धूमधाम से हुआ मुख्यमंत्री वीरभद्र की बेटी अपराजिता की शादी का रिसेप्शन

शिमला।।
रविवार को शिमला के पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी अपराजिता की शादी का रिसेप्शन धूमधाम से आयोजित हुआ। इसमें राजनेताओं, राजपरिवारों, अधिकारियों, मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों और करीबियों ने शिरकत की। पेश हैं कुछ तस्वीरें…
मेहमानों के लिए खास इंतजाम किए गए थे
पीटरहॉफ पहुंचतीं अपराजिता, उनके पति अंगद और मां प्रतिभा सिंह।
मेहमानों का स्वागत करते मुख्यमंत्री
बेटी और दामाद के साथ तस्वीर खिंचवाते मुख्यमंत्री
दूल्हा-दुल्हन का स्वागत
खूबसूरत कपल
लाल रंग की ड्रेस में बेहद शालीन नजर आ रही थीं अपराजिता
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी शिरकत की।

मंडी नहीं आ पाए प्रेजिडेंट, कांगड़ा में पूजा करके लौटे

कांगड़ा।।

हिमाचल दौरे पर आए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज मंडी नहीं पहुंच पाए, लेकिन उन्होंने प्रदेश के कांगड़ा जिले की प्रसिद्ध शक्तिपीठ बगलामुखी में पहुंचकर पूजा अर्चना की। आईआईटी मंडी के दूसरे दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी  मंडी आ रहे थे। सुबह चंडीगढ़ से उन्होंने मंडी के लिए ही उड़ान भरी थी।

बताया जा रहा है कि हवाई मार्ग में ही मंडी में मौसम खराब होने की जानकारी मिली तो उनके हेलिकॉप्टर को कांगड़ा जिले की ओर मोड़ने का फैसला लिया गया। दरअसल मंडी में विजबिलिटी बहुत ही कम थी। ऐसे में एटीसी और वायुसेना की ओर से कोई भी जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी गई। यही वजह थी कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ज्वालामुखी के पास एस एस बी के प्रशिक्षण केन्द्र में उनके हेलिकॉप्टर ने लैंडिंग की।

यहां हिमाचल सरकार के मिनिस्टर इन वेटिंग  शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने उनका स्वागत किया। एस एस बी के प्रशिक्षण केन्द्र सपड़ी के सेनायक एस के शर्मा भी उनके साथ थे। यहां जवानों ने उन्हें सलामी दी। सपड़ी में ही उतरते ही धर्मशाला-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग में यातायात रोक दिया और राष्ट्रपति यहां से सीधे वह 22 किलोमीटर दूर बगलामुखी रवाना हो गए

बगलामुखी में करीब आधा घंटा उन्होंने बिताया। इस दौरान राष्ट्रपति ने यहां मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की व हवन भी किया। यहां बगलामुखी के मंहत देवी गिरी के सानिध्य में  तांत्रोक्त विधि से अनुष्ठान हुआ। सपड़ी हेलीपैड में उतरने के बाद उनका काफिला ज्वालामुखी व देहरा होते हुए बनखंडी पहुंचा व इसी मार्ग से सपड़ी वापिस आ गया। यहां से उन्होंने पठानकोट के लिए उड़ान भरी।

इस दौरान सपड़ी से वाया देहरा छोटे बड़े 42 मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही व सपड़ी से देहरा हनुमान चौक तक 27 और देहरा से मां बगलामुखी मंदिर तक 15 रास्तों को सील रखा गया था। पूरे मार्ग पर चप्पे चप्पे पर पुलिस मुस्तैद थी। पहले निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें मंडी से वापस यहां आना था और उसके बाद उनकी दिल्ली वापसी थी। लेकिन बदले कार्यक्रम से उनकी वापसी अब पठानकोट से हुई।

बीजेपी के विधायकों को चिढ़ाने के लिए सदन में नाचने लगे वीरभद्र

शिमला।।

हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में गुरुवार को बीजेपी द्वारा हंगामा किए जाने के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने डांस करना शुरू कर दिया। बीजेपी विधायकों द्वारा बार-बार हंगामा किए जाने से तंग आकर उनका विरोध करने के लिए वीरभद्र ने यह अनोखा तरीका आजमाया।

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कुछ दिन पहले शिमला में वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य सिंह के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बीजेपी कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई थी। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी विरोध कर रही थी। शोर-शराबा थमता न देख मुख्यमंत्री बीजेपी के विधायकों की नारेबाजी की लय पर हाथ नचाते हुए हिमाचली नाटी के अंदाज में झूमने लगे। यह देख तमाम विधायक, पत्रकार और दर्शक खिलखिलाने लगे।

