मतदान के बीच आचार संहिता का उल्लंघन, भाजपा विधायक जिया लाल ने पोलिंग बूथ में मांगे वोट

चंबा।। आज हिमाचल प्रदेश में एक लोकसभा व तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इसी बीच आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया है। मंडी संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव के लिए हो रहे मतदान के बीच भरमौर के विधायक जिया लाल पोलिंग बूथ में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा के लिए वोट मांग रहे हैं।

शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेसबुक पेज से यह वीडियो शेयर किया है। विक्रमादित्य ने लिखा, “इलेक्शन आचार संहिता की धज्जियाँ उड़ाते भरमौर के विधायक श्री जिया लाल, पोलिंग बूथ में भाजपा के लिए वोट माँग रहे हैं।” विक्रमादित्य सिंह ने पूछा कि इलेक्शन कमीशन कहाँ हैं? उन्होंने चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।

वहीं, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना मिलते ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने डीसी चंबा व जिला निर्वाचन अधिकारी को तुरंत कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

हिमाचल: कोविड से हुई मौत का डेथ सर्टिफिकेट लेने के लिए नहीं भटकेंगे परिजन

शिमला।। कोरोना से किसी व्यक्ति की मौत होने पर मृतक के परिजनों को डेथ सर्टिफिकेट लेने के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आईजीएमसी ने डेथ सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने शुक्रवार को इसको लेकर एक विशेष कमेटी का गठन किया है।

आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनकराज की ओर से इस कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में डॉ. बलबीर वर्मा, डॉ. सुनील शर्मा नोडल अफसर और डॉ. राहुल गुप्ता को असिस्टेंट नोडल ऑफिसर का जिम्मा दिया गया है।

बता दें कि सरकार ने कोरोना से मरने वाले के परिजनों को 50 हजार की मदद देने की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को आवेदन करने से पहले दस्तावेजों को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें किसी भी तरह की समस्या न हो, इसके लिए तीन सदस्यीय डॉक्टरों की विशेष कमेटी बनाई है।

ये कमेटी आवेदकों को रेडीमेड एप्लीकेशन भी उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को डेथ सर्टिफिकेट, डेथ की पूरी जानकारी और कोविड टेस्ट रिपोर्ट की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

जीएस बाली नहीं रहे, 67 वर्ष की आयु में निधन

कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के पूर्व परिवहन मंत्री और नगरोटा बगवां के पूर्व विधायक जीएस बाली का शुक्रवार को निधन हो गया। देर रात दिल्ली स्थित एम्स में जीएस बाली ने अंतिम सांस ली। वह 67 वर्ष के थे। पिछले कुछ समय से जीएस बाली अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार देर शाम उनका स्वास्थ्य काफी ज्यादा खराब हो गया और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

जीएस बाली के निधन से हुए आघात से परिवार सदमे में हैं। वहीं, नगरोटा बगवां, कांगड़ा समेत समूचे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर है।

आज जीएस बाली की पार्थिव देह कांगड़ा लाई जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक एयर एम्बुलेंस के जरिये पार्थिव देह लाने की तैयारी की जा रही है। जीएस बाली के निधन की औपचारिक सूचना उनके बेटे आरएस बाली ने दी है। फेसबुक पेज पर आरएस बाली ने यह दुखद सूचना देते हुए तमाम समर्थकों से धैर्य बनाए रखने और अपने पिता के आदर्शों को संजोये रखने की अपील की है।

27 जुलाई 1954 को जन्में जीएस बाली नगरोटा बगवां से चार बार विधायक और दो बार मंत्री रहे। बाली 1990 से 1997 तक कांग्रेस के विचार मंच के संयोजक, सेवादल के अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव जैसे पदों पर रहे। वर्ष 1998 में वह पहली बार नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद लगातार 2003, 2007 और 2012 में यहां से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे। 2003 और 2007 में वह मंत्री रहे।

टीम इन हिमाचल की ओर से श्रद्धांजलि।

कुल्लू: रिवर राफ्टिंग के दौरान राफ्ट पलटने से दो महिला पर्यटकों की मौत, चार घायल

कुल्लू।। कुल्लू जिला में रिवर राफ्टिंग के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। बाशिंग में ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग के दौरान एक राफ्ट पलट गई। हादसे में दो महिला पर्यटकों की मौत हो गई है, जबकि चार घायल हुई हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि तीन सामान्य हैं।

सभी महिलाएं महाराष्ट्र और इंदौर की रहने वाली बताई जा रही हैं। सभी महिलाएं मनाली घूमने आई थीं, जहां राफ्टिंग के दौरान यह हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार करीब 12 बजे हुआ है। ब्यास नदी में राफ्टिंग के दौरान वाशिंग के पास उनकी राफ्ट पलट गई और महिलाएं पानी में बह गईं। हालांकि उसके बाद रेस्क्यू दल ने इन महिलाओं को पानी से बाहर निकाला परंतु इस दौरान दो महिलाओं की हालत गंभीर थी जिन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे में साकेश पत्नी राणवी इंदौर, रुकईया (72) पत्नी दाहोद (महाराष्ट्र) की मौत हो गई है। जबकि तसनीम पत्नी खेरीवाला, मश्यिम (47) पत्नी जैनूदीन (इंदौर), नफीसा पत्नी फिरोज महाराष्ट्र व रराीदा पत्नी कुतवूदीन घायल हुई हैं।

