बीजेपी सरकार की विफलता के कारण हुआ था कारगिल युद्ध: प्रतिभा सिंह

मंडी।। कारगिल युद्ध को लेकर विवादास्पद बयान देने वालीं कांग्रेस नेता प्रतिभा सिंह ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि कारगिल के योद्धाओं पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की, बस इतना कहा कि वह युद्ध बीजेपी सरकार की विफलता का परिणाम था। सोमवार को प्रतिभा सिंह ने कहा था कि बीजेपी ने पूर्व सैनिकों के वोट लेने के लिए एक फौजी को उतारा है और कारगिल की लड़ाई कोई बड़ी लडाई नहीं थी।

मंडी ससंदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रही कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने भाजपा पर करगिल युद्ध पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम मंडी संसदीय चुनाव में अपने प्रत्याशी को कारगिल युद्ध का मुख्य हीरो के तौर पर प्रचारित कर रहें है। उन्होंने कहा है कि कारगिल युद्ध के नाम पर भाजपा इस चुनाव में सेना के पराक्रम को अपनी जीत बता कर उनकी भावनाओं से खेल रही है।

प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्होंने कारगिल योद्धाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है उन्होंने केवल इतना कहा है कि यह युद्ध भाजपा सरकार की विफलता का परिणाम था जिसमें हमारे जवान शहीद हुए। मंडी ससंदीय क्षेत्र उनकी व उनके परिवार की कर्म भूमि रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह आज उनके बीच नही है, पर उनके आदर्श, उनका प्यार आशीर्वाद आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने इस चुनाव क्षेत्र का चार बार सासंद के तौर पर प्रतिनिधित्व किया, जबकि प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने छह बार प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर लोगों के दिलों में एक विशेष जगह बनाई। उनके निधन से उन्हें ही नही पूरे प्रदेश को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई असंभव है।उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही उनके लिये हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सोमवार को नाचन विधानसभा क्षेत्र के नाड़ी,जाछ, चैलचौक, हटग्रह, महादेव व छत्र में अपनी चुनावी जनसभाओं को सम्बोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने देश व प्रदेश की भाजपा सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज इनकी नीतियों से पूरा देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। एक तरफ बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी ने जहां आम लोगों का जीना दूभर कर दिया है, वही लोकतंत्र की मर्यादाओं का चीर हरण हो रहा है।

प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस भाजपा के कुशासन से देश व प्रदेश को मुक्ति दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा की जनविरोधी नीतियों के लिए एकजुटता से लड़ रही है। उन्होंने कहा कि देश का अन्न दाता कृषि के तीन नए काले कानूनों के विरोध में एक साल से सड़कों पर बैठा है। बड़े दुख की बात है कि केंद्र की मोदी सरकार आंखे बंद कर खामोश बैठी है। आंदोलनरत किसानों से बात तक नही कर रही है।

प्रदेश सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि जयराम के मुख्यमंत्री बनने से मंडी जिला को उनसे बहुत सी उम्मीदें थी। उन्होंने किसी की उम्मीद को पूरा नही किया. प्रदेश में भाजपा की अंतर्कलह से सभी लोग वाकिफ है। आज प्रदेश की अर्थ व्यवस्था पूरी तरह चौपट होकर रह गई है। डबल इंजन का दावा करने वाली प्रदेश सरकार का दावा पूरी तरह हवा हवाई साबित हुआ है। केंद्र से प्रदेश को कोई भी मदद नही मिल रही है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश से है और एक कैबिनेट मंत्री भी सत्ता का सुख भोग रहे हैं।

प्रतिभा सिंह ने लोगों से उन्हें वोट देने और विजयी बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि वह केंद्र से प्रदेश की आवाज को प्रमुखता से उठाते हुए इस क्षेत्र के विकास की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके दिखाए पथ पर चलते हुए हमें इस प्रदेश को विकास की ऊंचाइयों पर आगे बढ़ाना है और उनके बाकी बचे सपनों को पूरा करना है।

दो साल से खड़ी स्कूल बसों का टैक्स माफ करने की उठी मांग

कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों ने मांग की है कि दो साल से खड़ी स्कूल बसों का टैक्स माफ किया जाना चाहिए।

इस संबंध में जिला कांगड़ा के निजी स्कूलों के मालिकों ने बैठक की। उन्होंने कहा कि 2 साल से स्कूल की बसें खड़ी हैं। अब स्कूल खुलने जा रहे हैं तो बसें चलेंगी लेकिन यह कहा जा रहा है कि इन्हें चलाने से पहले सरकार को टैक्स देना होगा। लेकिन जब बसें सरकार के आदेश के कारण दो साल से खड़ी हैं तो उसका टैक्स क्यों लिया जा रहा है।

