जब राकेश चौधरी के कार्यक्रम में पहुंचे सीएम जयराम ठाकुर

मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। हिमाचल में विधानसभा चुनावों से पहले टिकट की लड़ाई रोचक होती नजर आ रही है। सबसे ज्यादा उठापटक सत्ता का द्वार माने जाने वाले कांगड़ा जिला में चल रही है। इस बार चर्चा का केंद्र धर्मशाला विधानसभा हलका बना हुआ है। शनिवार को धर्मशाला में रोचक सियासी हलचल हुई।

दरअसल सीएम जयराम ठाकुर ने शनिवार सायं पौने पांच बजे कांगड़ा आना था। इसी बीच आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए राकेश चौधरी ने सिद्धबाड़ी के जोरावर स्टेडियम में अपना शक्ति प्रदर्शन रखा था। चौधरी की ओर से एक दिन पहले दावा किया गया था कि इस कार्यक्रम में सीएम जयराम ठाकुर और वन मंत्री राकेश पठानिया शिरकत करेंगे।

सीएम के जारी शेड्यूल में जहां पौने पांच बजे कांगड़ा आने की बात की गई थी, तो राकेश चौधरी ने सुबह साढ़े 10 बजे का समय रखा था। इस कार्यक्रम से ज्यादातर मंडल भाजपा धर्मशाला दूर ही नजर आ रहा था। दोनों शेड्यूल भी मेल नहीं खा रहे थे। इसी बीच 12 बजकर 20 मिनट पर एक और शेड्यूल जारी होता है,जिसमें उन्होंने 2 बजकर 50 मिनट पर पुलिस मैदान में लैंड करना था।

खैर इसी बीच सीएम आ गए और पुलिस मैदान से सीधे जोरावर मैदान में जा पहुंचे। उनके साथ विधायक विशाल नेहरिया भी थे। सीएम ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि वह राकेश चौधरी के निवेदन पर आए हैं। सीएम के ऐसा कहते ही धर्मशाला में टिकट के चाहवानों में चर्चाओं का बाजार गरम है।

कार्यक्रम में कांगड़ा से विधायक पवन काजल भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस इवेंट में परदे के पीछे काजल का अहम रोल रहा है। अब टिकट किसकी है, यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।

जयराम ठाकुर से इतनी नफरत क्यों करते हैं मुकेश अग्निहोत्री?

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आई.एस. ठाकुर।। सुजानपुर में आज कांग्रेस की रैली थी। वक्ता कई थे लेकिन सुर्खियां बटोरीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने। वैसे तो वह एक साल से घिसी पिटी बातें कर रहे हैं, लेकिन आज उन्होंने वह बात दोहराई जो कुछ दिन पहले सुजानपुर के विधायक राजिंदर राणा ने कही थी- जयराम मुख्यमंत्री बन सकता है तो प्रदेश में कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है।

यह बयान ठीक पांच साल पहले मुकेश अग्निहोत्री के राजनीतिक गुरु और प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के उस बयान की याद दिला रहा है, जिसमें उन्होंने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती को लेकर कहा था कि सत्ती अध्यक्ष है तो क्या हुआ, गद्दी सभा का भी अध्यक्ष होता है

वीरभद्र का आशय था कि सत्ती की हैसियत तो गद्दी सभा के अध्यक्ष से भी नीचे है, उस पर मैं क्या बोलूं। इस पर खूब हंगामा हुआ था। लेकिन वीरभद्र सिंह ने कभी गलती नहीं मानी। ऐसा ही कुछ मुकेश अग्निहोत्री कह रहे हैं कि जयराम बन सकता है तो कोई भी व्यक्ति बन सकता है। ध्यान यह भी देने लायक है कि सकते हैं नहीं कहा जा रहा, वो बोल रहे हैं- सकता है। अफसोस कि मुकेश अग्निहोत्री के कहने का आशय नहीं है कि एक आम आदमी के सीएम बनने के बाद अब सीएम पद की कुर्सी किसी पर सो कॉल्ड शाही लोगों का अधिकार नहीं रहा। उनके शब्द जयराम ठाकुर को साफ तौर पर इस पद के लिए कमतर बताने की कोशिश लगते हैं।

लेकिन सवाल उठता है कि जयराम ठाकुर से नफरत क्यों? जयराम ठाकुर से इतनी खुन्नस क्यों? जयराम ठाकुर के प्रति ऐसी भाषा क्यों? जयराम ठाकुर पर निजी हमले क्यों? हर मंच से सिर्फ जयराम ठाकुर पर निशाना क्यों? क्या इसलिए कि जयराम अपर बेल्ट से है? उस बेल्ट से, जिसे सो कॉल्ड आधुनिक कहलाने वाले कुछ लोग पिछड़ा मानते हैं और खुद को वहां के लोगों से ज्यादा सभ्य?

जब जयराम ठाकुर पर राजिंदर राणा ने यह बयान दिया था तो मेरी अपने एक मित्र से चर्चा हुई थी जो नीरमंड से हैं। उन्होंने कहा कि ‘ऐसा लगता है कि जब एक आम परिवार का पहाड़ी आदमी मुख्यमंत्री बन गया, एक पिछड़े क्षेत्र में पैदा हुआ आदमी आगे बढ़कर प्रदेश का नेतृत्व करने लग गया तो उन लोगों का खून खौलना स्वाभाविक है जो खुद को ज्यादा काबिल, ज्यादा एलीट, ज्यादा योग्य मानते थे।’ मेरे मित्र का कहना था कि ‘यही जलन, यही ईर्ष्या इनके दिलो-दिमाग पर हावी हो गई है जो इनकी जुबान और इनके व्यवहार के रास्ते बाहर आ रही है।’

लेकिन सवाल यह है कि इससे नुकसान किसका हो रहा है? अगर वाकई ऐसा है तो नुकसान उन लोगों का ही होगा, जो किसी तरह की हीन भावना से ग्रस्त होकर खुद अपनी सेहत को बर्बाद किए जा रहे हैं। मगर मेरा बस इतना सा कहना है कि ऐसे बयान देने की नौबत ही क्यों आई? मुख्यमंत्री पद की गरिमा का भले विपक्षी नेताओं को ख्याल न हो, एक इंसान की गरिमा का तो ख्याल रखें। मानवीय मूल्यों का तो ख्याल रखें।

