जयराम ठाकुर ने आखिरी वक्त में बागियों से ऐसे जीते धर्मशाला और पच्छाद

इन हिमाचल डेस्क।। हिमाचल प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली है। पच्छाद और धर्मशाला सीटें इसी साल लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई थीं। पच्छाद के विधायक रहे सुरेश कश्यप शिमला से सांसद बन गए हैं और धर्मशाला के एमएलए रहे किशन कपूर कांगड़ा के एमपी हैं। दोनों सीटें बीजेपी की थीं, इसलिए बीजेपी को स्वाभाविक अडवांटेज मिलना चाहिए था। मगर ऐसा हुआ नहीं। दोनों ही सीटों पर मामला ऐसा पेचीदा हो गया कि बीजेपी के कैंडिडेट जीत बेशक गए मगर कड़े संघर्ष के बाद।

पच्छाद में भाजपा के बागी ने 22 फीसदी जबकि धर्मशाला वाले ने 32 फीसदी वोट लिए। त्रिकोणीय मुकाबले के बावजूद भाजपा प्रत्याशियों की जीत को जयराम ठाकुर की उपलब्धि माना जा रहा है। इन उपचुनावों को उनके अब तक के कार्यकाल का लिटमस टेस्ट कहा जा रहा था। विश्लेषकों का मानना है कि इसमें जयराम लोकसभा चुनावों की तरह ही सफल रहे हैं।

ये चुनाव इसलिए भी खास रहे कि बीजेपी ने नए और युवा चेहरों को उतारा था। दोनों ही सीटों पर कई बड़े नेता अपने करीबियों को टिकट दिलवाना चाहते थे मगर आवंटन में जयराम की ही चली। फिर इन्हीं नेताओं में से कुछ ने कथित तौर पर अपने करीबियों की मदद से भाजपा के उम्मीदवारों के खिलाफ काम किया मगर उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। इन चुनावों में अपने प्रत्याशियों की जीत को भाजपा जयराम ठाकुर की साफ छवि और अब तक के शानदार काम का परिणाम बता रही है।

प्रबंधन में भी सफल
पच्छाद में बीजेपी की बागी दयाल प्यारी ने पार्टी की नाक में दम कर दिया था। पहले उन्होंने टिकट न मिलने पर असंतोष जताया, निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कहीं, फिर उनके मान जाने की खबर आई और आखिकार उन्होंने हर हाल में चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया। अब बीजेपी की ओर से मैदान में थीं- रीना कश्यप। कांग्रेस से मैदान में थे पूर्व विधायक और क्षेत्र के पुराने नेता गंगू राम मुसाफिर। लेकिन दयाल प्यारी के भी मैदान में उतरते ही मामला त्रिकोणीय हो गया।

भाजपा की ओर इस चुनाव का जिम्मा आईपीएच मिनिस्टर महेंद्र ठाकुर को सौंपा गया था। राजीव बिंदल भी यहां सक्रिय थे। मगर वे दयाल प्यारी को मनाने में नाकाम रहे थे। उल्टा मीडिया में यह खबर फैल गई कि मंत्री के दबाव के कारण ही दयाल प्यारी बीच में नामांकन वापस लेने को तैयार हुई थीं। लेकिन जब नामांकन वापस नहीं लिया, खुद सीएम जयराम को मोर्चा संभालना पड़ा। उधर, नाराज चल रहे आशीष सिक्टा भी आखिरकार मान गए।

सीएम जयराम ने खुद पच्छाद के ओपिनियन लीडर्स को साधा। दयाल प्यारी के समर्थन में सहानभूति के कारण पाला बदल रहे अहम कार्यकर्ताओं को समझाने से लेकर जयराम ने कांग्रेस के पाले से भी लोगों को भाजपा के पक्ष में किया। सूत्रों का कहना है कि भाजपा की प्रत्याशी की जीत में अहम योगदान उन वोटरों का है जो पहले कांग्रेस के पारंपरिक वोटर रहे थे। मगर सीएम ने क्षेत्र में अपने लोकप्रिय संपर्क सूत्रों की मदद से उन्हें बीजेपी के पक्ष में वोट करवाने में सफल रहे।

