शिमला।। कोरोना को मात देने के बाद मोहाली के एक निजी अस्पताल से शिमला लौटे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को आईजीएमसी शिमला भर्ती करवाया गया है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी उनका हालचाल जानने आईजीएमसी पहुंचे।
वीरभद्र सिंह शुक्रवार दोपहर सरकारी चॉपर से शिमला पहुंचे और फिर अपने निवास हॉली लॉज चले गए थे। बताया जा रहा है कि वीरभद्र सिंह को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसके बाद शाम छह बजे उन्हें आईजीएमसी लाया गया।
एमएस डॉक्टर जनक राज ने बताया कि वीरभद्र सिंह को कार्डिक केयर यूनिट में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के बीच इस बारे में विचार हो रहा है कि उन्हें दोबारा चंडीगढ़ भेजा जाए या नहीं।
शिमला।। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कोविड-19 को मात देने के बाद शिमला लौट आए हैं। वह शुक्रवार दोपहर हेलिकॉप्टर से शिमला के अनाडेल पहुंचे। वहां से सीधे अपने आवास चले आए।
बता दें, हिमाचस के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उन्हें लाने के लिए हिमाचल सरकार का हेलिकॉप्टर देखा था। उनकी खराब सेहत को देखते हुए जयराम ठाकुर ने दो साल पहले भी चंडीगढ़ से उन्हें लाने के लिए सरकारी चॉपर भेजा था।
पूर्व सीएम को लाने के लिए सरकारी हेलिकॉप्टर भेजने का संबंध अब कुछ लोग वीरभद्र सिंह के पुत्र और शिमला ग्रामाीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह के उस बयान से भी जोड़ रहे हैं, जिसमें उन्होंने सरकारी हेलिकॉप्टर का बचाव किया था।
सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ लोगों का अब यह भी कहना है कि वीरभद्र को हेलिकॉप्टर से लाया जाना पहले से ही तय था। इसीलिए विक्रमादित्य ने वह पोस्ट हटाई थी, जिसमें उन्होंने संघ पर टिप्पणी की थी।
अगर विक्रमादित्य उसी स्टैंड पर कायम रहते तो हेलिकॉप्टर भेजने वाले सीएम को भी सरकार और संगठन के सामने जवाब देना पड़ जाता कि आप कैसे लोगों के लिए सरकारी हेलिकॉप्टर भेज रहे जो ऐसी भाषा इस्तेमाल करते हैं।
सोलन।। हिमाचल प्रदेश के सोलन के बद्दी में कोरोना से दम तोड़ने वाले एक शख्स के शव को ट्रैक्टर से श्मशान घाट पहुंचाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिषद ने मृतक संक्रमित का शव कूड़ा उठाने वाली ट्राली से श्मशान घाट पहुंचाया। ऐसा तब हुआ है जब शव लाने के लिए पांच वाहनों की व्यवस्था है।
इस घटना पर मृतक के परिजनों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि अगर नगर परिषद के पास साधन नहीं थे तो वाहन वे खुद मुहैया करवा देते।
वहीं, नगर परिषद के ईओ ने कहा कि ट्रॉली को साफ करके भेजा गया था। उनका कहना है कि वाहन नहीं होने पर ट्राली में शव को श्मशान घाट तक लाया गया।
इस बीच, नालागढ़ के एसडीएम ने नप बद्दी के ईओ और बीएमओ से जवाब मांगा है।
शिमला।। हिमाचल प्रदेश समेत पूरे देश को दहला देने वाले शिमला के कोटखाई के चर्चित गुड़िया रेप एंड मर्डर केस के अभियुक्त को अदालत ने दोषी क़रार दिया है। सीबीआई ने इस मामले में नीलू नाम के एक चरानी को अभियुक्त बनाया था।
छह जुलाई 2017 को कोटखाई में दांदी के जंगल में गुड़िया की लाश मिली थी। शुरू में पुलिस ने इस गैंगरेप और मर्डर का मामला बताया और छह लोगों को पकड़ा। बाद में इनमें से एक नेपाली मूल के सूरज की कोटखाई थाने में मौत हो गई थी।
पुलिस का कहना था कि राजू नाम के दूसरे अभियुक्त की सूरज के साथ बहस हो गई थी और फिर उसने सूरज को मार डाला। मगर पुलिस के रवैये पर उठते सवालों के बाद तत्कालीन वीरभद्र सरकार को मामला सीबीआई को ट्रांसफर करना पड़ा।
सीबीआई ने लंबी पड़ताल की और पुलिस द्वारा पकड़े अभियुक्तों को रिहा कर दिया। साथ ही हिरासत मे हुई सूरज की मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों को अभियुक्त बनाया। बाद में अप्रैल 2018 में नीलू नाम के चरानी को सीबीआई ने हिरासत में लिया। अब इसे कोर्ट ने सजा सुनाई है।
फ़ाइल Photoशिमला।। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि केंद्र सरकार कोरोना संकट से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वित्त मंत्रालय गंभीरता के साथ प्रधानमंत्री के सभी निर्देशों का पालन कर रहा है।
मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए 3 महीने के लिए ऑक्सीजन से जुड़े उपकरणों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी और हेल्थ सेस नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा, “जिला मुख्यालयों पर सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दी है। देश में पीएम केयर फंड से लगाए जाने वाले 551 ऑक्सीजन प्लांट कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने में मदद करेंगे।”
वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाला जीवन रक्षक रेमडेसिविर के उत्पादन को 38.80 लाख यूनिट प्रति माह से बढ़ाकर 74 लाख यूनिट प्रति माह करने का निर्णय लिया गया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ रुपए लोगों को मई और जून महीने में 26 हजार करोड़ रुपए खर्च करके 5 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, जो सराहनीय है।
चंडीगढ़।। देश में कोरोना के कारण बिगड़ते हालात के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अजीब बयान दिया है। खट्टर ने कहा कि ‘हमारे शोर मचाने से मरे हुए लगे हुए लौट कर नहीं आएंगे।’
कोविड-19 के आंकड़ों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में खट्टर ने कहा कि मौजूदा समय कोरोना के आंकड़ों पर गौर करने का नहीं है। कोरोना से हो रही मौतों को सीएम खट्टर ने प्राकृतिक आपदा बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।
हरियाणा के सीएम खट्टर मंगलवार को कोरोना हॉस्पिटलों का जायजा लेने रोहतक पहुंचे थे। तब वहां मौजूद एक पत्रकार ने उनसे कोरोना के आंकड़ों लेकर सवाल पूछा था जिसके जवाब में सीएम खट्टर ने कहा, “यह समय आंकड़ों पर गौर करने का नहीं है, जो चला गया वो हमारे शोर मचाने से जिंदा वापस नहीं आएगा। यह एक प्राकृतिक आपदा है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।”
इससे पहले खट्टर ने हरियाणा को इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार बताया था। उन्होंने कहा था, “लॉकडाउन लगाना कोई उपाय नहीं है, क्योंकि इस स्थिति में लोग और ज्यादा पैनिक हो जाते हैं। इससे आर्थिक व्यवस्था भी बुरा असर पड़ता है।”
धर्मशाला। हिमाचल में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कांगड़ा हिमाचल का सबसे बड़ा जिला है यहां कोरोना के मामले भी सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। कोविड मरीजों के कारण अस्पताल में लगातार भर रहे हैं। इसलिए कांगड़ा जिला प्रशासन ने पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के घर को कोविड सेंंटर बनाने के लिए हामी भर दी है। हालांकि इसके लिए कुछ व्यवस्थाएं करने के लिए कहा गया है।
सुुधीर शर्मा का घर
आपको बता दें कि पूर्व मंत्री कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने अपने घर को कोविड सेंटर बनाने का प्रस्ताव कांगड़ा प्रशासन को दिया था। हालांकि तब कांगड़ा उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति द्वारा कहा गया था कि फिलहाल ऐसी जरूरत नहीं है, लेकिन अब कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन द्वारा लैटर लिखकर व्यवस्थाएं करने के लिए कहा गया है।
सुधीर शर्मा की पेशकश को पूर्व मंंत्री जीएस बाली का भी साथ मिला था। जीएस बाली ने कहा था कि यदि सुधीर शर्मा के घर को कोविड केयर सेंटर बनाया जाता है तो वो फोर्टिस अस्पताल से ऑक्सीजन और नर्सिंग स्टाफ की सुविधाएं देने के लिए तैयार हैं। आपको बता दें कि कांगड़ा में फोर्टिस अस्पताल जीएस बाली के परिवार द्वारा संचालित किया जाता है।
कांगड़ा उपायुक्त द्वारा लिखा गया पत्र
हालांंकि जीएस बाली ने फोर्टिस अस्पताल में भी कोविड सेंटर बनाने की पेशकश की थी, लेकिन वहां कुछ दिक्कतों की वजह से जिला प्रशासन की ओर से प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। इसके बाद वन मंत्री राकेश पठानिया ने भी उनके परिवार द्वारा संचालित नर्सिंग इंस्टीच्यूट को भी कोविड सेंटर बनाने के लिए कांगड़ा उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति को चिट्ठी लिखी थी।
कोविड सेंटर बनाने के लि ये इंतजाम करने होंगे
ऑक्सीजन युक्त 50 बेड का प्रबंध करना होगा।
रोगियों के लिए खाने की व्यवस्था का इंतजाम करना होगा।