(लेखक लंबे समय से हिमाचल प्रदेश के विषयों पर लिख रहे हैं। उनके kalamkasipahi@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है)

DISCLAIMER: ये लेखक के निजी विचार हैं।

कैबिनेट में आउटसोर्स, नौकरियों और संस्थानों के संबंध क्या फैसले लिए गए, जानें

शिमला।। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां हुई प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमण्डल ने पेंशनभोगियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों और राज्य संवर्ग से सम्बन्ध रखने वाले अखिल भारतीय सेवा पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों को उनकी संशोधित मूल पेंशन/मूल पारिवारिक पेंशन पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत पेंशन भत्ता प्रदान करने का निर्णय लिया। इससे 65 से 80 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 86,200 पेंशनभोगी तथा पारिवारिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।

आउटसोर्स
हिमाचल प्रदेश में सेवा प्रदाताओं के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स आधार पर तैनात कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की रिपोर्ट को भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया और इसे सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। इस मामले में एक नीति दस्तावेज का मसौदा तैयार करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिशों के अनुसार ‘हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम’ का नाम बदलकर कंपनी अधिनियम-2013 के प्रावधानों के तहत ‘हिमाचल प्रदेश कौशल विकास एवं रोजगार निगम कंपनी’ की स्थापना की जाएगी। यह कंपनी तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगी। यह कंपनी विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, राज्य के शिक्षण संस्थानों, सांविधिक संस्थाओं और राज्य सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण वाले अन्य उपक्रमों की अस्थायी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल, अर्द्ध-कुशल और अन्य कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करेगी।

युवा एवं खेल सेवाएं
मंत्रिमंडल ने युवा सेवाएं एवं खेल विभाग द्वारा पात्र खिलाड़ियों को भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रायोजित करने या संबंधित विभागों को अनुपलब्धता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का निर्णय लिया, ताकि भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। युवा सेवाएं एवं खेल विभाग से अनुशंसा या अनुपलब्धता प्रमाण पत्र के लिए कम से कम छह सप्ताह की अवधि के इंतजार के बाद पद भर दिए जाएंगे।

न्यायालय कर्मचारी
मंत्रिमंडल ने जिला न्यायालयों के कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2016 से संशोधित वेतनमान प्रदान करने और हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवाओं की अन्य शर्तें) अधिनियम, 2005 में संलग्न अनुसूची में संशोधन / प्रतिस्थापन करने का भी निर्णय लिया। इससे जिला न्यायालयों के लगभग 2300 कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
बैठक में सोलन जिले की ग्राम पंचायत नालका को कसौली थाने से हटाकर बरोटीवाला थाने के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया।

सीमावर्ती क्षेत्रों से चलने वाली बसों में महिलाओं के किराये में छूट संबंधित
मंत्रिमंडल ने प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों परवाणु और संसारपुर टैरेस में महिला यात्रियों की सुविधा के लिए कालका या परवाणु से चलने वाली तथा हरियाणा के केवल एक किलोमीटर क्षेत्र से आवाजाही करने वाली बसों और संसारपुर टैरेस या तलवाड़ा से चलने वाली तथा पंजाब के केवल 3 किलोमीटर क्षेत्र से गुजरने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के किराये में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का निर्णय लिया।

 

मंत्रिमंडल ने स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए कुल्लू जिले के पटवार वृत्त बंगा को तहसील सैंज से हटाकर तहसील बंजार में शामिल करने का निर्णय लिया। बैठक में विभिन्न श्रेणियों के 6 पदों के सृजन एवं भरने के साथ मण्डी जिले के थाना जंजैहली के अंतर्गत नई पुलिस चौकी खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के शैक्षणिक संकाय को लाभान्वित करने के लिए टाइम बाउंड डेजिग्नेशन स्कीम (अपग्रेडेशन) 2014 में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की। बैठक में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमरोह में विज्ञान और वाणिज्य की कक्षाएं और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुक्कड़ में वाणिज्य कक्षाएं शुरू करने के साथ-साथ आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने का निर्णय लिया गया।

बैठक में चम्बा जिले की राजकीय माध्यमिक पाठशाला भंदार को स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने शिमला जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्यार में विज्ञान एवं वाणिज्य की कक्षाएं आरम्भ करने तथा आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने का निर्णय लिया।

बैठक में सोलन जिला के राजकीय स्नातक महाविद्यालय ममलीग में विभिन्न श्रेणियों के 16 पद सृजित कर भरने तथा आवश्यक अधोसंरचना के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने सोलन जिला के नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रतवाड़ी, दभोटा, राजपुरा एवं डोली में वाणिज्य कक्षाएं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंड एवं भाटियां में विज्ञान तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गोयला पनेड़, रेड़ू एवं गुल्लरवाला में विज्ञान एवं वाणिज्य की कक्षाएं प्रारंभ करने तथा आवश्यक पदों के सृजन और भरने का निर्णय लिया।

बैठक में सोलन जिला के दून विधानसभा क्षेत्र में राजकीय माध्यमिक विद्यालय तुझार को राजकीय उच्च विद्यालय में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने किन्नौर जिला में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला के रिकांग पिओ में स्टाफ के आवश्यक पदों सहित सहायक जिला पर्यटन विकास अधिकारी का पद सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की।

बैठक मेें मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में अनुबंध एवं दैनिक वेतनभोगी आधार पर विभिन्न श्रेणियों के 40 पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के शिक्षकोें/वैज्ञानिकों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित वेतनमान प्रदान करने को भी स्वीकृति प्रदान की। इससे विश्वविद्यालय के 240 से अधिक शिक्षकों को लाभ मिलेगा।

मंत्रिमंडल ने कैडर समीक्षा समिति की अनुशंसा पर हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाओं की कुल कैडर क्षमता 228 से बढ़ाकर 246 करने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिला की कमरऊ तहसील में 11 पटवार वृतों को पुनर्गठित कर सात नए पटवार वृत सृजित करने और इनके लिए आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक मेें कांगड़ा जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र गाहलियां को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने और आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने की स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने मंडी जिला की निहरी तहसील के जनोह में आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने की भी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में कांगड़ा जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तकीपुर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत कर आवश्यक पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिला की बंजार तहसील के स्वास्थ्य उपकेंद्र दयोरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने और आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिला की बंजार तहसील के स्वास्थ्य उपकेंद्र बठाड़ को आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने की स्वीकृति प्रदान की।

