माहुनाग के नाम पर पहले भी हुड़दंग कर चुके हैं बुजुर्ग महिला को पीटने वाले

एमबीएम न्यूज, मंडी।। सरकाघाट में बुजुर्ग महिला को जादू-टोना करने के आरोप में पीटने वाले पहले भी ऐसा हरकतें करते रहे हैं। समाहल गांव में माहुनाग देवता का मंदिर है जिसे लेकर लोगों की आस्था रही है। मगर पुजारी की मौत के बाद कुछ लोग देवता के नाम पर अजीब हरकतें करने में जुटे हैं।

क्या है मामला
समाहल गांव में 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बाल काटे गए, उसके चेहरे पर कालिख पोती गई और गले में जूतों की माला पहनाकर देवता के रथ के आगे घसीटा। महिला ग्राम पंचायत गाहर के समाहल गांव में रहती हैं। उनका नाम राजदेई है। पति की मौत हो चुकी है और सिर्फ दो बेटियों का सहारा है, जिनकी शादियां हो चुकी हैं।

कमाल का हिमाचल: मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों की हो रही पूजा

छोटा समाहल गांव में देवता माहुनाग का मंदिर भी है। ध्यान देने वाली बात है कि देवता के पुजारी की तीन वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई है। उसके बाद देवता का अभी तक कोई पुजारी तय नहीं हुआ है लेकिन कुछ लोग खुद को देवता के सेवक बताकर देवता के नाम पर डराने का काम कर रहे हैं।

राजदेई कोई सहारा न होने के कारण बरच्छवाड़ में अपनी बेटी और दामाद के यहां रहती हैं। एक सप्ताह पहले इन लोगों ने राजदेई पर जादू का आरोप लगाया, उनके घर में तोड़फोड़ की। जब राजदेई को इसका पता चला तो वो बरच्छवाड़ से गांव आईं और पंचायत में शिकायत दी। पंचायत के सामने भी देवता के नाम पर आतंक मचा रहे लोगों ने डर दिखाया और राजदेई को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। वह दोबारा बेटी के यहां चली गईं।

लेकिन जब चार दिन पहले यह बुजुर्ग फिर से अपने गांव आई तो इन्हीं समाज और धर्म के ठेकेदारों ने फिर से उन्हें अपना निशाना बना लिया। इस बार इन लोगों ने पहले बुजुर्ग महिला के सिर के बाल काटे, फिर उनका चेहरा काला किया और उसके बाद जूतों की माला पहनाकर देवरथ के आगे पूरे गांव में घसीटा। बुजुर्ग महिला कई बार छोड़ देने की गुहार लगाई मगर पाखंडियों लेकिन ने एक न सुनी। ये घटना दबी रह जाती जब इस तमाशे में शामिल किसी शख्स का बनाया वीडियो वायरल न होता।

औरों को भी किया परेशान
बताया जा रहा है कि गांव के ही दो सेवानिवृत शिक्षकों पर भी यह देवता के ठेकेदार जादू टोना करने का आरोप लगाकर उन्हें भी प्रताड़ित कर चुके हैं। एक शिक्षक ने इस संदर्भ में पुलिस को शिकायत भी दी थी लेकिन उस पर भी देवता के प्रकोप का डर दिखाकर शिकायत वापिस ले ली गई। बताया जा रहा है कि देवता के साथ जुड़े इन लोगों ने गांव के बुजुर्गों को देवता के नाम पर डराने का धंधा चला रखा है और अपनी दादागिरी दिखा रहे हैं।

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वहीं जब इस बारे में एसपी गुरदेव शर्मा से बात की गई तो उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो के बारे में उन्हें जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने डीएसपी सरकाघाट को मामले की जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक इस संदर्भ में कोई शिकायत तो नहीं आई है लेकिन वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जांच करके कार्रवाही अम्ल में लाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाही अम्ल में लाई जाएगी। उधर सीएम ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

कमाल का हिमाचल: मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों की हो रही पूजा

(यह खबर एमबीएम न्यूज नेटवर्क के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

मंडी: देवता के नाम पर बुजुर्ग महिला को ‘डायन’ बताकर पीटा

मंडी।। मंडी के सरकाघाट में शर्मनाक घटना सामने आई है। कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग महिला को डायन बताकर पीटा, मुंह काला किया, जूतों की माला पहनाई और घर को जलाने की कोशिश की। ये कहते हुए कि इस महिला ने गांव के लोगों पर कोई ‘देवता’ लगा दिया है जिससे नुकसान हो रहा है।

कब थमेगा बकरे खाने के लिए देवता का डर दिखाने का सिलसिला

पत्रकार शशिभूषण पुरोहित ने दर्दनाक घटनाक्रम का वीडियो शेयर किया है और गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकाघाट के समाहल गांव की महिला को जलील किया गया। महिला को लेकर कहा गया कि इस महिला ने कुछ लोगों पर देवता लगाया है यानी जादू-टोना किया है जिससे गांव में अनिष्ट हो रहा है।

कब थमेगा बकरे खाने के लिए देवता का डर दिखाने का सिलसिला

शशिभूषण बताते हैं कि महिला के घर को जलाने की कोशिश की गई, घर का सामान फेंक दिया। महिला का मुंह काला करके जूते की माला पहनाई गई और सरेआम घसीटा गया। दुख की बात है कि बच्चे भी इस घटनाक्रम में शामिल थे। शशिभूषण ने लिखा है कि इनके परिजन जब शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने शिकायत पत्र छोड़ दिया।

सरकाघाट से संबंध रखने वाले कांग्रेस नेता यदोपति ठाकुर ने बताया है कि डीएसपी सरकाघाट चंद्रपाल शर्मा ने जानकारी दी है कि यह मामला कुछ दिन पहले का है। डीएसपी के मुताबिक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को सरकाघाट थाने में नामजद किया गया है और साथ ही एक टीम को हमीरपुर भेजा गया है, जहां यह महिला इन दिनों अपनी बेटी के यहां रह रही हैं।

पत्रकार शशिभूषण लिखते हैं, “मैं इन बुजुर्ग महिला को व्यक्तिगत तौर पर जानता हूँ। इनके स्वर्गीय पति फौज से सेवानिवृत्त हुए थे। भूतपूर्व सैनिक की यह पत्नी महज 25 वर्ष की उम्र में ही विधवा हो गईं थीं, जिसके बाद उन्होंने बेटियों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाया। बेटियों की शादी हो गई है, बेटा नहीं है तो घर में अकेली रहती हैं। वह धार्मिक प्रवृत्ति की हैं और इन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा। अगर प्रशासन और कानून कहीं है तो इन लोगों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

बता दें कि ये मामला बहुत गंभीर है। यह न सिर्फ मारपीट और महिला से दुर्व्यवहार की सामान्य घटना बल्कि यह केस प्रिवेंशन ऑफ़ विच (डायन) प्रैक्टिसेज एक्ट 1999 के तहत आता है और किसी भी महिला पर जादू-टोने का आरोप लगाना और उसके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार करने का दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा होती है।

मंडी: देवता के नाम पर बुजुर्ग महिला को ‘डायन’ बताकर पीटा

देवता के नाम पर पाखंड
हैरानी की बात ये है कि इस दौरान एक देवता की पालकी भी दिख रही है। बता दें कि हिमाचल में कई जगहों पर प्राचीन देवताओं के नाम पर नए-नए मंदिर खुल गए हैं जिनके चेले खुद पर चमत्कारी रूप से देवता आने का दावा करते हैं। इन्होंने देवताओं की पालकियां बनाई हैं और समाज में अंधविश्वास का प्रचार कर रहे हैं।