फाइल फोटो

इसके बाद माहौल हल्का-फुल्का सा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमने ने भी वीरभद्र पर कई चुटकियां लीं। उन्होंने कहा कि मुझे पंजाबी आती है और यकीन है कि कुछ दिनों में आपको भी आने लगेगी। दरअसल कुछ रोज पहले ही वीरभद्र सिंह के बेटी अपराजिता की शादी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाती से हुई है।

प्रदेश की सड़कों की हालत सुधारने के लिए नड्डा ने संभाली कमान

नई दिल्ली।।
नितिन गडकरी से मिलते जेपी नड्डा

प्रदेश की सड़कों की दुर्दशा को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की।  लगभग एक घंटे चली इस मीटिंग में प्रदेश की कई सड़क परियोजनाओं को लेकर चर्चा हुई।

नड्डा ने विशेष रूप से कीरतपुर-मनाली हाइवे और  पठानकोट-मंडी हाइवे के मरम्मत के लिए गडकरी से बात की। परिवहन मंत्री ने हिमाचल प्रदेश की इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द धन मुहैया करवाने के लिए तत्काल अधिकारीयों को निर्देश दिए गए।

गौरतलब है कि कीरतपुर-मंडी हाइवे पर पर्यटकों के वाहनों के साथ-साथ सीमेंट ढुलाई वाले वाहनों का आना जाना भी रहता है। इसलिए इस हाइवे पर यातायात का भारी बोझ है। ट्रक यूनियन के कई पदाधिकारी इस बाबत जेपी नड्डा से मिल कर अपनी समस्या बता चुके थे।

सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में यह भी तय हुआ है कि  सड़कों की मरम्मत और लंबित परियोजनाओं पर जल्द कार्य करने के लिए एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया जाएगा, जिसमे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और प्रदेश सरकार के पदाधिकारी शामिल होंगे। इस बारे में जल्द ही शिमला में एक हाई लेवल की शिमला में मीटिंग होगी जिसकी अध्यक्षता खुद जेपी नड्डा  करेंगे।

चंबा में सड़क हादसा, 12 की मौत, 10 जख्मी

चंबा।।

प्रदेश के चंबा जिले में मंगलवार को हुई एक सड़क दुर्घटना में 12 लोगों के मारे जाने और 10 के घायल होने की खबर है। घायलों को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल चंबा और टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक यह हादसा चंबा के सालवां इलाके (सलूणी) में हुआ। बकरूआ नाले में एक पिकअप जीप हादसे की शिकार हो गई, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई।  चंबा के अडिशनल एसपी कुलवंत सिंह ने का कहना है कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वह डिस्ट्रिक्ट हेडक्वॉर्टर से 50 किलोमीटर दूर है।

सलूनी के पास हुआ हादसा

अभी तक आठ शवों की पहचान हो चुकी है। दस लोग घायल हैं, जिन्हें डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल चंबा में इलाज के लिए दाखिल कराया गया है। गंभीर रूप से घायल हुए कुछ लोगों को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

बताया जा रहा है कि खचाखच भरी गाड़ी तेज गति से जा रहा थी। एक मोड़ पर ड्राइवर गाड़ी पर से कंट्रोल खो बैठा और यह पलट गई। हादसे के शिकार हुए लोग शादी समारोह से वापस आ रहे थे। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में ज्यादातर युवा हैं।

हिमाचल में 500 से ज्यादा सरकारी नौकरियां, आपने अप्लाई किया?

बेशक प्रदेश के युवा आज देश-दुनिया के विभिन्न कोनों में अलग-अलग फील्ड्स में शानदार काम कर रहे हैं, लेकिन फिर भी ज्यादातर लोग चाहते हैं कि उन्हें अपने प्रदेश में ही सरकारी नौकरी मिल जाए। तो इस बार आपके पास मौका है अपना यह सपना पूरा करने का। हिमाचल प्रदेश सबॉर्डिनेट सर्विसेस सिलेक्शन बोर्ड हमीरपुर ने 500 से ज्यादा नौकरियों का विज्ञापन निकाला है।