दयाल प्यारी

धर्मशाला
धर्मशाला में भी इस बार हालात खराब थे। किशन कपूर को 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बहूत मुश्किल से टिकट मिला था और फिर मंत्री पद के लिए भी उन्हें कथित तौर पर शांता कुमार और अन्य से मदद लेनी पड़ी रही। जब 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें कांगड़ा से प्रत्याशी बनाया, वह राजी तो हो गए मगर माना जा रहा था कि इससे वह खुश नहीं थे। सांसद बन जाने के बाद उनकी कोशिश थी कि उपचुनाव में टिकट उनके परिवार में मिले और इसके संकेत भी मिले थे। मगर विश्लेषकों का मानना है कि विशाल नैहरिया को बीजेपी का टिकट मिला तो किशन कपूर ने उस तरह से समर्थन नहीं दिया, जिस तरह एक सीनियर नेता से उम्मीद की जाती है।

किशन कपूर ने भले खुलकर नैहरिया का विरोध नहीं किया मगर आलाकमान को रिपोर्ट मिल गई कि धर्मशाला में क्या हो रहा है। यहां स्वास्थ्य मंत्री बिपिन सिंह परमार मोर्चा संभाले हुए थे। इस बीच किशन कपूर की बेटी ने फेसबुक पर नैहरिया को अनपढ़ कहा था और आलोचना की थी। इसके स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुए। इससे पहले उन्होंने उस वक़्त नाम लिए बिना सीएम पर भी निशाना साधा था, जब किशन कपूर पर एबीवीपी के छात्रों से कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। इससे पता चला कि किशन कपूर के समर्थकों के बीच किस तरह का संदेश जा रहा है।

बीजेपी आराम से धर्मशाला वाला चुनाव जीत सकती थी क्योंकि सुधीर खुद कांग्रेस की ओर से चुनाव नहीं लड़ रहे थे और कांग्रेस के नए प्रत्याशी को लेकर उनका समर्थन वैसा ही था, जैसे नैहरिया को कपूर का। उधर यहां भी मामला त्रिकोणीय हो गया क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार राकेश चौधरी भी तेजी से अपने समुदाय के वोटों के दम पर ताल ठोक रहे थे। ऐसे में फिर सीएम ने यहां राजनीतिक प्रबंधन किया। सूत्र बताते हैं कि आसपास की सीटों के प्रभावशाली नेताओं के माध्यम से उन्होंने चौधरी-गद्दी कॉम्बिनेशन बनाया। अगर रातोरात यह प्रबंधन न हुआ होता तो कांग्रेस-बीजेपी दोनों के प्रत्याशी भितरघात में फंस जाते और बाजी मार लेता निर्दलीय। निर्दलीय उम्मीदवार राकेश दूसरे नम्बर रहे हैं जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार विजय इंद्र करण जमानत भी नहीं बचा पाए।

ध्यान देने की बात है कि पच्छाद में रीना मात्र 2742 वोटों और धर्मशाला में विशाल ने 6758 वोटों से जीत हासिल की है। अगर आखिरी लम्हों पर सीएम खुद सक्रिय न होते तो परिणाम इसके उलट भी हो सकते थे। यह स्थिति सीएम के साथ साथ भाजपा के लिए भी असहज करती क्योंकि वोट 370 और मोदी के नाम पर भी मांगे गए थे।

जब पूरा प्रदेश ‘चरसीवाल’ बना है तो भांग की खेती लीगल क्यों न हो?

तरुण गोयल।। हिमाचल पुलिस की रिपोर्ट कहती है कि 2011 से लेकर 2017 तक हिमाचल में Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS) में 4037 लोग पकड़े गए.

हर साल औसतन 576 बन्दे और हर रोज डेढ़ आदमी NDPS में अंदर जा रहा है.चंबा, कुल्लू, मनाली, पार्वती घाटी में तो छोटे-छोटे पाब्लो एस्कोबार घूम रहे हैं. नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट कहती है कि अकेले 2016 में 7 अंडरएज लड़के (juveniles) और 5 फिरंगी NDPS में धरे गए.