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला की ग्राम पंचायत रानीताल में आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मंडी जिला के बालीचौकी क्षेत्र के चोड़ी बटवाड़ा में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने और इसके लिए आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में सिरमौर जिला के कोटला बांगी (राजगढ़) में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और इसके लिए आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने मंडी जिला की चच्योट तहसील की ग्राम पंचायत गुडार में आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मंडी जिला की थुनाग तहसील के केयोली में आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कांगड़ा जिला की सुलह विधानसभा क्षेत्र में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।

बैठक में मण्डी जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बागाचनोगी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में मण्डी जिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बालीचौकी को 50 बिस्तर की क्षमता वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने मंडी जिला की जोगिन्द्रनगर तहसील की ग्राम पंचायत गुम्मा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने के साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया। बैठक में कांगड़ा जिला के स्वास्थ्य उपकेन्द्र राजनाल को स्तरोन्नत कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में मण्डी जिला की बालीचौकी तहसील के धंडाली में स्वास्थ्य उपकेन्द्र खोलने के साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कंडबाड़ी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्तरोन्नत करने के साथ ही आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में कांगड़ा जिला की पालमपुर तहसील के होल्टा में स्वास्थ्य उपकेन्द्र खोलने के साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में ऊना जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला गगोह को राजकीय केन्द्रीय प्राथमिक पाठशाला में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने मण्डी जिला के गोथला, कांढी एवं जैशला में नई प्राथमिक पाठशालाएं खोलने को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में कुल्लू जिला के शिक्षा खंड कुल्लू के अंतर्गत बलरगा में नई प्राथमिक पाठशाला खोलने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिला के प्रारंभिक शिक्षा खंड कार्यालय पांवटा साहिब, सतौन व कफोटा का पुनर्गठन कर खोदोवाला में नया प्रारंभिक शिक्षा खंड कार्यालय खोलने का निर्णय लिया। बैठक में मण्डी जिला की ग्राम पंचायत सोमगार्ड के धनोट गांव में नई प्राथमिक पाठशाला खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में मण्डी जिला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला केल्टी और थुनारीगढ़ को राजकीय केन्द्रीय प्राथमिक पाठशाला बनाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने कुल्लू जिला के कुमारहट्टी गांव (मनाली क्षेत्र) में नया पशु औषधालय खोलने के साथ ही आवश्यक पदों को सृजित कर उन्हें भरने का भी निर्णय लिया। बैठक में मण्डी जिला के थुनाग के शिहाल गांव में नया आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने के साथ आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने बैजनाथ तहसील पटवार वृत्त बीड़ का पुनर्गठन कर चौगान में नया पटवार वृत्त खोलने का निर्णय लिया। बैठक में मण्डी जिला की चच्योट तहसील के तहत छपराहन में नया पटवार वृत्त खोलने का निर्णय लिया गया। बैठक में परवाणू शहरी और परवाणू ग्रामीण में दो नए पटवार वृत्त बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने सीजीएसटी मंडल एवं सीजीएसटी रेंज मण्डी के लिए कार्यालय भवन एवं आवासीय आवास निर्माण के लिए केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के नाम बिक्री आधार पर 2,17,89,414 रुपये शुल्क के साथ नियमित स्वामित्व में भूमि हस्तान्तरित करने की स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में सोलन जिला में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जोघों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में स्तरोन्नत करने व आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के साथ मण्डी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटिड नाम से संयुक्त उद्यम की स्थापना को भी मंजूरी प्रदान की। इसमें प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत पूंजीगत हिस्सेदारी तथा और भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की 49 प्रतिशत पूंजीगत हिस्सेदारी होगी।

बैठक में आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ-साथ मण्डी जिले के पंजाईं एवं शिल्लीबागी में उद्यान प्रसार केन्द्र खोलने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने खौली-द्वितीय और 126 मेगावाट की छतड़ू पन बिजली परियोजनाओं को अपफ्रंट प्रीमियम की दरों पर बीओओटी आधार पर नियम एवं शर्तों के अनुसार निजी क्षेत्र को आवंटित करने का निर्णय लिया।

बैठक में शिमला जिले के शोघी औद्योगिक क्षेत्र में पर्यटन एवं यात्रा संबंधी सेवाओं की स्थापना के लिए 1000 वर्ग मीटर की सीमा शर्त में ढील देते हुए 500 वर्ग मीटर करने को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने के साथ-साथ मण्डी जिले के बालीचौकी में ओक टसर रेशम उत्पादन प्रभाग स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के शिक्षकों और इनके समकक्ष कैडर के अधिकारियों को 1 जनवरी 2016 से यूजीसी के तर्ज पर संशोधित वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के भरठियां के राजकीय उच्च विद्यालय को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तथा सिरमौर जिले की राजकीय माध्यमिक पाठशाला पनयाली को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया।

बैठक में मण्डी जिला की प्राथमिक पाठशाला भलवाड़ और तुंगाधार, बिलासपुर जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला शोरा ब्यूंस, साई खारसी और पिपल घाट, कांगड़ा जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बडुखर, सिरमौर जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला भूपपुर, कुल्लू जिला की प्राथमिक पाठशाला मनिहार, कोइशुधर, खद्याणा, रामनगर, रास्कट और डोभी, शिमला जिला की राजकीय प्राथमिक स्कूल दावन को राजकीय माध्यमिक पाठशालाओं में स्तरोन्नत करने के साथ आवश्यक पदों के सृजन एवं भरने का निर्णय लिया गया।

बैठक में प्रदेश में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड द्वारा संचालित किए जा रहे सभी विद्यालयों को स्टाफ सहित शिक्षा विभाग में हस्तांतरित करने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिन्हें इस संबंध में आगामी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया। बैठक में कुल्लू जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला रंबी तथा शरई तथा जिला बिलासपुर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला संदयार को स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने की चर्चाओं पर क्या बोले सुधीर शर्मा?

मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। पूर्व मंत्री और धर्मशाला के पूर्व विधायक सुधीर शर्मा ने कहा है कि वह कांग्रेस छोड़कर नहीं जा रहे हैं और इस संबंध में कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं जो गलत है। दरअसल, कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष हर्ष महाजन ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया।

इस बीच ऐसी भी चर्चाएं हैं कि सुधीर शर्मा और जयसिंहपुर के पूर्व विधायक यादविंदर गोमा भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। मगर सुधीर शर्मा ने फोन पर हुई बातचीत में ‘इन हिमाचल’ को बताया कि वह कांग्रेस नहीं छोड़ रहे। उन्होंने कहा, “जैसे हम पहले कांग्रेस की विचारधारा को फैलाते रहे हैं, वैसे ही आगे भी कांग्रेस को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। ये गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं।”

चुनाव के लिए एक महीने का ही वक्त बचा है और अगले महीने कभी भी आचार संहिता लग सकती है। उससे पहले हिमाचल में कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं का इधर-उधर जाना जारी है।

मुख्य चेहरों की बात करें तो अब तक कांग्रेस से कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष और कांगड़ा के विधायक पवन काजल और नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा बीजेपी में आ चुके हैं। इसी तरह कांगड़ा के पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू बीजेपी छोड़ कांग्रेस में गए हैं। वहीं, बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष खीमी राम ने कांग्रेस जॉइन की है।

पहले हम दुनिया की हां में हां मिलाते थे, आज दुनिया हमारे स्वर में मिलाती है स्वर: धूमल

हमीरपुर।। “पहले जो दुनिया कहती थी हम उस में हां मिलाते थे लेकिन आज जो हम कहते हैं वही दुनिया कहती है।” वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने हमीरपुर के एक निजी शिक्षण संस्थान में नेहरू युवा केंद्र द्वारा आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव में उपस्थित युवाओं का जोश बढ़ाते हुए अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज और 60 वर्ष पहले में क्या अंतर है हम आज भी आजाद हैं और हम 60 वर्ष पहले भी आजाद थे। तब अमेरिका जैसे बड़े देश हमें कहते थे कि हमारी आर्थिक नीतियां खराब हैं हमें उनकी हां में हां मिलाने पड़ती थी लेकिन आज परिस्थितियां बदली हुई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “एक हफ्ता पहले समरकंद में विश्व के सात आठ बड़े चीन रूस भारत इत्यादि देशों की बैठक हुई जिसमें किसी की हिम्मत ना पड़ी कि पुतिन को सामने से कुछ कह पाए लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब उनसे आमने सामने बैठ कर बात की तो सीधे दो टूक शब्दों में कहा यह समय युद्ध का नहीं यह समय विकास का है। बाद में उसी हफ्ते जब यूनाइटेड नेशंस की बैठक हुई तब फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्लो और अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन ने हमारे प्रधानमंत्री की बात को दोहराते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी बिल्कुल सही कह रहे हैं। यह परिवर्तन आया है।”

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य से हमें ऐसा नेतृत्व मिला है जिसके माध्यम से हमारा स्वाभिमान जग रहा है आज विश्व भर में पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हमारे देश के माध्यम से काम हो रहा है विश्व भर में हमारा देश इसका प्रतिनिधित्व कर रहा है यह हमारे लिए गर्व का विषय है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमें पांच प्रण दिलाएं हैं पहला प्रण है विकसित भारत उस दिशा में हम आप सब के सहयोग से आगे बढ़ रहे हैं गुलामी की सोच से मुक्त होने का मतलब हीन भावना की सोच से मुक्त होना है जो सदियों तक हमारे देश पर राज करने वालों ने हमारे दिमाग में भर दी थी विरासत पर गर्व करना हम उस दौर से निकल चुके हैं जिसमें हमारी सोच को हीन भावना से ग्रस्त किया गया था अब हमें अपनी विरासत पर गर्व करना भी है और उसका मान सम्मान करना हमारा फर्ज भी है। आज के दौर में हम सभी एकजुट होकर रहेंगे तभी आगे बढ़ रहे हैं कोई कठिनाई आ भी गई तो उसका सामना देश कर रहा है। एक आदर्श नागरिक के कर्तव्य हम सबको पता होने चाहिए और अपने देश के लिए वह कर्तव्य हम सबको निभाने भी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही परिवर्तन लाती है फ्रांस में जब क्रांति हुई तब एक कवि ने लिखा जिंदा होना बहुत अच्छा नजारा है लेकिन युवा होना तो एकदम स्वर्ग जैसा है युवाओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी और उसको एकत्रित कर सही लक्ष्य पर केंद्रित कर आगे बढ़ना होगा। बहुत अवसर मिल रहे हैं उन अवसरों को पहचानिए और आगे बढ़ी है युवाओं की सबसे बड़ी शक्ति उनका जोश है।

अंडर 19 नैशनल क्रिकेट टूर्नमेंट के लिए शिमला की 5 बेटियों का चयन

शिमला।। चेन्नई में होने जा रही अंडर-19 राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए शिमला जिले से पांच बेटियों का चयन हिमाचल प्रदेश की टीम के लिए हुआ है। प्रदेश की टीम में जगह पाने वाली लड़कियों के नाम हैं- अनाहिता सिंह, कृतिका कंवर, देवांशी वर्मा, कुशी चौहान और मनीषा रावत।

इसमें अनाहिता दिग्विजय सिंह हिमाचल क्रिकेट टीम की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। पिछले कुछ सालों से मैहली की एक अडैमी में प्रैक्टिस कर रहीं अनाहिता ताराहाल स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ती हैं। खास बात यह है कि वह इससे पहले इसी साल सीनियर चैलेंजर ट्रोफी में भी खेल चुकी हैं।

अनाहिता का सिलेक्शन धर्मशाला अकैडमी के लिए भी हुआ था। अनाहिता का कहना है कि कोरोना काल में की गई प्रैक्टिस से उन्हें बहुत फायदा हुआ है और इसी कारण वह नैशनल टूर्नमेंट के लिए प्रदेश की टीम में जगह बना पाई हैं।

