फेसबुक पर CM के लिए अपशब्द लिखने वाले के खिलाफ एफआईआर

शिमला।। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शिमला पुलिस ने सदर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है। कथित तौर पर सतीश जरयाल नाम की प्रोफाइल से ये टिप्पणियां की गई थीं। पुलिस ने इस शख्स की तलाश शुरू कर दी है।

यह एफआईआर एसपीएमसी के चेरयमैन नरेश शर्मा और कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष रवि मेहता की शिकायत के आधा पर की गई है। दोनों ने मंगलवार को शिमला के एसपी से मुलाकात की और फेसबुक पर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले व्यक्ति के खिलाफ लिखित शिकायत दी।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे प्रदेश के मुखिया के लिए इस तरह के अभद्र शब्द इस्तेमाल करना सही नहीं है और इस तरह के तत्वों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके सतीश जरयाल नाम के शख्स की तलाश शुरू कर दी है।

हिमाचल में डेंगू के मामले बढ़े, मरीजों की संख्या 1100 पार

शिमला।। हिमाचल प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। पिछले चार दिनों में 157 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इस तरह से पूरे प्रदेश में डेंगू मरीजों की समस्या एक हज़ार को पार गई है।

बिलासपुर में ज्यादा प्रभाव
प्रेदश भर के 1100 से ज्यादा मामलों में से आधे बिलासपुर जिले से ही हैं। यहां अब तक 540 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। मंडी जिले में एक मरीज की डेंगू से मौत होने से स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है।

और कहां कितने मरीज
बिलासपुर में 540, सोलन में 502, मंडी में 19, कांगड़ा में 12, शिमला में 5 और हमीरपुर और सिरमौर में 1-1 मरीज के डेंगू पीड़ित होने की पुष्टि हुई है।

नीचे एक मिनट का वीडियो देखें और जानें डेंगू के लक्षण क्या हैं। सही समय पर पहचान से जान बच सकती है-

सही समय पर इलाज न मिले तो डेंगू जानलेवा बन जाता है। इसलिए सावधानी बरतें।

स्मार्टफोन से ‘स्मार्ट फार्मिंग’ करके आप भी ऐसे कमा सकते हैं लाखों

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प्रशान्त प्रताप सेहटा।। फ़ार्मिग यानी खेतीबाड़ी अब वैसी नहीं रही जैसी कुछ साल पहले हुआ करती थी। आज के दौर में युवा किसान बागवान पारंपरिक तौर तरीकों से हटकर आधुनिक व स्मार्ट फ़ार्मिंग में रुचि ले रहे हैं। बदलते दौर के साथ बदलती तकनीक ने इसके विस्तृत रूप को समझने में काफ़ी मदद की है। इस बदलाव में सबसे अहम योगदान स्मार्टफ़ोन्स का रहा है।

स्मार्टफ़ोन्स पर इंटरनेट चलाकर सोशल मीडिया और गूगल से सीखने वाले किसान बागवानों की कमी नहीं है। इतना ही नहीं इसी स्मार्टफोन की वजह से कई पढ़े लिखे युवा खेतीबाड़ी को अपना पेशा बनाकर हर साल लाखों रुपये कमा रहे हैं।

स्वादिष्ट सेब उत्पादन के लिए मशहूर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर को “ऐपल बाउल्स आफॅ इंडिया“ के नाम से भी जाना जाता है। दोनो ही सेब उत्पादक राज्यों में सेब व अन्य फ़लों की बागवानी बदलाव के दौर से गुज़र रही है। बागवान पुरानी किस्मों के बदले अब नई व उन्नत किस्मों के फल उगाने पर बल दे रहे हैं जिससे उनकी आमदनी में इज़ाफा हो सके।

बागीचों में फलों से लदे पुराने बडे बडे पेडों की जगह अब बौने आकार के पौधों ने ले ली है, जिनका प्रबंधन तो आसान है ही, साथ ही यह बागीचे पौधा लगाने के एक दो साल में ही फलों से लद जाते हैं। यह सब विदेशों में की जाने वाली बागवानी की तकनीक है। यह तकनीक यहां इंटरनेट के ज़रिए ही लोकप्रिय हुई हैं।