ये लोग मानसिक रोगी हैं, ठीक शिमला के बलग वाले बच्चों की तरह जो खुद को देवता का अवतार बता रहे थे। मगर ये लोग गांव के लोगों की समस्याओं के लिए भूत-प्रेत को जिम्मेदार बताते हैं और ये भी कहते हैं कि किसी रिश्तेदार ने जादू किया है। इस कारण परिवार टूट रहे हैं, गांवों का माहौल खराब हो रहा है जबकि सरकारें कुछ कर नहीं रहीं। उल्टा इन फर्जी देवताओं को नजराना देकर मेलों में बुलाया जाता है सरकारी खर्च पर।

इस वीडियो में जितने भी लोग दिख रहे हैं, उनकी पहचान करके पुलिस को संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।

नीचे दिए लिंक पर पढ़ें, आजकल जगह-जगह पैदा हुए देवता और उनके चेलों के दिमाग में क्या लोचा होता है-

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हिमाचलियो! जब कोई चेला आपकी मां को डायन कहेगा, तभी जागोगे क्या?

इन हिमाचल डेस्क।। हिमाचल वासियो! कल को गांव का कोई पाखंडी चेला या चेली आपकी मां को भी जादू-टोना करने वाली डायन कह सकता है। तब आप क्या करेंगे?

ये जो आपके इर्द-गिर्द धड़ल्ले से देवियों और देवताओं के चेले पैदा हो रहे हैं, सब मानसिक रोगी हैं। इनके परिवार ही हिस्ट्री देखिए। अनपढ़, गरीब या तनाव भरे माहौल वाले परिवारों की ही कोई महिला या पुरुष क्यों चेले बनते हैं?

दरअसल ये साइकोसिस के मरीज हैं जिन्हें लगने लगता है कि देवता की कृपा हो गई है इनपर। ऐसे ही कुछ लोगों को लगता है उनपर भूत आ गया है। और हमारी परंपराएं ऐसी रही हैं कि हम कियी सायकायट्रिस्ट को दिखाने के बजाय चेलों के पास जाने लगते है।

हास्यास्पद बात है कि देवता की कृपा होने के वहम वाला मरीज भूत के वहम वाले मरीज का इलाज कर रहा होता है। जबकि दोनों को बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर या सिजोफ्रेनिया के लिए अच्छे मनोचिकित्सक को दिखाया जाना चाहिए। (खेल आना या माता आना क्या है, जानने के लिए यहां क्लिकजानने के लिए यहां क्लिक करें)

ये गांव गांव में मंदिर बनाकर बैठे चेले पारंपरिक शैली के द्यो (देव पालकी) भी बना लेते हैं और उनके मंदिर में हिस्टीरिया की गिरफ्त में आए लोगों को देख और भी लोग इनसे जुड़ते हैं। ये पाखंडी आपके चढ़ावे के लालची होते हैं। आपकी समस्या के लिए आपके किसी रिश्तेदार पर जादू का आरोप लगाते हैं और भी किसी मनमुटाव के कारण सच मान बैठते हैं।

मगर ओ प्यारे हिमाचलियो! इन डफंतरियों को भाव मत दो। इनका इलाज करवाओ वरना किसी दिन आपकी मां पर या बहन पर या आपपर ही जादू का आरोप लगा देंगे। और हिस्टीरिया की गिरफ्त में आए मूर्ख लोग वैसा ही व्यवहार करेंगे, जैसा मंडी के सरकाघाट में बुजुर्ग महिला से किया। ओ पढ़े-लिखे नौजवानो! जिसे भूत, ओपरी कसर, खेल कहते हैं वे सब मानसिक समस्याएं हैं। इनके लिए अस्पताल जाओ, तांत्रिकों के पास नहीं।

हैरानी की बात है कि कुछ लोग इसलिए साइकायट्रिस्ट के पास नहीं जाते कि लोग कहेंगे ‘पागलों वाले डॉक्टर’ के पास गया। अरे तो जब आप चेलों के पास जाकर भूत प्रेत, जादू टोने का इलाज करने की मूर्खता करते हैं, तब कौन सा आपकी तारीफ हो रही होती है।

गांव में नए खुले ऐसे फर्जी मंदिरों का बायकॉट कीजिए। सरकार कुछ नहीं करेगी। वो तो मानसिक स्वास्थ्य की चिंता ही नहीं करती। उल्टा इन नए और फर्जी देउ पालकियों को मेलों में आने पर नजराना देती है। आप खुद इन बीमारों को रोकिए वरना ये हमारे हिमाचल का भट्ठा बिठा देंगे।

कमाल का हिमाचल: मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों की हो रही पूजा

इन्वेस्टर्स मीट से आखिर हिमाचल को क्या हासिल हुआ

इन हिमाचल डेस्क।। कई महीनों की मेहनत और बड़ी रकम खर्च करने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘इन्वेस्टर्स मीट’ आखिरकार धर्मशाला में सम्पन्न हो गई। मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर शुरू से ही कोशिश कर रहे थे कि सीमित आर्थिक संसाधनों वाले प्रदेश में निवेश बढ़ाया जाए ताकि सरकार की आमदनी के साधन भी बढ़ें और नौकरियां भी पैदा हों।

इस इन्वेस्टर्स मीट को सफल बनाने के लिए सीएम ने भारत और अन्य देशों के कई शहरों की यात्रा की और कॉरपोरेट घरानों के मालिकों से लेकर मंत्रियों व अधिकारियों से मुलाकातें की। विभिन्न जगहों पर किए गए रोड शो तब कामयाब होते दिखे जब धर्मशाला में बड़ी संख्या में निवेशक जुटे। पीएम मोदी ने भी इसमें शिरकत की और राज्य सरकार के प्रयास को सराहा।

क्या कहती है सरकार
अब कार्यक्रम जब सम्पन्न हुआ है तो आकंड़े सामने आए हैं कि इससे प्रदेश को क्या हासिल हुआ। हिमाचल सरकार का कहना है कि 93 हजार करोड़ निवेश क्षमता के 614 एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं। अनुमान यह है कि इससे बड़े स्तर पर नौकरियां भी पैदा होंगी। आकलन है कि नौकरियों का आकंड़ा 1 लाख 85 हजार तक जा सकता है।

अच्छी बात यह है कि सरकार की ओर से जारी बयान में ‘क्षमता वाले’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए हैं। यानी सरकार बता रही है कि MoU जरूरी नहीं आखिर में निवेश में बदल ही जाएंगे। यह एक तरह से निवेशक का शुरुआती इरादा दर्शाता है कि वह क्या करने का इच्छुक है। सम्भव है बाद में उसे निवेश करना उचित न लगे और यह एमओयू कागज का टुकड़ा बनकर ही रह जाए।

सीएम जयराम ने पहले भी यह बात स्पष्ट की थी एमओयू का मतलब यह नहीं कि निवेश हो ही गया। उनकी इस साफगोई की तारीफ भी हुई थी कि वह न सिर्फ खुद इस मामले में व्यावहारिक अप्रोच अपना रहे हैं बल्कि जनता को भी आकंड़ों के आधार पर गुमराह नहीं कर रहे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इन्वेस्टर्स मीट के बाद कहा है कि जो समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं उन्हें सभी प्रकार का सहायता एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि इन पर कार्य शीघ्रता से कार्य आरम्भ हो सके।

सीएम ने ये भी कहा है कि सभी संबंधित विभाग परियोजनाओं के लिए विभिन्न प्रकार के अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए कारगर कदम उठाएंगे ताकि उद्यमियों को आगे की कार्रवाई में कोई परेशानी न हो।

