हंदवाड़ा: शांता कुमार बोले- सिर से ऊपर हो गया पानी, महाभारत जरूरी

काँगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार कहा है कि एक कर्नल व एक मेजर समेत पांच सुरक्षा कर्मियों की शहादत से पूरा देश एक बार फिर से दहल गया है। उन्होंने हाल ही में हंदवाड़ा में हुए एनकाउंटर के संदर्भ में ये बात कही है।

पूर्व सांसद कहते हैं, “पाकिस्तान आतंकवाद के द्वारा भारत से लगातार एक धोखे की छद्म लड़ाई लड़ता आ रहा है। इस लम्बी लड़ाई में हजारों सैनिक और जनता शहीद हो चुकी है। आखिर कब तक हम श्रद्धांजलि ही देते रहेंगे, कब तक दिवंगत शहीदों को शोक की सलामी दी जाती रहेगी।”

भाजपा के संस्थापक सदस्य ने कहा, “श्रद्धांजलि देकर लोग भूल जाते हैं परन्तु शहीद परिवारों का पूरे का पूरा जीवन सूना हो जाता है। जवान विधवाओं का पूरा जीवन आसुंओं में डूब जाता है। बच्चे पिता विहीन हो जाते हैं। उन्होंने कहा है कि आखिर कब तक यह कहते रहेंगे कि शहीदों की शहादत रंग लाएगी और देश यह नहीं सहेगा।”

उन्होंने कहा कि पानी सिर के ऊपर हो गया है, अब महाभारत हो ही जाना चाहिए।

हंदवाड़ा: जरूर पढ़ें शहीद मेजर अनुज सूद की जीवन पर लिखी यह बात

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हंदवाड़ा: जरूर पढ़ें शहीद मेजर अनुज सूद की जीवन पर लिखी यह बात

पास लेकर दिल्ली से लौटे युवक को कोरोना, सिर्फ़ बुख़ार किया था चेक

मंडी।। जिस समय हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य को कोरोना मुक्त करने का जश्न मनाने की तैयारी में थी और ‘हिमाचल मॉडल’ का प्रचार किया जा रहा था, उस समय ऐसी घटना सामने आई है जिसने बड़ा झटका दिया है।

मंडी जिले के जोगिंदर नगर का एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह युवक पास लेकर 28 अप्रैल को दिल्ली से हिमाचल के लिए चला था। इस शख़्स के साथ एक और युवक जोगिंदर नगर का और एक अन्य बैजनाथ का था। साथ ही इन्हें छोड़ने के लिए दिल्ली से ड्राइवर आया था।

पॉज़िटिव पाए गए युवक के शरीर का तापमान 29 तारीख़ को घट्टा (मंडी-कांगड़ा बॉर्डर) बैरियर पर 98.3 मापा गया था जो कि लगभग सामान्य था। मगर इसके बाद इसका तापमान अगले दिन से ही बढ़ने लगा। दो मई को इसका सैंपल लिया गया और चार तारीख़ को ख़बर आई कि यह कोरोना पॉज़िटिव है।

दो मई को लिया गया सैंपल

लोगों की बढ़ी ज़िम्मेदारी
अच्छी बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने युवक को फ़ॉलोअप किया और युवक ने भी लक्षणों आदि की सही जानकारी दी, जिसके आधार पर समय रहते इसका टेस्ट कर लिया गया। अब प्रशासन ने भी ज़रूरी कदम उठाते हुए इलाक़े में सख़्ती लागू करते हुए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है।

मगर जब यह स्पष्ट हो गया था कि कोरोना के बहुत सारे संक्रमित लोगों में लक्षण नहीं दिख रहे तो सेल्फ़ डेक्लरेशन, आरोग्य सेतु ऐप और थर्मल स्क्रीनिंग से शरीर का तापमान देखकर प्रदेश की सीमा लोगों को प्रवेश देना ख़तरनाक था। अब तक हज़ारों लोग इस दौरान इसी प्रक्रिया से हिमाचल आ चुके हैं।

अब अगर इन लोगों में कुछ लोग कोरोना संक्रमित हुए तो वे अपने परिजनों और संपर्क में आने वाले अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं और चेन आगे बढ़ सकती है। इसलिए प्रदेश लौटे लोगों की ज़िम्मेदारी है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और आशा वर्कर्स या अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से कुछ न छिपाएं।

साथ ही, आम लोगों को भी सजग रहना होगा। बाहर से लौटा कोई शख़्स या उसके परिजन होम क्वॉरन्टीन पीरियड के दौरान बाहर घूमते या नियमों का पालन न करते दिखें तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को ख़बर दें। वरना कुछ लोगों की लापरवाही सभी पर भारी पड़ सकती है और लॉकडाउन के दौरान इतने दिनों तक अंदर रहने की ‘तपस्या’ का कोई फल नहीं मिलेगा।

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हिमाचल में ठेके खुलने के चंद घटों में बिक गई करोड़ों की शराब

शिमला।। कोरोना लॉकडाउन के कारण हिमाचल प्रदेश में शराब की दुकानें भी बंद थीं जो सोमवार को 43 दिन बाद खुलीं। इस दौरान कुछ ही घटों में अधिकतर दुकानों में स्टॉक ख़ाली हो गया। इस संबंध में आधिकारिक आँकड़े सामने नहीं आए हैं मगर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस दौरान तीन से पाँच करोड़ रुपये की शराब बिकी है।

शराब की ये दुकानें कर्फ्यू में पांच घंटों के लिए मिलने वाली छूट के दौरान खुली रहीं। बड़ी संख्या में लोग ठेकों के बाहर नजर आए, हालाँकि देश के अन्य हिस्सों की तुलना में यहाँ पर लोग मास्क पहने हुए थे और सोशल डिस्टैंसिंग का भी पालन करते दिखे।

सरकार को अगले एक महीने में 150 करोड़ की आमदनी शराब से होने का अनुमान है। दरअसल राज्यों के पास सीधे राजस्व के कुछ ही साधन हैं जिनमें शराब अहम है। ऐसे में ये आमदनी कोरोना संकट के दौर में सरकार को इंतजाम करने में मददगार साबित हो सकती है।

ठेके बंद होने से हिमाचल सरकार को रोजाना लगभग तीन करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। सरकार ने शराब को आवश्यक वस्तुओं में रखने का फ़ैसला किया था मगर विरोध के कारण इसे वापस ले लिया था।

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शराब पर हिमाचली जनता, मीडिया और सरकार के दोहरे मापदंड क्यों

चंडीगढ़: बदइंतजामी से पिटवा दिया हिमाचली बुज़ुर्गों और महिलाओं को

चंडीगढ़।। लॉकडाउन के कारण घर नहीं जा पा रहे लोगों को जब पता चला कि बसों के माध्यम से उनके प्रदेश की सरकार वापस ले जाने की व्यवस्था कर रही है तो वे खुश हो गए। कइयों का कहना है कि जब उन्होंने हिमाचल भवन फोन किया तो आने के लिए कह दिया गया।

सरकार ने सही से प्रचारित भी नहीं किया था कि कैसे वह कब से लोगों को लाएगी और डीडी शिमला के फेसबुक पेज से जानकारी दी जाती रही। जबकि हिमाचल के मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज, जिसे हर हिमाचली इन दिनों देख रहा है, वहां ढंग से इसकी जानकारी नहीं दी गई।

नतीजा- बड़ी संख्या में लोग रविवार को सुबह-सुबह अंधेरे में पैदल ही चंडीगढ़ हिमाचल भवन की वे चल दिये। इनमें वे लोग थे जो इलाज कराने पीजीआई आये थे और अब किराये तक के पैसे नहीं बचे थे। जैसे-तैसे किसी रिश्तेदार के यहां रुके थे जो खुद भी परेशान थे। छात्र थे, महिलाएं थीं, बुज़ुर्ग थे।

जब वे हिमाचल भवन पहुंचे तो भारी भीड़ जमा थी। लोगों की शिकायत थी पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं थी वहां। भीड़ देखकर पुलिसकर्मियों के भी हाथ पैर फूलने लगे।

हिंदी दैनिक अमर उजाला ने खबर दी है कि पुलिस ने लाठियां चलाना शुरू कर दिया। सुबह रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में लगे होने के बाद जब भीड़ होने लगी तो पुलिस ने बुजुर्गों और महिलाओं पर लाठियां चलाई और भगा दिया।

पुलिस का कहना था कि बसें सिर्फ स्टूडेंट्स के लिए हैं। इस दौरान आधे लोग वापिस अपने घर चले गए। बाद में पुलिस ने बाकी बचे लोगों को लाइन में लगकर रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा।

सरकार अभी भी हरकत में नहीं आई है। उसे चाहिए कि ढंग से प्लान बनाए और उस प्लान को सही से प्रचारित करे। लोगों को जिलों के हिसाब से लाने की योजना बनाई जा सकती है और वेब के साथ साथ फोन पर पंजीकरण करवाकर संख्या का आकलन करके बसें भेजनी चाहिए। वरना हर कोई घर आने को बेताब है और वह उम्मीद लेकर आएगा ही। जब वह निराश होगा तो छवि प्रदेश सरकार की ही खराब होगी।

हंदवाड़ा: जरूर पढ़ें शहीद मेजर अनुज सूद की जीवन पर लिखी यह बात

शिमला।। जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर अनुज सूद का हिमाचल से नाता रहा है। उनका परिवार कांगड़ा के देहरा कस्बे से है और यहां उनका पुश्तैनी मकान भी है।