कोविड केयर सेंटरों के डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, वार्ड ब्वॉयज और सफाई कर्मचारियों की लिस्ट
उक्त सभी इंतजाम तीन दिन के भीतर करने के लिए कहा गया है। यह व्यवस्थाएं करने के बाद प्रशासन को सूचित करना होगा। प्रशासन द्वारा बताई गई व्यवस्थाएं यदि पूरी कर ली जाती है तो एक मई से दोनों जगह कोविड केयर सेंटर चलाने के लिए जिला प्रशासन टेकओवर किया जाएगा। इस बाबत डीसी कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने वन मंत्री राकेश पठानिया और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा को पत्र लिख दिया है।
शिमला। हिमाचल में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। परीक्षाएं भी फिलहाल के लिए टाल दी गई हैं। अब शिक्षा सचिव की ओर से एक चिट्ठी लिखी गई है। इसमें शिक्षा विभाग कर्मचारियों और विशेषकर शिक्षकों की कोविड वैक्सीनेशन और होम आईसोलेट कोविड मरीजों के लिए सेवाएं देने के लिए कहा है।
इस बाबत शिक्षा सचिव की ओर से निदेशक उच्च शिक्षा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के निदेशक लैटर जारी कर दिया गया है। लैटर में आदेशों की अनुपालना करवाने के लिए भी कहा गया है। आपको बता दें कि इससे पहले भी शिक्षकों की विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए मदद ली जाती है।
शिक्षा सचिव की ओर से लिखा गया पत्र
चूंकि अब कोरोना काल में स्कूल फिलहाल बंद हैं। इसलिए शिक्षकों की मदद कोविड वैक्सीनेशन में लेने के लिए कहा गया है। साथ ही साथ होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों के लिए सेवाएं प्रदान करने में भी शिक्षकों की मदद ली जाएगी।
शिमला।। पिछले दिनों सरकारी हेलिकॉप्टर को लेकर बीजेपी सरकार का बचाव करने के बाद अपनी ही पार्टी के अंदर घिरे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और शिमला ग्रामीण से कांग्रेस के विधायक विक्रमादित्य फिर लोगों के निशाने पर हैं। दरअसल, विक्रमादित्य ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेव संघ पर निशाना साधा था। मगर बाद में उन्होंने इसे डिलीट कर दिया। लोग अब उस पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं।
विक्रमादित्य ने अपने पेज पर लिखा था- सही को सही और गलत को गलत कहना हमारा दायित्व है। इसके नीचे भगवा बैकग्राउंड पर लिखा था- “इतिहास की सबसे भीषण आपदा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लापता। – विक्रमादित्य सिंह।” लेकिन को सही को सही और गलत को गलत कहने का दायित्व निभाने का दावा करने वाले विक्रमादित्य का यह पोस्ट अब उनके फेसबुक पेज पर नजर नहीं आ रहा।
इसे लेकर लोग विक्रमादित्य पर निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब इस काल में आरएसएस की ओर से किए जा रहे और अब तक किए गए काम कॉमेंट्स के माध्यम से गिनाए जाने लगे तो शिमला ग्रामीण के विधायक ने पोस्ट को ही हटा दिया।
अब लोगों द्वारा की जा रहीं कुछ टिप्पणियां-
अवसरवादी और स्वार्थ से परिपूर्ण पार्टी के लोगों को RSS जैसे राष्ट्रवादी संगठन द्वारा किए जा रहे काम क्यूँ दिखायी देंगे?…
शिमला।। हिमाचल प्रदेश ने कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे दिल्ली के अस्पतालों को ऑक्सीजन भेजने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस संबंध में ट्वीट करके जानकारी दी है।
सीएम जयराम ठाकुर ने ट्वीट किया, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी के आग्रह पर हमारी सरकार दिल्ली को ऑक्सीजन की आपातकालीन आपूर्ति करेगी। कोविड-19 महामारी के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन का भारी संकट चल रहा है, जो चिंताजनक है। संकट की इस घड़ी में हिमाचल दिल्ली को हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी के आग्रह पर हमारी सरकार दिल्ली को ऑक्सीजन की आपातकालीन आपूर्ति करेगी।
कोविड-19 महामारी के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन का भारी संकट चल रहा है, जो चिंताजनक है।
संकट की इस घड़ी में हिमाचल दिल्ली को हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।
इसके बाद दिल्ली के सीएम ने जयराम ठाकुर के इस ट्वीट को रीट्वीट किया और शुक्रिया अदा किया। अरविंद केजरीवाल ने लिखा है- जयराम जी, आपकी इस मदद के लिए तहे दिल से शुक्रिया।