मनाली से धर्मशाला जा रही गुजरात के पर्यटकों की बस बैजनाथ में दुर्घटनाग्रस्त

बैजनाथ। मनाली से धर्मशाला जा रही गुजरात के पर्यटकों की बस बैजनाथ में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक से दो पर्यटकों के घायल होने की सूचना है। राहत की बात यह है कि कोई भी हताहत नहीं हुआ है। ये हादसा बैजनाथ में अवाही नाग मंदिर के पास हुआ। बस में करीब 56 लोग सवार थे।

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जानकारी के अनुसार गुजरात के पर्यटकों से भरी ये बस मनाली से धर्मशाला जा रही थी। इसी बीच आज तड़के करीब पौने चार बजे जैसे ही बसे बैजनाथ के अवाही नाग मंदिर के पास पहुंची तो चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया और बस सीधे खाई में लुढ़की। गनीमत यह रही कि पेड़ की वजह से बस की रफ्तार धीमी हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।

पर्यटकों के चींखने की आवाजें सुन कर स्थानीय लोगों ने फायर बिग्रेड और बैजनाथ पुलिस को सूचित किया। इस हादसे में बस में सवार सिर्फ दो लोगों को चोटें आई हैं व अन्य सभी सुरक्षित हैं। दोनों को बैजनाथ अस्पताल में उपचार दिया गया। उधर, पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

हमीरपुर: स्कूल संचालकों ने ठुकराई पुलिसवालों के बच्चों की फीस घटाने की मांग

 

 

“आजादी तो 2014 में मिली, पहले की आजादी तो भीख थी” : कंगना रनौत

नई दिल्ली। अपने बयानों के कारण हमेशा विवादों में रहने वाली कंगना रनौत ने एक बार फिर बेहद विवादित बयान दिया है। हाल ही पद्मश्री पुरस्कार पाने के बाद एक नेशनल न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना रनौत ने कहा “जो आजादी हमें मिली, वह तो भीख थी। असली आजादी तो साल 2014 में मिली है।”

ये कोई पहला मौका नहीं है जब कंगना रनौत ने कोई विवादित बात कही हो। कंगना रनौत के विवादित बयानों की एक लंबी चौड़ी फेहरिस्त है। अपने विवादित ट्विट्स के चलते ट्विटर ने कंगना का हैंडल भी आजीवन प्रतिबंधित कर दिया था। उधर, अब कंगना रनौत का आजादी को लेकर दिया गया बयान फिर चर्चा का विषय बन चुका है।

पूर्व में अभिनेत्री कंगना रनौत के विवादित बयान

  • ममता बनर्जी को को कहा खून की प्यासी ताड़का।
  • भारतीय क्रिकेटरों को बता चुकी हैं धोबी का कुत्ता।
  • तापसी-स्वरा को बताया था बी ग्रेड एक्ट्रेस
  • कंगना रनौत अपने ऑफिस पर बीएमसी का हथौड़ा चलने के बाद मुंबई को बताया POK भी बता चुकी हैं।

धर्मशाला में जिंदगी के आखिरी दिन बिताना चाहते हैं 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो

धर्मशाला। 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने अपने जीवन के अंतिम दिन धर्मशाला में ही व्यतीत करना चाहते हैं। ये इच्छा उन्होंने एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान जताई। इस मौके पर 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने कहा कि उन्हें लगता है कि धर्मशाला की आबोहवा और भौगोलिक परिस्थितियां उनके लिए अनुकूल हैं।

दरअसल तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने मैक्लोडगंज में अस्थायी निवास स्थान से ऑनलाइन माध्यम से जापान के फारेन कोरेसपोंडेंट्स क्लब ऑफ तिब्बत हाउस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में व्याखान दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कई सवालों के जवाब भी दिए और उक्त बातें भी कहीं।

