चपरासी को थप्पड़ मारने वाले लेक्चरर ने SI को भी नहीं बख्शा

ऊना।। जिले के थाना बंगाणा में एक शिक्षक के हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में शिक्षक को पुलिस थाना में ही पुलिस कर्मी और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने शिक्षक को चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को थप्पड़ मारने के आरोप में थाने तलब किया था, जहां शिक्षक ने आपा खो दिया और पुलिस कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ही उलझ पड़ा।

पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभिन्न थाराओं में मामला दर्ज करते हुए आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले का किसी ने वीडियो बना लिया है जो अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। दरअसल, शिक्षक पर आरोप लगे हैं कि उसने अपने ही स्कूल में तैनात चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को थप्पड़ मारा है।

इसी मामले को लेकर गुरुवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए शिक्षक को थाने बुलाया था। जहां पूछताछ के दौरान आरोपी शिक्षक ने भागने का प्रायस किया। मौके पर मौजूद एसआई ने उसे पकड़ने क कोशिश की तो उनसे उलझ पड़ा। इस दौरान एसआई की वर्दी के बटन भी टूट गए। बीच-बचाव करने आए सिहाणा पंचायत प्रधान और उप-प्रधान क साथ भी धक्का-मुक्की की और भाग कर गाड़ी में बैठ गया।

शिक्षक ने जैसे ही गाड़ी से भागने की कोशिश की तो गुस्साए लोगों ने उसकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए औऱ पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि उक्त अध्यापक आर्मी से रियाटर होकर स्कूल में प्रवक्ता के पद पर सेवाएं दे रहा है। डीएसपी ऊना अंकित शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पहले दोस्ती, फिर ‘प्रेम’ और बाद में ‘दुराचार’, धर्मशाला में सनसनी

मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। धर्मशाला में पहले दोस्ती, फिर प्रेम और बाद में दुराचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना जिला मुख्यालय धर्मशाला के तहत हुई है। सदर थाना में धारा 376 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

जानकारी के अनुसार युवती दिल्ली से संबंध रखती है, जबकि लडक़ा कांगड़ा का है। प्राथमिकी के अनुसार युवती ने कहा है कि वह सबसे पहले इस लड़क़े से बंगलूर में एक हॉस्टल में मिली थी। वहां उनकी दोस्ती हो गई। दोस्ती ने कुछ ही समय में अफेयर का रूप ले लिया।

युवक ऑनलाइन रीटेलिंग के कारोबार में है। प्राथमिकी के अनुसार, युवक ने युवती को धर्मशाला बुलाकर अपने ऑफिस तथा एक निजी होटल में अधिक मात्रा में नशीला पदार्थ खिलाकर शारीरिक संबंध बनाए। जिसके बाद युवती गर्भवती भी हो गई। आरोप है कि युवक के दबाव में आने के बाद गर्भपात भी करवाया गया।

लड़की के अनुसार, जिंदगी भर साथ देने की कसमों को लेकर आरोपी ने युवती के घरवालों की मर्जी से अपनी जिम्मेदारी पर धर्मशाला ले आया। यहां इसी बीच आरोपी ने युवती को अपने कारोबार में नौकरी भी ऑफर की। युवती का आरोप है कि शादी का झांसा देकर युवक ने कथित तौर पर उसके साथ कई बार दुराचार किया।

आरोप है कि युवती का छह माह तक शोषण किया गया है। युवती का आरोप है कि युवक के अन्य युवतियों के साथ भी प्रेम प्रसंग थे। इस मुद्दे पर लगातार उनकी लड़ाई होती रही। इन्हीं के चलते युवक ने युवती से दूरियां बनाना शुरू कर दी। युवती के अनुसार उसने युवक तथा उसके परिवार को समझाने का बहुत प्रयास किया। युवती ने बात न बनते देख मजबूरी में सदर थाना धर्मशाला में युवक तथा उसके परिवार पर एफआईआर दर्ज करवा दी है।

फिलहाल धर्मशाला थाना में युवती की शिकायत पर धारा 376 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले को लेकर स्पॉट कवर कर लिए है तथा अहम साक्ष्य जुटाए है जिन्हे फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया है। वहीं सदर थाना के एसएचओ ने गोपनीयता का हवाला देते हुए इस मामले में ज्यादा न कहने से इनकार किया है। उधर एसपी डा खुशहाल शर्मा का कहना है कि मामले के हर पहलू से जांच जारी है।