ऊपर सीएम के हवाले जो बातें लिखी हैं, वे बहुत महत्वपूर्ण है। इनके आधार पर ही सीएम को खुद सुनिश्चित करना होगा कि जिन कम्पनियों और समूहों ने एमओयू साइन किये हैं, उनके सम्पर्क में रहकर फॉलोअप लिया जाता रहे और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता रहे कि आप जल्दी काम शुरू करिए, आपकी जो भी दिक्कतें होंगी, उन्हें हम दूर करेंगे।

बेहतर होगा कि सरकार खुद भी तमाम एमओयू की समीक्षा करे और देखे कि कौन सी कंपनियां दमदार हैं जो निवेश को लेकर गंभीर रह सकती हैं और उनके प्रस्ताव हिमाचल के हितों के भी अनुकूल होंगे। वरना बहुत सी कंपिनयां ऐसी होती हैं जो ऐसे इन्वेस्टर्स मीट्स में यूं ही चली आती हैं। ये चलताऊ कम्पनियां एमओयू में भारी भरकम रकम का जिक्र करने के लिए आती हैं ताकि इसकी खबर छपवाकर अपना माहौल बना सकें।

इसलिए कम्पनियों की प्रोफाइलिंग करना जरूरी है। जो कंपनियां खुद लड़खड़ा रही हों, कर्ज में डूबी हों, डिफॉल्टर हों, उनसे दूर रहने में भलाई। भले 10 निवेशक आएं, मात्र पांच ही आएं, अगर वे गंभीर हों तो उतना ही काफी। अच्छी पूंजी और रेप्युटेशन वाले समूह आमतौर पर प्लानिंग के साथ चलते हैं और उनके पीछे हटने की आशंका कम ही होती है।

अभी तो जयराम सरकार ने निवेश लाने की दिशा में आधा रास्ता ही तय किया है। अब आगे का रास्ता थोड़ा कठिन है, जिसमें कई चुनौतियां होंगी। सरकार की परीक्षा इसी में होगी कि हिमाचल में निवेश की इच्छा जता एमओयू साइन करने वाली फर्मों को आगे वह कैसे संभालती है, कैसे उनसे जल्द से जल्द निवेश करवाकर प्रॉजेक्ट शुरू करवाती है।

93 हज़ार करोड़ का आधा भी अगर असल निवेश में तब्दील हुआ तो यह बड़ी बात होगी। इससे सरकार को राजस्व तो मिलेगा ही, बेरोजगारी दूर करने में भी कुछ हद तक मदद मिलेगी।

पालमपुर: लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में तीन गिरफ्तार

पालमपुर।। सोशल मीडिया पर वायरल छेड़छाड़ और पिटाई के मामले में पुलिस ने हरकत में आते हुए तीन को गिरफ्तार किया है। पंचरुखी के पास के इस वायरल वीडियो में कुछ युवक एक लड़के को पीट रहे थे और लड़की का यौन उत्पीड़न कर रहे थे। अब पालमपुर पुलिस ने संजीव, सुरजीत और मनीष नाम के युवकों को गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में एसएचओ श्याम लाल ने मीडिया को जानकारी दी है कि अभी इन लोगों को पकड़ा गया है और शुक्रवार को इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने फिलहाल पॉक्सो, आईटी एक्ट और मॉलेस्टेशन संबंधित धाराओं के तहत ये गिरफ्तारियां की हैं।

पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है इसलिए अभी और जानकारी नहीं दी जा सकती।

पुलिस का कहना है कि जांच जारी है

क्या है मामला
गुरुवार सुबह एक वीडियो वायरल हो गया जो बेहद परेशान करने वाला था। इसमें कुछ लोग एक लड़के को पीट रहे हैं और एक उम्रदराज लग रहा शख्स लड़की को किस कर रहा है।

इनके अलावा एक लड़की ट्रैक पर भागती भी दिख रही है। वीडियो को आईविटनसन्यूज हिमाचल पेज ने सबसे पहले शेयर किया था, जहां से अन्य जगह फैल गया। सोशल मीडिया पर लोग इस घटनाक्रम पर रोष जता रहे थे। नीचे हमने वीडियो को ब्लर कर दिया है।

लड़के की पिटाई और लड़की के यौन उत्पीड़न का यह वीडियो पालमपुर के आसपास का बताया जा रहा है। ये लड़का-लड़की कुछ भी कर रहे…

In Himachal ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಬುಧವಾರ, ನವೆಂಬರ್ 6, 2019

इसके बाद इन हिमाचल ने पाठकों से इन गुंडों की पहचान के लिए मदद मांगी थी जिसके बाद सूचना मिली थी कि वीडियो में दिख रहे एक शख्स की पंचरुखी में बैग की दुकान है। जानकारी मिली है कि पुलिस को भी इसी शख्स की पहचान होने के बाद बाकी लोगों तक पहुंचने में सफलता मिली है।

पालमपुर के आसपास लड़की के उत्पीड़न, लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल

पालमपुर के आसपास लड़की के उत्पीड़न, लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल

कांगड़ा।। कांगड़ा के पालमपुर के आसपास रेलवे ट्रैक पर गुंडों द्वारा की हरकत का वीडियो वायरल हो गया है। लड़के की पिटाई और लड़की के यौन उत्पीड़न का यह वीडियो पालमपुर के आसपास का बताया जा रहा है।

कुछ लोग लड़के को पीट रहे हैं और एक उम्रदराज लग रहा शख्स लड़की को किस कर रहा है। एक लड़की ट्रैक पर भागती भी दिख रही है। वीडियो को आईविटनसन्यूज हिमाचल पेज ने सबसे पहले शेयर किया, जहां से अन्य जगह फैल गया। नीचे हमने वीडियो को ब्लर कर दिया है।

लड़के की पिटाई और लड़की के यौन उत्पीड़न का यह वीडियो पालमपुर के आसपास का बताया जा रहा है। ये लड़का-लड़की कुछ भी कर रहे…

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अहम सवाल है कि ये लड़का-लड़की कुछ भी कर रहे थे, इन लोगों को किसने हक दिया इन्हें पीटने और लड़की से चुंबन लेने का?ऐसा करके महान काम कर दिया? सेक्शुअली फ्रस्ट्रेटेड नकारा लोग जो समाज संस्कृति के ठेकेदार बन गए हैं।

ये वही कांगड़ा जिला है जहां एक बच्ची का रेप ऐसे ही लोगों ने किया था। ऐसी कई घटनाएं बदनामी के डर से रिपोर्ट नहीं की जातीं। अपनी मर्जी से कहीं आए कपल्स को गुंडे पीटते हैं, लड़की से रेप भी होता है कई बार।

प्रश्न खड़ा होता है कि ऐसी घटनाओं पर धर्म और संस्कृति की रक्षा और हिमाचल के लिए काम करने का दावा करने वाले कहां चले जाते हैं? कहां गए पालमपुर के वो हीरो और नगरोटा के मुस्टंडे जो कश्मीरियों और मुसलमानों को पीटना धर्म का काम समझते हैं? और उन लोगों की गुंडागर्दी पर आंख मूंद लेने वाली पुलिस कहां है? यहां भी चुप बैठी रहेगी या वीडियो में दिख रहे लोगों पर ऐक्शन लेगी? ऐसे लोगों पर गुस्सा नहीं आता आप लोगों को?

और प्रदेशवासियो, अगर ऐसी घटनाओं को आप समर्थन देते हैं और इन गुंडों के बजाय लड़का-लड़की पर सवाल उठाते हैं तो याद रखना, कल को इन जैसे कही भी, आपको भी कारण-अकारण निशाना बना सकते हैं।

अगर आप इस जैकेट वाले को पहचानते हैं तो हमें inhimachal.in @ gmail.com या contact @ inhimachal.in पर सम्पर्क करें, आपकी पहचान गुप्त रहेगी।