2016 में NDPS में पूरे देश मे दर्ज हुए मामलों में हिमाचल ने 9th रैंक प्राप्त किया (930 मामले), और तो और 2016 में NDPS के मामलों में हिमाचल ने बिहार और गोआ जैसे महारथियों को भी पीछे छोड़ दिया.

अगर अखबारों पर नजर डालें, तो सिर्फ गूगल के पहले पेज से ये खबरें हमें मिलती हैं-

  • 22 October 2019, News 18 Hindi: कुल्लू में प्यारेलाल और भूपेंद्र 5 बीघा जमीन में चरस उगाने के जुर्म में NDPS में पाए गए
  • 21 October 2019, जागरण: सुनील कुमार फ्रॉम धर्मशाला 4 साल के लिए अन्दर गए, जुर्माना न दे पाने के चककर में एक साल और बोनस मिलेगा
  • 19 October 2019, News18 Hindi: बजौरा नाके से मुम्बई निवासी, 25 वर्षीय प्रणब मोरे 900 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए
  • चुराह में बशीर मोहम्मद एंड सन्स ने चरस पकड़ने आई SIU (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट) को ही पेल दिया

और इससे पहले कि कुल्लू और चुराह वाले मुझपर तलवार लेकर चढ़ जाएं, एक रिपोर्ट सुन्दरनगर से भी-

  • 13 October 2019, पंजाब केसरी: सुंदरनगर में राकेश एंड सुरेश चरस के साथ पकड़े गए

जब पूरा प्रदेश चरसीवाल बना घूम रहा है तो क्यों न चरस की खेती को ही लीगल कर दिया जाए? हाल ही के सालों में Hemp Business एक जबरदस्त business opportunity बन के उभरा है (मेरे पास Hemp से बना एक कुर्ता भी है)

कपड़ा बनाओ, दवाई बनाओ, और जब मन करे तो थोड़ा पी भी जाओ.

हिमाचल को मालामाल कर सकती हैं इंडस्ट्रियल भांग की खेती

I hope the state government finds a constructive, a way out at least for medicinal use of cannabis in the upcoming Rising Himachal Summit.

आपका क्या विचार है? (कृप्या सोच समझ कर जवाब लिखें, क्योंकि अकेले 2016 में 23 लोग IT act में भी पेले गए हैं, और एक आदमी पर देशद्रोह का चार्ज लगा है, फेसबुकिए विद्वान ध्यान देवें)

हिमाचल को मालामाल कर सकती हैं इंडस्ट्रियल भांग की खेती

(लेखक ट्रैवल ब्लॉगर हैं और हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर भी चुटीली टिप्पणियां करते रहते हैं। यह लेख उनकी फेसबुक टाइमलाइन पर भी प्रकाशित हुआ है)

ये लेखक के निजी विचार हैं।

‘बूटी’ को लेकर आखिर क्यों बदल रही है पूरी दुनिया की सोच

HPCA के वीडियो एनालिस्ट समेत तीन युवक हेरोइन के साथ गिरफ्तार

कांगड़ा।। डमटाल पुलिस ने हिमाचल प्रदेशन क्रिकेट असोसिएशन के वीडियो एनालिस्ट समेत तीन युवकों को हेरोइन संग गिरफ्तार करने का दावा किया है। ये युवक सूरजपुर के पास संगेड पुल के पास कार से जा रहे थे जहां नाके पर पुलिस ने उन्हें पकड़ा।

डीएसपी विशाल वर्मा टीम के साथ गाड़ियों की चेकिंग कर रहे थे। एचपी 33 0054 नम्बर की गाड़ी जब रोकी गई तो उसमें तीन युवक थे। 7.40 ग्राम हेरोइन बरामद होने के बाद तीनों युवकों को अरेस्ट कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि गाड़ी बिशप सेन के नाम पंजीकृत है जो गाड़ी पर सवार था। शिमला के टुटू के रहने वाले इस युवक के पास HPCA की रणजी टीम के लिए 2019-20 का वीडियो एनालिस्ट होने का कार्ड मिला। HPCA की वेबसाइट पर भी युवक की यही पहचान बताई गई है। फेसबुक पर उसकी अनुराग ठाकुर, सौरव गांगुली समेत अन्य हस्तियों के साथ फोटो भी हैं।

