न तो मेरा भांजा है, न ही किसी कॉलेज में पढ़ता है: सुधीर शर्मा

धर्मशाला।।
  • मेरा कोई भांजा नहीं है, न ही कॉलेज में पढ़ता  है: सुधीर शर्मा
  • शर्मा ने पुलिस दिए अफवाहें फैलाने वालों का पता लगाने के आदेश
  • दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी, कोई नहीं बख्शा जाएग
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि उनका न तो कोई भांजा है और न ही वह कॉलेज में पढ़ता है। अखबार दिव्य हिमाचल की रिपोर्ट के मुताबिक धर्माशाला गैंगरेप मिस्ट्री में सोशल मीडिया पर मंत्री के भांजे का नाम आने पर उन्होंने यह बात कही।
सुधीर शर्मा (File Picture
3 दिन तक खामोश रहने के बाद सुधीर शर्मा अब जाकर धर्मशाला गैंगरेप मिस्ट्री को लेकर हरकत में आए हैं। उन्होंने कहा है कि इस तरह के मामले में अगर उनका बेटा भी होता, तो वह उसे खुद पुलिस को सौंप देते।
सुधीर शर्मा ने फेसबुक प्रोफाइल पर भी एक पोस्ट डाली है।
सुधीर शर्मा की फेसबुक प्रोफाइल पर डाली गी पोस्ट
सुधीर शर्मा ने बुधवार को पुलिस अधिकारियों से बैठक की और जांच में तेजी लाने को कहा। ‘दिव्य हिमाचल’ की रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा ने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते धर्मशाला की जनता की सुरक्षा करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी मदद करेगी।
मंत्री ने कहा है कि इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि अफवाहें के चलते धर्मशाला बदनाम न हो। उन्होंने पुलिस को यह निर्देश भी दिए हैं कि सोशल मीडिया पर झूठे मेसेज फैलाने वालों का भी पता लगाया  जाए।
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा ने कहा कि किसी का भी बेटा,  भाई या भतीजा हो, उसके ऊपर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में हवा फैलाने वाले लोगों, संगठनों या प्रभावशाली व्यक्तियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

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मोदी सरकार ने हिमाचल से चुपके से छीना विशेष श्रेणी के राज्य का दर्जा

शिमला।।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को चुपके से ऐसा झटका दिया है, जिससे प्रदेश को नुकसान हो सकता है। नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड को मिला विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा खत्म कर दिया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को दी जाने वाली फंडिंग के पैटर्न में बदलाव कर दिया है। इसके अलावा केंद्र ने यह स्पेशल स्टेटस खत्म करने के लिए न तो कोई अधिसूचना जारी की और न ही राज्य सरकार को कोई लेटर भेजा।
हिमाचल को इससे नुकसान हो सकता है: सीएम
सीएम ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करके इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत से भी चर्चा करेंगे और उसके बात साथ ही इस मसले को उठाने की कोशिश की जाएगी।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्पेशल स्टेटस खत्म होने से प्रदेश को दिक्कत हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर को जो रियायतें मिल रही हैं, उनमें कटौती करना संभव नहीं है। नॉर्थ ईस्ट के लिए अलग से मंत्रालय और उसकी कमी वहां से पूरी हो रही है। मगर हिमाचल के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है।’

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसी हफ्ते दिल्ली जाकर इस मसले को उठाएंगे।

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धर्मशाला कथित गैंगरेप केस: कांग्रेस सत्ता में मस्त, बीजेपी सदस्य बनाने में व्यस्त

शिमला/धर्मशाला।। मंगलवार को दिन भर धर्मशाला में हुए कथित गैंगरेप के दोषियों को पकड़ने के लिए छात्र सड़कों पर रहे। हिमाचल प्रदेश की आत्मा हिल गई, मगर हिमाचल के मुख्य दल टस से मस नहीं हुए। इस मामले की जांच इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अगर किसी तरह की घटना नहीं हुई है तो कौन है जो अफवाहें फैलाकर प्रदेश को बदनाम कर रहा है।


प्रदर्शन करते छात्र
धर्मशाला के स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री सुधीर शर्मा का इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया। विपक्षी भी कुछ नहीं बोले। उनके लिए मानो यह कोई मामला ही न हो।

