डूबता हिमाचल: 26 किलो नशीले कैप्स्यूल, 9 हजार कफ सिरप बरामद

एमबीएम न्यूज, नाहन।। पांवटा साहिब के पुुुुरुवाला में भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी हुई है। बीती रात 10 बजे तक चली कार्रवाई के बाद शुक्रवार सुबह बरामद जखीरे की पड़ताल शुरू हुई। इस दौरान बगैर लेबल के सिरप की 9508 शीशियां बरामद हुई। सिर्फ 14 शीशियों पर लेबल लगा हुआ था। यही नहीं, इस जखीरे में 26.15 किलो नशीले कैप्सूल, जिनकी संख्या 45 से 50 हजार है, बरामद हुए हैं।

जांच में जुटी नारकोटिक क्राइम कंट्रोल व ड्रग महकमे की टीम को इस नतीजे पर पहुंचना था कि क्या बरामद हुई खेप में ऐसे किस पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है, जिससे नशा होता है। सूत्रों के मुताबिक इसी संशय को दूर करने के लिए जांच में लगी टीम ने पांवटा साहिब की ही एक फार्मा उद्योग की प्रयोगशाला में इसकी जांच करवाई।

प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल
जांच में पाया गया कि सिरप व कैप्सूल्स में कोडियल फॉस्फेट का इस्तेमाल हुआ है। इस प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल फार्मा कंपनियां उसी सूरत में कर सकती हैं, जब सैंट्रल नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो से इसकी अनुमति मिली हो।

Image: MBM News Network

सूत्रों का यह भी कहना है कि गोदाम से उत्तराखंड व बैंगलोर के अलावा एक स्थानीय फार्मा उद्योग के ही लूज लेबल भी मिले हैं। इसके अलावा मौके से एक्सपायरी दवाओं की खेप भी मिली है। 137 पैकेट लूज लेबल के भी मिले हैं।

पुख्ता सूत्रों का यह कहना है कि नारकोटिक क्राइम कंट्रोल की टीम एक माह से रेड की तैयारी में लगी हुई थी। इसमें स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई है। प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी के मामले में माजरा पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर रही है, जबकि ड्रग्स व कॉस्मैटिक एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज होगा। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफतारी नहीं हुई है।

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गोदाम के मालिक के बयान दर्ज किए गए हैं। इसमें मालिक ने यह खुलासा किया है कि स्थानीय फार्मा कंपनी को गोदाम किराए पर दिए थे, जबकि कंपनी इस बात से मना कर रही है। यह भी काफी हद तक तय हो चुका है कि प्रदेश में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बरामदगी का अब तक का यह सबसे बड़ा मामला है। हालांकि बरामद की गई नशीली दवाओं की कीमत सरकारी आंकलन के मुताबिक दो लाख के आसपास हो सकती है। अगर यह खेप मार्किट में पहुंचती तो इसका इस्तेमाल करने वालों को इसकी कई गुणा अधिक कीमत चुकानी पड़ती।

उधर सहायक ड्रग कंट्रोलर निशांत सरीन ने कहा कि विभाग की पूरी टीम मुस्तैदी से कार्य में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग मामले दर्ज करवाए जाएंगे। उधर एसपी अजय कृष्ण ने बरामद खेप की मात्रा की पुष्टि करते हुए कहा कि लगभग 9 हजार सिरप बॉटल्स के अलावा 47 हजार के आसपास कैप्सूल्स मिले हैं। उन्होंने कहा कि क्राइम कंट्रोल व ड्रग विभाग के अलावा पुलिस संयुक्त तौर पर कार्रवाई को अंजाम दे रही है।

(यह खबर एमबीएम न्यूज नेटवर्क की है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

मंडी से बीजेपी ने खुशहाल ठाकुर को बनाया कवरिंग कैंडिडेट

मंडी।। बीजेपी की ओर से ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर ने आज मंडी लोकसभा सीट से बतौर कवरिंग कैंडिडेट नामांकन दाखिल किया है। कवरिंग कैंडिडेट का मतलब है कि अगर किसी कारणवश प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा का नामांकन खारिज होता है तो उनकी जगह खुशहाल पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

