिए चयनित होने वाले इकलौते अंपायर हैं।

वीरेंद्र शर्मा इस मुकाम पर पहुंचने वाले प्रदेश के पहले व वर्तमान में देश के चौथे अंपायर बन गए है। उनसे पहले शमशुद्दीन, अनिल चौधरी व नितिन मेनन भारत की ओर से आईसीसी में पहुंचे थे।

वीरेंद्र शर्मा ने अपना क्रिकेट करियर हमीरपुर जिला से बतौर अंडर-17 खिलाड़ी के रूप में शुरू किया था। तत्पश्चात अंडर-19 खेलते हए वर्ष 1991से 50 के करीब रणजी मैचों में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया और वहीं वर्ष 2001 से दो वर्षों तक हिमाचल की रणजी टीम के कप्तान भी रहे।

2007 में एचपीसीए के प्रदेश स्तरीय अंपायर पैनल में पर्दापण किया तब से लेकर आईसीसी के पैनल में चयनित होने तक इन बारह वर्षों में वीरेंद्र शर्मा अब तक 75 के करीब फर्स्ट क्लास मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं और साथ ही वर्ष 2015 से आईपीएल में भी लगभग 30 मैचों में बतौर ऑन फील्ड व थर्ड अंपायर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके है।

वर्ष 2019 में बीसीसीआई के घरेलू अंपायरिंग पैनल में वीरेंद्र शर्मा को अंपायरिंग के लिए प्रथम रैंकिंग का दर्जा प्राप्त है। आईसीसी अंपायर बनने के पश्चात वरिंद्र शर्मा को अगले महीने भारत में होने वाली श्रीलंका के T20 मैच सीरीज व साथ ही ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाली घरेलू वनडे सीरीज में भी अंपायरिंग करने की जानकारी आईसीसी के तरफ से मिल चुकी है।

भारत सरकार के लोक उपक्रम “इंजीनिरिंग इंडिया लिमिटेड” में कार्यरत वीरेंद्र शर्मा अपने पिता स्वर्गीय रुलिया राम शर्मा को अपना प्रथम गुरु व मार्गदर्शक मानते हैं उनके इस चयन पर उनके परिवार के सदस्य माता शकुंतला,पत्नी सारिका शर्मा व बेटी वेरोनिका भी हर्षिउत्त्साहित हैं।

क्या बोले वीरेंद्र शर्मा
“आईसीसी अंपायर्स पैनल में चयनित होने पर मैं बहुत खुश हूं। वर्ष 1987 से एक क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में करियर की शुरुआत की थी और 2007 में तत्कालीन एचपीसीए के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर जी की प्रेरणा से अंपायरिंग प्रारम्भ की। अनुराग ठाकुर मेरे क्रिकेटिंग करियर में हमेशा मार्गदर्शक के रूप में रहेंगे। वही मैं बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल, जिला हमीरपुर के अध्यक्ष प्रेम ठाकुर, एचपीसीए प्रबंधन व बीसीसीआई प्रबंधन का अपने इस चयन पर विशेष आभार व्यक्त करता हूं।”

एचपीसीए ने क्या कहा
एचपीसीए सचिव सुमीत शर्मा ने वीरेंद्र शर्मा का चयन आईसीसी अंपायर्स पैनल में होने को एचपीसीए के लिए बेहद खुशी का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “वीरेंद्र के चयन के लिए मैं बीसीसीआई के साथ-साथ विशेषकर कोषाध्यक्ष अरुण धूमल जी का भी आभार व्यक्त करता हूं। उनके इस चयन से हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ के सभी सपोर्टिंग स्टाफ को भी प्रोत्साहन मिलेगा।”

सुमीत ने कहा, “यही नहीं, हाल ही में एचपीसीए के अंपायर अमित राणा का भी बीसीसीआई घरेलू अंपायरिंग पैनल में चयन हुआ है। साथ ही हिमाचल की 4 महिला क्रिकेट खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के टूर पर भारतीय टीम का हिस्सा है। ऐसी उपलब्धियां प्रदेश के अन्य युवाओं, खिलाड़ियों व सपोर्टिंग स्टाफ को अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढने में कारगर भूमिका अदा करेंगी।”

बिजली विभाग में 3034 पद भरेगी हिमाचल सरकार

शिमला।। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड में कनिष्ठ अभियंता के 270, जूनियर ड्राफ्ट्समैन के 125, विभिन्न तकनीकी कर्मचारियों के 2040 पद, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी के 575 और विधि अधिकारी के 3 पद भरने की स्वीकृति दी है।

इस तरह सरकार ने बोर्ड में कुल 3034 पद भरने को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार राज्य में श्रेष्ठ विद्युत आपूर्ति सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम ने कहा कि सरकार राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड का आधारभूत ढांचा और सुदृढ़ करने के साथ रिक्त पद भरने को ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के इस निर्णय से विद्युत वितरण में आ रही समस्याओं का समाधान होने के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

हिमाचल में भरे जाएँगे सैकड़ों ख़ाली पद, जानें कैबिनेट के अहम फ़ैसले

घरवालों ने झाडफूंक के लिए तांत्रिक के पास भेजी बेटी, बलात्कार

काँगड़ा।। ज्वालामुखी उपमंडल के चंगर क्षेत्र में झाड़ फूंक से इलाज करने की आड़ में नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।

शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 29 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस द्वारा उसे फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। डीएसपी तिलकराज ने मामले की पुष्टि की है।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार चंगर क्षेत्र की नाबालिग पिछले 3 वर्ष से बीमार थी। परिजन अस्पताल में इलाज करवाने की जगह एक तांत्रिक से 6 माह से झाड़ फूंक करवा रहे थे।

आरोप है कि दो दिन पहले जब पीड़िता इलाज करवाने गई थी तो उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने परिजनों को बताया और मामला दर्ज करवाया। अभी पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है। तांत्रिक पिछले 15 वर्षों से यहीं रह रहा है।

यह स्थिति हिमाचल प्रदेश की है जो शिक्षा के मामले में देश में अग्रणी है। मगर अभी भी प्रदेश के कई हिस्सों में लोग बीमार होने पर, ख़ासकर मानसिक समस्या होने पर अस्पतालों के बजाय तांत्रिक, चेलों और ओझाओं के पास जाते हैं।