अभी बंद ही रहेंगे स्कूल, ऑनलाइन चलती रहेंगी परीक्षाएं

शिमला।। हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक में फिलहाल स्कूलों को बंद ही रखने का फैसला किया गया है। प्रदेश में अभी 14 सितंबर तक स्कूल बंद रहेंगे। शनिवार को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। डिजास्टर मैनेजमेंट द्वारा स्कूलों को बंद रखने की नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।

शनिवार से ही प्रदेश में नौवीं से 12वीं क्लास की फर्स्ट टर्म परीक्षाएं शुरू हो गए हैं। परीक्षाएं ऑनलाइन ही ली जा रही है। ऐसे में फिलहाल इस व्यवस्था को नहीं बदला गया है। 14 सितंबर तक स्कूल बंद रहेंगे। परीक्षाएं ऑनलाइन चलती रहेंगी।

हिमाचल में फिलहाल नहीं होंगे उपचुनाव

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में होने वाले उपचुनाव टल गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने मंडी लोकसभा और फतेहपुर विधानसभा सीट में उपचुनाव नहीं कराने का फैसला लिया है। राज्य के मुख्य सचिव की आपदा और फेस्टिवल सीजन की दलील को देखते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है।

बता दें कि मंडी और फतेहपुर सीट को खाली हुए छह महीने का समय पूरा हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग छह महीने के भीतर उपचुनाव कराने के लिए बाध्य था। लेकिन अब इन सीटों पर उपचुनाव नहीं होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा। बाकी सीटों के उपचुनाव निरस्त कर दिए हैं।

वहीं हिमाचल में दो अन्य विधानसभा सीटों जुब्बल कोटखाई और अर्की में भी उपचुनाव होने थे। लेकिन अब यहाँ भी उपचुनाव की संभावना न के बराबर है। इसके पीछे कारण है कि अगले साल हिमाचल मव विधानसभा चुनाव होने हैं। अगर यहां उपचुनाव होते हैं तो आगामी चुनावों के लिए एक वर्ष से भी कम एमी बचेगा। इसी वजह से यह दोनों सीटें भी खाली रहेंगी।

मंडी लोकसभा सीट में आयोग कुछ रिलेक्सेशन के साथ उपचुनाव करवा सकता है क्योंकि अगले लोकसभा चुनावों के लिए अभी काफी समय हैं। अगले लोकसभा चुनाव 2024 में होने हैं।

डाकपाल पर ग्रामीणों के 31 लाख डकारने का आरोप

मंडी।। मंडी जिले में एक डाकपाल पर ग्रामीणों की जमा पूंजी डकारने का आरोप लगा है। मामला मंडी जिले के सराज क्षेत्र के चिउनी डाकघर का है। आरोप है कि डाकपाल डाकघर में जमा ग्रामीणों की 31 लाख की धनराशि डकार गया। डाक विभाग की जांच में मामला सामने आया है।

डाक विभाग मंडी के प्रवर अधीक्षक भवानी प्रसाद की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी डाकपाल के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण चिउनी डाकघर में तैनात डाकपाल को गांव का मानकर भरोसे में सेविंग, आरडी, डाकघर जीवन बीमा आदि स्कीमों के लिए डाकघर में जमा करने के लिए पैसे देते रहे। लेकिन डाकपाल उन्हें फर्जी रसीदें देकर उनकी धनराशि हड़प रहा था। यहां तक कि गांव के कई व्यक्ति खाते से पैसे निकालने के लिए विड्रॉल फॉर्म भी साइन कर देते थे।

डाकपाल के खिलाफ शिकायत मिलने पर विभाग ने जांच बिठाई। जांच में खाता धारकों की शिकायत सही पाई गई। जिसके बाद विभाग ने मामला पुलिस के सुपुर्द किया है। करीब 100 से अधिक लोगों को अपनी जमापूंजी से हाथ धोना पड़ा है। पुलिस ने अभी तक 20 लोगों के बयान कलमबद्ध किए हैं।

इस बारे डीएसपी करसोग गीतांजलि ठाकुर ने बताया कि डाक विभाग मंडी ने गबन के संदर्भ में पुलिस थाना जंजैहली में डाकपाल के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस बारीकी से मामले की जांच कर रही है। निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाएगा।

स्वास्थ्य कर्मियों ने निभाया फर्ज, दुर्गम क्षेत्र में वैक्सीन लगाने के लिए की 21 किमी पैदल यात्रा

