लेख: अपनी-अपनी पार्टियों में कमजोर हो रहे हैं वीरभद्र और धूमल

  • सुरेश चम्ब्याल

प्रदेश में सर्दी की आहट के बीच चुनावी सरगर्मियों का दौर भी शुरू हो गया है। प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल तैयारी में जुट गए हैं। कांग्रेस में सभी नेता लगभग यह मान चुके हैं कि वीरभद्र सिंह को अभी भी पार्टी के अंदर से कोई चुनौती नहीं है। सीबीआई और ईडी के मामले भी लंबी कोर्ट प्रक्रिया का हिस्सा होकर लोगों के रुझान और जिज्ञासा को खत्म कर रहे हैं। वीरभद्र चाहते हैं कि किसी भी तरह सातवीं बार सत्ता पर कब्जा किया जाए। इस इच्छा के कारण वह संगठन की कमान अपने हाथ में लेना चाहते हैं। सार्वजनिक मंचों से वीरभद्र के सुक्खू के ऊपर सचिवों की आड़ से किए गए हमले इस बात को और पुख्ता करते हैं।

धूमल की राह चल पड़े हैं वीरभद्र?
धूमल की राह चल पड़े हैं वीरभद्र?

पिछले चुनाव में जिस रास्ते और मानिसकता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री धूमल चले थे, वीरभद्र भी उसी राह पर चल पड़े हैं। धूमल भी मिशन रिपीट तो चाहते थे, परंतु अपने विरोधियों को विधानसभा के अंदर नहीं देखना चाहते थे। इसलिए जहां-जहां शांता समर्थक टिकट पा गए, वहां-वहां कांगड़ा में धूमल समर्थक बागी हो गए। नतीजा सबके सामने रहा- बिना कांगड़ा किले को भेदे भाजपा सत्ता से दूर हो गई। वीरभद्र भी चाहते हैं सरकार बने, पर उनके विरोधियों का वजूद न रहे। इसी कड़ी में अपने सबसे ताकतवर प्रतिद्वंद्वी परिवहन मंत्री जीएस बाली के खिलाफ जो घेरेबंदी ओबीसी के नाम पर की गई, वह किसी रणनीति का हिस्सा जान पड़ती है।

बाली पर भारती के हमले भी चर्चा में रहे।
बाली पर भारती के हमले भी चर्चा में रहे।

नीरज भारती ने कांगड़ा में बाली पर जो हमले किए, वे उसी रणनीति का हिस्सा जान पड़ते हैं। प्रदेश की राजनीति में यह हमले चर्चा का केंद्र रहे, मगर लोगों को हैरानी इस बात की हुई कि बेबाक और तुरंत रिऐक्ट करने वाले परिवहन मंत्री इस मामले में कुछ नहीं बोले। इस कारण ज्यादा सुर्खियां मीडिया के हिस्से में भी नहीं आईं।

इस बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुक्खू को अलग-थलग करने के लिए मुख्यमंत्री के बेटे के नेतृत्व वाले युवा संगठन ने मोर्चा संभाला। मगर कहीं न कहीं वरिष्ठ नेता राम लाल ठाकुर, सुधीर शर्मा, बाली और स्टोक्स आदि भांप गए हैं कि आपस में लड़े तो खत्म हैं। वैसे भी देश में जिस तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो रहा है, उस हिसाब से तो ऐसी लड़ाई वजूद ही खत्म कर देगी। इस चक्कर में डैमेज कंट्रोल शुरू हुआ और वीरभद्र व सुक्खू की मीटिंग के साथ सीजफायर हो गया।

सुक्खू ने कांग्रेस संगठन पर पकड़ बनाई हुई है।
सुक्खू ने कांग्रेस संगठन पर पकड़ बनाई हुई है।

