त्रियुंड: प्रति टेंट 200 रुपये लेकर बदले में क्या दे रही है सरकार?

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी धर्मशाला में जन्नत के नाम से मशहूर पर्यटन स्थल त्रियुंड में हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं। धर्मशाला से मैक्लोडगंज और धर्मकोट होते हुए लगभग सात किलोमीटर के पैदल ट्रेक के बाद यहां पहुंचा जा सकता है। त्रियुंड से धौलाधार की पहाड़ियां बिलकुल नजदीक दिखाई देती हैं। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए पर्यटक यहां आते हैं मगर उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती।

जैसे कि टॉयलट तक यहां नहीं है। लोग यहां गड्ढा खोदते हैं और फिर उसे मिट्टी से ढक देते हैं। पानी की एक बोतल की कीमत 50 रुपये है। कई सालों से ऐसा ही हो रहा है। यहां आकर टेंट लगाने वालों से विभाग 200 रुपये (प्रति टेंट) लेता है मगर बदले में कोई सुविधा नहीं दी जाती।

क्या कहते हैं पर्यटक
मुंबई से घूमने आई पर्यटक दीक्षा का कहना है कि यह जगह है तो बहुत अच्छी मगर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि दिक्कत की बात यह है कि खुले में शौच जाना पड़ता है।

त्रियुंड में कैम्पिंग का काम करने वाले विशाल का कहना है कि प्रति टेंट वह सरकार को 200 रुपये देते हैं लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं की अभी भी कमी है। वह कहते हैं कि सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।

जानें, कौन है धर्मशाला के त्रियुंड में फोटो खिंचवाने वाली लड़की

ट्रैक्टर पर बैठा था लड़का, गिरकर पहियों के नीचे आया, मौत

जवाली।। कांगड़ा जिले के जवाली के तहत नानाखास में एक लड़के की ट्रैक्टर के नीचे आने से मौत हो गई। 16 वर्षीय अभिषेक पुत्र अंग्रेज सिंह निवासी नानाखास के रूप में मृतक की पहचान हुई है।

नानाखास के ही रहने वाले अजय कुमार ने कहा कि वे लोग ट्रैक्टर पर बैठे हुए थे। इस ट्रैक्टर को प्रेम सिंह नाम का शख्स चला रहा था। अचानक अभिषेक ट्रैक्टर से नीचे गिर गया और पिछले टायर के नीचे गिर गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि यह ट्रैक्टर ईंटों से भरा हुआ था और चालक घटना के बाद इस ट्रैक्टर को अपने घर ले गया जबकि अभिषेक को सड़क पर ही छोड़ गया। परिजनों का कहना है कि अगर चालक अभिषेक को अस्पताल ले जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

अभिषेक को जवाली अस्पताल लाया गया मगर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में डीएसपी जवाली ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्कूल न जाने के लिए छात्र ने रचा ऐसा ड्रामा, पुलिस भी हैरान

एमबीएम न्यूज़, ऊना।। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक छात्र ने अपने ही अपहरण का नाटक रच दिया। मामले का खुलासा होने पर गांव वाले और पुलिस-प्रशासन तक हैरान रह गए। खबर है कि एक सरकारी स्कूल में दसवीं का छात्र सुबह 7 बजे घर से वर्दी पहनकर निकला मगर स्कूल नहीं पहुंचा।

10 बजे का समय था। सुनसान इलाके में एक महिला अपने पशु चरा रही थी। उसने देखा कि छात्र के मुंह में रुमाल है, हाथ टाई से बंधे हैं और पैरों में जंगली बेल बंधी है। महिला ने इस लड़के को आजाद करवाया और सूचना स्कूल को दी। स्कूल प्रशासन को दी। उसने अध्यापकों को बताया कि जिस समय वह स्कूल आ रहा था, मोटरसाइकल पर सवाल दो युवकों ने उसे रोक लिया और जंगल की ओर ले गए।

लड़के ने बताया कि उसका मुंह उसी के रुमाल से बांध दिया और उसकी टाई से हाथ और जंगली बेल से पैर बांध दिए। लड़के ने कहा कि कुछ देर वे दोनों युवक वहीं खड़े होकर फोन पर बात करते रहे और बाद में वहां से भाग गए। छात्र ने बताया कि जंगल से सरकता हुआ वह रास्ते की ओर पहुंचा, जहां उसे पशु चरा रही महिला ने देखा।