अन्य युवकों की पहचान रमन (बड़ोल गांव) और विक्रम नारायण (दाड़ी) के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस ऐक्ट के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

स्पेशल इफेक्ट वाले वीडियो से भ्रम फैला रहा पंजाब केसरी हिमाचल

शिमला।। अखबारों का काम होता है झूठ से पर्दा उठाना, भ्रम दूर करना और लोगों को जागरूक करना। मगर पंजाब केसरी के हिमाचल वाले फेसबुक पेज ने यूट्यूब से एक वीडियो उठाकर शेयर कर दिया है और लिखा है ‘अगर आप नहीं करते ‘रहस्यमयी शक्तियों’ में यकीन तो आपके लिए है ये वीडियो।’

वीडियो में सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड फुटेज से छेड़छाड़ की गई है। इसमें कहीं गाड़ियां गुब्बारे की तरह हवा में उड़ रही हैं तो कहीं धुंधली सी आकृति किसी को गिरा रही है। वीडियो में दोबारा लिखा है- अगर कैमरे में कैद नहीं होतीं ये तस्वीरें तो नहीं करता कोई ‘विश्वास’ (वीडियो बॉटम पर है)

बाबाओं के भ्रामक विज्ञापनों से सीधे भ्रामक वीडियो शेयर करने तक

ये मामूली वीडियो इफेक्ट जिन्हें आजकल बच्चे टिकटोक वीडियो में भी लगा रहे हैं, उन्हें ‘रहस्मय शक्ति’ बताकर अखबार ने व्यूज बटोरने के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश की है। हर आदमी इस समझ का नहीं होता कि वह समझ जाए कि वीडियो असली हैं नकली। ऐसे में अखबार और पोर्टल उसके लिए ज्ञान का स्रोत होते हैं।

मगर यही अखबार अगर भ्रम फैलाएं तो किससे उम्मीद रखें? अगर इस रोचक वीडियो को मनोरंजन के लिए शेयर करना ही था तो वायरल वीडियो बोलकर बचा जा सकता था। मगर अखबार ने ऐसे शीर्षक इस्तेमाल किये हैं जैसे वाकई ये घटनाएं हुई हों और इनके पीछे रहस्यमय शक्ति हो। सिर्फ कुछ शब्दों को कोट कर देने से ( ‘ ‘ के बीच रख देने से) वे अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

देखें- कैसे भ्रम फैला रहा है अखबार:

अगर आप नहीं करते 'रहस्यमयी शक्तियों' में यकीन, तो आपके लिए है ये वीडियो#CCTV #Ghostincctv #Punjabkesari

Punjab Kesari / Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶುಕ್ರವಾರ, ಅಕ್ಟೋಬರ್ 18, 2019

मिलिए, शिमला में तेंदुए के जबड़े से छूटे ‘वायरल वीडियो वाले’ जैकी से

शिमला।। कुछ समय पहले शिमला के शनान का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक तेंदुए ने घर के बाहर सो रहे कुत्ते को उठा लिया था। सीसीटीवी में कैद यह घटनाक्रम पूरे देश ने वायरल वीडियो के माध्यम से देखा।

चुपके से सीढ़ियों से चढ़कर आया तेंदुआ काफी देर तक एक फुट से भी कम की दूरी से कुत्ते को सोता हुआ देखता रहा था और बाद में उसे दबोचकर भाग गया था। शोर सुनकर घर वाले बाहर निकले थे मगर देर हो गई थी।

इसके बाद हर कोई पूछ रहा था कि कुत्ते का क्या हुआ। क्या वह बच पाया या नहीं। इस बीच अच्छी खबर ये है कि वह कुत्ता बच गया है और एकदम ठीक है। ‘हिमाचल वॉचर‘ ने इसकी जानकारी दी है और इसका वीडियो भी जारी किया है।