भाजपा की बात करें तो मोदी शाह मॉडल के ढर्रे पर चली यह पार्टी अंदर से जितनी कुलबुला रही हो, बाहर से संगठित दिख रही है। हालांकि एम्स को लेकर अनुराग ठाकुर का नड्डा को लिखा लेटर उनकी आंतरिक हसरतों की झलक देता है। यह बताता है कि बड़े नेताओं के बीच कितनी संवादहीनता भाजपा में है। अनुराग एम्स के लिए नड्डा को लेटर लिख रहे हैं, उनसे मिल नहीं रहे हैं। ऐसी भी सुगबुगाहट है कि इस पत्र के माध्यम से अनुराग दिखाना चाहते थे कि एम्स को लेकर केंद्रीय मंत्री नड्डा से ज्यादा संवेदनशील मैं हूं।

अनुराग ठाकुर की नड्डा को लिखी चिट्ठी चर्चा में है।
अनुराग ठाकुर की नड्डा को लिखी चिट्ठी चर्चा में है।

नड्डा इस पत्र का क्या जबाब देते हैं या नहीं देते हैं, यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल बीजेपी समर्थक भी असमंजस में हैं कि आने वाले चुनाव में उनका नेता कौन होगा। न धूमल यह बता पा रहे हैं कि वह नेता हैं, न नड्डा यह जता रहे हैं कि वह आ रहे हैं। सोचने समझने का वक़्त सत्ती और पवन राणा की जोड़ी भी किसी को नहीं दे रही है।

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नड्डा और धूमल को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता असमंजस में हैं।

अभ्यास वर्ग पर अभ्यास वर्ग से कार्यकर्तायों को पवन राणा और सत्ती ने इस बार व्यस्त रखा है। वर्षों से प्रदेश में कांग्रेस के पर्याय वीरभद्र सिंह और भाजपा के धूमल रहे हैं। मगर इस बार हालात अलग है। कांग्रेस मतलब वीरभद्र भी नहीं कही जा सकती, क्योंकि सुक्खू संगठन में पकड़ बनाकर समानांतर उपस्थिति बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ बीजेपी में भी धूमल के बजाय संगठन सर्वमान्य चल रहा है।

(लेखक हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न मसलों पर लिखते रहते हैं। इन दिनों इन हिमाचल के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।)

सोलन में स्कूल और गांव के पानी के टैंक में किसने मिलाया जहर?

सोलन।। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में सामने आए स्कूल के टैंक में जहर मिलाने के मामले में अभी तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है। बच्चों ने पानी से तेज गंध आने पर पानी नहीं पिया, वरना अप्रिय घटना हो सकती थी। यह जहर उस टंकी में मिलाया गया था, जहां से बच्चे मिडडे मील खाने के बाद पानी पीते थे। इस घटनाक्रम से आईपीएच विभाग की पोल भी खुलती है, क्योंकि यही जहर गांव के पेयजल टैंक में भी मिलाया गया था।

तस्वीर: amarujala.com
तस्वीर: amarujala.com

बुधवार को स्कूल का दौरा करने आई राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन किरण धांटा उस वक्त हैरान रह गईं, जबक पानी की टंकी को अब भी ढका नहीं गया था और न ही इसपर ताला लगाया गया था। इस मौके पर उनके साथ 3 और सदस्य व शिक्षा विभाग के डेप्युटी डायरेक्टर भी मौजूद थे। डीएसपी व अन्य आलाअधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे।

कक्कड़हट्टी मिडल स्कूल और गांव के पेयजल टैंक में सोमवार को अज्ञात शरारती तत्वों ने जहर मिला दिया था। बच्चे जब पानी पीने लगे तो उन्हें तेज गंध आई। पानी का रंग भी दूधिया हो गया था। इसकी जानकारी उन्होंने हेडमास्टर को दी और उन्होंने आईपीएच को सूचित किया। जांच में पता चला कि इसमें Nuvan नाम का कीटनाशी डाला गया था। यही जहर पास के ही पानी के टैंक में भी पाया गया। इस स्कूल में करीब 300 छात्र पढ़ते हैं और खुले टैंक से जिस गांव को सप्लाई जाती है, वहां भी करीब 300 लोग रहते हैं। अगर बच्चों को पता नहीं चलता को बड़े पैमाने पर अप्रिय घटना घट सकती थी।

