धर्मशाला।। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय और एयरपोर्ट को लेकर जल्द ही घोषणाएं की जाएंगी। उन्होंने संकेत दिए कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर इस साल के अंत तक खबर आ सकती है वहीं सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए मॉडल निर्माण की कार्यवाही शुरू हो चुकी है।
कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए अनुराग ने कहा, “सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मॉडल बनाने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है। 20 दिन के भीतर एजेंसी अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। अगले माह तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए साढ़े तीन सौ से चार सौ करोड़ रुपये हम उपलब्ध करवाएंगे, जिससे उस पर काम शुरू हो सके।”
एयरपोर्ट को लेकर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने कहा, “इस साल के अंत तक धर्मशाला एयरपोर्ट के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी हम देंगे। आने वाला समय धर्मशाला और पूरे हिमाचल के लिए अच्छा होगा और इस एयरपोर्ट का विस्तार सुनिश्चित होगा। वाइडर बॉडी वाले एयरक्राफ्ट यहां पर लैंड हो सकेंगे।”
नई दिल्ली।। देश की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच प्रतिशत रह गई। यह पिछले सात सालों का न्यूनतम स्तर है। विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि उत्पादन की सुस्ती से जीडीपी वृद्धि में यह गिरावट आई है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है।
इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 की अप्रैल- जून अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि दर सबसे निचले स्तर 4.9 प्रतिशत पर रही थी। एक साल पहले 2018-19 की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी। जबकि इससे पिछली तिमाही की यदि बात की जाये तो जनवरी से मार्च 2019 की तिमाही में वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन
सरकार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इस तरह की गिरावट की आशंका जता रहे थे। भारतीय रिजर्व बैंक ने जून में हुई मौद्रिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान सात प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया था। इसके साथ ही केन्द्रीय बैंक ने कुल मांग बढ़ाकर वृद्धि चिंताओं से निपटने पर जोर दिया था।
केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष की पहली छमाही में जीडीपी वृद्धि दर के 5.8 प्रतिशत से 6.6 प्रतिशत और दूसरी छमाही में 7.3 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया है। वर्ष 2019 की अप्रैल-जून अवधि में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही है जो पिछले 27 साल में सबसे कम रही।
धर्मशाला। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर शुक्रवार को धर्मशाला पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को देखें तो भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिस तरह से पीएम मोदी ने 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी 2024-25 तक भारत को बनाने का संकल्प लिया है, हम सब लोग उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
हालांकि शाम होते मायूस करने वाली खबर आई कि भारत की आर्थिक विकास दस पिछले सात सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई। देश की आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच प्रतिशत रह गई।
