आशा कुमारी ने अपनी पार्टी के MLA को पूर्व मुख्यमंत्री बता जिंदा रहते दे दी श्रद्धांजलि

शिमला ।। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और डलहौजी विधानसभा से विधायक आशा कुमारी ने अपनी ही पार्टी के वर्तमान विधायक को पूर्व मुख्यमंत्री बताकर श्रद्धांजलि दे दी। सोशल मीडिया पर आशा कुमारी के पेज पर हुई इस गलती के स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके हैं। दरअसल आज हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल की पुण्यतिथि है।

इसलिए आशा कुमारी के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एक पोस्ट की गई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल की जगह श्री नैना देवी से कांग्रेस के वर्तमान विधायक रामलाल ठाकुर की तस्वीर लगी थी।

आशा कुमारी के आधिकारिक पेज पर अपलोड की गई पोस्ट, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया।

अपनी पोस्ट में आशा कुमारी ने लिखा, ‘हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रामलाल ठाकुर जी की पुण्यतिथि पर हम उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।’  अब इस बड़ी चूक के स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। हालांकि गलती को सुधारते हुए कुछ समय ही में आशा कुमारी के पेज से पोस्ट हटा लगी गई और इसे दुरुस्त कर फिर से अपलोड किया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

इन हिमाचल को चाहिए ऊर्जावान और संवेदनशील Digital Journalists

 

 

नेताओं और सरकार से सवाल करने को इतना ही उत्साह क्यों नहीं दिखाते पत्रकार?

कुमार अनुग्रह।। कुल्लू हादसे के सर्वाइवर को माइक आईडी के साथ घेरे पत्रकारों की वायरल तस्वीर पर लोगों ने कई सवाल खड़े कर दिए। सवाल यह कि क्या पत्रकार और उनके संस्थान संयम और संवेदनाएं खो चुके हैं? स्ट्रेचर पर लेटा वह घायल व्यक्ति कितने बड़े सदमे में होगा उसके बारे में हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। लेकिन हादसे के बारे में जानकारी के लिए घायल को इस तरह से घेर कर लिया गया जो असंवेदनशीलता से भरा था।

पत्रकार का काम होता है सूचना एकत्र करना, उसे आगे प्रेषित करना और फेक्ट के बारे में सही से लिखना। हालांकि ऐसे संवेदनशील मौकों पर थोड़ा संयम और विवेक से तो कार्य किया ही जा सकता है। फोटो के वायरल होने के बाद कई लोग यह सवाल भी उठाते दिखे कि नेताओं, मंत्रियों और सरकार से जवाबदेही के लिए पत्रकार इतने आतुर क्यों नहीं दिखते?

वैसे एक नहीं कई उदाहरण हैं, जब पत्रकारों का ये उतावलन पर कहीं गायब हो जाता है। लेकिन एक हालिया घटनाक्रम भी है जो पत्रकारिता के स्तर पर सवाल उठाता है।

सांसद और हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने एक जनसभा में गुड़िया प्रकरण को छोटी सी घटना बता दिया। मीडिया ने प्रतिभा सिंह के भाषण का हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चला दिया। सोशल मीडिया पर खूब हो हल्ला हुआ।

प्रतिभा सिंह ने अपने शब्दों पर खेद जताने की बजाय सफाई देते हुए यह कह दिया कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया। यह बात प्रतिभा सिंह ने एक जगह नहीं कम से कम तीन स्थानों पर प्रेस के सवालों का जवाब देते हुए कही। उन्होंने यहां तक कह दिया कि मेरा वीडियो एडिट कर दिया गया है।

गुड़िया प्रकरण ही नहीं, प्रतिभा सिंह ने मंडी लोकसभा उपचुनाव के दौरान कारगिल युद्ध को छोटा सा युद्ध बताने के मामले को भी मौजूदा घटनाक्रम से जोड़ते हुए कह दिया कि उनके साथ ऐसा पहले भी हुआ। प्रतिभा सिंह ने अपने शब्दों का ठीकरा मीडिया पर फोड़ते हुए उन्हें सीधे-सीधे कसूरवार बता दिया, लेकिन किसी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार यह कहते हुए नहीं सुने गए कि आप मीडिया पर आरोप कैसे लगा सकती हैं। आपने जो कुछ कहा उसके सबूत मौजूद हैं। आपके खुद के फेसबुक पेज से लाइव हुआ था।