सिर्फ शिमला यूनिवर्सिटी में SFI इस मामले में आगे आकर खड़ी हुई। धर्मशाला कॉलेज में भी छात्र सारा दिन चीखते रहे, मगर सरकार और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

देर शाम तक सोशल मीडिया पर यह सुनने में आया कि परिवहन मंत्री जी.एस. बाली ने इस मामले में स्टैंड लिया है और वह पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए आगे आए हैं, मगर इस खबर की पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन कुल मिलाकर आज राजनीतिक रूप से हिमाचल शर्मसार रहा।

धर्मशाला कथित गैंगरेप: आखिर क्यों खामोश है पुलिस और मीडिया?

धर्मशाला।। धर्मशाला कॉलेज में फर्स्ट इयर की छात्रा से हुए कथित गैंगरेप पर  तरह तरह की चर्चाएं सामने आ रहीं हैं। पुलिस सूत्रों ने ‘इन हिमाचल’ को बताया है कि कोई घटना तो हुई है, मगर रेप की घटना है या नहीं, पता नहीं चल पा रहा। सूत्रों का कहना है कि कथित विक्टिम और उसके परिजनों की तरफ से कोई भी सामने न आने की वजह से पुलिस को छानबीन करने में समस्या हो रही है। सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर ‘इन हिमाचल’ को बताया गया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और इस मामले में प्रिंसिपल व कुछ छात्रों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। आईपीएस शालिनी अग्निहोत्री इस मामले की जांच कर रही हैं। आज शाम तक इस मामले में प्रगति होने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रदेश का मीडिया हुआ खामोश
इस बीच हिमाचल प्रदेश से छपने  वाले अधिकांश अखबारों  ने  इस पूरे मामले से कन्नी काट ली है। आज किसी भी अखबार में इस खबर का जिक्र नहीं है। इससे पहले ‘हिमाचल दस्तक’ ने प्रिंट पर खबर छापी थी, मगर अपनी वेबसाइट से लिंक हटा दिया था। अखबारों की खामोशी के बावजूद यह मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।

‘लड़की की जान लेने की कोशिश की गई’
अफवाहें भी अब फैलने लगी हैं। वॉट्सऐप आदि पर शेयर हो रहे मेसेज में कहा गया है कि छात्रा चम्बा जिले की रहने वाली है और उसके मां-बाप नहीं हैं। बताया जा रहा है कि दरिंदों ने ऐसा सलूक किया है कि लड़की के अंदरूनी अंग भी बाहर आ गए हैं। चर्चा यहां तक है कि टांडा अस्पताल में छात्रा को जान से मारने की कोशिश की गई, जिस कारण उसे इलाज़ के लिए प्रदेश से बाहर भेज दिया गया है परन्तु प्रदेश के बाहर भेजा जाना भी षड़यंत्र का ही हिस्सा लग रहा है। हालांकि, इन बातों की पुष्टि नहीं हो पाई है।

कॉलेज की छात्राएं बता रही हैं कि घटना वाकई हुई है

सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसी भी चर्चा कर रहे हैं कि जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है, उन्हें कांगड़ा के किसी रसूखदार नेता की शह प्राप्त है। उसी नेता के दबाव के कारण पुलिस और खासकर मीडिया तंत्र खामोश हो गया है।

‘छेड़छाड़ की शिकायत करने पर किया रेप’
बताया जा रहा है कि पहले छेड़छाड़ पर आरोपियों के बारे में इस छात्रा ने पुलिस में कंप्लेंट की थी। इसी बात पर आरोपियों से उसे किडनैप करते हुए जघन्य अपराध को अंजाम दिया। ऑनलाइन मल्टिमीडिया पोर्टल ‘हिमाचल अभी-अभी’ ने यूट्यूब पर एक विडियो भी शेयर किया है। इस विडियो में कॉलेज के छात्र पूरी घटना को सत्यापित कर रहे हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल को साफ तौर पर टाल-मटोल करते हुए देखा जा रहा है। छात्र गुस्से में नारेबाजी कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस पूरे मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस भी अभी खुलकर कुछ भी कहने से बच रही है।

‘हिमाचल अभी-अभी’ द्वारा शेयर किए गए विडियो को यहां  पर  देखा जा सकता है:

धर्मशाला में छात्रा से कथित गैंगरेप की खबर ने उड़ाई पुलिस की नींद

धर्मशाला।।
एक एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की खबर इन दिनों धर्मशाला में हर शख्स की जुबान पर है। पुलिस इस मामले में कोई भी जानकारी होने से इनकार कर रही है, मगर कुछ छात्र संगठन इंस्टिट्यूट का घेराव करने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। जनता के बीच चर्चा है कि मामला राजनीतिक रंग ले चुका है, इसीलिए पुलिस खामोश है।

‘इन हिमाचल’ को पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दिन भर पूरा थाना, सीआईडी व अन्य ब्रांच के लोग इस खबर की पुष्टि करने की कोशिश में भागदौड़ करते रहे, मगर घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस सूत्र ने बताया, ‘अभी तक न तो किसी तरह की शिकायत मिली है और न ही एफआईआर दर्ज हुई है। फिर भी हमने पुलिस ने पूरी कोशिश की कि इस तरह की किसी घटना का पता लगाया जाए। मगर पता नहीं चल पा रहा कि मामला क्या है।’

क्या है गैंगरेप की घटना का सच? (Indicative Image)
उधर मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक इस संस्थान के प्राचार्य ने यह बात कबूली थी कि शनिवार को एक लड़की ने संस्थान में आकर बताया था कि उसकी बहन के साथ कोई घटना हुई है। इस पर प्रिंसिपल ने कहा था कि लिखित शिकायत दो। इसके बाद लड़की ने प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर शोर मचाया था।
‘आरोप लगाने वाली की मानसिक स्थिति ठीक नहीं’
पुलिस सूत्र ने ‘इन हिमाचल’ को बताया, ‘प्राचार्य के पास शिकायत करने वाली लड़की की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। फिर भी पुलिस जांच करने में जुटी है और पता लगाना चाह रही है कि अगर यह अफवाह है, तो किसने फैलाई और अगर इसमें सचाई है, तो वह विक्टिम कौन है और कहां है।’विभिन्न अखबारों में अलग-अलग रिपोर्ट्स
इस बीच हिमाचल प्रदेश के विभिन्न अखबारों में अलग-अलग रिपोर्ट्स देखने को मिलीं। अखबार ‘हिमाचल दस्तक’ की रिपोर्ट कहती है, ‘कॉलेज की एक छात्रा से कथित रूप से गैंगरेप होने की चर्चा शनिवार को पूरे दिन छाई रही। बताया जा रहा है कि मामला काफी हाई प्रोफाइल है। यही वजह है कि पुलिस और कॉलेज प्रशासन इस बाबत कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ। इस मामले को दबाने में कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है।आगे अखबार कहता है, ‘कहा जा रहा  पीड़ित लड़की का पहले कांंगड़ा के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज किया गया और फिर उसे प्रदेश के बाहर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार छात्रा के साथ शुक्रवार दोपहर बाद चार युवकों ने गैंगरेप किया। लड़की को पहले पीटा गया था। विक्टिम की बहन ने जब इसके बारे में कॉलेज प्रशासन को बताया तो उन्होंने कॉलेज की बदनामी का हवाला देकर चुप्पी साधने को कहा।

इसके बाद विक्टिम की बहन पुलिस के पास पहुंची, लेकिन पुलिस का जवाब था कि बिना सबूत वह कुछ नहीं कर सकती। यह भी खबर है कि गैंगरेप की शिकार लड़की ने कुछ दिन पहले इन युवकों के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत एक महिला  लेक्चरर से भी की थी, लेकिन उसने इसे अनदेखा कर दिया था।’

उधर हिंदी अखबार ‘पंजाब केसरी’ के मुताबिक सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि जिस संस्थान में यह घटना हुई बताई जा रही है, वहां पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। मगर पुलिस ने शनिवार को मामला सामने आने के बावजूद यह कहा कि जांच सोमवार को होगी। जिस संस्थान में यह घटना होने की बात कही जा रही है, वहां के प्रिंसिपल का कहना है कि सोमवार को पुलिस को शिकायत दी जाएगी।

जनता के बीच भी अटकलें
आम जनता के बीच भी अफवाहों का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और इसी वजह से पुलिस कुछ भी कार्रवाई करने से बच रही है। आज यानी सोमवार को पुलिस क्या करती है, इस पर सब कुछ निर्भर करता है। इन हिमाचल आपको इसका अपडेट देगा।

