गुड़िया मामला: मुकेश अग्निहोत्री बोले- प्रतिभा क्यों मांगें माफी?

ऊना।। गुड़िया रेप एंड मर्डर केस को दुर्व्यवहार की मामूली घटना करार देने को लेकर विवाद में फंसी मंडी सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह को नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का साथ मिला है। जहां एक ओर भाजपा ने इस मामले में हमलावर होते हुए प्रतिभा सिंह से माफी मांगने की मांग की है, वहीं मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रतिभा सिंह भला क्यों माफी मांगें।

ऊना में पंजाब केसरी के एक पत्रकार ने जब भाजपा की ओर से प्रतिभा सिंह से की जा रही माफी मांगने की मांग को लेकर सवाल किया तो मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, “प्रतिभा सिंह किस से किस बात के लिए माफी मांगने के लिए बात कर रहे हैं। प्रतिभा सिंह खुद एक महिला हैं और अगर उन्होंने गुड़िया प्रकरण की बात की है तो यह स्पष्ट है कि उनके पति, जो मुख्यमंत्री थे, उन्होंने ही सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। उसी से उनकी संवेदनशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।”

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि गुड़िया प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी उठाने का प्रयास कर रही है और मेरा उनसे एक ही सवाल है कि जिनके शासनकाल में 1500 रेप हुए क्या उनको बात करने का अधिकार है। भाजपा के शासनकाल में 500 कत्ल हो गए। इनके समय की महिला उत्पीड़न की एक लंबी चौड़ी फ़ेहरिस्त है। यदि गुड़िया प्रकरण हुआ तो हमारे मुख्यमंत्री ने एकदम से सीबीआई को मामला सौंपा। उन्होंने सीबीआई जांच कही नहीं, करवाई भी।

पूरे मसले पर मुकेश अग्निहोत्री ने मौजूदा पुलिस भर्ती पेपर लीक पर सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार क्या कर रही है पुलिस भर्ती में इन्होंने कहा कि हम मामला सीबीआई को दे रहे हैं। क्या सरकार के पास कोई लॉजिक है कि क्यों सीबीआई नहीं आई और एसआईटी ही जांच कर रही है।

भाजपा करेगी प्रदर्शन
इस बीच भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने प्रतिभा सिंह की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा है कि स्वयं एक महिला, मां और बेटी होने के बावजूद सांसद प्रतिभा सिंह को यह टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने अपने शब्द वापस नहीं लिए तो भाजपा महिला मोर्चा उनके घर के बाहर प्रदर्शन करेगा।

मैंने गुड़िया मामले को कभी छोटा नहीं कहा, ये साज़िश हो रही है: प्रतिभा सिंह

 

गुड़िया प्रकरण: मुकेश अग्निहोत्री बोले- प्रतिभा क्यों मांगें माफी?

ऊना।। गुड़िया रेप एंड मर्डर केस को दुर्व्यवहार की मामूली घटना करार देने को लेकर विवाद में फंसी मंडी सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह को नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का साथ मिला है। जहां एक ओर भाजपा ने इस मामले में हमलावर होते हुए प्रतिभा सिंह से माफी मांगने की मांग की है, वहीं मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रतिभा सिंह भला क्यों माफी मांगें।

ऊना में पंजाब केसरी के एक पत्रकार ने जब भाजपा की ओर से प्रतिभा सिंह से की जा रही माफी मांगने की मांग को लेकर सवाल किया तो मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, “प्रतिभा सिंह किस से किस बात के लिए माफी मांगने के लिए बात कर रहे हैं। प्रतिभा सिंह खुद एक महिला हैं और अगर उन्होंने गुड़िया प्रकरण की बात की है तो यह स्पष्ट है कि उनके पति, जो मुख्यमंत्री थे, उन्होंने ही सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। उसी से उनकी संवेदनशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।”

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि गुड़िया प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी उठाने का प्रयास कर रही है और मेरा उनसे एक ही सवाल है कि जिनके शासनकाल में 1500 रेप हुए क्या उनको बात करने का अधिकार है। भाजपा के शासनकाल में 500 कत्ल हो गए। इनके समय की महिला उत्पीड़न की एक लंबी चौड़ी फ़ेहरिस्त है। यदि गुड़िया प्रकरण हुआ तो हमारे मुख्यमंत्री ने एकदम से सीबीआई को मामला सौंपा। उन्होंने सीबीआई जांच कही नहीं, करवाई भी।