तस्वीर: amarujala.com
तस्वीर: amarujala.com

आपीएछ विभाग की शिकायत पर पुलिस पोस्ट सुबाथू में अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लोग अभी भी दहशत में हैं क्योंकि टैंक खुले हुए हैं। गौरतलब है कि शिमला में युग हत्याकांड के बाद आईपीएच पूरे प्रदेश में पानी के टैंकों को ढकने और तालाबंद करने की व्यवस्था करने की बात कही थी। मगर अभी तक ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि हत्यारों ने युग को जिंदा ही पानी के टैंक में डाल दिया था और कई महीनों बाद उसका कंकाल बरामद हुआ था।

हिमाचल के लिए भी गले की फांस बना हुआ है सिंधु जल समझौता

इन हिमाचल डेस्क।। उड़ी हमले के बाद चर्चा है कि भारत सिंधु जल समझौते से बाहर आ सकता है। 56 साल पहले हुआ यह समझौता भारत के लिए परेशानी का सबब हुआ है और हिमाचल भी इससे अछूता नहीं है। आलम यह है कि हमारा प्रदेश अपनी नदियों के पानी को इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। संधि में प्रावधान है कि कोई भी प्रॉजेक्ट नदियों पर बनाने से पहले पाकिस्तान को न सिर्फ सूचित करना होगा, बल्कि उसे विश्वास में भी लेना होगा। इसी प्रावधान के चक्कर में लाहौल-स्पीति से निकलने वाली चंद्रभागा (चिनाब) नदी पर हम न तो पावर प्रॉजेक्ट लगा पा रहे हैं और न ही इसके पानी को सिंचाई आदि के लिए इस्तेमाल कर पा रहे हैं।

चिनाब बेसिन में 3000 मेगावॉट से ज्यादा बिजली पैदा करने की क्षमता है, मगर पाकिस्तान अभी तक इस नदी पर बनने वाले हर प्रॉजेक्ट को लेकर आपत्ति जताता आया है। आलम यह है कि इंडस वॉटर कमिश्नर की तरफ से ग्रीन सिग्नल न मिलने की वजह से अभी तक थियोट प्रॉजेक्ट समेत हिमाचल की आधा दर्जन परियोजनाएं लटकी फंसी हुई हैं। झेलम और सिंधु नदी को भी मिला लिया जए तो भारत के करीब 30 पावर प्रॉजेक्ट्स पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है।

हिमाचल में चंद्रभागा (चंद्र और भागा नदियों से मिलकर बनी) के नाम पहचानी जाने वाली नदी चिनाब से अभी सिर्फ 5.3 मेगावॉट बिजली का ही उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा इसकी नदी को खेती-बाड़ी के लिए भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। इस नदी के पानी को कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। ‘अमर उजाला’ अखबार से बात करते हुए इतिहासकार छेरिंग दोरजी ने बताया कि अंग्रेजों ने सुरंग के माध्यम से चंद्रभागा के पानी को रावी में मिलाने की योजना बनाई थी। इसके लिए तिंदी से चंबा तक सुरंग बनाने की योजना थी। इसके अलावा इस नदी की सहायक चंद्रा के पानी को कुल्लू में पार्वती से मिलाने का भी सुझाव दिया गया था।

Courtesy: Flickr / Ayan Ghosh
चंद्र और भागा के मिलन से चंद्रभागा का उद्गम होता हुआ। Chandrabhaga River, Courtesy: Flickr / Ayan Ghosh

