आम की म्हाणी: वो स्वाद जिसे लोग भूलते जा रहे हैं

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राजेश वर्मा।। तस्वीर देखिए, आपकी भाषा में पता नहीं इसे क्या कहते होंगे लेकिन हमारे क्षेत्र में तो इसे माहणी या म्हाणी कहते हैं। इतनी गारंटी है यदि किसी ने अभी तक इसे चखा न हो और एक बार कहीं चख ले तो वह दूसरी बार इसके स्वाद के लिए गुजारिश न करे तो कहना।

हमारे बुजुर्गों ने गरीबी के चलते भले ही इसे सब्जी का स्थान दिया होगा लेकिन सच पूछें तो इस #माहणी में ऐसी अमीरी है जो शायद दुनिया के किसी भी मंहगे पकवान को पीछे छोड़ सकता है। मुझे मालूम है इसे देख व पढ़कर आपके मुंह में पानी आ रहा है आप निराश न हों, आम का सीजन है फट से बनाएं और आजमाएं।

आसान रेसिपी
आमों को उबालकर उसके रस के साथ पानी मिलाकर प्याज़ के छोटे-छोटे टुकड़े, हरी मिर्च, अजवाइन, काला नमक, काली मिर्च, पुदीना थोड़ी चीनी आदि डालकर फिर थोड़ा फेंटकर सेवन कीजिए। माहणी यदि एक बार चख लिया जाए तो जिंदगी के सभी पेय पदार्थों को भूल जाओगे।

असली ठेठ विधि आमों को उबालने की जगह आग में भूनकर बनाने की भी है। आपको ऐसा पेय दुनिया के किसी 7 स्टार होटल में भी नहीं मिलेगा जो अपने गांव में मिल सकता है।

चंबा में वन कर्मियों पर हमला, अफसर को करना पड़ा हवाई फायर

चम्बा।। हिमाचल प्रदेश के चम्बा में वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी को आत्मरक्षा में हवाई फायर करना पड़ा। उधर घायल वन कर्मियों मेडिकल कॉलेज चंबा में इलाज किया गया। उधर एक घायल शख्स ने वन कर्मियों की गोली से जख्मी होने का दावा किया है।

मामला शुक्रवार देर रात का है। पुलिस थाना चंबा के तहत कीड़ी पंचायत के साहलुईं गांव में अवैध रूप से लकड़ी रखने की सूचना पर दबिश देने गई वन विभाग की टीम पर दोषियों ने हमला कर दिया।

वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जान बचाने के लिए वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी को लाइसेंसी गन से हवा में गोली चलानी पड़ी। हमले में वन विभाग की टीम के सदस्य घायल हुए हैं, जिनका उपचार मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रहा है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी साहो सुनील ठाकुर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि विभाग की टीम को जाना पुत्र युसुफ द्वारा अवैध रूप से लकड़ी छुपाने की सूचना मिली थी।

सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी की अगुआई में वनरक्षक भुवन मोहन पाल, सुरेश कुमार, चौकीदार भिंदरो तथा पुन्नु राम की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन टीम द्वारा कार्रवाई शुरू करते ही जाना पुत्र युसुफ ने परिवार सहित टीम पर लोहे की रॉड व लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में वन परिक्षेत्र अधिकारी सुनील ठाकुर की आंख तथा सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आई हैं।

उधर अस्पताल में भर्ती यूसुफ का कहना है कि उसपर गलत शक किया और बेवजह छापा मारा गया। उसने गोली लगने का भी दावा किया है। पुलिस को घटनास्थल से गोली के दो खाली खोल और डंडा मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दर्द से बिलखती रही गर्भवती महिला, मंत्री महेंद्र सिंह के लिए तैनात रही ऐंबुलेंस

मंडी।। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर में शुक्रवार को एक गर्भवती महिला सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ते बची। ग़रीब परिवार की इस महिला को डिलीवरी के दौरान मुश्किल आने के कारण सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर से टांडा रेफर किया गया था मगर 108 ऐंबुलेंस नहीं मिल पाई। यह ऐंबुलेंस मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की सेवा में तैनात रही जो जोगिंदर नगर आए थे।  इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं कि जो मंत्री अपने परिजन को सीएम के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट करवा सकता है, आज उसी के कारण एक जरूरतमंद महिला को ऐंबुलेंस तक नहीं मिल पाई

क्या है मामला
दरअसल जोगिंदर नगर में शुक्रवार को महेंद्र सिंह ठाकुर के करीबी स्थानीय निर्दलीय विधायक प्रकाश राणा ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें महेंद्र सिंह को राजस्व विभाग मिलने का जश्न मनाया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोग जुटे जिन्होंने जुलूस निकाला और फिर ठसाठस भरे सभागार में कई नियम तोड़े गए। इस दौरान सांसद रामस्वरूप शर्मा भी वहां मौजूद थे। मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कामों की समीक्षा भी की। इस सब में काफ़ी समय लग गया।

इसी बीच जोगिंदर नगर के खुद्दर गांव की अनीता देवी को डिलीवरी में कॉम्पिकेशन आई तो सुबह साढ़े 10 डॉक्टरों ने उन्हें टांडा रेफर कर दिया। परिवार आईआरडीपी में है और उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पति के पास रोजगार नहीं और पिता पैरालाइज्ड हैं। ऐसे में परिवार ने 108 पर फोन किया। आरोप है कि सामने से कहा गया कि एक एंबुलेंस नियमों के तहत मंत्री के साथ तैनात है और दूसरी को अस्पताल में किसी इमर्जेंसी के लिए रखना जरूरी है। अनीता सुबह साढ़े 10 बजे से लेकर दोपहर बाद दो बजे तक तड़पती रही। जब हालत खराब होने लगी और दर्द के मारे वह चीखने-चिल्लाने लगीं तो उनकी मां टैक्सी हायर करके टांडा ले जाना पड़ा।

इस मामले को लेकर विपक्ष ने भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव व जिला परिषद सदस्य जीवन ठाकुर ने कहा है कि जिस महिला को टांडा रेफर किया गया था, क्या वह आपात स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा, “जब मंत्री के परिवार की बच्ची घायल हुई थी तब तो सीएम का हेलिकॉप्टर लाया गया था मगर महिला को आपात स्थिति में ऐंबुलेंस तक नसीब नहीं हुई।”

कोरोना के कारण हिमाचल को 30 हजार करोड़ का नुकसान: जयराम ठाकुर

देहरा।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण हिमाचल को 30 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान हो चुका है। सीएम ने कहा कि इस आर्थिक संकट का सामना करने के लिए सरकार को कई कदम उठाने पड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बस किराया बढ़ोतरी का फैसला भी सरकार को इसी मजबूरी में लेना पड़ा है।” मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा प्रवास के दौरान उपमंडल देहरा के बगली में ये बातें कहीं।

सीएम ने देहरा भाजपा संगठनात्मक जिला के पदाधिकारियों से कहा कि बस किराये में वृद्धि पर विपक्ष शोर-शराबा कर रहा है, लेकिन विपक्ष को मालूम होना चाहिए कि कोविड -19 महामारी ने प्रदेश को कितना ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

नीचे देखें, कोरोना काल में घाटे को देखते हुए किराया बढ़ाए जाने से खुश हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ एवं जिला कांगड़ा निजी बस वेलफेयर सोसाइटी ने सीएम जयराम ठाकुर और परिवहन मंत्री का ढोल और नृत्य से ऐसे किया स्वागत।

कोरोना काल में घाटे को देखते हुए किराया बढ़ाए जाने से खुश हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ एवं जिला कांगड़ा निजी बस वेलफेयर सोसाइटी ने सीएम जयराम ठाकुर और परिवहन मंत्री का ढोल और नृत्य से ऐसे किया स्वागत।

Posted by In Himachal on Friday, August 7, 2020

 