मुकेश अग्निहोत्री ने स्वां का बताकर डाल दिया हरियाणा में यमुना में खनन का वीडियो

ऊना। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने अपने फेसबुक पेज पर डाले वीडियो में प्रदेश सरकार पर खनन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो डाला है। किसी साक्षात्कार के हिस्से पर उन्होंने स्वां नदी में खनन की बात करते हुए कुछ वीडियो डाले हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर आधुनिक मशीनों से खनन होता हुआ दिख रहा है।

जब इन हिमाचल ने इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया गया कि इस वीडियो में दिखाए गए कई सारे हिस्से स्वां नदी के नहीं बल्कि यमुना नदी के हैं। जो भारी मशीनरी बालू को ट्रकों पर लोड करती दिख रही है, वे अधिकांश वीडियो Mongabay India यूट्यूब चैनल पर अपलोड एक वीडियो से लिए गए हैं। इस चैनल पर अपलोड वीडियो में बताया गया है कि कैसे कोविड लॉकडाउन के दौरान हरियाणा के यमुनानगर में यमुना नदी में अवैध खनन हुआ।

16 नवंबर 2020 को अपलोड यमुना नदी के इस वीडियो के अंश नेता प्रतिपक्ष ने अपने वीडियो में कुछ इस तरह से पेश किए गए हैं मानो हिमाचल प्रदेश में किसी नदी के खनन का वीडियो हो। एक जगह टेक्स्ट में हिमाचल प्रदेश भी लिखा दिखता है मगर वह Mongabay India के वीडियो में उस शॉट को यह दर्शाने के लिए डाला गया था कि यमुना नदी हिमाचल प्रदेश से भी बहकर निकलती है। वीडियो देखें-

इस बात में कोई शंका नहीं कि हिमाचल में स्वां समेत कई जलधाराओं में बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है और अवैज्ञानिक ढंग से हो रहा है। इस अवैध खनन के कारण कई तरह की चुनौतियां भी उत्पन्न हो रही हैं। इस कारण कई जगहों पर बरसात के दिनों में तबाही भी देखने को मिलती है। जैसे कि कांगड़ा में ट्रेन का एक पुल ढहने के पीछे भी अवैध खनन को ही जिम्मेदार माना जा रहा है।

कई जगहों से ऐसी शिकायतें भी आती हैं कि लोगों के आवाज उठाने के बावजूद प्रशासन उस तरह के कदम नहीं उठाता, जिस तरह के कदम उठाए जाने चाहिए। यह सिलसिला पिछले कई दशकों से बदस्तूर जारी है। सभी पार्टियां इसे चुनावों के समय मुद्दा बनाती हैं मगर सत्ता में आते ही इसे भूल जाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछली बार जब मुकेश अग्निहोत्री उद्योग मंत्री थे और खनन विभाग उनके पास था तो बीजेपी उनपर आरोप लगाया करती थी। इस बार भी चुनाव नजदीक हैं तो अवैध खनन का मुद्दा उठने लगा है।

बहरहाल, नीचे नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के फेसबुक पेज पर अपलोड वीडियो देखें और उसके बाद Mongabay India का वीडियो देखें, जिसके अंश उन्होंने स्वां नदी के संदर्भ में इस्तेमाल किए हैं।

यमुना नदी में खनन पर Mongabay India का वीडियो:

हिंदू विरोधी नारे लगाकर सिंघा-कांग्रेस ने देवभूमि का अपमान किया: नरेश शर्मा

शिमला।। सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए नारों पर एपीएमसी चेयरमैन नरेश शर्मा ने आपत्ति जाहिर की है। एपीएमसी चेयरमैन ने कहा कि मंगलवार को शिमला में राकेश सिंघा और कांग्रेस की विचारधारा से संबंधित व्यक्ति शिमला में ‘हमें चाहिए मूर्तिवाद से आजादी, हमें चाहिए हिंदू धर्म से आजादी’ जैसे नारे लगा रहे थे। नरेश शर्मा ने कहा कि इन नारों से देवभूमि के लोगों की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंची है।

