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Monday, April 13, 2026
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हिमाचल बोर्ड ने जांच में पाया- अध्यापकों ने ढंग से जांचे बिना ही दे दिए थे जीरो नंबर

शिमला।। 12वीं की वार्षिक परीक्षा में हमीरपुर के दरब्यार और पौहंज स्कूल की पूरी कक्षाएं ही गणित विषय में फेल कर दी गई थीं। बच्चों की ओर से आरटीआई से जानकारी लेने के बाद शिक्षा बोर्ड ने दोनों ही स्कूलों के सभी विद्यार्थियों को पास घोषित कर दिया था। अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जांच में पता चला है कि पेपर चेक करने वाले अध्यापकों ने बिना ढंग से पेपर चेक किए बिना ही बच्चों को जीरो नंबर दे दिए थे। बोर्ड ने गलत मूल्यांकन करने वाले अध्यापकों के नाम प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय को भेज दिए हैं। अब इन पर कार्रवाई निदेशालय को करनी होगी।

मामले की जांच के लिए बोर्ड के उच्च अधिकारियों की देखरेख में एक जांच कमिटी बना गई थी। पूरी जांच के बाद ही रिपोर्ट को बोर्ड सचिव और अध्यक्ष को सौंपा गया है। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च में दसवीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं ली थीं। 24 अप्रैल को 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित किया गया था। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरब्यार और पौहंज की गणित विषय की पूरी क्लास फेल हो गई।

आलम यह रहा कि इनमें से एक छात्र (दरब्यार स्कूल का स्टूडेंट शिवम) ने जेईई की परीक्षा पास की थी। जब छात्रों को संदेह हुआ कि जीरो नंबर कैसे आ गए, उन्होंने आरटीआई के जरिए आवेदन किया। इसके बाद सभी 6 स्टूडेंट्स न सिर्फ पास हुए बल्कि फर्स्ट डिविजन में पास हुए। पौहंज स्कूल ने भी आरटीआई से आवेदन किया तो यहां भी पूरी क्लास पास हो गई।

दोषी अध्यापकों को मिलनी चाहिए कड़ी सजा
दरअसल सब एग्जामिनर (जिसका काम पेपर चेक करना होता है), हेड एग्जामिनर (जो रैंडमली यह चेक करता है कि सब एग्जामिनर्स नियमों के आधार पर मूल्यांकन कर रहे हैं या नहीं) और चेकिंग असिस्टेंट (जिसका काम रैंडमली यह चेक करना है कि सब एग्जामिनर दिए गए अंकों का जोड़ वगैरह सही है या नहीं) से यह बड़ी चूक हुई है। इस मामले में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी अब शिक्षा निदेशालय की है। यह साफ लापरवाही का मामला है और बच्चों का मनोबल तोड़ने वाला काम भी है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई किया जाना जरूरी है ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अध्यापकों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। ऐसा करना इसलिए भी जरूरी है ताकि भविष्य में पेपर चेकिंग करने वाले अध्यापक लापरवाही बरतने से पहले सौ बार सोचें। इस तरह के मामले पहले भी देखने को मिलते रहे हैं और लापरवाही पाए जाने पर ऐसे अध्यापकों को ज्यादा से ज्यादा पेपर चेकिंग से रोक दिया जाता। मगर जानकारों का कहना है कि यह सजा काफी नहीं है।

 

रिस्क उठाया और स्वरोजगार के मामले में मिसाल बनीं पालमपुर की रेणु

कांगड़ा।। सरकारी नौकरी के भरोसे तो हमेशा बैठ नहीं सकते, ऐसे में रोजगार के लिए क्या किया जाए? In Himachal अब तक आपको बताता रहा है कि किस तरह से आप स्वरोजगार के जरिए अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए हम आपको पालमपुर की रेणु देवी के बारे में बताने जा रहे हैं। कांगड़ा जिले के पालमपुर तहसील में स्थित बगोड़ा गांव की रेणु देवी ने अपने दृढ़निश्चय और आत्मविश्वास के बदौलत अलग पहचान बनाई है। रेणु ने जिदंगी की तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपने घर की आर्थिक स्थिति को बदल डाला है।

ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘Samachar First’ के मुताबिक रेणु ने घर के हालात को ठीक रखने के लिए अपने पति के साथ खेतीबाड़ी में हाथ बंटाना शुरू कर दिया, परन्तु दोनों मिलकर भी इतना नहीं कमा पाते थे कि अपने परिवार की सही ढंग से परवरिश कर सकें। ऐसे में रेणु को PNB की धर्मशाला स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा चलाए गए उद्यमिता जागरूकता शिविर में करवाये जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में जानकारी हासिल की और तुरन्त 6 दिन के डेयरी फार्मिंग के प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर दिया।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग लेने के बाद रेणु ने अपने पति के साथ लगभग 3 लाख रुपये की पूंजी लगाकर डेयरी फार्मिंग का कार्य शुरू किया। मेहनत और प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान की बदौलत आज रेणु ने 6 गाय और 2 भैंसेें पाल रखी हैं, जिससे लगभग डेढ़ क्विंटल दूध प्राप्त हो रहा है। इससे वे हर महीने लगभग 35 से 40 हजार रुपये कमा रहे हैं। रेणु के पति देसराज का कहना है कि रेणु के आत्मविश्वास ने उनके परिवार की जिन्दगी बदल दी है।

आप भी ऐसे बढ़ा सकते हैं कदम
PNB ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक कमल प्रकाश बताते हैं कि संस्थान जरूरतमंद एवं इच्छुक लोगों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए फ्री ट्रेनिंग देता है, ताकि वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर हो सकें। वे बताते हैं कि संस्थान 18 से 45 वर्ष तक की महिलाओं और पुरूषों को डेयरी फार्मिंग, खुंब उत्पादन, सब्जी नर्सरी प्रबंधन और सब्जियों की खेती, आलू एवं प्याज की खेती और प्राकृतिक संरक्षण, अचार और पापड़ बनाना, खिलौने बनाना, डुने पत्तल बनाना, कपड़े के बैग बनाना और मोबाइल रिपेयरिंग जैसे विभिन्न रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करता है और प्रशिक्षण की समाप्ति पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र दिए जाते हैं, जिसके द्वारा वे स्वरोजगार हेतु जिला कांगड़ा के किसी भी बैंक से ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

युवक द्वारा सुसाइड करने के मामले में SHO की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, कांगड़ा।। ज्वाली उपमंडल के तहत लुधियाड गांव के युवक द्वारा आत्महत्या करने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इलाके के लोग एक ही मांग पर अड़े हुए हैं कि ज्वाली के एसएचओ सुरजीत कुमार को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। सड़क पर जाम लगाते भारी संख्या में लोग इन मांगों को लेकर इलाके के लोगों ने रोहित भागवत के नेतृत्व में आज 3 बजे लब चौक पर चक्का जाम कर दिया जो करीब 7 बजे तक जारी रहा। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।।

नारेबाजी कर रहे लोगों का कहना था कि इस केस में जितने लडके व लडकियां जिम्मेदार है, उतना ही ज्वाली का एसएचओ भी जिम्मेदार है। ऐसे में पुलिस अधिकारी पर भी धारा 306 के तहत केस दर्ज होना चाहिए। वहीं मृतक लडके के परिजनों का आरोप था कि उनका लडका बेकसूर था और कुछ लडकों ने जानबूझ कर उसे पहले लडकियों से पिटवाया फिर एसएचओ सुरजीत कुमार ने बिना पूछताछ उनके लडके को गाली-गलौच करते हुए बुरी तरह पीटा।

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परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस थाने में कोई शिकायत नहीं थी तो पुलिस ने उनके लडके को क्यों पीटा। इसके बाद साजिश के तहत उनके लडके को अपमानित करने को लेकर अखबार में जानबूझ कर खबर छपवा दी जिससे उनका लडका डिप्रेशन में चला गया। ऐसे में उसने शर्म महसूस करते हुए आत्महत्या कर ली। चक्का जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी नवदीप सिंह, एसडीएम शशिपाल शर्मा, तहसीलदार ज्वाली मुनीश चौधरी मौके पर पंहुचे तथा सडक पर बैठे लोगों को समझाया कि एसएचओ को संस्पेंड कर दिया गया है तथा उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बिठा दी गई है। यह भरोसा भी दिलाया गया कि पत्रकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: कंगना रणौत ने शेयर की योग करते वक्त खींची गई तस्वीरें

इन हिमाचल डेस्क।। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज भारत समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लाखों लोगों ने योगाभ्यास किया। हिमाचल प्रदेश में भी कई जगहों पर राजनेताओं और अन्य हस्तियों ने योग किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वालीं बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कंगना रणौत भी पीछे नहीं रहीं। उन्होंने भी योगाभ्यास करते हुए कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। उनकी टीम द्वारा संभाले जाने वाले फेसबुक पेज ‘Team Kangana Ranaut’ पर इन तस्वीरों को शेयर किया गया है।

 