जैसे ही स्कूल प्रशासन ने यह बात सुनी, पुलिस को सूचना दी गई। लिखित शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बयान कलमबद्ध करना शुरू किए। इस बीच छात्र बार-बार बयान बदलने लगा। ऐसे में पुलिस अधिकारी ने शक किया और छात्र का स्कूल का रिकॉर्ड मांगा। पता चला कि वह स्कूल से अक्सर गायब रहता था।

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पुलिस ने जब थोड़ी सख्ती से बात की तो उसने बताया कि मैंने अपने अपहरण का झूठा नाटक रचा। उसने कहा कि मैं ऐसा दोबारा नहीं करूंगा। इस घटनाक्रम की पूरे इलाके में चर्चा रही। एसएचओ सुशील कुमार का कहना है कि बच्चे के भविष्य का ख्याल रखते हुए उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।

(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है। कवर इमेज प्रतीकात्मक है।)

कांगड़ा जिले में पुलिस विभाग के 265 पदों के लिए भर्ती 20 से

अमित पुरी, कांगड़ा।। जिला कांगड़ा में महिला और पुरुष कॉन्स्टेबल सहित चालकों के 265 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया 20 जून से शुरू हो रही है। यह भर्ती प्रक्रिया 7 जुलाई तक पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। 265 पदों में से पुरुष वर्ग के 178 व महिला वर्ग के 52 पदों के लिए भर्ती की जाएगी। वहीं चालकों के 35 पदों के लिए भी भर्ती की जाएगी।

यह जानकारी देते हुए डीआईजी संतोष पटियाल ने बताया कि 18 दिनों तक भर्ती प्रक्रिया सुबह 6 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी। डीआईजी ने बताया कि भर्ती के दौरान यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की शारीरिक क्षति या चोट लती है तो उसके लिए पुलिस विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।

एसएमएस से भेजना शुरू
डीआईजी संतोष पटियाल ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया गया है। भर्ती के लिए पहली बार अभ्यर्थियों को अपने प्रमाण पत्र साथ नहीं लाने होंगे। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों ने जो मोबाइल नंबर ऑनलाइन आवेदन के दौरान दिया गया है, उस पर शनिवार से एसएमएस भेजने की प्रक्रिया शनिवार से शुरू की जाएगी। जिसमें संबंधित अभ्यर्थी लॉग इन आईडी और पासवर्ड होगा, जिसे लॉगइन करके अभ्यर्थी अपना आईडी नंबर डालकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती के लिए वही एडमिट कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।

पुरुष कॉन्स्टेबल भर्ती का शेड्यूल
डीआईजी संतोष पटियाल ने बताया कि इस बार भर्ती प्रक्रिया में नाम के आधर पर नहीं, बल्कि आईडी नंबर के आधार पर अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि 20 जून को आईडी नंबर 9 से 3242 तक, 21 जून को 3248 से 10185 तक, 22 जून को 10189 से 18294 तक, 23 जून को 18310 से 26214 तक, 24 जून को 26222 से 34204 तक, 25 जून को 34205 से 42760 तक, 26 जून को 42761 से 51411 तक, 27 जून को 51416 से 59571, 28 जून को 59574 से 68491 तक, 29 जून 68496 से 77178 तक, 30 जून को 77179 से 87670 तक, 1 जुलाई को 87681 से 95730 तक महिला अभ्यर्थियों की भर्ती होगी।

महिला कॉन्स्टेबल भर्ती का शेड्यूल
2 जुलाई से महिला कॉन्स्टेबल पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। 2 जुलाई को आईडी नंबर 160 से 31158 तक, 3 जुलाई को 31182 से 65578 तक, 4 जुलाई को 65639 से 100629 तक आईडी नंबर वाली महिला अभ्यर्थियों की भर्ती होगी।

चालक भर्ती का शेडयूल
डीआईजी ने बताया कि 5 जुलाई को पुलिस चालक भर्ती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चालक भर्ती के लिए 5 जुलाई को आईडी नंबर 140 से 99921 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। चालक भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का ड्राइविंग टेस्ट 6 व 7 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।

जानें, कौन है धर्मशाला के त्रियुंड में फोटो खिंचवाने वाली लड़की

धर्मशाला।। धर्मशाला के जुड़े एक इंस्टाग्राम पेज पर शेयर हुई एक तस्वीर चर्चा में है। एक लड़की की इस तस्वीर पर कुछ लोगों ने यह कहकर आपत्ति जताई कि इस तरह की न्यूड या अर्धनग्न तस्वीरें खिंचवाना सही नहीं है। हालांकि कुछ लोगों ने तस्वीर का समर्थन भी किया कि इसमें कुछ भी गलत नहीं। इस बीच यह स्पष्ट हो गया है कि यह तस्वीर किसकी है और उसने मूल तस्वीर के साथ स्पष्ट किया है इसमें किसी तरह की न्यूडिटी नहीं है और उन्होंने पूरे कपड़े नहीं हैं।

पढ़ें- धर्मशाला के त्रियुंड में खिंचवाई कथित ‘न्यूड’ तस्वीर पर सवाल

दरअसल मूलत: यह तस्वीर थाइलैंड की रहने वाली ट्रैवल ब्लॉग किंबरली पोंग की है। किंबरली ने अपने इंस्टाग्राम पर यही तस्वीर डाली है जो उन्होंने त्रियुंड में खिंचवाई थी। उन्होंने इस तस्वीर के साथ वही सब लिखा है जो धर्मशालाग्राम नाम के अकाउंट ने किंबरली की तस्वीर के साथ पोस्ट किया था। जिस समय यह खबर लिखी जा रही है, धर्मशालाग्राम ने तस्वीर अपने अकाउंट से हटा दी है।

हालांकि कोई क्या कर रहा है क्या नहीं, क्या पहना है या नहीं, यह किसी और के दखल का विषय नहीं है। मगर किंबरली पोंग के अकाउंट पर शेयर तस्वीर के नीचे कैप्शन में आप नोट पढ़ सकते हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उन्होंने पूरे कपड़े पहने हैं। नीचे देखें-

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Dharamshala, a place that I originally booked 3 nights, and ended up staying 6 weeks. A place that I absolutely fell in love with. A place that was so beautiful and so life changing. A place where I stepped out of my comfort zone in more ways than one. A place where I met so many amazing individuals that I will forever cherish. A place where I had such a strong, supportive, loving group of women that I know will forever be in my life. A place that I want to eventually move to. A place where I want to start a new business😏🤐. And finally, a place that will be forever in my heart. I am so thankful for my time in Dharamshala and am so happy I was able to end my journey throughout India in such a remarkable place. I cried when I left… mainly because I didn’t want to say goodbye to a place that was home to me for some time and also because I didn’t want to say goodbye to my group of friends that I loved so much. I cannot even begin to fathom how fortunate I am for my entire experience there. Who knew I’d love India, a place where I only wanted to be for a week to attend a festival, so so so much. It is the most craziest, chaotic, unimaginable place. But it’s also a place of beauty, life, and culture. And I wouldn’t want India any other way. Thank you, India for the most amazing time. Thank you, Dharamshala for the most life changing experiences. I cannot wait to come back and hopefully, live there one day. . . #Dharamshala #India

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कौन हैं किंबरली पोंग
किंबरली ने अपने बारे में लिखा है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। वह अब तक 48 देशों की सैर कर चुकी हैं। उनका ‘कम अलॉन्ग विद पोंग डॉट कॉम’ नाम का ट्रैवल ब्लॉग है और उनका इंस्टा अकाउंट भी इसी नाम से है। उन्होंने अपनी  तस्वीर के नीचे लिखा है- “मुझे नहीं पता कि मुझे ऐसा क्यों स्पष्ट करना पड़ रहा है मगर मैंने इसमें 100 प्रतिशत कपड़े पहने हैं, इसमें कोई न्यूडिटी नहीं है।”

किंबरली की तस्वीर के नीचे दिया गया नोट

किंबरली ने भारत की अन्य तस्वीरें भी पोस्ट की हैं और उनके साथ ‘सेल्फ लव’ आर्ट प्रॉजेक्ट पूरा होने की बात लिखी है। संभवत: त्रियुंड में खिंचवाई गई उनकी तस्वीर इसी आर्ट प्रॉजेक्ट का हिस्सा रही हो। गौरतलब है कि न्यूड फटॉग्रफी एक आर्ट है और पूरी दुनिया में प्रैक्टिस की जाती है। हालांकि किंबरली की जिस पोस्ट को लेकर आपत्ति जताई गई, उसे न्यूड नहीं कहा जा सकता।

बहरहाल, देखें किंबरली पोंग की कुछ और तस्वीरें-

 

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“One great question underlies our experience, whether we think about it or not: what is the purpose of life? . . . From the moment of birth every human being wants happiness and does not want suffering. Neither social conditioning nor education nor ideology affects this. From the very core of our being, we simply desire contentment. . . Therefore, it is important to discover what will bring about the greatest degree of happiness.” – Dalai Lama. As I sit here reflecting, last weekend was one of the most amazing and inspirational weekends of my life. I will never forget seeing the Dalai Lama, the spiritual world leader who is committed to promoting compassion, forgiveness, tolerance, and contentment. Right when he got out of the car, I instantly started crying. His aura and presence was so strong and powerful. Watching him go through the crowds of thousands of people, shaking hands, talking, blessing… was just so so beautiful. Making eye contact with him and being arms distance was truly unforgettable. He is someone I’ve always looked up to with his powerful messages on life. And seeing him in person for 3 days in a row was truly a blessing. I am forever grateful for my entire experience and being surrounded by so much positive energy. #dalailama #dharmshala

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आरट्रैक को शिमला से कहीं और शिफ्ट न किया जाए: आनंद शर्मा

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के शिमला से आरट्रैक को मेरठ शिफ्ट होने की खबरों के बीच कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने रक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपील की है कि ट्रेनिंग कमांड हेडक्वॉर्टर को शिफ्ट न किया जाए। आनंद शर्मा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखी चिट्टी में कहा है कि आरट्रैक को बिना कोई स्पष्ट कारण और जरूरत बताए ही शिफ्ट किया जा रहा है।

क्या है आरट्रैक
मॉल रोड के चौड़ा मैदान की ओर जाते समय बाईं ओर नीचे की तरफ दिखने वाला सैन्य एरिया आरट्रैक का है। आरट्रैक (ARTRAC) यानी आर्मी ट्रेनिंग कमांड। इसका गठन एक अक्टूबर 1991 को किया गया था। उस समय इसकी स्थापना मध्यप्रदेश के महु में थी, लेकिन 1993 को इसे शिमला शिफ्ट कर दिया गया। तबसे वर्तमान तक आरट्रैक शिमला में ही काम कर रहा है। इसका मुख्य कार्य जवानों की ट्रेनिंग को अधिक प्रभावशाली बनाना और सेना प्रशिक्षण और युद्ध से जुड़ी विभिन्न नीतियां बनाना है।

क्या बोले आनंद शर्मा
आनंद शर्मा ने हिमाचल रेजिमेंट की चर्चाओं को लेकर भी सवाल किया। उनका कहना है कि सरकार हिमाचल रेजिमेंट की बात तो करती है, मगर आरट्रैक को शिमला में ही रखने के लिए मांग नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि ऐसे में हिमाचल रेजिमेंट कब मिलेगी,  इसकी क्या उम्मीद रखी जाए।

धर्मशाला के त्रियुंड में खिंचवाई कथित ‘न्यूड’ तस्वीर पर सवाल

यह खबर अपडेट हो चुकी है, ताजा जानकारी के लिए आगे दिए लिंक पर टैप करें- जानें, कौन है धर्मशाला के त्रियुंड में फोटो खिंचवाने वाली लड़की

धर्मशाला।। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पर्यटकों द्वारा स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं की उपेक्षा कर न्यूड तस्वीरें खिंचवाने का विरोध होता रहा है। अब तक ऐसी खबरें दुनिया के अन्य देशों से आती थी मगर इसी तरह का एक कथित मामला हिमाचल प्रदेश से सामने आया है। यहां लोग इस मामले को आस्था या मान्यता से तो नहीं, मगर मर्यादा जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, तस्वीर से यह भी स्पष्ट नहीं कि इस तस्वीर में दिख रहा पात्र न्यूड है भी या नहीं।

दरअसल इंस्टाग्राम पर धर्मशालाग्राम और कुछ अन्य अकाउंटों पर एक तस्वीर शेयर की गई है जिसमें एक युवती एक चट्टान पर दूसरी ओर मुंह करके खड़ी है और उसके पीछे एक झीना सा दुपट्टा लहरा रहा है। हालांकि यह बात दावे से यह बात नहीं कही जा सकती कि तस्वीर में नजर आ रही लड़की न्यूड है या नहीं क्योंकि वह शॉर्ट ड्रेस में भी हो सकती है, जो दुपट्टे के कारण नजर न आ रही हो। मगर कुछ इंस्टाग्राम यूजर्स युवती की इस तस्वीर पर आपत्ति जता रहे हैं।

इस तस्वीर को आपत्तिजनक बता रहे हैं लोग

क्या कह रहे हैं लोग
हिमाचल प्रदेश के कुछ लोगों को इस तरह से तस्वीर को पोस्ट करना पसंद नहीं आया है। कुछ यूजर्स ने इसी पोस्ट पर कॉमेंट करके विरोध जताया है। इसी पोस्ट पर the__shady नाम के यूजर ने लिखा है, “ये क्या मज़ाक़ है , इस तरह के अर्ध-नग्न ,घटिया सीन दिखाने है तो अपने घर से ही दिखाएँ । देवभूमि हिमाचल में मत आओ । त्रियुंड भगवान शिव की तपस्थली हैं , यहाँ पर सिर्फ़ श्रद्धाभाव से ही आएँ । अन्यथा मतरगस्ती के लिए अन्य स्थान भी हैं।”

खास बात यह है कि इस तस्वीर के साथ शेयर की गई तस्वीर में एक कंपनी का विज्ञापन है और एक नंबर दिया गया है। कैप्शन में इस तस्वीर के साथ यह लिखा गया है कि कैसे यहां का पैकेज बुक करवाया गया था और यहां कितना मजा आया। यानी यह पोस्ट विज्ञापन है।

कुछ लोग जहां इसे प्रमोशन का अच्छा तरीका बताकर तारीफ कर रहे हैं वहीं कार्टूनिस्ट अरविंद ने अपने हैंडल से इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते डीसी कांगड़ा से मामले को देखने की अपील की है।

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बिफोर कराइस्ट (बी सी ) ये क्या ड्रामा है ? साला पैसा कमाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर तथा पर्यटकों को आकर्षित करने को किस तरह का प्रमोशनल अपडेट है ये ? ,, सुणा त्रियूँड बंद कर दिया गया है तो ये भैण के गुड्डे इस तरीक़े से बेची जा रहे हैं अब ,, फिर कहते लोकल बंदे घस्से टकाते हैं और टूरिस्टों तथा ऐसे ट्रबल एजेंटों को जब काम ही ऐसा करना तो घस्से नी पड़ने तो और क्या इंस्टाग्राम पर है किसका ये #dharamshalagram DC Kangra देखें ज़रा वक़्त मिलने पर इस बाबत और कृपया इनको डेमो दें कि ये पहाड़ हैं नर या मादा या कोई भी हो इस तरह की चीतागिरी दिखा देवभूमि को बदनाम ना करें ध्यान दें :- त्रियूँड से मून पीक को दिखाते हुए एक पर्यटक ,, अरविंद #dharamshalagram kaun ho re #dharamshalalocal #cartoonistarvind

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इससे पहले मलेशिया में भी एक पवित्र पहाड़ी पर बाहरी पर्यटकों ने न्यूड फोटोशूट किया था जिसके बाद पहाड़ी पर टूरिस्ट्स के आने पर रोक की मांग उठी थी। वहां पर इस तरह की हरकत पर जुर्माना लगाए जाने का भी प्रावधान किया गया है। मगर हिमाचल के इस ताजा मामले को लेकर कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि तस्वीर में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और लोग खुद से ही यह मान बैठे हैं कि लड़की न्यूड है जबकि उसमें ऐसा कुछ नहीं नजर आ रहा। कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि न्यूड फटॉग्रफी तो कला की एक विधा भी है, ऐसे में विरोध का कोई मतलब नहीं है।

हिमाचल भाजपा अध्यक्ष की तलाश शुरू, किन नामों पर हो सकती है चर्चा?

इन हिमाचल डेस्क।। मोदी राज में प्रचंड बहुमत से दूसरी बार सत्ता में आई भाजपा में देश से लेकर राज्यों तक संगठनों में बदलाव का वक्त आ गया है। अमित शाह के सरकार में शामिल हो जाने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्यों में संगठन चुनाव करवाकर आने वाले कुछ महीनों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ताजपोशी कर दी जाएगी।

हिमाचल प्रदेश की बात करें तो सतपाल सत्ती का दूसरा कार्यकाल भी पूरा होकर एक्सटेंसन पर चल रहा है। सतपाल सत्ती 2012 से इस पद पर बने हुए हैं। चर्चा है कि सत्ती खुद इस जिम्मेदारी को छोड़ सरकार में बोर्ड निगम की चयरमैनी को सँभालने के इच्छुक हैं।

राज्य भाजपा संगठन की कमान कौन संभालेगा इसपर माथापच्ची चल रही है। क्षेत्रीय समीकरणों की बात करें तो सत्ती हमीरपुर लोकसभा सीट से आते हैं। वहीँ सत्ती से पहले अध्यक्ष रहे बंजार के पूर्व विधायक खीमी राम मंडी सीट से थे जो फ़िलहाल राजनैतिक हाशिये पर हैं। खीमी राम से पहले वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं। जयराम भी मंडी लोकसभा से सबंध रखते हैं।

जयराम ठाकुर से पहले के दौर में वर्तमान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष रहे जो शिमला लोकसभा से सबंधित हैं। पिछले 15 वर्षों की बात की जाए तो कांगड़ा लोकसभा छोड़कर बाकी तीनों क्षेत्रों से बारी-बारी अध्यक्ष रहे हैं। सबसे बड़े जिला कांगड़ा को, या यूँ कहा जाए तो लोकसभा क्षेत्र कांगड़ा इन वर्षों में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

इस हिसाब से कांगड़ा को अगर जिम्मेदारी सौंपने के लिए आंका गया तो राज्यसभा के पूर्व सदस्य कृपाल परमार कांगड़ा से दावेदार हो सकते हैं। उनके अलावा विपिन सिंह परमार को सरकार से संगठन में लाया जा सकता है। मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री परमार को विद्यार्थी परिषद् से लेकर पार्टी तक संग़ठन का लम्बा अनुभव है। गौरतलब है की सीएम जयराम ठाकुर ने पहले ही संकेत दिए हैं की मंत्रियों के विभागों सहित जिम्मेदारियों में भी फेरबदल हो सकता है। भाजपा का इतिहास रहा है की संगठनात्मक पार्टी के रूप में भाजपा ने कभी भी संगठन को हलके में नहीं लिया है।

पहले भी मंत्री पद से हटाकर बड़े बड़े नेता संगठन को मजबूत करने के लिए लाए गए हैं। इसलिए परमार को भी अगर यह जिम्मेदारी देनी होगी तो आलाकमान को कोई हिचकिचाहट नहीं होगी। कांगड़ा से ही दूसरे विकल्पों की बात करें केसीसी बैंक के चेयरमैन राजीव भारद्वाज का नाम भी काफी वजन रखता है। भारद्वाज संघ के भी प्रिय हैं और ब्राह्मण हैं। जातीय और क्षेत्रीय दोनों समीकरणों में वो फिट बैठते हैं।

भाजपा ने आजतक किसी भी महिला को यह अहम जिम्मेदारी नहीं दी है। कांगड़ा ही गर फोकस में रहा तो महिला मोर्चा की अध्यक्ष इन्दु गोस्वामी भी भाजपा इतिहास की प्रदेश में पहली महिला अध्यक्ष हो सकती हैं। हालाँकि अपने सधे हुए तरीके से सत्ता में आई भाजपा अपने आपको क्षेत्रीय या जातीय समीकरणों में बांधकर फैसला करे यह भी जरुरी नहीं है।

कांगड़ा छोड़ भाजपा बाहर जाती है तो विकल्पों की भरमार है। बिलासपुर की नैना देवी सीट से पूर्व विधायक रणधीर शर्मा का दावा भी इस ओहदे के लिए चर्चा में आ सकता है। वहीँ इसी जिले से मुख्यमंत्री के ओएसडी महेंद्र धर्माणी भी इस पद दावेदारों में बताये जा रहे हैं। बाकी लम्बी फेहरिस्त में , कुल्लू से ठाकुर राम सिंह , सांसद रामस्वरूप शर्मा , विद्यायक राकेश जम्बाल , सिरमौर से चंद्रमोहन ठाकुर जैसे नाम भी बराबर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने का माद्दा रखते हैं।