वैसे तो बहुत यह विज्ञापन 13 फरवरी का है, मगर इन हिमाचल ने पाया कि बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए हम एक बार फिर आपके ध्यान में ला रहे हैं कि पीडब्ल्यूडी, एजुकेशन, इलेक्ट्रिसिटी, हेल्थ और ट्रांसपोर्ट समेत अन्य कई विभागों में कई पदों की भर्ती की जानी है। आवेदन करने की आखिरी तारीख है 18 मार्च, 2015.लाहौल स्पीति, किन्नौर, पांगी और भरमौक सब-डिविजन के निवासी 2 अप्रैल, 2015 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद पहुंचने पर  आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आप ज्यादा जानकारी यहां पर क्लिक करके हासिल कर सकते हैं

 या फिर नीचे दी गई फाइल में देखें, आपके काम की कोई जॉब है या नहीं (यह वही फाइल है, जिसके अलग-अलग पेज ऊपर पब्लिश किए गए हैं।) :

इलेक्ट्रिक बसें लाने वाला पहला राज्य बनेगा हिमाचल

शिमला।।

गाड़ियों से निकलने वाले कार्बन की मात्रा कम करने की कोशिश के तहत हिमाचल प्रदेश का ट्रांसपोर्ट विभाग इलेक्ट्रिक बसें उतारने जा रहा है। पहले चरण के तहत ऐसी 500 बसें खरीदी जाएंगी।

पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ियों की संख्या बहुत ज्यादा होने की वजह से प्रदेश के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। नैशनल ग्रीन ट्राइब्युनल ने भी प्रदेश सरकार को मनली और रोहतांग पास के बीच सीएनजी बसें चलाने का निर्देश दिया था। प्रदेश की मुश्किल भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस तरह की इलेक्ट्रिक बसें निचले इलाकों में लाई जाएंगी।


प्रदेश के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर जी.एस. बाली ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का असर कम करने के लिए इस तरह की बसे लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्वायरनमेंट फ्रेंडली इन बसों की फंडिंग के लिए केंद्र सरकार से मांग की जाएगी। बाली ने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल से निकलने वाले धुएं का ग्लेशियरों और हिमालय के पर्यावरण पर गहरा असर पड़ा है। इलेक्ट्रिक बसें लाने से पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी।’

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ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने बताया इसके लिए सलाहकार की नियुक्ति कर दी गई है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी बजट में इलेक्ट्रिक बसों के लिए प्रावधान किया है। बाली के मुताबिक ऐसा पहली बार होगा, जब कोई पहाड़ी राज्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इलेक्ट्रिक बसें लाने की दिशा में कदम उठा रहा हो।

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जी.एस. बाली ने कहा कि शुरू में ये बसे ऊना जैसे जिलों में लाई जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘पायलट प्रॉजेक्ट के तहत हम इस तरह की 500 बसें लाएंगे।’

मुख्यमंत्री वीरभद्र की बेटी की शादी संपन्न, दो ‘रियासतों’ में जुड़ा रिश्ता

नई दिल्ली।।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी अपराजिता की शादी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद सिंह के नाती अंगद से संपन्न हो गई। देश की राजधानी दिल्ली में अकबर रोड पर स्थित 22 नंबर की कोठी शनिवार को इस शाही शादी का गवाह बनी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

सियासत के तमाम दिग्गजों की मौजूदगी में हिमाचल प्रदेश के रामपुर ‘राजघराने’ और पंजाब की पटियाला ‘रियासत’ के बीच यह रिश्ता बना। इसके साथ ही दिग्गजों वीरभद्र सिंह और कैप्टन अमरिंदर सिंह की सालों पुरानी दोस्ती रिश्तेदारी में तब्दील हो गई। इस मौके पर वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए राजनीतिक जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं।

वीरभद्र सिंह की ओर से विवाह समारोह का आयोजन कांग्रेस नेता अंबिका सोनी के आवास पर किया गया था, जहां शाम 7.40 बजे अंगद अपने नाना अमरिंदर सिंह के साथ बारात लेकर पहुंचे। साथ में देशी-विदेशी मेहमान बाराती बनकर आए। बारातियों के स्वागत के लिए वीरभद्र सिंह परिजनों के साथ द्वार पर खड़े थे। वर-वधू को आशीर्वाद देने वालों में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, मेनका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह, गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, दिग्विजय सिंह, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व सांसद नवीन जिंदल और पूर्व एसपी नेता अमर सिंह प्रमुख थे।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत कई बड़ी हस्तियों ने शादी में शिरकत की

वीरभद्र सिंह की पांचवीं पुत्री अपराजिता शिमला में पली-बढ़ी हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा सनावर स्थित लॉरेंस स्कूल से ग्रहण की है और दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। अंगद अमरिंदर सिंह की बेटी जयइंदर कौर और दिल्ली के प्रसिद्ध कारोबारी गुरपाल सिंह के बेटे हैं। वह सनावर के लॉरेंस स्कूल में अपराजिता से एक क्लास सीनियर थे। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के बाद अंगद पारिवारिक कारोबार संभाल रहे हैं।

बिलासपुर में पुलिस चौकी के करीब से एटीएम उठाकर ले गए चोर

बिलासपुर।।

‘हिमाचल प्रदेश में क्राइम ज्यादा तो होते नहीं, क्या जरूरत है सावधान रहने की?’ शायद यही रवैया हिमाचल प्रदेश के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। मंगलवार रात बिलासपुर के खारसी चौक से चोर पीएनबी के एटीएम को ही उठाकर ले गए। यह घटना रात साढ़े 2 बजे के बाद की बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि एटीएम के 25 मीटर दूर ही पुलिस चौकी भी है। इससे पता चलता है कि पुलिस कितनी मुस्तैद रहती है। बैंक में 15 लाख रुपये कैश था।

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मंगलवार रात साढ़े 12 बजे तक तो यह सुरक्षित थी। गश्त लगा रहे पुलिसकर्मियों ने उस वक्त इसे देखा था। सर्वर डीटेल्स के मुताबिक एटीएम से आखिरी ट्रांजैक्शन भी रात 2.35 बजे हुई है। एटीएम गायब होने की सूचना सुबह स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी बिलासपुर अशोक कुमार और डीएसपी बिलासपुर प्रताप ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। इस एटीएम में न तो कोई सायरन लगा था और न ही यहां पर सीसीटीवी लगा था। इससे बैंक और एटीएम को लगाने वाले क्रॉन्ट्रैक्टर की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगने शुरू हो गए हैं।

एटीएम ही उखाड़कर ले गए चोर।

बताया जा रहा है कि इस एटीएम को एजीएस कंपनी ने लगाया था और यही कंपनी इस एटीएम की देखभाल कर रही थी। एटीएम में पैसे डालने का काम भी इसी का था। इस एटीएम में पिछले दिन ही 13 लाख रुपये कैश डाला गया था और 2 लाख रुपये कैश पहले का बचा हुआ था। इस हिसाब से एटीएम में करीब 15 लाख रुपये थे।

इस एटीएम में सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी इंतजाम नहीं किए गए थे। गौरतलब है कि जिला पुलिस प्रशासन ने एटीएम में हो रही चोरी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी एटीएम में सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने के निर्देश पहले से दिए हैं। एएसपी बिलासपुर भूपेंद्र कंवर का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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पिछले गई दिनों से हिमाचल प्रदेश में अपराधी बेखौफ होते नजर आ रहे हैं। इसके लिए काफी हद तक लोगों, संस्थानों और पुलिस का यह रवैया जिम्मेदार है कि यहां पर अपराध कम होते हैं। अगर अपराध कम हैं तो ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि ये कम ही रहें। अगर निश्चिंत होकर बैठ जाएंगे कि सब शांत है, तो निश्चित तौर पर अपराधियों और अपराधों को बढ़ावा मिलेगा।

कालका-शिमला रूट पर चलती ट्रेन में मना पाएंगे हनीमून

नई दिल्ली।।
टूरिस्ट सीज़न में हनीमून के लिए शिमला का रुख करने वाले नए शादीशुदा जोड़ों के लिए भारतीय रेल ने कालका-शिमला रूट पर एक स्पेशल हनीमून एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। शिवालिक क्वीन से चलने वाली इस ट्रेन में कपल्स के लिए ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं।

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रेलवे की योजना के अनुसार पूरी ट्रेन सिर्फ शादीशुदा कपल्स के लिए ही बुक होगी। एक डिब्बे में चार बेडरूम बनाये जाएंगे,  जिनमें सोफ़ा वगैरह सब चीज़ों की सुविधा रहेगी। कालका से शिमला के बीच चलने वाली इस ट्रेन का किराया 5700 रूपये होगा।

(Indicative Image)

ट्रेन में खाने-पीने की हर सुविधा रेलवे की तरफ से होगी, लेकिन उसके लिए अतिरिकत शुल्क देना होगा। यह ट्रेन कालका से शिमला छह घंटे में पहुंचाएगी।

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यह सेवा इसी साल 10 अप्रैल से शुरू होगी। बाहरी राज्यों से आने वाले जोड़ों को भिवानी से कालका पहुंचाने की जिम्मेदारी भी रेलवे की ही होगी।