पूरे मसले पर मुकेश अग्निहोत्री ने मौजूदा पुलिस भर्ती पेपर लीक पर सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार क्या कर रही है पुलिस भर्ती में इन्होंने कहा कि हम मामला सीबीआई को दे रहे हैं। क्या सरकार के पास कोई लॉजिक है कि क्यों सीबीआई नहीं आई और एसआईटी ही जांच कर रही है।

भाजपा करेगी प्रदर्शन
इस बीच भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने प्रतिभा सिंह की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा है कि स्वयं एक महिला, मां और बेटी होने के बावजूद सांसद प्रतिभा सिंह को यह टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने अपने शब्द वापस नहीं लिए तो भाजपा महिला मोर्चा उनके घर के बाहर प्रदर्शन करेगा।

मैंने गुड़िया मामले को कभी छोटा नहीं कहा, ये साज़िश हो रही है: प्रतिभा सिंह

लाहौल स्पीति के प्रेम लाल को डाक विभाग से मिला प्रतिष्ठित ‘मेघदूत’ अवॉर्ड

मंडी।। डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में तैनात अपने कर्मचारी प्रेम लाल को प्रतिष्ठित मेघदूत अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। दूर-दराज के गांवों में लोगों तक चिट्ठियां पहुंचाने के लिए प्रेम लाल रोज 32 किलोमीटर की यात्रा तय करते हैं।

संचार मंत्री अश्विनी वार्ष्णेय ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रेम लाल को उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए यह सम्मान दिया। डाक विभाग के मंडी डिविजन में बतौर डाकिया काम कर रहे प्रेम लाल रोज उदयपुर से सलग्रां के बीच 32 किलोमीटर की यात्रा करके चिट्ठियां यहां से वहां और वहां से यहां पहुंचाते हैं।

प्रेम लाल के कार्यक्षेत्र के कुछ हिस्से तो समुद्र तल से 9000 फुट की ऊंचाई पर हैं। यह इलाका अधिकतर समय बर्फ से ढका रहता है और सर्दियों में तो हिमस्खलन का भी खतरा रहता है। लेकिन वह रोज अपनी ड्यूटी निभाते हैं।

क्या है मेघदूत अवॉर्ड
डाक विभाग ने 1984 में इस अवॉर्ड की शुरुआत की थी ताकि अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जा सके। आठ अलग-अलग श्रेणियों के तहत यह पुरस्कार दिया जाता है। इसके तहत पदक, सर्टिफिकेट और 21 हजार रुपये की नकद इनामी राशि दी जाती है।

पंजाब के संगरूर में लगे झटके से हिमाचल में हिली आम आदमी पार्टी की नींव?

आई.एस. ठाकुर।। पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हुई हार से आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विधानसभा चुनावों के बाद सीएम बनने के लिए यह सीट छोड़ी थी। अब यहां हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के उम्मीदवार से मात्र सात हजार वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा।

वैसे तो हार का अंतर ज्यादा नहीं था मगर फिर भी आम आदमी पार्टी के लिए इसे बड़ा झटका इसलिए माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में उसने राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। और भगवंत मान जब यहां से खुद चुनाव लड़ते थे तो बड़े अंतर से जीतते थे। 2014 में उनकी जीत का अंतर 2 लाख 11 हजार था और 2019 में एक लाख 10 हजार।

बिना रिटन टेस्ट मेरिट पर होगी 3,970 पैरा वर्करों की भर्ती: महेंद्र सिंह ठाकुर

शिमला।। हिमाचल प्रदेश सरकार का जलशक्ति विभाग एक हफ्ते के अंदर 3,970 पैरा वर्करों की भर्ती करने जा रहा है। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इसके लिए कोई साक्षात्कार या लिखित परीक्षा नहीं होगी और नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होगी।

पैरा पंप ऑपरेटर, फिटर और वर्कर के पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं और 12वीं पास रखी गई है। आवेदन करने वालों में से दस अंकों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। इसमें दो अंक तकनीकी अनुभव रखने वालों को मिलेंगे। मौके पर आए लोगों से पाइप में चूड़ियां कटाई जाएंगी और कुछ अन्य तकनीकी काम दिए जाएंगे। इसके बाद उन्हें नंबर दिए जाएंगे।

पैरा पंप आपरेटरों और फिटरों को 5,500 रुपये और पैरा वर्करों को 3,900 रुपये मानदेय दिया जाएगा। ये भर्तियां जल जीवन मिशन के तहत की जा रही हैं।

कांग्रेसी नेता निजी हमलों से बाज आएं, दम है तो काम गिनाएं: पठानिया

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री राकेश पठानिया ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर राजनीतिक मर्यादाएं लांघने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से माफी मांगनी चाहिए। वन मंत्री ने कहा कि हताशा में आकर नेता प्रतिपक्ष कुछ भी बोल रहे हैं।

पठानिया ने शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं लेकिन निजी हमले करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो हम भी खामोश नहीं बैठेंगे।

वन मंत्री ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल और वीरभद्र सिंह के बीच भी तल्खी रही है लेकिन उन्होंने कभी मर्यादाएं नहीं लांघीं। उन्होंने कहा कि हार सामने देख कांग्रेस के नेता कुछ भी बोल रहे हैं। अगर उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला तो हमारे पास सारे विकल्प खुले हैं।

राकेश पठानिया ने कहा कि कांग्रेस के नेता निजी हमलों से बाज आएं, दम है तो काम गिनाएं।

जस्टिस अमजद ए सईद बने हिमाचल प्रदेश के 27वें चीफ जस्टिस

शिमला।। जस्टिस अमजद ए सईद ने हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले वह बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीश थे। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन शिमला में सुबह 9:30 बजे उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

25 मई को निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद जस्टिस सबीना को हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।

शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस अहमद ए सईद को हाईकोर्ट परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। हाईकोर्ट में ही फूल कोर्ट वेलकम एड्रेस का आयोजन भी किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे पांच साल पुराने मामलों को जल्द निपटाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर जो भी बेहतर होगा, किया जाएगा।

अमजद ए सईद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 27वें मुख्य न्यायाधीश हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कलीजियम की सिफारिश पर अमल करते हुए इन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति संबंधी अधिसूचना 19 जून को जारी की थी।

21 जनवरी 1961 को जन्मे अमजद ए सईद ने वर्ष 1984 में बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह बॉम्बे हाईकोर्ट में सहायक सरकारी वकील भी रहे। शपथ ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि हिमाचल बहुत ही सुंदर प्रदेश है।

एक ओर सरकार दे रही फ्री बिजली तो दूसरी ओर शातिरों ने ढूंढा ठगी का नया तरीका

शिमला । हिमाचल प्रदेश में जयराम सरकार ने 125 यूनिट तक बिजली खपत पर बिल न लेने का फैसला क्या लिया शातिरों ने भी लोगों को ठगने का नया तरीका खोज लिया। फोन पर लॉटरी का ऑफर, टावर लगाने का ऑफर, एटीएम कार्ड एक्सपायर होने का मैसेज ये तरीके तो ठग गिरोह अपनाते आ रहे थे। अब ठग गिरोह बिजली कनेक्शन कटने के मैसेज कर भी लोगों को फांस रहे हैं।

जानकारी के अनुसार शिमला के नवबहार के रहने वाले अश्वनी दीवान पुत्र प्रेम दास दीवान निवासी कोम्बेरी कॉटेज को 18 जून को मोबाइल पर बिजली कटने का मैसेज आया। रात करीब 9:30 पर भेजे गए इस मैसेज में लिखा गया था कि बिजली कनेक्शन 20 जून को काट दिया जाएगा।

शातिरों ने साथ ही मैसेज में एक सुझाव भी दिया कि यदि आप चाहते हैं कि बिजली कनेक्शन न कटे तो डेस्क एप्लीकेशन डाउनलोड करो। जैसे ही व्यक्ति ने यह ऐप डाउनलोड किया तो कुछ ही देर में अश्वनी के अकाउंट से 49 हज़ार 514 रुपए कटने का मैसेज मिला।

ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए व्यक्ति ने इस मामले में पुलिस शिमला ने पुलिस के पास दर्ज करवा दी है। एएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर का कहना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। शातिर ठगी के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं।

शातिरों के झांसे में आने से बचें

यदि आपको इस तरह बिजली कनेक्शन कटने को लेकर मैसेज आते हैं तो घबराएं नहीं। पहले यह चेक करें कि आपने अपना बिजली कब भरा था। यह सुविधा ऑनलाइन ऑनलाइन भी उपलब्ध है। यदि ऑनलाइन पता नहीं चल रहा तो संबंधित बिजली कलेक्शन सेंटर पर जाकर पता करें। किसी भी इस तरह के मैसेज आने पर मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। सावधानी ही बचाव है।

इसी टिंबर ट्रेल में 30 साल पहले भी फंसे थे 11 लोग, एयरफोर्स ने बचाई थी जान

डेस्क।। सोलन जिले के परवाणू में टिंबर ट्रेल रोपवे में आज 11 यात्री काफी देर तक हवा में लटके रहे। एनडीआरफ ने सभी को रेस्क्यू कर लिया। मगर 30 साल पहले इसी टिंबर ट्रेल में हुए हादसे ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उस दौरान भी 11 लोग फंसे थे जिन्हें बचाने के लिए एक जटिल अभियान चलाया गया था।

शिवालिक पर्वत माला पर मौजूद यह टिंबर ट्रेल रिजॉर्ट, जिसका नाम मोक्षा हिमालया स्पा रिजॉर्ट हो चुका है, 80 के दशक से ही पर्यटकों को अपनी ओर खींचता रहा है। खासकर चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के लोगों को क्योंकि यह चंडीगढ़ से मात्र 35 किलोमीटर दूर है। यह रिजॉर्ट दो हिस्सों में है। एक सड़क के साथ वैली के इस ओर है और दूसरा सामने की घाटी के दूसरी ओर पहाड़ी की चोटी पर। दोनों को जोड़ता है दो किलोमीर 800 मीटर लंबा रोपवे।

आज हिमाचल समेत अन्य पहाड़ी राज्यों में कई सारे रोपवे बन रहे हैं। लेकिन हिमाचल और उत्तर भारत का पहला रोपवे लाने का श्रेय दिया जाता है रमेश गर्ग को, जिनका दो साल पहले 76 साल की उम्र में निधन हो गया था। गर्ग 70 के दशक में टिंबर के कारोबार से जुड़े हुए थे। काम के सिलसिले में उनका मिडल ईस्ट भी जाना होता था। इस दौरान उनके मन में ख्याल आया कि क्यों न टूरिजम की दृष्टि से एक केबल कार शुरू किया जाए।

रमेश गर्ग ने दिसंबर 1982 में परवाणू में टूरिजम की दृष्टि से कारोबार शुरू किया और नाम रखा टिंबर ट्रेल। अप्रैल 1988 में उन्होंने पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में बने रिजॉर्ट के लिए केबर कार सुविधा भी शुरू कर दी। बड़ी संख्या में रोमांच के लिए लोग यहां आने लगे। शिमला, चैल या कसौली जाने वाले लोग भी यहां रुकने लगे।

असंभव को संभव कर दिखाने वाले वीर

जब कैबिन के साथ अटक गई जिंदगियां

तीन दशक पहले, 13 अक्तूबर 1992 को भी परवाणू के इसी टिंबर ट्रेल के रोपवे में एक कार कैबिन जमीन से 3000 फुट की ऊंचाई पर अटक गया था। रोपवे के कार में ऑपरेटर समेत 11 यात्री सवार थे। इनमें ज्यादातर नवविवाहित जोड़े थे। जैसे ही रोपवे पहाड़ी के दूसरी ओर ऊंचाई वाले हिस्से पर पहुंचा, अचानक इसका केबल टूट गया और कार कैबिन पीछे की ओर चलने लगा।

घबराहट में ऑपरेटर ने कूदने की कोशिश की मगर नीचे चट्टान से टकराने के कारण उसकी मौत हो गई। कार कैबिन पीछे हटता रहा और कुछ दूर जाकर बीच हवा में फंस गया। ऊपर हवा में 11 जानें अटकी हुई थीं और ठीक नीचे बह रही थी कौशल्या नदी।

