विडियो: जब दुखी होकर देवता ने कहा- मैं ये तबाही नहीं देख सकता

कुल्लू।। पार्वती प्रॉजेक्ट के लिए मची तबाही देखकर देवता ने अपने पुजारी के जरिए भारी आवाज़ में कहा, ‘यह तबाही अब मुझसे देखी नहीं जाती। बदले हुए मंजर से मैं कमजोर होता जा रहा हूं, मैं बस एक खिलौना बनकर रह जाऊंगा।’ विश्व पर्यावरण दिवस पर बात हिमाचल के उन ऐक्टिविस्ट्स की जो पर्यावरण को लेकर बेहद सजग हैं। ये ऐक्टिविस्ट हैं- देवता या द्यो। हिमाचल के ये देवता हैं वाकई कोई दैवी शक्तियां हैं या नहीं, इस बहस में पड़े बगैर बात अलग पहलू की।

देव पंरपरा हिमाचल की सिर्फ सांस्कृतिक विरासत नहीं है। यह हमारे प्रदेश के लोगों की ईमानदारी, कम में ही संतुष्ट होने की भावना और सादगी का आधार है। अपने देवताओं के प्रति हमारी जो इज्जत और लगाव है, वह ही हमें गलत राह पर जाने से बचाता रहा है। उसी की वजह से हमारी पारिवारिक और सामाजिक जड़ें इतनी गहरी हैं। इसीलिए हम आज भी समाज में एक-दूसरे की मदद करने को तैयार रहते हैं।

हमारे ये देवता हमारे सुख-दुख के साथी ही नहीं हैं, हमारे पथ-प्रदर्शक यानी गाइड भी हैं। वे हमें अक्सर बताते हैं कि क्या करना है, क्या नहीं। देवताओं के बच्चे हम इंसान ही नहीं हैं, तमाम जीव-जंतु, पेड़-पौधे वगैरह भी उनके उतने ही दुलारे हैं, जितने कि हम। इसीलिए हमारा ख्याल रखने के साथ-साथ ये देवता प्रकृति और पर्यावरण के लिए भी समान रूप से चिंतित रहते हैं।

हिमाचल के असंख्य देवी-देवताओं के नाम पर बहुत सारे जंगल हैं। और इन जंगलों में कोई भी पेड़ नहीं काट सकता, किसी तरह का नुकसान या गलत काम नहीं कर सकता। माफिया इन जंगलों से पेड़ काटना तो दूर, टहनी काटने से भी कांपते हैं। उन्हें दैवी प्रकोप का डर ऐसा करने से रोकता है। मगर देवता हमें इजाजत देते हैं कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना किस तरह से अपने जरूरत की चीज़ें हासिल कर सकते हैं। सरकार तो नियम बनाकर भूल जाती है कि क्या करना है क्या नहीं, मगर वह लोगों की समस्याओं को नहीं जानती। मगर ये देवता जानते हैं।

पार्वती प्रॉजेक्ट का काम चल रहा था, तो तमाम देवताओं ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे बहुत नुकसान होगा। प्रकृति के साथ खिलवाड़ है ये। मगर एक तरफ तो सरकार ने प्राकृतिक पर्यावरण को बचाने के नाम पर लोगों के जंगल में जाने पर रोक लगा दी थी, पशुओं को ले जाने पर रोक लगा दी, मगर दूसरी तरफ भारी ब्लास्टिंग की गई, असंख्य पेड़ काटे गए, पहाड़ों का सीन जख्मी किया गया और आखिरकार नदी की धारा रोक दी गई।

सवाल ये है कि दोहरे मापदंड क्यों? विकास जरूरी है, मगर यह भी तो समझिए कि जो लोग सदियों से अपनी जरूरतें जंगलों से पूरी करते आए हैं, जो लोग जानते हैं कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे रहना है, उनपर ही बंदिशें क्यों लगाई जा रही हैं। एक विडियो है यूट्यूब पर। आधे घंटे की पुरानी डॉक्युमेंट्री है दरअसल, जिसका टाइटल है- देवता ऐक्टिविस्ट। यानी देवता, जो पर्यावरण को बचाने के लिए ऐस्टिविस्ट की भूमिका निभा रहे हैं।

इस डॉक्युमेंट्री को देखिए और जानिए कि देव परंपरा का क्या महत्व है। और आखिर में आपकी आंखें भर आएंगे, जब देवता अपने गुर (पुजारी) के जरिए कहता है- यह तबाही अब मुझसे देखी नहीं जाती। बदले हुए मंजर से मैं कमजोर होता जा रहा हूं, मैं बस एक खिलौना बनकर रह जाऊंगा।’ आप स्वतंत्र हैं देव परंपरा की वास्तविकता पर सवाल उठाने के लिए।