उन्होंने कहा कि वामपंथियों और कांग्रेस नेताओं की जुगलबंदी बहुत पुरानी है। इन लोगों ने भीड़ इसलिए इकट्ठी की थी कि हम हिमाचल सरकार द्वारा जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिशें रोकने वाले कानून का विरोध करेंगे। नरेश शर्मा ने कहा कि यह कानून हिमाचल प्रदेश में 2006 से लागू था मगर बहुत कमजोर था। इसके बावजूद जबरन धर्म परिवर्तन के मामले बढ़ रहे थे। जयराम सरकार ने संशोधन लाकर इसे और सख्त बनाया ताकि देवभूमि के लोगों को किसी लालच या दबाव के तहत कोई गुमराह न कर सके। लेकिन विधानसभा के मॉनसून सत्र में लाए गए इस विधेयक का राकेश सिंघा ने भी विरोध किया था और उनके साथी कांग्रेसी विधायकों ने भी। विधानसभा में सुखविंदर सिंह सुक्खू और जगत सिंह नेगी खुलकर सिंघा के सुर में सुर मिला रहे थे।

नरेश शर्मा ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं सिंघा और उनके कांग्रेसी मित्रों से कि लालच देकर धर्म परिवर्तन कर रहे लोगों से आपका क्या कनेक्शन है? अगर आपका उनसे कनेक्शन नहीं है तो बताएं कि पहले विधानसभा में क्यों विरोध किया और अब क्यों शिमला की सड़कों पर आप हिंदू धर्म को अपमानित करने वाले नारे लगा रहे हैं?

उन्होंने कहा कि राकेश सिंघा बताएं कि यदि कोई व्यक्ति लालच देकर या जबरन किसी का धर्म परिवर्तन करवाता है तो क्या यह सही है? वो जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए लाए गए कानून का विरोध क्यों कर रहे हैं?

नरेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का सभी को हक है। आप किसी कुरीति का विरोध कीजिए। मगर हिंदू धर्म से आजादी जैसे नारे लगाने का मतलब साफ है कि आप हिमाचल में उस गैंग के प्रतिनिधि हैं जो भारत के टुकड़े-टुकड़े करने का ख्वाब देखती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हिमाचल के लाखों हिंदू लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे।

राहुल तीसरी बार सांसद हैं, सीखे होते तो कांग्रेस की ये हालत न होती: प्रतिभा सिंह

डेस्क।। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के एक इंटरव्यू ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। द प्रिंट को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अगर सीखे होते तो आज कांग्रेस की यह हालत नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि आज जेनरेशन गैप है और प्रियंका गांधी व राहुल गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को महत्व नहीं देते।

गौरतलब है कि द प्रिंट ने मंगलवार सुबह इस साक्षात्कार का टेक्स्ट वर्जन अपने पोर्टल पर प्रकाशित किया था। इस पर प्रतिभा सिंह ने ट्वीट करके आपत्ति जताई थी और कहा था कि उनकी बातों को पत्रकार ने तोड़-मरोड़कर पेश किया है। उन्होंने द प्रिंट से इस इंटरव्यू को हटाने और माफी मांगने की बात कही थी। मगर दोपहर बाद द प्रिंट ने एक वीडियो डाला है, जिसमें प्रतिभा वही बातें कहती दिख रही हैं, जो द प्रिंट के पोर्टल में छपी हैं।

प्रतिभा सिंह के ट्वीट

इस इंटरव्यू के आखिरी हिस्से में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा के बारे में बोलते हुए प्रतिभा कहती हैं कि वरिष्ठ नेता थोड़ी अटेंशन चाहते हैं। आज एक जेनरेशन गैप है और जो कुछ वरिष्ठ नेता करते थे, अभी के नेता नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी की तरह राहुल और प्रियंका नेताओं को टाइम या महत्व नहीं देते।

उन्होंने कहा, “आज की बच्चे, सॉरी टु से, चाहे राहुल जी हैं या प्रियंका जी हैं, टाइम नहीं देते या महत्व तो लोगों को निऱाशा होती है। इसलिए बहुत सारे लोग चले गए। देखिए, आजाद जी देश की इतने साल सेवा करने के बाद चले गए। उन्होंने कहा कि मेरी बात सुनी नहीं जाती, इतने महीने वेट करना पड़ा। आदमी रिस्पेक्ट ही तो चाहता है, भले उसका काम हो न हो। इज्जत, मान, टाइम दे दो, आदमी उसी में खुश हो जाता है। अभी की पीढ़ी में ये बातें नहीं हैं तो उन्हें (वरिष्ठ नेताओं को) लगता है कि अब छोड़ देना है। माना कि उन्होंने अपनी नाराजगी दिखाई तो आप उन्हें बुला लेते तो इस हद तक बात नहीं जाती।”

इसके बाद पत्रकार ने सवाल पूछा कि आपने इस संबंध में सोनिया गांधी जी से बात की कि आप समझाएं, तभी पार्टी बचेगी। इस पर प्रतिभा सिंह ने कहा, “वो बहुत बड़ी नेता हैं, लंबे समय तक हमारी अध्यक्ष रही हैं, मैं उन्हें इस तरह नहीं बता सकती। लेकिन मैंने महसूस किया अखबारों में पढ़कर, गुलाब नबी जी का इंटरव्यू देखा। उन्होंने भी कहा कि मुझे अफसोस हुआ। इतने पदों पर वह रहे। लेकिन क्यों उन्हें छोड़ने की नौबत आई? उनकी नाराजगी लंबे समय से थी। उन्हें बुला ही लेते तो समस्या सुलझ जाती। पर जब कोई है ही नहीं उस पोजिशन में कि कोई जिम्मेदारी ले सके।”

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, “हम थोड़े ही न बोल सकते सोनिया जी को। और राहुल जी तो संसद में तीसरी बार हैं। उन्हें सीखना चाहिए। (मुस्कुराते हुए) मैं उन्हें सलाह नहीं दे रही लेकिन पार्टी के हित में बोल रही हूं। अगर ऐसा लगता है कि हमारी हरकतों से नाराज हो रहे हैं तो उन्हें समय दो, उनकी समस्याएं सुनो, कुछ सीखने की कोशिश करो तो शायद ये हालत न होती कांग्रेस की।”

नूरपुर और जसवां परागपुर: मंत्रियों को अपनों से ही मिल रही चुनौती

मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। चुनाव आते ही पार्टियों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यह खड़ी हो जाती है कि टिकट चाह रहे अपने कार्यकर्ताओं को कैसे संभावा जाए। जाहिर है, टिकट तो एक को ही मिलता है। फिर होता यह है कि अपने ही कार्यकर्ता नाराज हो जाते हैं और अक्सर हार का कारण भी बन जाते हैं। ऐसी ही परिस्थितियां कांगड़ा जिले के दो मंत्रियों के लिए बनती हुई दिख रही हैं।

जसवां परागपुर और नूरपुर, ये दोनों ऐसी सीटें हैं जहां पर अपने ही भाजपा के लिए चुनौती बने हुए हैं। दोनों सीटों के विधायक इस समय मंत्री हैं और अपने-अपने क्षेत्र में पूरे जोर-शोर से जुटे हुए हैं। इस बार वे और भी ज्यादा ताकत लगा रहे हैं क्योंकि उन्हें खतरा विपक्षी कांग्रेस से नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं से है।

जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर इस समय उद्योग मंत्री हैं। अपने क्षेत्र के लिए उन्हें दो नए एसडीएम ऑफिस और दो ब्लॉक ऑफिस खुलवाने में सफलता मिली है। लेकिन  उनके क्षेत्र में संजय पराशर भाजपा के टिकट की दौड़ में हैं। पराशर आरएसएस से जुड़े हैं और कोविड महामारी के समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने निशुल्क दवाएं बांटकर इलाके में अपनी पहचान बनाने की कोशिश की थी।

इसी तरह, वन मंत्री राकेश पठानिया के नूरपुर में रणवीर निक्का चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। बीजेपी के नूरपुर संगठनात्मक जिले के महामंत्री रह चुके निक्का ने कहा है कि बीजेपी टिकट नहीं देगी तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। दरअसल, उन्होंने 2012 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाए थे। 2017 में उनकी जगह पठानिया को मौका मिला और वह जीत गए फिर बाद में मंत्री भी बन गए।

खास बात यह है कि राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि इन दोनों ही सीटों पर कांग्रेस को मजबूत नहीं कहा जा सकता। लेकिन बीजेपी अगर अपने ही लोगों को संभाव नहीं पाई तो इसका सीधा फायदा कांग्रेस को होगा। वैसे भी, हिमाचल के चुनावों को लेकर यह बात लंबे समय से कही जाती है कि सरकार उसी पार्टी की बनती है, जो अपने नाराज टिकटार्थियों को बेहतर ढंग से संभाल पाती है।