स्कूल संचालकों की एसोसिएशन के अध्यक्ष जसवंत डडवाल और उपाध्यक्ष सुशवीन पठानिया ने कहा कि सरकार से कई बार इस मुद्दे को लेकर बात की गई, लेकिन सरकार से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

उन्होंने कहा, “स्कूल संचालक अगर स्कूल खुलने पर अपनी एक बस को चलाने की सोचता है तो उसके ऊपर पासिंग, सभी प्रकार के टैक्स, इन्श्योरैंस व गाड़ी को अनुरक्षण आदि के ऊपर करीब डेढ़ से 2 लाख रुपए खर्च करेगा, जोकि मुश्किल ही नहीं असंभव भी है।”

स्कूल संचालकों ने इस संबंध में कोर्ट जाने का फैसला किया है।

कांग्रेस भूल गई कि सेना पर हमला करना हिमाचल की संस्कृति नहीं

पं. इंद्र शर्मा।। कांग्रेस की स्थिति देखकर आज राष्ट्र कवि ‘दिनकर’ की पंक्तियाँ याद आ रही हैं- “जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।”

बलिदानी वीर वैसे तो सम्पूर्ण देश के होते हैं लेकिन फिर भी राष्ट्र की रक्षा के लिए हिमाचली वीर जवानों को 4 परमवीर चक्र समेत लगभग 1096 वीरता पुरस्कार मिलने का गौरव प्राप्त है। ऐसे प्रदेश में कांग्रेस ने सबसे पहले तो उस नक्सलवादी विचारधारा के समर्थक को स्टार प्रचारक के रूप में भेजा जो न केवल जेएनयू में भारतीय सैनिकों की वीरगति पर जश्न मनाने वाले समूह का हिस्सा था अपितु उसने यह तक कहा था कि कश्मीर में भारतीय सेना बलात्कार करती है।

कांग्रेस की स्थिति आज ऐसी हो गई है कि उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि चुनाव लड़ें तो लड़ें, मगर किस आधार पर। ऐसी स्थिति में जब भाजपा ने कारगिल युद्ध के नायक ब्रिगेडियर ख़ुशाल ठाकुर को मंडी लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी के रूप में उतारा तो कांग्रेस की प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने शायद कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली से भेजे गए नक्सलवादी स्टार प्रचारक के प्रभाव में आकर कारगिल युद्ध को ही छोटा और साधारण बता दिया।

कांग्रेस प्रत्याशी के अनुसार “कारगिल का युद्ध कोई बड़ा युद्ध नहीं था।” कारगिल युद्ध में देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए 527 वीर जवानों (जिनमें से 52 हिमाचल प्रदेश से थे) को कांग्रेस आज यह श्रद्धांजलि दे रही है। हिमाचल कांग्रेस तो कम से कम नक्सलवादियों के प्रभाव से निकलकर प्रदेश के गौरवमयी इतिहास और वीर परम्परा का दामन थाम कर रखती।

देश की मिट्टी और स्वभाव से कटे हुए आपके राष्ट्रीय नेतृत्व को तो नक्सलवादियों को स्टार प्रचारक बनाने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन बहुत दुःखद है कि प्रदेश कांग्रेस भी प्रदेश के स्वभाव के विरुद्ध नक्सलवादियों के प्रभाव में आकर बलिदानी वीरों का आज अपमान कर रही है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं।)

 

लोगों को गाली के लिए उकसाना अग्निहोत्री का शर्मनाक व्यवहार: अजय राणा

मंडी।। मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह के नामांकन के बाद आयोजित रैली में मंच से अपशब्द कहने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की निंदा की है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कि अपशब्द कहने और अमर्यादित व्यवहार करने के लिए पहले ही प्रदेश भर में बदनाम हो चुके मुकेश अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और मर्यादा भूलते जा रहे हैं।

अजय राणा ने कहा कि अग्निहोत्री भूल गए हैं कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और यहां की स्वच्छ राजनीति की अब भी पूरे देश में मिसाल दी जाती है। उनका बयान सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्मिंदगी का विषय है। अजय राणा ने कहा कि अग्निहोत्री खुद तो खुले मंचों से गाली देते ही हैं, अब वह हिमाचल के लोगों को भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ‘मोटी गाली’ देने के लिए उकसा रहे हैं। वह भूल गए हैं कि राजनीति में आलोचना और निंदा का भी एक तरीका होता है। उनकी इस ओछी हरकत का जवाब हिमाचल की जनता 30 अक्तूबर को देगी और चारों सीटों पर भाजपा को विजयी बनाएगी।

