शिक्षकों की भर्ती को कैबिनेट की मंजूरी, भरें जाएंगे इतने पद

शिमला।। सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में पीटरहॉफ शिमला में प्रदेश कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। कैबिनेट ने स्कूलों में 4 हजार शिक्षकों के पदों को भरने की भी मंजूरी दी है।

बताया जा रहा है कि 1360 पद हायर एजुकेशन और 2640 पद एंलिमेंट्री लेवल पर भरे जाएंगे। इनमें 810 जेबीटी, 820 कला शिक्षक, 870 पीईटी, 561 कॉलेज प्रवक्ता, 214 स्कूल न्यू प्रवक्ता, 250 जेओए (पुस्तकालय), 16 कॉलेज आचार्य सहित तबला वादकों व योगा शिक्षकों के भी पद भरने का फैसला लिया गया है।

इसके अलावा चंबा में एक मिडल को हाई स्कूल और दो हाई स्कूलों को वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा दिया है। कैबिनेट ने सिराज विधानसभा क्षेत्र में अटल आदर्श विद्यालय खोलने का फैसला भी लिया है।

कैबिनेट ने अभी और एक हफ्ते तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश में अब चार सितंबर तक स्कूल बंद रहेंगे। कोरोना को लेकर प्रदेश में कोई नई बंदिश नहीं लगाई गई है। प्रदेश में पहले से लागू कोरोना बंदिशें ही लागू रहेंगी।

कैबिनेट मीटिंग : 4 सितंबर तक स्कूल बंद, नई बंदिशों पर कोई फैसला नहीं

शिमला।। मंगलवार को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट मीटिंग शिमला में आयोजित हुई। उम्मीद की जा रही थी कि मीटिंग में कोरोना की नई बंदिशों को लेकर कुछ फैसला लिया जाएगा। लेकिन इस मीटिंग में कोरोना को लेकर नई बंदिशें लगाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

कैबिनेट द्वारा स्कूलों को बंद रखने का फैसला आगे बढ़ाया गया है। कैबिनेट ने चार सितंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। इससे पहले 28 अगस्त तक स्कूल बंद रखने के आदेश थे।

इसके अलावा कैबिनेट ने स्कूलों में 4 हजार शिक्षकों के पदों को भरने की भी मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि 1326 पद हायर एजुकेशन और 2640 पद एंलिमेंट्री लेवल पर भरे जाएंगे।

इसके अलावा 16 और 17 सितंबर को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। स्वर्णिम हिमाचल वर्ष पर दो दिन का यह विशेष सत्र आयोजित होगा। इस सत्र में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

अपने घर पहुंचा सरकाघाट का नवीन, कहा – फिर कभी नहीं जाऊंगा अफगानिस्तान

मंडी।। अफगानिस्तान में फंसा हिमाचल का एक बेटा सकुशल अपने घर पहुंच गया है। जबकि दूसरा भी आज शाम तक दिल्ली पहुंच जाएगा। मंडी जिला के सरकाघाट उपमंडल के दो युवा नवीन और राहुल अफगानिस्तान में फंसे थे। नवीन सोमवार रात को सही सलामत अपने घर पहुंच गया है।

नवीन के घर पहुंचते ही पूरा परिवार भावुक हो उठा। परिवार के साथ मिलकर नवीन की आंखों में भी आंसू आ गए। परिवार ने गर्मजोशी से नवीन का स्वागत किया। बहनों ने अपने भाई की आरती उतारी। वहीं, अपने बेटे के घर पहुंचने की खुशी में माँ ने उसके मनपसंद पकवान बना रखे थे।

अफगानिस्तान के हालातों पर बात करते हुए नवीन ने कहा कि इस समय अफगानिस्तान में जिस तरह के हालात हैं, उससे पूरी दुनिया वाकिफ है। लंबी जद्दोजहद के बाद वह भारत पहुंचे हैं। देवी-देवताओं और माता पिता का आशीर्वाद उनके साथ था। उनके आशीर्वाद की बदौलत ही वह घर पहुंचे हैं। नवीन ने यह भी कहा कि वह भविष्य में फिर कभी अफगानिस्तान नहीं जाएंगे।

इसके अलावा नवीन ने बताया कि वह बस के माध्यम से सरकाघाट आ रहे थे। दिल्ली से सुबह 11 बजे उनकी बस थी। लेकिन पानीपत के पास एक गाड़ी के साथ उनकी बस की टक्कर हो गई। टक्कर मामूली थी, लेकिन इस कारण काफी देर तक जाम लग गया। इस वजह से वह देरी से अपने घर पहुंचे। नवीन ने 7 बजे घर पहुंचना था लेकिन बस रात को 11 बजे सरकाघाट पहुंची।

नवीन के बाद अब सरकाघाट का दूसरा बेटा राहुल बराड़ी भी घर पहुंचने वाला है। आज शाम तक राहुल के घर पहुंचने की संभावना है। सोमवार को वह लंदन से कतर पहुंच गया है। वहां से उसे आज दिल्ली के लिए फ्लाईट मिलेगी।अपने बेटों के सुरक्षित लौटने की खुशी में दोनों के परिजन फूले नहीं समा रहे हैं।

हिमाचल के सरकारी वकील नहीं बता पाए कब आई कोरोना महामारी, लगा जुर्माना

नई दिल्ली।। राज्य सरकार की ओर से एक आपराधिक मामले में अपील दायर करने में करीब दो साल की देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। इसके साथ ही सरकारी वकील के जवाब से खिन्न सुप्रीम कोर्ट ने 25 हज़ार का जुर्माना लगाया। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के सरकारी वकील यह नहीं बता पाए कि कोरोना की पहली लहर देश में कब आई थी।

अपील दायर करने में 636 दिन की देरी हुई, जिस पर न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही जुर्माने की राशि अपील दायर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से वसूलने का भी निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान जब न्यायमूर्ति कौल ने सरकारी वकील से पूछा कि कोविड कब आया था, 2020 में या 2019 में? इसके जवाब में वकील ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि अपील दायर करने में 636 दिन की देरी क्यों हुई, इसी से समझा जा सकता है।

इसके साथ ही न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि आप यह भी नहीं जानते कि महामारी कब आई। यही कारण है कि आप अपना काम नहीं कर रहे हैं। अपील दायर करने में 636 दिन की देरी हुई है। स्पष्टीकरण का नामोनिशान भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुद्दे की गंभीरता इस बात का बहाना नहीं हो सकती कि देरी के लिए राज्य को जिम्मेदार न ठहराया जाए।

बीजेपी वालों को मत बताना कि कांग्रेस ने क्या किया है, वो सब बेच देंगे : अग्निहोत्री

मंडी।। कोई भी कांग्रेसी भाजपा को न बताए कि कांग्रेस ने 70 वर्षों में क्या-क्या काम किए हैं। भाजपा सरकार कांग्रेस द्वारा स्थापित व्यापारों को बेचने के काम में लगी हुई है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी में आयोजित युवा कांग्रेस के प्रदेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर यह तंज कसा।

इसके अलावा अग्निहोत्री ने सीएम जयराम ठाकुर को भी सलाह दी है। उन्होने कहा कि अभी भी लगभग एक वर्ष का समय उनकी सरकार का है। जिसमें उन्हें कुछ कार्य कर लेने चाहिए।

अग्निहोत्री ने जन आशीर्वाद यात्रा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में यात्राएं वाले निकले हैं जो कि कांग्रेस नहीं बल्कि प्रदेश के मुखिया के लिए सड़कों पर निकल रहे हैं। उन्होने कहा कि भाजपा में बटवारे की बड़ी बुनियाद रखी जा चुकी है जिसका सारा फायदा कांग्रेस को मिलने वाला है।

वहीं इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने सम्मेलन में उपस्थित युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मंडी लोकसभा चुनावों में प्रतिभा सिंह सबसे लोकप्रिय प्रत्याशी के तौर पर सामने आ रही हैं और इस जनभावना को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होने प्रदेश की भाजपा सरकार पर महंगाई पर लगाम न लगाने, प्रदेश में माफिया की सक्रियता, बेरोजगारी, खराब सड़क व्यवस्था आदि अनियमितताओं का अरोप लगाया। उन्होने कहा कि सरकार चुनावों में हर प्रकार से धन-बल लगाने का प्रयास करेगी लेकिन प्रदेश में होने वाले उपचुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित हो इसके लिए एकजुटता से कार्य किया जाएगा।

इस मौके पर शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव कृष्ण अलवारू, प्रभारी संजय दत्त, लाली, दमन, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदुपति ठाकुर व अन्य मौजूद रहे।

मलाणा भांग से दवाई वाली किस्म बनाएगी न्यूजीलैंड की कंपनी

सोलन।। न्यूजीलैंड की ग्रीन लैब कंपनी हिमाचल में भांग के पौधों पर रिसर्च करेगी। कंपनी ने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर के साथ इस संबंध में एमओयू साइन किया है। हिमाचल प्रदेश के बद्दी में भी कंपनी की ब्रांच है।

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भांग में कई ऐसे कंपाउंड होते हैं, जिनका इस्तेमाल दवाइयों में किया जाता है। अभी तक लकवा की दवाई में भांग का प्रयोग किया जाता है, लेकिन लोग इसका प्रयोग ज्यादातर नशे के लिए करते हैं। अब वैज्ञानिकों द्वारा इसके नशे के तत्वों को दूर करके मेडिसिनल तत्वों को प्रमोट किया जाएगा और भांग के पौधे को नई ब्रीड दी जाएगी। विदेशों में पहले ही भांग के पौधों पर रिसर्च हो रही है। अब भारत में भी भांग के पौधों पर रिसर्च की जाएगी।

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ग्रीन लैब कंपनी के डायरेक्टर लोकेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार को पालमपुर में इस रिसर्च के लिए हरी झंडी देंगे। न्यूजीलैंड से वैज्ञानिक डॉ. परमजीत रंधावा और डॉ. रुपेंद्र बराड़ कंपनी की ओर से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के साथ इस रिसर्च में हिस्सा लेंगे।

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हिमाचल के मलाणा में पाई जाने वाली भांग प्राकृतिक तत्वों से भरपूर है। अभी तक लोग अवैध तरीके से नशीले पदार्थों के तस्करी के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। अगर रिसर्च में इसके मेडिसिनल तत्वों का पता लग जाता है तो लोग इसकी लोग खेती करना शुरू कर देंगे। अभी तक तो इसे नष्ट किया जाता है। लोकेश शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। जिस वजह से रिसर्च का कर शुरू करने में देरी हुई है।

हिमाचल को मालामाल कर सकती हैं इंडस्ट्रियल भांग की खेती

फर्जी तरीके से किसान सम्मान निधि लेने वालों को नोटिस

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में फर्जी तरीके से किसान सम्मान निधि पाने वाले हजारों लोगों को राज्य सरकार की ओर से रिकवरी नोटिस जारी हुए हैं। राजस्व विभाग ने तहसीलदारों के माध्यम से यह नोटिस जारी किए हैं। अपात्र लोगों को 15 दिन के भीतर गलत तरीके से ली गई किसान सम्मान निधि की किश्तें लौटाने के आदेश दिए गए हैं।

इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा बार-बार निर्देश जारी किए जा रहे थे, जिसके बाद राजस्व विभाग हरकत में आया है। पिछले साल दिसंबर में ऐसे 11,388 किसानों को चिन्हित किया गया था। यह सभी आयकर चुकाते हैं और इन्होंने किसान सम्मान निधि के तहत किस्तें ली हैं। इन सभी के खातों में करीब 12 करोड़ रुपये की धनराशि जमा हुई थी।

इन सभी किसानों को कहा गया था कि उनके जिन खातों में यह राशि आई है, उसी से इसे रिकवर किया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद अभी तक रिकवरी नहीं हुई है। अब राजस्व विभाग ने नोटिस जारी कर इन सभी को यह किश्ते जमा कराने के निर्देश दिए हैं। 15 दिन के भीतर सभी को यह राशि उनके संबंधित खाते में जमा करवाने को कहा गया है।

बीच में भी इन किसानों से रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन इनमें से हज़ारों किसानों ने गंभीरता से नहीं लिया। अब उन सभी को 15 दिन के अल्टीमेटम के साथ रिकवरी नोटिस भेजे गए हैं। अगर 15 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो हिमाचल प्रदेश भू राजस्व अधिनियम 1954 की धारा 74 में दिए प्रावधानों के तहत इसकी रिकवरी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

हिमाचल की 279 में से सिर्फ एक आईटीआई में फोटोग्राफी कोर्स

धर्मशाला।। आज कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में प्रोफेशनल फोटोग्राफर रखे जा रहे हैं। हर क्षेत्र में प्रोफेशनल फोटोग्राफर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। हर युवा के हाथ में कैमरा भी है। बावजूद इसके प्रदेश में सिर्फ एक ही आईटीआई में फोटोग्राफी का कोर्स उपलब्ध है।

इस समय हिमाचल प्रदेश में 139 सरकारी और 140 प्राइवेट आईटीआई हैं। लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही आईटीआई में फोटोग्राफी ट्रेड उपलब्ध है। ऐसे में फोटोग्राफी ट्रेड न होने का कारण युवा प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने से वंचित रह रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में केवल मात्र एक ही आईटीआई में फोटोग्राफी ट्रेड है। सबसे पहले यह ट्रेड मंडी आईटीआई में शुरू किया गया था। उसके बाद 2014 में इसे सोलन जिले के अर्की आईटीआई में शिफ्ट कर दिया गया। इस समय यहां डिजिटल फोटोग्राफी के कोर्स के लिए 20 सीटें हैं।

तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सचिव आरके शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अर्की आईटीआई में फोटोग्राफी का कोर्स चल रहा है। यहां 20 सीटों पर पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

बता दें कि प्रदेश में कई संस्थाओं में फोटोग्राफी के पद भरे जाते हैं, जिनमें लोक संपर्क विभाग भी शामिल है। लेकिन प्रदेश में फोटोग्राफी का विशेष डिप्लोमा या डिग्री नहीं करवाई जाती है, जिस कारण युवा इस क्षेत्र में नौकरी पाने से वंचित रह रहे हैं। प्रदेश में इस तरह का कोई भी कोर्स न होने से लोग फोटोग्राफर के पदों के लिए मांगे गए मापदंड ही पूरे नहीं कर पाते हैं।

अनुराग ने फिर दोहराई मंडी में क्रिकेट स्टेडियम बनाने की बात

मंडी।। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक बार फिर मंडी में क्रिकेट स्टेडियम बनाने की बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मंडी में जमीन उपलब्ध करवाती है तो फिर यहां पर भी भव्य क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने यह बात मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। शुक्रवार देर रात को अनुराग ठाकुर मंडी जिला पहुंचे हैं।

अनुराग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसी के पास इतनी जमीन नहीं कि वहां पर स्टेडियम बनाया जा सके। इसलिए यह जमीन सरकार को ही उपलब्ध करवानी होगी। जमीन उपलब्ध होते ही स्टेडियम बना दिया जाएगा।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार एक राज्य एक खेल को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है और इसमें राज्यों के सहयोग की आवश्यकता है। हर एक राज्य में एक ऐसे खेल को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां से उस खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल मिल सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्य राज्यों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है।

जन आशीर्वाद यात्रा में बीजेपी के रंग में रंग दिया घोड़ा

इंदौर।। इन दिनों देश भर में केंद्रीय मंत्री अपने-अपने राज्यों में जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मध्यप्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे हैं। लेकिन इस यात्रा में इस्तेमाल एक घोड़े को लेकर बवाल मच गया है। साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की मांग उठ रही है।

गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंदौर में जन आशीर्वाद यात्रा निकाली थी। इस यात्रा में इस्तेमाल करने के लिए एक घोड़े को पूरी तरह से बीजेपी के झंडे के रंग में रंगा गया था। जिसका फ़ोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद “पीपल फॉर एनिमल्स” संस्था ने आपत्ति जताई है। साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज करने के लिए पुलिस से शिकायत की है।

“पीपल फॉर एनिमल्स” बीजेपी की ही सांसद मेनका गांधी की संस्था है। संस्था की प्रियांशु जैन ने संयोगिता गंज थाने में लिखित शिकायत की है। शिकायत की कॉपी कलेक्टर और चुनाव आयोग को भी भेजी है।

संस्था की प्रियांशु जैन ने बताया कि जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान बीजेपी के झंडे के रंग में रंगा यह घोड़ा संयोगितागंज इलाके में नजर आया था। उसके ऊपर कमल भी बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह से घोड़े को रंगा जाना उसके लिए खतरनाक है। इस मामले में उन्होंने पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग की है।

इस पर एडिशनल एसपी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ”पीपल फॉर एनिमल्स” संस्था की ओर से शिकायत मिली है। हम जांच कर रहे हैं। संस्था का कहना है कि घोड़े को इस तरह रंगना पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 का उल्लंघन है। ऐसा करने वालों और यात्रा के आयोजकों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।