गौरतलब है कि इस तरह की योजनाओं की वकालत पूर्व राष्ट्रपति कलाम भी कर चुके हैं। मगर पानी को डायवर्ट करना को दूर की बात है, पानी को कम किए बिना या इस्तेमाल किए बिना बनने वाले पावर प्रॉजेक्ट्स पर भी पाकिस्तान अड़ जाता है। ऐसे में या तो इस समझौते की शर्तों को बदलना जरूरी है या फिर पूरी संधि पर ही पुनर्विचार की जरूरत है। अगर यह संधि किसी वजह से खत्म होती है तो हिमाचल के साथ-साथ देश को भी फायदा होगा। मगर इसके नुकसान यह हो सकते हैं कि भारत की बदनामी होगी और साथ ही ऐसा ही समझौता चीन से चाह रहा भारत बैकफुट पर आ जाएगा। चीन से निकलने वाली नदियों को लेकर भी भारत ऐसा ही समझौता चाहता है, जिससे हमें निर्बाध पानी मिले।

पिता की अर्थी को 4 बेटियों ने दिया कंधा, पांचवीं ने दी मुखाग्नि

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मंडी।। सामाजिक विकास की मिसालें स्थापित करने और जर्जर हो चुकी रूढ़ियों को तोड़ने में हिमाचल प्रदेश हमेशा आगे रहा है। इसी क्रम में मंडी जिले के जोगिंदर नगर में कुछ ऐसा देखने को मिला, जो शहरवासियों ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल है। वृद्ध पिता के निधन पर 4 बेटियों ने अर्थी को कंधा दिया और पांचवीं ने मुखाग्नि दी।

पिता की अर्थी को कंधा देतीं बेटियां
पिता की अर्थी को कंधा देतीं बेटियां

जोगिंदर नगर के चर्चित समाजसेवी रमेश चंद सूद पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन पर उनकी बेटियों ने न सिर्फ कंधा दिया, बल्कि मुखाग्नि भी दी। इस तरह से जाते-जाते उनकी बेटियों ने भी सामाजिक बदलाव का संदेश देते हुए अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि दी।

मुखाग्नि देती बेटी।
मुखाग्नि देती बेटी।

रमेश चंद सूद आजीवन सामाजिक कार्यों में जुटे रहे। कस्बे में बड़ा कम्यूनिटी हॉल बनाने से लेकर श्मशान घाट को खूबसूरत पार्क में बदलने जैसे कई अच्छे कामों के लिए उन्हें याद किया जाएगा। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए जोगिंदर नगर बाजार को बंद रखा गया।

मुख्यमंत्री वीरभद्र को झटका, केंद्र ने एक संस्थान के उद्घाटन से रोका

मंडी।। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को केंद्र से फंड हुए एक संस्थान का उद्घाटन करने से रोक दिया है। दरअसल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सिराज घाटी के थुनाग में बन रहे राज्य स्तरीय पंचायती प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन सोमवार सुबह 11 बजे करने वाले थे। मगर ‘पंजाब केसरी’ की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को ही केंद्र की तरफ से इस बारे में आदेश प्रदेश सरकार को मिल गए थे।
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आदेश मिलते ही इस संस्थान के उद्घाटन का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इस उद्घाटन को लेकर पूर्व पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद् सरकार की ग्रांट से बन रहा भवन पूरी तरह तैयार भी नहीं है, मगर जल्दबाजी में इसका उद्घाटन किया जा रहा है।

ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस संस्थान के लिए भूमि दी है और 25 फीसदी का खर्च भी उठाया है। ऐसे में बीजेपी नेताओं की साजिश पर ऐसा किया जाना सही नहीं है।

बाइक के लिए माता-पिता ने पैसे नहीं दिए तो सड़क पर लेटा युवक

ऊना।। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में उस वक्त अजीब मामला देखने को मिला, जब एक युवक सड़क पर लेट गया। लोगों के उठाने पर भी वह नहीं उठ रहा था। दरअसल यह युवक अपने माता-पिता से बाइक के लिए पैसे मांग रहा था और जब नहीं मिले तो ड्रामा करने लगा।

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एमसी पार्क के पास एनएच पर सोमवार को बीचो-बीच लेट गया और ट्रैफिक बाधित कर दिया। युवक को लेटता देख मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। इस ड्रामे को देखकर हर कोई हैरान था। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह एक युवक रोटरी चौक के समीप अपने मां-बाप से किसी बात को लेकर बहस कर रहा था। देखते ही देखते युवक ने अपना आपा खोते हुए अभद्र व्यवहार तक करना शुरू कर दिया।