प्रदेश में सड़कों से ज्यादा खराब हालत विपक्ष की है: जयराम ठाकुर

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में बरसात और कोरोना के चलते सड़कों की हालत से ज्यादा विपक्ष की दशा खराब है।

सीएम ने कहा, “लॉकडाउन के कारण करीब तीन महीने प्रदेश का विकास प्रभावित हुआ है। बरसात का मौसम जाते ही विकास कार्यों और सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।”

कांगड़ा प्रवास पर आए मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में कहा कि विभाग खराब सड़कों को ठीक करने के लिए टेंडर तैयार कर ले। इस दौरान सीएम ने कहा कि सरकार सड़कों पर विशेष ध्यान दे रही है।

सीएम जयराम घूमें कम, नियमों का सख्ती से पालन करें: शांता कुमार

सीएम जयराम घूमें कम, नियमों का सख्ती से पालन करें: शांता कुमार

कांगड़ा।। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने खुद को 14 दिनों के लिए क्वारन्टीन कर लिया है। उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर से भी अनुरोध किया है कि ‘वह इस कोरोना सकंट में अपना प्रवास कम से कम करें और जहां कहीं आवश्यक हो, वहां नियमों का सख्‍ती से पालन करें।’ दरअसल सीएम के कांगड़ा प्रवास को लेकर उन्होंने यह टिप्पणी की है।

शांता कुमार के अनुसार, कल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप उनसे मिलने के लिये आये थे। वे शिमला में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के साथ मिले थे। सुखराम परिवार सहित सक्रंमित पाए गए हैं। उसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष उन्हें और पूर्व प्रेम कुमार धूमल को मिले हैं। ऐसे में सावधानी बरतते हुए शांता ने खुद को क्वारन्टीन कर लिया है।

शांता कुमार ने सभी नेताओं से अपील की है कि ‘इस कोरोना संकट के समय सावधानी 100 नहीं 200 फीसद करने की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा है कि इन नियमों को बड़े-बड़े नेता ही तोड़ रहे है और जलूस निकाल रहे हैं जबकि प्रतिदिन कोरोना का संकट बढ़ता ही जा रहा है।

शांता ने कहा कि उन्हें ‘इस बात की भी चिंता है कि सभी नेता अपने भाषणों में सावधानी की बात कर रहे हैं परंतु अपने व्यवहार में पूरी लापरवाही कर रहे हैं। उन्हें यह लापरवाही बहुत मंहगी पड़ सकती है। उन्होंने कहा है कि जरूरत हो तो ज़रूरी काम के लिए उनके कार्यालय के फोन पर संपर्क कर सकते हैं।’

उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी अनुरोध किया है कि वह इस कोरोना सकंट में अपना प्रवास कम से कम करें और जहां कहीं आवश्यक हो वहां नियमों का सख्‍ती से पालन करें। उन्होंने याद दिलाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर शिलान्यास के दौरान भी इस सावधानी की बात बड़े आग्रह से कही थी।

बेबाक बातों के लिए पहचाने जाने वाले शांता कुमार की चिंता जायज भी नजर आती है क्योंकि नए मंत्री सुखराम चौधरी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बावजूद आज मंत्री महेंद्र सिंह ने मंडी जिले में एक बड़े जनसमूह के बीच कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

महेंद्र ठाकुर को राजस्व विभाग मिलने का जश्न मनाने के लिए मंडी के जोगिंदर नगर सामुदायिक भवन में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी।…

Posted by In Himachal on Thursday, August 6, 2020

प्रियंका गांधी ने 11 अन्य के साथ किया शिमला आने का आवेदन

शिमला।। शिमला के छराबड़ा स्थित अपने घर आने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है। कोविड-ई पास रजिस्ट्रेशन के तहत किए आवेदन में प्रियंका और उनके बच्चों के अलावा कुल 12 नाम शामिल हैं जो 10 अगस्त को शिमला आना चाहते हैं।

इस बारे में डीसी शिमला अमित कश्यप ने बताया कि आवेदन में कुछ दस्तावेज अधूरे हैं, इसलिए अभी आने की अनुमति नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि वह कोविड महामारी के दौर में छराबड़ा स्थित नए आशियाने में कुछ समय बिताएंगी।

प्रियंका का घर

हिमाचल में दिल्ली के सभी जिलों को कोविड के हैवी लोड वाले शहरों की सूची में डाला गया है। ऐसे में प्रियंका व उनके साथ के लोगों को कोविड निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट साथ लानी होगी। रिपोर्ट न होने पर नियमानुसार उन्हें संस्थागत क्वारंटीन होना पड़ सकता है।

रेग्युलर कर दिए मगर सरकार को नहीं मालूम PTA टीचर्स की सही संख्या

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग की हालत क्या है, इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे यही नहीं पता कि प्रदेश में कितने पीटीए टीचर हैं। यह बात उस आधिकारिक पत्र से पता चलती है जो सेक्रेटरी हायर एजुकेशन ने डायरेक्टर हायर एजुकेशन और डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन को लिखा है। इसमें सही संख्या बताने को कहा गया है क्योंकि वित्त विभाग को इस संबंध में इंतजाम करने के लिए जो जानकारी भेजी गई थी, उसमें अध्यापकों की संख्या को लेकर कई गड़बड़ियां हैं।

दरअसल सरकार ने पीटीए, पैट और पैरा टीचर्स को रेग्युलर कर दिया गया है। लंबे समय से पीटीए टीचर्स खुद को रेग्युलर किए जाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए इन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी है। सरकार ने जून महीने में ही इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी और अब जाकर इसकी अधिसूचना जारी हुई है।

पात्रता पूरी करने वाले पीटीए अध्यापक ही होंगे रेग्युलर

गौरतलब है कि पीटीए टीचर्स वो अध्यापक हैं जो बिना किसी कमिशन या एग्जाम के सरकारी स्कूलों में पैरंट्स टीचर्स एसोसिएशन के जरिये रख लिए गए थे (आजकल पीटीए की जगह स्कूलों में एसएमसी होती हैं)। पहले सरकार इन्हें ग्रांट इन एड में ले आई थी। अब, जबकि इन्हें रेग्युलर करने की घोषणा की गई तो वित्त विभाग को इनके वेतन आदि का इंतज़ाम करना होगा। लेकिन वित्त विभाग को शिक्षा विभाग से जानकारी मिली, उसमें अध्यापकों की संख्या ही सही नहीं थी।

अब सेक्रेटरी हायर एजुकेशन ने डायरेक्टर हायर एजुकेशन और डायरेक्टर एलिमेंट्री एजुकेशन को पत्र भेजकर कहा है, “वित्त विभाग ने पाया है कि विभाग ने पीटीए अध्यापकों की जो संख्या बताई है वो सटीक नहीं है और अलग-अलग है। एक जगह पीटीए अध्यापकों की संख्या 4974 और 1342 (कुल 6316) बताई गई है। वहीं दूसरी जगह यह संख्या 2374 (हायर) और 4064 (एलिमेंट्री) बताई गई है जो कुल मिलाकर 6438 होती है। वहीं चंद्र मोहन नेगी के केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पैरा 9 में यह संख्या 6799 बताई गई है। इसलिए डायरेक्टर हायर एजुकेशन और डायरेक्ट एलिमेंट्री एजुकेशन को निर्देश दिया जाता है कि वे इस संबंध में सही संख्या बताएं कि कितने अध्यापकों को रेग्युलर करना है। इसके लिए ज़िम्मेदार अधिकारी का नाम भी भी भेजें।”

शिक्षा सचिव का पत्र

यह पत्र पांच अगस्त, 2020 को जारी हुआ है। पीटीए टीचर्स का मुद्दा काफ़ी पुराना है और इनका मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। अब सरकार की ओर से इन्हें रेग्युलर तक करने का एलान कर दिया गया है, फिर भी शिक्षा विभाग को इनकी संख्या ही नहीं पता कि कितनों को पक्का किया जाना है। सवाल उठ रहा है कि अभी तक शिक्षा विभाग क्या कर रहा था?

पाताल नहीं, खरड़ से मिला वेंटिलेटर खरीद में घोटाले का लेटर लिखने वाला

शिमला।। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उस शख्स को ढूंढने का दावा किया है जिसने वेंटिलेटर खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इस संबंध में सीएम ने कहा था कि गुमनाम लेटर लिखने वाले शख्स ने झूठे आरोप लगाए हैं और उसे पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।

अब हिमाचल पुलिस ने चंडीगढ़ के खरड़ में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की है और कुछ दस्तावेज भी बरामद किए हैं। प्रदेश पुलिस ने इस संबंध में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस को लगभग 2 महीने की जांच के बाद ये कामयाबी हाथ लगी है। प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान इस बात का खुलासा किया है।

कुंडू ने बताया कि कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैंटिलेटर खरीद को लेकर एक पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत मिली थी, जिसमें वैंटिलेटर को घटिया किस्म का बताया गया था। इसकी स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी जांच की गई लेकिन उसमें कोई अनियमितता नहीं पाई गई, जिसके बाद सरकार ने पत्र की जांच पुलिस को सौंपी और 2 महीने बाद मोहाली की कंपनी में काम करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा है।

संजय कुंडू

डीजीपी ने बताया कि इस शख्स को कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया था। इसी रंजिश में व्यक्ति ने यह पत्र हिमाचल सरकार को लिखा था। पुलिस ने व्यक्ति को फिलहाल जमानत पर छोड़ दिया है और आगामी जांच चल रही है। हालांकि, इस सम्बंध में अभी आरोपी का पक्ष सामने नहीं आया है।

बीजेपी ने 31 साल पहले हिमाचल के पालमपुर में रखी थी राम मंदिर की ‘नींव’

कांगड़ा।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार सुबह 12 बजे के करीब अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखेंगे। बीजेपी के लिए यह दिन खास है क्योंकि 31 साल पहले बीजेपी ने पालमपुर में राम मंदिर बनाने का प्रस्ताव पारित किया था। 11 जून, 1989 को पारित प्रस्ताव के बाद बीजेपी ने राम मंदिर बनाने के लिए अभियान शुरू किया था।

बीजेपी नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने कहा है कि ‘5 अगस्त अयोध्या में राम मन्दिर का शिलान्यास भारत के इतिहास में हमेशा सुनहरी अक्षरों में लिखा जाएगा।’ उन्होंने लिखा है, “500 वर्षों के लंबे संघर्ष, बलिदान और अदालतों में मुकदमेबाजी के बाद प्रभु राम के मन्दिर का निर्माण षुरू हो जाएगा। यह अवसर हिमाचल प्रदेश के लिए और विशेष कर पालमपुर के लिए भी बहुत अधिक महत्वपूर्ण है।”

शांता कुमार बताते हैं, “भारतीय जनता पार्टी ने 11 जून 1989 को इसी पालमपुर में वह ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया था जिसके बाद राम मन्दिर आन्दोलन में भाजपा पूरी शक्ति के साथ लगी थी। श्री लाल कृष्ण अडवाणी जी ने ऐतिहासिक रथ यात्रा की थी। कई प्रकार के संघर्ष हुए और अन्त में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद 5 अगस्त को राम मन्दिर का शिलान्यास हो रहा है।”

शांता कुमार | Image Courtesy: Shanta Kumar / HP Govt

शान्ता कुमार लिखते हैं, “कार्य समिति की बैठक के अन्त में पालमपुर में एक ऐतिहासिक रैली हुई थी। इतने अधिक लोग थे कि बाजार तक लाऊड स्पीकर व्यवस्था करनी पड़ी थी। उसके बाद मैंने पालमपुर से शिमला तक ऐतिहासिक यात्रा की फिर लोकसभा का चुनाव हुआ और उसके कुछ दिन बाद हिमाचल विधानसभा का चुनाव हुआ था जिसमें भाजपा की ऐतिहासिक जीत मिली। मैं दूसरी बार मुख्यमंत्री बना था।”