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Tuesday, February 27, 2024

काफल: स्वाद के साथ सेहत और सबक भी देता है ये पहाड़ी फल

इन हिमाचल डेस्क।। गर्मियां आते ही हिमाचल प्रदेश के बाजारों में काफल नजर आने लगते हैं। ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोग टोकरियों वगैरह में काफल लाते हैं और उन्हें बेचते हैं। लाल रंग...

हिमाचल का अर्थ ‘हिम का आँचल’ नहीं है | जानें 20 खास बातें

इन हिमाचल डेस्क।। आज हिमाचल प्रदेश का पूर्ण राज्यत्व दिवस है। आजादी के बाद 15 अप्रैल, 1948 को 28 पहाड़ी रियासतों को मिलाकर नया प्रांत बनाया गया था। मगर साल 1971 में इसे 'हिमाचल प्रदेश...

बघाट (सोलन ) भारतीय गणराज्य में शामिल होने वाली हिमाचल की प्रथम रियासत

विवेक अविनाशी।। हिमाचल प्रदेश आज विकास की बुलंदियों को छू रहा है।  यह प्रदेश वासियों के लिए तो गौरव की बात है ही लेकिन भावी पीढियां यह भी अवश्य जानना चाहेंगी कि आखिर हिमाचल...

1948 में ही हिमाचल का भविष्य बता चुके थे राहुल सांकृत्यायन

आशीष नड्डा।। 21वीं सदी के इस दौर में जब संचार-क्रान्ति के साधनों ने समग्र विश्व को एक ‘ग्लोबल विलेज’ में परिवर्तित कर दिया हो एवं इंटरनेट द्वारा ज्ञान का समूचा संसार क्षण भर में एक...

डॉक्टर परमार न होते आप हिमाचल में नहीं, पंजाब में होते

हिमाचल प्रदेश की कहानी का आगाज हुआ था जनवरी 1947 में। राजा दुर्गाचंद (बघाट) की अध्यक्षता में शिमला हिल्स स्टेट्स यूनियन की स्थापना की गई। इसका सम्मेलन जनवरी 1948 में सोलन में हुआ। इसी...

रियासत मंडी की क्रांतिकारी रानी- ललिता उर्फ खैरागढ़ी

इन हिमाचल डेस्क।। यह बात किसी से छिपी नहीं है हिमाचल के राजे-रजवाड़े भी ब्रिटिश इंडियन के तहत आने वाले तमाम राजे-रजवाड़ों की तरह अंग्रेजों के आगे नतमस्तक हो चुके थे। मगर मंडी रियासत...

ढोलरू: प्रकृति को समर्पित हिमाचल प्रदेश का लोक गायन

इन हिमाचल डेस्क।। आपमें से बहुत लोगों को शायद पता नहीं होगा कि 'ढोलरू' क्या है। चैत्र महीने की शुरुआत होते ही कुछ लोगों की टोली घर-घर घूमती है और लोकगीत सुनाती है। ढोलक की...

हिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी: जब अंग्रेजों को मिली पहाड़ से चुनौती

इन हिमाचल के सभी पाठकों को स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। आज का दिन सिर्फ उन शहीदों को याद करने का नहीं है, जिनकी वजह से हमें आजादी मिली। बल्कि आज का दिन है...

जानें, क्यों और कैसे मनाया जाता है सैर या सायर का त्योहार

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में आज सैर या सायर (पहाड़ी ऐक्सेंट में) का पर्व मनाया जा रहा है। इसे हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन माह के पहले प्रविष्टे यानी पहली तारीख को मनाया...

हिमाचल का वो ‘मूर्ख’ दुकानदार, जिसे गालियां दे रहे घरवाले

यतिन पंडित।। लोग 2 रुपये वाला शैम्पू लेने दौड़े हुए हैं दुकान पर, हद है। बच्चों को गुबारे लेने भेज रहे हैं। कोई 10-10 रुपये की सिंगल पीस आइटम्स के लिए, जो ज़रूरी भी...