अनुराग ठाकुर शुक्रवार दोपहर को कांगड़ा एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार निर्णय भी कर रही है और उस पर काम भी कर रही है। अनुराग ने कहा, “संसद सत्र खत्म होने के बाद हमने अलग-अलग सेक्टर के लोगों से मिलकर बात की है, जिनमें इंडस्ट्री, फाइनैंस, इंस्टिट्यूट वाले शामिल थे। इसको लेकर हमने जो कदम उठाने थे, उसकी घोषणा कुछ दिन पहले की है और अगली कुछ घोषणाएं हम जल्द करने वाले हैं।”
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने कहा, “हम इंडस्ट्री, इनकम टैक्स, एक्साइज, कस्टम और जीएसटी अधिकारियों से मिल रहे हैं, हमने सब अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि जो देश के लिए संसाधन जुटाते हैं, जो वेल्थ क्रिएटर हैं, जिनके कारण देश को टैक्स एकत्रित होता है, उनके खिलाफ कोई भी अधिकारी गलत कार्रवाई नहीं करेगा।”
अनुराग ने कहा कि यही संदेश सरकार ऊपर से नीचे तक दे रही है। उन्होंने कहा, “इसके लिए हमने 5 अलग-अलग जोन, राज्यों में बैठकें की हैं और अगले सात स्थानों पर अगले कुछ दिनों जाएंगे।”
धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक सरकारी अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया है। यह अधिकारी धर्मशाला नगर निगम में बतौर जेई तैनात था। स्टेट विजिलेंस ऐंड ऐंटी करप्शन ब्यूरो ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की है।
बताया जा रहा है कि अधिकारी ने दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से एक लाख के साथ उसे गिरफ्तार किया गया है।
एसपी अरुल कुमार ने कहा है, “गिरफ्तार किया गया अधिकारी एक होटल के कंप्लीशन सर्टिफिकेट के एवज में घूस मांग रहा था। रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।”
Update: आखिरकार पुलिस ने सभी एसपी को निर्देश जारी किया है जिसके बाद घटनाओं में कमी आई है। इसलिए, पुलिस को नाम और लिंक सौंपने की योजना हमने त्याग दी है।
पढ़ें क्या कहा है पुलिस ने
बच्चा चोरी की अफवाहों पर आखिरकार हरकत में आई हिमाचल पुलिस।राज्य में बच्चा चोरी की अफवाहों और उसके बाद लोगों से मारपीट…
इन हिमाचल डेस्क।। हिमाचल प्रदेश में बच्चा चोरी की अफवाहें थमने का नाम नहीं ले रही है। कहीं पर मानसिक रोगियों को पीट दिया जा रहा है तो कहीं पर प्रवासी मजदूरों को। कहीं पर मंदिरों के दर्शन करने आए पति-पत्नी को पीट दिया गया तो कहीं पर पर्यटकों को। पुलिस ने अपने चलताऊ से फेसबुक पेजों, जो न वेरिफाइड हैं और न ही उनकी रीच है, वहां पर पोस्ट डालकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है।
मुख्यधारा का मीडिया, जिनमें टीवी और अखबार शामिल हैं, वे भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। मगर चूंकि ये वीडियो और फर्जी पोस्ट डिजिटल प्लैटफॉर्म पर ज्यादा फैल रहे हैं, इसलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी अफवाहों को एक्सपोज करें। समय-समय पर हिमाचल में फैलने वाली अफवाहों की हमने कमर तोड़ी है। चाहे वो आसमान में हुए रहस्यमय धमाके की हो या फिर चोटी काटने के नाम पर फैले मास हिस्टीरिया की। शिमला के बलग में खुद को शिव अवतार बताने वाले बच्चों को भी हमारे अभियान के कारण ही डॉक्टरी मदद मिल पाई थी। इस बार भी हम अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
हमने बार-बार अपने मंच के माध्यम से लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएं, कहीं से किसी का भी बच्चा चोरी नहीं हुआ है। हमने पुलिस से गुजारिश की अपने मंच से कि वह अभियान चलाए, बयान जारी करे कि लोग कानून अपने हाथ में न लें। मगर शिमला, कुल्लू, मंडी, पालमपुर, बैजनाथ, कांगड़ा, जोगिंदर नगर, फतेहपुर, सरकाघाट- न जाने कितनी जगह लोगों ने बेगुनाहों को पीट दिया गया। जिन थाने में फोन किया, वे कहते कि हमारे यहां से तो कोई बच्चा चोरी नहीं हुआ।