अब तेजी से होगा भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन का काम

शिमला।। हिमाचल की महत्वाकांक्षी रेल परियोजना भानुपल्ली-बिलासपुर लाइन के लिए निगरानी कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी हर तीसरे माह परियोजना की प्रगति की निगरानी करेगी। सचिवालय में मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने मंगलवार को केंद्रीय उपक्रम रेल विकास निगम लिमिटेड के साथ भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेललाइन परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी लाइन परियोजना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उनकी अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जो हर तीन माह में परियोजना की प्रगति की निगरानी करेगी। परियोजना के प्रथम चरण में हिमाचल के अधीन आने वाली भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को 40 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। छह अन्य गावों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। शीघ्र ही मुआवजा भी प्रदान कर दिया जाएगा।

रेल विकास निगम लिमिटेड के मुख्य परियोजना प्रबंधक राजीव सोनी (भारतीय रेलवे इंजीनियर्स सेवा) ने कहा कि केंद्र ने इस परियोजना के लिए 20 किमी तक की वन भूमि स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उन्होंने वन स्वीकृतियों एवं भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 20 किमी तक लंबी सुरंगों के निर्माण के लिए अनुबंध पहले ही प्रदान किए जा चुके हैं। पुलों के निर्माण के लिए निविदाएं एक सप्ताह के भीतर प्रदान कर दी जाएंगी।

20 सुरंगें बनेंगी
64 किमी लंबी भानुपल्ली-बिलासपुर लाइन में 20 सुरंगें बनेंगी। सबसे लंबी सुरंग की लंबाई चार किमी की होगी। रेललाइन के लिए 18 पुल बनेंगे। रेल लाइन की समुद्र तल से ऊंचाई 1700 फीट होगी। भानुपल्ली से बिलासपुर के बीच में पांच बड़े रेलवे स्टेशन बनेंगे।

5 साल की बच्ची से रेप के बाद परिजनों को 15 लाख के लालच का आरोप

हमीरपुर।। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में नेपाली मूल की पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बच्ची के परिजनों का दावा है कि उन्हें न सिर्फ धमकियां मिल रही हैं बल्कि मामले को दबाने के लिए उन्हें 15 लाख रुपये की पेशकेश भी कई गई थी। बता दें कि इस मामले में आरोप एक स्थानीय शख्स पर लगा है।

क्या है मामला
पांच साल की नेपाली बच्ची के साथ रेप करने का आरोप एक स्थानीय शख्स पर लगा है जो पांच दिन की न्यायिक हिरासत में है। इससे पहले वह पुलिस रिमांड पर था। आरोप है कि पिछले हफ्ते उसने टॉफी देकर बच्ची को अपने कमरे में बुलाया और बलात्कार किया। बाद में बच्ची ने मां को पेट दर्द की शिकायत की तब मामला सामने आया और पुलिस तक पहुंचा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

पुलिस पर सवाल
अब बच्ची के परिजनों को मिल रही धमकियों को लेकर सीपीएम ने डीसी और एसपी हमीरपुर को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग की है। इसके साथ ही नेपाली समुदाय के लोगों ने भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। एबीवीपी समेत अन्य छात्र संगठन भी इस मामले में पुलिस पर ढील का आरोप लगाते हुए सरकार को ज्ञापन सौंप चुके हैं।

’15 लाख का लालच’
बच्ची के परिजन भी सदर थाना हमीरपुर पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगा चुके हैं। परिजनों का कहना है कि केस को दबाने के लिए 15 लाख रुपये का लालच दिया गया था और एसपी हमीरपुर को इस बारे में सूचित किया गया है। एसपी हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा है कि उन्हें परिजनों की ओर से सूचना मिली है कि उन्हें पैसों का लालच दिया जा रहा है।

एसपी का कहना है कि जांच सही दिशा में जा रही है और निष्पक्षता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस जल्द ही सबूतों के साथ कोर्ट में जाएगी ताकि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।