ऐक्ट्रेस कृष्णा मुखर्जी ने मनाली की वादियों में भूषण ज्वेलर्स के गहने पहन की सगाई

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सोलन।। टीवी सीरियल ‘ये है मोहब्बतें’ स्टार कृष्णा मुखर्जी ने कुछ समय पहले ही सगाई की है। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए कृष्णा मुखर्जी ने मनाली की खूबसूरत वादियों को चुना। ख़ास बात ये है कि इस विशेष अवसर पर कृष्णा मुखर्जी ने भूषण ज्वेलर्स के आभूषण पहने।

दरअसल कृष्णा मुखर्जी खूबसूरत पारम्परिक और आधुनिक डिज़ाइन के आभूषणों के साथ इस अवसर को और यादगार बनाना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश के जाने -माने आभूषण विक्रेता भूषण ज्वेलर्स को चुना। भूषण ज्वेलर्स ने उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से आभूषण तैयार किये, जिन्हें कृष्णा मुखर्जी और उनकी टीम ने खूब सराहा।

भूषण ज्वेलर्स प्रबंधन की ओर से बातचीत करते हुए विनय गुप्ता ने बताया कि कृष्णा मुखर्जी ने भूषण ज्वेलर्स को चुना इसके लिए वे उनके आभारी है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई सेलिब्रिटी भूषण ज्वेलर्स से विशेष मौकों के लिए खरीददारी करते रहे है।

विनय गुप्ता ने कहा कि भूषण ज्वेलर्स के लिए हर ग्राहक महत्वपूर्ण है और अब डिज़ाइनर आभूषणों के लिए हिमाचल वासियों को दिल्ली मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाने की जरुरत नहीं है। अब सोलन स्थित भूषण ज्वेलर्स में ही ग्राहकों को विस्तृत आभूषण रेंज उपलब्ध है।

बिलासपुर: हिरासत में हैं तलवारें लहराने वाले युवक, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज

बिलासपुर।। बिलासपुर शहर में खुलेआम तलवारें लहराने का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने जानकारी दी है कि इन युवकों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। युवक पहले से ही पुलिस की हिरासत में हैं।

बिलासपुर पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट डालकर लिखा है, “दिनांक 16.09.2022 को बिलासपुर बस स्टैण्ड पुलिस डयूटी कर्मचारी ने पुलिस चौकी शहर में लड़ाई झगड़ा होने वारा सूचना दी। जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौका पर त्वरित कार्यवाही करते हुए झगड़ा कर रहे तीन युवकों को नियमानुसार गिरफ्तार करके चिकित्सा परीक्षण उपरांत हवालात में बंद किया गया था।”

“आज दिनांक 17.09.2022 को साकिब चौधरी निवासी H.No. 202 डियारा सैक्टर वार्ड नं 10 बिलासपुर ने एक शिकायत पत्र के माध्यम से पुलिस को बतलाया कि पिछले कल इसका लड़का सोहेल चौधरी अपने दोस्तों के साथ बस-स्टैण्ड के पास जन्मदिन मनाने के लिए गया था तो वहां पर दो युवकों ने इसके साथ झगड़ा किया जो उसी समय आरोपी युवकों को पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए हिरासत में ले लिया था। परन्तु आज इसे सोशल-मीडिया पर वॉयरल हुए विडियो से ज्ञात हुआ कि जिन युवकों ने इसके बेटे के साथ झगड़ा किया था वो हाथों में तलवारें लहरा रहे थे। जिसका विडियो इसके द्वारा पुलिस को उपलब्ध करवाया गया।”

पुलिस ने लिखा है, “शिकायत पत्र व विडियो के आधार पर थाना सदर में मुकदमा नं 210/2022 अधीन धारा 25-54-59 Arms Act के अतंर्गत दर्ज किया गया है। आरोपी युवक पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं तथा सदर पुलिस द्वारा मुकदमा की तफ्तीश अम्ल में लाई जा रही है।”

शेफ़ राकेश सेठी ने खोले टीम इंडिया के राज़, बताया- कौन किस चीज़ का है शौक़ीन

मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। स्मार्ट सिटी धर्मशाला में 18 से 20 सितंबर तक टूरिज्म पर नेशनल कान्फ्रेंस होने जा रही है। इस कान्फ्रेंस में देश भर से राज्यों के पर्यटन मंत्री टूरिज्म पर चर्चा करेंगे। उनकी आवभगत के लिए देश के नामी सेलिब्रिटी शैफ राकेश सेठी धर्मशाला पहुंचे हैं। ज्यादातर समय टीम इंडिया के खाने का जिम्मा संभालने वाले राकेश सेठी ने खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि किस स्टार क्रिकेटर को खाने में क्या पसंद है।

सबसे पहले उन्होंने दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज पूर्व कप्तान विराट कोहली के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि रन मशीन विराट कोहली को खाने में पालक सबसे ज्यादा पसंद है। इसके बाद वह अन्य हरी सब्जियों की डिमांड करते हैं। उनका खाना बेहद सादा है। उन्होंने बताया कि बाएं हाथ के बैटर शिखर धवन को खाने में यूरोपियन फ्रूट ऐवोकैडो पसंद है। ऐवोकैडो को दर्जनों बीमारियों का दुश्मन व जबरदस्त इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है।

इसके अलावा सर के नाम से मशहूर दुनिया के बेहतरीन लैफ्ट आर्म बालिंग आलराउंडर रविंद्र जडेजा को नॉर्थ इंडियन फूड खूब भाता है। सेठी ने बताया कि टीम के अन्य आलराउंडर पांड्या बद्रर्ज को भी उत्तरी भारतीय खाना पसंद आता है। हार्दिक पांड्या मध्यम गति के तेज गेंदबाज होने के साथ साथ हार्ड हिटर भी हैं। इसी तरह कृनाल पांड्या लैफ्ट आर्म ब्रेक गेंदबाज होने के साथ बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज हैं।

सेठी ने कहा कि ये दोनों भाई हर तरह का खाना खा लेते हैं, लेकिन ज्यादातर मांग उतरी भारतीय खाने की रहती है। दूसरी ओर लैग ब्रेक स्पिनर युजवेंद्र चहल को घी के साथ रोटी पसंद है। वहीं पूर्व क्रिकेटर, कोच और दुनिया के नामी कमेंटेटर रवि शास्त्री चिकन और फिश के दीवाने हैं। हालांकि वह स्विमिंग से खुद को फिट रखते हैं। अपनी डिफेंसिव तकनीक के लिए विख्यात पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ पर सेठी ने कहा कि ग्लूटन फ्री खाना पसंद करते हैं। उन्हें गेहूं से बने उत्पाद कम ही रास आते हैं।

ईशान किशन अपने शेड्यूल से बाहर नहीं जाते। हालांकि सभी इंडियन क्रिकेटर्ज में कॉमन यह है कि वे सभी खाने के मामले में बेहद अनुशासित हैं। सेठी ने कहा कि साउथ अफ्रीका, श्रीलंका आदि देशों के क्रिकेटर भी भारतीय खाने को खूब पसंद करते हैं। बहरहाल पर्यटन पर कान्फ्रेंस के बहाने देश का नामी शैफ हिमाचल की ब्रांडिंग में जुट गया है।

हिमाचली धाम परोसी जाएगी
राकेश सेठी ने कहा कि 18 से 20 सितंबर तक धर्मशाला में होने वाली पर्यटन मंत्रियों की नेशनल कान्फ्रेंस में उन्हें खासतौर से हिमाचली धाम खिलाई जाएगी। इससे हिमाचली खाने की ब्रांडिंग भी हो जाएगी। आने वाला साल ईयर आफ मिल्ट के नाम से जाना जाएगा, ऐसे में पर्यटन मंत्रियों को गेहूं, ज्वार, बाजरा (मिलेट) से बनी रागी और डोसा आदि भी परोसे जाएंगे।

कांग्रेस की संस्कृति है वादे करके उन्हें पूरा न करना: स्मृति ईरानी

रामपुर।। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी रामपुर में एक महिला सम्मेलन में शामिल हुईं। सम्मेलन का नाम “नारी को नमन” रखा गया था। स्मृति ईरानी ने कहा कि आज देश के पहले जनसेवक और नए भारत के पथ प्रदर्शक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के का जन्मदिन है। हिमाचल में डबल इंजन सरकार ने हिमाचल के विकास की गाथा को नए क्षितिज पर पहुंचाया हैं। केंद्र में मोदी सरकार और हिमाचल में जयराम सरकार ने मिलकर राज्य की समग्र प्रगति को गति देने के लिए बहुत अच्छा काम किया है।