कुछ लोग अन्य राज्यों के वीडियो यहां शेयर कर रहे हैं। कुछ ने ऐसे वीडियो भी शेयर किए हैं जिनमें मां किसी कारण बच्चे को लेकर परेशान है तो उसे भी यह करकर शेयर कर दिया गया कि फलाणी जगह बच्चा चोरी हो गया। बच्चा किसका चोरी हुआ, कोई नहीं जानता। अगर किसी का बच्चा घर से भाग जाए तो उसका भी शक उन बच्चा चोरों पर, जिन्हें किसी ने नहीं देखा। ये हालत है कि अगर किसी दिन वाकई किसी के बच्चे के अपहरण हो जाएगा तो लोग यकीन नहीं करेंगे। भेड़िये और गड़रिये वाली कहानी तो सुनी ही होगी।
यह सिलसिला तबसे शुरू हुआ है, जब कुछ लोगों ने भीड़ इकट्ठा करके कुछ लोगों को धर्म, क्षेत्र के नाम पर पीट दिया था झूठे आरोपों में। पुलिस ने तब भी इस भीड़ के उस्तादों पर कार्रवाई नहीं की थी और हिमाचल में इतने सारे मामले हो गए बेकसूरों को पीटने के, और अब भी एक भी हुड़दंगी पर मामला नहीं चला। इससे भीड़ की हिम्मत बढ़ गई।
अगर पुलिस बेकसूरों की धुनाई करने वालों को पकड़ती तो यह नौबत ही न आती। अगर सोशल मीडिया पर हम यानी इन हिमाचल टीम के सदस्य इतने सारे अफवाहों वाले वीडियो देख सकते हैं तो पुलिस को क्यों नहीं दिखते? साइबर सेल का क्या काम है? कुछ पुलिसकर्मी भी फेसबुक पर ऐसे वीडियो शेयर करते नजर आ रहे हैं जिन्हें प्रामाणिक नहीं कहा जा सकता।
इस तरह का कॉन्टेंट शेयर करने वाले ये नहीं सोचते कि कल को वे भी फंस सकते हैं या उनका परिजन फंस सकता है। गाजियाबाद में एक महिला को इसलिए पीट दिया गया क्योंकि उसका पोता गोरा था। कल आपकी मां के साथ भी ऐसा ही हो सकता है।
हम तो किसी पर कार्रवाई कर नहीं सकते। कार्रवाई करना पुलिस का काम है। मगर फिर भी, हम अब लिस्ट बनाने जा रहे हैं जिसके तहत जो कोई आधी-अधूरी जानकारी के बच्चा चोरी को लेकर भ्रामक पोस्ट शेयर करेगा, उसकी आईडी, स्क्रीनशॉट, पोस्ट का लिंक सेव किया जाएगा। इसके साथ ही कहीं पर लोगों की पिटाई का वीडियो, फेसबुक लाइव करने वालों की भी जानकारी इकट्ठा की जाएगी ताकि उसे हिमाचल पुलिस को सौंपा जाए।
बतौर नागिरक, यह हमारा काम होगा। आगे का काम पुलिस का होगा जिसकी जिम्मेदारी घटना हो जाने के बाद ही कोई ऐक्शन लेना नहीं बल्कि प्रिवेंटिव मेज़र्स यानी एहतियाती कदम उठाना भी है। आप यानी हिमाचल प्रदेश वासी भी इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। व्हाट्सएप ग्रुपों के अंदर क्या हो रहा है, इसे हम नहीं देख सकते। मगर फेसबुक पर ऐसे कॉन्टेंट को पकड़ना बेहद आसान है। अगर आपकोभी कोई अफवाह वाला या आधी-अधूरी जानकारी वाला पोस्ट या वीडियो दिखे तो हमारे फेसबुक पेज पर मेसेज करें या inhimachal.in @gmail.com पर ईमेल करें।
शिमला।। मनाली और बाहरी राज्यों के वॉल्वो ऑपरेटरों में झगड़े की खबरों के बीच दिल्ली से मनाली आ रही HRTC वॉल्वो पर हरियाणा के पानीपत में फायरिंग की खबर है।
पानीपत में फ्लाइओवर पर सफेद बोलेरो पर सवार हमलावरों ने किया फायर, टोल तक किया पीछा। सस्ती अवैध बसों के कारण इस सरकारी बस में सवार थे मात्र 13 यात्री। ताजा मामले की जांच जारी, पानीपत पुलिस ने दर्ज किया है मामला।
हाल ही में बाहरी राज्यों के अवैध वॉल्वो ऑपरेटरों ने मनाली के अवैध ऑपरेटरों की बसों को हरियाणा में ही कर दिया था गायब। उससे पहले मनाली के ऑपरेटरों ने रोकी थीं बाहरी बसें।
हालांकि जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि हमलावर कौन थे और इस घटना का निजी ऑपरेटर विवाद से सम्बन्ध है या नहीं।
शिमला।। ट्रांसपोर्ट माफिया में गैंगवॉर-
चिंता न करें, यह हेडलाइन काल्पनिक है मगर हालात देखकर लगता है कि वह दिन दूर नहीं जह ऐसी ही सुर्खियां नजर आएंगी। अवैध ढंग से टूरिस्ट परमिट वाली वॉल्वों बसों को फिक्स्ड रूट पर चलाने वाले ट्रांसपोर्टरों पर सरकार तो लगाम लगा नहीं पा रही। ऐसे में अब निजी ट्रांसपोर्टरों में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने की होड़ शुरू हो गई है। इतनी अवैध बसें हिमाचल और दिल्ली के रूटों पर दौड़ने लगी हैैं कि अब कंपीटीशन के कारण उनका किराया कम होने लगा है। इस कारण अब हिमाचल के और बाहरी राज्यों के ऑपरेटरों के बीच जंग जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
क्या है मामला
मनाली के निजी वॉल्वो ऑपरेटरों की कुछ बसें हाल ही में हरियाणा में रोक दी गई थीं। यात्रियों को बीच में ही उतारकर बसों को अज्ञात जगह ले जाया गया था। पता चला कि इन बसों को अन्य राज्यों के बस ऑपरेटरों ने रोक दिया था। किसलिए? दरअसल कुछ दिन पहले मनाली वॉल्वो एसोसिएशन वालों ने बाहरी राज्यों के ऑपरेटरों की बसों को मनाली में रोक दिया था। इसलिए कि वे 400-500 रुपये में सवारियों को मनाली से दिल्ली ले जा रहे थे जबकि मनाली के वॉल्वो ऑपरेटरों की बसें खाली थीं। यानी बदले की कार्रवाई की गई थी इनपर।
अब सोचिए, मनाली के ऑपरेटरों को यह चिंता होने लगी कि उनकी बसें खाली जा रही हैं क्योंकि बाहर के ऑपरेटर सस्ते में ले जा रहे हैं। मगर हमारी एचआरटीसी को यह चिंता कभी नहीं हुई कि सभी अवैध वॉल्वो बसें बेहद कम दाम में सवारियां ढो रही हैं और इससे हमें घाटा हो रहा है। उल्टा जब यह विवाद उठा तो परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर का बयान एक अखबार में छपा, “मामला ध्यान में आया है। एसोसिएशन की सरकार पूरी मदद करेगी। ऑपरेटरों के बीच पनपा विवाद भी सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।”
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर
यह तो ऐसी बात हो गई कि मुंबई पुलिस दाऊद और छोटा राजन गैंग पर अंकुश न लगाए और दोनों गैंगों के बीच झगड़ा हो तो कहे- दाऊद और छोटा राजन के बीच सुलह करवाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इस बीच खबर आई है कि दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई है और विवादों को निपटाने के लिए उनके बीच चंडीगढ़ में बैठक होगी। यानी अब अवैध कारोबारी बैठक में चर्चा करेंगे कि कैसे सरकारों को चूना लगाना है, बिना झगड़ा किए। जैसे फिल्मों में दिखता है कि भाई लोग कैसे इलाके बांट लिया करते हैं।
परिवहन मंत्री के इलाके में भी चल रहा खेल।
वैसे सरकार को तो चाहिए कि बाहरी-हिमाचली दोनों के अवैध धंधे को बंद करे क्योंकि इनके पास न तो फिक्स्ड रूट का परमिट है और न ये लोग सरकार को टैक्स देते हैं। परिवहन मंत्री के चुनावक्षेत्र मनाली से कई बाहरी-हिमाचली ऑपरेटरों की वॉल्वो बसें सरकार को बिना टैक्स दिए चल रही हैं मगर उनका विभाग इसपर कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा। चूंकि कई अवैध वॉल्वो ऑपरेटर मंत्री जी के ही चुनाव क्षेत्र से है ऐसे में लोगों के बीच चर्चा होने लगी है कि शायद इसी कारण वह इनके खिलाफ सख्ती नहीं बरत पा रहे।
अगर यह सिलसिला जारी रहा तो उनके परिवहन मंत्री के पद पर होने को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं क्योंकि यह नैतिक रूप से हितों के टकराव जैसी ही स्थिति है। उनकी जवाबदेही इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि एचआरटीसी को मुनाफे में लाना उन्हीं की जिम्मेदारी है। और यह काम अवैध वॉल्वो पर लगाम लगाए बिना तो संभव नहीं दिखता। ऐसा इसलिए क्योंकि नियम कायदों से चलने वाली सरकारी वॉल्वो कैसे इन अवैध वॉल्वो से मुकाबला कर सकती है?