ऐसे में जब एक नेता और सांसद ठोस सबूत होने पर भी सरेआम मीडिया पर वीडियो से छेड़छाड़ करने के आरोप लगा दे और एक भी पत्रकार या पत्रकारों के संगठन इस पर आपत्ति दर्ज न करवा पाएं तो आप समझ सकते हैं कि हालात क्या हैं।

मीडिया के स्तर में गिरावट के कई कारण हैं और चर्चा के लिए यह एक विस्तृत विषय है, लेकिन पत्रकारों और विशेषकर पत्रकारों के लिए संगठन बनाने वाले पदाधिकारियों को भूमिका और सेल्फ रेगुलेशन पर सोचना होगा। क्योंकि ऐसे कई संगठन हैं जो निवार्चित या मनोनित होने पर सोशल मीडिया पर फोटो और पर पोस्ट अपडेट कर बधाई और आभार का अदान प्रदान करते तो हैं, लेकिन पत्रकारिता के मूल्यों और पत्रकारों के सुरक्षित भविष्य के लिए कुछ नहीं करते।

पत्रकारिता के स्तर पर सवाल उठाने वाले लोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं जितने कि मीडिया संस्थान। इस विषय पर अगली बार बात करेंगे।

(ये लेखक के निजी विचार हैं)

प्रदेश संबंधित विषयों पर आप भी अपने लेख हमें inhimachal.in@gmail.com पर भेज सकते हैं।

इन हिमाचल को चाहिए ऊर्जावान और संवेदनशील Digital Journalists

इन हिमाचल को चाहिए ऊर्जावान और संवेदनशील Digital Journalists

इन हिमाचल डेस्क।। ‘इन हिमाचल’ को विभिन्न स्थानों पर ऊर्जावान Digital Journalists की आवश्यकता है:

शिमला- 1
धर्मशाला- 1
डेस्क- 2

हम किसे तलाश रहे हैं: ऊर्जावान पत्रकार जो खबरों की समझ रखते हों, हिंदी और अंग्रेजी की अच्छी समझ हो, अच्छा लिखने के साथ-साथ कैमरे के सामने धाराप्रवाह बोल सकते हों, बेसिक वीडियो एडिटिंग करने में सक्षम हों और टेक्नॉलजी से घबराते न हों। सबसे महत्वपूर्ण बात- वे विवेकी और संवेदनशील हों।

पात्रता: पत्रकारिता की डिग्री या डिप्लोमा नहीं चाहिए, काम को लेकर जुनून चाहिए। अनुभव कम या शून्य हो लेकिन सीखने को लेकर ललक होनी चाहिए। आप अपने काम के सैंपल भेजें। अगर आप फ्रेशर हैं तो अपनी मर्जी के किसी भी विषय पर रिपोर्टिंग करते हुए वीडियो शूट करके भेज सकते हैं।

पारिश्रमिक: योग्यता और अनुभव के अनुसार (न्यूनतम 10,000 रुपये।)

अपना रेज़मे और काम के सैंपल 10 जुलाई, 2022 तक इस ईमेल आईडी पर भेजें: inhimachal.in@gmail.com

अपना Resume ध्यान से तैयार करके भेजें। जिन आवेदनों के साथ काम के सैंपल (Live Reporting, Anchoring, Interviews etc.) नहीं होंगे, उनपर विचार नहीं किया जाएगा।

एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने बद्दी में बताया उन्हें कैसे मिली उम्मीदवारी की जानकारी

सोलन ।। मैं घर पर बैठी थी, अचानक फोना आया और कहा कि आपको एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर चुना गया है। यह बात एनडीए की राष्ट्रपति पद उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने बद्दी में कही। उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने कभी भी पद की लालसा नहीं की मेरा काम ही मुझे यहां तक आगे लेकर आया है।’

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को बद्दी में हिमाचल प्रदेश के भाजपा विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान भाजपा विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में अपना समर्थन देने की बात कही। भाजपा विधायकों को संबोधित करते हुए द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हिमाचल एक पावन धरती है यहां के देवी-देवताओं और धरती को मैं प्रणाम करती हूं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति और पर्यटन का एक अलग रूप विश्व भर में देखने को मिलता है। मुर्मू ने कहा कि आज वह हिमाचल प्रदेश में अपने उम्मीदवार पद का प्रचार पसार करने के लिए आई है, हिमाचल प्रदेश का इतिहास उतना ही प्राचीन है जितना मानव अस्तित्व का। मुर्मू ने कहा कि वेद पुराणों में भी हिमाचल का जिक्र आपको मिल ही जाएगा।

मैंने हर दिन कुछ नया सीखा’

द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरे जीवन का हर दिन, हर मिनट, हर सेकेंड संघर्ष भरा रहा है और मैंने हर दिन कुछ न कुछ नया सीखा है। जिस संस्कृति में पली-बढ़ी हूं उसे आगे लेकर जाना चाहती हूं। मैं आदिवासी परिवार में जन्मी जहां न रास्ते का कोई ठिकाना नहीं था न बिजली। मुर्मू ने कहा कि पार्षद से लेकर विधायक, विधायक के बाद मंत्री और अब राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने तक का सफर चुनौतियों भरा रहा।

मुझे नहीं पता मुझे कितने लोग पसंद करते हैं’

मुर्मू ने कहा कि जब उनसे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए बायोडाटा मांगा गया तो मेरे पास ऐसी कोई भी प्रोफाइल, ऐसा कोई डॉक्यूमेंट नहीं था जिसे वे भेज सकें, एक पेज पर उन्होंने अपना बायोडाटा भेजा था। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता मुझे कितने लोग पसंद करते हैं लेकिन मुझे अपना काम पसंद है। उन्होंने कहा कि मुझे शत प्रतिशत समर्थन आप लोगों की तरफ से मिला है उसके लिए धन्यवाद और वह देश की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगी इसका विश्वास दिलाती हूं।

 

शॉपिंग के लिए मंत्री और विधायक ने नो पार्किंग जोन में खड़ी कर दी गाड़ी

हमीरपुर।। हमीरपुर में गुरुवार को उस समय नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ती नजर आईं जब मंत्री सरवीण चौधरी और भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी की गाड़ियां गांधी चौक पर नो पार्किंग जोन में खड़ी कर दी गईं। मंत्री और विधायक हमीरपुर बाजार में शॉपिंग करती रहीं और उनकी गाड़ियां चौक पर पुलिस द्वारा लगाए गए ‘नो पार्किंग’ के बोर्ड के आमने-सामने खड़ी रहीं।

हमीरपुर बाजार में गांधी चौक के पीएनबी बैंक से लेकर भोटा चौक तक सड़क के दोनों तरफ नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। अगर कोई पार्किंग करे तो चालान भी काटे जाते हैं। यहां से मात्र 50 मीटर दूर डीसी ऑफिस में गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा है लेकिन गुरुवार को मंत्री और विधायक जब शॉपिंग के लिए बाजार गई तो उनकी गाड़ियां सड़क पर खड़ी रहीं।

‘नारी को नमन’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद हमीरपुर पहुंची नेत्रियों की वजह से इस सड़क से गुजरने वालों को करीब 45 मिनट तक असुविधा का सामना करना पड़ा। न तो इन गाड़ियों को हटाया गया, न ही चालान काटे गए। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि कोई भी अधिकारी इस मामले पर कुछ बोल नहीं रहा जबकि एसडीएम समेत तमाम प्रशासनिक अमला मंत्री की आवभगत में व्यस्त था।

सतपाल सत्ती युवा कांग्रेस के नेता को बोले- काले झंडे दिखाए तो यहीं गाड़ दूंगा

ऊना॥ हिमाचल प्रदेश की राजनीति नेताओं के बयान से गरमाई हुई है। मुकेश अग्निहोत्री, प्रतिभा सिंह पहले ही विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं तो उधर हिमाचल वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सतपाल सिंह सत्ती ने ऊना में भाजपा और युवा कांग्रेस के नेताओं की झड़प के बीच यह कह दिया कि यदि काले झंडे दिखाए तो यहीं गाड़ दूंगा।

क्या है पूरा मामला
दरअसल 30 जून को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर धर्मशाला में नारी है नमन कार्यक्रम के बाद चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री के ऊना पहुंचने से पहले ही युवा कांग्रेस के नेता सर्किट हाउस पहुंच गए ताकि उन्हें काले झंडे दिखा सकें। हालांकि पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।

इसके बाद युवा कांग्रेस के नेता सड़क पर पहुंच गए। इसी बीच सड़क पर बीजेपी के युवा कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए मौजूद थे। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं के बीच माहौल गरमा गया। बात नारेबाजी से होत हुए हाथापाई तक जा पहुंची। हाथापाई में युवा कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे कपड़े तक फाड़ दिए।

इसी बीच हिमाचल वित्त आयोग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सतपाल सिंह सत्ती की भी मौके पर पहुंच गए। वह बीच-बचाव करने लगे। इस बीच उन्होंने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता से कहा, ‘काले झंडे दिखाएंगे ना, तो जमीन में गाड़ दूंगा मैं, तू कॉलेज तक ही रहा मैं यूनिवर्सिटी तक रहा।”

सत्ती ने कहा, “उसमें कितना दम है, बुला लेना मुकेश को… इतना ही बोलना चाहता हूं मैं, बुला लेना उसमें कितना दम है, मैं यूनिवर्सिटी से जानता हूं। हमें अच्छा नहीं लगता कि मुकेश को काले झंडे दिखाएं और आपको भी अच्छा नहीं लगता कि चीफ मिनिस्टर को काले झंडे दिखाएं। सभी लोग घर के आदमी हैं मुझे तो यहां आके पता लगा कि क्या पंगा है।”

जानकारी के अनुसार युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि वो सीएम जयराम ठाकुर को काले झंडे इसलिए दिखाने पहुंचे थे ताकि वो मुकेश अग्निहोत्री से माफी मांगे।

सीएम ने ‘शगुन’ देकर की महिलाओं के बस किराये में रियायत की शुरुआत

धर्मशाला।। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार ‘नारी को नमन’ कार्यक्रम से एचआरटीसी बसों में महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट देने की शुरुआत की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धर्मशाला बस स्टैंड में एचआरटीसी की पहली महिला बस चालक सीमा ठाकुर को शगुन देकर इसका शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री व अन्य सभी गणमान्य एचआरटीसी की बस से धर्मशाला महाविद्यालय के ऑडिटोरियम के लिए रवाना हुए। इस दौरान बस कंडक्टर ने सभी का टिकट काटा। परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री व अन्य के टिकट के पैसे दिए। यह पहली बार देखा कि किसी मुख्यमंत्री और मंत्री ने एचआरटीसी में सफर करने के पैसे दिए और टिकट कटवाया। बस पर सवार महिलाओं को किराये में 50 फीसदी की छूट दी गई।

सीमा ठाकुर की इच्छा

इस बस की चालक सीमा ठाकुर ही रहीं, जिन्हें विशेष तौर पर धर्मशाला बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एचआरटीसी की पहली महिला चालक सीमा ठाकुर को सम्मानित भी किया। इस दौरान सीमा ठाकुर ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि उसे वॉल्वो बस की ट्रेनिंग दी जाए।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमा की मांग को देखते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए। गौरतलब है कि सीमा ठाकुर लंबे समय से वॉल्वो बस चलाने की इच्छा जताती रही हैं। ऐसे में सीएम ने उनकी इच्छा पूरी करने के निर्देश दे दिए हैं।

सभी जिला मुख्यालयों के बस स्टैंड पर भी जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां लाभार्थियों के साथ मुख्यमंत्री ने वर्चुअली संवाद और संबोधन किया।

ट्विटर ट्रेंड्स में दिखा नारी को नमन

महिलाओं को एचआरटीसी बस किराये में 50 फीसदी छूट देने के लिए जो कार्यक्रम रखा गया था, उसे ‘नारी को नमन’ नाम दिया गया था। दोपहर को देशभर में माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म ट्विटर पर #NariKoNaman ट्रेंड कर रहा था। ट्विटर इंडिया पर #NariKoNaman हैशटैग ट्रेंड लिस्ट में तीसरे नंबर पर पर रहा। बहुत सारे लोगों ने किराये में रियायत को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया। कुछ महिलाओं ने लिखा कि कैसे किराये में छूट से होने वाली बचत को वो अपनी जरूरत के हिसाब से कहीं और खर्च कर पाएंगी। एक यूजर ने लिखा, ‘हिमाचल प्रदेश में अब महिलाएं आधे किराए में सरकारी बसों में सफर कर सकेंगी। सिर्फ डबल इंजन वाली सरकार की वजह से।’

आईजीएमसी में मरीज की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

शिमल।। आईजीएमसी के कार्डियॉलजीविभाग में एक मरीज की ऑपरेशन के दौरान मौत के बाद उनके परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आऱोप लगाया। परिजनों का कहना था कि मरीज की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है। जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिजनों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की है, इलाज को लेकर उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी।

मृतक मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में एक मशीन न होने के कारण डॉक्टरों ने ऑपरेशन टाल दिया। जबकि हालात नाजुक थी तो उन्हें किसी और अस्पताल में रेफर करना चाहिए था। मशीन आने के बाद ऑपरेशन किया गया जिससे इलाज में देरी होने के कारण उनकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों का कहना है कि सवाल उठाने पर पहले तो डॉक्टरों ने बदसलूकी की और मामला बढ़ा तो माफी मांगने लगे। परिजनों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि इस मामले को देखें और जरूरी कार्रवाई करें।

वहीं आईजीएमसी के एमएस डॉक्टर जनक राज ने कहा कि परिजनों ने मौखिक तौर पर इलाज को लेकर नहीं बल्कि दुर्व्यवहार को लेकर शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जीरो टॉलरेंस नीति है और स्टाफ को इस संबंध में पूछा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायत आने पर जांच कमेटी बैठती है और रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई होती है।

मैंने गुड़िया मामले को कभी छोटा नहीं कहा, ये साज़िश हो रही है: प्रतिभा सिंह

शिमला।। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंडी लोकसभा सीट से सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि उन्होंने कोटखाई के गुड़िया मामले को कभी छोटा नहीं कहा। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में मीडिया में उनके एक बयान को एक साजिश के तहत तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जो बहुत ही निंदनीय है।

प्रतिभा सिंह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोटखाई में हुए जघन्य अपराध पर भाजपा ने प्रदेश में पुलिस थाना जलाया, सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाया, जबकि तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकारने पहले इस मामले की एसआईटी जांच बिठाई, बाद में परिवार की मांग पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

प्रतिभा सिंह ने कहा कि जब यह मामला जब सामने आया था तो उसके तुरंत बाद वह स्वयं पीड़ित परिवार के घर गई थीं और उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि आज भी वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उनके लिए न्याय की मांग करती है।

प्रतिभा सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में पेपर लीक मामले की जांच से लोगों का ध्यान बंटाने की फिराक में है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक से प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है और सरकार इसकी सीबीआई जांच से बचने का प्रयास कर रही है।

प्रतिभा सिंह ने क्या कहा था, आप इस वीडियो में देख सकते हैं:

https://inhimachal.in/news/mukesh-agnihotri-supports-pratibha-singhs-statement-on-gudiya-rape-and-murder/

हिमाचल: 10वीं के रिजल्ट घोषित, मेरिट में निजी स्कूलों की छात्राओं का दबदबा

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं की परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार परिणाम 87.5 प्रतिशत रहा है।  90375 छात्रों ने परीक्षा का फार्म भरा था जिनमें से 78573 पास हुए, 1409 की कंपार्टमेंट और 612 अनुपस्थित रहे।

मेरिट की बात करें तो मंडी की प्रिंयका और दिवांगी ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया है। दोनों को ही 99 प्रतिशत अंक (693/700) मिले हैं। प्रिंयका मंडी के सरस्वती विद्या मंदिर तत्तापानी की छात्रा हैं जबकि दिवांगी एंग्लो संस्कृत मॉडल स्कूल मंडी में पढ़ती थीं।

मेरिट लिस्ट में दूसरे स्थान पर रहे आदित्य सांख्यान रहे जिन्होंने 98.86 प्रतिशत (692/700) अंक हासिल किए। वह बिलासपुर जिले के हटवार के सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र थे।

मेरिट में तीसरे स्थान पर दो छात्राएं रही हैं। एक हैं मंडीके सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल मोहिन गोपालपुर की छात्रा अंशुल ठाकुर और दूसरी हैं ऊना जिले के एसएचएमएमएल पब्लिक स्कूल जलग्रां की छात्रा सिया ठाकुर। दोनों ने 98.71 (691/700) प्रतिशत अंक हासिल किए।

इस बार दसवीं की परीक्षा में 47024 छात्र और 43351 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं। ध्यान देने वाली बात यह है कि मेरिट लिस्ट में आए 66 स्टूडेंट्स निजी स्कूलों के हैं जबकि 11 सरकारी स्कूलों के। मेरिट लिस्ट में छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है। टॉप टेन में 77 छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई है। इनमें 67 छात्राएं हैं और 10 छात्र।