मगर पुजारी का पर्यावरण जैसे विषय पर बात करते हुए देवता को कमजोर बताना दिखाता है कि कम से कम वे चिंतित तो हैं पर्यावरण के लिए। पूरा विडियो देखिए, पसंद आएगा। फिर भी अगर देवता के बोलने वाला हिस्सा देखना है, तो 26 मिनट 38 सेकंड पर जाकर विडियो देखिए या यहां क्लिक कीजिए
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जले हुए जंगल में जो देखा, उसे बयां करते हुए रोने लगा वनकर्मी

एमबीएम न्यूज, नाहन।। गर्मियां आते ही हिमाचल प्रदेश के हर हिस्से में चीड़ के जंगलों में आग की घटनाएं सामने आने लगती हैं। इस समय प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जंगल दहक रहे हैं। सिरमौर के जमटा इलाके में पिछले कुछ दिनों से जंगल सुलग रहे हैं जिससे न सिर्फ पेड़ों को नुकसान पहुंचा है बल्कि जंगल में रहने वाले लाखों जीव-जंतु भी मारे गए हैं।

जमटा इलाके में तैनात वनकर्मी पुरुषोत्तम सिंह ने इन जंगलों में कई पौधे अपने हाथों से लगाए हैं। जंगल में आग लगी तो बुझाने की कोशिश में दिन रात लगे रहे। मगर पानी और अन्य साधन न होने पाने के कारण वह भला क्या कर पाते। बेबसी से पौधों और न जाने कितने ही जंतुओं को आग में भस्म होते देखते रहे।

ऐसे ही एक दहकते हुए जंगल के बीच जब पत्रकारों की मुलाकात पुरुषोत्तम से हुई तो उन्होंने नुकसान के बारे में पूछना चाहा। हालात को बयां करते-करते पुरुषोत्तम भावुक हो गए। नम आंखों और रुंधे हुए गले से उन्होंने जो बातें कहीं, वे बताती हैं कि हमारे वनकर्मी कितने बेबस हैं।

जले हुए जंगल का दौरा करने के बाद कई जंतुओं के बच्चों, पक्षियों और उनके अंडों वगैरह को जला हुआ देखकर पुरुषोत्तम की हालत खराब हो गई। उन्होंने बताया कि यही नहीं, कई पौधों को नर्सरी से लेकर जंगल तक उन्हीं ने लगाया था और वही अब राख हो गए। वन विभाग की नर्सरी तक जल गई है।

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पुरुषोत्तम जैसे हजारों वनकर्मी हैं जो हर साल लगने वाली आग के आगे खुद को ऐसे ही बेबस पाते हैं। बहुत से लोग आज बुझाते हुए शहीद भी हो चुके हैं। वनकर्मी ही नहीं, गांव वाले भी अपनी जान पर खेलकर आग बुझाने में लगे रहते हैं कई जगह।

वन विभाग के पास न सिर्फ जरूरी उपकरणों की कमी है बल्कि चीड़ के जंगल अभिशाप बन गए हैं जो छोटी सी चिंगारी से भी धधक उठते हैं और आग बेकाबू हो जाती है। लोगों की लापरवाही और शरारत भी लाखों जीवों की मौत का कारण बनती है मगर इस संबंध में कार्रवाई न होने के कारण शरारती तत्व बाज भी नहीं आते।

(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

कांगड़ा: पिस्तौल दिखाकर पहले टीचर को पीटा, फिर लूटा

अमित पुरी, धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल फ़तेहपुर के साथ लगती पंचायत दियाना के क्षेत्र में सोमवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने पिस्तौल दिखाकर एक टीचर की पिटाई करने उपरांत लूटपाट को अंजाम दिया है।

जानकारी अनुसार रावमापा बडियाली में कार्यरत अध्यापक दियाना निवासी दलजिंदर सिंह सोमवार सुबह अपने बेटे सारांश के साथ और रावमापा दियाना में कार्यरत चपरासी दौलत राम के साथ अपनी गाड़ी में स्कूल को आ रहे थे।

घर से करीब एक किलोमीटर दूरी पर पहले से घात लगाकर बैठे पांच हमलावरों ने पानी के बहाने गाड़ी रुकवाकर टीचर को पिस्तौल दिखाते हुए, डंडों से मारना शुरू कर दिया। वह टीचर को घसीसटे हुए कुछ दूरी तक ले गए वहां पर उसका पर्स जिसमें करीब दस हजार रुपए नगद, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम, करीब एक तोला सोने की चेन, दो मोबाईल सहित अन्य कुछ सामान छीन लिया व अधमरा कर जंगल में छोड़कर टीचर की गाड़ी की चाबी भी साथ लेकर रफूचक्कर हो गए।

 

Saपीड़ित दलजिंदर सिंह ने बताया हमलावर पांच लोगों में से दो ने नकाब पहने थे। चपरासी दौलत राम ने बताया हमलावरों ने उसे गाड़ी से निकालते ही जोर से धक्का दे दिया जिस कारण वो काफी दूर बाजू के बल गिरा जिससे उसकी बाजू में फ्रैक्चर आ गया है।

थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया दलजिंदर की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। वहीं अध्यापक पर हुए हमले की राजकीय अध्यापक संघ ने कड़ी निंदा की है। संघ की एक्शन कमेटी के प्रदेश चेयरमैन नरेंद्र पठानिया ने शासन व प्रशासन से बिगड़ रही कांनून व्यवस्था को चुस्त-दरुस्त करने की गुहार लगाई है।

PUBG और TikTok को लेकर यूं ही डरा रहा है मीडिया

आई.एस. ठाकुर।। क्या आपने कभी खबर पढ़ी कि फलां जगह बच्चे पढ़ाई छोड़ दिन भर धूप में क्रिकेट खेलते रहते हैं, फलां जगह सुबह से फुलबॉल खेल रहे बच्चे की शाम को मैदान में अचानक मौत हो गई या फलां जगह रोलर स्केटिंग कर रहा बच्चा रीढ़ में चोट लगने से विकलांग हो गया? फिर PUBG के जुनून, उससे पढ़ाई में हो रहे कथित नुकसान और गेम खेलते समय किसी एक बच्चे की जान चले जाने को लेकर हो-हल्ला क्यों हो रहा है?

मुझे लगता है कि जिसमें आपकी दिलचस्पी न हो, उसकी आलोचना करना और उसे बेकार या घातक बता देना आसान होता है। PUBG और TikTok को इसी तरह का निरर्थक विरोध झेलना पड़ रहा है। मीडिया का एक हिस्सा इन्हें ऐसे दिखा रहा है जैसे महामारी फैल गई हो।

चिंता खतरे की है तो आउटडोर गेम्स कौन सा कम खतरनाक हैं जहां जानलेवा चोट लग सकती है? चिंता अडिक्शन को लेकर है तो म्यूजिक, स्पोर्ट्स या किताबों में डूबे रहना क्या अडिक्शन नहीं? चिंता गैजेट्स पर ज़्यादा समय बिताने को लेकर है तो यह निरर्थक चिंता है क्योंकि दफ्तर से लेकर घर तक लगातार कई-कई घन्टों तक कम्प्यूटर और मोबाइल स्क्रीन पर चिपके रहना आज ज़रूरत बन गया है।

PUBG वगैरह को लेकर डर फैला रहा मीडिया का यह वही वर्ग है जो कुछ साल पहले तक स्वाइन फ्लू और डेंगू को लेकर हाहाकार करता था। मगर आज ऐसे चुप है जैसे इन बीमारियों का उन्मूलन हो चुका हो। यह वही मीडिया है जिसके लिए सिर्फ खबर मायने रखती है, उसकी प्रामाणिकता नहीं। यह वही मीडिया है जो रबर के चावल, प्लास्टिक की गोभी और अंडे की हास्यास्पद खबरें चलाकर लोगों के दिमाग में वहम भरता है। इसी मीडिया को अब PUBG के रूप में नया विषय मिला है।

नई या मनोरंजक चीज को लेकर जुनून होना स्वाभाविक है। मगर ‘डराना = कमाना’ सिद्धान्त पर चलते हुए अपवादों को उदाहरण के तौर पर पेश करके लोगों को बेवजह डराया जा रहा है।

(लेखक लंबे समय से हिमाचल और देश-दुनिया से जुड़े विषयों पर लिख रहे हैं, उनसे kalamkasipahi @ gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है)

शहीद तिलकराज की पत्नी को मिली नौकरी, पूरा हुआ सीएम जयराम का वादा

जवाली।। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आंतकी हमले में शहीद हुए कांगड़ा के जवाली के धेवा गांव के तिलकराज के परिजनों को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और जवाली के विधायक अर्जुन ठाकुर ने आर्थिक सहायता देने की बात कही थी। उस समय शहीद की पत्नी सावित्री देवी को रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था।

शुक्रवार को सरकार ने यह वादा पूरा कर दिया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार की तरफ़ से जवाली के विधायक अर्जुन ठाकुर के माध्यम से शहीद तिलक राज की पत्नी सावित्री देवी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

इस मौके पर एसडीएम जवाली अरुण शर्मा ने हारचकियाँ उपतहसील में जाकर सावित्री देवी को क्लर्क के पद पर जॉइनिंग करवाई।

शहीद तिलक राज की पत्नी सावित्री देवी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्थानीय विधायक अर्जुन ठाकुर का धन्यवाद किया। जवाली के विधायक अर्जुन ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शहीदों और उनके परिजनों के प्रति सम्मान जताया है।

अमित शाह गृह, राजनाथ बने रक्षा मंत्री; अनुराग को मिले दो विभाग

नई दिल्ली।। नरेंद्र मोदी सरकार के नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। अमित शाह देश के नए गृह मंत्री होंगे जबकि राजनाथ सिंह अब रक्षा मंत्रालय संभालेंगे। निर्मला सीतारमण को वित्त और कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्टर बनाया गया है। डॉक्टर एस जयशंकर नए विदेश मंत्री होंगे। नितिन गडकरी परिवहन के साथ- साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम कारोबार मंत्रालयों को संभालेंगे।

वहीं हिमाचल के हमीरपुर के सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर को वित्त और कॉरपोरेट अफेयर्स की जिम्मेदारी दी गई है। यानी निर्मला सीतारमण उनकी सीनियर मिनिस्टर होंगी।

अन्य मंत्रियों की सूची नीचे है। आप इसे यहां क्लिक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।

सीएम जयराम ठाकुर ने मंत्री बनने पर अनुराग को दी बधाई

शिमला।। हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर बधाई दी है। सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से भी उन्होंने अनुराग को बधाई संदेश भेजा है।

सीएम ने लिखा है, “हिमाचल के बेटे एवं युवा नेता श्री अनुराग ठाकुर जी को राज्य मंत्री बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि बतौर राज्य मंत्री रहकर आप नए आयाम स्थापित करेंगे। प्रदेशवासियों को आप पर गर्व है।”

हिमाचल के बेटे एवं युवा नेता श्री अनुराग ठाकुर जी को राज्य मंत्री बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।हमें विश्वास है…

Jairam Thakur ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಗುರುವಾರ, ಮೇ 30, 2019

सीएम ने ट्विटर अकाउंट से भी यही शुभकामना संदेश दिया है-

अनुराग ठाकुर को मंत्री बनाकर अमित शाह ने निभाया वादा

ये है नरेंद्र मोदी सरकार के सभी मंत्रियों की लिस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कुल 58 मंत्रियों की सूची

पीडीएफ डॉक्यूमेंट डाउनलोड करके के लिए यहां क्लिक करें

कैबिनेट मंत्री
1. नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री)
2. राजनाथ सिंह
3. अमित शाह
4. नितिन जयराम गडकरी
5. डॉ. वी. सदानंद गौड़ा
6. निर्मला सीतारमन
7. राम विलास पासवान
8. नरेद्र सिंह तोमर
9. रवि शंकर प्रसाद
10. हरसिमरत कौर बादल
11. थावरचंद गहलोत
12. सुब्रमण्यम जयशंकर
13. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
14. अर्जुन मुंडा
15. स्मृति ज़ुबीन इरानी
16. डॉ. हर्ष वर्धन
17. प्रकाश जावडेकर
18. पीयूष गोयल
19. धर्मेंद्र प्रधान
20. मुख़्तार अब्बास नक़वी
21. प्रह्लाद जोशी
22. महेंद्र नाथ पांडे
23. अरविंद गणपत सावंत
24. गिरिराज सिंह
25. गजेंद्र सिंह शेखावत

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
1. संतोष कुमार गंगवार
2. राव इंद्रजीत सिंह
3. श्रीपद येस्सो नाइक
4. जितेंद्र सिंह
5. किरेन रिजीजू
6. प्रह्लाद सिंह पटेल
7. राज कुमार सिंह
8. हरदीरप सिंह पुरी
9. मनसुख एल. मांडविया

राज्यमंत्री
1. फग्गन सिंह कुलस्ते
2. अश्विनी कुमार चौबे
3. अर्जुन राम मेघवाल
4. जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड)
5. कृष्ण पाल गुर्जर
6. डी.आर. दादाराव
7. जी. कृष्ण रेड्डी
8. परषोत्तम रुपाला
9. रामदास अठावले
10. साध्वी निरंजन ज्योति
11. बाबुल सुप्रियो
12. संजीव कुमार बाल्याण
13. धोत्रे संजय शामराव
14. अनुराग ठाकुर
15. ए. एस. चन्नाबसप्पा
16. नित्यानंद राय
17. रत्तन लाल कटारिया
18. वी. मुरलीधरन
19. रेणुका सिंह सरुता
20. सोम प्रकाश
21. रामेश्वर तेली
22. प्रताप चंद्र सारंगी
23. कैलाश चौधरी
24. देबश्री चौधरी

List of Union MinsitersI

अनुराग ठाकुर को मंत्री बनाकर अमित शाह ने निभाया वादा

नई दिल्ली।। हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बन गए हैं। गुरुवार शाम को राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने राज्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

इस तरह से अमित शाह का हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों से किया गया वादा भी पूरा हो गया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था- “अनुराग मेरा छोटा भाई है आप उसे सांसद बनाओ,बड़ा नेता बनाने की जिम्मेदारी मेरी है।” बिलासपुर में कहे गए इन शब्दों ने गुरुवार को मूर्त रूप ले लिया।

अमित शाह के इन शब्दों का मतलब यह समझा जा रहा था कि उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जाने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना था कि अनुराग ठाकुर को मंत्री पद मिलना तय है।

हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर संसदीय सीट से अनुराग ठाकुर ने बड़े अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार रामलाल ठाकुर को पराजित किया है। यह चौथा मौका है जब अनुराग हमीरपुर के सांसद चुने गए है। पहले 2008 में हुए उपचुनाव, फिर 2009 और 2014 के चुनावों में उन्होंने जीत हासिल की थी।

यह दूसरा मौका है जब अमित शाह का हिमाचल में किया गया इस तरह का वादा पूरा हुआ है। इससे पहले 2017 विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के दौरान अमित शाह जयराम ठाकुर के लिए कह गए थे कि जयराम को जिताइए, इन्हें सरकार में ऊंचा पद दिया जाएगा। आज जयराम ठाकुर प्रदेश सरकार में सबसे ऊंचे पद यानी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं।

हिमाचल की बढ़ी धाक, मंत्री नहीं बीजेपी अध्यक्ष बनेंगे जेपी नड्डा

नई दिल्ली।। बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने और हिमाचल से अनुराग ठाकुर को भी मंत्री पद मिलने की खबरें सही साबित होने के बाद अब एक और खबर आई है।

इन हिमाचल ने विश्वनीय सूत्रों के हवाले से लिखा था कि पिछली सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे जगत प्रकाश नड्डा इस बार मंत्री नहीं बनेंगे बल्कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।

हिमाचल से मंत्री पद का कोटा अनुराग से पूरा हो गया है और अमित शाह के मंत्री बनते ही अध्यक्ष पद पर नए चेहरे को ज़रूरत होगी। यह अहम कुर्सी बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा को मिलने वाली है। बीजेपी में अहम पदों पर बैठे नेताओं के अनुसार जल्द ही तय प्रक्रिया के तहत नए अध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाएगा।

जेपी नड्डा के अध्यक्ष बनने की चर्चा पहले भी होती रही है मगर इस बार हालात उनके लिए अनुकूल बन गए। नड्डा की गिनती मोदी और शाह के भरोसेमंद लोगों में होती है और पिछले पांच सालों में राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े अहम फैसले करने में मोदी-शाह-नड्डा की तिकड़ी की अहम भूमिका रही है।

नड्डा ही क्यों
अमित शाह के मंत्री बन जाने के बाद मोदी और शाह चाहेंगे कि पार्टी का अध्यक्ष उनका ही भरोसेमंद बने। इस पैमाने पर नड्डा फिट बैठते हैं। जगत प्रकाश नड्डा 2014 में मंत्री बनने से पहले संसदीय बोर्ड में थे, चुनाव समिति के सचिव और हाल ही में यूपी के प्रभारी भी थे जहां पर बीजेपी महागठबंधन के खेल को फेल करने में सफल रही है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के विश्वासपात्र बनकर उभरे नड्डा कई मौकों पर खुद को साबित कर चुके हैं।

अब केंद्र में हिमाचल की और धाक बढ़ी है। जहां अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्रिमंडल में हिमाचल का नेतृत्व करेंगे वहीं नड्डा पार्टी के सबसे बड़े पद पर बैठेंगे।

अनुराग ठाकुर को मंत्री बनाकर अमित शाह ने निभाया वादा