मंत्री बनने की इच्छा मेरी भी, वैसे कइयों ने सिलवा लिए नए कोट: धवाला

धर्मशाला।। ज्वालामुखी से बीजेपी विधायक रमेश धवाला ने कहा है कि ‘मंत्री बनने की इच्छा मेरी भी है, वैसे कइयों ने नए कोट सिलवा लिए हैं। अब ये सीएम जयराम ठाकुर  के हाथ में है कि वह किसके नाम पर मुहर लगाते हैं।’
विधानसभा के शीतकालीन सत्र से इतर धवाला ने कहा कि ‘मंत्री बनने की दौड़ में एक नहीं अनेक नेता भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी मंत्री रह चुके हैं, मैंने अपना काम पूरी निष्ठा से किया है, मैं अपने काम के प्रति ईमानदार हूं। पर अब दूल्हा कैसे कह सकता है कि मेरी शादी करवा दो।’
इसी दौरान वह बातों-बातों में कह गए कि कहीं ना कहीं उनके मन में भी मंत्री बनने की इच्छा है।

सिराज जातिवाद केस: सामान्य वर्ग के बच्चों ने नहीं खाना मिडडे मील

मंडी।। सिराज के बालीचौकी में एक प्राइमरी स्कूल में मिडडे मील के लिए बच्चों को जाति के आधार पर बिठाने के मामले में मुख्याध्यापिका को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले मामला बुधवार को विधानसभा में भी उठा था जिसके बाद शिक्षा मंत्री जाँच के आदेश दिए थे।

इससे पहले डीएसपी अनिल पटियाला ने स्कूल पहुँचकर अध्यापकों, छात्रों और अभिभावकों के बयान दर्द किए थे। इस मामले में एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

अब प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक का कार्यभार देख रहे अशोक कुमार ने कहा कि मामले की जाँच जारी है और मुख्याध्यापिका को सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि एक अभिभावक ने स्कूल पहुँचकर वीडियो बनाया था जिसमें बच्चों को अलग बिठाया गया था।

हमने इस वीडियो को धुंधला कर दिया है क्योंकि इसमें बच्चों के चेहरे दिख रहे थे। मगर ध्यान से सुनिए, कैसे सीएम के इलाके में पड़ने वाले नौना प्राइमरी स्कूल के बच्चों को जाति के आधार पर अलग बिठाकर मिड डे मील दिया जा रहा था। जब एक अभिभावक ने आपत्ति की तो अध्यापिकाओं का रवैया भी खराब था। बच्चों में जाति आधारित भेदभाव और पक्षपात के बीज बोने वाले ऐसे सारे टीचर बर्खास्त होने चाहिए।पूरी खबर: https://inhimachal.in/news/himachal/mandi-nauna-primary-school/

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इस बीच पंजाब केसरी की ख़बर के अनुसार, बुधवार को मिडडे मील के दौरान सामान्य वर्ग के बच्चों ने खाना नहीं खाया। यह दिखाता है कि समाज में जाति के नाम पर कितना ज़हर भर दिया गया है कि प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों के मन भी प्रदूषित कर दिए गए हैं।

सरकारी स्कूलों में छेड़छाड़ और जातीय भेदभाव करने वाले शिक्षक होंगे बर्खास्त

चम्बा: रिहायशी इलाकों में भालू लगा रहे दौड़, लोग त्रस्त

प्रतीकात्मक तस्वीर

चम्बा।। चंबा जिला की ग्राम पंचायत प्रोथा के 6 गांवों के लोग भालू के आतंक में हैं। भालू के रिहायशी क्षेत्रों में आने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

लोग जंगलों में मवेशी चराने और लकड़ियां एकत्रित करने के लिए जाने से कतराने लगे हैं पंचायत के साथ लगते पटन जंगल के इर्द-गिर्द भालू देखे हैं।

चम्बा के प्रोथा में रिहायशी इलाके के पास दौड़ लगाता भालू। 6 गांवों की मांग है कि भालुओं से राहत दिलाई जाए।

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लोगों का कहना है कि पहले भालू गांव से सटे जंगलों में देखे गए थे लेकिन आज भी रिहायशी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं ग्रामीणों का कई बार भालू से आमना सामना भी हो चुका है। शोर मचाने पर वह भाग गए।

लोगों ने वन विभाग से बालों को जल्द रिहायशी क्षेत्रों से खदेड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।

सरकारी स्कूलों में छेड़छाड़ और जातीय भेदभाव करने वाले शिक्षक होंगे बर्खास्त

धर्मशाला।। हिमाचल विधानसभा में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चली। आज बिना विपक्ष के हंगामे के पहली बार प्रश्नकाल चला। प्रश्नकाल के समाप्त होते ही विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से पूछा कि सरकारी स्कूलों में बच्चियों से छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है।