इसके अलावा कृतिका कंवर पहली बार नैशनल टूर्नमेंट में हिस्सा लेंगी। वहीं देवांशी वर्मा का चयन दूसरी बार हिमाचल प्रदेश की टीम के लिए हुआ है। उनका चयन पिछली बार भी हुआ था और उन्होंने इंटर जोनल मैच भी खेला था। वह भी सीनियर टीम के लिए भी चुनी जा चुकी हैं।

इसी तरह चौपाल की मनीषा भी दूसरी बार नैशनल टूर्नमेंट के लिए चुनी गई हैं। वहीं कुशी चौहान तीसरी बार अंडर 19 टीम के लिए चुनी गई हैं।

…तो हमें कुत्ता भी नहीं पूछेगा: राकेश पठानिया

नूरपुर।। वन मंत्री राकेश पठानिया ने नूरपुर में भाजपा के जनजाति मोर्चा के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्र में कोई और सरकार होगी तो हमें कुत्ता भी नहीं पूछेगा। इसी तरह अगर हिमाचल में किसी और पार्टी की सरकार बन गई तो हमें विकास कार्यों के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी।

वन मंत्री ने अपने संबोधन के बीच कहा कि कांग्रेस को वोट देने का कोई तुक नहीं बनता क्योंकि केंद्र में उसके पास कुछ नहीं बचा है। आगे उन्होंने कहा कि आज अगर विकास कार्य हो रहे हैं तो इसलिए क्योंकि डबल इंजन की सरकार है।

आगे उन्होंने अपने काम गिनाए और बदले में वोट मांगते हुए हुए कहा कि यह सिलसिला भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने नूरपुर के पूर्व विधायक सत महाजन का एक किस्सा भी सुनाया और उनकी कही बात को वर्तमान संदर्भ में पेश करते हुए लोगों से वोट की अपील की।

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बल्क ड्रग फार्मा पार्क आखिर क्या है और क्या इससे हिमाचल को फायदा होगा?

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आई.एस. ठाकुर।। भारतीय जनता पार्टी पिछले कुछ समय से हिमाचल में बल्ड ड्रग फार्मा पार्क बनाने को केंद्र की मंजूरी मिलने को ‘डबल इंजन सरकार’ की उपलब्धि बता रही है। आज मंडी के पड्डल मैदान में जुटे भाजयुमो कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इसका जिक्र किया और कहा कि हिमाचल एशिया से विश्व का फार्मा हब बनने जा रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस, खासकर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, जिनके क्षेत्र हरोली में यह पार्क बनना है, कहते हैं कि यह घोषणा सिर्फ चुनावी स्टंट है। बावजूद इसके बीजेपी का मानना है कि हिमाचल के लिए बल्क ड्रग फार्मा पार्क एक बहुत बड़ा तोहफा है क्योंकि अगर यह हिमाचल को न मिलता तो पहले से हिमाचल में मौजूद फार्मा इंडस्ट्री कहीं और शिफ्ट हो जाती।

इसमें कोई दो राय नहीं कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश के लिए आर्थिक लिहाज से देखा जाए तो करीब दो दशकों बाद बल्क ड्रक पार्क के रूप में दूसरी बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। करीब दो दशक पहले 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहार वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हिमाचल में औद्योगिक विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की थी। उसी औद्योगिक पैकेज की बदौलत हिमाचल प्रदेश एशिया का फार्मा हब बना और आज हिमाचल केवल भारत ही नहीं बल्कि एशिया के फार्मा उत्पाद की 35 फीसदी डिमांड पूरा करता है।

हिमाचल ही नहीं भारत की आर्थिकी में भी इसका बड़ा योगदान है। अब बल्क ड्रग पार्क हिमाचल और देश को जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण के क्षेत्र में उस शिखर पर लेकर जाएगा, जिसका ताना-बाना कोविड काल से आत्मनिर्भर भारत के रूप में बुना जा रहा था। ऐसे में हम इस खबर के माध्यम ये उन पहलुओं को समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर बल्क ड्रग पार्क क्या है। यह हिमाचल के लिए लाभकारी है या नहीं और अगर है तो कितना और किस तरह से और नहीं है तो कैसे।

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क्या है बल्क ड्रग फार्मा पार्क
बल्क ड्रग को ए.पी.आई (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रीडियेंट) भी कहते हैं। आसान भाषा में कहें तो हर दवा दो मुख्य घटकों से बनती है। इसमें एक घटक रासायनिक रूप से सक्रिय ए.पी.आई. तथा दूसरा घटक रासायनिक रूप से निष्क्रिय (एक्सेपिएंस) घटक होता है। इन दोनों मिला कर ही किसी दवा का फ़ॉर्मूला तैयार होता है। इसमें भी कई सारी प्रक्रियाएं है। सीधे शब्दों में कहें तो इन दवाओं के लिए बड़े पैमाने पर एक जगह तैयार किया जाएगा। जिस तरह आप आईटी पार्क को देख सकते हैं कि एक ही जगह पर बहुत सारी आईटी कंपनी कार्य करती हैं ठीक वैसे भी दवा के एपीआईए के लिए बल्क ड्रग पार्क है।

खत्म होगा चीन का आधिपत्य
बल्क ड्रग पार्क से हिमाचल और देश के फार्मा उद्योग की कच्चे माल को लेकर चीन से निर्भरता खत्म होगी और हम आत्मनिर्भर बनेंगे। दरअसल भारत इस समय दुनिया के सबसे बड़े फार्मा उद्योगों वाले देशों में शुमार है, लेकिन भारत को एपीआई के लिए चीन पर ही निर्भर रहना पड़ता है। आसान भाषा में कहें तो दवाएं तैयार करने के लिए जो कच्चा माल चाहिए होता है वो भारत को चीन से आयात करना पड़ता है। राज्यसभा में दिए गए आंकड़ो के मुताबिक भारत ने वित्त वर्ष 2021 में 28 हज़ार 529 करोड़ रुपये के बल्क ड्रग और ड्रग इंटरमिडिएट्स आयात किए। इसमें से 19 हज़ार 402 करोड़ रुपये की खरीद केवल चीन से की गई थी। यह करीब 68 फीसदी बैठता है। चीन के इसी आधिपत्य को समाप्त करने के साथ भारत और हिमाचल आत्मनिर्भर बनेगा।