हादसे की सूचना मिली के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया। हादसे की पुष्टि करते हुए एसपी कुल्लू गुरदेव शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

हिमाचल: बर्तनों पर भी महंगाई की मार, लगभग दोगुना हुए दाम

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में बढ़ती महंगाई से अब बर्तन भी अछूते नहीं रहे हैं। त्यौहारी सीजन शुरू होने से पहले ही बर्तनों पर भी महंगाई का वास हो गया है। थाली, चम्मच, गिलास से लेकर अन्य सभी प्रकार का सामान महंगा हो गया है। स्टील के चम्मच और कटोरी के दाम तो दोगुना बढ़ गए हैं।

दो नवंबर को धनतेरस है। धनतेरस पर पीतल, कांसा का सामान आदि खरीदने की मान्यता है। धनतेरस पर पीतल, कांसा का सामान खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में अब धनतेरस के दौरान बर्तनों की खरीदारी के लिए लोगों को जेब हल्की करनी पड़ेगी।

हालांकि दुकानों में अभी तक ग्राहक कम ही नज़र आ रहे हैं लेकिन कारोबारियों को आस है कि त्योहारी सीजन में उम्दा उछाल आएगा। बाजार तरह-तरह के बर्तनों से सजे पड़े हैं।

हिमाचल: प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों में NOC के लिए फर्जीवाड़ा, जांच शुरू

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों द्वारा एनओसी के लिए नियम ताक पर रखे गए हैं। प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों को एनओसी जारी करने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रदेश के कई नर्सिंग संस्थानों ने 150 बेड दिखाने का नियम ताक पर रखा है। इन संस्थानों ने प्राइवेट के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों से भी सांठगांठ कर सरकार की आंखों में धूल झोंकी है। वहीं, संबंधित विभाग भी मामले की जांच की बजाए आंख मूंदे बैठे हैं।

इस समय हिमाचल प्रदेश में 48 प्राइवेट नर्सिंग स्कूल और कॉलेज चल रहे हैं। प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों से सम्बंधित कई शिकायतें राज्य शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के पास पहुंची हैं, जिन पर आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत अब सभी नर्सिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। कई संस्थानों में स्टाफ की भी भारी कमी है।

विनियामक आयोग के पास पहुंची शिकायतों में बताया गया है कि भारत सरकार के नियमानुसार नर्सिंग संस्थानों को एनओसी तभी मिल सकती है, जब उनके पास 150 बिस्तरों का अस्पताल हो। जबकि प्रदेश में 20 से 40 बिस्तरों के अस्पतालों और प्राइमरी हेल्थ सेंटर से जुड़े संस्थानों को भी एनओसी जारी की गई हैं। विद्यार्थी और मरीजों का 1:3 अनुपात होना अनिवार्य है, लेकिन इसकी भी अनदेखी की गई है। कई संस्थानों ने तीन से चार निजी अस्पतालों से खुद को संबद्ध बताते हुए 150 बिस्तरों की संख्या दिखाते हुए नियमों को पूरा किया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों से कई नर्सिंग संस्थानों ने खुद को जोड़ा बताया है।

शिकायत के मुताबिक इस तरह के हथकंडे अपनाकर नर्सिंग संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिन अस्पतालों से नर्सिंग संस्थान खुद को संबद्ध बता रहे हैं, वहां जाकर विद्यार्थियों का प्रशिक्षण भी नहीं हो पा रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में व्यवस्थाओं की कमी और सरकारी अस्पतालों में भारी व्यस्तता के चलते यह समस्या आ रही है। वहीं, नर्सिंग कोर्स करने के लिए विद्यार्थियों से लाखों रुपये की फीस वसूली जा रही है।

इस बारे विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक का कहना है कि प्रदेश के प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता से खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। नर्सिंग संस्थानों को जारी एनओसी संदेह के घेरे में है। इस संदर्भ में कई शिकायतें मिली हैं, जिसके संस्थानों का निरीक्षण कर पूरी व्यवस्थाओं को जांचने का फैसला लिया गया है।

सब इंस्पेक्टर के घर से चोरी हुआ केले का पेड़, कोर्ट के आदेश पर आरोपी पड़ोसी के खिलाफ FIR

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है। मामला धर्मशाला के सकोह क्षेत्र का है। यह मामला अनोखा इसलिए भी है क्योंकि शिकायतकर्ता पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद तैनात है। जिस व्यक्ति पर चोरी का आरोप है वो भी पुलिस विभाग से ही सेवानिवृत्त हुआ है। वहीं, पुलिस प्रशासन पर ही उचित कार्रवाई न किये जाने के आरोप लग रहे हैं।