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बताया जा रहा है कि युवक अपने माता-पिता से बाइक लेने के लिए मोटी रकम की मांग कर रहा था। उसके माता-पिता घरेलू काम के लिए बैंक से नकदी निकाल कर आ रहे थे कि युवक ने अपने माता-पिता को रास्ते में घेर लिया और रकम लेने की हठ करने लगा। जब माता-पिता ने अपने बेटे को पैसे देने से इंकार कर दिया तो वह उल्टा उनसे उलझ पड़ा। तब स्थानीय दुकानदारों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत किया, लेकिन थोड़ी ही देर में युवक नैशनल हाइवे के बीचोबीच लेट गया।
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बाद में मौके से भाग गया युवक इससे आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि, लोगों की भीड़ इस ड्रामे को देखने के लिए उमड़ पड़ी। स्थानीय लोगों ने युवक को सड़क से किनारे हटाया, तब युवक वहां से भाग गया। यह मामला दिन भर चर्चा में बना रहा।

परिवहन मंत्री जीएस बाली का जनता के साथ फेसबुक पर Live संवाद

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के परिवहन, तकनीकी शिक्षा एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने अपने फेसबुक पेज के लिए लाइव इंटरैक्शन करके संवाद स्थापित करने की पहल की है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर शुक्रवार शाम करीब 6 बजे लाइव आकर लोगों के सवालों के जवाब दिए।

करीब 20 मिनट तक चले फेसबुक लाइव के दौरान मंत्री ने न सिर्फ पहले आए सवालों का जवाब दिया, बल्कि लाइव के दौरान कॉमेंट्स पर आ रहे सवालों पर भी बात की। लोगों ने भी कई विषयों पर सवाल किएऔर बाली ने उनके जवाब दिए।

फेसबुक लाइव खत्म होने के बाद उन्होंने एक और पोस्ट डाली है, जिसमें उन्होंने बताया है कि इस बार सभी सवालों के जवाब तो वह लाइव सेशन के दौरान नहीं दे पाए, मगर उन कॉमेंट्स का भी संज्ञान लिया जाएगा, जो कवर नहीं हो पाए। अब तक इस विडियो को हजारों लोग देख चुके हैं।

हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी व विपक्ष के किसी नेता द्वारा फेसबुक के जरिए जनता से जुड़ने का यह पहला प्रयास है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। बाली से लोगों ने क्या पूछा और उन्होंने क्या जवाब दिए, जानने के लिए देखें रियल टाइम विडियो…

Live Interaction

Posted by G.S. Bali on Friday, September 23, 2016

इंटरनेट पर धमाल मचा रही है हिमाचल के पुलिसकर्मी की जोशीली कविता

इन हिमाचल डेस्क।। उड़ी हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक विडियो शेयर हो रह है, जिसमें एक वर्दीधारी शख्स अपने साथियों के साथ बस में है। खड़ा हुआ वर्दीधारी पाकिस्तान को ललकारते हुए एक कविता पढ़ रहा है और बस में बैठे साथी उसका साथ दे रहे हैं। लोग इसे भारतीय सेना का विडियो बताते हुए शेयर कर रहे हैं, मगर वर्दी से ही पता चल जाता है कि भारतीय सेना की वर्दी ऐसी नहीं है। फिर कौन हैं ये लोग?

बस में बैठे ये लोग न तो सैनिक हैं और अर्धसैनिक बल। ये हैं हिमाचल पुलिस के जवान और कविता सुना रहे शख्स का नाम है- मनोज ठाकुर, जो कि हेड कॉन्स्टेबल हैं। वह छटी आईआरबी बटालियन कोलर में तैनात हैं। उन्हें ढूंढ निकालने का काम किया है एमबीएम न्यूज नेटवर्क ने। जानें, क्या जानकारी जुटाई गई है कि मनोज ठाकुर के बारे में:

हेड कॉन्स्टेबल मनोज ठाकुर (Image: MBM News Network)

सिरमौर की छठी IRB बटालियन कोलर में बतौर हेड कॉन्स्टेबल काम कर रहे मनोज ने कारगिल दिवस पर इस विडियो को अपलोड किया था। 25 जुलाई 2016 को अपलोड यह विडियो पिछले 48 घंटों वायरल हुआ है।

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23 अप्रैल 1983 को सरकाघाट उपमंडल की टिक्कर पंचायत के कथोगन गांव में जन्मे एचसी मनोज ठाकुर इस वक्त किन्नौर में अपनी डयूटी कर रहे हैं। यहां बटालियन को हड़ताल की वजह से तैनात किया गया है। कुछ महीनों से बटालियन किन्नौर में ही तैनात है। इस वीडियो को भी वहीं बनाया गया।

विडियो देखें:

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पावंटा साहिब के मिश्रवाला में ईद पर हुई मारपीट के बाद से अब तक बरकरार है तनाव

पावंटा साहिब।। सिरमौर जिले के पावंटा साहिब में इन दिनों माहौल अजीब सा हुआ पड़ा है। दरअसल यहां पर मिश्रवाला स्थित मदरसा कादरिया में ईद वाले दिन मुस्लिम समुदाय के दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था। इस विवाद में एक गुट के 5 लोग जख्मी हो गए थे, जिनमें एक बच्चा शामिल था। यह घटना उस वक्त हुई, जब ईद की नमाज अदा कर रहे एक गुट पर दूसरे गुट के शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी कर दी। इसके बाद जो हालात बने हैं, वे अब तक पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं। पुलिस ने शांति तो बहाल कर दी है, मगर तनाव बरकरार है। मिश्रवाला से पावंटा साहिब तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती करनी पड़ी है और किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए तैयारी की गई है।

एक छात्र भी बुरी तरह जख्मी हुआ था।
एक छात्र भी बुरी तरह जख्मी हुआ था।

एसडीएम एचएस राणा ने बुधवार को बताया था कि एक गुट ने ज्ञापन दिया है, जिसमें 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस अल्टिमेटम को देखते हुए गुरुवार सुबह ही एसपी सिरमौर सौम्या सांबशिवन ने मदरसे में डेरा डाल लिया और आंसुगैस छोड़ने को लेकर ट्रायल भी किया। क्विक रेस्पॉन्स टीम के साथ खुफिया टीम भी ऐक्टिव है और अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। इस बीच पुलिस ने मदरसे में स्थाई पोस्ट बनाने का फैसला किया है, जहां पर 24 घंटे 4 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

आंसु गैस के गोले का परीक्षण करतीं एसपी सौम्या सांबशिवन। (Image: MBM News Network)
आंसु गैस के गोले का परीक्षण करतीं एसपी सौम्या सांबशिवन। (Image: MBM News Network)


जानें, क्या है विवाद की वजह
अक्टूबर 2015 में मदरसा कादरिया के प्रिसिंपल कबीरुद्दीन की किसी महिला के साथ कथित अश्लील सीडी सामने आई थी। इसके बाद से ही मदरसा प्रबंधन कमिटी के एक हिस्से से कबीरुद्दीन को हटाने की मांग उठने लगी थी। बाद में प्रिसिंपल अदालत से बरी हो गए और इसके बाद मजलिस-ए-सुरा प्रबंधन कमिटी दो हिस्सों में बंट गई। दोनों ही गुटों ने अलग-अलग कमेटियां बना लीं। इन दोनों में कौन सही है, कौन गलत, इसे लेकर मामला रजिस्ट्रार आॅफ सोसायटी, शिमला के पास पड़ा है, मगर दोनों एक-दूसरे पर माहौल खराब करने के आरोप लगाते रहते हैं। एसडीएम पावंटा ने तो यहां पर कोई भी जलसा लगाने पर पहले से ही रोक लगाई हुई है।