Bulk Drug Park & Production Linked Incentive (PLI) Scheme - IndiaFilings

हिमाचल के लिए इतना आसान नहीं था कॉम्पिटिशन
देश के मात्र तीन बल्क ड्रग पार्क में से एक पार्क हिमाचल के हिस्से आना बड़ी सफलता है। क्योंकि गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य हिमाचल की आर्थिकी के लिहाज से बहुत ही बड़े राज्य हैं। इसके अलावा भी कई अन्य राज्य भी इस प्रोजेक्ट को अपने यहां लाना चाह रहे थे। हालांकि इस सफलता की कहानी बुनना इतना भी आसान नहीं था। जिस बल्क ड्रग पार्क के लिए देश के तमाम बड़े राज्यों के साथ कॉम्पिटिशन था उस कॉम्पिटिशन में पहले नंबर पर रहना छोटी बात तो कतई नहीं है।

विश्लेषकों का माना है कि यदि नाकामियों के लिए सरकार के सरदार और सेवादारों से जवाबदेही ली जाती है तो सफलता का श्रेय भी उन्हीं को जाना चाहिए। विश्लेषक कहते हैं कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को विपक्ष लगातार अफसरशाही पर पकड़ न रखने के लिए कोसता था मगर आज जयराम ठाकुर ने बता दिया है कि काम पकड़ ही नहीं प्यार से भी हो जाता है। दरअसल इस प्रोजेक्ट में भी मुख्यमंत्री और उनकी टीम का बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने कागजी कामों में तेजी दिखाई और काम पुख्ता किया कि पूरे जब देश के सभी राज्यों के साथ बल्ड ड्रग पार्क के लिए कड़ी स्पर्धा हुई तो हिमाचल प्रदेश नंबर-1 पर रहा। इसके अलावा समय-समय पर दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री और तमाम केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर प्रयास लगातार जारी रखे।

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निवेश में हिमाचल को मिलेगा विशेष राज्य का लाभ
1 हज़ार 190 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र सरकार से ग्रांट इन एड के तौर पर 1 हज़ार करोड़ रुपये मिलेंगे। यानी हिमाचल सरकार को सिर्फ 190 करोड़ रुपये ही खर्च करने पड़ेंगे। हिमाचल को विशेष पहाड़ी राज्य का दर्जा प्राप्त होने का लाभ मिलेगा क्योंकि इस प्रोजेक्ट के लिए 90 फीसदी राशि केंद्र सरकार दे रही और हिमाचल को केवल 10 फीसदी राशि ही देनी है।

रोजगार और निवेश में हिमाचल की दूसरी क्रांति
बल्क ड्रग पार्क के पूरे होने पर करीब 50 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 20 से 30 हज़ार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। निश्चित तौर पर यह रोजगार और निवेश के नजरिए से हिमाचल प्रदेश की दूसरी क्रांति साबित होगी। 2003 के औद्योगिक पैकेज के बाद अब हिमाचल आगामी दस वर्षों में आत्मनिर्भरता के एक नए शिखर पर पहुंचेगा।

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मेडिकल डिवाइस पार्क का भी सहारा
हालांकि हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क की ही बात हो रही है, लेकिन यह अकेली उपलब्धि हिमाचल के हिस्से नहीं आई है। देश को मिले कुल चार मेडिकल डिवाइस पार्क में से एक पिछले वर्ष ही हिमाचल के हिस्से आ चुका है। इसके लिए देश के सभी राज्यों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें बिडिंग को लेकर बढ़िया काम किया गया। नतीज यह निकला की नालागढ़ में करीब 349 करोड़ रुपये का मेडिकल पार्क मंजूर हो चुका है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पार्क में भी करीब 5 हज़ार करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट होगीं और 10 हज़ार लोगों को रोजगार मिलेगा।

इस तरह से देखें तो वाकई हिमाचल प्रदेश के विकास में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बल्क ड्रग फार्मा पार्क का योगदान रहेगा। एक ओर जहां विश्व पटल पर हिमाचल की नई पहचान बनेगी, वहीं प्रदेश को राजस्व मिलेगा और यहां के युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश ने जो ग्रीन स्टेट बनने का लक्ष्य रखा है, यानी फॉसिल फ्यूल से बनने वाली बिजली से मुक्ति का जो टारगेट रखा है, अगर वह उसे हासिल कर लेता है तो हिमाचल में बनने वाली दवाइयां ही नहीं, दूसरे उत्पाद भी पूरी दुनिया में ग्रीन प्रॉडक्ट के रूप में बिकेंगे। यह बड़ी बात होगी क्योंकि आज की जेनरेशन पर्यावरण का ख्याल रखते हुए ग्रीन प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करने को तरजीह दे रही है, खासकर विदेश में।

बहरहाल, हिमाचल को इस बल्क ड्रग फार्मा पार्क का लाभ तभी मिल पाएगा जब तुरंत यह धरातल पर उतरे। और इसके लिए जरूरत है अच्छे राजनीतिक तालमेल और मजबूत इच्छाशक्ति की।

(लेखक हिमाचल प्रदेश से जुड़े विषयों पर लंबे समय से लिख रहे हैं। उनसे kalamkasipahi@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।)

बंजार में कांग्रेस प्रभारी के सामने शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तनातनी

कुल्लू।। हिमाचल  प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर अब कांग्रेस पार्टी भी जगह-जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर करने में जुट गई है। तो वहीं बंजार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को जिला कांग्रेस के प्रभारी एवं राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव प्रदीप नरवाल सैंज पहुंचे, जहां पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके समक्ष की खीमी राम शर्मा का विरोध कर डाला।

जिला कुल्लू कांग्रेस के चुनाव प्रभारी व राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव प्रदीप नरवाल जब सैंज पहुंचे तो यहां पर प्रदेश कांग्रेस के सचिव आदित्य विक्रम सिंह के समर्थकों ने उनके समक्ष जमकर नारेबाजी की और कहा कि उन्हें बंजार विधानसभा में पैराशूट से आया नेता नहीं चाहिए और आदित्य विक्रम सिंह जी यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी होने चाहिए।