इसी दौरान दलाई लामा ने कहा कि धर्मशाला उनके स्वास्थ्य के लिए ये जगह बहुत अच्छी है। दलाई लामा ने धर्मशाला की विशेषताओं पर बोलते कहा कि यहां पर बर्फ से लदे पहाड़ और झीलें हैं। यह वजह है कि मुझे ये जगह बेहद पसंद है।

दलाई लामा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कही गई बात को साझा करते हुए कहा कि जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलना हुआ था तो मैंने कहा था कि मैं भारत में ही रहना चाहता हूं, क्योंकि भारत में पूर्ण रूप से स्वतंत्रता है। भारत में धार्मिक सद्भावना है। दलाई लामा ने कहा कि अगर सिद्धांतों की बात की जाए तो भारत उनके लिए बहुत अनुकूल जगह है।

हमीरपुर: स्कूल संचालकों ने ठुकराई पुलिसवालों के बच्चों की फीस घटाने की मांग

हमीरपुर।। जिला हमीरपुर के निजी स्कूल संचालकों ने एसपी हमीरपुर की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें पुलिसकर्मियों के बच्चों को फीस में रियायत देने की मांग की गई थी। खबर है कि एसपी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया था कि फ्रंटलाइन वर्कर होने के कारण पुलिसकर्मियों के बच्चों को फीस में छूट मिलनी चाहिए।

स्कूल संचालकों का कहना है कि ऐसा करना संभव नहीं है क्योंकि कोरोना के कारण पहले से ही वे नुकसान में हैं और अगर एक विभाग के लिए ऐसी छूट दी गई तो फिर बाकी विभागों को भी देनी होगी। स्कूल संचालकों का यह भी कहना है कि पुलिस विभाग के कर्मचारियों को कोरोना काल में पूरा वेतन मिला है, ऐसे में उन्हें छूट देना तर्कसंगत नहीं है।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक, हायर एजुकेशन के उपनिदेशक दिलबरजीत चंद्र ने कहा है कि कोई भी अधिकारी इस तरह का पत्र नहीं लिख सकता। वहीं एसपी हमीरपुर आकृति शर्मा के हवाले से कहा गया है कि संस्थानों से सिर्फ आग्रह किया गया है क्योंकि कई संस्थान ऐसा कर रहे हैं।

इस पूरे मामले के कारण पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है और सोशल मीडिया पर भी लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह निजी स्कूलों से फीस घटाने की मांग करने के बजाय पुलिस विभाग के लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में डालकर सस्ती और अच्छी शिक्षा क्यों नहीं दिलवा रहे।

हिमाचल के केंद्र में प्रदेश की दूसरी स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी

शिमला।। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के बाद अब मंडी में प्रदेश की दूसरी स्टेट यूनिवर्सिटी होगी। सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में इसके लिए रुपरेखा तैयार करने के लिए समिति का गठन करने के आदेश दिए गए हैं।

मंत्रिमंडल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी शिमला और क्लस्टर यूनिवर्सिटी मंडी के कुलपति और सचिव शिक्षा सदस्य होंगे।

यह समिति मंडी में प्रदेश विश्वविद्यालय स्थापित करने की रूपरेखा तय करने का कार्य करेगी। मंडी में नए प्रदेश विश्वविद्यालय के बनने से मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और चंबा सहित कई जिलों के छात्रों को लाभ होगा।

इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। आपको बता दें कि हिमाचल के गठन के बाद से प्रदेश में केवल एक ही स्टेट विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है जो शिमला में है।

क्लस्टर विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से ही मंडी में प्रदेश विश्वविद्यालय खोलने की मांग ऊठाई जा रही थी। जिसे अब मौजूदा जयराम सरकार मूर्त रूप देने जा रही है।

कैबिनेट फैसले : पौने दो साल बाद स्कूल आएंगे इन कक्षाओं के विद्यार्थी

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। उपचुनाव के चलते करीब डेढ़ महीने बाद सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया है कि प्राथमिक से लेकर मिडल क्लास तक के विद्यार्थियों को भी स्कूल आना होगा। सरकार ने तीसरी से सातवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल खोल दिए हैं ।

आपको बता दें कि करीब पौने दो साल के बाद तीसरी से सातवीं कक्षा तक के स्कूलों को खोला गया है। 10 नवंबर से तीसरी से सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया है। इसके साथ ही पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को 15 नवंबर से स्कूल आना होगा। गौरतलब रहे कि दिवाली के चलते और कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए पहले ही सरकार स्कूलों में छुट्टियां दी थीं। ऐसे में आज की कैबिनेट फिलहाल यही फैसला लिया है कि एक बार फिर तीसरी से सातवीं कक्षा के विद्यार्थी भी स्कूल आएंगे।

इसके साथ ही कैबिनेट में दृष्टि पत्र को भी रिव्यू किया गया है। दृष्टि पत्र 2017 में बीजेपी की ओर से चुनाव के दौरान जारी किया गया मेनिफेस्टो था। इसे बीजेपी की ओर से दृष्टि पत्र नाम दिया गया था। कैबिनेट में आज रिव्यू किया गया कि आखिर कितने वादों को सरकार की ओर से पूरा कर दिया गया है।

मार्केटिंग एक्ट में भी कैबिनेट ने संशोधन को मंजूरी दे दी है। फूलों की खेती भी अब इसके दायरे में आएगी। पहले मार्केटिंग एक्ट में करीब 140 से ज्याद आइट्म्स शामिल थीं, लेकिन अब इसका दायर बढ़ा दिया गया है। अब 200 से ज्यादा आइट्म्स मार्केटिंग एक्ट के दायरे में आ रही हैं।

 

 

 

उपचुनावों में ‘झटके’ का असर? केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई

नई दिल्ली।। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने इन पर लगनी वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। सरकार ने पेट्रोल पर पांच रुपये और डीजल पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी कम की है। माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम हाल ही में देशभर में हुए उपचुनावों के नतीजों को देखते हुए उठाया है।

महंगाई, खासकर पेट्रोल और डीजल के दामों में हर रोज हो रही बढ़ोतरी ने देश के विभिन्न हिस्सों में हुए लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों पर असर डाला। चूंकि पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी का सीधा असर कुल महंगाई पर भी होता है, ऐसे में मतदाताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही थी। इसका असर भी हुआ और भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, खासकर हिमाचल में। यहां मंडी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के साथ-साथ विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में भी कांग्रेस को जीत हासिल हुई।

हिमाचल प्रदेश में हुए उपचुनावों में स्थानीय फैक्टर और टिकटों के आवंटन की भूमिका के अलावा महंगाई को लेकर लोगों की नाराजगी स्पष्ट दिखी। मंडी से इस बार कांग्रेस ने दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को टिकट दिया था। प्रतिभा सिंह पहले भी दो बार इस सीट से सांसद रह चुकी हैं। उनका चुनाव प्रचार अभियान वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि के नाम पर वोट मांगने और महंगाई के खिलाफ वोट देने की अपील पर केंद्रित रहा।

वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस बार ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाया था जो मात्र आठ हजार वोटों से हारे। भारतीय जनता पार्टी उनकी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही थी लेकिन जैसे-जैसे चुनाव प्रचार जोर पकड़ता गया, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते गए, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े और महंगाई दर में उछाल देखने को मिला। कांग्रेस को बैठे-बिठाए हथियार मिल गया।

इसका सीधा असर मंडी लोकसभा सीट के उपचुनाव में कम मतदान के रूप में देखने को मिला। यहां पर मात्र 57.7 प्रतिशत ही मतदान हुआ। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि महंगाई मुख्य वजह रही कि भारतीय जनता पार्टी के समर्थक रहे मतदाताओं ने मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा लेने से परहेज किया। वरना ब्रिगेडियर के रूप में भारतीय जनता पार्टी ने एक मजबूत प्रत्याशी उतारा था। 2014 के चुनाव में जब मोदी लहर थी, तब पंडित रामस्वरूप शर्मा मंडी में प्रतिभा सिंह से मात्र 39 हजार वोटों से ही जीते थे। वहीं इस दौर में, जब प्रतिभा सिंह को दिवंगत वीरभद्र सिंह के निधन के बाद सहानुभूति मिल रही थी और केंद्रीय नेतृत्व चुनाव प्रचार से गायब था, तब भारतीय जनता पार्टी मात्र आठ हजार वोटों के अंतर से हारी।

जानकारों का मानना है कि अगर एक्साइज ड्यूटी में यही कटौती का फैसला अगर चुनावों से पहले केंद्र सरकार की ओर से हुआ होता तो हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट का नतीजा कुछ और होता और मध्य प्रदेश की खंडवा में भारतीय जनता पार्टी की जीत का अंतर और अधिक रहता। मध्य प्रदेश की खंडवा लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ने 81 हजार वोटों से जीत हासिल की। जबकि इसी सीट पर 2019 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी की जीत का अंतर 2 लाख 73 हजार था जबकि 2014 में 2 लाख 60 हजार से ज्यादा था। इस बार अंदर एक लाख से नीचे आकर 81 हजार पर सिमट गया।

इसी तरह दादरा और नगर हवेली में शिवसेना की जीत हुई। शिवसेना के उम्मीदवार को 1 लाख 17 हजार 590 वोट मिले जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार 66 हजार वोटों पर ही सिमट गए। यही हाल पूरे देश में देखने को मिला। पूरे देश में तीन लोकसभा और 29 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें बीजेपी ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की, उनके सहयोगियों को 8 सीटों पर सफलता मिली। वहीं कांग्रेस के खाते में भी 8 सीटें गईं।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि चुनावों के नतीजों को फीडबैक की तरह लेते हुए केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि मंहगाई एक मुद्दा है और इसका नुकसान इसे जल्द उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ सकता है। ऐसे में उसने एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला तो किया है मगर शायद इसमें देर हो गई है। अभी महंगाई को कम करने के लिए और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

श्री चामुंडा नंदीकेश्वर धाम में हुआ जीएस बाली का अंतिम संस्कार

शिमला।। रविवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता जीएस बाली का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनकी इच्छा के अनुसार श्री चामुंडा नंदीकेश्वर धाम में उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नम आंखों से विदाई दी।

पूर्व परिवहन एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली मां चामुंडा के अनन्य भक्त थे। मंदिर के पुजारी ओम व्यास व पवन गोस्वामी ने पत्रकारों को बताया कि जब भी कोई शुभ कार्य करना होता था, बाली सबसे पहले मां चामुंडा के दरबार में आते थे। वह अपने जन्मदिन के अवसर पर मां चामुंडा के दर पहुंचकर हवन-यज्ञ करके ही अगले कार्य करते थे।

बीते शुक्रवार रात को दिल्ली एम्स में उनका देहांत हो गया था। बाली की अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार मां के चरणों में किया जाए। रविवार शाम जीएस बाली के अंतिम संस्कार के दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने दुखी मन से उन्हें अंतिम विदाई दी।

हिमाचल उपचुनाव Exit Poll: मंडी समेत सभी सीटों पर कांटे की टक्कर

इन हिमाचल डेस्क।। हिमाचल प्रदेश में मतदान संपन्न हो चुका है। एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में कैद हो चुका है। चुनाव के नतीजे दो नवंबर को आएंगे। उस दिन स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने किसपर विश्वास जताया। लेकिन तब तक कयासों और अटकलों का दौर जारी रहने वाला है। इसी बीच इन हिमाचल ने अपने सहयोगियों और प्रदेश के कुछ अन्य पोर्टल्स व समाचार पत्रों के लिए काम करने वाले पत्रकार बंधुओं की मदद से सभी क्षेत्रों में लोगों का मूड भांपने की कोशिश की।

इसके लिए हमने विभिन्न स्थानों पर मतदान करने वाले लोगों से संपर्क साधा। हमारे सहयोगियों ने कुछ मतदाताओं से सामने बात की तो अधिकतर से फोन और वॉट्सऐप जैसे माध्यमों से बात की और पूछा कि उन्होंने किसके पक्ष में मतदान किया। बहुत सारे लोग ऐसे भी थे जिन्होंने हमें यह नहीं बताया कि उन्होंने वोट किसे दिया।

जिन लोगों ने हमें जानकारी दी, उनकी संख्या बहुत सीमित थी। सैंपल का साइज सीमित होने के बावजूद कुछ अंदाजा लगाने में हमें कामयाबी तो मिली मगर यह भी स्पष्ट हुआ कि किसी भी सीट पर किसी भी पार्टी या उम्मीदवार को एकतरफा समर्थन नहीं मिल रहा। ऐसे में बहुत संभव है कि चुनाव के वास्तविक नतीजे कुछ और भी हों।

वास्तविक नतीजे मंगलवार को आ जाएंगे और यह एग्जिट पोल भी उसी कसौटी पर परखा जाएगा। तब तक देखें, हमें प्रदेश के कुछ मतदाताओं ने क्या जानकारी दी।

 

मंडी लोकसभा सीट

क्रमांक पार्टी उम्मीदवार मत प्रतिशत
1 बीजेपी ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ठाकुर 49.05 %
2 कांग्रेस प्रतिभा सिंह 47%
3 अन्य 3.05%

 

जुब्बल कोटखाई

क्रमांक पार्टी उम्मीदवार मतदान प्रतिशत
1 कांग्रेस रोहित ठाकुर 42 %
2 निर्दलीय चेतन बरागटा 41.5 %
3 बीजेपी नीलम सरैइक 13.5 %
4 अन्य 3%

 

फतेहपुर

क्रमांक पार्टी उम्मीदवार मतदान प्रतिशत
1 बीजेपी बलदेव ठाकुर 36%
2 कांग्रेस भवानी सिंह पठानिया 34%
3 निर्दलीय राजन सुशांत 27%
4 अन्य 3%

 

अर्की 

क्रमांक पार्टी उम्मीदवार मतदान प्रतिशत
1 बीजेपी रतन सिंह पाल 46%
2 कांग्रेस संजय अवस्थी 43.5%
3 अन्य 10.5%

फतेहपुर: मतदान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को खाने की लाइन से लौटाया

कांगड़ा।। फतेहपुर में हो रहे उपचुनाव में मतदान के दौरान ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मियों को खाना देने से मना करने का मामला सामने आया है। जहाँ ठेकेदार ने ड्यूटी पर तैनात करीब 20 पुलिस कर्मियों को खाना देने से मना कर खाने की लाइन से लौटा दिया। जिसके बाद रोटेशन के तहत ड्यूटी पूरी करने वाले 90 फीसदी पुलिस कर्मियों ने बाहर जाकर खाना खाया।

इस पर ठेकेदार का कहना है कि पुलिस स्टाफ के लिए दोपहर के खाने की व्यवस्था नहीं है। उनके लिए केवल रिसीविंग और डिपार्चर के खाने का ही बंदोबस्त होता है। लेकिन जब यह मामला निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचा तो खाना देने के निर्देश जारी हुए।

इस बारे में एसडीएम अंकुश शर्मा ने कहा कि प्रशासन के पास सिर्फ मतदान कर्मियों के खाने की व्यवस्था का जिम्मा होता है। फोन पर मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस कर्मियों को खाना देने के लिए कह दिया है। वहीं, डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है। इसकी जांच की जाएगी।