अनुज के पिता भी सेना में थे। अनुज के पिता ब्रिगेडियर चन्द्रकान्त सूद और माता रागिनी सूद पंचकूला शिफ्ट हो गए थे मगर दादा-दादी देहरा स्थित ‘कृष्णा निवास’ में ही रहते थे। शहीद मेजर अनुज सूद के परिवार का नाता हिमाचल से टूटा नहीं था।

अनुज ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक पोस्ट डाली थी, उससे पता चलता है कि देश और जीवन को लेकर वह कैसी सोच रखते थे। उन्होंने इंस्टा पर एक तस्वीर डाली थी जिसमें उनके बूट्स दिख रहे हैं। उसके साथ उन्होंने जो लिखा था, वो दिल को छूने वाला है।

“उम्र बीतने के साथ आपको अहसास होगा कि एक ही बात अहम है, सिर्फ एक बात। वो ये कि आपमें साहस और सम्मान था कि नहीं। साहस और सम्मान छोड़ देने से बेशक आपकी तुरन्त मौत नहीं हो जाएगी मगर आपकी हैसियत आपके जूतों में लगी मिट्टी से भी कम हो जाएगी। मिट्टी में तो आपको वैसे भी एक दिन मिल जाना है मगर साहस और सम्मान को छोड़ने का मतलब है- इस छोटे से जीवनकाल को आपने बर्बाद कर दिया।”

शहीद का इंस्टा अकाउंट प्राइवेट है इसलिए हर कोई फ़ोटो नहीं देख सकता। वे लोग ही देख सकते हैं जिनकी रिक्वेस्ट उन्होंने अप्रूव की थी। यह स्क्रीनशॉट भी उनके किसी मित्र के जरिये सार्वजनिक हुआ है।

तीन माह पहले ही उनकी शादी हुई थी। उनका इस तरह से जाना दुखद है। शहीद को इन हिमाचल की ओर से श्रद्धांजलि।

चंडीगढ़ हिमाचल भवन में जुटी लौटने वालों की भारी भीड़, मिली निराशा

शिमला।। हिमाचल प्रदेश लौटना चाह रहे प्रदेशवासियों को चंडीगढ़ में अजीब हालात का सामना करना पड़ा। हिमाचल सरकार की ओर से लोगों को चंडीगढ़ से हिमाचल लाए जाने की ख़बर जैसे ही लोगों तक पहुँची, वे हिमाचल भवन में जुट गए। रविवार को सुबह-सुबह ही वहाँ भारी भीड़ जमा हो गई।

इससे पहले ही कि सुबह सूरज उगता, बड़ी संख्या में लोग अपना सामान उठाए हिमाचल भवन पहुँच गए मगर वहाँ पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे। इतने ज़्यादा लोग जमा थे कि सोशल डिस्टैंसिंग की भी धज्जियाँ उड़ गईं। बसें न होने के कारण लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।

लोगों ने इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं।

ज़ाहिर है, घर लौटने की इच्छा सभी की थी तो कुछ लोग परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ भी पहुँचे थे। मगर उनसे जाने को कहा गया और बताया गया कि सिर्फ़ छात्रों के लिए ही यह इंतज़ाम है।

इस बीच भ्रम की स्थिति बनी रही और बहुत से लोग काफ़ी देर तक इंतज़ार करते रहे कि उनके लिए शायद बसें आ रही होंगी या उनकी भी कुछ किया जाएगा। मगर बाद में वहाँ से लोगों को हटने के लिए कहा गया।

लोगों को वापस लाए जाने को प्रशासन द्वारा जिस तरह से हैंडल किया जा रहा है, उसे लेकर लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है।

भारत में फिर बढ़ाया गया लॉकडाउन, अब कुल 54 दिनों का हुआ

इन हिमाचल डेस्क।। कोरोना वायरस (कोविड-19) को देश में बढ़ने से रोकने के लिए लॉकडाउन को फिर से दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। अब इसे 4 मई से 17 मई तक बढ़ाया गया है। ये दूसरी बार है, जबकि देश में लॉकडाउन की अवधि को विस्तार दिया गया है।

सबसे पहले लॉकडाउन का ऐलान 25 मार्च से 14 अप्रैल तक के लिए हुआ था, फिर लॉकडाउन को 15 अप्रैल से 3 मई तक के लिए पहली बार बढ़ाया गया। इसके बाद लॉकडाउन की अवधि को 4 मई से दो सप्ताह के लिए यानी कि 17 मई तक के लिए दूसरी बार विस्तार दिया गया है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो अब देश में 54 दिनों के लिए लॉकडाउन लग चुका है।

भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या शुक्रवार (1 मई) को बढ़कर 35,365 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 1152 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 25,148 व्यक्ति महामारी से संक्रमित हैं।

वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1755 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 77 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित 692 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ऐसे लोगों की संख्या 9065 (1 माइग्रेटेड) पर पहुंच गई है

कोरोना से सुरक्षा के लिए सीएम ने लॉन्च किया स्पेशल काढ़ा

शिमला,  एमबीएम न्यूज।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कोरोना महामारी को देखते हुए लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य आयुर्वेदिक विभाग द्वारा तैयार किए गए मधुयष्टियादि कषाय (काढ़ा) का शुभारंभ किया।

सीएम ने इस मौके पर कहा कि ‘यह आयुर्वेदिक काढ़ा प्रतिरक्षण तंत्र को मजबूत करने में सहायक होगा तथा इसे कोरोना योद्धाओं डाॅक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस, वरिष्ठ नागरिकों और राज्य के सभी कोरोना मुक्त हुए लोगों को निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2020-21 में की गई घोषणा के अनुसार, यह आयुर्वेदिक दवा राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क प्रदान की जाएगी। सीएम ने कहा कि कोरोना योद्धाओं को आयुर्वेदिक दवा मधुयष्टियादि कषाय (काढ़ा) निःशुल्क प्रदान करना, उनकी निःस्वार्थ सेवा के प्रति सरकार के आभार का द्योतक है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन और ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान भी लोगों को शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और कोरोना योद्धाओं को संक्रमण का ज्यादा खतरा हैं, इसलिए आयुर्वेदिक विभाग की यह दवा इनकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को इस दवा को निःशुल्क उपलब्ध करवाएगी, इसके साथ-साथ उन्हें सभी आयुर्वेदिक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने इस दवा को डाॅक्टरों और पुलिस कर्मियों सहित अन्य कोरोना योद्धाओं को वितरित भी किया। सचिव आयुर्वेद जी.के. श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर उन्हें आश्वस्त किया कि विभाग इस दवा को लोगों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाएगा।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, निदेशक आयुर्वेद डी.के. रतन और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

(यह खबर सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

मृतपाय है विपक्ष, कुछ नहीं कर पा रहा: गोविंद ठाकुर

कुल्लू।। हिमाचल प्रदेश के परिवहन, वन एवं खेल व युवा मामलों के मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि विपक्ष मृतप्राय है। मृतप्राय का मतलब होता है-मरे हुए के समान।

मंत्री ने विपक्ष को लेकर कहा, “वह कुछ नहीं कर सकता और न वह कुछ कर पा रहा है। जहां तक जब समय आएगा राजनीति करने का तो उस समय राजनीति करेंगे।”

वन मंत्री ने कहा कि ‘वर्तमान में भी विपक्ष से इतना आग्रह करेंगे कि आज देश और दुनिया में जो संक्रमण चल रहा है, इसमें अपनी राजनीतिक बातों को भूल करके सबको इस महामारी से निपटने का प्रयास करना चाहिए।’

उन्होंने पूर्व सीएम वीरभद्र के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने कोरोना संकट के खिलाफ सरकार के प्रयासों को सराहा था। गोविंद ने कहा, “इस समय में कौन क्या करता है, कौन क्या कहता है, यह सारा विषय नहीं है। जब समय आएगा जवाब देंगे लेकिन कुछ लोगों को ज्यादा हल्ला करने की आदत है।”

मंत्री से लॉकडाउन में भी नहीं छूटा ठाठ, रिज बुलाई गाड़ी

शिमला।। शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने शिमला में रिज को लेकर तय नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। आपातकालीन सेवाओं (ऐम्बुलेंस, फायर आदि) के वाहनों के अलावा बाकी सभी गाड़ियों के लिए रिज में प्रवेश करने पर बैन है। मगर मंगलवार दोपहर करीब 12.45 बजे ठीक चर्च के सामने सरवीण की गाड़ी आई और फिर उन्हें लेेेकर चली गई।

इस मार्ग पर विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का ही वाहन आ सकता है। इसके अलावा यहां किसी भी वाहन को आने की अनुमति नहीं है। रास्ते में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं और एक जगह बूम बैरियर भी लगा है। आगे बैरिकेड हैं और पुलिस तैनात रहती है। मगर किसी ने गाड़ी को रोकने की हिम्मत नहीं की।

सरवीण चौधरी

खबर है कि शहरी विकास मंत्री नगर निगम के एक कार्यक्रम में शिरकत करने रिज पर पहुंची थीं। जब गाड़ी आई तो कार्रवाई करना तो दूर की बात है, वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी मंत्री को सैल्यूट करते नजर आए।

इस खबर के संबंध में मंत्री का पक्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।