लिफ्ट नहीं मिली तो HRTC की बस लेकर भागा शख्स

कांगड़ा।। शिमला के शोघी का रहने वाला एक व्यक्ति ज्वालामुखी बस स्टैंड से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस लेकर फरार हो गया। मामले की सूचना मिलने के बाद सब इंस्पेक्टर देहरा डिपो अशोक कुमार ने इसकी शिकायत थाना ज्वालाजी में दर्ज करवाई।मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई ओर गायब हुई बस खोजने को लेकर सभी पुलिस थाना में इस बाबत सूचित किया। साथ ही बस स्टैंड और अन्य जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने शुरू किए।

शिकायत मिलने के बाद चंद ही घण्टों में चोरी हुई बस को दाड़लाघाट से कुछ किलोमीटर दूरी पर बस सहित आरोपी को काबू किया। बताया जा रहा है कि दाड़लाघाट स्तिथ चौकी की पुलिस टीम ने बस को अपने काबू किया, साथ ही इसकी सूचना ज्वालामुखी थाने में दी।

सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी ज्वालाजी जीत सिंह के नेतृत्व में एएसआई बलदेव राज शर्मा व उनकी पुलिस टीम बस सहित आरोपी को अपनी हिरासत में लेने के लिए रवाना हुई। डीएसपी ज्वालामुखी तिलक राज शांडिल ने कहा कि पुलिस ने बस व उक्त आरोपी को अपनी हिरासत में लेने के लिए पुलिस की एक टीम ज्वालाजी से दाड़लाघाट के लिए भेज दी है। बस व उक्त आरोपी को यहां लाने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जानकारी के अनुसार बस को लेकर फरार होने वाला व्यक्ति जिला शिमला से सबंध रखता है व शोघी का रहने वाला बताया जा रहा है, जोकि पेशे से ट्रक ड्राइवर है। बताया जा रहा है यह व्यक्ति जिला कांगड़ा में मां ज्वालाजी सहित अन्य शक्तिपीठों के दर्शन करने के लिए आया हुआ था और ज्वालामुखी शहर में बीते 2 या 3 दिन से घूम रहा था कि इसी बीच बीती रात लगभग सवा एक बजे के करीब वह खाली बस को ज्वालाजी बस स्टैंड से चोरी करके फरार हो गया।

बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं बस को लेकर फरार होने वाला व्यक्ति सनकी बताया जा रहा है। पुलिस ने जब आरोपी से बस को चुराने की वजह पूछी गई तो उसने कहा कि उसे शिमला अपने घर की तरफ जाना था, लेकिन उसे कोई भी लिफ्ट नही दे रहा था। जब उसे कोई लिफ्ट नही मिली तो वह यहां खड़ी हई बस को लेकर चल पड़ा।

बताया जा रहा है कि आरोपी द्वारा चुराई गई बस साइड से क्षतिग्रस्त भी हुई है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का 10वीं का रिजल्ट 99.7% रहा

पूजा कपूर, धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षाका परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। प्रदेश का परिणाम 99.7 प्रतिशत रहा है। शिक्षा बोर्ड ने 10वीं की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड ने दसवीं के परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए सात मानदंड तय किए थे।इनमें नौवीं कक्षा, प्रैक्टिकल, इंटरनल असेसमेंट, फर्स्ट और सेकेंड टर्म इग्जाम, प्री-बोर्ड और बोर्ड की ओर से लिए गए हिंदी विषय के पेपर का मूल्यांकन करवाकर परिणाम तैयार किया गया। हालाकि प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को पहले ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है।

मैट्रिक में 1,31,902 परीक्षार्थी हैं, जिनमें से 1,16,973 नियमित व 14,929 एसओएस से संबंधित हैं। सुरेश कुमार सोनी, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते जो छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे कि उन्हें 12 जुलाई को बोर्ड परिसर में परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कौन हैं देशबंधु शर्मा, जिन्हें वर्तमान व दो पूर्व मुख्यमंत्री भी नहीं मना पाए

कांगड़ा।। 76 वर्षीय समाजसेवी देशबंधु को कौन नहीं जानता। हाल ही में सीएचसी रक्कड़ में 24 घंटे डॉक्टरों की मांग लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। उन्होंने 80 घंटों बाद रविवार शाम सात बजे पोती के हाथों जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा।

जब देशबंधु अनशन पर बैठे थे तो उन्हें वर्तमान मुख्यमंत्री व दो पूर्व मुख्यमंत्री भी अनशन तोड़ने के लिए नहीं मना सके। रविवार को उद्योग मंत्री और स्थानीय विधायक विक्रम ठाकुर उनसे मिलने पहुंचे थे। वह एक घंटे से भी अधिक समय उन्हें मनाने में लगे रहे। लेकिन जब देशबंधु नहीं माने तो विक्रम ने पहले सीएम जयराम ठाकुर, फिर पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार से बात करवाई, पर देशबंधु नहीं माने। वह एक ही बात पर अड़े रहे कि उन्हें मुख्यमंत्री का लिखित में व्हाट्सएप पर आर्डर चाहिए।

दरअसल देशबंधु इस मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रक्कड़ में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाए। रविवार देर शाम को भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा ने उन्हें फोन पर विश्वास दिलाया कि इस कैबिनेट बैठक या अगली बैठक में उनकी मांग पूरी कर दी जाएगी।

तो आइये अब आपको बताते हैं कि कौन है देशबंधु जिन्हें मनाने के लिए मंत्री, भाजपा के बड़े और स्थानीय नेताओं को आना पड़ा और हाथ जोड़ने पड़े। कांगड़ा के रक्कड़ निवासी देशबंधु शर्मा राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बना चुके हैं। इस समय व स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी हैं। पूर्व में वह हिमाचल प्रदेश स्वदेशी जागरण मंच के प्रदेश संयोजक भी रह चुके हैं।

इसके अलावा देशबंधु शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता भी हैं। यही कारण रहा है उनके आमरण अनशन वाले स्थल पर आरएसएस के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। देशबंधु शर्मा प्रदेश के दिग्गज नेताओं के समक्ष अपनी किसी पहचान के मोहताज नहीं है।

गांव में लटके आदर्श गांव के बोर्ड, गांव वालों को नसीब नहीं हो रहा पीने का पानी

चम्बा।। एक आदर्श गांव को जब मूलभूत सुविधाएं भी नसीब न हो तो उसे क्या कहें। विडंबना या नसीब। लेकिन यह सच है। इस आदर्श गांव को आजतक सरकारी नल भी नसीब नहीं हो पाया है। लेकिन गांव के विकास की अलग गाथा लिखने के लिए इस गांव को प्रधानमंत्री आदर्श गांव के रूप में चुना गया था। ऐसे में इस आदर्श गांव में अब तक सरकारी नल का न लग पाना ही अपने आप में ही एक बड़ा सवाल है।

आइये आपको इस आदर्श गांव में ले चलते हैं। यह जिला चम्बा के चुराह उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चीह का गुवाड़ी गांव है। गांव में 25 परिवारों के करीब 200 लोग रहते हैं। इस गांव के विकास की अलग गाथा लिखने के लिए इसे प्रधानमंत्री आदर्श गांव के रूप में चुना गया था। गाँव में आज भी प्रधानमंत्री आदर्श गाँव के बोर्ड आपका स्वागत करने के लिए तैयार खड़े हैं। लेकिन इन बोर्ड के अलावा देखें तो गांव में अभी तक सार्वजनिक नल भी नहीं लग पाया है। बाकी विकास का अंदाज़ा तो वहां की जमीनी हकीकत देखकर हो ही जायेगा।

गांव के लोग अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आदर्श गांव का बोर्ड लगाने मात्र से गांव आदर्श बन जाता है? जब सरकार द्वारा हर घर में नल की बात कही जाती है। ऐसे में एक आदर्श गांव में सार्वजनिक नल का भी होना गांववालों के साथ आदर्श गांव के नाम पर एक भद्दा मजाक है।

स्थानीय निवासी हेम राज के अनुसार सरकारी नल न होने के चलते गांव का पूरा जीवन प्राकृतिक जलस्रोत पर निर्भर है। बारिश न होने की स्थिति में गर्मी के दिनों में इस स्रोत में भी पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है, ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय निवासी पान चंद ने बताया कि गांव में पानी की समस्या काफी विकराल है। गांव में एकमात्र प्राकृतिक जलस्रोत है। जिस पर 25 परिवारों के 200 लोग निर्भर है। ग्रामीण लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे हैं। लेकिन सरकार ने गांव में सार्वजनिक नल लगाना भी उचित नहीं समझा। जोकि गांव के लोगों के साथ भद्दा मजाक है।

स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार ने कहा कि सिर्फ बोर्ड लटकाने से गांव आदर्श नहीं बन सकता। सरकार के नुमाइंदों को गांव में आकर देखना चाहिए कि गुवाड़ी गांव कितना आदर्श बन गया है और अब क्या कुछ करवाना बाकी रह गया है। जिस गांव में पीने के पानी के लिए सरकार नल तक नहीं लग पाई वहां ओर विकास क्या होगा।

ग्राम पंचायत चीह के प्रधान राकेश खन्ना ने कहा कि आदर्श गांव में सरकारी नल न लग पाना चिता का विषय है। इसे लेकर जलशक्ति विभाग को अवगत करवा कर जल्द गुवाड़ी गांव में पानी की समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही यह समस्या हल होगी।

इस बारे जल शक्ति विभाग सलूणी के सहायक अभियंता असीए कुमार का कहना है कि ग्राम पंचायत चीह के आदर्श गांव गुवाड़ी का जल्द ही विभागीय टीम द्वारा दौरा किया जाएगा। जो भी संभावनाएं होंगी, उनके अनुसार गांव के लिए पानी की सप्लाई उपलब्ध करवाई जाएगी।

31 जुलाई को नीलाम होगा शिमला का एपी गोयल विश्वविद्यालय, जानिए क्या है नीलामी की वजह

शिमला।। देश-विदेश में अपनी पहचान रखने वाला शिमला का एपी गोयल विश्विद्यालय 31 जुलाई को नीलाम होने जा रहा है। केनरा बैंक ने विवि का भवन और जमीन कब्जे में लेकर नीलामी नोटिस जारी कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों और विदेश से भी बच्चों ने यहाँ दाखिला ले रखा है। ऐसे में विवि के नीलामी नोटिस के साथ यहाँ पढ़ने वाले हजारों बच्चों का भविष्य खतरे में आ गया है।

अमर उजाला की खबर के अनुसार, एपी गोयल विश्विद्यालय द्वारा केनरा बैंक से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया है। लोन न चुकाने पर अब केनरा बैंक 31 जुलाई को विश्वविद्यालय की नीलामी करेगा। यह नीलामी ऑनलाइन होगी। नीलामी के लिए बैंक के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा नीलामी का नोटिस जारी कर दिया गया है।

एपी गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एपी गोयल विश्वविद्यालय का संचालन किया जाता हैं। ट्रस्टियों में दिल्ली निवासी राजेश गोयल, गर्वित गोयल, प्रमोद कुमार गोयल, कुसुम लता गोयल, मीनू गोयल, प्रियंका गोयल और शोभिता गोयल शामिल है। ट्रस्टियों द्वारा करोड़ों का लोन लेकर न चुकाने पर बैंक ने यह कवायद शुरू की है।

जारी नीलामी नोटिस के तहत बैंक विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस और उसके आसपास की विश्वविद्यालय के ट्रस्ट की जमीन को नीलाम करेगा। बैंक द्वारा इसके लिए 128 करोड़ रुपये आरक्षित राशि रखी गई है। जबकि 12.50 करोड़ जमा धरोहर राशि निर्धारित की है।

बैंक द्वारा पहले ट्रस्ट को 60 दिन का समय दिया गया था। इन 60 दिनों के भीतर ट्रस्ट कक बैंक का बकाया और उस पर लगने वाला ब्याज भरने के लिए कहा था। बैंक का बकाया कुल 39,21,50,736 रुपये है। लेकिन ट्रस्ट इस रकम को भरने में असफल रहा। जिसके बाद बैंक ने गिरवी रखी कई हेक्टेयर भूमि और संपत्तियां जब्त कर लीं। अब 31 जुलाई को सुबह 11:30 से 12:30 बजे के बीच इनकी नीलामी होगी।

हिमाचल के शिक्षकों ने कोरोना काल में वाकई मौज की? देखें क्या है हकीकत

शिमला।। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा शिक्षकों को लेकर दिए बयान पर अब बवाल मच गया है। इस बयान के बाद से ही विभिन्न शिक्षक संघों के साथ-साथ आम जनता की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी है। वहीं विपक्ष को भी मुद्दा मिल गया है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि क्या शिक्षकों ने कोरोना काल में वाकई कोई काम नहीं किया। या फिर मंत्री महेंद्र सिंह को ही शिक्षकों का काम नज़र नहीं आया। लेकिन उससे पहले पढ़िए क्या है मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का बयान।

यह है मंत्री का बयान

बंजार में जनसभा के दौरान मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर शिक्षकों की खिल्ली उड़ाते नज़र आये। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने काम किया। अन्यों ने तो मजे ही लिए। उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान मास्टरों ने सबसे ज़्यादा मज़े लिए। फिर फ्रंटलाइन वर्कर बन गए ताकि उन्हें सबसे पहले वैक्सीन लगाई जाए। पता नहीं उन्होंने क्या काम किया यह तो ईश्वर ही जानता है। मंत्री द्वारा दिये गए इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

अब बात करते हैं कि क्या वाकई शिक्षकों ने कोई काम नहीं किया। या केवल मंत्री महोदय को ही शिक्षकों का काम नज़र नहीं आया।

1. ऑनलाइन टीचिंग

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कोरोनाकाल की शुरुआत में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लासेज शुरू किए गए। उसके बाद से अभी तक विभिन्न स्कूल व शिक्षक ज़ूम और गूगल मीट जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए ऑनलाइन क्लासेस ले रहे हैं।

2. नाकों पर ड्यूटी

इसके अलावा कोरोना की पहली लहर के दौरान प्रदेश के हज़ारों शिक्षकों की कोरोना ड्यूटी लगा दी गई। जिले के प्रवेश द्वारों और बैरियरों पर शिक्षकों को तैनात किया गया। इसमें शिक्षक और गैर-शिक्षक दोनों वर्ग शामिल रहे।

3. पंचायत चुनावों में ड्यूटी

इसके बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव हुए। पंचायत चुनावों में भी हज़ारों शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई।

4. टीकाकरण

वहीं कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी वैक्सीनेशन अभियान और होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की पूछताछ के लिए स्कूल-कॉलेजों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गयी। प्रदेश में जब 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग को वैक्सीन लगाने का फैसला हुआ। तब स्टाफ स्टाफ की कमी पेश ना आए। इसके लिए शिक्षकों की सेवाएं लेने का फैसला लिया गया।

पूरे कोरोनाकाल के दौरान बीच-बीच में कुछ समय के लिए स्कूल खुले वो अलग। भले ही ज़्यादातर समय स्कूल बंद रहे हों, लेकिन शिक्षक लगातार कोरोना योद्धा की तरह ड्यूटी दे रहे हैं। इसके बाद ही सरकार ने शिक्षकों को फ्रंटलाइन वर्कर मानकर वैक्सीन लगाने का फैसला लिया था। लेकिन शिक्षक उस समय से कोरोना योद्धा की तरह कार्य कर रहे हैं तब उन्हें कोरोना योद्धा का दर्जा भी प्राप्त नहीं था। शिक्षकों को पहले टीका लगाने का फैसला इसलिए भी किया गया। ताकि शिक्षकों को इम्यून करके जल्द स्कूल खोले जा सकें।

मंडी में पर्यटकों और स्थानीय लोगों में विवाद, युवक के हाथ में चोट

मंडी।। हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में बीती रात पंजाब नंबर के वाहन पर सवार लोगों और स्थानीय निवासियों के भी मारपीट हो गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी में सवार लोग पर्यटक हो सकते हैं। विवाद क्यों हुआ, यह बात अभी सार्वजनिक नहीं है मगर चर्चा है कि विवाद की शुरुआत तब हुई, जब लोगों ने गाड़ी में बैठकर शराब पीने वालों को टोका। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें मारपीट होती दिख रही है। वीडियो के कुछ हिस्सों में पुलिसकर्मी भी पहुंचते दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक युवक के हाथ मे ंचोट भी आई। यह किसी नुकीली चीज़ से हुआ जिससे हाथ में गहरा कट लगा है।

इस बीच पुलिस ने मनाली से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए मंडी ला रही है। मंडी पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच जारी है इसलिए किसी की भी तस्वीरें आदि शेयर न की जाएं।

मामला क्या है, इस संबंध में जैसे ही पुलिस आधिकारिक जानकारी देगी, इस खबर को अपडेट कर दिया जाएगा।

लाहौल-स्पीति के बाद अब तीन अन्य जिलों में पेट्रोल 100 के पार

शिमला।। लाहौल-स्पीति के बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी पेट्रोल के दाम शतक लगा रहे हैं। सबसे पहले बुधवार को लाहौल-स्पीति के काजा स्थित पेट्रोल पंप में पेट्रोल के दाम सौ रुपये के पार गए थे। उसके बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका असर दिखना शुरू हो गया है। अब अन्य जिलों में भी महंगाई की मार पड़नी शुरू हो गई है। इस बीच सीएम जयराम ठाकुर ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में तेल की कीमतों को कम करने का रास्ता निकालने पर विचार किया जा रहा है।

शुक्रवार को राजधानी शिमला में भी पेट्रोल के दाम शतक लगा गए। शिमला के पंपों में पावर पेट्रोल 100.25 रुपये प्रति लीटर बिका। वहीं सामान्य पेट्रोल के दाम 96.65 रुपये प्रति लीटर रहे। शिमला के विकासनगर में 100.25 और बैरियर में 100.29 रुपये लीटर पेेट्रोल के दाम रहे।

राजधानी के अलावा चंबा और बिलासपुर में भी पेट्रोल के दाम 100 रुपये के पार पहुंच गए। चंबा में पावर पेट्रोल 100. 32 रुपये लीटर बिका और बिलासपुर में पावर पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर रहे। इसके अलावा सोलन जिला में भी पट्रोल के दाम शतक के बिल्कुल करीब पहुंच गए। सोलन में चायल में पेट्रोल के दाम 99.99 रुपये प्रति लीटर रहे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार तेल की कीमतें कम करने के लिए कई सुझावों पर विचार कर रही है जिनमें वैट घटाना भी शामिल है।

शिमला जिला के कोटखाई में 4 साल की मासूम के साथ हैवानियत

शिमला।। शिमला जिला के कोटखाई की गुड़िया को अभी न्याय मिला ही था कि एक ओर मासूम के साथ दरिंदगी का मामला सामने आ गया। कोटखाई से एक और शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां पर 4 साल की नेपाली मूल की मासूम के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। बिहार निवासी एक 28 वर्षीय युवक पर दुष्कर्म का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक यहां मिस्त्री का काम करता था।

इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने का बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। लेकिन पुलिस टीम रात भर आरोपी को ढूंढने में लगी रही और शुक्रवार सुबह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी युवक को ठियोग के छैला के पास गिरफ्तार कर लिया।

डीएसपी कुलविंद्र सिंह ने पुष्टि करते गए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि घटना गुरुवार की है। आरोपी यहाँ मिस्त्री का काम करता है। एक साल से वह पीड़िता के पड़ोस में रह रहा था।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता बच्ची की मां ने इस मामले को लेकर पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था कि गुरूवार को जब वह काम करने के लिए घर से बाहर गई हुई थी। उस दौरान सुबह साढ़े 11 बजे उनके पड़ोस में रहने वाला 28 वर्षीय ललन नामक बिहारी युवक उसके घर में घुसा। जहां उसने लड़की को अकेला पाकर पहले उसके साथ छेड़छाड़ की। फिर दुष्कर्म जैसे कुकृत्य को अंजाम दिया।

बच्ची की मां द्वारा शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और मौके पर से सभी साक्ष्य जुटाए।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसका मेडिकल करवा लिया है। जल्द ही आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।

चंबा में बेकाबू होकर पलटी निजी बस, चार घायल

चंबा।। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक निजी बस हादसे की शिकार हो गई। शनिवार सुबह तीसा चरड़ा रोड पर जा रही यह बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।

महबूब बस सर्विस की इस बस में 30  यात्री सवार थे। इस हादसे में चार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।।

बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पुरी ने पत्रकारों को बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में उपचाराधीन पांच लोगों में से दो महिलाएं मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर की गई हैं।