‘कहां से सीखा ये सब?’
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने मुकेश अग्निहोत्री को मर्यादा में रहकर बयानबाजी करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, परंतु वह अपनी पार्टी की हार सामने देख उल्टी-सीधी बातें कर रहे हैं। भाजपा नेता ने कहा कि अतीत में खुले मंच से गाली देना, राज्यपाल के साथ धक्का-मुक्की और प्रदेश की सेवा कर रहे सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करना नेता प्रतिपक्ष के कारमानों में शामिल है। हमारे प्रदेश में तो ऐसा कभी होता नहीं था, वह बताएं कि कहां से ये सब सीखकर आए हैं।

अजय राणा ने कहा कि विकास कार्यों की बात अग्निहोत्री न ही करें तो बेहतर। खुद मंत्री रहते वह प्रदेश तो छोड़िए, अपने क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर नहीं पाए और अब प्रदेश भर में घूम-घूमकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। उनका अमर्यादित ढंग से मुख्यमंत्री पर निशाना साधना दिखाता है कि उन्हें यह बात रास नहीं आ रही कि एक गरीब परिवार का बेटा आज हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, अग्निहोत्री चाहते हैं कि जैसे पंजाब में उनकी पार्टी के नेता खुले मंच से गाली दे रहे हैं, हिमाचल में भी वही संस्कृति पनपे। लेकिन यह हिमाचल है, यहां न गालियों का कोई स्थान है, न गाली देने वालों का। राणा ने पूछा- क्या मुकेश अग्निहोत्री यह बताएंगे कि आपने उद्योग मंत्री रहते हुए प्रदेशहित में क्या काम किया। क्यों एक ही क्षेत्र पर आपका ध्यान रहा? अपने पास कोई उपलब्धि न होने की ही बौखलाहट है कि आप हिमाचल में भी गाली देने की परंपरा को बढ़ाना देना चाहते हैं।

नाराज कार्यकर्ताओं को जयराम ठाकुर ने दिया नड्डा और अपना उदाहरण

शिमला।। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैइक ने शुक्रवार को अपना नामांकन भरा। इसके बाद यहां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी पहुंचे और उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने पार्टी प्रत्याशी सरैइक को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि यह सीट पहले भी भाजपा की थी और अब भी भाजपा के पास रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे पहले दिवंगत नरेंद्र बरागटा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भाजपा भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है। मुख्यमंत्री ने भावुक स्वर में कहा- मुझे इस बात को लेकर दुख होता है कि हमारे कुछ साथी आज यहां हमारे साथ नहीं हैं। वे भी यहां होते तो अच्छा होता। सीएम ने कहा, “पार्टी ने जो निर्णय लिया है, आप सभी उसके समर्थन में सच्चे कार्यकर्ता के रूप में आएं। मैं चाहूंगा कि हमारे साथी अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। चुनाव होते रहते हैं लेकिन हम सब एक पार्टी के हैं, एक परिवार के हैं, ये बात सबसे महत्वपूर्ण है।”

जेपी नड्डा और अपना उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी देश और जनसेवा के लिए पार्टी के साथ जुड़े हैं। हमें यह काम किस रूप में करना है, यह जिम्मेदारी पार्टी तय करती है। इसके बाद सीएम ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अपना उदाहरण दिया कि कैसे वे पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में अपना दायित्व पूरी निष्ठा के साथ निभाते चले गए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जेपी नड्डा जी प्रदेश मंत्रिमंडल में हमारे साथ थे। नितिन गडकरी जी अध्यक्ष बने और उन्होंने नड्डा जी से पार्टी के लिए सहयोग मांगा और नड्डा जी प्रदेश मंत्रिमंडल छोड़कर दिल्ली चले गए। पार्टी ने जो काम दिया, नड्डा जी ने वो काम किया। फिर पार्टी को लगा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी उनकी आवश्यकता है। फिर केंद्रीय मंत्री के रूप में स्वास्थ्य विभाग दिया। फिर संगठन को लगा कि पार्टी को फिर नड्डा जी आवश्यकता है तो मंत्रिमंडल को छोड़कर वो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।”

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जब मैं राजनीति में आया था तो मेरे पास मंडल की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा, “इसके बाद पार्टी ने तय किया तो विधायक बन गया। फिर मुझे प्रदेश युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। फिर पार्टी ने तय किया कि आपको पार्टी का जिला अध्यक्ष बनना है तो फिर उस दायित्व का निर्वहन किया। फिर प्रदेश का उपाध्यक्ष बना, उसके बाद पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी। बाद में मंत्रिमंडल में शामिल हुआ। फिर पार्टी ने तय किया कि मुख्यमंत्री बनकर सेवा करनी है तो आज मैं यहां हूं।”

जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सभी को अवसर और दायित्व मिलते हैं। किसी को आज मिलता है, हो सकता है किसी को कल मिले। बस आपको अपने आप और पार्टी पर भरोसा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इससे पहले फतेहपुर में भी अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से यही बात कही थी।

‘मिलकर करें बरागटा जी का सपना पूरा’
सीएम ने कहा, “नरेंद्र बरागटा जी की बागवानी के क्षेत्र में तो अलग पहचान थी ही, पार्टी में भी उनकी एक वरिष्ठ नेता के रूप में पहचान थी। हमने ये कल्पना भी नहीं की थी कि वो हमारे बीच में नहीं होंगे। आज ये दौर आया है तो हम आपके बीच सहयोग मांगने आए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं अपने सभी साथियों तक संदेश पहुंचाना चाहता हूं कि नाराजगी होती रहती है। आओ, जो सपना नरेंद्र बरागटा जी ने देखा था, इस क्षेत्र के विकास का, बीजेपी को मजबूत करने का; उस सपने को साकार करने के लिए एक बार फिर एकजुट होते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र से दो मुख्यमंत्री रहे हैं। जितना लगाव उन्हें इस क्षेत्र से था, उतना ही लगाव मुझे भी है। जो मैं अपने क्षेत्र के लिए नहीं कर सका वो यहां करने की कोशिश की। मुझसे पहले पांच मुख्यमंत्री रहे लेकिन किसी ने ऐसी व्यवस्था नहीं की होगी कि एक साथ किसी क्षेत्र को दो-दो एसडीएम कार्यालय एक साथ दिए गए हों। फायर स्टेशन दिया गया। इसलिए दिया क्योंकि मुझे लगता है कि ये क्षेत्र मेरे क्षेत्र की तरह है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “पराला प्रोसेसिंग प्लांट का काम शुरू हो गया है। 100 करोड़ की लागत से बनने वाला ये प्लांट यहां के लिए वरदान साबित होने वाला है। खड़ापत्थर में सीए स्टोर बनेगा। आम तौर पर सेब पर 25 पैसे बढ़ाए जाते थे, हमने एक साथ एक रुपये बढ़ाने की घोषणा की। पहले 36 मीट्रिक टन की प्रोक्योरमेंट थी, इस बार 60 मीट्रिक टन हुई।”

“पिछले दिनों सेब के दाम कम हुए, चिंता का विषय था। हमने आपसे कहा था कि थोड़ा रुकिए। अच्छे माल के अच्छे दाम मिलते हैं। हमारे कुछ मित्र शोर करते हैं, लेकिन क्या कांग्रेस के कार्यकाल में सेब के सिर्फ अच्छे ही दाम मिलते थे? क्या उनके कार्यकाल में महंगाई खत्म हो गई थी? क्या उनके कार्यकाल में बेरोजगारी नहीं थी?”

‘बीजेपी की ही रहनी चाहिए यह सीट’
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जुब्बल कोटखाई की जनता से अपील करते हुए कहा कि मेरा सभी लोगों से यह निवेदन है कि पार्टी ने नीलम सरैइक को चुना है, उन्हें हम विजयी बनाएं। महिला होने के नाते पार्टी को उचित लगा कि इनको अवसर देना चाहिए। आज आपसे निवेदन करता हूं कि आओ, पार्टी का जो फैसला है, उस फैसले के साथ आगे बढ़ें और भाजपा को विजयी बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये सीट भाजपा की थी और भाजपा की ही रहनी चाहिए। नरेंद्र बरागटा जी आज हमारे बीच नहीं हैं, उस कमी को पूरा करने की जिम्मेदारी नीलम सरैइक को दी गई है। जब जुब्बल कोटखाई से भाजपा का विधायक विधानसभा में हमारे साथ होगा तो लगेगा कि जुब्बल कोटखाई की जनता ने हमें अपना माना है। अब सभी लोग इस जीत में अपनी भूमिका निभाएं।”

ये आर्मी का मैदान नहीं, राजनीति का अखाड़ा है: प्रतिभा सिंह

मंडी।। शुक्रवार को मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा सिंह ने नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान प्रतिभा सिंह के पुत्र और शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके बाद सेरी मंच पर जनसभा का आयोजन किया गया।

इस दौरान अपने संबोधन में प्रतिभा सिंह ने कहा कि वह जनता के आग्रह और हाईकमान के आदेश पर चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ने सेना में रहते हुए अच्छा काम किया है मगर यह राजनीति की फील्ड है और यहां जनता फैसला करेगी। यह आर्मी का मैदान नहीं, राजनीति का अखाड़ा है।