अगर कोई इसे पहचानता है तो हमें इनबॉक्स करे, पहचान गुप्त रहेगी। इसके जरिए पालमपुर या इसके आसपास के इलाके में लड़की को मॉलेस्ट करने वाली पूरी टीम पकड़ी जा सकती है।

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इन्वेस्टर्स मीट: राठौर ने की आलोचना, सुक्खू ने किया स्वागत, धूमल ने कांग्रेस को घेरा

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में निवेश बढ़ाने के इरादे से धर्मशाला में आयोजित की जा रही इन्वेस्टर्स मीट को लेकर कांग्रेस की स्थिति खराब हो गई है। अभी तक तो वह तय नहीं कर पा रही थी कि इसका विरोध करे या समर्थन; मगर अब इन्वेस्टर्स मीट से पहले हिमाचल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनाई है।

राठौर बोले- पैसे की बर्बादी
सोमवार को प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि 6 से 14 नवम्बर तक पार्टी प्रदेश भर में केंद्र की मोदी सरकार की नाकामियों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। उन्होंने ये भी कहा कि इन्वेस्टर्स मीट ‘सरकारी पैसे की बर्बादी है।’ राठौर का ये भी कहना था कि सरकार ने कांग्रेस के विधायकों से चर्चा किए बिना ही इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन कर दिया और अब उन्हें इसमें बुला रही है।

सुक्खू ने की बड़ाई
उधर पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और नादौन के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से अलग राय दी है। उन्होंने इन्वेस्टर्स मीट का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। सुक्खू की ओर से जारी बयान में ये भी कहा गया है वह उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 और 2019 में किए गए वादों में मुताबिक फंड की कमी से जूझ रहे हिमाचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देंगे।

धूमल ने कांग्रेस को घेरा
इस बीच हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र में वाजपेयी सरकार ने हिमाचल को विशेष आर्थिक पैकेज दिया था, जिसे बाद में यूपीए सरकार ने रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को इस जन विरोधी फैसले के लिए माफी मांगनी चाहिए।

पहाड़ी में ट्वीट करके बोलीं यामी गौतम- मेरी जन्मभूमि हिमाचल

शिमला।। अभिनेत्री यामी गौतम ने ट्वीट करके ‘चंडीगढ़ से होने’ को लेकर सफाई दी है। यामी का आयुष्मान खुराना ने ‘चंडीगढ़ से हैं’ कहकर परिचय कराया था जिसमें यामी ने भी हामी भरी थी।

इसे लेकर सवाल उठने के बाद यामी ने कहा है, “मेरी जन्मभूमि हिमाचल, कर्मभूमि मुम्बई और परवरिश चंडीगढ़ की है।” आगे हिमाचल की इन्वेस्टर्स मीट की ब्रैंड ऐम्बैसडर होने के कारण इस आयोजन में आने को लेकर उन्होंने पहाड़ी में लिखा है- तुहां निश्चिंत रेहा, मैं आयादि (आप निश्चिंत रहें, मैं आ रही हूँ)

यामी गौतम ने यह ट्वीट बीइंग हिमाचली के ट्वीट के रिप्लाई पर किया है।

क्या है मामला, पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

पहाड़ी में ट्वीट करके बोलीं यामी गौतम- मेरी जन्मभूमि हिमाचल

हिमाचल इन्वेस्टर्स मीट की ब्रैंड ऐम्बैसडर यामी गौतम बोलीं- चंडीगढ़ से हूँ

शिमला।। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा धर्मशाला में होने जा रही इन्वेस्टर्स मीट के लिए अभिनेत्री यामी गौतम को ब्रैंड ऐम्बैसडर बनाया गया है। दो दिन के इस आयोजन के लिए सरकार न सिर्फ यामी गौतम को रुपयों का भुगतान करेगी बल्कि उनके और सहयोगियों के आने-जाने और ठहरने का भी प्रबंध करेगी।