29 अगस्त को मनाली-दिल्ली रूट की निजी बसों का किराया (रेडबस)
एक निजी ऑपरेटर 618 रुपये में वॉल्वो में मनाली से दिल्ली ले जा रहा है वहीं एचआरटीसी वॉल्वो इसी के लिए 1678 रुपये ले रही है।
29 अगस्त को मनाली-दिल्ली रूट पर सरकारी बस का किराया (HRTC)
ऊपर देखिए, सरकारी और निजी बसों के किराये में 1000 रुपये से ज्यादा का फर्क है। कोई मनाली में अवैध रूप से उपलब्ध चरस-गांजा पीकर आया हो, तभी वह 618 के बजाय 1678 रुपये वाली बस लेना चाहेगा। जनता को सुविधा से मतलब है। जब सबकुछ खुलेआम हो रहा हो, लंबे समय से हो रहा हो, इंटरनेट पर बुकिंग की जा सकती हो तो जनता कैसे सोचेगी कि कौन सा काम वैध है कौन सा अवैध। लोग तो सीधा सवाल करते हैं कि एक ओर जहां से प्राइवेट ऑपरेटर सस्ते से सस्ता टिकट बेच रहे हैं, वहीं एचआरटीसी वॉल्वो का किराया क्यों बढ़ाना पड़ रहा है?
एचआरटीसी की वॉल्वो बस
क्या करती हैं अवैध वॉल्वो
दरअसल ये अवैध बसें टूरिस्ट परमिट वाली हैं और ये ग्रुप बुकिंग ही करवा सकती हैं। यानी अगर आपके कॉलेज, स्कूल, कंपनी या परिवार के सदस्यों को एकसाथ कहीं घूमने जाना है तो इन बसों को बुक करवाया जा सकता है। मगर ये बसें किन्हीं दो स्थानों के बीच में तय समय ऐसे पर चल रही हैं, मानों इन्हें इसका रूट परमिट मिला हो। जबकि ये ऐसा नहीं कर सकतीं और ऐसा करना अवैध है। यानी ये बसें दिल्ली से धर्मशाला या मनाली के लिए किसी ग्रुप को तभी ला सकती हैं, जब वह ग्रुप इन्हें बुक करे। ऐसा नहीं कि ये रोज शाम आठ या नौ बजे चलें और सवारियों से टिकट लें।
अब इस तरह से ये बसें न सिर्फ कानून तोड़ रही हैं बल्कि एचआरटीसी और अन्य राज्यों के परिवहन निगमों को भी चूना लगा रही हैं, क्योंकि ये सरकारी लग्जरी बसों की तुलना में कम किराया वसूलती हैं। और लोगों को तो वैसे भी कम किराया सुविधाजनक होता है। मगर ये कम किराया इसलिए वसूलती हैं क्योंकि ये टैक्स की चोरी करती हैं। ये जिन-जिन राज्यों से होकर परमानेंट रूट चला रही हैं, उन्हें टैक्स नहीं देतीं। इसीलिए इनका किराया सस्ता होता है।
इसे आप इस तरह समझ सकते हैं कि हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की कोई बस दिल्ली तक जाती है तो उसमें प्रति सवारी टिकट के हिसाब से राज्यों को टैक्स देना होता है। आपने टिकट देखा भी होगा, उसमें लिखा होता है- पंजाब टैक्स, हरियाणा टैक्स, दिल्ली टैक्स। ये आपके टिकट पर लगने वाला वह टैक्स होता है, जो एचआरटीसी को इन राज्यों को देना होता है। अब इस कारण वैध सरकारी वॉल्वो बसों और अवैध प्राइवेट वॉल्वो बसों के किराए में भारी अंतर आ जाता है। अब अगर आप ग्राहक हैं तो आप तो चाहेंगे कि एक जैसी सुविधा वाली यात्रा कम किराए पर हो। तो आप स्वाभाविक तौर पर अवैध प्राइवेट बसों से जाएंगे और अपने आप सरकारी बस घाटे में चली जाएगी।