इस सभा को कौल सिंह ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह और मुकेश अग्निहोत्री ने भी संबोधित किया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ऐसे मौके कभी-कभी ही आते हैं, जिसमें ऐतिहासिक निर्णय लेना होता है। उन्होंने कहा है कि यह महिला शक्ति का मौका है। उन्होंने कहा कि सरकार बाहरियों को नौकरी दे रही है जबकि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है।

मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधा और कहा कि वह अपने क्षेत्र मंडी में ही विकास नहीं करवा पाए। उन्होंने कहा कि वीरभद्र आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन हम प्रतिभा सिंह के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन उपचुनावों में भी जीत हासिल करेगी और 2022 में भी जीतेगी।

चुनाव लड़ने से भागकर अब बड़ी-बड़ी बातें कर रहे कौल सिंह: राकेश जम्वाल

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में हो रहे उपचुनावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए जाने रहे बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल ने कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर से पूछा कि आप आठ बार विधायक और मंत्री के पद पर रहे तो मंडी जिले के विकास में कितना योगदान दिया। मंडी छोड़िए, आपने तो अपने इलाके द्रंग के लिए भी कुछ नहीं किया।

जम्वाल ने कहा कि जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है, मंडी ही नहीं, पूरे हिमाचल में करोडों के विकास कार्य किए गए हैं। कौल सिंह ठाकुर के क्षेत्र में ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 270 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए हैं।

कौल सिंह कहते हैं कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज उनकी देन है। यह हंसी की बात है क्योंकि जब कौल सिंह स्वास्थ्य मंत्री थे तो केंद्र की कांग्रेस सरकार ने चुनाव घोषणा के ठीक आधे घंटे पहले बिना स्वास्थ्य सुविधाओं और स्टाफ के अधूरे भवन का उद्घाटन कर दिया। यह तो जयराम सरकार ने यहां पर भवन का निर्माण कार्य पूरा इलाज की व्यवस्था की। अब जब सब सही चल रहा है तो कौल सिंह उसका क्रेडिट लेने आ गए हैं।

भाजपा नेता जम्वाल ने कहा, अगर मंडी में विकास न हुआ होता तो कांग्रेस के नेताओं में इस मुद्दे को भुनाकर संसदीय उपचुनाव में उतरने की होड़ मची होती। लेकिन वे जानते हैं कि जनता के बीच जाएंगे तो उनके पास कोई मुद्दा नहीं होगा। यही वजह है कि मंडी संसदीय सीट पर कांग्रेस की हार सुनिश्चित देख कौल सिंह ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।

राकेश जम्वाल ने कहा कि नैतिकता और ईमानदारी का सबक देने से पहले कौल सिंह और कांग्रेस के नेताओं को अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय कौल सिंह ठाकुर का ऑडियो लीक होने से प्रदेश की राजनीति को भी शर्मसार होना पड़ा। कौल सिंह वकील रहे हैं मगर उन्होंने कभी इस ऑडियो को लेकर सच सामने नहीं रखा और अगर ये ऑडियो गलत था तो उन्होंने कभी इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की।

जम्वाल ने कहा कि कौल सिंह ने 2017 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में कहा था कि वह अपना आखिरी चुनाव लड़ रहे हैं। फिर उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में लड़ने से इनकार कर दिया। लेकिन अब लोकभा उपचुनावों के दौरान कहा कि वह 2022 में आखिरी चुनाव लड़ेंगे। कौल सिंह बताएं कि वह कितनी बार अपना आखिरी चुनाव लड़ेंगे?

‘अपना कुनबा संभाले कांग्रेस’
भाजपा के प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर और कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को अपने कुनबे को संभालने की नसीहत दी है। तीनों कांग्रेसी नेताओं द्वारा भाजपा प्रत्याशियों को कमजोर कहे जाने पर भाजपा नेता ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने खास कर मुकेश अग्निहोत्री और कौल सिंह ठाकुर को 2022 के चुनाव की चिंता छोड़ चार उपचुनावों में लाज बचाने की चुनौती दी है। उन्होंने राठौर को भाजपा की चिंता छोड़ अपनी कुर्सी बचाने की नसीहत भी दी।

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दा ही नहीं हैं। भाजपा के सशक्त प्रत्याशियों को देख कुलदीप सिंह राठौर, कौल सिंह ठाकुर और मुकेश अग्निहोत्री समेत सभी कांग्रेस नेताओं की चिंता का माहौल है। हमारे उम्मीदवारों के आगे कांग्रेस चारों खाने चित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के हर क्षेत्र में चहुंमुखी विकास किया है और इसी के दम पर चुनाव लड़कर भाजपा चारों सीटों पर जीत हासिल करेगी।

फौजी हूं, नए मोर्चे पर ईमानदारी से निभाऊंगा हर जिम्मेदारी: खुशाल ठाकुर

मंडी।। मंडी लोकसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने गुरुवार को नामांकन दाखिल कर दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर समेत अन्य मंत्रियों और भाजपा के विधायकों व पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने पर्चा भरा। नामांकन के बाद मंडी के सेरी मंच से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप और मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने भी जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की जयराम सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, हम उसी के दम पर चुनाव जीतेंगे।

रामस्वरूप शर्मा और वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि
ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने भारत माता की जय के नारे के साथ अपने भाषण की शुरुआत की और प्रत्याशी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश के नेतृत्व का धन्यवाद अदा किया। खुशाल ठाकुर ने देवी-देवताओं और प्रदेश के शहीदों को नमन किया और मंडी के सांसद रहे स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा, “मैं फौजी हूं, राजनीति की उतनी समझ नहीं। मगर सेरी का यह मंच मेरे लिए नया नहीं है। 1970 से मैं इससे जुड़ा हुआ हूं। मैं सेना में जाने से पहले जब पटवारी था तो सामने ही मेरा दफ्तर हुआ करता था। मंडी और कुल्लू में मेरा बचपन बीता है, पढ़ाई लिखाई हुई है। पूरा मंडी संसदीय क्षेत्र मैंने घूमा है और यहां के लोगों के संपर्क में हूं। इसलिए जानता हूं कि यहां की जरूरतें और अपेक्षाएं क्या हैं।”

उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा, “कोविड काल में देश में प्रधानमंत्री जी ने और प्रदेश में मुख्यमंत्री जी ने जिस तरह से कोरोना पर काबू पाया वो सराहनीय है। कोरोना काल में सीएम जी ने ढाई लाख लोग जो बाहर फंसे थे उन्हें वापस लाया। विपक्ष ने सवाल उठाए कि कोरोना फैल जाएगा। पर सीएम ने कहा कि ये अपने लोग हैं इन्हें कैसे छोड़ सकते हैं। मुझे ये बताते हुए भी गर्व है कि आज हिमाचल में कोरोना वैक्सीन की पहली वैक्सीन 100 फीसदी आबादी को लग गई।”

‘केंद्र के सामने रखूंगा हिमाचल के मुद्दे’
मंडी संसदीय क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हिमाचल में शिव धाम बनाया जा रहा है, जिसका कार्य तेजी से चल रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र में 200-300 करोड़ का बजट दिया गया है। बल्ह में इंटरनेशनल हवाई अड्डा बनने जा रहा है यह सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मैं ये विश्वास दिलाता हूं कि इन कार्यों के लिए मैं भी केंद्र में अपनी बात रखूंगा। हिमाचल के मुद्दे अन्य राज्यों के मुकाबले अलग हैं। इन मुद्दों को केंद्र के समक्ष रखने की कोशिश करूंगा। रामस्वरूप जी के जो कार्य अधूरे बचे हैं उन्हें पूरा करने की कोशिश करूंगा।”

ब्रिगेडियर खुशाल ने आखिर में कहा, “35 साल जिस तरह से मैंने सेना में रहते हुए देश सेवा में गुजारे हैं, ठीक उसी तरह अब जनता की सेवा करूंगा। भगवान से प्रार्थना है कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसे ईमानदारी के साथ पूरा कर सकूं।”
खुशाल ने कहा, “जो एक बार फौजी रहता है, वो हमेशा फौजी रहता है। पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाने की कोशिश करूंगा। यहां की जनता की आवाज को केंद्र और प्रदेश में रखने की कोशिश करूंगा। जैसे हमारे सीएम भी कहते हैं कि मंडी सीट हमारी थी हमारी है और हमारी रहेगी। भगवान ने मुझे एक मौका दिया है मैं इस पर खरा उतरूंगा।”

कारगिल युद्ध की तरह मंडी जीतेंगे खुशाल: जयराम ठाकुर
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को एक योद्धा बताते हुए कहा कि जैसे उन्होंने कारगिल युद्ध जीता, वैसे ही अब उन्हें मंडी जीतने की जम्मेदारी दी गई है। सीएम ने कहा, “बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने एक सैनिक को जिम्मेदारी सौंपी है। जब एक सैनिक लड़ाई लड़ता है तो उसका लक्ष्य विजय हासिल करना होगा। हम भी सेना के रूप में आपका साथ देंगे। देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने का जज्बा रखने वाले अब देश के विकास के लिए भी अपना योगदान देंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र का विकास हुआ है। उन्होंने कहा, एक भी विधानसभा क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां पर करोड़ों की विकास योजनाएं न चल रही हों। मंडी में टूरिस्ट डेस्टीनेशन होनी चाहिए इसके लिए शिव धाम का काम चल रहा है। क्लस्टर यूनिवर्सिटी दी गई है। हिमाचल प्रदेश के बल्ह में एयरपोर्ट बन रहा है। लिडार सर्वे की रिपोर्ट चार दिन पहले ही आई है। 3100 मीटर का बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है, जहां बड़ा जहाज उतारा जा सकता है।