चर्चा है कि पहले बीजेपी मंडी से कवरिंग कैंडिडेट नहीं देना चाहती थी मगर चूंकि कांग्रेस ने रामस्वरूप के इनकम टैक्स रिटर्न का मुद्दा उठाया है, ऐसे में वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। चुनाव आयोग ने इस शिकायत के संबंध में जानकारी तलब की है। ऐसे में अगर रामस्वरूप के चुनाव लड़ने की राह में कोई बाधा आती है तो बीजेपी चाहती है कि खुशहाल उसके कैंडिडेट हो जाएं।

बता दें कि खुशहाल मंडी से बीजेपी टिकट के दावेदार भी थे मगर उनकी जगह पार्टी ने रामस्वरूप पर ही दोबारा विश्वास जताया था। बहरहाल, खुशहाल ठाकुर ने नामांकन के बाद पत्रकारों से कहा कि कवरिंग कैंडिडेट के लिए पहले से उनका नाम तय था मगर कागजी काम पूरा न होने के कारण उन्हें नामांकन में समय लग गया।

चार साल इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल न करने पर घिरे रामस्वरूप

वीरभद्र ने मंच से साधा निशाना, उठकर चले गए सुक्खू और आनंद शर्मा

हमीरपुर।। हमीरपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी राम लाल ठाकुर के नामांकन के बाद जनसभा में अजीब स्थिति पैदा हो गई। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के आपसी मतभेद किसी से छिपे नहीं। मगर गुरुवार को वे एक बार फिर उभरकर सामने आए।

मंच से वीरभद्र सिंह ने कहा, “राठौर के अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जो गंदगी थी, वह साफ हो गई।” इतना सुनकर सुखविंदर सुक्खू और दिल्ली से आए आनंद शर्मा मंच से चले गए।

गौरतलब है कि सुक्खू और वीरभद्र कई बार एक दूसरे पर निशाना साध चुके हैं। जब कुलदीप राठौर प्रदेशाध्यक्ष बने थे तो उनकी ताजपोशी में भी वीरभद्र और सुक्खू समर्थक भिड़ गए थे और एक शख्स का सिर फट गया था।

हमीरपुर की घटना बताती है कि अब भी दोनों नेताओं के बीच खटास बरकरार है।

सत्ती ने शिमला में भी कहे अमर्यादित शब्द, मुख्यमंत्री ने किया बचाव

शिमला।। पिछले कुछ दिनों से अपमाजनक भाषा इस्तेमाल करने वाले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती को बीजेपी ने संभवत: अपना स्टार प्रचारक बना लिया है। अपमानजक शब्दों के इस्तेमाल पर पार्टी की ओर से कोई नसीहत शायद उन्हें नहीं मिली है। गुरुवार को तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तक सत्ती का बचाव करते नजर आए।

पहले सोशल मीडिया की टिप्पणी के बहाने राहुल गांधी को मां की गाली पढ़ने, फिर प्रियंका गांधी को लेकर अभद्र ढंग से टिप्पणी करने और फिर विरोधियों की बाजू काटकर हाथ में देने के बाद सतपाल सत्ती ने शिमला में सुरेश कश्यप के नामांकन के बाद फिर शब्दों के तीखे तीर छोड़े। उन्होंने महागठबंधन को ‘चंडाल चौकड़ी’, मोदी को ‘शिव’ और कांग्रेस से जुड़े लोगों को ‘राक्षसी प्रवृति के लोग’ कह दिया।

सत्ती ने यहां तक कह दिया, “कांग्रेस के लोग सत्ता से हटते हैं तो मछली की तरह छटपटाते हैं, उनके महीने बंद हो जाते हैं।” मंच से सत्ती ने यह भी कहा कि मैं कहता हूं तो मीडिया के लोग नाराज हो जाते हैं। सुनें, क्या कहा उन्होंने।

उधर हैरानी की बात यह है कि अक्सर शांत और मर्यादित ढंग से बात कहने के लिए पहचान रखने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी सतपात सत्ती का बचाव करते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह देखना चाहिए कि शुरुआत किसकी तरफ से हुई और ऐसे में गुस्सा आना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने संयम बरतने की सलाह दी है।

गौरतलब है कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्ती की भाषा पर ध्यान नहीं दे रहे, इससे चर्चा हो रही है कि पार्टी प्रदेश में इस तरह के अमर्यादित प्रचार को बढ़ावा देकर वोट बटोरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। पार्टी के कार्यकर्ता पहले से ही सत्ती के भाषण के बचाव में कांग्रेस के विधायक रहे नीरज भारती की टिप्पणियों का जिक्र कर रहे थे। मगर अब वरिष्ठ नेता भी इसी तर्ज पर कह रहे हैं कि पहले यह सिलसिला कांग्रेस की ओर से शुरू हुआ था।

सत्ती के जवाब में कुलदीप राठौर का भी भड़काऊ और महिला विरोधी बयान

मंडी।। मंडी में कांग्रेस उम्मीदवार आश्रय के नामांकन के बाद जनसभा को संबोधित करने वाले नेताओं ने एक दिन पहले उसी मंच से अभद्र टिप्पणी कर चुके बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती पर निशाना साधा। मगर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने जो कहा, उसे भी भड़काऊ और एक तरह से महिला विरोधी माना जा रहा है।

हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि अगर सत्ती हाथ काटना जानते हैं तो ‘कांग्रेस के लोगों ने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं।’ यानी जहां हिंसा भरे का जवाब हिंसक अंदाज में दिया और मिसाल के तौर पर वह मुहावरा इस्तेमाल किया, जिसे आज के दौर में महिलाओं के लिए अपमानजक समझा जाता है।

चूड़ियां पहनने की मिसाल दिए जाने का अर्थ है कि हाथ में चूड़ियां पहने होने के कारण कुछ न कर पाना। इसे सेक्सिट (Sexist) महिलाओं के प्रति भेदभाव वाला और उन्हें कमतर समझने वाला मुहावरा समझा जाता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों ने लिखा है कि क्या ऐसा कहकर कुलदीप यह कहना चाहते हैं कि चूड़ियां पहने वाली माताएं, बहनें और बेटियां कुछ भी नहीं कर पातीं।

गौरतलब है कि सतपाल सत्ती ने एक दिन पहले मंडी में कहा था- अगर कोई हमारे नेताओं की ओर उंगली भी उठाएगा तो हम उसकी बाजू काटकर हाथ में दे देंगे, हम कोई लल्लू-पंजू कार्यकर्ता नहीं है। इस मामले में सत्ती को चुनाव आयोग का नोटिस भी जारी हो चुका है।

नामांकन में अनिल शर्मा के शामिल न हो पाने पर रोए दादा-पोता

नामांकन में अनिल शर्मा के शामिल न हो पाने पर रोए दादा-पोता

मंडी।। मंडी से कांग्रेस के प्रत्याशी आश्रय शर्मा के नामांकन के बाद जनसभा में अजीब दृश्य देखने को मिला। जब आश्रय के दादा पंडित सुखराम मंच से बोलने लगे तो अचानक वह भावुक हो गए और आश्रय भी रोने लग लग गए। दरअसल अनिल शर्मा के सभा में न आने पाने से वे दुखी थे।

बता दें कि अनिल शर्मा ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है मगर विधायक पद से नहीं। अगर वह कांग्रेस की इस रैली में आते तो पार्टी विरोधी घटनाओं के कारण उन्हें बीजेपी के टिकट से लड़कर हासिल की गई विधायकी छोड़नी पड़ती। वह एक ही स्थिति में इस रैली में शामिल होते, अगर उन्होंने मंत्री पद के साथ-साथ विधायक पद से भी इस्तीफा दिया होता।

हालांकि अब सोशल मीडिया पर चर्चा है कि कुछ दिन पहले जब अनिल शर्मा ने यह कहा था कि उनके लिए परिवार सर्वोपरि है और उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफ़ा मुंह पर मारा था तो आखिर विधायकी भी क्यों नहीं छोड़ दी? क्यों अपने बुजुर्ग पिता और बच्चे को आहत कर दिया।

मगर राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अगर उसी समय वह विधायकी छोड़ देते तो लोकसभा चुनाव के साथ ही दोबारा मंडी पर विधानसभा उपचुनाव होता। उसमें अनिल को दोबारा लड़ना पड़ता और संभव होता कि उनकी हार हो जाती। ऐसे में अब उनकी योजना है कि अगर आश्रय लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाते हैं तो उसके बाद अनिल विधायक बने रहेंगे और अगले विधानसभा चुनाव तक अपने आश्रय के लिए जमीन तैयार करने का काम करेंगे।

बहरहाल, देखें वीडियो-

(वीडियो: स्टेट टाइम्स से साभार)

चिट्टे पर ज्ञान देने वाला युवक कट्टे के साथ गिरफ्तार

एमबीएम न्यूज, शिमला।। पिछले साल दिसंबर में शिमला के तुषार चौहान नाम के शख्स का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह बता रहा था कि खुद वह नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद हो चुका है मगर चाहता है कि बाकी लोग नशे से दूर रहें। वह नशे के सप्लायरों को पकड़वाने की बात कह रहा था। बाद में पुलिस उस तक पहुंची थी तो वह ठोस जानकारी देने में नाकाम रहा था। मगर अब वह खुद एक मामले में फंस गया है।

पुलिस ने तुषार चौहान को देसी कट्टे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह युवक भागने की कोशिश कर रहा था, मगर उसे काबू कर लिया गया। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

कैसे हुई गिरफ्तारी
चुनावी माहौल में पुलिस चौकस है और ऐसे में टिक्कर चौकी प्रभारी भागीरथ शर्मा अपनी टीम के साथ टांगरी नाला मौजूद थे। इसी दौरान एक युवक शौंरंथा की ओर से पैदल आ रहा था। जैसे ही उसने पुलिस को देखा, वापस मुड़ गया। इससे पहले की वह भागता, पुलिस ने उसे पकड़ा और तलाशी ली तो देसी कट्टा और कारतूस मिला।

युवक की पहचान 28 वर्षीय तुषार निवासी खांगटा के तौर पर हुई। अपने पास रखे हथियारों का वह कोई लाइसेंस पेश नहीं कर पाया। ऐसे में रोहड़ू थाने में आर्म्स एक्ट के तहत उसपर मामला दर्ज कर लिया गया। रोहडू के डीएसपी अनिल शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।

बहरहाल, यह मामला उदाहरण है कि कैसे युवक वाकई नशे के चंगुल में आकर बर्बाद हो रहे हैं।

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नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके जानें, इस युवक के वायरल वीडियो की पड़ताल के बाद पुलिस ने क्या पाया था-

नशे को लेकर शिमला के युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

(एमबीएम न्यूज नेटवर्क के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित)

सुरेश कश्यप, रामलाल ठाकुर और आश्रय शर्मा ने किया नामांकन

शिमला।। शिमला संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप ने नामांकन भर दिया है। शिमला में डीसी राजेश्वर गोयल के समक्ष उन्होंने नामांकन भरा। इस मौके पर उनके साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और अन्य नेता मौजूद रहे।

वहीं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रामलाल ठाकुर ने भी नामांकन पत्र भर दिया है। डीसी हमीरपुर रिचा वर्मा के समक्ष उन्होंने नामांकन भरा। इस मौके पर उनके साथ नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद सुक्खू, हाल ही कांग्रेस में शामिल व पूर्व सांसद सुरेश चंदेल शामिल रहे।

मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा ने डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर के समक्ष नामांकन भरा। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल, सह प्रभारी गुकीरत सिंह, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर मौजूद रहे।

बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सत्ती को फिर मिला चुनाव आयोग का नोटिस

मंडी।। विवादों में चल रहे हिमाचल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती को चुनाव आयोग की ओर से एक और नोटिस जारी हुआ है। चुनाव आयोग के निर्देशों के आधार पर सत्ती को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सत्ती ने मंडी में रामस्वरूप शर्मा के नामांकन के बाद दिए भाषण में कहा था- जो हमारे नताओं की ओर उंगली उठाएगा, हम उसकी बाजू काटकर हाथ में पकड़ा देंगे।

चुनाव आयोग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर को निर्देश दिए जिसके बाद सत्ती को नोटिस जारी हुआ है। नोटिस में इस संबंध में सत्ती से जवाब मांगा गया है। नोटिस की कॉपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी भेजी गई है।

बता दें कि सत्ती को मिला यह तीसरा नोटिस है। पहला नोटिस सोलन के रामशहर में राहुल गांधी को सोशल मीडिया की कथित पोस्ट की आड़ में मां की गाली देने के संबंध में मिला था जिसके बाद सत्ती पर 48 घंटों तक प्रचार करने पर रोक लगा दी गई थी। एक और नोटिस मिला था जिसमें प्रियंका को लेकर वह अमर्यादित ढंग से बातें कह रहे थे। उस संबंध में सत्ती का कहना था कि उनके वीडियो से छेड़छाड़ हुई है।

मगर बुधवार को मंडी में सत्ता ने आचार संहिता का मखौल उड़ाकर कहा था कि ‘पंजाबी में जब हम कड़वा शब्द कहते हैं तो लोगों को मरोड़ लग जाते हैं। पंजाबी में ऐसा ही चलता है। ये तो कोड ऑफ कंडक्ट है वरना मैंने कर देना था हिसाब।’ इसके बाद उन्होंने कहा कि वह लल्लू-पंजू कार्यकर्ता नहीं है, जो कोई हमारे नेताओं की ओर उंगली उठाएगा, उसकी बाजू काटकर हाथ में दे देंगे।

जिस समय सत्ती इस तरह का भाषण दे रहे थे, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वरिष्ठ नेता शांता कुमार मंच पर ही मौजूद थे।

बाजू काटकर हाथ में दे देंगे, हम लल्लू-पंजू कार्यकर्ता नहीं: सत्ती

पांच सालों में 14 गुना बढ़ी सांसद रामस्वरूप शर्मा की चल संपत्ति

मंडी।। मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी पंडित रामस्वरूप शर्मा की संपत्ति पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार 14 गुना बढ़ गई है। साल 2014 में पर्चा दाखिल करते समय रामस्वरूप ने जो ब्योरा दिया था, उसके मुताबिक उनके पास लगभग 2 लाख रुपये की चल संपत्ति थी। इसके बाद वह सांसद चुने गए और अब 2019 में उनकी चल संपत्ति बढ़कर लगभग 28 लाख रुपये हो गई है।

साल 2014 में रामस्वरूप शर्मा के पास 2,05,555 रुपये की चल संपत्ति और 19,73,316 रुपये की अचल संपत्ति थी। मगर इन पांच सालों में उनकी चल संपत्ति बढ़कर 28,33,538 रुपये की हो गई है। यानी इसमें 26,27,983 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

अगर उनकी अचल संपत्ति की बात करें तो यह पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान 50 लाख थी लेकिन अब 62 लाख के क़रीब हो चुकी है। यानी अचल संपत्ति में 12 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

रामस्वरूप शर्मा

पत्नी की संपत्ति भी बढ़ी
सांसद रामस्वरूप शर्मा की पत्नी गृहिणी हैं। उनकी चल और अचल संपत्ति में पिछले पांच सालों में 17.17 लाख रुपये बढ़े हैं। साल 2014 में उनकी चल संपत्ति 19,73,316 रुपये थी जो बढ़कर 28,90,799 हो गई है। 2014 के चुनाव में उनकी अचल संपत्ति 30 लाख थी जो आठ लाख बढ़कर 38 लाख हो गई है। अचल संपत्ति में आठ लाख और चल संपत्ति में 9.17 लाख बढ़ने से कुल संपत्ति में 17.17 लाख रुपये बढ़े हैं।

इस तरह से वर्तमान में अगर रामस्वरूप शर्मा और उनकी पत्नी की चल-अचल संपत्ति को मिला दिया जाए तो यह लगभग एक करोड़ 57 लाख रुपये बनती है।

पांच सालों में 14 गुना बढ़ी सांसद रामस्वरूप शर्मा की चल संपत्ति