Image: Himachal Watcher

जैकी लेब्राडोर है। दिनभर खेलने के बाद निश्चिंत होकर सोए जैकी को आभास नहीं रहा होगा कि उसे घर के अंदरूनी भाग में भी कोई खतरा हो सकता है। साथ ही तेंदुए इतनी शांति से, बिना कोई आवाज किए आपके करीब पहुंच सकते हैं कि आपको पता तक न चले। इसी कारण जैकी को काफी देर पता नहीं चला कि तेंदुआ उसके सिर पर खड़ा है।

उसे तेंदुए के तीखे दांतों और नाखूनों से जख्म आए हैं मगर गले के पास कोई चोट नहीं है। दरअसल तेंदुआ काफी देर से सोए हुए जैकी का गला ढूंढने की कोशिश कर रहा था। दुबककर सोए जैकी ने जैसे ही हरकत की, तेंदुए ने उसे दबोच लिया था।

वीडियो में दिखता है कि दरवाजा खुलने से कुछ ही सेकंड पहले तेंदुआ जैकी को लेकर भाग जाता है। दरअसल वह अंदर से घरवालों के जगने की आवाज से भागा और जैकी को सही से अपनी गिरफ्त में नहीं ले पाया। जब दवाजा खोलकर घरवाले पीछे भागे तो तेंदुए की पकड़ ढीली हुई और जैकी उसके चंगुल से भाग निकला। ये रहा ताजा वीडियो-

अधिक जानकारी आप हिमाचल वॉचर की वेबसाइट‘ पर जाकर ले सकते हैं।

पालमपुर: युवा कर्मचारी ने कॉलेज में बनाए TikTok वीडियो, सस्पेंड

पालमपुर।। टिकटॉक के लिए एक कर्मचारी ने कथित तौर पर कॉलेज परिसर में ही वीडियो बनाए। इसके अलावा वह लड़कियों के साथ गानों पर डांस करता, हाथ पकड़कर डायलॉग बोलता भी नजर आ रहा है। आरोप है कि ये छात्राएं हैं और कॉलेज में वीडियो शूट किए गए। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

जब ये वीडियो फेसबुक पर वायरल हुए तो सेल्फ फाइनेंसिंग के तहत रखे गए इस कर्मचारी को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई। कुछ अखबार लिखते हैं कि कांगड़ा जिले के शहीद कैप्टन विक्रम बतरा कॉलेज पालमपुर में एक कर्मचारी ने कॉलेज में शराब की बोतल लहराकर और कॉलेज की लड़कियों के हाथ में हाथ डालकर टिकटॉक वीडियो बनाए।

जब ये वीडियो वायरल हुए तो कॉलेज प्रबंधन के हाथ भी लग गए। प्राचार्य ने कॉलेज की सलाहकार समिति के साथ बैठक कर कर्मचारी को फिलहाल निलंबित कर दिया। इसकी जांच के लिए एक कमेटी भी गठित कर दी गई है। अगर किसी तरह के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कर्मचारी को बर्खास्त किया जा सकता है। यह मामला अनुशासनहीनता की श्रेणी में आ सकता है अगर ये वीडियो कॉलेज में ऑन ड्यूटी बनाए जा रहे थे।

मंडी में Tik Tok के लिए कुत्ते को फेंका.