कंगना ने इस मौके पर न सिर्फ योग करते हुए अपनी तस्वीरें डाली हैं बल्कि अपने योगगुरु के साथ भी तस्वीर पोस्ट की है जिनके मार्गदर्शन में वह योग करती हैं। कंगना ने लिखा है कि योगगुरु सूर्य नारायण सिंह से वह पिछले 10 साल से योग सीख रही हैं। इतने लंबे समय से अगर कोई लगातार योग करे तो जाहिर है वह फिट होगा ही। कंगना ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उनसे पता चलता है कि वह कितनी फिट हैं। जाहिर है, इस फिटनस का श्रेय भी योग को दिया जा सकता है। देखें:

कंगना के पेज पर लिखा गया है कि वह पिछले 10 सालों से योग कर रही हैं।

 

योग न सिर्फ मानसिक चुस्ती-फुर्ती देता है बल्कि शरीर को भी स्वस्थ रखता है

 

फिल्मी सितारों की जिंदगी बहुत व्यवस्त होती है। संभव है कि योग से उन्हें हमेशा चुनौतियों के लिए तैयार रहने की ऊर्जा मिलती हो।

 

ये हैं कंगना को योग सिखाने वाले योगगुरु सूर्य नारायण सिंह।

ललित सिंह का नया गाना ‘शिमला की यादें’ रिलीज

शिमला।। पहाड़ी प्रॉजेक्ट के तहक ढाटू, तांत्रा और ओ रे जालिमा जैसे गाने ला चुके ललित सिंह ने यूट्यूब पर अपने नए गाने – शिमला की यादें का ऑडियो वर्जन जारी किया है। ललित का कहना है कि उनका यह गाना शिमला में रहने को दौरान बनी यादों को समर्पित है। इस गाने में हमेशा की तरह उन्होंने पहाड़ी के बोल भी शामिल किए हैं। गाने के बोल में शिमला में बिताए गए वक्त को याद किया गया है।

नीचे सुनें ‘शिमला की यादें’ गाने का ऑडियो वर्जन:

कॉमेंट करके जरूर बताएं, कैसा लगा।

युवक पर पशु चराने गई नाबालिग लड़की से रेप का आरोप

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, ज्वाली।। कांगड़ा जिले के ज्वाली उपमंडल में में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ रेप का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां पर एक गांव में रहने वाली दो सगी बहनें पशुओं को चराने जंगल गई थीं। वहीं पर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

आरोप है कि जब दोनों नाबालिग बहनें जंगल में पशु चरा रही थीं, तब वहां एक और युवक पशुओं को चरा रहा था। उसने दोनों में से छोटी बहन से कहा कि मेरे पशुओं को भी चराओ। इसके बाद युवक उसकी बड़ी बहन को किसी बहाने से वहां से दूर ले गया और उसके साथ रेप किया।

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अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे डीएसपी नूरपुर नवदीप सिंह ने बताया है कि शिकायत मिलने के आधार पर  376  और POCSO के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

महिला ने ‘पति’ पर लगाया अश्लील फोटो अपलोड करने का आरोप

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, नाहन।। नाहन में एक महिला ने एक शख्स के ऊपर फेसबुक पर अश्लील फोटो अपलोड करने का आरोप लगाया है। इस शख्स को महिला अपना पति बता रही है। पुलिस को दिए गए बयान में इस महिला ने बताया है कि वह और उसका पति भरत भूषण उसके साथ कालाअंब के एक कॉलेज में साथ पढ़ते थे। पहले इनमें दोस्ती हुई इसके बाद 30 अप्रैल 2016 को शादी का वायदा किया। उसके बाद 22-23 अगस्त 2016 को भरत भूषण इसे पहली बार होटल नटराज ले गया, जहां पर उसने इसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

शिकायत के मुताबिक 18 अक्तूबर 2016 को त्रिलोकपुर स्थित महामाया बालासुंदरी मंदिर में बिना किसी गवाह के दोनों ने शादी कर ली। महिला का कहना है, ‘जब मैनें शादी को रजिस्टर्ड करने की बात कही तो भरत भूषण ने झूठ बोलकर एक फर्जी ईमेल आईडी से कोर्ट मैरिज के कागजात दिखाएं व मुझे गुमराह करता रहा। एक दिन भरत भूषण ने कमरे में खींची गई अर्धनग्र तस्वीरें फेसबुक पर डालने लगा।’

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पुलिस ने आईपीसी की धारा 67, 67ए और आईटी ऐक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है।