शिमला में बेतरतीब निर्माण से दुखी प्रीति जिंटा ने ट्विटर पर जताया गुस्सा

शिमला।।

बॉलिवुड ऐक्ट्रेस प्रीति जिंटा 15 मई को एक दिन के लिए हिमाचल प्रदेश आई थीं। शिमला में अपने घर ‘नीलकुंज’ के आसपास का दृश्य देखकर वह गुस्से में लाल हो गईं। संजौली नॉर्थ ओक में हो रहे निर्माण को वह देखकर हैरान रह गईं।

प्रीति जिंटा
शिमला से लौटने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक दिन के शिमला टूर पर गई थी। मुझे बहुत दुख हुआ। जिस प्लेग्राउंड पर हम खेलते थे, वह कहां चला गया?’ प्रीति ने लिखा है कि मैं बेतरतीब तरीके से किए जा रहे निर्माण से बहुत दुखी हूं। प्रीति ने कुछ घरों की तस्वीर भी पोस्ट की है।
Back from a 1day trip from Shimla. Stunned & heartbroken to see our big playground gone & lots of houses everywhere 😂 pic.twitter.com/NDxC5CaCwO
— Preity zinta (@realpreityzinta) May 15, 2015
हिंदी अखबार ‘पंजाब केसरी’ की रिपोर्ट के मुताबिक प्रीति के मामा यशवंत छाजटा ने बताया कि जब प्रीति छोटी थी, तब उनके घर के आसपास और कोई बिल्डिंग नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रीति शिमला में ‘सपनों का आशियाना’ बनाना चा‌हती है, लेकिन यहां हो रहे बेतरतीब निर्माण से उसे काफी दुख हुआ है।
शिमला में हो रहे निर्माण को लेकर ट्वीट करने के लिए बॉलिवुड ऐक्ट्रेस प्रीति जिंटा की सोशल मीडिया पर एक धड़े द्वारा आलोचना की जा रही है। प्रीति ने कुछ तस्वीरें पोस्ट करके शिमला में हो रहे बेतरतीब कंस्ट्रक्शन पर दुख जताया था। सोशल मीडिया पर एक धड़ा प्रीति की चिंताओं से सहमत था, तो दूसरा सवाल उठा रहा था कि घड़ियाली आंसू क्यों बहाए जा रहे हैं।
एक यूजर ने ट्वीट करके सवाल किया है कि प्रीति जिंटा जब हिमाचल में रहती ही नहीं, तो उन्हें चिंता किस बात की हो रही है। उसने लिखा है कि आप कभी-कभार प्रदेश और अपने घर आया करती हैं, वरना आपको पता होगा कि यह नई बात नहीं है।
एक अन्य ट्वीटर ने सवाल पूछा है, ‘जिस जगह पर प्रीति का अपना घर है, क्या वह भी प्रकृति पर कलंक नहीं है। बाकी लोग अगर लीगल तरीके से अपना घर बना रहे हैं, तो इसमें आपत्ति क्यों है? आपत्ति तब होती जब पेड़ काटे जाते या अवैध निर्माण होता।’
शिमला में ‘सपनों का आशियाना’ बनाने की चाह रखने वाली प्रीति पर निशाना साधते हुए एक यूजर ने लिखा है, ‘प्रीति जी, शिमला में आज जो सपनों का आशियाना बनाना चाहती हैं, वह हवा में बनेगा क्या? या उससे शिमला की शोभा को आंच नहीं आएगी?’
कुछ लोगों ने यहां तक नसीहत दी है कि प्रीति जिंटा को अपने काम से काम रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश की ब्रैंड ऐंबैसडर बनने से इनकार करने वाली प्रीति को आज अचानक प्रदेश की चिंता कैसे हो गई। लोग उन्हें मुंबई में ही रहकर वहां की चिंता करने की सलाह दे रहे हैं।

हालांकि, प्रीति की चिंता से बहुत से लोग सहमत दिखे। लोगों ने कहा है कि प्रीति जिंटा का अब इस मामले पर बात करने का मतलब यह नहीं है कि पहले वह चिंतित नहीं थी। कुछ लोगों ने यह कहकर भी समर्थन किया है कि प्रदेश से बाहर रहने पर प्रदेश की फिक्र करने के लिए प्रीति को किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।