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಮಂಗಳವಾರ, ಅಕ್ಟೋಬರ್ 15, 2019

6 , 7 और 8 अक्टूबर को कुल्लू में थे गोविंद, चंडीगढ़ में होने वाले बयान पर सवाल

शिमला।। एक अखबार ने परिवहन मंत्री के हवाले से बयान छापा है कि जहां उनकी पत्नी के साथ चोरी की घटना हुई थी, वो खुद भी वहीं गए थे। लेकिन उनके इस बयान पर सवाल उठने लगे हैं।

मंत्री की पत्नी रजनी ठाकुर ने पुलिस को शिकायत दी है कि वह 6 अक्टूबर को चंडीगढ़ के हिमाचल भवन आकर ठहरी थीं और 7 को वह हेडमास्टर्स सलून गईं जहां बाहर खड़ी गाड़ी से ढ़ाई लाख रुपये और गहनों वाला पर्स चोरी हो गया।

अब जागरण ने परिवहन मंत्री का बयान छापा है कि “मेरे परिवार का मसला है। मैं सरकारी वाहनों का दुरुपयोग नहीं करता हूँ। मेरे लिए राजनीति जनसेवा का माध्यम है। मैं खुद भी वहीं गया था जहां ये पूरा विवाद खड़ा किया जा रहा है।

हालांकि, हो सकता है कि पहले वे साथ चंडीगढ़ गए हों मगर फिर मंत्री को वापस लौना पड़ा हो और उनकी पत्नी किसी काम के लिए चंडीगढ़ में रुकी हों।

दरअसल, 6 अक्टूबर को मंत्री ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल से तस्वीर डाली है जिसमें वह कुल्लू दशहरे मेले की तैयारी का जायज़ा ले रहे थे।

फिर 7 तारीख को, जब चंडीगढ़ में घटना हुई, उस दिन मंत्री ने कुल्लू में अखाड़ा बाजार पुल का उद्घाटन किया।(नीचे तस्वीर देखें)

उसके अगले दिन दोपहर बाद कुल्लू में दशहरा मेले का उद्घाटन था। 8 अक्टूबर को परिवहन मंत्री मंच पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के साथ बैठे दिख रहे हैं।

ऐसे में वह घटना वाले दिन कैसे वहीं पर थे, इस पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि पुलिस को दी शिकायत में कहीं पर भी रजनी ठाकुर ने यह नहीं लिखा है कि पति भी उनके साथ थे। मीडिया से बातचीत में भी उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया।

हालांकि हो सकता है कि पहले वे साथ चंडीगढ़ गए हों और फिर गृह जिले में दशहरे की तैयारियों की देखरेख के लिए परिहवन मंत्री को वापस लौना पड़ा हो। मगर जिस दिन घटना हुई, उस दिन वे साथ नहीं थे। संभव है कि अखबार में बयान का एक ही हिस्सा छपा हो।

इस मामले में सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि जिस गाड़ी से पैसे चोरी हुए, वह एचआरटीसी के एमडी के नाम रजिस्टर्ड है। ऐसे में मंत्री पर सरकारी गाड़ी को निजी काम में इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं।

प्रदेश कर्ज में, HRTC खस्ताहाल मगर MD की गाड़ी मंत्री की पत्नी की सेवा में

मुश्किल में गोविंद, सीएम बोले- सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई

बहरहाल, सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि जो भी मामले में दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि जांच चल रही है।

मुश्किल में गोविंद, सीएम बोले- सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई

गाड़ी के दुरुपयोग पर बोले गोविंद- ये परिवार का मसला है, मैं खुद भी गया था वहां

शिमला।। चंडीगढ़ में पत्नी का पर्स और उसमें रखे अढ़ाई लाख चोरी होने के बाद परिवहन, वन, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री गोविंद ठाकुर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि विपक्ष इस मामले को बिना वजह तूल दे रहा है।

परिवहन मंत्री का बयान जागरण में छपा है जिसमें उन्होंने कहा है, “मेरे परिवार का मसला है। मैं सरकारी वाहनों का दुरुपयोग नहीं करता हूँ। मेरे लिए राजनीति जनसेवा का माध्यम है। मैं खुद भी वहां था जहां ये पूरा विवाद खड़ा किया जा रहा है।”

हालांकि एफआईआर में इसका जिक्र नहीं है कि मंत्री भी वहां थे, जहां यह घटना हुई और न ही मंत्री की पत्नी ने एक्सप्रेस या अन्य मीडिया से हुई बातचीत में ऐसी जानकारी दी है। हालांकि सीएम ने कार्रवाई करने का बयान दिया है। माना जा रहा है कि यह उसी से बचने के लिए पेश की गई थ्योरी है।