अपडेट-

हिमाचल इन्वेस्टर्स मीट की ब्रैंड ऐम्बैसडर यामी गौतम बोलीं- चंडीगढ़ से हूँ

खबर जारी-

इस बीच बिग बॉस कार्यक्रम में हिमाचल की इस ब्रैंड ऐम्बैसडर ने खुद को चंडीगढ़ का बताया है। आयुष्मान खुराना ने तीन लोगों की पहचान चंडीगढ़ से होने की करवाई जिनमें यामी गौतम भी थीं। इसमें यामी गौतम भी स्वर में स्वर मिलाती दिखीं।

जयराम सरकार ने जिसे इन्वेस्टर मीट के लिए हिमाचल का ब्रांड ऐम्बैसडर बनाया वो बिग बॉस में खुद को शान से चंडीगढ़ की बताते हुए। यामी गौतम।

Makarjhandu ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಭಾನುವಾರ, ನವೆಂಬರ್ 3, 2019

यामी के परिजन बिलासपुर से हैं और वो चंडीगढ़ में पलने-बढ़ने के कारण शुरू से अपनी पहचान चंडीगढ़ से बताती हैं। इसमें कोई बुराई भी नहीं। बहुत से हिमाचली रोजगार आदि के सिलसिले में प्रदेश से बाहर हैं। मगर यामी ने कभी खुद की पहचान हिमाचली के तौर पर खुलकर नहीं बताई। भले ही मंडी जिले में एक जगह उन्होंने जमीन भी खरीदी है।

बहरहाल, दो दिन की इन्वेस्टर्स मीट के लिए अभिनेत्री को ब्रैंड ऐम्बैसडर बनाने का लॉजिक भी लोगों के गले नहीं उतर रहा। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे पैसे की बर्बादी कहा है। हाल ही में पंजाब केसरी ने दावा किया है कि यामी को एक मंत्री की पसंद के कारण ऐम्बैसडर बनाया गया। अखबार के अनुसार मंत्री ने यामी की एक फ़िल्म 8 बार देखी थी और मंत्री बनने के बाद यामी से मिलने मुम्बई भी गए थे। अखबार ने मंत्री का नाम नहीं लिखा है। इन हिमाचल इस अखबार के दावे की पुष्टि नहीं करता है। (पूरी खबर पढ़ें)

टूरिजम प्रॉजेक्ट के लिए जमीन खरीदने की शर्तें हुईं आसान

शिमला।। शुक्रवार को शिमला में हुई कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें टूरिजम सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार ने जमीन खरीदने से जुड़े कुछ दिशा-निर्देशों को संशोधित किया है।

अब अगर किसी गैर-कृषक को टूरिज़म के लिहाज से कोई प्रॉजेक्ट शुरू करने के लिए जमीन खरीदनी है तो इसकी इजाजत लेने के लिए धारा 118 के तहत आवेदन करने से पहले उसे टूरिजम डिपार्टमेंट से पहले एक एसेंशिऐलिटी सर्टिफिकेट लेना होगा।

प्रमोटर को पहले अपने प्रॉजेक्ट पर एक शुरुआती रिपोर्ट सौंपनी होगी कि वह क्या करना चाहता है, उसका प्लान क्या है। टूरिज़म विभाग के निदेश इस रिपोर्ट की पड़ताल करेंगे और इसका सही से मूल्यांकन करने के बाद इसे खारिज या पारित करेंगे।

अगर टूरिजम डिपार्टमेंट इस रिपोर्ट में प्रॉजेक्ट को व्यावहारिक मानता है और उसे लगता है कि इससे क्षेत्र में टूरिजम की संभावनाएं बढ़ेंगी, रोजगार बढ़ेगा, तब वह इस रिपोर्ट को क्लियर करेगा।

इसके तहत गैर-कृषक को टूरिजम से जुड़े प्रॉजेक्ट शुरू करने के इरादे से जमीन खरीदने के लिए धारा 118 के नियमों के तहत आवेदन करने पर सुविधा होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से टूरिज़म में अच्छा निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।