स्कूटी रोक गांव के ही लड़कों ने किया नाबालिग से गैंगरेप, बनाया वीडियो

कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में एक लड़की के यौन उत्पीड़न का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है इस घटना में नाबालिग लड़की के साथ इन लोगों ने बलात्कार भी किया है।

पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है जो एक ही गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने ये भी कहा है कि जो कोई इन लोगों द्वारा बनाया गया वीडियो शेयर करेंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया है कि यह पूरा मामला इसी साल जुलाई महीने की चार तारीख का है।

लड़की एक लड़के के साथ स्कूटी से जा रही थी तभी कुछ लड़कों के समूह ने उन्हें घेर लिया। ये लोग लड़का-लड़की से पूछताछ करने लगे और धमकाने लगे। इसके बाद उन्होंने लड़के को पीटा और लड़की के साथ बलात्कार किया। यही नहीं, इन्होंने वीडियो भी बना लिया। इन्होंने धमकी दी कि अगर किसी को जानकारी दी तो इस वीडियो को लीक कर देंगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने बताया है कि आरोपी लड़के पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं। एसपी ने बताया कि इन सभी के खिलाफ गैंगरेप और प़ॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद यह भी चर्चा है कि आरोपी पहले भी कई लड़कियों को निशाना बना चुके हैं और अगर पुलिस सही से पड़ताल करे तो इनकी और करतूतें सामने आ सकती हैं।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में ऐसे समूह सक्रिय हैं जो एकांत में बैठे कपल्स को निशाना बनाते हैं। इनमें कई बार पर्यटकों को भी निशाना बनाया जाता है। कांगड़ा के परौर और पंचरुखी में भी इसी तर्ज पर लड़कियों के उत्पीड़न और बलात्कार की घटनाएं सामने आई थीं।

पालमपुर के आसपास लड़की के उत्पीड़न, लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल

IPL स्पॉन्सरशिप से खुद ही हट गई चीनी स्मार्टफ़ोन कंपनी VIVO

नई दिल्ली।। चीनी स्मार्टफ़ोन कंपनी वीवो ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की इस साल की स्पॉन्सरशिप से हटने का फैसला किया है। दरअसल पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सैनिकों के शहीद होने से भारत में चीन और चीनी कंपनियों को लेकर नाराजगी का मौहाल देखा जा रहा था।

वीवो इंडिया आईपीएल की स्पॉन्सर होने का भी विरोध किया जा रहा था। यह विरोध उस समय तेज हो गया था जब रविवार को इस साल के आईपीएल का आयोजन यूएई में करवाने का एलान किया गया।  अब वीवो ने खुद इस साल आईपीएल की स्पॉन्सरशिप से पीछे हटने का फैसला किया है।

वीवी ने 2018 में पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट के तहत 2,199 रुपये चुकाए हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट 2023 तक किया गया है। कुछ दिन पहले जब पत्रकारों ने इस संबंध में बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल से बात की थी तो उनका कहना था- वीवो की स्पॉन्सरशिप से भारत को ही फ़ायदा है।

वीवो इंडिया

रविवार को बीसीसीआई ने कहा था कि इस साल होने जा रहे खेलों में सभी स्पॉन्सर बने रहेंगे। आईपीएल का 2020 सीज़न 19 सितंबर से 10 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में होने जा रहा है।

आईपीएल के मैच तीन जगह खेले जाएंगे- दुबई, शारजाह और आबु धाबी। हालांकि, इसके लिए सरकार की ओर से मंजूरी मिलना बाकी है।

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हिमाचल की मुस्कान ने पहले प्रयास में UPSC परीक्षा में हासिल किया 87वां रैंक

शिमला।। यूपीएससी सिविल सर्विसेज़ 2019 का रिजल्ट आ गया है। इसमें हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले संबंध रखने वालीं मुस्कान जिंदल ने 87वां रैंक हासिल किया है। 22 साल की मुस्कान ने पहले ही प्रयास में यह परीक्षा पास की है।

मुस्कान जिंदल बद्दी की रहने वाली हैं। वह यहीं के एक निजी स्कूल से पढ़ी हैं। उन्होंने 10वीं और 12वी की परीक्षाओं में भी स्कूल में टॉप किया था। 12वीं उन्होंने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने चंडीगढ़ से बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई की है।

मुस्कान जिंदल

मुस्कान के पिता पवन जिंदल कारोबारी हैं और उनकी माता गृहिणी हैं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं।

मुस्कान ने खुद मेहनत करके यह उपलब्धि हासिल की है और ज्यादातर पढ़ाई घर पर ही की थी। परिवार खुश हैं और करीबी लोग घर पर फ़ोन करके बधाइयां दे रहे हैं।

नेरचौक लैब में कोरोना टेस्टिंग रुकी, दूसरी जगह भेजे जाएंगे सैंपल

मंडी।। नेरचौक के लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में कोरोना की जांच करने वाली लैब को अगले दो दिनों के लिए बंद करना पड़ा है। यह मंडी जिले की इकलौती टेस्टिंग लैब है जो आसपास के जिलों से आने वाले सैंपल्स की भी जांच करती है। मगर इसी लैब के एक कर्मचारी को कोविड संक्रमित पाया गया है।

लैब अटेंडेंट के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद यहां करीब 500 सैंपल्स बेनतीजा लटक गए हैं। यहां मंडी के अलावा कुल्लू और लाहौल स्पीति के सैंपल भी आते हैं मगर अब उन्हें हमीरपुर या शिमला भेजा जाएगा।

अन्य जिलों के सैंपल भी आते हैं नेरचौक

मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉक्टर जीवानंद चौहान ने बताया कि लैब को एहतियातन बंद किया गया है। उनका कहना है कि सैनिटाइज़ेशन और अन्य ज़रूरी उपाय करने के बाद फिर से काम सुचारू रूप से शुरू करने की उम्मीद है।

नगरोटा बगवाँ में गुंडे बेलगाम, कपल को पकड़ लड़की का वीडियो बनाया

कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा ज़िले से एक बार फिर गुंडातत्वों द्वारा कपल को पकड़कर लड़की के साथ अश्लील हरकतें करने और उसके निजी अंगों का वीडियो बनाने मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की गिरफ़्तारी का दावा किया है, हालाँकि जाँच जारी है। शाम तक पुलिस ने पूरी जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।

मामला नगरोटा बगवाँ के मस्सल इलाक़े का है जहां पर जंगल गाँव में एक कपल को कुछ लोगों ने घेर लिया। वे उन्हें बेइज्जत करके बदनामी करने की धमकी देने लगे और कहने लगे कि तुम यहाँ ग़लत काम कर रहे हो। लेकिन ऐसा कहने वालों ने लड़की के प्राइवेट पार्ट का वीडियो बना लिया। इस दौरान लड़के के साथ भी बदसलूकी होती रही।

ऐसी जानकारी मिली है कि ये लड़के पहले भी यहाँ आने वाले कपल्स के साथ ऐसा कर चुके हैं। वे यहाँ एकांत में बैठे कपल्स को घेरते थे, लड़के को पीटते थे, लड़की का उत्पीड़न करते थे और वीडियो बना लेते थे। फिर धमकी देते हैं कि किसी से कुछ कहा तो वीडियो लीक कर देंगे। डर के मारे किसी ने इनकी शिकायत नहीं की और इनकी हिम्मत बढ़ती चली गई।

इस बार इन्हीं का बनाया वीडियो सामने आ गया और कुछ लोगों ने इसे फैला दिया। इस तरह मामला सार्वजनिक हुआ। एसपी काँगड़ा विमुक्त रंजन का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी शाम पाँच बजे देगी।

ग़ौरतलब है कि पूरे हिमाचल में ऐसे टोंडे सक्रिय हैं जो झुंड बनाकर कपल्स को निशाना बनाते हैं। संस्कृति और समाज का बहाना बनाकर ये अपनी कुंठा को शांत करते हैं। वीडियो बनाते हैं और लड़की से रेप करते हैं और कहते हैं कि किसी से कहा तो वीडियो वायरल कर देंगे। ऐसी ही एक घटना काँगड़ा के ही परौर में अप्रैल 2018 में सामने आई थी जब नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप कर दिया गया था। आगे ख़बर पढ़ें-

कांगड़ा के परौर में नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की खबर

इसी तरह नवंबर 2019 में काँगड़ा के पंचरुखी में रेल ट्रैक पर कुछ लोगों ने लड़का-लड़की को घेर कर धमकाया और लड़की जबरन किस कर लिया था। ख़बर आप आगे पढ़ सकते हैं-

पालमपुर के आसपास लड़की के उत्पीड़न, लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल

शीशा तोड़ने पर डाँटा तो नशेड़ी युवक ने उसी से मार डाली दादी

मंडी।। नशे की गिरफ्त में आई युवा पीढ़ी किस तरह से बर्बाद हो रही है, इसका एक उदाहरण मंडी के गोहर में देखने को मिला है। यहाँ एक युवक पर अपनी दादी को शीशे के टुकड़े से ज़ख़्मी कर मार डालने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि युवक ने इसलिए अपनी दादी की जान ले ली क्योंकि उसे शीशा तोड़ने के लिए डाँटा गया था।

20 साल के इस युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी मंडी गुरदेव चंद शर्मा ने बताया है कि यह युवक पहले नशे के मामलों में शामिल रहा था। सोमवाक सुबह किसी सनक में उसने बिस्तर पर लगे शीशे को तोड़ दिया। आवाज सुनकर 65 वर्षीय दादी कमरे में आई और डांट दिया।

बहस के बाद वह सनक में आ गया और दादा से हाथापाई करने लगा। इसी बीच कथित तौर पर उसने टूटे हुए कांच को ही उठाकर  दादी के सीने पर वार कर दिए जिससे वह जख्मी होकर गिर गईं। परिवार के अन्य सदस्य शोर सुनकर कमरे में आए और वृद्धा को जख्मी हालत में अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है

एसपी का कहना है कि मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन हालात में पूरा वाक़या हुआ।

पहले किराया बढ़वाया, अब दोबारा रूट बंद कर रहे निजी बस ऑपरेटर

शिमला।। पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश में बस किराये में बढ़ोतरी हुई थी तो सवाल उठे थे कि तत्कालीन परिवहन मंत्री ने यह फैसला निजी बस ऑपरेटरों के दबाव में लिया है। निजी ऑपरेटर लगातार घाटा होने की माँग करते हुए बसें सड़क पर उतारने से इनकार कर रहे थे। अब किराया बढ़ गया मगर दोबारा कई रूटों पर निजी ऑपरेटर बसें बंद करने जा रहे हैं।

निजी बस एसोसिएशन ने चार अगस्त से प्रदेश में करीब 100 बस रूट बंद करने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर हालात ऐसे ही रहे तो अन्य रूटों पर भी बसें कम की जा सकती हैं। अभी प्रदेश में मंगलवार से 100 बस रूट बंद करने का निर्णय लिया है। इससे पहले प्रदेश में 500 रूटों पर निजी बस बसें दौड़ती थीं।

हिमाचल निजी बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश पराशर राजू ने कहा कि एसोसिएशन चार अगस्त से प्रदेश में 500 रूटों में से 100 रूटों को बंद करने जा रही है। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर लगातार घाटे में चल रहे हैं। ग़ौरतलब है कि निजी बस ऑपरेटर 50 फ़ीसदी किराया बढ़ाने की माँग कर रहे थे जबकि सरकार ने 25 फ़ीसदी किराया बढ़ाया था।

निजी बस ऑपरेटर्स ने किराया बढ़ने पर किया सरकार का धन्यवाद। जानें, क्या वजह बताई 50% किराया बढ़ाने की मांग की।

Posted by In Himachal on Monday, July 20, 2020

25 फ़ीसदी किराया बढ़ाने के बाद बस ऑपरेटर बसें चलाने को तैयार हो गए थे मगर अब गोविंद ठाकुर से परिवहन मंत्रालय छिनने के बाद उन्होंने यह फ़ैसला किया है। ऐसे में इस फ़ैसले को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कि उसे उम्मीद थी कि धीरे-धीरे सवारियां बढ़ेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। निजी बसों में लगातार सफर करने वाले लोगों ने भी पिछले कुछ दिनों से यात्रा करनी बंद कर दी।

चमगादड़ भगाने के लिए बागवानों ने छोड़े पटाखे, कंगना ने बुलाई पुलिस

कुल्लू।। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनाली में कंगना रणौत के घर के आसपास सेब के बागवानों ने पके हुए फलों को चमगादड़ों और अन्य जीवों से बचाने के लिए पटाखे चलाए। इसके बाद अभिनेत्री कंगना ने गोली की आवाज सुनने का दावा करते हुए पुलिस बुला ली।

अभिनेत्री का कहना है कि सुशांत सिंह राजपूत मामले और बॉलीवुड में परिवारवाद पर आवाज उठाने के लिए उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। कुल्लू पुलिस जानकारी मिलने पर कंगना के घर पहुंची थी और मामले की पड़ताल की थी। पुलिस का कहना है सीसीटीवी आदि की पड़ताल करने पर भी घर के पास गोली चलाए जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। हालांकि, पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।

कंगना रणौत

उधर सोशल मीडिया पर कुछ लोग जहां अभिनेत्री का समर्थन कर रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे नाटक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि सामान्य पटाखों की आवाज को गोली की आवाज बताया गया ताकि दिखाया जा सके कि कैसे कुछ लोग उन्हें डराने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया है तो कुछ का कहना है कि हिमाचल पुलिस को वाकई सावधानी बरतनी चाहिए।

अभी तक कोई बागवान आगे नहीं आया है कि पटाखे उसने चलाए थे। मगर ऐपल सीजन में फसलों को चमगादड़ आदि से बचाने के लिए शोर किया जाता है। गौरतलब है कि मनाह (चमगादड़) रात को सक्रिय होते हैं और फलों को कुरेदते हैं।

बॉलीवुडलाइफ डॉट कॉम ने कंगना के बयान भी छापा है। इसमें कंगना के हवाले से कहा गया है, “मैं बेडरुम में थी और ये बात रात के 11.30 बजे करीब की है. हमारे घर की एक बाउंड्री वॉल है, जिसके पीछे एक सेब का बाग है और एक पानी का तालाब है। मुझे एक पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी और इसके कुछ देर बाद दोबारा वैसी ही आवाज सुनाई दी। तब मैं थोड़ा डर गई। अभी मनाली में कोई पर्यटन का सीजन नहीं है और ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है कि बाहर लोग खुशियां मनाते हुए पटाखे छोड़ेंगे।”

कंगना ने बताया, “इसलिए मैंने तुरंत अपने सिक्योरिटी गार्ड को बुलाया और उनसे पूछा कि बाहर क्या हुआ है। वो बोले- हो सकता है कि कुछ बच्चे हो। हम चारों ओर देखते हैं कि ये क्या है। शायद उन्होंने ये आवाज नहीं सुनी लेकिन मैंने सुनी। उसने सोचा कि शायद किसी ने शैतानी की होगी। वो चारों ओर गए लेकिन कुछ नहीं मिला। अब हम पांच लोग हैं घर पर और सभी मेरे साथ रह रहे हैं। हम सभी ने ये आवाज सुनी और हमें लगा है कि ये गोलियों की आवाज थी। इसके बाद हमने पुलिस को बुलाया।”

“पुलिस ने कहा कि शायद कोई चमगादड़ को मारने की कोशिश कर रहा हो क्योंकि चमगादड़ सेब की खेती को नुकसान पहुंचाते हैं। शनिवार सुबह हमने सेब के बागीचे के मालिक को बुलाया लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गोली नहीं चलाई। इसलिए हमें लगता है कि यह हमें डराने के लिए किया गया था।”

मंत्री बनने पर पठानिया को बधाई के विज्ञापन पर उठने लगे सवाल

शिमला।। हिमाचल प्रदेश सरकार में हाल ही में मंत्री पद पाने वाले नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया को लेकर एक नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। शनिवार को एक अख़बार के पहले पन्ने पर छपे फ़ुल पेज ऐड में पठानिया को मंत्री बनने पर बधाई दी गई है। इसमें बड़े हिस्से पर पठानिया की तस्वीर है, साथ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की दो छोटी तस्वीरें भी हैं। विज्ञापन देने वालों का नाम ‘नूरपुर मंडल’ लिखा गया है।

चूँकि अख़बारों के पहले पूरे पन्ने के, वो भी पूरे प्रदेश के संस्करणों में छपवाए जाने वाले विज्ञापन काफ़ी महँगे होते हैं और इनकी क़ीमत लाखों तक होती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब कोरोना काल में अनावश्यक ख़र्चों पर कटौती पर ज़ोर दिया जा रहा है तब नूरपुर बीजेपी मंडल के पास इस विज्ञापन को देने के लिए कहां से पैसा आ गया।

राकेश पठानिया

इस विज्ञापन से सरकार की भी किरकिरी हो रही है कि कैसे नए मंत्री का 48 घटों के अंदर प्रचार शुरू हो गया है। जानकारी मिली है कि इस संबंध में बीजेपी के ही कुछ नेता संगठन को शिकायत देने की तैयारी में हैं कि पार्टी की ओर से कैसे यह विज्ञापन दिया गया और इसकी क्या ज़रूरत थी।

इस विज्ञापन को लेकर कुछ सवाल पार्टी को भी असहज कर सकते हैं। जैसे कि इस विज्ञापन का पैसा किसने दिया। अगर पैसा पार्टी ने दिया तो किस मद से और किसकी इजाज़त से दिया गया और अगर किसी समर्थक ने निजी हैसियत से दिया तो जारी करने वालों में भाजपा के नूरपुर मंडल का नाम कैसे दिया।

गोविंद ठाकुर को झटका, राजीव सहजल को बड़ी जिम्मेदारी; जानें किसे क्या मिला

गोविंद ठाकुर को झटका, राजीव सहजल को बड़ी जिम्मेदारी; जानें किसे क्या मिला

शिमला।। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरो ंको शामिल करने के साथ ही महकमों में भी भारी फेरबदल किया है। सीएम ने पहले ही कहा था कि मंत्रिमंडल में फेरबदल यदि किया जाएगा तो उसमें परफ़ॉर्मेंस को आधार बनाया जाएगा। इस तरह से देखा जाए तो कुछ मंत्रियों को झटका लगा है तो कुछ की ज़िम्मेदारी बढ़ाई गई है। हालाँकि, तमाम आरोपों और आलोचनाओं के बावजूद महेंद्र सिंह ठाकुर अभी भी मुख्यमंत्री के बाद ताकतवर मंत्री बने हुए हैं। विक्रम ठाकुर को भी अतिरिक्त महकमे की ज़िम्मेदारी मिली है।

मनाली से विधायक गोविंद ठाकुर से उनके तीन महकमे लेकर शिक्षा मंत्री बनाया गया है। उनके पास भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग भी रहेगा। गोविंद ठाकुर से लिए गए वन विभाग और खेल एवं युवा मामलों के महकमों को नए मंत्री राकेश पठानिया को दिया गया है जबकि ट्रांसपोर्ट महकमा उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर को सौंपा गया है।

गोविंद ठाकुर अपने ही जिले में वनों के कटान को लेकर प्रभावी क़दम न उठा पाने को लेकर मीडिया की आलोचनाओं के केंद्र में रहे थे। इसके अलावा परिवहन विभाग में भी उनकी कोई खास उपलब्धि नहीं रही। दो बार बसों का किराया बढ़ाया गया तो आरोप लगे कि वह निजी बस ऑपरेटरों के दबाव में काम कर रहे हैं। सरकारी बसों के लगातार घाटे में जाने और अवैध वॉल्वो को लेकर आंख मूंदने के कारण भी उनपर सवाल उठ रहे थे।

गोविंद ठाकुर

उधर, शिमला सिटी से विधायक सुरेश भारद्वाज को शहरी विकास, टीसीपी एंड हाउज़िंग, क़ानून, संसदीय मामलों और सहकारिता विभाग की ज़िम्मेदारी दी गई है। जैसा कि पहले ही बताया गया है, उनसे शिक्षा महकमा लेकर गोविंद ठाकुर को दिया गया है। इसके अलावा राजीव सहजल की तरक़्क़ी हुई है। उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुर्वेद विभाग दिया गया है। वह ख़ुद भी डॉक्टर हैं। पहले यह महकमा विपिन परमार के पास था मगर उनके विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद सीएम के पास चला गया था।

मंत्रियों के विभागों की जानकारी

ख़राब प्रदर्शन के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहीं मंत्रिमंडल की इकलौती महिला सदस्य सरवीण चौधरी को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री बनाया गया है। उनके पास पहले शहरी विकास मंत्रालय था मगर वह अपने काम से प्रभावित नहीं कर पा रही थीं। ऐसी चर्चा है कि प्रदेश में बीजेपी की कोई और वरिष्ठ महिला विधायक होती तो सरवीण की जगह उन्हें मंत्री बना दिया जाता।

सरवीण चौधरी

रामलाल मारकंडा को टेक्निकल एजुकेशन और ट्राइबल अफ़ेयर व आईटी विभाग सौंपा गया है। उनसे कृषि मंत्रालय लेकर वीरेंद्र कंवर को दिया गया है। वीरेंद्र कंवर आरडी एंड पीआर, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग भी सँभालेंगे। नए मंत्री सुखराम को एमपीपी और ऊर्जा मंत्रालय दिया गया है वहीं राजिंदर गर्ग खाद्य एवं आपूर्ति और प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग देखेंगे। वहीं राकेश पठानिया वन एवं युवा मामलों के मंत्री होंगे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ढाई साल के कार्यकाल के बाद यह कैबिनेट विस्तार और रीशफल किया है। कई मंत्री पद लंबे समय से ख़ाली चल रहे थे। परफ़ॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों के महकमे बदल सीएम ने सरकार के पेच कसने की कोशिश तो की है मगर अहम बात यह है कि इससे सबक़ लेकर मंत्री अपना रवैया बदलते हैं या नहीं।

हालाँकि, महेंद्र सिंह और विक्रम ठाकुर भी ज़मीन पर डिलीवर करने में असफल दिखे हैं और हवाई बातें या दावे करने को लेकर जनता की नज़रों में भी हैं। फिर भी सीएम ने उनपर विश्वास जताया है। ऐसे में देखना होगा कि यह फेरबदल पूरी की पूरी सरकार की कार्यशैली और छवि को कितना बदल पाता है।