भारत जैसे देश में मोदी की ईश्वरीय शक्ति से बनी वैक्सीन: सुरेश भारद्वाज

शिमला।। हिमाचल प्रेदश के शहरी विकास मंत्री और शिमला सिटी से बीजेपी के विधायक सुरेश भारद्वाज ने पीएम नरेंद्र मोदी को शिव का अवतार पुरुष बताने के अपने बयान को सही बताया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान में कुछ भी गलत नहीं है और ईश्वर के अवतार इंसान के रूप में ही जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ पीएम मोदी ने किया, उसके कारण ही उन्होंने ऐसा कहा।

गुरुवार को दिए गए बयान पर बवाल होने के बाद जब मंत्री जी से पत्रकारों ने शुक्रवार को सवाल किया तो उन्होंने इस पर सफाई देते हुए बहुत कुछ कहा, जिसका मतलब निकलता नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि भारत को कोरोना संकट में मोदी ने वैसे ही संभावा, जैसे शिव ने विष पिया था।

भारद्वाज ने कहा, “भारत जैसे देश में कोई सोच भी नहीं सकता था कि वैक्सीन पैदा करेंगे। जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना को टैकल किया है, यह काम किसी महापुरुष का ही होता है। अवतार जो हैं वो महापुरुष ही होते हैं। उनके पास ईश्वरीय शक्ति होती है। तो इसमें तुलना किसी व्यक्ति या ईश्वर से नहीं, शिव के अवतार से की है। अवतार मनुष्य रूप में आते हैं, ईश्वर खुद नहीं होते। मैंने इसमें कोई गलती नहीं की है।”

सुरेश भारद्वाज का यह कहना कि ‘भारत जैसे देश में वैक्सीन बन गई’, बेहद अजीब है। वह ‘भारत जैसे देश’ कहकर ऐसा जता रहे थे मानो भारत बेहद दीन-हीन देश हो। लेकिन हकीकत यह है कि 19वीं सदी में ही भारत में प्लेग की वैक्सीन विकसित की गई थी। भारत वर्षों से वैक्सीन न सिर्फ विकसित कर रहा है बल्कि बड़े पैमाने पर कई तरह के टीकों का उत्पादन करके पूरी दुनिया को निर्यात कर रहा है। हो सकता है कि पूर्व शिक्षा मंत्री को यह बुनियादी बात पढ़ने या जानने का कभी समय न मिला हो।

क्या दिल्ली तक पहुंच पाएगी सुरेश भारद्वाज की स्तुति की गूंज?

 

क्या दिल्ली तक पहुंच पाएगी सुरेश भारद्वाज की स्तुति की गूंज?

इन हिमाचल डेस्क।। हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और शिमला सिटी से बीजेपी विधायक सुरेश भारद्वाज ने गुरुवार को शिवरात्रि के एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की तो शिवरात्रि की महिमा बताते-बताते वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान करने लगे। इस दौरान उन्होंने यह तक कह दिया कि प्रधानमंत्री मोदी वास्तव में भगवान शिव के ‘अवतार पुरुष’ हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस खबर पर काफी प्रतिक्रियाएं दीं। अधिकतर का कहना था कि इस तरह से टिप्पणी करना बिल्कुल अनुचित है। कुछ लोगों ने इसे स्लिप ऑफ टंग कहा, कुछ ने ‘मोदी भक्ति’ तो कुछ ने इसके पीछे छिपे संदेश की भी अपने हिसाब से व्याख्या कर दी।

गुरुवार को शिमला में सचिवालय से लेकर पत्रकारों के बीच भी सुरेश भारद्वाज का यह बयान चर्चा में बना रहा। कुछ लोगों ने इसे उत्तराखंड में हाल ही में हुए नेतृत्व परिवर्तन से भी जोड़ा और कहा कि ऐसा तो नहीं कि हिमाचल में भी ऐसी किसी संभावना के बारे में सोचते हुए भारद्वाज ने अपने ‘नंबर बनाने की कोशिश’ की है।

हालांकि, कुछ पत्रकारों का कहना है कि हो न हो, यह बयान समझ-बूझ के साथ दिया गया बयान है न कि किसी तरह का स्लिप ऑफ टंग। दरअसल, ऐसी खबरें हैं कि हाल ही में एक पूर्व पत्रकार ने मंत्री महोदय के लिए ‘मीडिया प्रबंधन’ करना शुरू किया है। ऐसे में काफी लोगों को लगता है कि यह सोची समझी रणनीति के तहत खुद को ‘असर्ट’ करने यानी एक तरह से दावेदारी जताने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।

मंत्री महोदय के इस बयान पर बीजेपी के किसी नेता की तरफ से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन सत्ताधारी नेताओं से लेकर विपक्षी नेताओं के बीच भी यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोग पूछ रहे हैं- क्या इस स्तुति की गूंज दिल्ली पहुंच पाएगी? और पहुंचेगी तो उसका असर क्या होगा?