कुल्लू।। जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल का अति दुर्गम गांव शाक्टी-मरोड़ जहां सुविधाएं पहुंचाना बेहद मुश्किल काम है। यहां पहुंचने के लिए 21 किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शाक्टी-मरोड़ पहुंचकर वैक्सीनेशन अभियान को पूरा करने में सफलता हासिल की है।

स्वास्थ्य विभाग की तीन लोगों की टीम 16 घंटे का पैदल सफर करके देर रात यहां पहुँची और अगली सुबह टीकाकरण कर वापस कुल्लू पहुँची। इस टीम में स्वास्थ्य कर्मी रक्षा देवी, चिंता देवी व केहर सिंह शामिल थे। इस दौरान 18 वर्ष से अधिक आयु के 66 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।

डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है। बशर्ते इच्छा शक्ति व प्रतिबद्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसा ही दुर्गम क्षेत्र शाक्टी-मरोड़ में देखने को मिला है। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम पैदल सफर तय कर शाक्टी-मरोड़ पहुंची और जो लोग वैक्सीन नहीं लगवा पाए थे, उन्हें वैक्सीन लगवाई गई।

उन्होंने कहा कि जिला का एक व्यक्ति भी वैक्सीन से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए भले ही वैक्सीन लगाने के लिए उस व्यक्ति के घर तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल ही तय क्यों न करनी पड़े। स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक व्यक्ति के घरद्वार जाकर वैक्सीन लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

सरकार के अहंकार को दर्शाता है पूर्व विधायक के साथ दुर्व्यवहार : यदोपति ठाकुर

मंडी।। सोशल मीडिया पर पिछले कल से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग कांगड़ा जिला के सुलह विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जगजीवन पाल से मारपीट करते नज़र आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

यदोपति ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि एक पूर्व विधायक और सीपीएस के साथ पुलिस की मौजूदगी में इस तरह का दुर्व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिमाचल जैसे शांत राज्य में जनता की आवाज़ उठाने के लिए पूर्व विधायक के साथ इस तरह की हरकत सत्ता पक्ष के अहंकार और घमंड की दर्शाता है।

यदोपती ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है। बाहरी राज्यों से जंगलराज और गुंडाराज जैसी खबरें सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब भाजपा ने हिमाचल को भी उसी श्रेणी में ला दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार की नीतियों और तानाशाही से तंग आ चुकी है। जो कोई जनता की आवाज बुलंद कर रहा है, उसकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदोपती ठाकुर ने सरकार से एसएचओ सहित मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को पदमुक्त करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यदोपती ठाकुर ने कहा कि छह सितंबर को कांगडा जिला के तमाम युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस थाने का घेराव किया जाएगा।

कुल्लू के साथ अब लाहौल-स्पीति में भी ले सकेंगे रिवर राफ्टिंग का मज़ा

लाहौल-स्पीति।। अब हिमाचल प्रदेश के एक और जिले में रिवर राफ्टिंग का मज़ा लिया जा सकता है। अब तक केवल कुल्लू जिले में ब्यास नदी पर ही रिवर राफ्टिंग होती थी। लेकिन अब इसमें जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का नाम भी जुड़ने वाला है।

लाहौल-स्पीति की एक एडवेंचर कंपनी ने चंद्र नदी पर रिवर राफ्टिंग का सफल ट्रायल किया है। लिन्स आउटडोर एडवेंचर कंपनी ने मनाली के पर्वतारोहण संस्थान की मदद से हाल ही में चंद्र नदी में राॅफ्टिंग का ट्रायल किया, जो कामयाब रहा। इस दौरान एसडीएम केलांग और मनाली भी मौजूद रहे।

एडवेंचर कंपनी के मालिक टशी नोरबू ने बताया कि इससे पहले भी ट्रायल का प्रयास किया गया था लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ पाया था। लेकिन इस बार मूलिंग पुल से लेकर तांदी संगम तक करीब ढाई किलोमीटर स्ट्रैच में ट्रायल किया गया जो सफल रहा है। उन्होंने कहा कि अब घाटी में आने वाले पर्यटकों के लिए चंद्र नदी में राफ्टिंग का रोमांच होगा।

