सोलन।। भारतीय जनता पार्टी के सोलन मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों वाले वॉट्सऐप ग्रुप मे पार्टी के 20 कथित प्रत्याशियों की एक लिस्ट डाल दी गई। यह लिस्ट सोलन मंडल के महामंत्री नरेंद्र ठाकुर ने डाली, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में हलचल पैदा हो गई। 20 लोगों की लिस्ट के साथ यह भी लिखा गया है कि पार्टी इन 20 प्रत्याशियों पर दांव खेल सकती है। हालांकि चर्चा यह भी है कि यह एक फॉरवर्डेड मेसेज था और इसे ग्रुप में चर्चा के लिए डाला गया था।
खबर यह भी है कि बीजेपी के कुछ पदाधिकारियों ने इस बात की शिकायत पार्टी अध्यक्ष से की है और सोलन मंडल के महामंत्री पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इस लिस्ट में किन-किनके नाम थे, आप नीचे स्क्रीनशॉट में पढ़ सकते हैं:
शिमला।। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ़ चल रहे यौन शोषण के मामले में कोर्ट का फैसला आने के मद्देनजर भारी संख्या में जुटे डेरा प्रेमियों के हुड़दंग की आशंका के चलते हिमाचल भी प्रभावित हुआ है। विभिन्न इलाकों से डेरा प्रेमी ट्राईसिटी का रुख कर रहे हैं। इसके पीछे की रणनीति सिस्टम पर दबाव बनाना लग रही है। मगर इस वजह से हिमाचल पथ परिवहन निगम को बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा बंद करी पड़ी है। एचआरटीसी की 200 से ज्यादा बसें शुक्रवार शाम 5.00 बजे तक चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के लिए नहीं चलेंगी।
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके और फेसबुक पेज पर पोस्ट डालकर बताया है कि यात्रियों को किसी तरह का नुकसान न हो और बसों को भी निशाना न बनाया जाए, इसलिए सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है। इसके साथ ही ऊना से पंजाब और चंडीगढ़ को जाने वाली ट्रेनें भी अगले दो दिनों तक रद्द हैं। इधर परिवहन मंत्री ने बताया है कि इमर्जेंसी में पुलिस के सहयोग से 3 से 4 टैंपो ट्रैवलर चलाई जाएंगी ताकि मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।
दिल्ली और बाहरी राज्यों में गईं बसों को अगले आदेश तक वहीं रोकने को कहा गया है। चालकों- परिचालकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि हिमाचल से दिल्ली जाने वाली सामान्य और वोल्वो बसों के सभी रूट रद्द कर दिए हैं। शिमला से जाने वाली बसें परवाणू और कांगड़ा की तरफ से जानी वाली बसें भी ऊना तक ही जाएंगी। माहौल को देखते हुए बिलासपुर और ऊना से जाने वाली कुछ बसें चंडीगढ़ के सेक्टर-43 बस अड्डे तक भेजी जा सकती हैं। चंडीगढ़ से नाहन-देहरादून जाने वाले बस रूट भी रद्द कर दिए हैं।
इससे निगम को प्रतिदिन 10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा। स्थिति सामान्य होने पर शुक्रवार शाम के बाद बस सेवा बहाल हो सकती है।
शिमला।। शिमला के कोटखाई के रेप ऐंड मर्डर में सीबीआई ने पुलिस की एसआईटी पर सहयोग न देने का आऱोप लगाया है। गुड़िया गैंगरेप केस की जांच कर रही सीबीआई के वकील ने हाईकोर्ट में कहा कि एसआईटी से सहयोग नहीं मिल रहा है। वकील ने कहा कि जब पूछताछ के लिए तलब किया गया तो उन्होंने यह कहकर आने से इनकार कर दिया कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई से एसआईटी से पूछताछ को लेकर लिखित पत्र मांगा है। एक समाचार पोर्टल ‘समाचार फर्स्ट’ के मुताबिक सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने बताया है कि सीबीआई गुड़िया गैंगरेप और मर्डर की जांच को पुख्ता करने के लिए एसआईटी से पूछताछ कर सकती है और यदि एसआईटी जांच में सहयोग नहीं करती है तो सीबीआई अदालत से आदेश लेने के लिए स्वतंत्र है।
बता दें कि गुरुवार को पुलिस एसआईटी ने हिमाचल हाइकोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। हाइकोर्ट ने सीबीआई को 6 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का वक्त दिया है।
मंडी।। करसोग में संदिग्ध हालात में मृत पाए गए वनरक्षक होशियार सिंह के मामले में गिरफ्तार किए गए हेमराज नाम के शख्स की निशानदेही पर पुलिस ने कायल की लकड़ी के 28 तख्ते बरामद किए हैं। इन स्लीपरों की बरामदगी शिल्ही सेरी में उसके निर्माणाधीन घर से हुई है। इस बरामदगी से वन विभाग और वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के उन दावों की भी पोल खुल गई है, जिन्होंने होशियार सिंह केस सामने आने पर कहा था कि प्रदेश मे कोई वन माफिया नहीं है। गौरतलब है कि जंगल में पहले भी कुछ स्लीपर और ठूंठ मिले थे।
पुलिस ने तख्ते बनाने में इस्तेमाल होने वाले आरे, कुलहाड़ी औ अन्य साजो-समान को भी अपने कब्जे में लिया है। गौरतलब है कि होशियार सिह के फोन से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने हेमराज और उसके तीन साथियों को रविवार को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों को इसके बाद सोमवार को सुंदरनगर में कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
जंगल से पहले भी मिले थे ठूंठ
बुधवार को पुलिस इस मामले में पकड़े गए हेमराज को सेरी कतांडा के जंगल में ले गई और उन जगहों की पहचान की गई जहां से वह कायल के पेड़ों की लकड़ी अपने घर ले गया था। हिंदी अखबार दैनिक जागरण लिखता है, ‘सेरी कतांडा में करीब चार माह पहले वन माफिया ने कायल व देवदार के कई पेड़ काट कर गिरा दिए थे। चंद्रमणी, देसराज व भवनीश कुमार के साथ मिलकर हेमराज ने बिना किसी अनुमति से कायल के पेड़ की लकड़ी को ठिकाने लगाया था।’
हेमराज ने तीन मजदूरों को हायर करके लकड़ी ढुलवाई थी। करसोग थाने के प्रभारी अमर सिंह ने बताया है कि आरोपी हेमराज की निशानदेही पर उसके घर से कायल की लकड़ी 28 तख्तों के साथ अन्य साजो-सामान बरामद किए हैं।
ऊना।। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट में एक सरकारी स्कूल में कुछ छात्र-छात्राओं का असामान्य व्यवहार देखकर सब हैरान थे। पूछताछ करने पर पता चला कि एक सीनियर छात्र का जन्मदिन मनाया गया था और स्कूल शुरू होने से पहले ही इन छात्र-छात्राओं ने कथित तौर पर बियर के जाम छलका लिए थे। (कवर इमेज सांकेतिक है)
बताया जा रहा है कि नशे की वजह से ही उनका व्यवहार अजीब था। इसके बाद इन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। डीसी ऊना विकाल लाबरू ने मामले की जानकारी होने की बात कही है। उनका कहना है कि इस संबंध में उचित कार्रवाई होगी।
खबर के मुताबिक स्कूल शुरू होने से पहले ही बियर के साथ अन्य पकवान भी लाए गए थे और स्कूल में ही पार्टी का आयोजन हुआ था। मगर इस बीच बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि स्कूल में बियर कहां से आ गई। साथ ही प्रश्न यह भी कि छात्रों को बियर की बोतलें किसने दी। अगर उन्हें किसी ठेके वाले ने शराब या बियर दी तो उसपर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
शिमला।। हिमाचल प्रदेश केमुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि विपक्ष के सदस्य भी चुनकर सदन में पहुंचे हैं, लेकिन उनका व्यवहार गुंडों वाला है। उन्होंने कहा कि कड़वी बात कहने का शालीन तरीका होता है, लेकिन भाजपा के सदस्य गुंडों की तरह गाली देकर बात करते हैं।
विधानसभा के मॉनसून सेशन में लगातार दूसरे दिन सदन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद वीरभद्र ने विपक्ष के नेता धूमल पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल इतने मजबूत नहीं हैं कि अपने सदस्यों को नियंत्रित कर पाएं। सीएम ने कहा, ‘अगर धूमल की लीडरशिप मजबूत होती तो सदन के भीतर भाजपा सदस्य ऐसी बदजुबानी नहीं करते।’
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद अपने चेंबर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की नारेबाजी और वेल में उतरकर पीठ को घेरना आपत्तिजनक है।
शिमला।। हिमाचल में एम्स को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा दिए गए बयान पर टिप्पणी करने के बाद हमीरपुर से बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने अब इस मामले में चिट्ठियां लिखी हैं। एक चिट्ठी उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भेजी है जिसमें उन्होंने पूछा है कि प्रदेश सरकार इस संस्थान के लिए ज़मीन उपलब्ध करवाई पाई है या नहीं। मगर नड्डा को लिखे लेटर में तो उन्होंने 31 अगस्त तक कोठीपुरा में ज़मीन का मुआयना करके फाइनल करने की समयसीमा दी है।
एम्स के मुद्दे को लेकर अनुराग ठाकुर इसलिए बेचैन दिख रहे हैं क्योंकि अंदरखाने चर्चा है कि अनुराग ने प्रधानमंत्री कार्यालय से चर्चा किए बगैर ही एम्स के शिलान्यास की घोषणा कर दी थी। मगर हाल ही में हिमाचल आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि अभी पीएमओ के साथ डेट्स तय नहीं हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि एम्स हिमाचल में ही बनेगा, मगर कहां बनेगा, अभी यह निश्चित नहीं है। उनका कहना था कि अभी 423 बीघा जमीन केंद्र सरकार के नाम नहीं हुई है तो शिलान्यास कैसे हो जाएगा।
इसके बाद अनुराग ने नड्डा पर आक्रामक रुख अपना लिया था। उन्होंने कहा था, ‘एम्स को बिलासपुर लाने में नड्डा का कोई योगदान नहीं है और न ही इसे यहां से ले जाने में होगा। एम्स हर हाल में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में ही बनेगा। इसके लिए चाहे फिर किसी भी स्तर पर लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े।(यहां क्लिक करके पढ़ें)’ दरअसल चर्चा है कि 25 सितंबर को प्रदेश में चुनाव आचार सहिंता लग सकती है और इससे पहले ही प्रधानमंत्री आईआईएम सिरमौर और एम्स की आधारशिला रखेंगे। अब उन्होंने लेटर लिखकर एम्स के मुद्दे पर आरपार का ऐलान कर दिया।
नड्डा को दी 31 अगस्त की ‘डेडलाइन’ अनुराग ने नड्डा को लिखे खत में कहा है, ‘मेरे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के बिलासपुर जिले के कोठीपुरा में एम्स का खुलना तय हुआ था. जमीन मुहैया करवाने की औपचारिकताएं राज्य सरकार को तय करनी थीं. क्या पिछले तीन सालों में राज्य सरकार ऐसा नहीं कर पाई है? इससे अभी तक प्रॉजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है और राज्य को विश्व स्तरीय सुविधाएं नहीं मिल पाने के कारण बाहर जाना पड़ रहा है।’ आगे उन्होंने लिखा है, ‘मैं आपसे गुज़ारिश करता हूं कि मामले पर ध्यान लें और अपने पद का इस्तेमाल करते हुए कोठीपुरा में ज़मीन की जांच करके 31 अगस्त 2017 से पहले फाइनलाइज़ कर लें ताकि यह सितंबर में प्रस्तावित हिमाचल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इसका शिलान्यास कर सकें।’
सीएम से पूछा- केंद्रीय मंत्रालय से कोई कसर तो नहीं रही
वहीं मुख्यमंत्री के खत में शुरुआती बातें वही हैं मगर आखिर में पूछा है कि ज़मीन को लेकर स्थिति क्या है, कृपया मुझे बताएं. अगर केंद्रीय मंत्रालय या फिर मेरी तरफ से कुछ करने की जरूरत है तो भी बताएं ताकि संबंधित मंत्रालय से जनहित के लिए मैं पूरी ताकत से बात कर सकूं। कृपया जल्द जानकारी दें।
गौरतलब है राजनीतिक पंडित इन चिट्ठियों को अनुराग का नड्डा पर सीधा हमला बता रहे हैं। उनका कहना है कि इसका मतलब यह भी है कि अनुराग और नड्डा के बीच जरा भी तारतम्य नहीं है वरना इस तरह के मसले पर अपनी ही सरकार के वरिष्ठ मंत्री को कौन घेरता है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में एम्स को लेकर उठे इस विवाद को लेकर बड़ा मुद्दा बन सकता है क्योंकि मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल में दो बड़े नेताओं के बीच कलह सामने आने का यह पहला मामला है। अब यह देखना अहम होगा कि आलाकमान इस मसले से कैसे निपटता है।
एमबीएम न्यूज़ नेटवर्क, मंडी।। कोटरोपी में भूस्खलन के बाद तबाह हुए मंडी-पठानकोट नैशनल हाइवे 154 को बुधवार शाम को बहाल कर दिया गया। यह हाइवे 11 दिनों के बाद खुला है। यहां पर एचआरटीसी की बस का सफल ट्रायल होने के बाद ही इसे खोला गया। इस सड़क की बहाली दिन के लिए ही कई गई और वाहनों की आवाजाही मौसम पर भी निर्भर करेगी। यहां से सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक ही वाहन आ जा सकेंगे। रात को सड़क बंद रहेगी।
जिला प्रशासन ने एनएच 154 को बहाल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। हालांकि अभी भी 260 मीटर के क्षतिग्रस्त भाग पर सफर करना खतरों भरा है लेकिन लोगों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन को इसे अस्थायी तौर पर बहाल करना ही पड़ा।
कोटरोपी गांव में अभी भी दो शवों की तलाश जारी है। एक शव एनएच 154 के किनारे बताया जा रहा है जबकि दूसरा शव वहां पर है जहां बस मलबे के साथ बह गई थी। इन्हें तलाश करने का कार्य जारी है।
(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)
शिमला।। हिमाचल प्रदेश की ज्वाली विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव (एजुकेशन) नीरज भारती सोशल मीडिया पर बदतमीज़ी और अपमानजनक बातें करने के लिए पहचाने जाते हैं। मीडिया से लेकर विधानसभा तक उनकी अश्लील, अभद्र और मर्यादाहीन टिप्पणियों का मसला उठ चुका है, मगर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कहते हैं कि नीरज जो कर रहा है ठीक कर रहा है। कुछ दिन पहले अपने फेसबुक पेज पर ‘मर्यादा’ की बात करने वाले यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य को भी इस मसले पर सांप सूंघ जाता है। यहां तक कि उनके पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चंद्र कुमार भी अपने बेटे का समर्थन कर चुके हैं। मगर हिमाचल सरकार में शिक्षा जैसा अहम विभाग देखा रहा चीफ पार्लियामेंटरी सेक्रेटरी आज पूरे प्रदेश के लिए अपमान का विषय बन चुका है। यही नहीं, अब उनकी देखादेखी में बाकी लोग भी उसी स्तर पर उतरते जा रहे हैं।
DISCLAIMER: कृपया अपनी ज़िम्मेदारी पर आगे पढ़ें, फेसबुक पर किए गए कॉमेंट्स की भाषा बेहद आपत्तिजनक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को गाली देने वाले नीरज भारती न सिर्फ़ मां-बहन की गालियां निकालते हैं, बल्कि खुलेआम चुनौती देते हैं कि यह मेरी ही आईडी है, मैं ही इसे ऑपरेट करता हूं और जो उखाड़ना है, उखाड़ लो।
भारती खुलेआम कहते हैं कि मैं ही इस आईडी को चलाता हूं .
खैर, हैरानी नहीं होती कि यह हिम्मत कहां से आती है। जिसे प्रदेश के मुखिया का संरक्षण मिला हो, जो सत्ता में हो, उसका कोई “उखाड़” भी कैसे सकता है। मगर प्रदेश की जनता शर्मिंदा ही हो सकती है क्योंकि बीजेपी या कांग्रेस का और कोई विधायक या मंत्री आज तक इस तरह की भाषा इस्तेमाल करता नहीं देखा गया, भले ही वह राजनीतिक रूप से कितना भी अस्थिर क्यों न हो। वैसे तो हम आपत्तिजनक टिप्पणियों को मंच देने बचते हैं, मगर अब आवश्यक हो गया है कि प्रदेश की जनता भी जाने कि क्या ऐसे व्यक्ति को सरकार में शिक्षा जैसे विभाग का सीपीएस बने रहने का अधिकार है या नहीं। क्योंकि शायद ही कोई अन्य मीडिया इस बात को जनता तक पहुंचाए।
भारती ने पूनम महाजन पर डाली आपत्तिजनक पोस्ट
पहले तो नीरज भारती ने हिमाचल दौरे पर आईं बीजेपी नेता पूनम महाजन को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट डाली। नीचे देखें, उन्होंने तस्वीर के साथ क्या लिखा है-
भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष ने भी तोड़ा मर्यादा
गौरतलब है नीरज भारती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भौंकू और बाबा रादेव को हरामदेव जैसे विशेषणों से संबोधित करते रहे हैं। इसके बाद इससे चिढ़े भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष विशाल चौहान ने भी एक गरिमाहीन पोस्ट डाली जिसमें नीरज भारती को भला बुरा कहा गया था। यानी दूसरों को मर्यादा और नैतिकता सिखाते हुए वह भी उसी स्तर पर आ गए। उन्होंने नीरज भारती को लेकर बना पोस्टर शेयर किया था जिसमें सही बातें नहीं थीं।
बीजेपी समर्थक और भारती भिड़ गए
मगर इसके बाद जो हुआ, वह हैरान करने वाला है। इस पोस्ट पर जो लोग भारती की आलोचना कर रहे थे, वह उनसे उलझ रहे थे। दोनों पक्षों में खूब गालियां चल रही थी। सामने से कोई बेवकूफ मर्यादा लांघ रहा हो तो क्या किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को उसी स्तर पर उतर आना चाहिए?
बहरहाल, अगर आप व्यस्क नहीं हैं तो कृपया यहीं से आर्टिकल पढ़ना छोड़ दें। पाठकों को सचेत किया जाता है कि आगे अपनी जिम्मेदारी पर पढ़ें, भाषा बेहत अमर्यादित और आपत्तिजनक है। यह देखना शर्मनाक है कि हिमाचल सरकार का नुमाइंदा छिछोरों के साथ उन्हीं की तरह कीचड़ से भी गंदी भाषा इस्तेमाल कर रहा है। भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष की पोस्ट पर हुई कॉमेंटबाज़ी के स्क्रीनशॉट नीचे हैं:
हम पाठकों से इस अभद्र बातचीत को मंच देने के लिए माफी चाहते हैं मगर हमने व्यापक जनहित में इसे प्रकाशित करना जरूरी समझा। पाठक स्वयं तय करें कि मुख्यमंत्री को ऐसे लोगों का बचाव करना चाहिए या नहीं।
आप नीरज भारती द्वारा अब तक किए गए अभद्र व्यवहार की खबरें नीचे पढ़ सकते हैं:
कुल्लू।। कुल्लू में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक डिपो में लोगों को खराब आटा दिया गया है। इस आटे का रंग काला है, यह गीला है और साथ ही इसमें कीड़े भी हैं। सुल्तानपुर के लोगों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर ऐसा आटा दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसा आटा तो वे अपने जानवरों को भई नहीं खिला सकते। (तस्वीर सांकेतिक है)
लोगों का कहना है कि डिपो धारक आटे को वापस लेने से इनकार कर रहा है। उसका कहना है कि पीछे से ही ऐसे आटा आया है। इस मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शिवराम ने कहा है कि टीम भेजकर आटे की जांच करवाई जाएगी और यह खराब होगा तो डिपो होल्डरों को कहा जाएगा कि खराब आटा वापस लेकर बढ़िया आटा दे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मिल से खराब आटा आ रहा होगा तो उस मिल से सप्लाई रोक दी जाएगी।