फंड की बंदरबांट पर उल्टा पड़ा दांव तो अग्निहोत्री ने ब्लॉक किए यूजर

शिमला।। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार रात अखबारों की कटिंग अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए आरोप लगाया था कि राज्य सरकार सरकारी फंड की बंदरबांट कर रही है। खबर में लिखा था कि जल जीवन मिशन का 444 करोड़ सिर्फ दो हलकों में खर्च कर दिया गया। मगर कुछ यूजर्स ने याद दिलाया कि ऐसी बंदरबांट तब भी हुई थी जब कांग्रेस की सरकार थी और अग्निहोत्री उद्योग मंत्री थे।

अग्निहोत्री ने लिखा, “जल जीवन मिशन का 444 करोड सिर्फ़ दो हल्क़ों में खर्च। धर्मपुर में जलशक्ति मंत्री के हल्के में 263 करोड़ व सिराज में मुख्यमंत्री के हल्के में 181 करोड़। यह होती है बन्दर बाँट।”

इसपर कुछ यूजर्स ने कॉमेंट किया कि वीरभद्र सिंह सरकार ने सीएम रिलीफ फंड की सबसे ज्यादा रकम शिमला ग्रामीण, रोहड़ू, रामपुर और हरोली पर खर्च की थी। कुछ ने तत्कालीन उद्योगमंत्री रहे अग्निहोत्री पर सीएसआर का फंड हरोली समेत चंद इलाकों में खर्च करवाने का भी आरोप लगाया था।

सभ्य भाषा में टिप्पणी किए जाने के बावजूद अग्निहोत्री ने ये कॉमेंट्स हटा दिए गए और यूजर्स को पेज से बैन कर दिया गया ताकि वे कॉमेंट न कर सकें।

बता दें कि रोहड़ू वीरभद्र की पुरानी सीट रही है, रामपुर रियासत के वह राजा रहे हैं, शिमला ग्रामीण से पिछली बार विधायक थे और अभी उनका बेटा यहां से एमएलए है। और हरोली सीट से वीरभद्र सिंह के करीबी मुकेश अग्निहोत्री विधायक हैं।

इन सीटों के लोगों को सबसे ज्यादा आर्थिक मदद दी गई थी। अमूमन इस कोष में चार-पांच करोड़ रुपये हुआ करते थे, मगर नई सरकार ने कार्य सम्भाला था तो पता चला था कि दो लाख रुपये ही बचे हैं।

कुछ खास इलाकों पर सीएम रिलीफ फंड को ज्यादा खर्च कर गई वीरभद्र सरकार

12 निगम-बोर्ड घाटे में मगर कार्यकर्ताओं को अडजस्ट करने के लिए चलते रहेंगे: महेंद्र सिंह

शिमला।। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक बोर्ड और 11 निगम घाटे में चल रहे हैं। मंगलवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल पर मुख्यमंत्री की जगह जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यहाँजवाब दिया।

महेंद्र ने कहा, “ये निगम-बोर्ड कई वर्षों से घाटे में हैं। इस दौरान कई पार्टियों की सरकारें आई और गई हैं। कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने और राजनीतिक मजबूरी के चलते इन्हें बंद नहीं किया जा सकता है। यह प्रथा पुरानी है। यह जारी ही रहेगी।”

महेंद्र सिंह ने कहा कि हम भी जब विपक्ष में होते थे तो इनका विरोध करते थे। कांग्रेस सरकार के समय छह निगम-बोर्ड अध्यक्ष थे। भाजपा सरकार ने पांच लगाए हैं। कोरोना संकट के दौरान जिस प्रकार विधायकों और मंत्रियों का तीस फीसदी वेतन कम किया गया, उसी तरह निगमों-बोर्डों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों का वेतन भी कम किया गया। निगमों-बोर्डों का घाटे में जाना चिंताजनक है। कुछ निगम-बोर्ड पहले लाभ में थे, अब घाटे में चले गए हैं। सरकार दोबारा इन्हें लाभ की स्थिति में लाने की कोशिश कर रही है।

चिंतपूर्णी: SDM से ही मांग लिए ‘चोर दरवाजे’ से दर्शन करवाने के पैसे

अंब।। एसडीएम अंब को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग चिंतपूर्णी मंदिर में चोर दरवाजे से दर्शन करवाने के एवज में पैसे लेने का धंधा कर रहे है। इसकी जांच के लिए एसडीएम मनीष यादव खुद पहुंचे। वहां एक दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने उनसे दर्शन करवाने के लिए 1100 रुपये मांग डाले।

यही नहीं, ऐसा भी पता चला है कि वहां पर मौजूद होमगार्ड ने भी एसडीएम से पैसे मांगे और 500 रुपये में दर्शन करवाने की पेशकश की। इन लोगों को नहीं मालूम था कि जिस शख्स को वो पैसों के बदलने चोर दरवाजे से दर्शन करवाना चाहते हैं, वास्तव में वह एसडीएम अंब हैं।

दरअसल एसडीएम अंब पर मनीष यादव की हाल ही में तैनाती हुई है, ऐसे में दुकानदार और होमगार्ड उन्हें पहचान नहीं सके। एसडीएम ने पाया कि कुछ दुकानों के अंदर चोर रास्ते बने हैं जो मंदिर के साथ मेन बाजार में मिलते हैं। उन्होंने चार दुकानों को सील करने के आदेश दिए, हालांकि बाद में उनसे माफी मांगी तो उन्होंने चेतावनी देकर छोड़ दिया। हालांकि, होमगार्ड के जवान को ड्यूटी से हटा दिया गया है।

एसडीएम ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कुछ अव्यवस्थाएं पाई हैं और उन्हें दूर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जाएं।

हिमाचल बजट: जानें, कहां कितना खर्च करेगी सरकार, किसे क्या मिला

शिमला।। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। कोरोना संकट के बावजूद इस बार 50 हजार 192 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट की खास बातें-

  • कुल बजट 50 हजार 192 करोड़ रुपये
  • राजस्व घाटा 423 करोड़
  • अनुमानित बजट घाटा 28, 491 करोड़
  • राजकोषीय घाटा 7789 करोड़ (जीडीपी का 4.5%)

कहां कितना खर्च करेगी सरकार, किसे क्या मिला-

  • वन विकास जन सहयोग कार्यक्रम दौगुना होगा।
  • विधायक विकास निधि (नाबार्ड से मिलने वाली) को 120 करोड़ से बढ़ाकर 135 करोड़ किया।
  • विधायक निधि को 173 करोड़ से बढ़ाकर 180 करोड़ किया गया।
  • कारोना काल में विधायकों के वेतन में 30 फ़ीसदी की कटौती अब बन्द होगी।
  • पंचायतों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा देने के लिए 7 करोड़ का प्रावधान।
  • क्लास वन और टू को अपनी आय का ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा।
  • 20 करोड़ गृहिणी सुविधा योजना के लिए प्रावधान रखा गया।
  • सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती से 50 हज़ार नए लोगों को जोड़ा जाएगा इसके लिए 20 करोड़ का प्रावधान रखा गया।
  • 83 करोड़ सिंचाई योजना के लिए प्रावधान रखा गया।
  • नई स्वर्ण जयंती बागवानी नई योजना शुरू की गई। बागवानी के लिए 543 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

  • दूध की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का एलान किया गया।
  • 3615 कुल पंचायतों में से नई पंचायतों के लिए पंचायत घरों का प्रावधान किया जाएगा।
  • एसएमसी अध्यापकों के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की गई।
  • आउटसोर्स कर्मियों के भी 500 रुपए बढ़ाए गए।
  • मिशन दृष्टि नई योजना के तहत स्कूली बच्चों की आंखों की जांच कर निशुल्क चश्मे दिए जाएंगे।
  • आशा वर्कर के मानदेय में 750 रुपए की बढ़ोतरी की गई।
  • स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3016 करोड़ का प्रावधान रखा गया।
  • तीनों नए नगर निगमों को 1 करोड़ प्रति निगम व नगर पंचायतों को 20 लाख दिए जाएंगे।
  • अंशकालीन कर्मियों के 300 रुपए बढ़ाए गए।
  • मिड डे मील वर्कर व वाटर करियर का मानदेय 300 रुपया बढ़ाया गया।
  • पी जी, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स का मानदेय 5000 बढ़ाया।
  • कौशल विकास भत्ते पर 100 करोड़ ख़र्च किया जाएगा।
  • 200 इलेक्ट्रिक बसें ख़रीदी जाएंगी।
  • भांग (इंडस्ट्रियल हेम्प) की खेती शुरू करने पर बनेगी योजना।
  • एससी-एसटी केे बीपीएल परिवारों की बेटियों को शादी के लिए शगुन नामक नई योजना के तहत 31000 की राशि दी जाएगी।
  • 40 हज़ार नए लोगों को पेंशन लगाई जाएगी जिस पर 7 करोड़ खर्च किया जाएगा।
  • 65 वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग की महिलाओं के लिए स्वर्ण संबल योजना के तहत 1000 रुपए पेंशन दी जाएगी। इस पर एक हज़ार 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ का मानदेय 500 रुपए व सहायकों का मानदेय 300 रुपए बढ़ाया गया।
  • पुलिस विभाग में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा।
  • कामगारों की दिहाड़ी 300 रुपए होगी।

 

हिमाचल: विकास दर नेगेटिव हुई, प्रति व्यक्ति आय भी घटी

शिमला।। हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश की आर्थिक विकास दर में 6.2% की गिरावट देखने को मिली है और यह नेगेटिव चली गई है। इसकी वजह कोरोना महामारी को माना जा रहा है। प्रतिव्यक्ति आय भी 3.7 कम हुई है। इस कारण इस वित्त वर्ष में यह 1.83 लाख रुपये रहने की संभावना जताई गई है।

आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन में पेश की। वित्तीय वर्ष 2018-19 में विकास दर 6.5 प्रतिशत और 2019-20 में 4.9 प्रतिशत रही। चालू वित्त वर्ष में बड़ी गिरावट के साथ यह ऋणात्मक हो गई है।

राज्य का सकल घरेलू उत्पाद प्रचलित भाव पर वर्ष 2019-20 में 1,62,816 करोड़ रुपये है। यह गत वर्ष 2018-19 में 1,49,422 करोड़ रुपये था। कोरोना के प्रभाव के कारण प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद में 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

वर्ष 2019-20 में हिमाचल प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय प्रचलित भाव पर 7.9 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,90,407 रही। जो वर्ष 2018-19 में पिछले वर्ष से 6.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,76,460 आंकी गई है। वर्ष 2020-21 में प्रतिव्यक्ति आय 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,83,286 रहने की संभावना है।

बजट से एक दिन पहले कांग्रेस के विधायकों का निलंबन रद्द

शिमला।। राज्यपाल की गाड़ी के आगे हुड़दंग करने पर बजट सत्र से निलंबित कांग्रेस के विधायक अब सदन लौट सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत पांच विधायकों का निलंबन वापस कर लिया है।

छद दिन बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म हुआ है। कांग्रेस का कहना था कि यह निलंबन असंवैधानिक है जबकि बीजेपी का कहना है था कि कांग्रेस विधायकों ने गलत काम किया है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों और सीपीएम विधायक राकेश सिंघा ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। बाद में सुखविंदर सिंह सुक्खू और राकेश सिंघा दोनों ने गतिरोध टूटने के संकेत दिए थे। फिर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि निलंबन वापस ले लिया गया है।

कांग्रेस विधायक दल

कांग्रेस इस कदम तो अपनी जीत बता रही है। अब देखना यह है कि सदन में लौटने के लिए आतुर दिख रहे विपक्षी विधायक कब सदन से बाहर आने के लिए वॉकआउट करते हैं।

हिमाचल में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल तैयार कर रही है सरकार: सीएम

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण को तैयार कर रही है। वह देर शाम सीआईआई हिमाचल प्रदेश के 2020-21 के राज्य वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की व्यापार में सुगमता की रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश ने 16वें स्थान से 7वें स्थान पर पहुंचकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

सीएम ने कहा कि इस वार्षिक सम्मेलन के लिए रीगेनिंग दि ग्रोथ मोमैंटम विषय बहुत सामयिक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस आयोजन के परिणाम इस विषय की भावना के अनुकूल रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला ऊना में 1405 एकड़ भूमि पर 1190 करोड़ रुपए की लागत के बल्क ड्रग पार्क परियोजना रिपोर्ट का प्रस्ताव केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह सोलन जिला के नालागढ़ में 268 एकड़ भूमि पर 261 करोड़ रुपए की लागत से मैडीकल डिवाइसिंग पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा है। इतना ही नहीं, नालागढ़ में 400 एकड़ भूमि पर इलैक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब और पावर इक्विपमैंट मैन्युफैक्चरिंग हब का प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजा गया है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडैक्स-2020 जो राज्यों की अभिनव क्षमताओं को दर्शाता है, में हिमाचल प्रदेश को उत्तरी-पूर्व और पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। इस मौके पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार एमओयू दूसरी ग्राऊंड ब्रेकिंग सैरेमनी के लिए तैयार है।