गौरतलब है कि शिमला, खासकर संजौली में धड़ल्ले से बेतरतीब निर्माण हो रहा है।यह निर्माण भूकंप की स्थिति में बड़े नुकसान की वजह बन सकता है। इस बारे में विभिन्न एजेंसियां और एक्सपर्ट पहले ही आगाह कर चुके हैं। मगर कोई फर्क नजर नहीं आ रहा।

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क्यों प्रदेश के ब्रैंड ऐंबैसडर नहीं बनते हिमाचली सितारे?

शिमला।।
हिमाचल प्रदेश सरकार चाहती है कि कंगना रणौत को राज्य का ब्रैंड ऐंबैसडर बनाया जाए। मगर ऐसा होना संभव नजर नहीं आता। दरअसल इससे पहले की सरकारें भी हिमाचली कलाकारों प्रीति जिंटा और अनुपम खेर वगैरह को ब्रैंड ऐंबैसडर बनाने की कोशिश कर चुकी हैं, मगर ये स्टार नहीं माने।
दरअसल ब्रैंड ऐंबैसडर बनने के लिए ये स्टार बहुत ज्यादा रकम की मांग करते हैं। इतनी रकम देने को हिमाचल प्रदेश सरकार सही नहीं मानती। राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष मेरजरविजय सिंह मनकोटिया कंगना को ब्रैंड ऐंबैसडर बनाने की कोशिश करने की बात कर रहे  हैं। मगर इस बात की पूरी संभावना है कि उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी।
तस्वीर: Mid-Day
दरअसल कंगना एक सफल अभिनेत्री बन चुकी हैं और उनकी बॉलिवुड में डिमांड बढ़ चुकी है। प्राइवेट इवेंट्स में शिरकत के लिए ही वह करोड़ों रुपये चार्ज करती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ब्रैंड ऐंबैसडर बनने के लिए वह बहुत ज्यादा रुपये मांगेंगी। हिमाचल प्रदेश सरकार शायद ही उस रकम के लिए राजी हो।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंगना ने भी कहा था कि उन्हें हिमाचल का ब्रैंड ऐंबैसडर बनने में फिलहाल कोई रुचि नहीं है। अहम सवाल यह है कि क्या पैसा ही कलाकारों के लिए सब कुछ है। प्रदेश के लोग इन स्टार पर गर्व करते हैं कि वे हिमाचल से हैं। उनके प्रति अपनापन रखते हैं। मगर ये स्टार क्या प्रदेश के मामले में भी पैसा देखेंगे?
बहरहाल, सबकी अपनी सोच है और सबको अपनी मर्जी से चलने का अधिकार है। मगर अच्छा होगा, अगर तमाम स्टार प्रदेश के लिए पैसे को अहमियत न दें।

वीरभद्र सिंह ने की चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा

मंडी।।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सार्वजनिक मंच से पहली बार कहा कि अब 7वीं बार उन्हें सीएम बनने की इच्छा नहीं है। अब नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि छठी बार सीएम बना हूं, चाहूं तो सातवीं बार भी बन सकता हूं।


वीरवार को सरकाघाट की गाहर पंचायत के चंदैश में आयोजित जनसभा में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि राजनीति मेरा पेशा नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में जनता का प्रथम सेवक हूं। प्रदेश का एक समान विकास किया है। विकास भी नशा है। प्रदेश का विकास करवाने के लिए उदार, लेकिन प्रशासन के लिए बड़ा सख्त हूं।

इस बात से अब यह कयास लगाये जा रहे हैं की शिमला ग्रामीण से वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह या बेटा विक्रमादित्य सिंह अगला चुनाव लड़ सकते हैं। परन्तु राजनैतिक पंडित भी नहीं भाप पा रहे की मंडी दौरे पर मुख्यमंत्री का बार बार आना प्रतिभा सिंह के लिए है या विक्रमादित्य सिंह के लिए। कुछ लोगों का मान ना है विक्रम आदित्य सिंह को वीरभद्र सीन मंडी लोकसभा सीट से लड़वाकर केंद्र में भेजने के ज्यादा इच्छुक हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुंह के ऊपर तमाचा हैं नीरज भारती