ताज़ा मामला हरोली का है जहां 13 बच्चियों ने शिक्षक पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में मिड डे मील में बच्चों को अलग बिठाने का मामला आया है। ऐसे मामलों में सरकार दोषी शिक्षकों के खिलाफ सीधा कार्यवाही कर बर्खास्त करें।

जबाब में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि ऐसे मामले स्कूलों में बढ़ते जा रहे है। जो चिंता का विषय है। सरकार आर्टिकल 3(11) के तहत ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त करेगी। शिक्षा मंत्री ने सभी से अपील की की ऐसे शिक्षकों की शिफारिश लेकर कोई उनके पास नही आए। ऐसे मामलों में अवार्डी विधायक भी शामिल है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

ताज़ा घटनाओं का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि इनकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जबकि हरोली मामले में दोषी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

उधर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भी स्कूलों में बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं पर चिंता जाहिर की ओर कहा कि ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले शिक्षकों को किसी भी हाल में नही बख्शा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके क्षेत्र में जातीय भेदभाव का जो मामला सामने आया है उसकी जांच के आदेश दे दिए गए है व जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

पौंग डैम खेती मामला: राजन सुशांत खुद बैठे ट्रैक्टर पर, शुरू करवाई बिजाई

फतेहपुर।। पौंग डैम वाले इलाके में खेती ओर रोक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सीएम जयराम ठाकुर के मिलने बाद पौंग बांध विस्थापितों ने अपने मनसूबे साफ कर दिए हैं।

वन विभाग का कहना है कि बांध के साथ वाली जिस जमीन से लोगों को विस्थापित किया जा चुका है, वहां खेती नहीं हो सकती। मगर विस्थापितों का कहना है कि उन्हें नई जमीन नहीं दी गई है और वे 35 सालों से यहां खेती करते आ रहे हैं।

इस सम्बंध में कल पूर्व सांसद राजन सुशांत की अगुवाई में पौंग डैम विस्थापित विधानसभा परिसर तपोवन में सीएम जयराम ठाकुर से मिले थे और खेती न करने के आदेशों में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।

आज फतेहपुर विधानसभा के धमेटा के चाट्टा में पौंग डैम विस्थापित ट्रैक्टरों के साथ पौंग में बिजाई करने पहुंच गए। इस बात का पता चलते ही वाइल्ड लाइफ की टीम पुलिस सहित मौके पर पहुंचे गई और बिजाई रुकवा दी।

पूर्व सांसद राजन सुशांत भी मौके पर पहुंच कर खुद ट्रैक्टर चका कर खुद ट्रैक्टर पर बैठकर बिजाई शुरू करवाई। उन्होंने सरकार और विभाग को दो टूक कहा कि मुझ पर मामला दर्ज करवाओ। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। राजन सुशांत ने खेती न करने के आदेश दिखाने के लिए कहा।

मंत्रियों-अफसरों के लिए खरीदी फॉर्च्यूनर-क्रिस्टा समेत 229 गाड़ियां

शिमला।। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पिछले साल 229 गाड़ियाँ ख़रीदी हैं। प्रदेश के मंत्रियों और अधिकारियों के लिए ख़रीदी गई इन गाड़ियों की संख्या का पता विधानसभा में चला है।

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने इस संबंध में सवाल पूछा था। जवाब में पता चला है कि पिछले साल 229 गाड़ियाँ ख़रीदी गई हैं। इनमें मंत्रियों और अधिकारियों के लिए फॉर्च्यूनर और टोयोटा इनोवा क्रिस्टा ख़रीदी गई हैं।

बता दें कि वाहनों के लिए निश्चित सीमा होती है। तय किलोमीटर चल जाने के बाद फ़्यूल एफिशंसी आदि के आधार पर वाहन बदलने की नीति है। पिछले साल ख़रीदने गए वाहनों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आया है। इनमें फॉर्चयूनर की क़ीमत लगभग 35 लाख रुपये और क्रिस्टा की कीमत 20 से 25 लाख रुपये है।

सीएम के इलाके में प्राइमरी स्कूल के बच्चों से जाति आधारित भेदभाव

मंडी।। सिराज विधानसभा क्षेत्र की उपतहसील बालीचौकी के नौणा प्राइमरी सरकारी स्कूल में अनुसूचित जाति के बच्चों को अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसने का मामला सामने आया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बालीचौकी के एक सरकारी स्कूल के बच्चों ने अपने अभिभावकों को बताया कि उन्हें अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसा जाता है।

बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने देखा कि सामान्य वर्ग के बच्चों व अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों को अलग-अलग पंक्ति में बैठाकर मिड डे मील परोसा जा रहा था। उन्होंने इसका मोबाइल फोन पर वीडियो बना लिया।

स्कूल की अध्यापिका व मुख्य अध्यापिका से जब उन्होंने बच्चों को अलग-अलग पंक्ति में बैठाने के बारे में पूछा वे अजीब तर्क देने लगी। जब मुख्य अध्यापिका को मालूम हुआ कि अभिभावक मोबाइल फोन पर वीडियो बना रहे हैं तो उन्होंने जल्दी से बच्चों को रोल नंबर के आधार पर बिठाने के लिए खड़ा कर दिया।

हालांकि वह ये भी कहने लगीं कि जिसने खिचड़ी खानी है खाए और जिसने नहीं खानी है न खाए, मगर रोल नंबर वाइज बैठना ही पड़ेगा।

हमने इस वीडियो को धुंधला कर दिया है क्योंकि इसमें बच्चों के चेहरे दिख रहे थे। मगर ध्यान से सुनिए, कैसे सीएम के इलाके में पड़ने वाले नौना प्राइमरी स्कूल के बच्चों को जाति के आधार पर अलग बिठाकर मिड डे मील दिया जा रहा था। जब एक अभिभावक ने आपत्ति की तो अध्यापिकाओं का रवैया भी खराब था। बच्चों में जाति आधारित भेदभाव और पक्षपात के बीज बोने वाले ऐसे सारे टीचर बर्खास्त होने चाहिए।

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हमने ऊपर लगाए इस वीडियो को धुंधला कर दिया है क्योंकि इसमें बच्चों के चेहरे दिख रहे थे। मगर ध्यान से सुनिए, कैसे स्कूल के बच्चों को जाति के आधार पर अलग बिठाकर मिड डे मील दिया जा रहा था। जब एक अभिभावक ने आपत्ति की तो अध्यापिकाओं का रवैया भी खराब था। बच्चों में जाति आधारित भेदभाव और पक्षपात के बीज बोने वाले ऐसे सारे टीचर बर्खास्त होने चाहिए।

हिमाचल में घर, गांव और राजनीति से लेकर देव परंपरा तक फैला है जातिवाद

पौंग बांध विस्थापितों संग सीएम के पास तपोवन पहुंचे राजन सुशांत

धर्मशाला।। पौंग डैम विस्थापितों को लेकर धर्मशाला विधानसभा पहुंचे पूर्व सांसद राजन सुशांत। विस्थापितों की मांग, “जब तक नई जमीन नहीं मिलती, पुरानी जमीन पर खेती करने दें। 35 साल से कर रहे हैं खेती, इस बार वन विभाग ने रोका है।”

विधानसभा भवन में पौंग डैम विस्थापितों से मिले सीएम जयराम ठाकुर, दिया मांगों पर विचार करने का भरोसा। वीडियो देखें।

इन्वेस्टर मीट से अधिक पैसे तो कांग्रेस ने मिट्टी हटाने में ही खर्च दिए: जयराम

धर्मशाला।। इन्वेस्टर मीट पर सवाल उठा रही कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए हमारी इन्वेस्टर मीट से ज्यादा पैसा तो ऊना के पंडोगा में औद्योगिक क्षेत्र बनाने के नाम पर मिट्टी खोदने में लगा दिया था: सीएम जयराम ठाकुर।

धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा से शीत सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट पर क्या बोले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, देखें-

धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा से शीत सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट पर क्या बोले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, देखें।

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಮಂಗಳವಾರ, ಡಿಸೆಂಬರ್ 10, 2019

हिमाचल विधानसभा: शीत सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने स्पीकर को घेरा, वॉकआउट

धर्मशाला।। विपक्ष के विधायकों ने गले में प्याज की मालाएं पहनकर की नारेबाजी। सदन में विपक्ष ने लहराए मंहगे प्याज के पोस्टर, इन्वेस्टर मीट और रसोई गैस सिलिंडर के पोस्टर भी लहराए। वॉकआउट करके नारेबाजी भी की गई।

हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही का अब तक का हाल:

दूसरे दिन की कार्यवाही में सदन में बढ़ी तपिश, एक बार फिर से इन्वेस्टर मीट का मुद्दा उठा।

विपक्ष के आरोपों का अध्यक्ष राजीव बिंदल ने दिया जवाब- मैं उपचुनावों के दौरान युगांडा में था, जिस दिन विपक्ष ने बयान जारी किया उस वक़्त मैं युगांडा में चल रहे गेम देख रहा था।

विपक्ष ने अध्यक्ष पद की गरिमा पर उठाया था सवाल। विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल पर उपचुनाव में चुनाव प्रचार करने का लगाया आरोप।

प्रश्नकाल शुरू होने के बाद विपक्ष ने शुरू की नारेबाजी- तानाशाही, जोरा-जोरी नहीं चलेगी, धक्केशाही नहीं चलेगी, विधानसभा की गरिमा का ख्याल करो, स्पीकर प्रचार में रोक लगाओ, पैसा दो पैसा दो, बाज़ार जाना बंद करो, बंद करो। वाकआउट करके बाहर नारेबाजी भी की गईं

नारे लगाते हुए वेल में आए विपक्ष के तमाम विधायक।