वहीं बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खूब नारेबाजी की जिसके चलते काफी देर तक बैठक में भी गहमा गहमी का माहौल बना रहा। हालांकि जिला प्रभारी प्रदीप नरवाल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शांत करने का भी प्रयास किया लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रत्याशी रहे आदित्य पर ही आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट देने के लिए दबाव डाला।

इससे पहले भी आदित्य विक्रम सिंह ढालपुर में स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के सामने शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं और उसके बाद सैंज के नालागढ़ बाजार में हुए इस तरह के प्रदर्शन से बंजार कांग्रेस की गुटबाजी अब सबके सामने नजर आ गई है। हालांकि प्रदीप नरवाल ने सभी कार्यकर्ताओं को शांत करने का भी प्रयास किया। लेकिन समर्थक काफी गुस्से में थे और वे लगातार खीमी राम शर्मा का भी विरोध करते रहे।

बंजार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी से टिकट पाने के लिए कई नेताओं ने आवेदन किया है, जिनमें पूर्व मंत्री खीमी राम शर्मा, आदित्य विक्रम सिंह व दुष्यंत ठाकुर प्रमुख दावेदारों में शामिल है। इसके अलावा भी करीब एक दर्जन अन्य नेताओं ने यहां से टिकट की दावेदारी पेश की है। हालांकि पार्टी की ओर से बंजार विधानसभा क्षेत्र में कोई टिकट फाइनल नहीं किया गया है। लेकिन कांग्रेस के नेताओं की गुटबाजी अब सबके सामने आ रही है। उससे यहां कांग्रेस संगठन को भी अपना प्रत्याशी बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना होगा।

अमृतकाल में भारत के विकास की गति का आधार बनेगा हिमाचल : नरेन्द्र मोदी

मंडी।। अमतृकाल में भारत के विकास को गति देने के लिए आधार हिमाचल में मौजूद है। वर्ल्ड फार्मेसी के रूप में हिमाचल की पहचान तब और मजबूत होगी जब हिमाचल एक वैश्विक फार्मा हब बनेगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंडी में आयोजित युवा विजय संकल्प रैली को वर्चुअली संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘दवाओं के रॉ मटिरियल में आत्मनिर्भरता के लिए तीन राज्यों को चुना गया है जिसमें से एक हिमाचल प्रदेश है। यहां बल्क ड्रग पार्क बनाया जा रहा है। इसी तरह से चार राज्यों में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाए जा रहा हैं, उसमें भी हिमाचल शामिल है। हिमाचल के युवा स्टार्टअप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत फंड का उपयोग कर रहे हैं। आईआईटी मंडी भी युवा स्टार्टअप को मजबूत कर रही है’।

दरअसल खराब मौसम के चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंडी नहीं पहुंच सके। इसलिए उन्होंने रैली को वर्चुअली संबोधित किया। बारिश के बीच भी युवा पड्ड मैदान में जुटे रहे। बारिश से बचने के लिए कुछ युवकों ने कुर्सियों का सहारा लिया। वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल का प्यार, हिमाचल के आशीर्वाद, हिमाचल के प्रति मेरा लगाव उसके बीच में तो मौसम और मुसीबतें भी नहीं आ सकती हैं, इस बार मैं नहीं आया पाया लेकिन जल्द ही आपके बीच आऊंगा। मौसम खराब होने की वजह से मंडी नहीं पहुंच पाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं से माफी भी मांगी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘क्षमाप्रार्थी हूं कि मौसम खराब होने के कारण आपके बीच नहीं आ सका हिमाचल आने की बात होती है तो मैं उत्साहित हो उठता हूं, लेकिन इस बार आपसे रूबरू होने की कसक मन में रह गई है’।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इतनी बारिश के बाद भी यहां इतने युवा आए हैं, यह मेरे लिए स्नेह और गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ने हमेशा अलग-अलग मोर्चों पर देश को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री ने पहाड़ी बाबा कांशीराम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के जाबांजो ने आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर पर हुए हमले से लेकर करगिल युद्ध तक मां भारती का सिर ऊंचा रखा है। देश की रक्षा के साथ-साथ देश को सम्मान दिलाने में भी हिमाचल के युवा कमाल करते रहे हैं।

‘कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हिमाचली खिलाड़ियों का जिक्र’
प्रधानमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हिमाचल के खिलाड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेटी रेणुका ठाकुर ने क्रिकेट में, वरूण कुमार ने हॉकी में और विकास ठाकुर ने वेटलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। खेल का मैदान हो या कला जगत, पार्टी हो या सरकार हिमाचल के युवाओं की ऊर्जा उनका जोश, उनका नेतृत्व कौशल देश के काम आ रहा है। युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर देना भाजपा की प्राथमिकता रही है। भाजपा में युवाओं का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है, ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी पार्टी देश के युवाओं पर भरोसा करती है।

‘दुनिया आज भारत पर भरोसा करती है, पहले ऐसा नहीं था’
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश की युवा शक्ति मिलकर आजादी के अमृत काल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा करेगी। आज मंडी में आयोजित हो रहा ये कार्यक्रम उसी युवा शक्ति का प्रतीक है। आज दुनिया में भारत की साख जैसे-जैसे बढ़ रही है वैसे-वैसे भारत से जुड़ने के लिए पूरी दुनिया लालायित हो रही है। इसके हिंदुस्तान के जागरूक नागरिक, जागरूक मतदाता को इसका पूरा श्रेय जाता है। भारत में बहुत दशकों तक अस्थिर सरकारें रही। दुनिया में भारत पर विश्वास करने के लिए सोचना पड़ जाता था, लेकिन 2014-2019 में जागरूक मतदाताओं ने दिल्ली में मजबूत स्थिर सरकार दी। उसका परिणाम है कि दिल्ली में स्थिर सरकार है और इसी वजह से नीतियों में भी स्थिरता आई। बदलाव के लिए एक मजबूत नींव तैयार हुई। आज लोग भी सरकार पर भरोसा करते हैं, वैसे ही दुनिया भी हम पर भरोसा करने लगी है।

