मंडी ।। नशा तस्करों के खिलाफ मंडी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नशा तस्करों पर कार्रवाई करते हुए उनकी 88 लाख की संपत्ति फ्रीज की है। फ्रीज की गई संपत्ति में एक मकान, एक होटल, चार वाहन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है। पुलिस के मुताबिक 26 अप्रैल 2021 को औट थाना में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसमें एक महिला और पुरुष से 1.8 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी। इस मामले में बाद में पुलिस ने दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था।
इसके बाद मामले में वित्तीय जांच की गई और आरोपियों की अवैध रूप से कमाई हुई संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश दिए गए। पुलिस ने कुल्लू जिले के मलाणा गांव में आरोपियों का एक मकान जिसकी कीमत 55 लाख रुपये है को फ्रीज किया है। इसके अलावा कुल्लू जिले के ही मलाणा गांव में सरकारी जमीन पर बना एक होटल जिसकी कीमत 21 लाख से अधिक है।
इसके अलावा आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के स्वामित्व वाले 12 लाख कीमत वाले चार वाहनों और विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि को भी फ्रिज किया है। कुल फ्रीज की हुई संपत्ति 88 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। प्रदेश में नशे की समस्या को खत्म करन के लिए तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सोलन।। सोलन के अर्की में है लुटरू महादेव मंदिर। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां पर शिवलिंग को लोग सिगरेट पिलाते हैं। सुनने में भले ही अजीब लगे, मगर लोगों का मानना है कि शिवलिंग के रूप में विराजमान भोले बाबा सिगरेट पीते हैं।
आमतौर पर देव स्थानों पर सिगरेट व नशे की अन्य वस्तुएं ले जाने पर रोक होती है, मगर यूट्यूब पर डाले गए कई विडियो दिखाते हैं कि लोग यहां आकर शिवलिंग को सिगरेट पिलाते हैं और विडियो भी शूट करते हैं। आस्था के बजाय यह कौतूहल का विषय ज्यादा लगता है। विडियो देखिए:
इस विडियो को देखने पर पता चलता है कि शिवलिंग काफी अलग तरह का है। आमतौर पर शिवलिंग की सतह पतली होती है, मगर इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की तरह में काफी गड्ढे से बने हैं। लोग इन्हीं गड्ढो में सिगरेट फंसा देते हैं। कुछ ही देर में सिगरेट खुद ब खुद ऐसे सुलगने लगती है, मानो कोई कश ले रहा हो।
लोगों के बीच लुटरू महादेव की बड़ी मान्यता है। दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। कई अवसरों पर भंडारों व जागरण आदि का आयोजन भी किया जाता है।
विज्ञान की सामान्य प्रक्रिया है
इन हिमाचल ने इस बारे में पड़ताल की तो पाया कि यह चमत्कार के बजाय विज्ञान की सामान्य सी प्रक्रिया है। यह तो सब जानते हैं कि सिगरेट एक बार सुलग जाने पर अगरबत्ती की तरह जलती रहती है। जैसे ही लोग शिवलिंग में सिगरेट फंसाते हैं, इसे एक तरह का स्टैंड मिल जाता है।
मंदिर काफी ऊंचाई पर है और यहां पर हवा का प्रवाह भी तेज होता है। जैसे ही बाहर तेज हवा चलती है, शिवलिंग के आसपास की हवा तेजी से एक गलियारा सा बनाते हुए निकलती है। इससे शिवलिंग में फंसाकर रखी गई सिगरेट की आग तेज होती है और वह सुलगने लगती है। अगर कश लेने जैसी बात होती तो सिगरेट के फिल्टर के पास से धुआं निकलता और वह काला भी हो जाता। मगर ऐसा कुछ नहीं होता।
गलत है ऐसा करना
कोई नहीं जानता की यह परंपरा कब शुरू हुई। मगर कोई भी शख्स यह नहीं चाहता कि भगवान के साथ कोई गलत चीज़ जुड़े। मंदिरों में शराब व सिगरेट आदि का सेवन गलत माना जाता है। ऊपर से यह जानते हुए भी यह चमत्कार नहीं है, जबरन शिवलिंग पर सिगरेट फंसाना अपमानजनक है। उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन व स्थानीय लोग इस पर रोक लगाने के लिए आगे आएंगे।
इन हिमाचल डेस्क।। जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में बड़ा हादसा हुआ है। यहां ITBP जवानों को ले जा रही एक बस अनंतनाग में चंदनवाड़ी के पास एक गहरी खाई में गिर गई है। अभी तक इस हादसे में आईटीबीपी के छह जवानों की जान जाने की खबर है और 37 घायल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बस के ब्रेक फेल होने के कारण यह हादसा हुआ। इस बस में 39 जवान बैठे हुए थे। इनमें 37 आईटीबीपी के थे और दो जम्मू-कश्मीर पुलिस के। आईटीबीपी के जवानों को अमरनाथ यात्रा में तैनात किया गया था जहां ड्यूटी पूरी करने के बाद वे वापस लौट रहे थे।
यह घटना सुबह 11 बजे की है। विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया का फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट किसी शरारती तत्व ने हैक कर लिया है। इस संबंध में विधायक नैहरिया ने पुलिस के साइबर सेल में शिकायत सौंप दी है।
विधायक ने कहा कि सोमवार को सुबह ही उनके एक कार्यकर्ता ने सूचना दी कि उनकी आईडी में आपत्तिजनक वीडियो अपलोड हैं। सूचना मिलने के बाद जब वह फेसबुक और इंस्टाग्राम को चेक करने लगे, तो वह उसे ऐक्सेस नहीं कर पा रहे थे। विधायक ने कहा कि इसकी शिकायत पुलिस के साइबर सेल को दे दी गई है।
विधायक ने अपील की है कि उनकी फेसबुक और इंस्टाग्राम आइडी में हो रही अपडेट को नजर अंदाज करें और शरारती तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की सामग्री अपलोड करने पर उसको रिपोर्ट करें। इस बारे में पुलिस को सूचना दे दी है। उनके पीए ने यह सूचना साझा की है।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब शरारती तत्व साइबर क्राइम से जुड़े लोग इस तरह से इंटरनेट मीडिया साइटों को हैक कर रहे हैं। इससे पहले भी लगातर साइबर क्राइम से जुड़े शरारती तत्व इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते आ रहे हैं।
कई स्थानों पर पैसों की मांग तो कई जगह अन्य लाभों के लिए यह सब कर रहे हैं। जिला पुलिस के पास भी कई तरह से मामले ऐसे हैं, जिन पर पुलिस पड़ताल कर रही है। लोगों को इस तरह की घटनाओं से मानसिक परेशानी होती है। अब विधायक विशाल नैहरिया की फेसबुक व इंस्टाग्राम आइडी हैक हुई है।
मृत्युंजय पुरी, धर्मशाला।। पूरा देश जश्न-ए-आजादी मना रहा है। यह वक्त है उन रणबांकुरों को याद करने का, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर हमें आजादी दिलाई है। इसमें कुछ को फ्रीडम फाइटर का दर्जा मिल गया, तो कुछ गुमनामी के अंधेरों में खोए रहे। कुछ ऐसे ही गुमनाम हीरो हैं हवलदार हरनाम सिंह।
हवलदार हरनाम सिंह धर्मशाला के निकटवर्ती गांव सराह के रहने वाले थे। हमने सराह गांव के वयोवृद्ध विद्दू राम से बात की। विद्दू राम उस समय हवलदार हरनाम के घनिष्ठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1912 में सराह गांव में जन्मे हरनाम 1932 में अंग्रेजी सेना की पंजाब रेजिमेंट में बतौर सैनिक भर्ती हुए तो महज चार साल में ही अपनी योग्यता के दम पर उन्होंने हवलदार का रैंक हासिल कर लिया।
हवलदार हरनाम सिंह के दोस्त विद्दू राम
समय बीता और 1939 से 1945 तक चले दूसरे विश्व युद्ध में हरनाम ने बैल्जियम, सिंगापुर, बर्मा व मलाया जैसे देशों में लड़ाई लड़कर बहादुरी के लिए अनगिनत मेडल हासिल किए। सन् 1945 में वह अपनी बटालियन मेरठ आए। यहां उनका रुतबा अस्थायी रूप से बटालियन हवलदार मेजर का था, जिन्हें 850 सैनिकों पर कमांड का अधिकार था।
चूंकि पंजाब रेजिमेंट के बहुत सारे जवान नेताजी की आजाद हिंद फौज से जुड़ रहे थे, ऐसे में फिरंगी उनसे नफरत करते थे। इसी कड़ी में एक दिन परेड के दौरान कर्नल रैंक के फिरंगी अफसर ने दो भारतीय सैनिकों को गालियां निकालना शुरू कर दी, इस पर हरनाम ने विरोध जताया, तो वह उन पर ही झपट पड़ा। बस फिर क्या था, भारत माता के जयकारे लगाकर उन्होंने रायफल उठा ली।
हवलदार हरनाम सिंह
जांबाज को गुस्से में देख फिरंगी ऐसा भागा कि उसने कर्नल बैरक में जाकर शरण ली। बाद में हरनाम को अरेस्ट कर 15 दिन जेल में रखा। कोर्ट मार्शल के बाद मौत की सजा (गोली मारकर) सुना दी। खैर, बड़ी बगावत के डर से अंग्रेजों ने उन्हें माफी मंगवानी चाही, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इस पर उन्हें एक्सट्रीम कंपनसेट ग्राउंड पर बिना मेडल-पेंशन घर भेजा गया, जब वह घर आए तो मां-बाप और पत्नी की मौत हो चुकी थी। घर आने पर भी आजादी तक वह अंग्रेज पुलिस-सेना के रडार पर रहे, लेकिन इस गुमनाम हीरो ने अंग्रेजों को भगाने तक युवाओं में आजादी की मशाल जलाए रखी।
विद्दू राम ने बताया कि सराह के दो सूबेदारों ने प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिया था। उन्हें ब्रिटिश सरकार ने सम्मानित किया था। दूसरे विश्व युद्ध में पांच योद्धाओं ने भाग लिया था। इनमें सावन सिंह, धर्मचंद, बलवंत राय, शिविया राम विदेशी जेलों में भी रहे। हवलदार हरनाम सिंह को जब अग्रेंजी हुकूमत ने सजा देने का ऐलान किया तो लोगों को बड़ा दुख हुआ।
सराह गांव में हिंदू-मुस्लिम मिलकर रहते थे। विद्दू राम को याद है कि जब 1947 में देश आजाद हुआ तो लाहौर से आने वाली ट्रेनों में हिंदुओं के शव देखकर लोगों में गुस्सा भड़क गया था। विद्दू राम को याद है कि उस समय हरनाम सिंह की हवेली में ही मुस्लिमों को ठिकाना मिला था। हरनाम सिंह ने जान पर खेलकर मुस्लिम भाइयों को कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पहुंचाया। इस दौरान दो बार हरनाम सिंह पर गुस्साई भीड़ ने हमला भी किया था। वह न तो फिरंगियों से डरे, न ही भीड़ के गुस्से से ,लेकिन कांगड़ा से अपने मुस्लिम भाइयों को हमेशा के लिए बिछुड़ते देख उनकी आंखें नम हो गईं। उस समय वह फूट फूटकर रोए।
ब्रिटिश हुकूमत द्वारा कोर्ट मार्शल के बाद हरनाम सिंह को जेल जाना पड़ा, मेडलों के साथ नौकरी गंवानी पड़ी, लेकिन यह हिमाचली हौसला ही था, जिसने घर आने के बाद भी नौजवानों के दिलों में आजादी की मशाल अंग्रेजों की विदाई तक जलाए रखी। वर्ष 2005 में उनका निधन हो गया, लेकिन इस जांबाज ने कभी सरकार से पेंशन-भत्ते और फ्रीडम फाइटर का दर्जा नहीं मांगा। आइए जश्न-ए-आजादी पर सब मिलकर हवलदार हरनाम सिंह को सलाम करें।
धर्मशाला।। कांगड़ा के जिला मुख्यालय धर्मशाला में मनाए गए जिला स्तरीय स्वतंत्रता समारोह में वीआईपी कल्चर अपनाने के आरोप लग रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर रोष देखा गया कि कार्यक्रम में शामिल आम लोगों के साथ भेदभाव किया गया।
दरअसल कार्यक्रम के बाद अगली पंक्ति पर बैठे नेताओं और अधिकारियों को तो प्लेट पर मिठाई और स्नैक्स दिए गए लेकिन पीछे बैठे लोगों को पैकेट दिए गए।
इस बात को लेकर लोगों में रोष देखा गया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को जहां एकता और समानता के पर्व के रूप में मनाया जाता है, वहीं इस कार्यक्रम में ठीक उल्टा किया गया।
लोगों का कहना था कि बात मिठाई की नहीं, भावना की है। उनका कहना था कि अधिकारियों को प्लेट में व्यंजन परोसना और आम लोगों को लिफाफे में दो लड्डू देना दिखाता है कि अभी भी सरकारी सिस्टम वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पाया है।
सराहां।। सिरमौर जिले के सराहां में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य के विभिन्न वर्गों के लिए घोषणाएं की हैं-
1. जिला परिषद कार्यालय में काम कर रहे करीब चार हज़ार कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान दिया जाएगा।
2. जो पंचायत चौकीदार 12 साल तक सेवाएं दे चुके हैं, उन्हें दैनिक वेतन भोगी बनाया जाएगा।
3. प्रदेश के कर्मचारियों को एरियर की पहली किश्त दी जाएगी।
4. प्री पाइमरी शिक्षा नीति बनाकर प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
5. लोग निजी भूमि पर उगाए गए खैर बेच पाएं, इसके लिए खैर कटान की प्रक्रिया सरल की जाएगी।
6. खाद्य तेल पर सब्सिडी दोगुनी की गई। बीपीएल परिवारों को 20 रुपये और एपीएल परिवारों को 10 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
नई दिल्ली।। पीएम नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए पांच प्रण और त्रिशक्ति का जिक्र किया। ये पांच प्रण क्या हैं और त्रिशक्ति क्या है, आइए देखते हैं-
पहला प्रण : 2047 तक विकसित भारत
पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले प्रण का जिक्र करते हुए कहा कि हमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर काम करना होगा। इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। विकसित भारत हमारा पहला संकल्प है। यह बड़ा संकल्प है, लेकिन इससे कम हमें मंजूर नहीं है।
दूसरा प्रण : गुलामी के अहसास से आजादी
पीएम मोदी ने लाल किले से लोगों को मानसिकता में बदलाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें दूसरे प्रण के रूप में गुलामी की मानसिकता से आजादी पर काम करना चाहिए। हमारी आदतों में गुलामी का कोई अंश है तो उसे निकालना होगा। हमें उसे बचने नहीं देना है।
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तीसरा प्रण : विरासत पर गर्व
पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए। हमारी सांस्कृतिक विरासत दुनिया को रास्ता दिखाती है। हम सबको मिलकर अपनी विरासत के प्रति गर्व का भाव विकसित करना चाहिए।
चौथा प्रण : एकता और एकजुटता
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कहा कि हमें एकता और एकजुटता पर जोर देना होगा।एकजुटता हमें किसी भी मुश्किल परिस्थिति का सामना करने की ताकत देता है। अगर 130 करोड़ भारतीय एकजुट हो जाएं।
पांचवां प्रण : नागरिकों का कर्तव्य
पीएम मोदी ने पांचवें प्रण का जिक्र करत हुए कहा कि नागरिकों को अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक होना चाहिए। कर्तव्यों के प्रति जागरूक नागरिक ही देश को प्रगति की राह पर ले जाने में कामयाब होंगे।
त्रिशक्ति
पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के विकास के लिए त्रिशक्ति का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि आज दुनिया का भारत को लेकर नजरिया बदल चुका है। दुनिया भारत की धरती पर समाधान देखने लगी है। 75 साल की अनुभव यात्रा का यह परिणाम है। विश्व भी उम्मीदें लेकर जी रहा है, उम्मीदें पूरी करने का सामर्थ्य कहां पड़ा है। त्रिशक्ति के रूप में मैं इसे देखता हूं- 1. एसपिरेशन 2. पुनर्जागरण 3. विश्व की उम्मीदें
किन्नौर।। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के तिब्बत सीमा क्षेत्र शलखर में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से वाहनों को नुकसान पहुंचा है। नेशनल हाईवे भी बंद होने की सूचना है।
जानकारी के अनुसार इस शीत मरुभूमि में कल रात से रुक-रुककर बारिश का क्रम जारी है। भारी बारिश के चलते शलखर गांव के खोतंग नामक स्थान पर रात बाढ़ आई। बाढ़ के साथ अधिक मलबा आने से कुछ वाहनों को नुकसान हुआ है।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच भी मलबा आने की वजह से अवरुद्ध हो गया है। हालांकि भारी बारिश से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
बाढ़ से हुए नुक्सान का जायजा लेने के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारी मोके के लिए रवाना हो गए है। वहीं प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से यात्रा ना करें।
शिमला।। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में 16 अगस्त को प्राइवेट बसें नहीं चलेंगी। बस ड्राइवर-कंडक्टर्स यूनियन ने अपनी मांगें मनवाने के लिए सांकेतिक हड़ताल का एलान किया है।
शिमला में 100 से ज़्यादा प्राइवेट बसें चलती हैं। ऐसे में शिमला शहर में बसों से आवाजाही करने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह हड़ताल केवल एक दिन के लिए ही है। हड़ताल पर जाने से पहले प्राइवेट बस ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने सरकार और परिवहन विभाग को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
क्या है मांगें
दरअसल हिमाचल सरकार ने हाल ही में महिलाओं को सरकारी बसों में लिए जाने वाले किराये में 50 फीसदी की छूट दी है। इसके अलावा न्यूनतम किराये में भी दो रुपये की कटौती की गई है। पहले न्यूनतम किराया 7 रुपये था जिसे घटाकर 5 रुपये कर दिया गया है। इन सब फैसलों का प्राइवेट बस ऑपरेटर्स विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही इनकी कई अन्य मांगें भी हैं। प्राइवेट बस चालक-परिचालक सरकारी नौकरी में 50 फीसदी कोटा देने की मांग कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि उनके लिए किसी तरह की भी स्थाई पॉलिसी सरकार ने नहीं बनाई।
यूनियन का कहना है कि अभी यह नियम है कि जो भी उम्मीदवार ड्राइवर और कंडक्टर का लाइसेंस बनाते हैं, वह एचआरटीसी की भर्ती में भाग ले सकते हैं। जबकि इतने वर्षों से प्राइवेट बसों में सेवाएं चालक-परिचालकों के लिए कोई भी कोटा नहीं है। इसके अलावा यूनियन ने परिवहन विभाग द्वारा प्राइवेट बस चालकों और परिचालकों को आईकार्ड देने की मांग के साथ ही ईएसआईसी सुविधा देने की भी मांग की है।