मुख्यमंत्री ने गद्दी समाज का जिक्र करते हुए सत्ती पर की टिप्पणी

शिमला।। अब तक कई अनाप-शनाप बयान देने को लेकर चर्चा में रहे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ज़ुबान से अब ऐसा बयान निकला है जिसकी कड़ी आलोचना हो रही है। ऊना में उन्होंने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती पर हमला करते हुए कहा कि वह प्रेजिडेंट हैं तो क्या हुआ, प्रेजिडेंट तो गद्दी सभा के भी होते हैं।

गौरतलब है कि इस बयान को हिमाचल प्रदेश के मेहनतकश गद्दी समुदाय के अपमान के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री अपने बयान में सत्ती पर निशाना साधते हुए यह दिखाना चाहते थे कि प्रेजिडेंट होने से कोई बड़ा नहीं हो जाता। मगर चर्चा है कि यह मिसाल देते हुए उन्होंने गद्दी समुदाय को कमतर पेश किया है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी प्रकट करते हुए प्रश्न पूछा जा रहा है कि अगर कोई गद्दी सभा का प्रेजिडेंट है तो क्या उसका कोई महत्व नहीं है?

गौरतलब है कि बीजेपी को नीचा दिखाने के लिए मुख्यमंत्री एक बार पहले सफाई कर्मचारियों की मिसाल दे चुके हैं। प्रश्न उठते रहे हैं कि मुख्यमंत्री का इस तरह से मिसालें देना उनकी सोच का स्तर दिखाता है कि वह किस तरह से लोगों को भेदभाव की दृष्टि से देखते हैं।

हिमाचल के एक न्यूज पोर्टल ने ‘हिमाचल अभी अभी‘ ने एक वीडियो भी पोस्ट किया है। पोर्टल ने खबर छापी है कि मुख्यमंत्री ने ऊना में मीडिया से बात करते हुए ऐसा उदाहरण दिया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कह रहे थे कि सत्ती को अनाप-शनाप बयान नहीं देने चाहिए। मगर खुद उनका बयान आलोचना का विषय बन चुका है। इस बयान को देते हुए वह कह रहे थे कि सत्ती अपने पद की गरिमा को गिरा रहे हैं। मगर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि मुख्यमंत्री का बयान क्या उनकी गरिमा बढ़ा रहा है? सुनें:

इस बीच पंजाब केसरी अखबार के मुताबिक गद्दी नेता विशाल नैहरिया ने मुख्यमंत्री के इस बयान को उनके समुदाय का अपमान बताया है। विशाल का कहना है कि सीएम का ये बयान गद्दी समुदाय के प्रति उनकी संकीर्ण सोच को दिखाता है। ऐसा बयान देकर उन्होंने गद्दी समुदाय को कमतर आंकने की कोशिश की है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र ‘विवादित’ टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। कभी वह सफाई कर्मचारियों को लेकर मिसाल देते हैं तो कभी किसी विधायक के पुराने पेशे को लेकर उसे नीचा दिखाने लगते हैं।

उनके पिछले 1 साल में दिए गए विवादित बयानों की लिस्ट नीचे है। साथ ही कुछ अन्य विवादित मामलों की खबरें भई हैं:

सीएम ने सफाई कर्मचारियों का हवाला देकर बीजेपी पर तंज

गुड़िया केस में मुख्यमंत्री ने कहा ज्यादा होशियार बन रहे हैं लोग

महेश्वर सिंह ने पत्नी वाले बयान पर मुख्यमंत्री पर किया पलटवार

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नड्डा को बताया बदतमीज लड़का

मुझे वो दिन भी याद है जब सुक्खू पैदा हुए थे

वनरक्षक की मौत पर बोले सीएम- ऐसे मामले होते रहते हैं 

मुख्यमंत्री ने चौपाल के विधायक पर किए व्यक्तिगत कॉमेंट

स्वाइन फ्लू से मौतों पर मुख्यमंत्री का शर्मनाक बयान

वीरभद्र ने स्वर्गीय आई.डी. धीमान पर की टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायक पर निजी टिप्पणी

कार्यकर्ता पर मंच से ही भड़क गए मुख्यमंत्री

खराब सड़कों के सवाल पर मीडिया पर बिफरे सीएम

फर्ज़ी है नड्डा का स्टिकर चिपकाने वाली तस्वीर

शिमला।। जैसा कि ‘इन हिमाचल’ ने अपने एक सहयोगी पोर्टल की खबर छापते वक्त आशंका जताई थी कि तस्वीर फोटोशॉप हो सकती है, वैसा ही निकला। छानबीन में पता चला कि किसी ने शरारत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर बदल दी है। मूल तस्वीर में धूमल जहां अपनी तस्वीर वाला स्टिकर चिपका रहे थे, किसी ने फोटोशॉप के जरिए उसमें बदलाव करके प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की फोटो लगा दी थी।

 

असलियत में प्रेम कुमार धूमल जो तस्वीर लगा रहे थे, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्हीं की तस्वीर थी। देखें:

प्रेम कुमार धूमल
असली तस्वीर

मगर जैसा कि हमने कहा था, किसी ने इसमें बदलाव किया और नड्डा की तस्वीर ऐड कर दी। नीचे देखें:

प्रेम कुमार धूमल
नकली तस्वीर

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर 1 अगस्त को इस तस्वीर को पोस्ट किया था। यह तस्वीर हमीरपुर जनसंपर्क की है। उनकी मूल पोस्ट यह है:


इससे पता चलता है कि टेक्नॉलजी के इस दौर में कितना सजग रहने की जरूरत है। गौरतलब है कि इंटरनेट, खासकर फेसबुक और व्हाट्सऐप पर फर्जी खबरों की बाढ़ आई हुई है। ऐसे में हम सभी की भी जिम्मेदारी बनती है कि कुछ भी पब्लिश करने से या शेयर करने से पहले दो-बार जांच करें।

वैसे हमने पिछली खबर को छापते वक्त भी बताया था कि तस्वीर की प्रामाणिकता पर संदेह है, फिर भी हम भविष्य में और सजग रहने की कोशिश करेंगे।

सोशल मीडिया पर शेयर हो रही नड्डा वाले स्टिकर लगाते धूमल की तस्वीर

(Update: छानबीन के दौरान यह तस्वीर फर्जी निकली है। इस संबंध में पूरी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। हम खबर के पुराने हिस्से से छेड़छाड़ नहीं कर रहे हैं। इसे सोशल मीडिया से भी हटा दिया गया है। कृपया नीचे वाले हिस्से को नजरअंदाज करें)

एमबीएम न्यूज, शिमला।। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल हाल ही में एक तस्वीर में साधारण कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी के स्टिकर चिपकाते नजर आए। प्रदेशवासियों ने सोशल मीडिया पर इस तस्वीर का अपने हिसाब से आकलन किया है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस तस्वीर की प्रामाणिकता पर संदेह है। यह पता नहीं लग पाया है कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रही तस्वीर में कहीं फोटोशॉप से छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।

खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री इस तस्वीर में एक दुकान के काउंटर पर जिस स्टिकर को चिपका रहे हैं, उसमें पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अलावा सिर्फ जेपी नड्डा की तस्वीर थी।

अब इसे पूर्व सीएम का बड़प्पन माना जाए या फिर यह अंदाजा लगाया जाए कि उन्होंने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि पार्टी ने अब जेपी नड्डा को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाएगी।

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सोशल मीडिया पर यह तस्वीर चर्चा में है। अख़बारों में साधारण पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर स्टीकर चिपकाने की खबरें भी प्रकाशित हुई थीं।

(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और इसे  सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित किया जा रहा है)

अब हिंदी मूवी में लीड रोल में दिखेंगी मंडी की मालवी

मंडी।। हिमाचल प्रदेश के के मंडी जिले की मालवी मल्होत्रा ऐंटी रोमियो स्कवॉयड पर बन रही एक हिंदी फिल्म में लीड रोल करती नजर आएंगी। अब तक छोटे पर्दे और साउथ की फिल्मों में काम कर चुकीं मालवी इस फिल्म में लीड रोल को लेकर काफी उत्साहित हैं।
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मालवी दक्षिण भारत की एक फिल्म में काम कर चुकी हैं। साथ ही छोटे पर्दे के प्रसिद्ध धारावाहिक ‘उड़ान’ में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी है। उन्होंने तेलुगू मूवी ‘कुमारी 18+’ में भी काम किया है (स्रोत)

कुमारी 18+ का पोस्टर

तेलुगू फिल्म का का ट्रेलर नीचे है:


हिंदी फिल्म की शूटिंग आजकल उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में हो रही है। हालांकि यह एक कॉमिडी फिल्म है, जिसमें ऐंटी रोमियो स्कवॉयड के प्रेमी जोड़ों पर कार्रवाई करने के दृश्य देखने को मिलेंगे।


नीचे मालवी के मॉडलिंग प्रोफाइल शूट के कुछ फोटो:

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Malvi Malhotra Pictures 1026 - Actress Malvi Malhotra Black Dress Photos

Malvi Malhotra Pictures 1023 - Actress Malvi Malhotra Black Dress Photos

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मुख्मंत्री वीरभद्र का बड़ा बयान- …तो मैं छोड़ दूंगा हिमाचल

ऊना।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है। प्रदेश में जल्द होने वाले चुनावों को लेकर दिए गए इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में तरह-तरह की चर्चा है। दो दिन के ऊना दौरे पर आए सीएम ने कहा कि अगर प्रदेश मे होने जा रहे चुनावों में भारतीय जनता पार्टी अगर 60 सीटें जीतती है तो मैं हिमाचल छोड़ दूंगा।

मुख्यमंत्री ने बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर गपोड़ी हैं। यह भी कहा कि बेशक तीन बार सांसद बने हैं मगर उनमें बहुत बचपना है। उन्होंने कहा कि अनुराग राजनीति के लायक नहीं हैं। सीएम ने कहा कि अनुराग बिना आंकड़ों के बयान देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि विधानसभा चुनाव मेरे ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस राज्य में बीजेपी के मुकाबले काफी मजबूत स्थिति मे है। उन्होंने कहा कि अपनी हार देखते हुए ही भाजपा अनाप-शनाप बयान दे रही है।

हिमाचल की इस युवा प्रधान को अक्षय कुमार ने किया सम्मानित

इन हिमाचल डेस्क।। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर उपमंडल की थरजूण पंचायत की प्रधान जबना चौहान को अक्षय कुमार ने सम्मानित किया है। जबना को यह सम्मान अफनी पंचायत में स्वच्छता के लिए और नशे के खिलाफ चलाए अभियान के लिए दिया गया।

अक्षय कुमार ने जबना चौहान को अपनी आने वाली फिल्म ‘टॉइलट: एक प्रेम कथा’ के प्रमोशन समारोह के दौरान सम्मानित किया। हिमाचल की इस बेटी ने जब मंच पर समाज के प्रति अपनी सोच के बारे में बताया तो अक्षय ने दोनों हाथ उठाकर तालियां बजाई और जबना को गले लगा लिया।

Himachal की बेटी जबना के जज्बे को फिल्म स्टार Akshay Kumar का सलाम
अक्षय ने कहा कि कुरीतियों को मिटाने और समाज की सोच बदलने के लिए देश की हर बेटी को अपने इरादे जबना की तरह मजबूत करने होंगे।

जबना चौहान

गौरतलब है कि जबना देश में सबसे कम उम्र में प्रधान बनने की वजह से चर्चा में आई थीं। मगर उनकी उपलब्धि यह नहीं है, बल्कि उन्होंने प्रधान के तौर पर अपनी पंचायत का जो नक्शा बदला, उसके लिए वह प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय मंचों तक कई बार सम्मानित हो चुकी हैं।

असर: EX-CMs की सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव वापस

शिमला।। पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधा बढ़ाने वाले प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है। गौरतलब है कि ‘इन हिमाचल’ ने खबर छापी थी कि प्रदेश सरकार चुनावी साल में पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधा बढ़ाने की तैयारी में है। मगर शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों ने इस प्रस्ताव को पास न करने का आग्रह किया और कहा कि इसकी जरूरत नहीं है और जनता में गलत संदेश जा सकता है।

 

‘In Himachal’ द्वारा छापी गई खबर पर फेसबुक पर कई लोगों ने कॉमेंट करके सरकार के इस कदम की आलोचना की थी। ख़बर है कि कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद यह प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला लिया गया।

 

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस प्रस्ताव में ‘कार के साथ ड्राइवर, टूर पर जाने के लिए विभागीय वाहन और निवास स्थान पर डॉक्टर इस लिस्ट में टॉप पर थे। अजेंडा आइटमों में हर साल 1 लाख रुपये का प्रशासनिक खर्च भत्ता, पसंद के 2 निजी सुरक्षा अधिकारी, लैंडलाइन और मोबाइल के 50000 रुपये और घर के प्रवेश द्वारा पर हथियारबंद पुलिस गार्ड शामिल था।

पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधाएं क्यों बढ़ाना चाहते हैं वीरभद्र?

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश सरकार पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को बढ़ाना चाहती है। इसमें घर पर एक डॉक्टर की तैनाती से लेकर गाड़ियां, ड्राइवर, सिक्यॉरिटी और भत्ते शामिल हैं।

अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पास एक इंटरेस्टिंग अजेंडा है। वह चाहते हैं कि पूर्व सीएम के निवास स्थान पर ड्राइवर के साथ एक गाड़ी रहे और साथ ही फॉलोअफ के लिए एक SUV भी रहे।

अख़बार के मुताबिक ‘कार के साथ ड्राइवर, टूर पर जाने के लिए विभागीय वाहन और निवास स्थान पर डॉक्टर इस लिस्ट में टॉप पर है। अजेंडा आइटमों में हर साल 1 लाख रुपये का प्रशासनिक खर्च भत्ता, पसंद के 2 निजी सुरक्षा अधिकारी, लैंडलाइन और मोबाइल के 50000 रुपये और घर के प्रवेश द्वारा पर हथियारबंद पुलिस गार्ड शामिल हैं।

पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए अचानक उमड़ी दरियाली से उनके पहले सीएम रहे शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल को भी फायदा होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगले तीन महीनों के अंदर हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं।

अखबार के मुताबिक बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस कदम को लेकर कहा, ‘मुझे लगता है कि अभी हमें जो सुविधाएं मिलती हैं वे ठीक हैं। मगर लगता है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र के मन में कुछ और है क्योंकि उनका कार्यकाल जल्द खत्म होने वाला है।’

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश 55 हजार करोड़ रुपये कर्ज में है और यहां की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है।

ऊना में ट्रक से नशे की खेप बरामद, हरोली का तस्कर गिरफ्तार

ऊना।। कांगड़ा के एसपी रहते हुए नशे के सौदगारों की नाक में दम करने वाले पुलिस अधिकारी संजीव गांधी अपनी नई पोस्टिंग में भी ऐक्शन में हैं। पिछले दिनों ही उन्हें पहले सिरमौर, फिर बद्दी और आखिरकार ऊना ट्रांसफर किया गया था। शुक्रवार को पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में एक ट्रक से भारी मात्रा में चूरा-पोस्त और दाना पोस्त बरामद हुआ। इस मामले में हरोली के कांटे के रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने संतोषगढ़-टाहलीवाल मुख्य सड़क पर स्वां नदी पर बने पुल पर नाके के दौरान एक ट्रक को रोका। ट्रक की तलाशी लेने पर टूल बॉक्स से 98 किलोग्राम चूरा-पोस्त और 25 किलोग्राम दाना-पोस्त बरामद किया गया। ये सारे नशीले पदार्थ बड़े-बड़े बैगों में पैक करके रखे गए थे।

आरोपी पर एन.डी.पी.एस. ऐक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। एस.पी. संजीव गांधी ने बताया कि नशा विरोधी गठित की गई पुलिस की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। अब यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी ने नशे की इस खेप को कहां से खरीदा था और इसकी सप्लाई आखिर कहां की जानी थी। संजीव गांधी ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के मुताबिक आरोपी नशे का बड़ा सप्लायर है, ऐसे में नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।

कंडक्टर भर्ती में कांगड़ा का दबदबा, परिवहन मंत्री के इलाके से 61 को जॉब

शिमला।। ट्रिब्यूनल से हरी झंडी मिलते ही घोषित किए गए कंडक्टर भर्ती परिणाम में 498 में से 244 सीटों पर कांगड़ा जिले से अभ्यर्थी चुने गए हैं। अन्य 11 जिलों से 254 युवाओं को जॉब मिली है। गौरतलब है कि कांगड़ा सबसे ज्यादा आबादी वाला जिला है और कंडक्टर भर्ती में इस जिले का दबदबा रहा है।

गुरुवार शाम को घोषित हुए परिणामों में मंडी जिले से 77 युवाओं को नौकरी मिली है। मंडी के बाद शिमला 25, सोलन से 7, बिलासपुर से 42, सिरमौर से 19, कुल्लू से 12, हमीरपुर से 25, किन्नौर से 2, चंबा से 25 और ऊना से 20 युवाओं को कंडक्टर की जॉब मिली है।

हिंदी अखबार अमर उजाला के दूसरे पेज पर छपी खबर के मुताबिक परिवहन मंत्री जी.एस. बाली के चुनाव क्षेत्र से ही 61 कंडक्टर सिलेक्ट हुए हैं जबकि कई विधानसभा सीटों से एक भी अभ्यर्थी सिलेक्ट नहीं हुआ।

विवादों में रही है कंडक्टर भर्तियां
2003-2004 में TMPA (कंडक्टरों) की भर्ती के मामले में नियमों का ताक पर रखने का मामला भी चर्चा में रहा है। कांग्रेस सरकार से पिछले कार्यकाल में 378 पदों पर भर्ती हुई थी। विजिलेंस जांच में पता चला था कि निगम ने विज्ञापन 300 पदों का निकाला था लेकिन 378 को चुन लिया गया। धर्मशाला डिविजन से ही 147 का चयन हुआ था। इनमें 73 लोग तत्कालीन परिवहन मंत्री जी.एस. बाली के चुनाव क्षेत्र से थे और 32 तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की विधानसभा सीट रोहड़ू से थे। इन भर्तियों के दस्तावेजों में जमकर कटिंग और ओवरराइटिंग के आरोप लगे थे। (विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

क्या है ताजा मामला
हाल की बात करें तो एचआरटीसी ने मई 2016 में 500 मल्टीपर्पज ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट भर्ती के लिए आवेदन मंगवाए थे। इसके लिए 30 हजार आवेदन आए थे। 12 जून को लिखित परीक्षा ली गई थी जिसमें 1630 पास हुए थे। इसके बाद 1 जुलाई 2016 से इन पदों को भरने के लिए इंटरव्यू शुरू किए गए।

पढ़ें: यह है 11 सालों में एक भी छुट्टी न लेने वाला कंडक्टर

इसी बीच मामला ट्रिब्यूनल पहुंच गया था। वहां पर शुरुआती सुनवाई के बाद 8 अगस्त 2016 को परिणाम निकालने पर रोक लगा दी गई। इस फैसले को एचआरटीसी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने मामले को प्रशासनिक प्राधिकरण के पास कुछ पहलुओं पर फैसला देने के लिए मामले को भेजा था। बाद में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने प्रार्थियों की दलीलों से असहमत होते हुए याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही एचआरटीसी ने नतीजों की घोषणा कर दी।

गौरतलब है कि एचआरटीसी अभी और भर्तियां करने जा रही है।