इंटरनेट के ज़रिए ही बागवान इन तकनीकों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं और इसी की वजह से यह तकनीक हिमालय के पहाड़ों पर पर सफल होती दिखाई दे रही है। हिमाचल और जम्मू कश्मीर में ऐसे कई उदाहरण है जिसमें बागवानों ने इंटरनेट से सीखकर सफलता से हाई डेंसिंटी आर्चर्ड्स स्थापित किए और उनसे दो से तीन गुना अधिक आजीविका भी अर्जित कर रहे हैं।

स्मार्टफोन से स्मार्ट फ़ार्मर बनने की राह यहीं खत्म नहीं होती। किसान बागवान स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल जानकारी के प्रसार और एक दूसरे से सीखने के लिए भी कर रहे हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप्प जैसे सोशल प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रगतिशील किसान बागवानों के अनेकों ऐसे ग्रुप हैं जिनके प्रयोग से वह बागीचों में आने वाली दिक्कतों को विशेषज्ञों और दुसरे साथियों से सांझा कर रहे हैं।

अनुभवी बागवानों की मदद मिलने से कई दूसरे नौसिखिये युवा किसान बागवान भी सफलतापूर्वक फलोत्पादन कर रहे हैं और इससे अच्छी आमदनी कमा रहे है। यह किसान बागवान केवल सोशल मीडिया के ज़रिए एक दूसरे से ही नहीं जुडें है बल्कि विदेशों में दूसरे किसान बागवानों, विशेषज्ञों और नर्सरीयों के संपर्क में भी है। इसके चलते वह विदेशों में अपनाई जाने वाली तमाम तकनीकों और फलों की आधुनिक किस्मों को यहां मंगवाकर उनका उत्पादन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पहाडों के बागवान विदेशों से आ रहे नए फलों को अपनाने से भी गुरेज़ नहीं कर रहे।

The placing of apple trees in the orchard.

स्मार्टफोन्स और इंटरनेट की जोडी न केवल किसान बागवानों को आधुनिक तरीके से खेतीबाड़ी करना सीखा रही है बल्कि उन्हें संगठित करने में भी अहम रोल निभा रही है। सीखने और मिलकर आधुनिक तरीकों से बागीचों में काम करने की ललक ने सोशल मीडिया के माध्यम से ही प्रगतिशील बागवानों के कई संगठनों को जन्म दिया है, जिनमें से कई सरकारी कागजों में दर्ज़ हो चुके हैं।

हिमाचल में युवा बागवानों की “यंग ऐंड युनाईटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन (युगा)“ ऐसे ही संगठनों में से एक है। इस संगठन के सभी रजिस्टर्ड सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से ही आगे आए थे। आज इस संगठन में हिमाचल के बाहर उत्तराखंड के ऐसे बागवान भी जुड रहे हैं जो हिमाचल की तर्ज पर सेब व अन्य फलों की बागवानी अपना रहे है।

Agricultural business Need Online Conference Calls to bring specialists and farmers together

यह स्मार्टफोन्स की वजह से ही संभव हो पाया है कि आज किसान बागवान खेती बाडी और देश भर की मंडियों से जुडी तमाम तरह की जानकारियां अपने जेब में लिए घुम रहा है। यह डिजीटल क्रांति हरित, क्रांति के बाद देश के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

(लेखक शिमला के जुब्बल के रहने वाले हैं। बाग़वानी और लेखन में उनकी रुचि है। उनसे prashantsehta89 @ gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।)

क्या वाकई पोस्ट शेयर करने पर पैसा दे रहे हैं ड्वेन जॉनसन ‘द रॉक’

इन हिमाचल डेस्क।। भारत में हर थोड़े-थोड़े समय बाद सोशल मीडिया पर नया ट्रेंड चल पड़ता है। पढ़े-लिखे लोग भी सोशल मीडिया की अफवाहों और फर्जी खबरों आदि पर यकीन कर लेते हैं। जैसे कि चोटी काटने वाली घटना एक समय इतनी फैली कि हर जगह से मास हिस्टीरिया के कारण महिलाओं की चोटी काटे जाने की खबरें आने लगी थीं।

इसी तरह से बहुत से लोग अपने लाइक्स बढ़ाने वाले पेजों के झांसे में आकर गरीब, मजबूर या बीमार लोगों की तस्वीर शेयर करने लगते हैं। वे सोचते हैं कि ऐसा करने से फेसबुक इन गरीबों को पैसा देगा। जबकि फेसबुक की कोई ऐसी नीति नहीं है। इसी तरह ब्लू वेल चैलेंग की अफवाह फैली और अब सोशल मीडिया पर बहुत से शिक्षित लोग तक किसी समय WWE के स्टार रहे ‘द रॉक’ यानी ड्वेन जॉनसन की पोस्ट् शेयर कर रहे हैं, जिनमें दावा किया गया है कि शेयर करने वालों में से रैंडम लोग चुने जाएंगे और उन्हें कैश से लेकर कई सारे महंगे तोहफे मिलेंगे।

Fake Dwayne Johnson Facebook Giveaway Post

क्या है हकीकत
वैसे तो कोई भी समझदार व्यक्ति पहली नजर में समझ जाए कि यह फर्जी पोस्ट है मगर फिर भी कुछ लोग इन पोस्टों को शेयर कर रहे हैं। ये पोस्ट्स ड्वेन जॉनसन के आधिकारिक फेसबुक पेज नहीं हैं बल्कि फर्जी पेज और प्रोफाइल्स हैं। इनमें ड्वेन का एक पुराना वीडियो डाला गया होता है और साथ में फिल्में डाउनलोड करने के लिए कहा गया होता है।

ड्वेन जॉनसन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस तरह के किसी कॉन्टेस्ट का जिक्र नहीं है। ऐसे में पाठकों से गुजारिश कि ऐसी कोई पोस्ट शेयर करने से पहले कम से कम यह तो देख लें कि पोस्ट वेरिफाइड पेज ने की है या नहीं। वेरिफाइड पेज पर ब्लू टिक लगा होता है। इसका मतलब है कि फेसबुक ने पुष्टि की है कि यह उस हस्ती की आधिकारिक प्रोफाइल या पेज है।

ड्वेन जॉनसन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर जाने के लिए यहां क्लिक करें- Dwayne Johnson

आधिकारिक और वेरिफाइड प्रोफाइल पर ब्लू टिक लगा होता है।

यह ठीक है कि हर कोई तुरंत अमीर होना चाहता है और फेसबुक शेयर कर देने से पैसा मिल जाए तो क्या बुराई। ख्वाब देखने चाहिए मगर लॉजिकल होकर। इसलिए आप जब कभी इस तरह के पोस्ट्स शेयर करते हैं, वे पोस्ट्स आपकी फ्रेंडलिस्ट में मौजूद सभी लोगों तक पहुंचते हैं। ऐसे में आपकी खिल्ली भी उड़ती है। इसलिए कुछ भी ऊलजुलूल पोस्ट करने से पहले वेरिफाई जरूर करें कि आप जो शेयर कर रहे हैं, उसमें सच्चाई है या नहीं।

कोटरोपी में 23 दिन बाद खुला नैशनल हाइवे 1 दिन में ही फिर बंद

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, मंडी।। मंडी के कोटरोपी में 23 दिन तक मलबे के कारण बंद रहने के बाद खोला गया नैशनल हाइवे एक दिन में ही बंद हो गया। फिर से मलबा आने के कारण यातायात रुक गया है।

दरअसल एक बार फिर से अस्थायी रूप से बनाई गई सड़क पर पानी की निकासी के सही इंतजाम नहीं किए गए थे। इस कारण बारिश का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था।

चूंकि ऊपर भूस्खलन के कारण मिट्टी कमजोर है, सारा मलबा पानी के साथ आकर सड़क पर जमा हो गया। ऐसे में ट्रैफिक रोकना पड़ा।

कोटरोपी में भूस्खलन वाली जगह बारिश के बाद पानी बहने से बनी नालियां। (File Photo)

डीसी ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि मशीनरी और अधिकारी मौके पर हैं और मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द की सड़क खुल सकती है।

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कल ही मंडी-पठानकोट हाइवे को 23 दिनों बाद खोला जा सकता था। मगर बीती रात 10 बजे के करीब इसे बंद करना पड़ा। इससे सड़क पर जाम भी लग गया।

23 दिन बाद खुली थी सड़क Image: MBM News Network

कोटरोपी में हो रहे भूस्खलन और अन्य स्थानों पर अक्सर चट्टानें गिरने से होने वाले नुकसान को कैसे कम किया जा सकता है, जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

हिमाचल में भूस्खलन रोकने में वरदान साबित होगी यह तकनीक

वीरभद्र के करीबी रहे पूर्व कांग्रेस MLA नीरज भारती के खिलाफ केस दर्ज

शिमला।। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान सीपीएस रहे ज्वाली के तत्कालीन विधायक नीरज भारती पर मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर बीजेपी की एक नेता पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर यह कदम उठाया है।

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी रहे नीरज भारती सोशल मीडिया पर लंबे समय से आपत्तिजनक व्यवहार कर रहे हैं। मगर यह पहला मौका है जब उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई हुई है।

शिमला के ढली पुलिस स्टेशन में महिला नेता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है वह छानबीन कर रही है।

नीरज भारती के खिलाफ आईपीसी की धारा 354डी और 509 और आईटी ऐक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Congress MLA from Himachal Pradesh Neeraj Bharti

गौरतलब है कि नीरज भारती ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद कथित तौर पर उनके लिए आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए थे और इसी को लेकर यह विवाद आगे बढ़ निकला था।

नीरज भारती के खिलाफ इन हिमाचल लंबे समय से आवाज उठाता रहा है। उनसे बयानों और अन्य घटनाओं पर जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें।

हिमाचल में 3000 से ज़्यादा अभ्यर्थी नहीं दे पाएंगे TET

धर्मशाला।। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) के लिए किए गए तीन हजार से ज़्यादा अभ्यर्थियों के आवेदन रद हो गए हैं। फीस जमा न होने या आवेदन अधूरा रह जाने के कारण इन्हें रद किया गया है।

आठ विषयों में टेट के लिए पूरे प्रदेश से 77565 आवेदन बोर्ड को मिले थे। इनमें से 74476 आवेदनों को ही सही पाया गया। बाकी आवेदन अधूरे पाए गए। इस तरह से 3089 अभ्यर्थी टेस्ट नहीं दे पाएंगे।

ये थे विषय
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जेबीटी, भाषा, शास्त्री, पंजाबी, उर्दू, टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल और टीजीटी नॉन मेडिकल के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन 16 जुलाई से 10 अगस्त तक किए जा सकते ते।

रिज पर लगेगी अटल की प्रतिमा, मनाली में बनेगा स्मारक

शिमला।। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए प्रदेश कैबिनेट की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ रिज पर अटल जी प्रतिमा बनाने और मनाली में एक स्मारक बनाने का फैसला किया गया।

इसके साथ मुख्यमंत्री आदर्श केंद्र योजना का नाम अब अटल आदर्श विद्या केंद्र और मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना को अब अटल आशीर्वाद योजना करने का फैसला किया गया है।

Atal Bihari Vajpayee: A Life In Pictures

प्रदेश कैबिनेट में कोल डैम प्रॉजेक्ट का नाम भी भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर रखने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि रोहतांग टनल का नाम अटल जी के नाम पर रखने की सिफारिश केंद्र से की जाएगी।

बेटी का आरोप, ‘मां के प्रेमी ने की बलात्कार की कोशिश’

कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल में एक किशोरी ने आरोप लगाया है कि उसकी मां के कथित प्रेमी ने उसके साथ बलात्कार की कोशिश की है। पुलिस ने पॉक्सो ऐक्ट के तहत मामला दर्ज करके अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।

शाहपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक किशोरी का कहना है कि उसके पिता का निधन हो गया है और उसकी मां का गांव में दो साल से मजदूरी कर रहे व्यक्ति के साथ संबंध है, जो मूलत: पंजाब का रहने वाला है।

नाबालिग का आरोप है कि शुक्रवार देर रात वह व्यक्ति उस समय छेड़छाड़ करने लगा जब वह सो रही थी। इसके बाद उसने विरोध किया और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ देर रात ही शाहपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाने पहुंच गई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया है। आरोपी को अदालत ने 21 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

विक्रमादित्य सिंह को 50 हजार रुपये के मुचलके पर मिली जमानत

नई दिल्ली।। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और शिमला ग्रामीण विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक विक्रमादित्य सिंह को आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत दे दी है।

अदालत ने विक्रमादित्य को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।

क्या है मामला
साल 2015 में सीबीआई ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज किया था. उस समय शिमला और दिल्ली में 11 जगहों पर छापेमारी की गई थी।

पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। ईडी का आरोप है कि 2009 से 2011 के दौरान वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर अज्ञात स्रोतों से 6.1 करोड़ की संपत्ति अर्जित की थी।

ईडी ने साल 2015 सितंबर में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग ऐक्ट के तहत वीरभद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रिइसी केस के सिलसिले में ईडी वीरभद्र सिंह की 14 करोड़ की संपत्ति अपने नियंत्रण में ले चुका है।