धर्मशाला के सकोह क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसका पड़ोसी 18 सितंबर की रात उसके घर के पिछले हिस्से में लगा केले का पेड़ चुरा ले गया। शिकायतकर्ता पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। वहीं, आरोपी पड़ोसी भी पुलिस विभाग से ही सेवानिवृत्त हुआ है। चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने धर्मशाला पुलिस थाना में अपने पड़ोसी के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज करने की शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय में भी शिकायत पत्र सौंपा। शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी वहां भी कोई सुनवाई न हुई तो उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। यहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने तुरंत पुलिस को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे दिए।

पुलिस के अनुसार दोनों ने पहले से ही एक-दूसरे के खिलाफ कई शिकायतें दे रखी हैं। इनमें से कई मामले फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन हैं। लोगों का कहना है कि इनके आपसी झगड़ों के चलते आसपास के पड़ोसी भी परेशान हो रहे हैं। धर्मशाला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

हिमाचल: आज शाम पांच बजे से इन विधानसभा क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में 30 अक्तूबर को उपचुनाव हैं। ऐसे में उपचुनाव से जुड़े 20 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 48 घंटे तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगने जा रहा है। आज शाम पांच बजे से 30 अक्तूबर शाम पांच बजे तक इन 20 विधानसभा क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

दो नवंबर को मतगणना होगी, ऐसे में उस दिन भी शराब की बिक्री प्रतिबंधित होगी। उपचुनाव से संबंधित क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट, क्लब आदि में भी शराब की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध रहेगा। इस संदर्भ में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

अधिसूचना के मुताबिक, यदि कहीं पर भी शराब की दुकान से बिक्री होते मिली तो उस दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस संदर्भ में सभी मजिस्ट्रेट, एडीएम, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन अधिकारियों ने निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह यह सुनिश्चित कराएं कि शाम पांच बजे से सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहे।

बता दें कि मंडी संसदीय क्षेत्र में 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें सदर मंडी, करसोग, सुंदरनगर, नाचन, सराज, द्रंग, जोगिंद्रनगर, बल्ह, सरकाघाट, भरमौर, लाहौल-स्पीति, मनाली, कुल्लू, बंजार, आनी, रामपुर और किन्नौर शामिल हैं। वहीं, जुब्बल कोटखाई, फतेहपुर और अर्की में भी उपचुनाव हैं। इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।

मलाणा अग्निकांड: 40 घंटे बाद भी मलाणा में सुलग रही है आग

कुल्लू।। कुल्लू के मलाणा गांव में हुए भीषण अग्निकांड में 17 घर व एक दुकान जलकर राख हो गए हैं। गुरुवार को भी कई घरों में 40 घंटे बाद भी आग सुलगती रही। अग्निशमन विभाग के कर्मी व गांव के युवा आग बुझाने में लगे हुए हैं। मलाणा पंचायत के उपप्रधान राम जी ने कहा कि गांव में जले मकानों में अभी आग लगी हुई है, जिसे बुझाने का काम जारी है।

इस भीषण अग्निकांड में 57 परिवार प्रभावित हुए हैं। 57 परिवारों के 150 लोगों ने पहली रात अपने रिश्तेदारों के घरों में काटी। अब सभी प्रभावित परिवारों को सर्दी की चिंता सताने लगी है।

मलाणा गांव आठ हजार फीट की ऊंचाई पर बसा है। मौसम खराब होते ही यहां ठंड काफी बढ़ जाती है। वहीं, नवंबर महीना भी शुरू होने वाला है। ऐसे में मलाणा की पहाड़ियों में बर्फबारी का दौर शुरू हो जाता है। इस अग्निकांड से प्रभावित हुए लोगों को बिना छत के सर्दी में रातें काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।

हिमाचल: हफ्ते में दूसरी बार बढ़े सीमेंट के दाम

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में आशियाना बनाना लगातार महंगा हो रहा है। सीमेंट के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी बंद होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को सीमेंट के दाम दस रुपये बढ़ाए गए हैं। एक ही हफ्ते में दूसरी बार सीमेंट के दाम बढ़ाए गए हैं। आए दिन सीमेंट के दाम बढ़ने से लोगों को निर्माण कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदेश में सीमेंट के अलावा सरिया, रेत, बजरी, ईंटें आदि भी महंगे दामों पर मिल रही है। अभी हाल ही में सरिये के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में त्योहारी सीजन में सीमेंट कंपनियों ने सीमेंट के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को दूसरी बार बड़ा झटका दिया है।

हिमाचल प्रदेश में एसीसी और अंबुजा कंपनी ने सीमेंट के दाम प्रति बैग दस रुपए बढ़ाए हैं। बता दें कि हिमाचल में तैयार होने वाला सीमेंट पड़ोसी राज्य में सस्ता मिल रहा है, लेकिन हिमाचल में सीमेंट के दाम बेतहाशा बढ़ने से लोग परेशान हैं।

शिमला के सीमेंट कारोबारी मनमोहन शर्मा का कहना है एक सप्ताह में दूसरी बार सीमेंट कंपनियों सीमेंट के दामों में बढ़ातरी की है। जहां सीमेंट के दाम बढ़ने से सीमेंट का कारोबार प्रभावित होगा, मंहगाई के चलते घर बनाना आम आदमी मुश्किल हो जाएगा।