नियमों से चलने वाली सरकारी बसों को होता है नुकसान
क्या किया जाना चाहिए
अगर आपको मनाली से दिल्ली जाना हो और वह भी वॉल्वो बस में तो आप महंगा टिकट लेना चाहेंगे या सस्ता? जाहिर है, यह सवाल ही बेवकूफाना है क्योंकि हर कोई चाहेगा कि वह कम से कम पैसा खर्च करके अच्छी बस से आराम से सफर करे। मगर शायद यह बात हिमाचल सरकार की समझ में नहीं आ रही है या शायद सरकार में बैठे कुछ लोग समझना नहीं चाह रहे। इसीलिए वे एक तरफ तो सरकारी वॉल्वो बसों का किराया बढ़ाते चले जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध ढंग से चल रही निजी वॉल्वो बसों पर लगाम भी नहीं कस रहे। बहाना- मामला टूरिजम का है, ये बसें रोक दी जाएंगी तो टूरिस्ट्स को दिक्कत होगी।
मगर यह तर्क हास्यास्पद है क्योंकि जब आपको पता है कि टूरिस्ट बड़ी संख्या में इन बसों को इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप अवैध बसों को बंद करके अपनी और बसें उतार सकते हैं। इससे आपके टिकट भी सस्ते होंगे और राजस्व भी बढ़ेगा। दूसरा विकल्प यह है कि आप अवैध ढंग से चल रही बसों को ही रेग्युलराइज़ करने के लिए कोई नीति बनाएं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली- चारों राज्य तय करें कि कैसे इन अवैध बसों से टैक्स वसूला जाए और इन्हें फिक्स्ड रूट्स की परमिट दी जाए। इससे भी आपको ही फायदा होगा। कुछ न मिलने से बेहतर है कि कुछ तो राजस्व टैक्स के रूप में मिले आपको।
लेकिन नहीं, शायद इससे कुछ लोगों के हित प्रभावित हो जाते हैं जिनकी अपनी बसें या करीबियों की बसें इसी तरह से अवैध ढंग से बिना टैक्स दिए सड़कों पर दौड़ रही हैं और सरकारी बसों को चूना लग रहा है। कुल्लू-मनाली से बड़ी मात्रा में चरस-गांजा और नशीले पदार्थ की तस्करी होती है। इस रूट पर जब इतनी बड़ी बसों को ही पकड़ा नहीं जा रहा तो आप भूल जाइए कि कुछ ग्राम चरस-गांजा या चिट्टा पकड़ लिया जाएगा। इसी तरह बीड़, पालमपुर, कांगड़ा, धर्मशाला और शिमला से भी असंख्य वॉल्वो चल रही हैं जो हिमाचल सरकार और एचआरटीसी दोनों को चूना लगा रही हैं मगर किसी को फिक्र नहीं है।
कांगड़ा।। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री चामुंडा मंदिर में स्थित संस्कृत महाविद्यालय के छात्र पर दो अज्ञात नकाबपोशों द्वारा हमला करके बाजू ओर छाती में चीरा लगाने की खबर फर्जी निकली है। पुलिस ने पाया कि छात्र ने खुद ही ये ब्लेड की मदद से खुद को ये घाव दे दिए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संस्कृत महाविद्यालय का छात्र अनिकेत सपुत्र श्री राज कुमार शर्मा, निवासी भवारना इन दिनों बडोई में प्राइवेट कमरा लेकर अपनी पदाई कर रहा है। अनिकेत का दावा था कि मंगलवार सुबह रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए तैयार हुआ परन्तु थोड़ा लेट हो जाने के कारण जल्दी जल्दी पर्यटन विभाग के होटल के साथ लगती सीढ़ियों से कॉलेज जाने लगा।