इन हिमाचल डेस्क।।
फेसबुक प्रोफाइल पर लगी हर तस्वीर स्टाइलिश। क्लीन शेव्ड लुक, बढ़िया सूट-बूट, सलीके से लगी टाई, काला चश्मा, जेल लगाकर सेट किए बाल, कलाई पर महंगी घड़ी और पैरों पर चमकते जूते….  देखने में एकदम सभ्य नजर आता है वह। मगर फेसबुक टाइमलाइन पर थोड़ा सा नीचे जाएं, तो कलई खुल जाती है। वाहियात बातों, छिछले कॉमेंट्स, बेढंगी पोस्ट्स और मां-बहन की गालियों के अलावा आपको कुछ नहीं मिलेगा। ऐसा  लगता है मानो किसी जाहिल गंजेड़ी ने ये बातें लिखी हों, क्योंकि प्रोफाइल पर लगी फोटो से वे मैच नहीं करतीं।
नीरज भारती
हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश के ज्वाली से विधायक नीरज भारती की। कांगड़ा से पूर्व कांग्रेस सांसद चंद्र कुमार के सुपुत्र नीरज भारती आजकल चीफ पार्ल्यामेंट्री सेक्रेटरी, एजुकेशन हैं। एक तरह से प्रदेश में एजुकेशन डिपार्टमेंट के जूनियर मिनिस्टर। इनका पहनावा तो इस पद के साथ पूरा न्याय करता है, मगर इनकी भाषा और बौद्धिक स्तर सब गोबर कर देता है। हिमाचल प्रदेश का दुर्भाग्य है कि एजुकेशन जैसा अहम विभाग देख रहा शख्स इतना स्तरहीन और जाहिल है। पहली नजर में लगता है कि यह कोई फेक प्रोफाइल है, मगर खुद नीरज भारती ने इन हिमाचल से बातचीत में बताया कि यह असली है (पेज के आखिर में जाकर देखें)।
महिला से गलत व्यवहार
ऊपर हमारे द्वारा इस्तेमाल किए शब्द कठोर जरूर हैं, मगर नीरज भारती की फेसबुक प्रोफाइल पर जाकर आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं। हमने आपको बताया था कि कैसे नीरज भारती ने नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की थी और फिर लोगों को गालियां दी थीं। अब फिर महिला के साथ बदतमीजी से बात करने और अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। कई बार हमने यह मुद्दा उठाया, क्योंकि प्रदेश की इज्जत का सवाल था। मगर किसी और ने इस मुद्दे में रुचि नहीं दिखाई। यही वजह है कि नीरज भारती जैसा शख्स आज बेलगाम हो चुका है।

पढ़ें: नीरज भारती ने इस्तेमाल की अमर्यादित भाषा

अपनी प्रोफाइल पर नीरज भारती कहते हैं कि वह लोगों को उनकी भाषा में ही जवाब दे रहे हैं। जनाब! आपमें और गली के लफंगों में फर्क है या नहीं? हिमाचल प्रदेश के तमाम नेता फेसबुक पर हैं, उनकी टाइमलाइन तो इतनी गंदी नहीं है। फिर आपकी क्यों? मक्खियां गंदगी की तरफ आकर्षित होती हैं भारती जी, सफाई रखिए अपनी टाइमलाइन पर, मक्खियां नहीं आएंगी। अपना नहीं, तो कम से कम अपने पिता और परिवार की इज्जत का ख्याल रखिए।

माना कि कोई शख्स अभद्र भाषा इस्तेमाल कर रहा है, तो क्या नेता को भी उसी के स्तर पर उतर आना चाहिए?
मुख्यमंत्री वीरभद्र को भी शर्म नहीं?
मुख्यमंत्री वीरभद्र का नाम राजनीतिक गलियारे में आज भी इज्जत के साथ लिया जाता है। मगर कई बार नीरज भारती की करतूतें जाहिर होने के बावजूद वह खामोश बैठे रहे। वह शख्स पीएम को गालियां देता रहा, महिलाओं से बदसलूकी करता रहा, मगर मुख्यमंत्री राजनीतिक रोटियां सेंकते रहे और कांग्रेसी ‘राजा साहब’ की जय करते रहे। कहते हैं कि नीरज भारती को सीपीएस इसलिए बनाया गया, क्योंकि वीरभद्र हमेशा ‘अपनों’ का ख्याल रखते हैं। मुख्यमंत्री जी! अगर अपनों का ख्याल रखते हैं, तो इस बात का भी रखा करो कि वे क्या कर रहे हैं।
कांग्रेसियों को तो डूब मरना चाहिए
शर्म तो उन तमाम कांग्रेसियों को भी आनी चाहिए,  ‘राजा जी’ और ‘टीका जी’ का जाप जपे बिना जिनका खाना हजम नहीं होता। अगर उन्हें अपनी पार्टी और अपने प्रदेश की चिंता होती, तो वे जरूर पूछते कि आखिर क्यों इतने सारे विधायकों को नजरअंदाज कर ऐसे शख्स को इस पद पर बनाए रखा गया है? क्यों उसकी तमाम गलतियों को नजरअंदाज किया जा रहा है? क्यों उसे पार्टी और सरकार की इमेज को नुकसान पहुंचाने दिया जा रहा है?
मोदी और अटल के खिलाफ अभद्र भाषा
कहां सोई है हिमाचल बीजेपी?
एक शख्स… कोई ऐरा-गैरा शख्स नहीं, सरकार में शामिल शख्स आपके प्रधानमंत्री और आपकी पार्टी के संस्थापक को  गालियां दे रहा है। वह सामान्य लोगों को भी गालियां दे रहा है, मगर आप खामोश हैं। आपका जमीर नहीं जाग रहा। आपको लगता है कि वह पब्लिसिटी बटोर रहा है, रहने दो। अजी आपको उसकी पब्लिसिटी से क्या लेना-देना? अनुराग ठाकुर, एचपीसीए, धर्मशाला ग्राउंड, क्रिकेट ही आपके लिए मुद्दा बचा है? इन मामलों में तो आप एक-दूसरे का सिर फोड़ने पर उतारू हो जाते हैं। आप सेशन नहीं चलते दे। कोई दूसरी पार्टी का संवैधनिक पद पर बैठा शख्स आपके सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है और आप आराम से बैठे हुए हैं? धिक्कार है ऐसी राजनीति पर!
दिव्य हिमाचल पर किया गया प्रहार
प्रदेश का मीडिया क्यों खामोश है?
‘इन हिमाचल’ न्यू मीडिया है और इसकी पहुंच अभी अखबारों जैसी व्यापक नहीं है। मगर दिव्य हिमाचल, दैनिक जागरण, भास्कर, पंजाब केसरी और अमर उजाला जैसे अखबार क्या कर रहे हैं? क्या वे भूल गए हैं कि खबर क्या होती है? क्या उन्हें एक सीपीएस द्वारा गाली देने में खबर नहीं दिखती? या स्थानीय पत्रकार अपने हितों की चिंता करते हुए और संबंध खराब हो जाने के डर से न्यूज लगाने से बच रहे हैं? यही है आपकी पत्रकारिता?

कुछ दिन पहले दिव्य हिमाचल ने खबर छापी थी, तो उस पर भी नीरज भारती ने भला बुरा कहते हुए चुनौती दी थी। इस पर क्या हार मान ली दिव्य हिमाचल ने? एक दिन फ्रंट पेज पर आप नाम और स्क्रीनशॉट के साथ इसकी खबर दिखाइए, अगले दिन से बंदे की अक्ल ठिकाने न आए तो कहना। हम सब पत्रकारिता कर रहे हैं। प्रतियोगिता भाव की बात नहीं है, यह हमारे पेशे की बात है। अगर कोई आपको कुछ कहता है, तो वह पूरी बिरादरी पर  हमला है। आपकी प्रतिष्ठा से हम सबकी प्रतिष्ठा जुड़ी है। आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।


शर्मिंदा तो हम भी हैं
हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हों। हमने नीरज भारती ही नहीं, तमाम मुद्दों को उठाने की कोशिश की है। हमारी पहुंच जरूर कम है, मगर इरादे और जज्बा बड़ा है। अगर नीरज भारती जैसों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो एक दिन आएगा, जब हमारे प्रदेश की राजनीति की हालत भी उन प्रदेशों जैसी हो जाएगी, जहां पर ऐसी बातें आम हैं। और अफसोस की बात तो यह है कि उन प्रदेशों में भी ऐसी हरकतें कोई नेता नहीं करता। नीरज भारती जैसे लोग मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ऊपर कलंक हैं, क्योंकि वह उन्हीं की बदौलत इस पद पर हैं। और पूरे हिमाचल प्रदेश के गाल पर एक तमाचे की तरह हैं, क्योंकिं हमारे प्रदेश की छवि को वह खराब कर रहे हैं और हम खामोश हैं।

हमने नीरज भारती से सवाल करके पूछा कि क्या यह उनकी ही प्रोफाइल है, तो जवाब मिला हां। उनसे जब M***C*** और B****C*** को लेकर सवाल पूछा गया, तो जवाब बेहद मजेदार था। उनका कहना था कि यह Before Christ और Mahan Chanakya भी हो सकता है। ऐसे तर्क तो खुद चाणक्य ने भी नहीं दिए होंगे। खुद देखिए बातचीत का स्क्रीनशॉट:

नीरज भारती का पक्ष

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राम मंदिर के बहाने तोगड़िया का मोदी पर निशाना

राम मंदिर के बहाने तोगड़िया का मोदी पर निशाना : प्रधानमंत्री  पर होने वाली संभावित टिप्पणी  के मद्देनजर समारोह से दूर रहे मुख्य  भाजपा नेता।
विशव हिन्दू परिषद के स्वर्ण जयंती समारोह में विहिप अध्य्क्ष प्रवीण भाई तोगड़िया शिमला पहुंचे।  इस आयोजन में  हिमाचल  विहिप ने भी अपनी ताकत दिखाई।   सम्मेलन में प्रदेश के सभी भागों से आए विहिप के कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। यहां साधु-संतों के साथ लामाओं ने भी शिरकत की। विहिप के हिमाचल नेता अमन पुरी ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया। मंच संचालक ने सम्मेलन में कहा कि घर वापसी का कार्यक्रम शुरू होगा। साथ ही बहु लाओ, बेटी बचाओ कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। रजनी ठुकराल ने सिने तारिका पर निशाना साधते हुए उसकी शादी को लव जेहाद का एक उदाहरण बताया।  आयोजन के केंद्रबिंदु परवीन भाई तोगड़िया के भाषण में उनकी   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रार  यहाँ  भी सपष्ट दिखी राम मंदिर के बहाने तोगड़िया ने मोदी सरकार पर जम कर निशाना साधा।  गौरतलब है की  पत्रवीण तोगड़िया अक्सर मोदी सरकार को इस मुद्दे में घेरते रहे हैं।   और कल ही गृह मंत्री  राजनाथ सिंह ने कहा है की  इस कार्यकाल में  राम मंदिर बनवाना सरकार के बस में नहीं है।  
 गुजरात चुनाव के दौरान नरिंदर मोदी और तोगड़िया के बीच से मतभेद जग जाहिर है परधान मंत्री को अक्सर अपने भाषणों से घेरने वाले तोगड़िया  के कारन कई मंचों पर भाजपा नेताओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है।  लव जेहाद के मामले में भी मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन सरीखे दिग्गज भाजपा नेताओं की पत्नियों के हिन्दू होने के कारण भाजपा इस मुद्दे पर कभी सामने नहीं आ पायी है।  इन्ही कुछ कारणों से हिमाचल भाजपा के लगभग सारे बड़े  नेता तोगड़िया के कार्यकर्म से नदारद रहे ताकि उन्हें भी मंच पर असहज स्थिति का सामना न करना पड़े,  हालाँकि संग़ठन में मंडल स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोगड़िया जी का दिलो जान से स्वागत किया एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बड़े  नेताओं के ना आने को केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के दौरे से भी जोड़ा जा रहा है परन्तु अन्य नेता जो  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समारोह में भी नहीं थे वो भी यहाँ नहीं फटके।  खैर यह सिर्फ हिमाचल का ही वाक्य नहीं है नरिंदर मोदी के डर से राष्ट्रीय स्तर के पुराने भाजपा नेताओं ने भी विशव हिन्दू परिषद के मंचों से कन्नी काट ली है 
शिमला में विहिप की सभा में उपस्थित जनसमूह