इन हालात में रेस्क्यू करना किसी के बस की बात नहीं थी, लिहाजा सेना को सूचना दी गई। उत्तर प्रदेश के सरस्वा में 152 हेलिकॉप्टर यूनिट और नाहन में 1 पैरा कमांडो यूनिट को अलर्ट किया गया। इस बीच चंडीमंदिर स्थित इंजीनियर्स यूनिट ने भी मौके का मुआयना किया। यह पाया गया कि लोगों को रेस्क्यू करना आसान नहीं होगा।

असंभव सा लगने वाला मिशन
इस असंभव से लग रहे ऑपरेशन को सफल बनाने की कमान दी गई थी वायुसेना के तत्कालीन ग्रुप कैप्टन फली एच. मेजर को जो बाद में वायुसेना प्रमुख के पद से रिटायर हुए। उनके साथ इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई कर्नल क्रैस्टो को. जो उस समय मेजर थे।

कर्नल क्रैस्टो जो उस समय मेजर थे

पैरा कमांडोज़ ने मुआयना किया और पाया कि कार के जो पहिए रस्सी पर चलते हैं, वे घूमकर अटक गए हैं। अगर कार को चलाने की कोशिश की जाती तो हो सकता था कि ये नीचे गिर जाए।

संकट बड़ा था। टीम ने एक योजना बनाई। यह तय किया गया कि कार कैबिन के ऊपर का ढक्कन हटाकर एक-एक करके लोगों को हेलिकॉप्टर के जरिये रेस्क्यू किया जाएगा।

14 अक्तूबर को जब इस योजना पर अमल शुरू किया गया, तेज हवाएं चल रही थीं। मेजर क्रैस्टो हेलिकॉप्टर से रस्सी के सहारे कार कैबिन के ऊपर उतरे और शाप्ट हटाकर अंदर पहुंचे। अंदर उन्होंने हर यात्री को रेस्क्यू बेल्ट बांधी। उस रोज चार लोगों को एक-एक करके हेलिकॉप्टर के माध्यम से निकाला गया। अंधेरा होने पर रेस्क्यू मिशन रोक दिया गया।

कैबिन में बचे हुए छह लोग घबराए हुए थे। उनका मनोबल बनाए रखने के लिए मेजर क्रैस्टो ने फैसला किया कि वह कैबिन में ही रुकेंगे। अगले दिन फिर से अभियान शुरू हुआ। क्रैस्टो और टीम ने बाकी लोगों को भी सुरक्षित निकाल लिया। मेजर क्रैस्टो सबसे आखिर में कैबिन से बाहर निकले।

इस जटिल अभियान को सफल बनाने वाली पूरी टीम को सम्मान मिला। कर्नल क्रैस्टो को कीर्ति चक्र दिया गया और फली मेजर को शौर्य चक्र दिया गया। ग्रुप कैप्टन पी उपाध्याय जो उस समय फ्लाइट लेफ्टिनेंट थे, उन्हें वायु सेना मेडल मिला।

सेना की भर्ती में लिखित परीक्षा न होने से बिलासपुर में भड़के युवक

बिलासपुर।। सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने बुधवार को बिलासपुर में प्रदर्शन किया। ये युवा सेना में भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित न होने और परीक्षा रद्द होने से नाराज थे। इन्होंने रैली निकाली और इस दौरान अग्निपथ भर्ती योजना का भी विरोध किया।

नाराज युवाओं की रैली बिलासपुर मेन बाजार से होते हुए कॉलेज चौक तक पहुंची। यहां इन्होंने एनएच पर धरना देकर जाम लगा दिया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैफिक बहाल किया।

प्रदर्शन कर रहे युवकों का कहना है कि 2021 में ग्राउंड क्लीयरेंस के बाद मेडिकल क्लियर करने वाले अभ्यर्थियों की न तो लिखित परीक्षा ली जा रही है न ही इंटरव्यू लिए जा रहे हैं।

नाराज अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें लिखित परीक्षा के लिए कई बार बुलाया गया मगर तारीख आगे बढ़ाई जाती रही। उन्होंनें कहा कि इस वजह से कई लोग ओवर एज होने लगे हैं।