प्रदेश कर्ज में, HRTC खस्ताहाल मगर MD की गाड़ी मंत्री की पत्नी की सेवा में

बहरहाल, जागरण ने इसी खबर में जिक्र किया है कि जिस गाड़ी से चोरी हुई, वह एमडी एचआरटीसी के नाम पर खरीदकर परिवहन मंत्री की फ्लाइंग स्क्वाड में अटैच है। मगर अखबार के अनुसार स्टाफ कई बार पैदल चलता था जबकि मंत्री की पत्नी इसपर ‘सैर-सपाटा’ करती थीं।

प्रदेश कर्ज में, HRTC खस्ताहाल मगर MD की गाड़ी मंत्री की पत्नी की सेवा में

बिलासपुर पुलिस ने कहा- शुरुआती जांच में बच्ची से रेप की पुष्टि नहीं

बिलासपुर।। जिला मुख्यालय के साथ लगते गांव में रहने वाली बच्ची से कथित रेप के मामले में पुलिस ने कहा है कि शुरुआती मेडकिल जांच में रेप की पुष्टि नहीं हुई है और फिर से मेडिकल करवाया जाएगा। एएसपी भागमल ठाकुर ने कहा है कि इसके बाद ही पॉक्सो के तहत केस दर्ज होगा।

नेपाली मूल के शख्स ने आरोप लगाया था कि आठवीं में पढ़ने वाली उसकी बच्ची से रेप हुआ और पुलिस ने लापरवाही भी बरती। शुक्रवार को पुलिस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सोशल मीडिया में इस मामले को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है।

एएसपी भागमल ठाकुर के अनुसार, लड़की और उसके पिता के प्रारंभिक बयान में किसी प्रकार के दुष्कर्म का कोई मामला होने से इंकार किया गया था। बयान में कहा गया था कि वह आरोपी लड़के को बड़े दिनों से जानती थी और उसके बुलाने पर वो उससे मिलने गई थी। उससे मिलने के बाद रात को दोनों ने खाना खाया और एक निजी होटल में रात को ठहरे।

पुलिस के अनुसार सुबह फोन आने पर वह पार्क में चली गई लेकिन नाबालिग के पिता के अगले बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं नाबालिग के 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस आरोपी को तलाश रही है। इस संबंध में होटल के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।

बिलासपुर पुलिस ने कहा- शुरुआती जांच में बच्ची से रेप की पुष्टि नहीं

मुश्किल में गोविंद, सीएम बोले- सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर की पत्नी द्वारा एचआरटीसी के एमडी की सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग के मामले की जाँच होगी। सीएम ने कहा कि सारा घटनाक्रम उनके ध्यान में है और वह इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं।

दरअसल चंडीगढ़ में एक सलून में स्किन ट्रीटमेंट करवा रही परिवहन मंत्री की पत्नी रजनी ठाकुर की जिस गाड़ी से अढ़ाई लाख चोरी हुए थे, वह गाड़ी वास्तव में एचआरटीसी के एमडी की सरकारी गाड़ी थी।

इस संबंध में सीएम ने घुमारवीं में पत्रकारों से कहा, “परिवहन विभाग से रिपोर्ट मांग ली गई है। विभाग के एमडी की गाड़ी मंत्री की पत्नी के पास कैसे थी, इसकी जांच होगी। इस तरह की बातें कतई सहन नहीं करेंगे। दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”

सबकी निगाहें अब इस बात पर रहेंगी कि कौन दोषी होता है इस मामले में और क्या कार्रवाई होती है।

साथ ही पूर्व सीएम वीरभद्र को पीजीआई से शिमला लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजने पर सीएम ने कहा, “वीरभद्र सिंह ने प्रदेश की बहुत सेवा की है। मानवीय संवेदनाओं और उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर उपलब्ध करवाया गया।”

प्रदेश कर्ज में, HRTC खस्ताहाल मगर MD की गाड़ी मंत्री की पत्नी की सेवा में