जयराम ठाकुर सीएम रहते भीमाकाली मंदिर जाने वाले इकलौते भाजपाई मुख्यमंत्री

शिमला।। सीएम जयराम ठाकुर गुरुवार को रामपुर दौरे पर थे। इस दौरान सीएम सराहन के प्रसिद्ध भीमाकाली मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे। सीएम ने भीमाकाली माता के मंदिर पहुंचकर माथा टेका और पूजा-अर्चना की। इस दौरान पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी उनके साथ थे।

सीएम जयराम ठाकुर भाजपा के इकलौते मुख्यमंत्री हैं जो सीएम पद पर रहते हुए माता भीमाकाली के मंदिर पहुंचे हैं। भाजपा के पूर्व में रहे मुख्यमंत्रियों में से किसी ने भी रामपुर बुशहर आने को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाया। लेकिन सीएम जयराम ठाकुर का रामपुर बुशहर का यह दूसरा दौरा था। दोनों बार ही सीएम ने माता भीमाकाली के मंदिर में शीश नवाया।

दरअसल, मां भीमाकाली बुशहर राजवंश की कुलदेवी है। दिवंगत पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी राजपरिवार से थे। वह तत्कालीन बुशहर रियासत के राजा थे। शायद यही कारण है कि पूर्व में रहे भाजपा के मुख्यमंत्रियों में रामपुर आने को लेकर उत्साह नहीं देखा गया। चाहे शांता कुमार हो या फिर प्रेम कुमार धूमल। जयराम ठाकुर ही इकलौते भाजपाई सीएम हैं जो अपने सीएम कार्यकाल में दूसरी बार रामपुर पहुंचे हैं।

इससे पहले जयराम ठाकुर साल 2019 में लवी मेले के समापन के लिए रामपुर पहुंचे थे। उस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने परिवार सहित माता भीमाकाली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी। जयराम ठाकुर मंडी स्थित भीमाकाली मंदिर में भी शीश नवाते रहते हैं।

कांगड़ा : मोबाइल नेटवर्क बना समस्या, बच्चे खेतों या जंगलों में पढ़ने को मजबूर

कांगड़ा।। कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई से लेकर अधिकांश काम ऑनलाइन हो रहे हैं। ऐसे में कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न होना एक बड़ी समस्या है। कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण लोग परेशान हैं। ताज़ा मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के खैरा की पंचायत बलूही खैरा का है।

यहां मोबाइल नेटवर्क न होना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बिना मोबाइल नेटवर्क के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में भी परेशानी हो रही है। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें इसके लिए खेतों में यहां-वहां मोबाइल नेटवर्क तलाश रहे हैं। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए घर से दूर खेतों या जंगल में मोबाइल नेटवर्क की तलाश में जाना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चे कई बार ऑनलाइन क्लास नहीं लगा पाते हैं। इसके अलावा बरसात के मौसम में पढ़ाई के लिए जंगलों में जाना किसी खतरे से कम नहीं है। जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है।

गांव का रिशव नौंवी, रजत व नैंसी छठी, ईशांत आठवीं, शानवी प्रथम और मानसी व अर्शित नर्सरी क्लास में पढ़ते हैं। इनका कहना है कि इससे अच्छा तो यही है कि स्कूल शुरू हो जाएं, क्योंकि उन्हें ऑनलाइन क्लास लगाने में दिक्कत आ रही है।

गांव के अधिकतर लोगों के पास निजी कंपनी के सिम कार्ड हैं। इसके बावजूद भी उनकी समस्या बनी हुई है। ग्रामीण सुभाष, राकेश, राजेश, सुनील, सरोज और रेणु वाला का कहना है कि आस-पड़ोस में कोई बीमार हो जाए तो भी घरों से बाहर जाकर संदेश पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों ने टेलीकॉम कंपनी के आला अधिकारियों से मांग की है कि नेटवर्क की समस्या का निजी समाधान किया जाए।

जब भीमाकाली मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री, बच्चों के साथ ली सेल्फ़ी

विनोद भार्गव, शिमला।। गुरुवार को सराहन के प्रसिद्ध भीमाकाली मंदिर के पुजारी और वहां आए श्रद्धालु उस समय हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी वहां शीश नवाने पहुंचे हैं। श्रद्धालु और आसपास के लोग भी अचानक सीएम को अपने बीच पाकर उत्साहित नजर आए।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने तय शेड्यूल से वक्त निकालकर सराहन के प्रसिद्ध भीमाकाली मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मंदिर में माथा टेका और कुछ समय बिताने के बाद अपने तय कार्यक्रम के तहत वापस लौट गए। लेकिन जब तक वह मंदिर परिसर में रहे, श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता के बीच सीएम के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ सी मच गई।

जब मुख्यमंत्री वापस लौटने लगे तो कुछ बच्चों ने उनके सामने आकर सेल्फी खींचने की कोशिश की। जब ऊंचाई कम होने के कारण बच्चों को फोटो खींचने में दिक्कत आई तो सीएम ने खुद फोन हाथ में लेकर उनके साथ सेल्फी खींची।

भीमाकाली मंदिर हिमाचल के प्राचीन मंदिरों और 51 शक्तिपीठों में से एक हैं। मान्यता है कि यहां पर सती का कान गिरा था। रामपुर बुशहर और किन्नौर के एक बड़े क्षेत्र के लोगों की देवी पर गहरी श्रद्धा है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले भी भीमाकाली मंदिर आते रहे हैं लेकिन सीएम बनने के बाद यह पहला मौका है जो वह यहां आए। पद पर रहते हुए इस मंदिर में शीश नवाने वाले वह भाजपा के संभवत: इकलौते मुख्यमंत्री हैं।

दरअसल मां भीमाकाली बुशहर रियासत के पूर्व शासकों की कुलदेवी हैं। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र इसी परिवार से थे और रामपुर बुशहर उनका पैतृक स्थान था। शायद इसीलिए भाजपा के मुख्यमंत्रियों शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल में यहां आने को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखा। हालांकि जयराम ठाकुर लगभग दो साल के अंतराल में दूसरी बार रामपुर बुशहर पहुंचने वाले भी संभवत: इकलौते भाजपाई सीएम हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अप्रैल 2019 को रामपुर बुशहर आए थे। उस दौरान लोकसभा चुनावों में भाजपा के सांसद रामस्वरूप शर्मा यहां से 12 हज़ार वोटों से आगे रहे थे जबकि उससे पहले रामपुर से बीजेपी को कभी लीड नहीं मिली थी। उस दौरान मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा था कि वीरभद्र की तरह जयराम ठाकुर पर भी मां भीमाकाली का आशीर्वाद है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी के भीमाकाली मंदिर में भी शीश नवाते रहते हैं।

पिता को मिला सम्मान, बेटे बोले- हम भी सेना में जाकर करेंगे देश सेवा

हमीरपुर।। सीआरपीएफ के हवलदार राजवीर सिंह को अदम्य साहस के लिए पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री अवार्ड से नवाजा गया है। हवलदार राजवीर सिंह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले हैं। यह सम्मान उन्हें 25 नवंबर, 2018 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के शोपियां में आतंकवादियों के खिलाफ चले ऑपरेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए मिला है। इस मुठभेड़ में राजवीर ने छह आतंकियों को मौत के घाट उतारा था।

बुधवार को दिल्ली में आयोजित वीरता सम्मान सामारोह में सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह द्वारा हवलदार राजवीर सिंह को प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया, जबकि मेडल राष्ट्रपति के हाथों दिया जाना है। पूरे देश में सिर्फ दो जवानों को ही इस सम्मान के लिए चुना गया है।

राजवीर इन दिनों राजस्थान के माउंट आबू में बतौर हवलदार सेवारत हैं। वर्ष 2003 में वह सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। राजवीर हमीरपुर जिले की उपतहसील कांगू के अंतर्गत आते मालग गांव के रहने वाले हैं। राजवीर को यह अवार्ड मिलने पर परिजनों सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। राजवीर की इस उपलब्धि पर माता सुनीता देवी, भाई रजनीश ठाकुर, राजवीर की पत्नी रेणु वर्मा, बेटे आदित्य और उदय सिंह बेहद खुश हैं।

हवलदार राजवीर राजवीर का बड़ा बेटा आदित्य ठाकुर सातवीं और छोटा बेटा उदय सिंह तीसरी कक्षा में पढ़ता है। दोनों बेटों का कहना है कि वे भी बड़े होकर भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। राजवीर की माता सुनीता ने बताया कि उनके परिवार के अधिकतर सदस्य भारतीय सेना, पैरा मिलिट्री और हिमाचल पुलिस में हैं। राजवीर के पिता स्वर्गीय कुमी चंद और ताया हेमराज भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं।