प्रत्याशियों का नाम लिए बगैर सीधे अपने लिए वोट मांग गए मोदी

इन हिमाचल डेस्क।। शुक्रवार को मंडी में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात को लेकर चर्चा करते दिख रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने मंच पर मौजूद प्रत्याशियों का नाम लेकर लोगों से उन्हें वोट देने की अपील तक नहीं की। लोग इस तरह की चर्चा करते दिख रहे हैं कि ऐसी क्या वजह रही जो मंडी में आकर मंडी से पार्टी के उम्मीदवार रामस्वरूप शर्मा को जिताने की अपील नहीं की गई।

दरअसल शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का बड़ा हिस्सा कांग्रेस पर निशाना साधने पर था। लगभग 48 मिनट के भाषण में उन्होने जिन मुद्दों की बात की, उससे ऐसा लगा कि उनके भाषण का मकसद हिमाचल के लिए प्रचार करना नहीं बल्कि छठे चरण के तहत जिन सीटो पर 12 मई को वोटिंग होनी है, वहां के लोगों को संबोधित करना है। जैसे सिख दंगों की बात की गई क्योंकि पंजाब और दिल्ली में मतदान होना है। मोदी जानते हैं कि भले ही वह मंडी में भाषण दे रहे हैं मगर टीवी के माध्यम से पंजाब और दिल्ली के लोग भी इसे देख रहे हैं।

नया कुछ नहीं
हिमाचल को लेकर उनकी बातें वही रहीं, जो वह हर बार हिमाचल आने पर करते हैं। उदाहरण के लिए हिमाचल माताओं और वीरों की धरती है, सैनिक यहां से अधिक हैं, पैराग्लाइडिंग की है, यहां बहुत घूमा हूं, सेपू बड़ी बहुत पसंद है, यहां के लोगों का आशीर्वाद मिला है वगैरह-वगैरह। इस बार उन्होंने यह बात नहीं की कि 2014 में पड्डल मैदान से उन्होंने हिमाचल को लेकर जो वादे किए थे, उनमें से कितने पूरे हुए हैं। (नीचे उनका 2014 का भाषण सुनें और आर्टिकल के आखिर में 2019 का भाषण)

मोदी ने मंडी में वंशवाद और दलबदलुओं पर निशाना साधा। उनका इशारा पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय की ओर है। हालांकि यह वही परिवार है जो कुछ समय पहले तक बीजेपी में था और इसी परिवार के एक सदस्य अनिल शर्मा बीजेपी के विधायक भी हैं। कांग्रेस समर्थक इस बात की चर्चा करते रहे कि जब यह परिवार कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गया था बीजेपी ने अनिल शर्मा को मंत्री बनाया था तब वंशवाद और दलबदल नहीं दिखा।

सांसद का जिक्र उन्होंने एक ही बार किया कि सांसद उनके लिए सेपू बड़ी लेकर आते थे। मगर वोट मांगने की बारी आई तो उन्होंने कहा- कमल का बटन बदाओ और वोट सीधे मेरे खाते में आएगा। हालांकि लोगों को मोदी का वह अंदाज भी पसंद आया जब उन्होंने टूटी-फूटी मंडयाली बोलने की कोशिश की। संभवत: इन पंक्तियों को वह सामने लगे टेलिप्रॉम्पटर से पढ़ रहे थे, इसलिए ठहराव गलत से लेने वाक्य थोड़े अटपटे लगे। मगर लोग इस बात से ख़ुश थे कि पीएम ने उनकी बोली में उनसे जुड़ने की कोशिश की।

यह रैली हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिले में थी। ऐसे में उनपर जिम्मेदारी ज्यादा थी। मगर शुक्रवार मंडी में बड़ी संख्या में लोग जुटे और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग आए थे। इस लिहाज से यह रैली कामयाब मानी जा रही है। मंडी में सुबह 11 बजे से ही लोग जुटना शुरू हो गए थे। मंडी शहर में गर्मी अधिक होती है ऐसे में लोग परेशान भी हुए।

नरेंद्र मोदी देरी से पहुंचे और 3.50 पर उन्होंने बोलना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले लोगों से देर हो जाने के लिए माफी मांगी। हालांकि इस दौरान तक बहुत से लोग बेचैन भी हो चुके थे। प्रधानमंत्री को मंच पर देखने के बाद उनका भाषण पूरा होने से पहले ही कुछ लोग मैदान से निकलने लगे। हालांकि बड़ी संख्या में लोग मैदान में आखिर तक मोदी को सुनते रहे।

नीचे सुनें शुक्रवार को मंडी में दिया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा भाषण-

 

 

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