30 साल बाद रामपुर को संस्कृत कोलाज मिला, लंबे समय से चली आ रही इस मांग को भाजपा सरकार ने इस कार्यकाल में पूरा किया लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस ने पिछले 30 वर्षों से केवल इसका सपना देखा था। सपने दिखाना कांग्रेस की पुरानी परंपरा है। कांग्रेस ने राज्य और केंद्र में लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व किया लेकिन राज्य के लिए कुछ नहीं किया, हमारी सरकार ने रामपुर में उप तहसील दी , यह जयराम सरकार की ओर से इस विधानसभा को एक बड़ा तोहफा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस का कल्चर है को वो अपनी बात पर कायम नहीं रहते, वे जो कहते हैं उसे कभी पूरा नहीं करते।
कांग्रेस ने सुनिश्चित किया कि अटल सुरंग पूरी न हो, लेकिन मैं भाजपा सरकार की शुक्रगुजार हूं कि यह ऐतिहासिक सुरंग बनकर तैयार हो गई है और आज यह सुरंग विश्व प्रसिद्ध है।

इन दिनों कांग्रेस नेता कांग्रेस छोड़ रहे हैं और हाल ही में बिलासपुर के रहने वाले कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर ने कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा पेश किया है। राम लाल ठाकुर ने भी माना कि कांग्रेस दिशाहीन और नेतृत्वविहीन है और हिमाचल में इस पार्टी में मुख्यमंत्री के कई सारे उम्मीदवार हैं। वैसे इस घटना से कांग्रेस की स्थिति बिल्कुल साफ है हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजनीति को एक नया दृष्टिकोण दिया है जहां उन्होंने देश की महिलाओं का ध्यान रखा और उन्हें अत्यधिक सम्मान दिया है। नरेंद्र मोदी के भारत का प्रधानमंत्री बनाने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं खुश हैं।
मोदी ने देश को 11 करोड़ और हिमाचल ने 2 लाख से ज्यादा लोगों को शौचालय दिए, कांग्रेस ने इस छोटी सी मांग के बारे में कभी नहीं सोचा। ऐसा करके मोदी ने भारत में महिलाओं की प्रतिष्ठा की रक्षा की है। मोदी ने हमें स्वच्छ भारत अभियान दिया जिसने हमारे राज्य और राष्ट्र की कायाकल्प हुई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमारे आम जनता के स्वास्थ्य के बारे में कभी नहीं सोचा। जब से केंद्र में भाजपा सरकार सत्ता में आई है, 10 करोड़ से अधिक परिवार अब आयुष्मान भारत के तहत आ गए हैं, जहां उन्हें 5 लाख तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और हिमाचल में 4.37 लाख परिवार इस लोकप्रिय योजना के तहत कवर किए गए हैं। जयराम सरकार की बदौलत जो लोग आयुष्मान भारत के दायरे में नहीं थे, वे अब हिमकेयर के दायरे में आ गए हैं।

स्मृति ईरानी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का फर्क पड़ता है और इसका अंतर साफ है। हमने बिलासपुर में एम्स, ऊना में पीजीआई सेंटर, नालागड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क और ऊना में बल्क ड्रग पार्क दिया। कांग्रेस को देखना चाहिए कि डबल इंजन सरकार ने हिमाचल को क्या दिया है। आलोचना करना तो आसान होता है पर तारीफ करना मुश्किल।

भाजपा देश के लोगों के लिए काम कर रही है जबकि कांग्रेस आराम कर रही है। भाजपा गरीबों की सरकार है और हम उनके उत्थान के लिए काम करते हैं। कांग्रेस के सत्ता में वापस आने की कोई गुंजाइश नहीं है। इस अवसर पर मंत्री गोविंद ठाकुर, महिला मोर्चा अध्यक्ष रशीमधर सूद, जिलाध्यक्ष अजय श्याम, अध्यक्ष कौल नेगी, युवराज बोध, अनीता और कुलवीर भी मौजूद थे।