दादी को आजीवन मिलेगी मृतक वनरक्षक होशियार सिंह की सैलरी

शिमला।। भले ही वनरक्षक होशियार सिंह मामले में अभी तक न्याय नहीं मिला है मगर प्रदेश सरकार ने अकेली रह गई बुजुर्ग दादी के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश की है।

 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में होशियार सिंह की दादी को उसका वेतन देने का फैसला किया गया है। जो वेतन होशियार को मिलता था, वही उसकी दादी को आजीवन मिलेगा।

CBI खुदा नहीं है, हिमाचल पुलिस की जांच सही है: मुख्यमंत्री वीरभद्र

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि सीबीआई खुदा नहीं है, केंद्रीय जांच एजेंसी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस की जांच सही है। फिर भी लोगों के शक को दूर करने के लिए मामले की छानबीन के लिए मैंने खुद इसे सीबीआई के पास भेजा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न तो किसी को बचाना है और न ही छिपाना है। असली दोषियों को सजा मिलेगी। ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि निर्दोषों पर कार्रवाई हो जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी नेता और कॉमरेड जानबूझकर जनता को भड़का रहे हैं। मुझे पता था कि ये लोग सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसे ही मौके की तलाश में थे। इस मामले में भी वे राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो गंभीर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की है और आरोपी खुद कबूल चुके हैं कि रेप के बाद विक्टिम ने जान बख्श देने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की जांच में कोई गड़बड़ नहीं है। पुलिस जांच के खिलाफ जो भई बातें हो रही हैं वे हवा-हवाई हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आप ही बताएं कि किसको पकड़ा जाना है। अपने फेसबुक पेज से फोटो शेयर होने को लेकर उन्होंने कहा कि मैं इसे ऑपरेट नहीं करता। इस मामले में आधारहीन बातें करना सही नहीं है।

पेड़ पर चढ़कर पढ़ाई करते हुए पशु चराती हैं ये बेटियां

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, नालागढ़।। हिमाचल प्रदेश के जिन इलाकों का जीवन कठिन है, वहां के लोग उतने ही मेहनतकश होते हैं। प्रदेश के बच्चे, खासकर बेटियां इस मामले में मिसाल हैं। वजह जो भी मान लें, बेटियों की उपलब्धियां बहुत बड़ी होती हैं। वे माता-पिता के कामकाज में हाथ बंटाती हैं और साथ ही पढ़ाई भी करती हैं। अब बद्दी में पड़ने वाले घरेड़ गांव की एक तस्वीर देखिए।

पेड़ पर पढ़ाई करतीं बेटियां (Image: MBM News Network)

यहां पर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में शिक्षा ग्रहण कर रही बेटियां डिंपल, संध्या और संजना अपने पशुओं को चराती हैं और साथ ही पढ़ाई भी कर लेती हैं। मगर पढ़ाई के साथ-साथ कैसे ध्यान रखा जाए कि पशु कहीं दूर तो नहीं चले गए। इसके लिए वे पेड़ पर चढ़ जाती हैं। ऊंचाई से पशुओं पर नजर भी रखी जाती है। तीनों अलग-अलग दिशाओं की तरफ देखती हैं और पढ़ाई भी करती रहती हैं।

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प्रदेश की ये बेटियां साबित कर रही हैं कि पढ़ाई के लिए भवन की नहीं, बल्कि मन में सच्ची लगन की जरूरत होती है। इस तस्वीर को देखकर हर कोई कह रहा है, भई वाह। हमारी तरफ से भी इन बेटियों को शुभकामनाएं, पढ़-लिखकर कामयाब बनें। हालांकि ऐसा करना रिस्की तो है, मगर उन्हें इस चीज का अनुभव है। फिर भी हमारा मानना है कि पेड़ पर चढ़कर ऐसा करने से बचना चाहिए क्योंकि कभी कोई हादसा भी हो सकता है।

(यह खबर एमबीएम न्यूज नेटवर्क से सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

‘पत्नी’ वाले बयान पर महेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री वीरभद्र किया पलटवार

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, कुल्लू।। बीजेपी नेता महेश्वर सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। पहले तो राजनीतिक बयानबाजी होती थी मगर अब निजी छींटाकशी तक मामला पहुंच गया है। महेश्वर सिंह ने कुल्लू में मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि वह मेरी पत्नी की चिंता छोड़कर अपनी का सही से ध्यान रखें। दरअसल महेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर ऐसा जवाब दिया है जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि महेश्वर सिंह जैसे लोगों पर तो उनकी पत्नी भी विश्वास नहीं करती है। (मूल खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

 

गौरतलब है कि महेश्वर सिंह और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह में रिश्तेदारी है। महेश्वर सिंह के घर की बहुएं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भाई की बेटियां हैं। बावजूद इसके दोनों नेताओ के बीच इस तरह से तीखी बयानबाजी से जनता हैरान है। खासकर महेश्वर के बयान को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। इस बयान को मर्यादाहीन भी बताया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में महेश्वर सिंह ने कहा कि यहां पर मुख्यमंत्री का कुल्लू दौरा पूरी तरह से फ्लॉप शो रहा है और सब्जी मंडी शाट फल आढ़तियों को समर्पित नहीं की बल्कि पशुओं के लिए अर्पित की है। यही नहीं जिन आईपीएच स्कीमों का शिलान्यास किया है उनकी फाइनैंशल अप्रूवल नहीं है।

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महेश्वर सिंह ने कहा कि सीएम के इन सभी कार्यक्रमों में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हुआ है और सरकार व पार्टी विशेष के कार्यक्रम में कोई अंतर नहीं रखा गया, जिसका मुख्यमंत्री को भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा सरकारी कार्यक्रमों को हाइजैक कर मुख्यमंत्री से ऐसे कई विकास कार्यों के उदघाटन व शिलान्यास करवाएं, जिनका अभी आधार नहीं हैं कई योजनाओं की अभी तक तकनीकी स्वीकृति तक नहीं हैं।

(यह MBM News Network के कॉन्टेंट के साथ सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

हणोगी माता मंदिर के पास भूस्खलन, द्वार पर गिरीं बड़ी चट्टानें

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, मंडी।। शक्ति पीठ हणोगी मंदिर के द्वार पर दो भारी भरकम चट्टानें आ गिरी हैं। रात भर से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर यह हादसा हुआ है। दो भारी भरकम चट्टानें खिसकर मंदिर के मुख्य द्वार पर आ गिरीं। गनीमत रही कि उस समय कोई भी मंदिर में मौजूद नहीं था।

गौरतलब है कि यह शक्ति पीठ मंदिर मंडी-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग के मध्य में स्थित है और यहां आने जाने वाले यात्री माता के दर्शन व आशीर्वाद लेने के लिए जरूर रुकते हैं।


उधर हाईवे पर कुछ संवेदनशील स्थानों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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प्रसिद्ध हणोगी माता मंदिर के ऊपर चट्टानें गिरने से मंदिर का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया है और दो वाहन बिक्री तरह क्षतिग्रस्त हुए है। चट्टानें गिरने से यातायात सुबह से ही बंद है। हो सकता है कि ऊपर से कुछ और चट्टानें खिसक आएं।

(यह स्टोरी एमबीएम न्यूज नेटवर्क की है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)

HRTC की चलती बस का पिछला पहिया निकला, बाल-बाल बचे यात्री

बिलासपुर।। प्रदेश की सड़कों पर आपको एचआरटीसी की कुछ ऐसी बसें भी नजर आएंगी, जिन्हें देखकर ही लगेगा कि इनकी हालत खराब है। ऊपर से कुछ इलाकों में सड़कों की हालत ऐसी है कि खटारा बसों से यात्रा करने से पहले हिम्मत जुटानी पड़ती है। इस बीच कोई तकनीकी समस्या आ जाए तो वाकई भगवान ही मालिक है। ऐसा ही देखने को मिला बिलासपुर जिले घुमारवीं में, जहां चलती बस का टायर निकल गया।

बिलासपुर के घुमारवीं में एचआरटीसी की बस का पिछला टायर निकल गया। यह बस हमीरपुर से झाकड़ी जा रही थी। जैसे ही पहिया खुला, बस में हाहाकार सा मच गया। मगर ड्राइवर की सूझ-बूझ से एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

घटना शनिवार शाम करीब पौने 7 बजे की है। रामपुर डिपो की बस हमीरपुर से झाकड़ी को जा रही थी। अचानक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास उतराई में घुमावरीं के पोस्ट ऑफिस के पास बस का पिछला पहिया निकल गया। यह तो गनीमत रही कि बस की रफ्तार कम थी और ड्राइवर ने सूझबूझ से काम लिया। इसी वजह से हादसा होने से टल गया।

इसके बाद मकैनिक ने रिपेयर किया और बस आगे गंतव्य के लिए रवाना हुई। यह तो शुक्र है कि पहिया बिलासपुर में ही खुल गया, झाकड़ी के रास्ते में कहीं पर खाई के पास ऐसी घटना हुई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह तकनीकी खामी ही सही मगर प्रश्न भी उठते हैं कि बस को लंबे रूट से चलाए जाने से पहले इसकी ढंग से चेकिंग हुई थी या नहीं। ऐसा करना जरूरी है ताकि हादसे होने की आशंकाओं को शून्य किया जा सके।

मुख्यमंत्री के पेज के ऐडमिन ने कहा- टेक्निकल एरर से अपलोड हुए फोटो

शिमला।। मुख्यमत्री वीरभद्र सिंह के फेसबुक पेज पर कथित संदिग्धों के फोटो शेयर होने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि सीएम के पेज से कुछ संदिग्धों फोटो शेयर होने और बाद में पुलिस द्वारा अन्य आरोपियों को पकड़ने से ही जनता उग्र हुई। मगर अब मुख्यमंत्री के पेज पर ऐडमिन की तरफ से एक पोस्ट के जरिए सफाई दी गई है, जिसमें कहा गया है कि तस्वीरें टेक्निकल एरर की वजह से अपलोड हुई थीं और कुछ ही सेकंडों के अंदर हटा ली गई थीं। मगर लोगों ने सवाल उठाते हुए कॉमेंट किए हैं कि यह कौन सी अनोखी टेक्निकल एरर है कि अपने आप ही फोटो फेसबुक पर अपलोड हो गए।

मुख्यमंत्री के पेज से डाली गई पोस्ट में लिखा गया है- प्रिंट और सोशल मीडिया पर खबर में संदिग्धों की तस्वीरें वायरल करने का दोष मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर दिया गया है। यह निराधार आरोप है। मुख्यमंत्री का पर्सनल फेसबुक पेज 2010 से काम कर रहा है और वीरभद्र सिंह के समर्थकों और वॉलंटियरों द्वारा इसका प्रबंधन किया जा रहा है। 11 जुलाई की रात को डाली गई पोस्ट का लॉगह चेक करें तो पता चलता है कि तस्वीरों को पेज पर टेक्निकल एरर की वजह से अपलोड किया गया था और कुछ ही सेकंडों में उन्हें हटा लिया गया था। यह असंभव है कि कुछ ही सेकंडों में लोग 4 तस्वीरों को डाउनलोड कर दें और उन्हें वायरल कर दें। ‘वीरभद्र सिंह’ के नाम से फेसबुक पर चल रहे पेज का किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है।

क्या कुछ सेकंडों में फोटो डाउनलोड नहीं हो सकता?
यह संभव है कि तस्वीरें एकमात्र मुख्यमंत्री के पेज से ही वायरल न हुई हों। क्योंकि बहुत से लोगों ने तस्वीरो को शेयर किया है। मगर यह भी तथ्य है कि मुख्यमंत्री के पेज से भी तस्वीरें शेयर हुई थीं। गलती किसी से भी हो सकती है। मुख्यमंत्री के पेज ऐडमिन ने गलती मानने के बजाय खुद को हास्यास्पद स्थिति में लाकर खड़ा किया है। ऊपर से यह सफाई देना कि कुछ सेकंडों में फोटो डाउनलोड नहीं हो सकती, बताता है कि फेसबुक पेज चलाने वाले या तो अन्य लोगों को नासमझ मान रहे हैं या उन्हें खुद ही नहीं पता।

दरअसल फेसबुक पर आप जो भी पोस्ट करते हैं, वह आपके दोस्तों या फॉलोअर्स की टाइमलाइन पर जाता है। जैसे ही तस्वीरें वाली पोस्ट शेयर हुई, वह उस वक्त ऑनलाइन रहे लोगों या फिर तुरंत अपनी न्यूज फीड चेक कर रहे लोगों की न्यूज फीड पर चली गई। भले ही पीछे से पेज ऐडमिन ने मूल पोस्ट में बदलाव कर दिए, मगर जिनकी न्यूजफीड में पोस्ट तस्वीरों के साथ चली गई है, उन्हें अपडेटेड पोस्ट तब तक नहीं दिखेगी जब तक कि वे अपनी न्यूज फीड को रिफ्रेश न करें या फिर मूल पोस्ट पर क्लिक करके पेज पर न जाएं। इसीलिए तस्वीरों वाली पोस्ट कितने भी सेकंड के अंदर हटाई गई होगी, वह बहुत लोगों तक पहुंची होगी। फेसबुक ने अपने हेल्प पेज में साफ लिखा है कि पेजों द्वारा डाली गई पोस्ट तुरंत 3% लाइक करने वालों की टाइमलाइन तक पहुंचती है।

लोगों ने ऐडमिन का बनाया मजाक
बहरहाल, मुख्यमंत्री की इस पोस्ट पर लोगों ने टिप्पणी करके पोस्ट डालने वाले को घेरा है। अखिल शर्मा कहते हैं कि लोग आजकल पढ़े-लिखे हैं। वे जानते हैं कि तकनीकी गलती क्या है और राजनीतिक गलती क्या है। इसी तरह से बलवंत शर्मा ने लिखा है- मुझे लगता है कि राजा साहब के काल में यह पहला ऐसा ब्लंडर है जो हुआ है। नवीन लिखते हैं- कृपया इस पोस्ट पर जवाब न दें, यह भी ऐडमिन की तकनीकी गलती है। नितिन शर्मा लिखते हैं कि यह कैसी टेक्निकल एरर है कि लोगों की तस्वीरें पेज पर पोस्ट हो गईं। एरर से तो लोग पोस्ट नहीं कर पाते। मगर यह पहली गलती है कि जिमें शब्द भी अपने आप आ गए। सर, जिसने पेज चलाया है, गलती उसी से हुई है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- सीएम के पेज से फोटो शेयर होने से बिगड़े हालात

शिमला।। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कोटखाई में हुए अपराध के बाद लोगों के उग्र आंदोलन के पीछे मुख्यमंत्री के पेज पर कथित आरोपियों के फोटो अपलोड होने को मुख्य वजह बताया है। सुक्खू ने कहा कि सीएम के फेसबुक पेज पर डाले गए कथित आरोपियों के फोटो और बाद में पुलिस की ओर से किए गए आरोपियों के खुलासे से जनता में आक्रोश फैला।

सुक्खू ने कहा कि बिना पुष्टि के मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर जो तस्वीरें डाली गईं, वह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा िक जिन्होंने यह किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की तस्वीर प्रकाशित करने का विरोध प्रकट करती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मामले में पुलिस जांच पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि कहीं न कहीं पुलिस की तरफ से कोताही बरती गई। इसके चलते ही जनता में नाराजगी फैली।

पीसीसी अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पर शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस जघन्य अपराध को लेकर कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जनता के जहन में जो सवाल उठ रहे है, इनका जवाब देना हिमाचल सरकार का कर्त्तव्य बनता है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मामले का खुलासा किए जाने के बाद भी जनता का आक्रोश कम नहीं हुआ, इसके चलते प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में तथ्य सामने आ जाएंगे और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

डॉक्टर के लिए तरस रहे हिमाचल निर्माता डॉक्टर परमार के इलाके के लोग

नाहन।। डॉक्टर यशवंत सिंह परमार, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश के गठन में अहम भूमिका निभाई और आज के  हिमाचल की नींव रखी। हिमाचल निर्माता डॉक्टर परमार ने सोचा भी नहीं होगा कि आने वाेल वक्त में उनका इलाका बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछड़ा रहेगा। अगर स्वास्थ्य सुविधाओं की ही बात करें तो यहां पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बागथन इलाके को लोगों का कहना है कि उन्हें छोटी-मोटी दिक्कतों का इलाज करवाने के लिए भी डिस्ट्रिक्ट हेडक्वॉर्टर नाहन या फिर सराहां जाना पड़ता है, क्योंकि यहां के एकमात्र प्राइमरी हेल्थ सेंटर यानी पीएचसी में लंबे समय से डॉक्टर नहीं हैं। लोगों का यहां तक कहना है कि कई बार तो इलाज न मिल पाने की वजह से मरीजों की मौत भी हो जाती है। ।

लोगों का कहना है कि पीएचसी भवन का क्या फायदा जब डॉक्टर ही यहां पर नहीं हैं। इस समस्या से इलाके की आधा दर्जन पंचायतों को दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि पीएचसी में एक एएनएम तैनात हैं जो फर्स्ट एड देती हैं। लोगों की मांग है कि तुरंत यहां पर डॉक्टर तैनात हों।

हिमाचल में सक्रिय हुई आम आदमी पार्टी, चुनाव के लिए शुरू की तैयारी

शिमला।। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों को करीब आते देख आम आदमी पार्टी ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैठक की और चुनाव को लेकर चर्चा की। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और हिमाचल प्रभारी संजय सिंह शामिल रहे।

मीटिंग के बाद संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी देश के कई राज्यों में जनाधार बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि आझ हिमाचल प्रदेश मे होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की गई। उन्होने कहा कि हिमाचल में चुनाव को लेकर 7 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 7 दिन के अंदर रिपोर्ट बनाकर हाईकमान को सौंपेगी और उसी के आधार पर चुनाव लड़ने का फैसला किया जाएगा।

संजय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश मे दो परिवारों के बीच सत्ता का खेल चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों ही प्रमुख पार्टियां भ्रष्टाचार में डूबी हुई हैं, ऐसे में आम आदमी पार्टी प्रदेश की जनता को तीसरा विकल्प मुहैया करवाएगी।