ईद वाले दिन क्या हुआ

मंगलवार को ईद-उल-जुहा के मौके पर मिश्रवाला और आसपास के हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग मदरसा कादरिया में नमाज अदा करने पहुंचे थे। पहले यहां पर मौलाना कबीरुद्दीन गुट ने नमाज अदा की। इसके बाद दूसरा गुट अलग नमाज अदा करने लगा। शुरुआती छानबीन में यह साफ हुआ है कि मदरसे के छात्रों ने नमाज अदा कर रहे इन लोगों पर पत्थर फेंकने शुरू किए थे। इसके लिए उन्हें किसने उकसाया था, यह साफ नहीं हो पाया है। चर्चा तो यह भी है कि बाहर से शरारती तत्व बुलाए गए थे, जिनमें मदरसे के कुछ छात्र भी शामिल थे। कहा जा रहा है कि इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था, क्योंकि ईद की नमाज से पहले ही रात को मदरसे के अंदर और छतों पर पत्थर डंडे रखे गए थे।

जब माइक पर कुछ बोलने को लेकर कहासुनी हुई और बाद में नमाज पढ़ रहे दूसरे गुट के लोगों पर पत्थरबाजी हुई, मदरसे के परिसर के अंदर पत्थरबाजी और मारपीट का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से एक गुट को वहं से बाहर निकाला तो उन्होंने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पलट दिया। थाना प्रभारी पांवटा ने पूरी टीम समेत मौके पर जाकर स्थिति को काफी हद तक काबू  में किया। लोगों का कहना है कि अगर स्थानीय पुलिस बल समय पर मौके पर नहीं पहुंचता तो संघर्ष के दौरान बड़ा नुकसान हो सकता था। बाद में एएसपी सिरमौर विनोद धीमान भी मौके पर पहुंचे और एसपी सिरमौर ने दौरा किया। मगर तब से लेकर अब तक माहौल शांत नहीं हो पाया है। दोनों पक्षों की तरफ से क्रॉस एफआईआर हुई है।

क्या कहना है दोनों पक्षों का

मदरसा कादरिया के प्रिसिंपल कबीरुदीन का कहना है कि मुझे बदनाम करने की साजिश चल रही है। वह कहते हैं, ‘जब महिला के मामले में मैं अदालत से बरी हो गया हूं तो मुझे पद से कैसे हटाया जा सकता है?’ कबीरुद्दीन को मजलिस-ए-सूरा प्रबंधन कमेटी और शिक्षकों का पूरा समर्थन प्राप्त है। दूसरी तरफ मिश्रवाला पंचायत के प्रधान शुकरदीन का कहना है कि कमेटी ने प्रिसिंपल को हटाने का फैसला ले लिया है, ऐसे में उन्हें हटना ही होगा। उनका कहना है कि अब जनता सड़कों पर उतरेगी।

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के खिलाफ नारे लगाने वालों पर केस दर्ज

मंडी।। द्रंग विधानसभा क्षेत्र में आने वाले थल्टूखोड़ में स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक ठाकुर कौल सिंह के दौरे के दौरान हंगामा करने वाले लोगों पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में 20-25 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

द्रंग थाने में एच.एच.सी. के काम में रुकावट डालने का मामला बनाया गया है। ‘पंजाब केसरी’ की रिपोर्ट के मुताबिक द्रंग थाने के ही एच.एच. सी हेमराज ने एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने शिकायत की है कि जब वह प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की ड्यूटी में मंगलवार को 3 बजे थल्टूखोड़ पहुंचे तो 20 से 25 लोगों ने रास्ता रोक लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।

नारेबाजी करते लोग। (Image: Punjab Kesari)
नारेबाजी करते लोग। (Image: Punjab Kesari)

इस आधार पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया है। एसपी प्रेम ठाकुर ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एस.एच.ओ विनोद ठाकुर कर रहे हैं।

गौरतलब है कि थल्टूखोड़ में लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की थी और उन्हें काले झंडे दिखाए थे। खबर को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें।