शिमला।। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि जहां-जहां उन्होंने कांग्रेस प्रसत्यशियों के पक्ष में प्रचार किया है, वहां से उनको लीड मिलेगी। वीरभद्र ने यह बात हिंदी अखबार अमर उजाला को दिए इन्टरव्यू में कहीं है।
एक सवाल के जवाब में पूर्व सीएम ने कहा, “हमारा लक्ष्य प्रदेश की चारों लोकसभा सीटें जीतने का है। प्रचार अच्छा है। चारों संसदीय क्षेत्रों में कांग्रेस की लीड बढ़ेगी। जहां-जहां मैं प्रचार में गया, वहां लीड मिलेगी। चुनाव में कई स्टार प्रचारकों ने प्रचार किया। ज्यादा भीड़ भी अच्छी नहीं होती।”
पिछले दिनों अलग अलग जगह पर दिए गए वीरभद्र के बयान भी चर्चा में रहे थे, जिनका फायदा बीजेपी उठाती हुई नजर आ रही है। इन बयानों से जुड़े सवाल के जवाब में वीरभद्र ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिससे भाजपा को फायदा हो रहा हो। मैं बयान देते समय संयम रखता हूं। मुझे मीडिया में हर रोज बयान देने की आदत भी नहीं है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती शब्दों में भले ही संयम न रखें, लेकिन मैंने कभी गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।”
इस साक्षात्कार में वीरभद्र ने बेटे विक्रमादित्य को मंडी से टिकट न मिलने और शांता कुमार व सीएम जयराम ठाकुर के बयानों को लेकर किए गए सवालों पर भी बात की गई है। पूरा साक्षात्कार आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
एमबीएम न्यूज, ऊना।। ट्रक से बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत को लेकर नई जानकारी सामने आई है। शुक्रवार को इस वारदात को लेकर पहले यह पता चला था कि ट्रक द्वारा बाइक सवारों को पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद के कारण टक्कर मारी गई। मगर शाम होते-होते इस मामले ने नया मोड़ ले लिया।
अब जानकारी मिली है कि यह घटना नशे के कारोबारियों के बीच गैंगवॉर का नतीजा है। इसी के चलते आरोपी द्वारा युवक पर ट्रक चढ़ाकर वारदात को अंजाम दिया गया था। ट्रक के पीछे चल रहे एक बाइक सवार ने इस वारदात का वीडियो भी शूट कर लिया था।
जानकारी के मुताबिक मृतक युवक प्रिंस कथित तौर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई की देनदारी को लेकर आरोपी संजीव उर्फ संजू के घर पहुंचा था। प्रिंस ने आरोपी से पैसे लेने थे। संजीव ट्रक से नहीं उतरा तो प्रिंस ने अपने साथियों के साथ ट्रक के शीशे तोड़ दिए।
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इसके बाद प्रिंस व उसके साथी दो बाइकों पर निकल गए। इसी दौरान गुस्साया आरोपी संजीव पीछे से ट्रक लेकर आ गया और दोनों चलती बाइकों को रौंद दिया। इसमें प्रिंस की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हुए हैं।
इन हिमाचल डेस्क।। अपनी पार्टी कांग्रेस के लिए वोट मांगने के इरादे से अलग-अलग जगहों पर जनसभाओं को संबोधित कर रहे पूर्व सीएम वीरभद्र ने अब नया बयान दे दिया है। उन्होंने मंच से भाषण के दौरान पदाधिकारियों को संबोधित करने के बाद कहा- “और जो मकरझंडू यहां पर हैं।”
चूंकि वीरभद्र सभी पदाधिकारियों का नाम ले चुके थे, अब उन्हें जनता को संबोधित करना था। जहां अन्य नेता ‘यहां आई जनता” या ‘भाइयो बहनो” बोलते हैं, वीरभद्र ने लोगों को मकरझण्डू कह दिया। बीजेपी ने इंस्टाग्राम पर इसका वीडियो भी शेयर किया है।
वीरभद्र ने यह शब्द पहले अध्यापकों के लिए भी इस्तेमाल किया था और फिर मंडी सीट से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा था- कोई नया मकरझण्डू ही चुनाव लड़ेगा।
क्या है मकरझण्डू
वीरभद्र ने खुद स्पष्ट किया है कि मकरझण्डू से उनका मतलब उन लोगों से है जो किसी काम के नहीं। हाल ही में हिंदी अखबार जागरण को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस बारे में बात की थी। नीचे देखें, क्या कहना था उनका
दैनिक जागरण ऐप का स्क्रीनशॉट
गैरतलब है इससे पहले वह प्रचार के दौरान आश्रय, सुखराम, सुक्खू, आनंद शर्मा और शांडिल पर भी टिप्पणियां कर चुके हैं। इससे कांग्रेस समर्थक जहां हैरान परेशान हैं, वहीं बीजेपी को बैठे-बिठाए मुद्दे मिल रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के बयानों से कांग्रेस में अजीब स्थिति बनी है मगर बीच चुनाव में वह उन्हें प्रचार से हटाने का खतरा भी मोल नहीं ले रही। इस बीच उनके बयानों से उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई जाने लगी है।
इन हिमाचल डेस्क।। शुक्रवार को मंडी में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात को लेकर चर्चा करते दिख रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने मंच पर मौजूद प्रत्याशियों का नाम लेकर लोगों से उन्हें वोट देने की अपील तक नहीं की। लोग इस तरह की चर्चा करते दिख रहे हैं कि ऐसी क्या वजह रही जो मंडी में आकर मंडी से पार्टी के उम्मीदवार रामस्वरूप शर्मा को जिताने की अपील नहीं की गई।
दरअसल शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का बड़ा हिस्सा कांग्रेस पर निशाना साधने पर था। लगभग 48 मिनट के भाषण में उन्होने जिन मुद्दों की बात की, उससे ऐसा लगा कि उनके भाषण का मकसद हिमाचल के लिए प्रचार करना नहीं बल्कि छठे चरण के तहत जिन सीटो पर 12 मई को वोटिंग होनी है, वहां के लोगों को संबोधित करना है। जैसे सिख दंगों की बात की गई क्योंकि पंजाब और दिल्ली में मतदान होना है। मोदी जानते हैं कि भले ही वह मंडी में भाषण दे रहे हैं मगर टीवी के माध्यम से पंजाब और दिल्ली के लोग भी इसे देख रहे हैं।
नया कुछ नहीं
हिमाचल को लेकर उनकी बातें वही रहीं, जो वह हर बार हिमाचल आने पर करते हैं। उदाहरण के लिए हिमाचल माताओं और वीरों की धरती है, सैनिक यहां से अधिक हैं, पैराग्लाइडिंग की है, यहां बहुत घूमा हूं, सेपू बड़ी बहुत पसंद है, यहां के लोगों का आशीर्वाद मिला है वगैरह-वगैरह। इस बार उन्होंने यह बात नहीं की कि 2014 में पड्डल मैदान से उन्होंने हिमाचल को लेकर जो वादे किए थे, उनमें से कितने पूरे हुए हैं। (नीचे उनका 2014 का भाषण सुनें और आर्टिकल के आखिर में 2019 का भाषण)
मोदी ने मंडी में वंशवाद और दलबदलुओं पर निशाना साधा। उनका इशारा पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय की ओर है। हालांकि यह वही परिवार है जो कुछ समय पहले तक बीजेपी में था और इसी परिवार के एक सदस्य अनिल शर्मा बीजेपी के विधायक भी हैं। कांग्रेस समर्थक इस बात की चर्चा करते रहे कि जब यह परिवार कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गया था बीजेपी ने अनिल शर्मा को मंत्री बनाया था तब वंशवाद और दलबदल नहीं दिखा।
सांसद का जिक्र उन्होंने एक ही बार किया कि सांसद उनके लिए सेपू बड़ी लेकर आते थे। मगर वोट मांगने की बारी आई तो उन्होंने कहा- कमल का बटन बदाओ और वोट सीधे मेरे खाते में आएगा। हालांकि लोगों को मोदी का वह अंदाज भी पसंद आया जब उन्होंने टूटी-फूटी मंडयाली बोलने की कोशिश की। संभवत: इन पंक्तियों को वह सामने लगे टेलिप्रॉम्पटर से पढ़ रहे थे, इसलिए ठहराव गलत से लेने वाक्य थोड़े अटपटे लगे। मगर लोग इस बात से ख़ुश थे कि पीएम ने उनकी बोली में उनसे जुड़ने की कोशिश की।
यह रैली हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिले में थी। ऐसे में उनपर जिम्मेदारी ज्यादा थी। मगर शुक्रवार मंडी में बड़ी संख्या में लोग जुटे और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग आए थे। इस लिहाज से यह रैली कामयाब मानी जा रही है। मंडी में सुबह 11 बजे से ही लोग जुटना शुरू हो गए थे। मंडी शहर में गर्मी अधिक होती है ऐसे में लोग परेशान भी हुए।
नरेंद्र मोदी देरी से पहुंचे और 3.50 पर उन्होंने बोलना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले लोगों से देर हो जाने के लिए माफी मांगी। हालांकि इस दौरान तक बहुत से लोग बेचैन भी हो चुके थे। प्रधानमंत्री को मंच पर देखने के बाद उनका भाषण पूरा होने से पहले ही कुछ लोग मैदान से निकलने लगे। हालांकि बड़ी संख्या में लोग मैदान में आखिर तक मोदी को सुनते रहे।
नीचे सुनें शुक्रवार को मंडी में दिया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा भाषण-
शिमला।। हिमाचल प्रदेश में मौसम करवट लेने वाला है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने वाली है, वहीं किसानों और बागवानों की मुश्किल बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से छह दिन तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
हिमाचल प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में नौ मई को मौसम शुष्क रहेगा और इन इलाकों में लोगों को गर्मी सताएगी। इसके बाद 14 मई तक फिर मौसम करवट बदलेगा। मौसम विभाग ने इस दौरान मध्य ऊंचाई वाले भागों में बारिश और गर्जना की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और हिमपात होने का पूर्वानुमान लगाया है। ऊना में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने 14 मई तक मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में एक दो भागों में बारिश और गर्जना की चेतावनी दी है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में एक दो स्थानों में बारिश और हिमपात होने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
शिमला।। हर प्रदेश की अपनी कला और संस्कृति होती है। इसी तरह से हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों मेें लोकगीतों और लोकनृत्यों का अपना सांस्कृृति महत्व है। प्रदेश बेशक आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है मगर ऐसा नहीं है कि हिमाचल के युवा अपनी परंपराओं और इस लोकसंस्कृति को भूल गए हैं।
वे आधुनिक गाने भी सुनते हैं, मॉडर्न और वेस्टर्न डांस भी करते हैं मगर मौका मिले तो अपनी नाटी डालने से भी नहीं चूकते। इसके लिए जरूरी नहीं कि उन्होंने पारपंरिक परिधान ही पहने हों। बस हिमाचली म्यूजिक होना चाहिए।
देखिए कुछ ऐसे ही वीडियो, जिन्हें इंस्टाग्राम पर लाखों लोग देख चुके हैं-
इन हिमाचल डेस्क।। जनता को भ्रमित करने के लिए अखबारों के साथ मिलकर खबरों की शक्ल में झूठे विज्ञापन छपवाने वाले तथाकथित ऋषि कुमार स्वामी पर लंबे समय से गुमराह करने के आरोप लगते रहे हैं। बीजमन्त्र लेने के लिए पत्रिका लगवाना ज़रूरी करने वाले स्वामी से विशेष मुलाकात के रेट फिक्स हैं। यानी आप पैसा खर्च करने को तैयार हैं तो आपको कुमार स्वामी अलग से समय देकर मिलेंगे ताकि आप उन्हें समस्या सुना सकें।
इसके अलावा विभिन्न पदाधिकारियों और नेताओं को भेजी गई चिट्ठियों की सामान्य पावतियों को ये अपने लिए टेस्टीमोनियल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। अपनी आयुर्वेदिक कम्पनी के प्रचार के लिए किए गए इवेंट को गलत ढंग से कृपा के रूप में पेश करते हैं।
मंडी वाले समागम का विज्ञापन
आजकल हिमाचल पर फोकस कर रहे इन स्वामी जी के भ्रामक दावों से कई ज़रूरतमंद आकर्षित हुए मगर बाद में तब वे होश में आए जब खुद को छला हुआ महसूस क़िया। इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम में इसी तरह के सवाल जब उठे तो विज्ञापनों ‘सब सुख दूर करने’ का दावा करने वाले कुमार स्वामी ने कहा – ‘समस्या दूर हो भी सकती है, नहीं भी। मैंने कब कुछ कहा?’
देखें वीडियो और खुद तय करें ‘चमत्कारी’ व्यक्ति कैसे तर्क दे रहे हैं-
सुंदरनगर।। डैहर के बाल आश्रम में सीनियर छात्र द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ित किये जाने के बाद 11 साल के बच्चे की पीजीआई में मौत के मामले में पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने बुली करने वाले छात्र और प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शनिवार को पुलिस के अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन ने भी बाल आश्रम में दबिश दी।
पुलिस ने प्रबन्धन और वरिष्ठ छात्र के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट सेक्शन 75 के तहत एफआईआर दर्ज की है। वही पुलिस ने संस्थान में दबिश दी। इस दौरान जहा सुंदरनगर पुलिस टीम ने उप निरीक्षक प्रकाश चन्द की अगुवाई में बयान कलमबद्ध किए वहीं परिजनों द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर पर दी शिकायत पर पहुंची मण्डी जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया।
बाल कल्याण समिति का रवैया
इस बारे में जब पत्रकारों ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी डी.आर.नायक से बात की तो उन्होंने बताया कि संस्थान के बच्चों ने मारपीट की घटना बारे में इनकार किया है, इसलिए बाल कल्याण समिति कोई आगामी कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं जब उनसे मृतक लड़के व पूर्व में संस्थान के छात्रों से हुई मारपीट के बयान सबंधित वीडियो के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें वीडियो और उसकी सत्यता की कोई जानकारी नहीं है।
यह बच्चा अब इस दुनिया में नहीं मगर सुनिए, जाने से पहले कैसे दूसरे बच्चों को बचाने की गुहार लगा गया।😔 कथित तौर पर सीनियर…
गौरतलब है कि बाल आश्रम में पिछले लम्बे समय से कथित तौर पर चल रही वरिष्ठ छात्र की दादागिरी से हुई मौत, संस्थान द्वारा इस सन्दर्भ में कोई भी पुलिस शिकायत ना करवाए जाने और ना ही आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने सुंदरनगर थाना में बाल आश्रम के संचालकों व मारपीट के आरोपी छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
बच्चे के मामा रमेश, चाचा लालमन व लोगों का आरोप था कि मृतक अमन( 11) सातवीं कक्षा में पढ़ता था जिसे एक वर्ष पूर्व ही पिता की मौत उपरांत आश्रम में दाखिल करवाया गया था। इस बच्चे को पहले मारपीट के बाद तीन अप्रैल को सुंदरनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर फिर उसे शिमला ले गए। मगर वहां भी सुधार न होने से उसे पीजीआई ले गए जहां पीजीआई में उसकी मौत 30 अप्रैल को हुई ।
मौत से कुछ घंटे पहले ही उसने अपनी मां और मामा को बताया था कि कैसी कैसी यातनएं उसे व अन्य बच्चों को संस्थान में 12 वीं में पढ़ने वाले एक वरिष्ठ छात्र द्वारा दी जाती थी। बच्चे का कहना था कि उन्हें रॉड से पीटा जाता है, रात को 12-12 बजे तक मुर्गा बना कर मारपीट की जाती है लेकिन संस्थान के ध्यान में मामला लाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती थी।
एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए एसपी मण्डी गुरदेव सिंह ने कहा है कि मामले की बिना किसी दबाव के निष्पक्ष छानबीन की जा रही है।
सोलन।। अक्सर हिमाचल प्रदेश के अखबारों के पहले पन्ने पर खबर की शक्ल में भ्रामक विज्ञापन देकर अपने समागम में लोगों को बुलाने वाले तथाकथित ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी को लेकर बीजेपी नेता मोहिंदर नाथ सोफत ने सवाल उठाए हैं। हाल ही में दोबारा भाजपा में आए वरिष्ठ नेता ने सरकार से कार्रवाई की मांग की है और अखबारों पर भी सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर रोज दिल की बात कहने वाले सोफत ने शनिवार को फेसबुक पर लिखा, “पिछले कल पजांब केसरी के प्रथम पृष्ठ पर ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी का विज्ञापन देखने को मिला। हिंदी दैनिक समाचार पत्रों मे पजांब केसरी की विज्ञापन दरें सबसे उंची है और इस समाचार पत्र के पाठकों की संख्या भी सबसे अधिक है। इस विज्ञापन की कीमत लाखो रूपये होगी ऐसा मेरा अनुमान है।
स्वामी जी ने इस विज्ञापन द्वारा भयंकर दुखों,कष्टो और असाध्य रोगों का निवारण करने का दावा किया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि मण्डी हिमाचल के समागम मे जो 4-5 मई को होने जा रहा है मे आप देखेंगे हजारो लाखो लोगो की रोगों और दुखों से मुक्ति। उनका दावा है कि जो पाठ/ मंत्र वह आपको इस समागम देंगे उससे बढ़कर न कोई पाठ था न होगा। इस विज्ञापन मे कुछ विदेशी/ अमेरिका के नासा असैबली हाल मे स्वामी जी के स्वागत समारोह मे कथित सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशो को चित्रो सहित दिखाया गया है।
इन चित्रों को विज्ञापन मे इस लिए दिखाया गया है ताकि भोली भाली जनता को गुमराह किया जा सके। बडी हैरानी की बात है कि विज्ञापन मे दो जाने माने डाक्टरो सर्वश्री जगजीत सिंह और बलदेव राज चावला ने भी स्वामी जी के दावो का अनुमोदन किया है। परन्तु मेरे दो प्रश्न है कि स्वामी जी यह समागम यदि सेवा के लिए कर रहे है इस प्रकार विज्ञापन देने की जरूरत नहीं है । यदि सच मे स्वामी जी के पास मंत्रो से असाध्य रोगों के इलाज का इल्म है तो अस्पताल की कोई जरूरत नहीं है।
सरकार कुमार स्वामी के दावो को सच और विज्ञान की कसौटी पर परखे। यदि वह सच बोल रहे हैं तो उनका ज्ञान समाज के काम आना चाहिए। यदि यह सब धोखा है और भोले भाले लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा है तो भी सरकार कार्यवाई करे और स्वामी जी ने जो चमत्कार और मंत्रो के नाम की दुकान विज्ञापनो के माध्यम से चला रखी बंद करवाई जाए। कम से कम विज्ञापन पर यह चेतावनी लिखी होनी चाहिए की इस विज्ञापन पर विशवास करने से पहले पाठक इसकी सच्चाई परख लें।”
बता दें कि इन हिमाचल भी लंबे समय से इस संबंध में आवाज उठा रहा मगर न अखबार अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं न सरकार कार्रवाई करने को आगे आ रही है।
एमबीएम न्यूज, शिमला।। कांगड़ा लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार किशन कपूर के नामांकन वाले दिन वर्दी पहनकर रैली में शामिल हुए आईटीबीपी के सेवानिवृत अधिकारी के मामले को लेकर नई जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग को आईटीबीपी की ओर से यह जानकारी मिली है कि कोई भी अधिकारी सेवानिवृत होने के बाद इस तरह वर्दी नहीं पहन सकता।
गौरतलब है किशन कपूर के नामांकन वाले दिन दाड़ी में आयोजित जनसभा में ओम प्रकाश चौधरी नाम के इस शख्स ने न सिर्फ वर्दी में बीजेपी की सदस्यता ली थी बल्कि मंच पर बैठे बीजेपी नेताओं को सलूट भी किया था। इसे लेकर विपक्ष की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई थी।
बीजेपी की सदयस्ता के दौरान सेवानिवृत अधिकारी (Image: MBM NEWS NETWORK)
मामला बढ़ने पर चुनाव आयोग ने शिमला में आईटीबीपी से जानकारी मांगी थी कि क्या किसी को रिटायर होने के बाद वर्दी पहनने और उस वर्दी में इस तरह से राजनीतिक रैली में शामिल होने का अधिकार है। इस पर निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि उन्हें आईटीबीपी के कमांडेंट से इस बात का जवाब मिला है कि ऐसा नहीं किया जा सकता।
अब चुनाव आयोग क्या कदम उठाता है, सभी की नजरें इसी पर है।
(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)