‘हिमाचल में फिर बनेगी स्थिर सरकार’
पीएम ने कहा कि स्थिर सरकार के लाभ को देखते हुए अब राज्यों में भी लोग इस महत्व को समझ रहे हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हर पांच में सरकार बदलती थी, लेकिन यहां लोगों ने सोच को ही बदल दिया और सरकार स्थिर करने के लिए अपना निर्णय दोहराया। पांच साल बाद सरकार बदलने वाली सोच को यूपी और उत्तराखंड के लोगों ने उखाड़ कर फेंक दिया। इस बार हिमाचल के युवा भी भाजपा की सरकार की वापसी का मन बना चुके हैं। हिमाचल के युवा जानते हैं कि ईमानदार नीयत के साथ अगर कोई विकास कर सकता है तो वो भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर सकती है।

‘हर सेक्टर से जुड़े देश के प्रीमियम संस्थान आज हिमाचल में’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते आठ वर्षों में सराकर ने उच्च शिक्षा के लिए कई संस्थान खोले हैं। इनमें आईआईटी मंडी के अलावा सिरमौर में आईआईएम, ऊना में आईआईआईटी, बिलासपुर में एम्स बन चुका है। अब शिमला के बाद मंडी में भी यूनिवर्सिटी है और धर्मशाला में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय है। हर सेक्टर से जुड़े देश के प्रिमियम संस्थान आज हिमाचल में हैं। इसका बहुत बड़ा फायदा हिमाचल को युवाओं को हो रहा है। आठ-दस साल पहले जो सोचना भी असंभव था वो भारतीय जनता पार्टी की सरकार करके दिखा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भारत की अर्थव्यवस्था को टूरिज्म से एक बड़ा बल मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि मैं खुद भी हिमाचल की देव संस्कृति और हस्तशिल्प से अभिभूत रहता हूं। कुल्लवी-किन्नौरी शॉल हो या फिर चंबा रूमाल, कांगड़ा पेंटिंग हो या फिर लाहौली गर्म जुराबें इन सभीको जीआई टैग मिला है। मेरा प्रयास रहता है कि विदेशी मेहमानों से मिलना होता है तो हिमाचल के उत्पादों को लेकर जाता हूं। ताकि पूरी दुनिया को हिमाचल के कौशल के बारे में जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से हिमाचल का टूरिज्म सेक्टर बढ़ रहा है वो उत्साह बढ़ाने वाला है। केंद्र सरकार ने कई देशों के साथ ई-वीजा शुरू किया है, इसका फायदा टूरिज्म को मिलेगा। इसका लाभ हिमाचल को भी लाभ होगा। कोरोना की मुश्किल से टूरिज्म सेक्टर जल्द से जल्द बाहर निकल सके इसके लिए हिमाचल सरकार ने सराहनीय प्रयास किए। शत-प्रतिशत टीककरण किया ताकि ये संदेश जाए कि हिमाचल सेफ है। मुद्रा योजना से हिमाचल में होम स्टे, रेस्टोरेंट और अन्य उद्यमों को गति मिली है। देशभर में मुद्रा योजना के तहत अभी तक 19 लाख करोड़ के बिना गारंटी को लोन दिए जा चुके हैं। हिमाचल में भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपये लोगों को दिए जा चुके हैं। हिमाचल में रोजगार के हजारों अवसर बने हैं।

‘हाईवे के रख-रखाव और विस्तार को केंद्र ने दिए 14 हजार करोड़’
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल किसानों-बागवानों का प्रदेश है। हिमाचल को केंद्र सरकार की योजनाओं का फायदा मिल रहा है। किसान उत्पादक संघ बनाने पर भी केंद्र सरकार जोर दे रही है। हिमाचल में इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन, एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट्स और फ्रुट टेस्टिंग लैब का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। ऐसे हर काम से युवाओं को रोजगार मिलता है। पिछले आठ वर्षों में केंद्र सरकार ने हिमाचल में नेशनल हाईवे के रख-रखाव और विस्तार के लिए करीब 14 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। जबकि 2014 से पहले आठ वर्षों में केंद्र सरकार से दो हजार करोड़ से भी कम मिलते थे। हमारी सरकार ने हिमाचल को पहले की सरकार के मुकाबले सात गुणा ज्यादा राशि दी है।

इस वर्ष के केंद्रीय बजट में दो बड़े प्रोग्राम घोषित किए हैं। जिनका हिमाचल को लाभ मिलने वाला है। वर्तमान प्रोजेक्ट के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क को विस्तार देने की योजना है। जिसका लाभ हिमाचल के पर्यटन क्षेत्रों को हो रहा है। इसी तरह से वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमा के साथ लगते गांवों का विकास किया जा रहा है। वर्क फ्रॉम होम को लेकर जो नीतियां बनी हैं उसका लाभ हिमाचल को हो रहा है।

‘ड्रोन नीति बनाने के लिए प्रदेश सरकार को बधाई’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि हिमाचल उन प्रदेशों में से है जिसने अपनी ड्रोन नीति बनाई है, इसके लिए प्रदेश सरकार को बधाई देता हूं। इससे खेती-बागवानी में काफी मदद मिलेगी। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए कई कोर्स भी शुरू किए गए हैं। इसके अलावा कनेक्टिविटी के साथ-साथ हेल्थ और वेलफेयर से जुड़े दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी हिमाचल आगे बढ़ रहा है। बिलासपुर का एम्स बनकर तैयार है। मोहाली में कैंसर अस्पताल का हाल ही में उद्घाटन हुआ है जिसका लाभ हिमाचल के लोगों को मिलेगा। हिमाचल के 8 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल की सुविधा मिली है। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने हिमाचल के हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने के लिए मंजूरी दी है। इससे गिरीपार क्षेत्र के हजारों युवाओं को इस निर्णय से अनेक नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जताया पीएम का आभार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री का कार्यक्रम में वर्चुअली रूप से जुड़ने के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि 2017 में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, पहले दिन से हिमाचल के विकास को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां हर कदम पर आप लोगों को साथ मिला वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सहयोग से हिमाचल लगातार आगे बढ़ा है। बल्क ड्रग पार्क स्वीकृत करने के लिए भी आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हिमाचल प्रदेश में रिवाज जरूर बदलेगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मंडी पहुंचे युवाओं का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएंगे।