लाहौल-स्पीति पुलिस ने जारी की ट्रैवल एडवाइज़री

लाहौल-स्पीति।। प्रदेश में तीन हफ़्तों से सुस्त पड़े मॉनसून ने सोमवार सुबह से रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल फटने की घटनाएं भी सामने आई है। तो कहीं भारी बारिश से उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति ने तबाही का मंजर भी दिखाया है।ऐसे में लाहौल-स्पीति पुलिस ने ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है। जारी एडवाइज़री में कहा है कि भारी बारिश के कारण NH03 मनाली-लेह हाईवे पर पागल नाला, तेलिंग नाला, भरतपुर नाला में जलस्तर बढ़ गया है व यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।

लाहौल-स्पिति पुलिस द्वारा एनएच-03 मनाली-लेह हाईवे पर बेवजह यात्रा न करने की सलाह दी गई है। आपातकालीन स्थिति और सड़क की स्थिति के बारे में जानकारी के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नम्बर 9459461355 पर संपर्क करने को कहा है।

अन्य किसी जानकारी के लिए भी पुलिस ने नम्बर जारी किए हैं। अधिक जानकारी के लिए 8988098067 और 8988098068 नंबरों पर संपर्क करने को कहा है।

डीसी कांगड़ा ने दिए अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

धर्मशाला।। कांगड़ा जिला में सोमवार सुबह से ही बारिश का कहर जारी है। बारिश से कांगड़ा जिला के विभिन्न स्थानों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गयी है। कई जगहों पर पुल तो कहीं लोगों के मकान नदी-नालों में आई बाढ़ में बह गए। ऐसे में डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने सभी अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

डीसी कांगड़ा ने कहा कि मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में 13 जुलाई को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही 14 से लेकर 16 जुलाई तक मौसम खराब बताया गया है।

इसी मद्देनजर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत कांगड़ा जिला में सभी विभागों के जिला अधिकारियों को सजग रहने के आदेश दिए गए है। साथ ही अधिकारियों को जिला प्रशासन से सीधे संपर्क में रहने के लिए कहा गया है।

सभी विभागीय अधिकारियों को मोबाइल या अन्य किसी माध्यम से अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं ताकि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जल्द कार्रवाई की जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम के ट्रोल फ्री नंबर 1077 या दूरभाष नंबर 01892 229050 पर करने को कहा है।

वायरल ऑडियो मामला: शीतल व्यास और अर्चना ठाकुर निलंबित

शिमला।। सोशल मीडिया पर वायरल भाजपा महिला मोर्चा के कथित ऑडियो मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कड़ा संज्ञान लिया है। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री शीतल व्यास तथा सोशल मीडिया एवं आईटी प्रभारी डॉ अर्चना ठाकुर की प्राथमिक सदस्यता को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह जानकारी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार सिंह ने एक प्रैस बयान जारी कर दी है। प्रेस बयान में कहा गया है कि दोनों पदाधिकारियों को संगठन के सभी दायित्वों से भी तुरंत प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित राजनीतिक दल है। यहां पर किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बता दें कि सोशल मीडिया पर पिछले कल कथित तौर पर भाजपा महिला मोर्चा की बैठक का एक ऑडियो वायरल हुआ था। वायरल ऑडियो में पदाधिकारी एक दूसरे पर पैसे देकर पद लेने और बदसलूकी जैसे आरोप लगा रहे थे।

रिज में स्थापित की जाए वीरभद्र सिंह की प्रतिमा: यदोपती

शिमला।। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपती ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा शिमला के रिज पर स्थापित करने की मांग की है।

वीरभद्र सिंह के निधन पर शोक जताते हुए यदोपती ने कहा, “जहाँ यशवंत सिंह परमार को हिमाचल प्रदेश का निर्माता माना जाता है, वहीं राजा वीरभद्र सिंह जी को आधुनिक हिमाचल का निर्माता कहा जाता है।”

यदोपती ठाकुर

उन्होंने कहा, “राजा वीरभद्र सिंह कांग्रेस के ही नेता नहीं थे बल्कि पूरा हिमाचल और सभी दलों के लोग भी उन्हें मानते थे। ऐसे में उनके सम्मान में प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।”

यदोपती ठाकुर ने प्रदेश सरकार से माँग की है कि ‘यह प्रतिमा ऐतिहासिक रिज मैदान में स्थापित की जाए जिसके लिए युवा कांग्रेस प्रदेश सरकार की आभारी रहेगी।’

पैसे देकर पद लेने को लेकर भाजपा महिला मोर्चा पदाधिकारियों में विवाद

शिमला।। राजनीतिक दलों के अंदर हमेशा गुटबाजी देखने को मिलती रहती है। इन दिनों भी ऐसी ही एक गुटबाजी हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। लेकिन इस बार यह गुटबाजी प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा से सम्बंधित है।

इन दिनों सोशल मीडिया पर कथित तौर पर हिमाचल भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों के बीच बहस का ऑडियो वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में पैसे देकर पद लेने के आरोप पर विवाद हो रहा है।

अमर उजाला की खबर के अनुसार, हाल ही में भाजपा महिला मोर्चा की आईटी संयोजक डॉ. अर्चना, महामंत्री शीतल ब्यास, वंदना गुलेरिया व कुछ अन्यों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई है। एक पदाधिकारी द्वारा दूसरे पर आरोप लगाया गया है कि उसने चार लाख रुपये देकर पद हासिल किया है। वहीं दूसरी पदाधिकारी ने संगठन में कामकाज सही न होने और बदसलूकी जैसे आरोप लगाए हैं।

इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने सभी को चुप कराने का प्रयास किया लेकिन किसी ने नहीं सुना। इन आरोप-प्रत्यारोपों का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऑडियो उस कॉल पर मौजूद किसी पदाधिकारी द्वारा ही वायरल किया गया है।

वहीं अमर उजाला के अनुसार कुछ पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत प्रदेश अध्यक्ष से भी की है, लेकिन उन्होंने इसे गुटबाजी न मानकर व्यक्तिगत विषय बताया है। पैसों के लेन-देन की बात को भी उन्होंने टाल दिया।

महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रश्मिधर सूद का कहना है कि ऐसी बातों को तूल न दिया जाए। परिवार में मतभेद हो सकता है, लेकिन गुटबाजी बिल्कुल नहीं है।

वहीं महामंत्री शीतल ब्यास ने भी गुटबाजी से पल्ला झाड़ दिया है। उन्होंने पूरे विवाद को सिरे से नकार दिया। कहा कि पार्टी की अंदरूनी बैठकों में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होती है। ऑडियो वायरल करने वाले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

राजतिलक की परंपरा अतार्किक और अलोकतांत्रिक: पूर्व डीजीपी

शिमला।। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उनके बेटे विक्रमादित्य के राजतिलक की परंपरा को लेकर हिमाचल प्रदेश के पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने सवाल खड़े किए हैं। दरअसल, रामपुर में वीरभद्र सिंह के अंतिम संस्कार से पहले विक्रमादित्य के राजतिलक की परंपरा निभाई गई। पूर्व डीजीपी ने इस परंपरा को कानून और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ करार दिया है।
पूर्व डीजीपी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में किसी पेज का स्क्रीनशॉट भी लगाया है, जिसमें विक्रमादित्य की तस्वीर के साथ लिखा गया था, “रामपुर बुशहर रियासत के लिए 123वें शासक राजा विक्रमादित्य सिंह जी।”

इस पोस्ट में ईश्वर देव भंडारी ने लिखा है, “ये हो क्या रहा है? विरासत सौंपने का एलान करना एक चीज़ है और किसी रियासत का राजसी प्रतिनिधि घोषित कर देना अलग चीज है।”

उन्होंने लिखा है, “मैं हमारे सम्माननीय वीरभद्र सिंह के निधन पर बाकियों की तरह की दुखी हूं। मैं उनका बहुत सम्मान करता था। मगर लोकतांत्रिक देश का नागरिक होने के नाते राजा के तौर पर मध्ययुग की तरह राजतिलक किए जाने को समझ नहीं पा रहा।”

पूर्व डीजीपी ने लिखा है, “कामना है कि गुलामी वाली मानसिकता का समर्थन करने के बजाय हम लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करें और उनपर गर्व करें। हो सकता है लोकतंत्र और कानून पर मेरे प्रबल विश्वास के कारण मैं गलत हूं। लेकिन उन लोगों के लिए मुझे अफसोस हो रहा है जो इस तरह की अतार्किक और अवास्तविक परंपराओ का समर्थन कर रहे हैं।”

आखिर मे ंवह लिखते हैं, “माफ करें, हमारे भविष्य में इतिहास की गलत बातों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।”

 

नाग छतरी: बेशकीमती जड़ी-बूटी, प्रतिबंधित होने के बावजूद बढ़ रहा अवैध दोहन

चम्बा।। चम्बा से पठानकोट की ओर जा रहे एक ट्रक से डलहौजी पुलिस से साढ़े 7 क्विंटल नाग छतरी बरामद की। जानकारी के अनुसार पुलिस को ट्रक में नाग छतरी ले जाने की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस ने लाहड़ गांव में ट्रक को रोका।

ट्रक में ड्राइवर सहित तीन व्यक्ति व्यक्ति सवार थे। पुलिस ने जब उनसे परमिट मांगा तो उन्होंने परमिट तो दिखाया, लेकिन ट्रक में परमिट से ज़्यादा संख्या में सामान पाया गया। ऐसे में पुलिस ट्रक को बनीखेत चौकी ले आई और ट्रक की तलाशी ली।

डीएसपी डलहौजी विशाल वर्मा ने बताया कि ट्रक की तलाशी लेने पर साढ़े 7 क्विंटल नाग छतरी बरामद हुई। 150 से ज़्यादा बोरियां बरामद हुई जिसकी कीमत 14 से 15 लाख है। उन्होंने बताया कि इसमें परमिट वाले माल की संख्या काफी कम है। सारे माल को अभी आंका जा रहा है। नाग छतरी को बिना परमिट बेचना कानूनन अपराध है।

क्या है नाग छतरी

नाग छतरी एक तरह की जड़ी-बूटी है जो पहाड़ों की ऊंचाइयों होती है। इसका पौधा चार हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर मिलता है। नाग छतरी का वैज्ञानिक नाम ट्राइलियम गोवानियनम (Trillium Govanianum) है। इसे सतुआ के नाम से भी जाना जाता है। ये तीन पत्तियों वाली बूटी है जिस पर गहरे लाल ब्राउन रंग का फूल खिलता है। अपनी अजीब सरंचना के कारण इसे आसानी से पहचाना जा सकता है।

क्या है नाग छतरी की कीमत

नाग छतरी अब विलुप्त होने की कगार पर है। इसे बहुत अधिक मात्रा में पहाड़ी चट्टानों से निकाला गया है। जंगलों से भी इसका अत्यधिक मात्रा में अवैध रूप से दोहन हुआ है। लोकल बाजार में नाग छतरी को दो से तीन हजार रुपये प्रति किलो में खरीदा जाता है। वहीं विदेशों में निर्यात करने वाले इसके दाम 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो बताते हैं। चीन इसका बड़ा आयात करने वाले देश माना जाता है।

किस काम आती है नाग छतरी

हिमालय में यह बूटी पायी जाती है। नाग छतरी का भारत में विशेष रूप से प्रयोग नहीं किया जाता है। दिल्ली से इसका सबसे अधिक निर्यात चीन को होता है। औषधि विशेषज्ञ बताते हैं कि इसका प्रयोग हर्बल टानिक, च्वनप्राश और यौवन शक्ति बढ़ाने वाली दवाइयों में किया जाता है। कैंसर रोधी भी इसे बताया जाता है।

इसकी जड़ दवा के रूप में काम आती है। इस जड़ी- बूटी में सूजन को घटाने के भी गुण हैं। ये कीटाणुओं को नष्ट करती है। इसमें फफूंदीनाशक गुण भी है। इसलिए इसकी मांग बढ़ती जा रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बिना अनुमति नाग छतरी की खुदाई अपराध

नाग छतरी बेशकीमती जड़ी-बूटियों की श्रेणी में आती है। बिना अनुमति नाग छतरी की खुदाई करना भी अपराध है। वन विभाग द्वारा पांच साल बाद एक बीट या रेंज में स्थानीय लोगों को ही जड़ी बूटी खोदने की अनुमति दी जाती है। वहीं मजदूरों से खुदाई की भी कोई अनुमति नहीं होती।

स्थानीय लोगों के लिए जड़ी बूटी के खोदने का समय वन विभाग की ओर से अक्तूबर से दिसंबर के बीच निर्धारित होता है। वहीं इसको खोदने के वैज्ञानिक तरीके भी विभाग ही लोगों को समझाता है। लेकिन बेशकीमती जड़ी-बूटी के अवैध दोहन का कारोबार वन विभाग के नियमों को ठेंगा दिखा रहा है।

हिमाचल में वैक्सीन की कमी, युवाओं को करना होगा इंतजार

शिमला।। प्रदेश के युवाओं को अभी कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए और इंतज़ार करना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को अभी 14 जुलाई तक कोरोना वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी।

केंद्र से वैक्सीन की सप्लाई कम आने के कारण यह फैसला लिया गया है। पहले प्रदेश सरकार ने इस वर्ग को नौ जुलाई तक वैक्सीन न लगाने का फैसला लिया था। लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। 14 जुलाई तक केवल 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को ही वैक्सीन लगेगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग में 31 लाख लोग हैं। इनमें से करीब 8 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। बाकी अन्य लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग के पास करीब साढ़े तीन लाख के वैक्सीन की डोज है। ऐसे में अगर 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाई जाती है तो वैक्सीन का यह स्टॉक दो दिन में खत्म हो जाएगा।

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को अभी वैक्सीन नहीं लगेगी। 45 साल से अधिक आयुवर्ग को वैक्सीन लगाने के बाद ही इस वायु वर्ग के लिए वैक्सीन लगाने की तिथि निर्धारित होगी।

रामस्वरूप शर्मा मौत मामला: बेटे ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

नई दिल्ली।। मंडी लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध मौत पर उनके बेटे आनंद स्वरूप शर्मा ने हत्या का शक जताया है। करीब चार माह पहले दिल्ली में पूर्व सांसद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। एक लंबे समय बाद इस पर उनके परिजनों की ओर से प्रतिक्रिया आयी है। उनके मंझले बेटे आनंद स्वरूप शर्मा ने चुप्पी तोड़ी है और उच्च स्तरीय जांच की गुहार लगाई है।

आनंद स्वरूप शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि उनके पिता आत्महत्या नहीं कर सकते थे। उनकी हत्या हुई है। वह मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर सहदेव सिंह से भी मिले हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी हैं।

इसके अलावा आनंद स्वरूप शर्मा ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से भी मुलाकात की। गड़करी से मिलकर उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।

आनंद ने बताया कि उनके परिवार में सब ठीक चल रहा था। 16 मार्च को अपने स्टाफ के साथ भोजन करने के उपरांत उन्होंने आगामी दिन की रूपरेखा भी तैयार कर ली थी। ऐसे में उनकी मौत पर सवाल उठाना लाजिमी है।

उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग का जिक्र है, लेकिन कॉल डिटेल और फोरेंसिक रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। जांच रिपोर्ट में देरी के लिए पुलिस ने कोरोना का हवाला दिया है। उन्हें यह जानकारी नोर्थ एवन्यू पुलिस थाने के प्रभारी सहदेव सिंह से मिली है। उन्होंने कहा है कि कोरोना के कारण जांच प्रभावित हुई है।

बता दें कि बीते 17 मार्च को दिल्ली स्थित गुमटी अपार्टमेंट में पूर्व सांसद रामस्वरूप शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था। चार महीने से दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके पहले भी 4 अप्रैल को बेटे आनंद स्वरूप शर्मा ने दिल्ली पुलिस से मिलकर जांच के बारे में जानकारी ली थी।

अटल टनल रोहतांग अब हफ्ते में दो दिन ही होगी एक घंटे के लिए बंद

लाहौल-स्पीति।। देश की महत्वाकांक्षी और आकर्षण का केंद्र अटल टनल रोहतांग अब सप्ताह में केवल दो दिन ही एक-एक घंटे के लिए बंद रहेगी। टनल के रखरखाव के लिए कुछ समय के लिए टनल को बंद किया जाता है।

पहले इसे रोजाना 11 से 12 बजे तक एक घंटे के लिए बंद रखा जाता है। लेकिन अब बीआरओ ने फैसला किया है कि केवल सोमवार और गुरुवार को ही सुबह सात से आठ बजे तक एक-एक घंटे के लिए टनल बंद रहेगी।

हिमाचल में ज़्यादा संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में टनल से होकर यातायात का दबाव बढ़ गया है। जाम की स्थिति भी बन रही है। इसे देखते हुए ही बीआरओ ने यह फैसला लिया है।

पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मावन वर्मा ने कहा कि अब अटल टनल हफ्ते में मात्र दो दिन बंद रहेगी। इस दौरान सुबह के समय एक-एक घंटे तक टनल होकर आवाजाही नहीं होगी।