फर्जी परमिट के साथ ले जाई जा रही 900 पेटी शराब विजिलेंस ने पकड़ी

ऊना।। ऊना जिला मुख्यालय में विजिलेंस ने फर्जी परमिट के साथ ले जाई जा रही शराब की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। शुक्रवार रात को विजिलेंस की टीम ने 900 पेटी देसी शराब पकड़ी है। फर्जी परमिट के साथ शराब की यह बड़ी खेप एक ट्रक में भरकर ले जाई जा रही थी, लेकिन विजिलेंस की टीम ने ऊना शहर में पुराना होशियारपुर रोड पर ट्रक को पकड़ लिया।

विजिलेंस की टीम ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है। परमिट के आधार पर यह शराब सिरमौर जिले से लाकर ऊना जिले में पहुंचाई जानी थी।

मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम विजिलेंस की टीम जिला मुख्यालय के पुराना होशियारपुर रोड पर गश्त कर रही थी। तभी एक तेज रफ्तार से आते ट्रक को शक के आधार पर रोका गया। जब ट्रक की जांच की गई, तो बड़ी संख्या में शराब की पेटियां थी। विजिलेंस टीम के परमिट मांगने पर चालक ने परमिट दिखाया।

इसके बाद जब विजिलेंस टीम ने आबकारी विभाग से परमिट की सत्यता की जांच करवाई, तो परमिट फर्जी निकला। जिसके बाद विजिलेंस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। विजिलेंस डीएसपी अनिल मेहता ने बताया कि मामले में जांच जारी है। चालक से पूछताछ की जा रही है।

धोखाधड़ी: फर्जी सर्टिफिकेट से अधिकारी के पद तक पहुंच गया होमगार्ड

सिरमौर।। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक अधिकारी पर सरकारी दस्तावेज से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। आरोप है कि सिरमौर जिले में गृहरक्षा विभाग की चतुर्थ वाहिनी नाहन की एक कंपनी में तैनात एक अधिकारी ने आयु का गलत प्रमाण पत्र देकर इस पद पर पहुंचने का लाभ उठाया है। जिला होमगार्ड कमांडेंट की शिकायत पर रेणुका पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि होमगार्ड अधिकारी के चरित्र व सेवा पुस्तिका के आधार पर जन्म तिथि 12 सितंबर 1964 है। जबकि, भर्ती की तिथि 24 नवंबर 1984 है। इसके आधार पर वर्ष 2022 में होमगार्ड अधिकारी के 58 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार भर्ती के 33 साल बाद 6 दिसंबर 2017 को उक्त अधिकारी ने पत्र के माध्यम से ऑफिस को बताया कि संस्था के रिकॉर्ड में उसकी जन्म तिथि गलत लिखी गई है। मूल शिक्षा प्रमाण पत्र के आधार पर उसकी असल जन्म तिथि 26 सितंबर 1967 है। इस आधार पर उक्त अधिकारी ने जन्म तिथि को ठीक करने का आग्रह किया।

इसके बाद जब मामले की विभागीय जांच हुई तो कुछ और ही सामने आया। जांच में पाया गया कि यदि इस जन्म तिथि को सही माना जाता है तो अधिकारी 1984 में भर्ती होने के समय अवयस्क था। ऐसे में वह नियमानुसार संस्था में भर्ती नहीं हो सकता था। इस वजह से जन्म तिथि पर सवाल उठे हैं।

अधिकारी पर आरोप है कि उसने विभाग को अपनी आयु का गलत प्रमाण पत्र देकर नौकरी के साथ-साथ पदोन्नति का लाभ भी प्राप्त किया है। 1984 में वह बतौर होमगार्ड कर्मी भर्ती होने के बाद अब तक पदोन्नति का लाभ भी लेता रहा है। विभागीय जांच में उक्त अधिकारी दोषी पाया गया है।

इस बारे डीएसपी संगड़ाह शक्ति सिंह ने बताया कि कमांडेंट होमगार्ड जिला सिरमौर की ओर से शिकायत मिली है। आरोपी होमगार्ड अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। मामले में कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

हिमाचल: सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिवाली के बाद ही मिलेगी स्मार्ट वर्दी

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विद्यार्थियों को अब दिवाली के बाद ही यह वर्दी मिल पाएगी। बता दें कि अब आचार संहिता खत्म होने के बाद ही स्मार्ट वर्दी का आबंटन होगा।

कंपनी को स्मार्ट वर्दी का टेंडर कैबिनेट की बैठक में आबंटित कर दिया गया है। लेकिन अभी कंपनी के साथ खाद्य आपूर्ति निगम का एग्रीमेंट होना बाकी है। इसी बीच हिमाचल में उपचुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो चुकी है। ऐसे में खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से निर्वाचन आयोग को एग्रीमेंट करने की मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है। आयोग ने आचार संहिता खत्म होने के बाद ही स्मार्ट वर्दी का आवंटन करने को कहा है।

हिमाचल में पहली से बारहवीं क्लास के विद्यार्थियों को हर साल स्कूल वर्दी दी जाती है। इस बार भी लगभग आठ लाख विद्यार्थियों को स्कूल वर्दी दी जानी है। पहली से दसवीं क्लास तक के विद्यार्थियों को सिलाई के पैसे भी दिए जाते हैं, जबकि 11वीं और 12वीं क्लास के विद्यार्थियों को अपने खर्चे पर वर्दी सिलानी होती है।

इस बारे मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पाल रासू ने बताया कि आचार संहिता के चलते वर्दी के आबंटन की मंजूरी नहीं दी जा सकती है।

बता दें कि सरकार की ओर से पहली, तीसरी, छठी और नौवीं क्लास के विद्यार्थियों को स्कूल बैग भी दिए जाने थे। निर्वाचन आयोग से इसके आबंटन को लेकर भी अनुमति मांगी गई है। लेकिन अब इस पर भी संशय बना हुआ है।

जुब्बल-कोटखाई: चेतन बरागटा के निष्कासन के बाद भाजपा में इस्तीफों की होड़

शिमला।। जुब्बल-कोटखाई में चेतन बरागटा के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने के बाद भाजपा की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। चेतन बरागटा को टिकट न मिलने से नाराज भाजपा मंडल के सभी पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं।

शुक्रवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष ने पूरी कार्यकारिणी के साथ अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज दिया है। भाजपा जिला कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों ने भी अपने इस्तीफे दे दिए हैं। इसके अलावा युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष सहित सैकड़ों पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दिया है।

चेतन बरागटा के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने के बाद भाजपा ने उन्हें भाजपा प्रदेश आईटी संयोजक पद से निष्कासित कर दिया है। उनके निष्कासन के बाद अब भाजपा के बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारियों में इस्तीफे देने की होड़ लग गई है। सभी पदाधिकारी फेसबुक पर पोस्ट डालकर अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।

शुक्रवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष गोपाल जबैईक, महिला मोर्चा अध्यक्षा नैना तनेटा, युवा मोर्चा अध्यक्ष जतिन चौहान, किसान मोर्चा अध्यक्ष मनोज सुंटा ने सैकड़ों पदाधिकारियों सहित अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज दिया है।

जल्द समय आएगा जब शानन पावर प्रोजेक्ट हिमाचल का होगा: जयराम ठाकुर

मंडी।। जल्द समय आएगा जब शानन पावर प्रोजेक्ट हिमाचल का होगा, यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के लिए जोगिंदर नगर में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कही। सीएम ने यह भी कहा कि हिमाचल कांग्रेस के नेताओं ने पहले ही मान लिया कि चुनाव जीतना उनके बस की बात नहीं, इसलिए उन्हें बाहर से प्रचारक बुलाने पड़े।

जयराम ठाकुर ने कहा कि जोगिंदर नगर अंग्रेजों के जमाने से प्रसिद्ध है, इसकी अपनी पहचान है। उत्तर भारत का मेगावॉट क्षमता का पहला बिजली का प्रोजेक्ट यहीं लगा था। उन्होंने कहा कि 2024 तक यह प्रॉजेक्ट पंजाब के पास है और इसे हिमाचल लाने के विषय पर हम विचार करेंगे। स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा भी हमेशा इस मुद्दे पर अपनी बात रखते रहे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोगों को विजयादशमी की बधाई दी और स्थानीय देवी-देवताओं को भी प्रणाम किया। मुख्यमंत्री ने स्व. रामस्वरूप शर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्व. शर्मा जी हमेशा लोगों के लिए काम करते रहे और वह मंडी को छोटी काशी के नाम से मशहूर बना गए।

वहीं, भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने अपने संबोधन में सबसे पहले स्थानीय बोली में जनसभा में भारी संख्या में मौजूद जनता का आभार जताया और दशहरे की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज सांसद रामस्वरूप शर्मा जी हमारे बीच नहीं हैं, उनकी बहुत कमी खलती है।

खुशाल ठाकुर ने जोगिंदर नगर की जनता से समर्थन मांगते हुए कहा कि मैं कोशिश करूंगा कि मंडी के मुद्दों को दिल्ली में उठाया जाए। उन्होंने कहा कि मैंने हर मोर्चे पर फतह हासिल की है, अब नए राजनीतिक मोर्चे पर फतह के लिए आप लोगों के प्यार की जरूरत है। जो लीड आपने रामस्वरूप शर्मा जी को दी थी, मुझे उम्मीद है कि आप उससे ज्यादा लीड मुझे देंगे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए प्रदेश की जयराम सरकार की भी तारीफ की।

कांग्रेस पर हमलावर हुए मुख्यमंत्री

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस की हालत देखकर बड़ा विचित्र लगता है। कांग्रेसी परिवर्तन की बात कह रहे हैं लेकिन 2024 तक केंद्र में नरेंद्र मोदी जी सरकार है और हिमाचल में 2022 तक हमारी सरकार है। 2022 के बाद भी हिमाचल में भाजपा की सरकार बनेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस के नेता तो कारगिल की लड़ाई को छोटा युद्ध मानते हैं। उस युद्ध में 527 सैनिक शहीद हुए। हिमाचल के भी 52 जवान शहीद हुए। उस युद्ध में ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने अहम भूमिका निभाई थी और वह तिरंगा थामे हुए मोर्चे पर तैनात थे।”

कन्हैया-सिद्धू जैसे लोग कांग्रेस के स्टार प्रचारक

जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा, “कांग्रेस बाहर से स्टार प्रचारक बुला रही है। यह एक साफ संदेश है कि यह उपचुनाव हिमाचल कांग्रेस के नेताओं के बस की बात नहीं है। कन्हैया कौन है, ये सोचने की बात है। जेएनयू में ये कम्युनिस्ट थे। ये वही कन्हैया हैं जिन्होंने कहा कि हमारे सेना के जवान जम्मू कश्मीर में महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। ऐसे लोगों को कांग्रेस स्टार प्रचारक बना कर हिमाचल ला रही है।”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस की हालत देश में बहुत खराब है। जिस सिद्धू ने पूरे देश में राहुल गांधी को पप्पू के नाम से प्रसिद्ध किया उसी सिद्धू को कांग्रेस ने अपनी पार्टी में ले लिया। अब उन्हें स्टार भी बना दिया है। हिमाचल में भी कांग्रेस की हालत अच्छी नहीं है। वीरभद्र जी के निधन के बाद कांग्रेस में बड़ा नेता बनने की होड़ लगी हुई है।”

हमने कहा था हम शुरुआत नहीं करेंगे

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मंडी में जब खुशाल ठाकुर का नॉमिनेशन था तो हमने कहा था कि हम शुरुआत नहीं करेंगे, जो वो कहेंगे उस पर निर्भर करेगा कि हमें क्या कहना है। लेकिन जब कांग्रेस की बारी आई तो एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक गाली ही गाली थी। इस बात का मंडी की जनता जवाब देगी।

सीएम ने कहा कि यह बात हमने मंडी में भी कही थी और आज भी कहते हैं कि मंडी हमारी थी और हमारी भी है और हमारी ही रहेगी। कांग्रेस के लोगों को ये समझना होगा कि मंडी में कुल्लू भी आता किन्नौर भी आता है और भरमौर भी। मंडी का मतलब मंडी संसदीय क्षेत्र है।

जोगिंदर नगर से बढ़त 36 हजार के पार चाहिए

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा, “जोगिंदर नगर में विकास की गति को रुकने नहीं दिया गया, आपने जो मांगा हमने दिया। उपचुनाव के बाद भी जो काम यहां बचे हैं उन्हें पूरा किया जाएगा। 2019 में जोगिंदर नगर से 36 हजार की बढ़त थी, उन्होंने लोगों कहा कि ये बढ़त इस बार और ज्यादा होनी चाहिए।”

जब भी हमने मदद मांगी, जयराम ठाकुर साथ खड़े रहे: प्रतिभा सिंह

मंडी: हर चीज़ राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं देखी जाती। अगर कोई व्यक्ति आपका आदर-सम्मान करता है, आपकी बात धैर्य से सुनता है तो हम भी उसका आदर-सम्मान करते हैं। यह बात मंडी लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने सीएम जयराम ठाकुर के संदर्भ में कही।

प्रतिभा सिंह ने वेब चैनल ‘पोल स्टार हिमाचल’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी के साथ व्यक्तिगत संबंध भी होते हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश की सबसे शीर्ष कुर्सी पर बैठे हैं। जब भी हमने उनसे मदद मांगी, वो हमारे साथ खड़े रहे।

उन्होंने कहा कि जब वीरभद्र सिंह बीमार थे तो वह ऐसी हालत में नहीं थे कि चार से पांच घंटे सड़क मार्ग से सफर कर सकें। विक्रमादित्य ने जयराम ठाकुर से अनुरोध किया तो उन्होंने हमें हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया। जयराम ठाकुर हमेशा हमारे साथ खड़े रहे हैं। जब वीरभद्र सिंह अस्पताल में थे तो वहाँ भी जयराम ठाकुर पहुंचे थे।

प्रतिभा सिंह ने कहा कि जब वीरभद्र सिंह का देहांत हुआ तो जयराम ठाकुर शिमला में भी श्रद्धांजलि देने आए और रामपुर भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि महज़ औपचारिकता निभाने ही वह रामपुर नहीं आये बल्कि घंटों तक तपती धूप में अंतिम संस्कार वाली जगह पर खड़े रहे, जोकि सबने देखा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इतना आदर भाव से काम कर रहा है, तो हम भी उसका सम्मान करते है। राजनीतिक तौर पर अलग बात है, पर व्यक्तिगत तौर पर भी किसी के साथ संबंध होते हैं।

बीते दिनों से प्रतिभा सिंह कारगिल युद्ध को लेकर दिए अपने विवादित बयान से चर्चा में हैं। हालांकि बाद में वह कई बार इस बात को लेकर माफी भी मांग चुकी हैं और कहा है कि उनकी बात का ऐसा मतलब नहीं था। लेकिन प्रतिभा सिंह इसके बाद भी एक बात लगातार कह रही हैं कि रिटायर होने के बाद सैनिकों को राजनीति में नहीं लाना चाहिए। गुरुवार को उन्होंने जंजैहली में यह बात कही थी। शुक्रवार को उन्होंने यही बात छतरी में फिर दोहराई है।

मोबाइल सिग्नल की समस्या से जूझ रहे हैं हिमाचल के 276 गांव

शिमला।। देश और प्रदेश में जोरों-शोरों से डिजिटल इंडिया की बात की जाती हैं, लेकिन आज भी हिमाचल प्रदेश के सैंकड़ों गांव मोबाइल सिग्नल की समस्या से जूझ रहे हैं। दूरसंचार मंत्रालय के सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि हिमाचल प्रदेश के 276 गांवों में आज भी मोबाइल सिग्नल नहीं हैं।

गुरुवार को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथारिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अध्यक्ष डॉ. पीडी बघेला शिमला पहुंचे। यहाँ उन्होंने मुख्य सचिव राम सुभग सिंह के साथ बैठक की। बैठक में चर्चा हुई कि किस प्रकार हिमाचल प्रदेश में दूरसंचार नेटवर्क को मजबूत किया जा सकता है।

डॉ. बघेला ने शिमला में सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और समस्याओं को जाना। बैठक में प्रदेश सरकार के कई अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. बघेला ने भारत सरकार की ओर से प्रदेश को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। शुक्रवार को वह कुल्लू-मनाली के दौरे पर रहेंगे।

ट्राई के अधिकारियों का कहना है कि 74 गांवों को इसी साल मोबाइल सिग्नल की सुविधा से जोड़ा जाएगा। शेष 202 गांवों में से 84 को क्रमबद्ध तरीके से कनेक्टिविटी दी जाएगी। 118 गांवों के लिए आने वाले दिनों में योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए सर्विस प्रोवाइडर और प्रदेश सरकार से चर्चा की जाएगी।

हिमाचल: गुणात्मक शिक्षा के दावे, मगर हज़ारों स्कूलों में एक और दो शिक्षक

शिमला।। भले ही हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के दावे किए जाते हैं, लेकिन यह दावे हवा साबित हो रहे हैं। हिमाचल में कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं जो मात्र एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। वहीं, कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहाँ पर एक भी शिक्षक नहीं है। इस बात का खुलासा यू डाइस-2020-21 (यूनिफाइड डिस्ट्रिक इनफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन) की रिपोर्ट में हुआ है।

यू डाइस की रिपोर्ट में पता चला है कि हिमाचल प्रदेश के 1991 प्राइमरी और 66 मिडिल स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। वहीं, आठ प्राइमरी और एक मिडिल स्कूल ऐसा है, जहां पर एक भी शिक्षक नहीं है। इन स्कूलों में एसएमसी के माध्यम से अस्थायी शिक्षक तैनात किया गया है। प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों की हालत सबसे ज़्यादा खराब है। इसके अलावा, दो माध्यमिक स्कूलों और एक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में भी सिर्फ एक-एक शिक्षक सेवा दे रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 6479 प्राइमरी और 378 मिडिल स्कूलों में दो-दो शिक्षक हैं। इसी तरह 1573 प्राइमरी और 746 मिडिल स्कूलों में तीन-तीन शिक्षक ही नियुक्त हैं। 459 प्राइमरी स्कूलों में चार से छह शिक्षक हैं। प्रदेश में मात्र 26 प्राइमरी स्कूल ही ऐसे हैं, जहां पर सात से 10 शिक्षक हैं, जबकि दो स्कूल ऐसे हैं जहां पर 11 से 15 प्राइमरी शिक्षक कार्यरत हैं।

एसएसए की ओर से तैयार करवाई गई यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कांगड़ा और मंडी जिला के हालात बेहद खराब हैं। सबसे ज़्यादा स्कूल कांगड़ा जिला के ही हैं जो एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। कांगड़ा जिला में 371, मंडी में 361, शिमला में 250, सिरमौर में 215, चंबा में 189, सोलन में 148, बिलासपुर में 136, कुल्लू में 109, हमीरपुर में 103, ऊना में 79, लाहौल-स्पीति में 18 और किन्नौर में 12 स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे हैं।

हिमाचल: अभी और बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में हाल ही सीमेंट के दामों में 10 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है। अब खबर आ रही है कि सीमेंट के दाम अभी और बढ़ सकते हैं। सीमेंट कम्पनियों ने सीमेंट के दाम 10 रुपये और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में निर्माण कार्य और महंगा हो जाएगा।

सीमेंट के बढ़ते दामों पर उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हिमाचल में सीमेंट पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। सीमेंट के दाम प्रदेश सरकार निर्धारित नहीं करती है। सीमेंट कम्पनियों द्वारा खुद सीमेंट के दाम तय किये जाते हैं।

इस बारे उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलक शर्मा का कहना है कि सीमेंट कंट्रोल्ड आइटम में शामिल नहीं है। सीमेंट कंपनियां खुद सीमेंट के दाम तय करती है, फिर इसे खुले बाजार में बेचा जाता है।

बता दें कि सीमेंट के दाम बढ़ने से पहले शिमला शहर में सीमेंट का 50 किलो का बैग 413 रुपये में बिक रहा था, जो अब 423 रुपये का हो गया है। वहीं, ठियोग में इसकी कीमत 430 रुपये थी, जो अब 440 रुपये हो गई है।

हिमाचल में 10 रुपये प्रति बैग तक बढ़ गए सीमेंट के दाम

शिमला: हाटू मंदिर में हरियाणा के पर्यटकों ने चलाई गोली

शिमला।। नारकंडा के हाटू मंदिर में हरियाणा के सैलानियों पर हवाई फायरिंग करने और पुजारी को धमकाने का आरोप लगा है। पुलिस ने दो सैलानियों को हिरासत में लिया है और मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इनसे एक पिस्टल, एक बंदूक और 12 गोलियां बरामद की गई हैं।

दुर्गा अष्टमी के दिन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। मंदिर कमेटी की ओर से दी शिकायत में कहा गया है कि दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे मंदिर के पुजारी शौचालय गए तो वहां पर्यटकों ने हवाई फायर कर दी। पुजारी ने जब ऐसा करने से रोका तो पर्यटकों ने पुजारी को गले और कंधे से पकड़ लिया और खाई में धकेलने की धमकी देने लगे।

पुजारी का कहना है कि वह किसी तरह जान बचा कर मंदिर के भीतर पहुंचे और मंदिर समिति के सदस्यों को जानकारी दी। समिति के सदस्य मंदिर से बाहर आए और पुलिस को शिकायत दी।  सैलानी भाग न सकें, इसके लिए सड़क पर समिति सदस्यों ने अपनी गाड़ियां आड़ी तिरछी लगा दीं।

मंदिर प्रबंधन समिति के भंडारी हेतराम राजटा ने बताया कि दो गाड़ियों में हरियाणा के आठ सैलानी मंदिर पहुंचे थे। दो शराब के नशे में थे। टूरिस्टों ने तीन हवाई फायर किए जिससे लोगों में दहशत फैल गई। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से भी इन टूरिस्टों ने बदसलूकी की।

डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर कायथ ने बताया कि दो पर्यटकों को हिरासत में लिया है। इनके पास से लाइसेंसी हथियार बरामद किए हैं। मामले की छानबीन की जा रही है।