लड़के का कहना था कि वहां खड़े दो नकाबपोशों ने उसे पकड़ लिया ओर उसका मुंह बंद करके ब्लेड से बाजू ओर छाती कट मार दिए। लड़के का दावा था, “छटपटाने से मैं उनकी गिरफ्त से छूट गया। उन्होंने मेरा पीछा भी किया परन्तु मैं उनके हाथ नहीं आया ओर वापस अपने कमरे में भाग आया। फिर मैंने घटना की जानकरी अपने मकान मालिकों को दी। उन्होंने इसकी सूचना गांव की प्रधान प्रधान मधु बाला को दी।”
यह खबर फैलने के कारण आसपास के लोग इकट्ठे हो गए ओर अनिकेत के घर सूचित कर उनको भी बुलाया गया। प्रधान और अनिकेत के भाई की मौजूदगी में स्थानीय लोगों ने उससे पूछ्ताछ की। उसके मोबाइल कवर और कमरे की तलाशी लेने पर दो ब्लेड प्राप्त हुए। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर अनिकेत ने कबूल किया कि यह सारे कट ब्लेड से उसी ने बनाए हैं।
वजह के बारे में अनिकेत ने बताया,”मैं यहां शास्त्री नहीं करना चाहता हूँ परन्तु घरवालों ने मुझे जबरदस्ती यहाँ पर भेज दिया है। इसलिए मुझे यह रास्ता अपनाना पड़ा।”
कुल्लू।। बंजार अंतरंग वीडियो मामले में पुलिस ने वाइरल हुए वीडियो में दिख रहे महिला और पुरुष के साथ-साथ पुरुष की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
फरेंसिक लैब की रिपोर्ट के आधार पुलिस ने यह कार्रवाई की है। मिटाए गए साक्ष्यों को रिकवर करके उनका विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
मामले में संलिप्त तीन मुख्य अभियुक्तों को आपत्तिजनक वीडियो बनाने, आपस में शेयर करने व सार्वजनिक करने के जुर्म में संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे शख्स की पत्नी ने कथित तौर पर गुस्से में आकर यह वीडियो शेयर कर दिया था। वह पति का संबंध अन्य महिला से होने से परेशान थी।
शिमला।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि धारा 118 को न तो खत्म किया जाएगा और न ही इसमें संशोधन किया जाएगा। सीएम ने सोमवार को विधानसभा में इस विषय से जुड़े सवाल का जवाब दिया।
हिमाचल के पूर्व सीएम और अर्की से कांग्रेस के विधायक वीरभद्र सिंह ने प्रश्न किया था कि क्या सरकार ‘हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118’ में संशोधन करने या इसे समाप्त करने का विचार कर रही है।
सवाल का दूसरा हिस्सा था- यदि हां तो क्या इससे प्रदेश के लोगों के हितों को नुकसान होगा? इसमें संशोधन करने से प्रदेश सरकार और हिमाचल के लोगों को क्या फायदा होने की संभावना है, ब्योरा दें।
इसके लिखित जवाब में सीएम ने कहा- जी नहीं। सवाल के दूसरे हिस्से के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से लिखा गया था- इसका प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।