होशियार सिंह मामले में हाई कोर्ट ने विभिन्न अधिकारियों को भेजा नोटिस

शिमला।। फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर हाईकोर्ट ने करसोग में बड़े पैमाने पर वन कटान को लेकर मुख्य सचिव समेत वन विभाग और डिस्ट्रिक्ट ऐडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने इस मामले में खुद संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की बेंच ने चीफ सेक्रेटरी, प्रधान सचिव वन, प्रधान अरण्यपाल, डीसी और एसपी मंडी समेत जिले के सीएफ और डीएफओ को 27 जून तक पक्ष रखने के लिए कहा।

दरअसल विभिन्न अखबारों और मीडिया में वनरक्षक की मौत की खबरें आई थीं। इसके बाद जब फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने सेरी कतांडा बीट का दौरा किया था तो देवदार कते पेड़ों के ठूंठ मिले थे। साथ ही कुछ स्लीपर भी मिले थे। कोर्ट ने इन्हीं खबरों पर संज्ञान लिया है।

शिमला नगर निगम: पहली बार बने बीजेपी के मेयर और डेप्युटी मेयर

शिमला।। शिमला नगर निगम में पहली बार मेयर और डेप्युटी मेयर बीेजपी के चुने गए हैं। मंगलवार को हुए मतदान में मेयर पद पर कुसुम सदरेट और डेप्युटी मेयर के पद पर राकेश शर्मा की जीत हुई। खास बात यह रही कि कांग्रेस के एक पार्षद ने बीजेपी के पक्ष में वोट दिया। साथ ही माकपा के पार्षद सदन से गैरहाजिर रहे। एक वोट को अवैध भी घोषित किया गया। मेयर के लिए बीजेपी को 19 और कांग्रेस को 13 वोट मिले और डेप्युटी मेयर के लिए बीजेपी को 20 और कांग्रेस को 13 वोट मिले।

बीजेपी की तरफ से मेयर पद के लिए कुसुम सदरेट और डिप्युटी मेयर के लिए राकेश शर्मा के नाम दिए गए थे वहीं कांग्रेस ने मेयर पद पर सिमी नंदा और डेप्युटी मेयर पद पर आनंद कौशल का नाम दिया था। पहले मेयर और उसके बाद डिप्टी मेयर के लिए वोटिंग हुई। जीत के बाद बीजेपी ने निकाली और उपायुक्त कार्यालय के बाहर पटाखे छोड़े। इसके बाद रैली भी निकाली गई।

नगर निगम के कार्यकाल के पहले ढाई साल में मेयर का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रखा गया है।इसके बाद के ढाई साल का कार्यकाल अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होगा। अनुसूचित जनजाति से पार्षद नहीं मिलने की स्थिति में सामान्य वर्ग के पार्षद को मेयर बनने का मौका मिल सकता है। शिमला नगर निगम को दिसंबर 2019 में नया मेयर मिलेगा।

शिमला नगर निगम चुनाव: बचत भवन में देखने को मिला हाई वोल्टेज ड्रामा

शिमला।। शिमल नगर निगम चुनाव के नतीजे तो आ गए मगर राजनीतिक ड्रामा अब देखने को मिल रहा है। सोमवार को नए चुने गए पार्षदों ने बचत भवन में शपथ ग्रहण की। मेयर और डेप्युटी मेयर का चुनाव मंगलवार के लिए टलने के बाद अजीब हालात बने। पहले तो बीजेपी कार्यकर्ता नारे लगाने लगे, जिनमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजीव बिंदल भी थे। इस पर वहां मौजूदा शिमला से बीजेपी के विधायक सुरेश भारद्वाज ने उन्हें टोक दिया। अमर उजाला के मुताबिक दोनों में वहां बहस हुई और इसके बाद बिंदल वहां से चले गए।

Courtesy: Amar Ujala

यह तो ड्रामे की शुरुआत भी थी। अमर उजाला के मुताबिक जैसे ही मेयर और डेप्युटी मेयर का चुनाव अगले दिन के लिए टला, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने समर्थन प्राप्त पार्षदों को बचत भवन में ही रोके रखा। इसके बाद उन्हें ह्यूमन चेन बनाकर ऐसे बाहर निकाला मानो कोई खतरा हो। रिपोर्ट के मुताबिक 19 पार्षदों को यहां से 3 छोटी गाड़ियों में ठूंसकर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया।

Courtesy: Amar Ujala

इस मौके पर सतपाल सत्ती, बिंदल और भारद्वाज समेत कई नेता मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी विधायक भारद्वाज का कहना है कि कांग्रेस सरकार हमारे पार्षदों की खरीद-फरोख्त कर सकती है, इसलिए हम अपने पार्षदों को निगरानी में रख रहे है।