मंडी में पार्किंग का काम शुरू कर दिया गया है। एक साल का टार्गेट दिया गया है, ताकि लोगों को पार्किंग की समस्या का समाधान हो। मंडी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत अटल टनल का काम चल रहा था, ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर वहां इंचार्ज के तौर पर काम कर रहे थे। अटल टनल का काम जल्द से जल्द करवाने के लिए केंद्र तक अपनी बात रखी।

ये मंडी हमारी थी, हमारी है और हमारी ही रहेगी। इस बात का संदेश देने का वक्त है। 2022 में भी मंडी वाले भाजपा की सरकार बना कर देंगे। मैं चाहता हूं कि ये सौभाग्य मंडी वालों को मिलना चाहिए। हर पांच साल बाद हिमाचल में सरकार बदलती रही है, लेकिन अब परिस्थितियां ही बदल चुकी हैं। अभी हमें ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को जीताना है और अगला लक्ष्य 2022 का होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान विपक्षी नेताओं को संयमित भाषा बरतने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों से काफी विचित्र बातें हिमाचल में देखने को मिल रही हैं। कई तरह के बयान आ रहे हैं। कुछ लोग कर्मचारियों के उपर अपना गुस्सा उतार रहे हैं। पहली बार सुना कि पटक-पटक कर मारेंगे। सब्र रखकर बोलना चाहिए। यही हमारी संस्कृति है, यही हमारे संस्कार हैं।”

आखिर में उन्होंने कहा, “आजकल खेतों में काम है, सेब का सीजन भी है। मेरा आपसे निवेदन है कि आप मतदान जरूर करें। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को भारी से भारी मतों से विजयी बनाएं।”

रो पड़े चेतन बरागटा, बोले- मुझे तो आप लोगों ने खत्म ही कर दिया

शिमला।। जुब्बल कोटखाई से बीजेपी की ओर से नीलम सरैक को टिकट देने के बाद दिवंगत नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा ने नाखुशी जाहिर की है। गुम्मा में आयोजित एक कार्यक्रम में बरागटा समर्थकों ने पार्टी के प्रति नाराजगी जताई और टिकट बदलने की मांग की। चेतन से पहले बोलने वाले लोगों का कहना था कि टिकट अगर चेतन को नहीं देना था तो पार्टी के किसी कर्मठ कार्यकर्ता को दे देते, क्यों कांग्रेस के साथ मिलकर बीजेपी को कमजोर करने वाली शख्सियत को दिया गया।

इस दौरान कई लोग भावुक भी नजर आए तो कुछ ने खुलकर गुस्सा जताया। जब चेतन बरागटा बोलने आए तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता क्या पैमाना है परिवारवाद का। लेकिन मुझे पता है टिकट का क्या पैमाना क्या है। जो कांग्रेस के साथ बैठकर संगठन को कमजोर कर रहा था, उसे टिकट मिला।”

‘कम से कम रिस्पेक्ट तो देते’
चेतन ने कहा, “मुझे कोई शौक नहीं है चुनाव लड़ने का। आपने कहा, शीर्ष नेतृत्व ने कहा। मैं हरिद्वार से आया ही था तो मुझे निर्देश मिला, फील्ड पर जाओ। ऐसी बेइंसाफी मेरे साथ की। पहले ही बोल देथे। कम से कम रिस्पेक्ट तो देते मुझे। आपने मेरे नहीं, उस नेता के बारे में सोचा होता जो स्वर्ग में हैं।”

“जिस व्यक्ति ने अपनी जान पार्टी के लिए दी। चुनावों के लिए उन्हें जाने का आदेश न दिया होता, उन्हें कोरोना न हुआ होता, न आज ये स्थिति पैदा होती। न आज ये उपचुनाव होता। क्यों? इसका उत्तर तो देना पड़ेगा। पहले ही कम से सम बता देते कि एक पैमाना बना है कि नेता के बेटे को टिकट नहीं देना है तो आपको नहीं मिलेगा।”

चेतन ने पूछा, “मेरा क्या कोई योगदान नहीं रहा पार्टी के लिए? नरेंद्र बरागटा के योगदान के बारे में सोचा होता? कितना अन्याय तीन चार साल से हमारे परिवार के साथ होता। हम फिर भी जूझते रहे। मैं किसी की निंदा नहीं कर रहा। हमारे नेता नरेंद्र मोदी जी हैं, हमासे नेता जयराम ठाकुर जी हैं। मगर मेरा सवाल शीर्ष नेतृत्व से जरूर बनता है।”

रो पड़े चेतन
लोगों को संबोधित करते हुए चेतन बरागटा भावुक हो उठे। नाम लिए बिना उन्होंने सरैक पर निशाना साधा और कहा, “शिमला में बैठकर,  उन्होंने कॉफ़ी हाउस की कॉफियां पी-पीकर पार्टी की आलोचना की। कुछ सकारात्मक काम नहीं किया। यहां के संगठन को कमजोर करने की कोशिश की। कुछ नेता इनसे मिले हुए थे। आज बहुत दुख होता है।”

“मुझे तो आप लोगों ने खत्म ही कर दिया”
चेतन ने रुंधी आवाज में कहा, “मुझे तो आप लोगों ने खत्म कर दिया। मैं किस मुह से घर जाऊँगा? मेरी मदर बोलती हैं, मुझे जयराम ठाकुर जी से बात करनी है कि क्यों ऐसा किया हमारे परिवार के साथ। क्या गलती थी हमारी? क्योंकि हम हमेशा अनुशासन में रहे?”

चेतन बरागटा ने कहा, “कितने उदाहरण दे सकता हूं मैं जब अनुशासन की धज्जियां उड़ीं, आपने (संगठन ने) कोई ऐक्शन नहीं लिया। और आज नॉमिनेशन का आखिरी दिन बच गया था, तब मुझे बोला- थैंक्यू एंड गेट लॉस्ट।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी, मैं आपका बहुत आदर सम्मान करता हूं। लेकिन कारण तो आपको बताना पड़ेगा। चेतन बरागटा को आप साइड में रखिए पर हमारे किसी कर्मठ कार्यकर्ता को टिकट दीजिए। टिकट तो आपको बदलनी पड़ेगी। हम नहीं सहेंगे। बिल्कुल नहीं सहेंगे।”

आखिर में चेतन ने कहा, “पिताजी एडमिट थे, इसके बाद भी मैं संगठन का काम करता रहा। आज परिवारवाद बना दिया गया। क्यों मुझे इस तरह से बेइज्जत किया गया? कृपया अपने फैसले पर विचार करें, यह आत्मघाती कदम है। हमने-आपने पार्टी को सींचा है। हम किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। मैं शीर्ष नेतृत्व के पास जाऊंगा। और अगर यह परिवारवाद है तो मुझे गर्व है कि मैं नरेंद्र बरागटा का बेटा हूं।”

चेतन ने जनता से कहा कि अगर टिकट नहीं बदला तो जो आप कहेंगे, वही मैं करूंगा।

भाजपा ने मंडी से ब्रिगेडियर, जुब्बल से नीलम, फतेहपुर से बलदेव को दिया टिकट

शिमला।। भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में हो रहे उपचुनावों के लिए टिकटों की घोषणा कर दी है। इस बार परिवारवाद से किनारा करते हुए पार्टी ने कार्यकर्ताओं को तरजीह दी है।

मंडी लोकसभा सीट से हो रहे उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कारगिल वॉर हीरो ब्रिगे़डियर खुशाल ठाकुर को टिकट दिया है। उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह से होगा। कांग्रेस इस बार वीरभद्र सिंह के निधन के बाद सहानुभूति वोट बटोरने की कोशिश में है। विक्रमादित्य सिंह और प्रतिभा सिंह लोगों से वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि के तौर पर वोट मांग रहे हैं। हालांकि, इस बात के लिए उनकी आलोचना भी हुई है। अब उनके साने बीजेपी की ओर से ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर होंगे।

इसी तरह पार्टी ने तीन सीटों पर होने जा रहे विधानसभा उपचुनावों के लिए भी उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। फतेहपुर से माना जा रहा था कि कृपाल परमार को टिकट मिलेगा मगर पार्टी ने बलदेव ठाकुर को उम्मीदवार बताया है। इसी तरह तरह अर्की से गोविंद शर्मा के बगावती तेवरों को नजरअंदाज कर पार्टी ने रतन सिंह पाल को टिकट दिया है।

इस बार केंद्रीय नेतृत्व ने फैसला किया था कि उपचुनावों में जरूरी नहीं कि दिवंगत नेताओं के परिजनों को टिकट दिया जाए। कार्यकर्ताओं को अवसर देने की ही इस नीति के कारण जुब्बल-कोटखाई से नीलम सरैक को उम्मीदवार बनाया गया है। पहले यहां पर नरेंद्र बरागटा के पुत्र चेतन बरागटा का टिकट लगभग तय माना जा रहा था।

बीजेपी की ओर से जारी पूरी लिस्ट डाउनलोड करने के लिए नीचे क्लिक करें-

List of BJP candidate for Bye-election to the Legislative Assembly of different states on 07.10.2021