प्रदेश डूबा है कर्ज में, ऊर्जा मंत्री ने सरकारी पैसे से खरीदी नई SUV

शिमला।। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए और वर्तमान ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने पहले से दो सरकारी गाड़ियां मिली होने के बावजूद एक नई एसयूवी खरीद ली गई है। और इसके लिए उस बिजली बोर्ड का सहारा लिया गया है जो घाटे में है।

जिस प्रदेश पर लगभग 5,00,00,00,00,000 रुपये का कर्ज हो, उस प्रदेश की सरकार पर जिम्मेदारी बनती है कि वह इस कर्ज को चुकाने के रास्ते तलाशे। चूंकि हिमाचल प्रदेश के पास आय के स्रोत कम हैं, ऐसे में कर्ज चुकाने में सरकार के उन विभागों की जिम्मेदारी ज्यादा बनती है, जो प्रदेश के लिए कमाई करते हैं। ऊर्जा मंत्रालय भी ऐसे ही मंत्रालयों में से एक है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में पन बिजली की अपार संभावनाए हैं। ऐसे में सरकार के ऊर्जा मंत्रालय पर जिम्मेदारी बनती है कि वह इस कर्ज को चुकाने में मदद करे। मगर लगता नहीं कि मंत्री इसे लेकर गंभीर हैं।

रास नहीं आई फॉर्च्यूनर
जीएडी की ओर से अनिल शर्मा को महंगी एसयूवी फॉर्च्यूनर मिली हुई थी मगर अब वह एंडेवर की सवारी करेंगे, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये है। चूंकि जीएडी पहले से ही गाड़ी मिली होने के कारण उन्हें नई गाड़ी नहीं मिल सकती थी, इसलिए इसकी काट निकालते हुए बिजली बोर्ड से यह गाड़ी खरीदवाई गई।

घाटे में है बिजली बोर्ड
राज्य का बिजली बोर्ड पहले से ही लगभग दो हजार करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है और हर साल यह घाटा करोड़ों में बढ़ रहा है। इसलिए क्योंकि बोर्ड के पास कमाई के साधन कम हैं। सरकार ने इसी कारण इस बार बजट में बोर्ड को आर्थिक मदद दी थी मगर इस बोर्ड ने आखिर क्यों महंगी गाड़ी खरीदकर मंत्री को सौंप दी?

मंत्री को पहले ही जीएडी से फॉर्च्यूनर मिली हुई है।

करोड़पति हैं अनिल शर्मा
अनिल शर्मा ने 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग को अपनी चल-अचल संपत्ति का जो ब्योरा दिया था, उसके मुताबिक उस समय उनके बैंक खातों में 2 करोड़ 50 लाख 76 हजार रुपये थे और इससे पिछले वित्त वर्ष (2016-2017) में उन्होंने अपनी सालाना आय 68 लाख रुपये दिखाई थी। पत्नी के नाम पर 74 लाख रुपये जमा थे। अचल संपत्ति की बात करें तो अनिल शर्मा के पास उस समय 16 करोड़ 30 लाख रुपये और उनकी पत्नी के पास 20 करोड़ 70 लाख रुपये की संपत्ति थी। पति-पत्नी की कुल चल-अचल संपत्ति 40 करोड़ रुपये है।

उनकी संपत्ति का ब्योरा इसलिए दिया गया है ताकि यह बताया जा सके कि हमारे राजनेता अगर संपन्न हैं और वे वाकई जनसेवा के मकसद से आए हैं तो उन्हें सरकारी पैसे का खर्च घटाकर मिसाल पेश करनी चाहिए। अगर उन्हें एसयूवी की इतनी ही जरूरत थी  तो फॉर्च्यूनर तो थी ही। और अगर इससे दिक्कत थी, असुविधा हो रही थी तो और नई गाड़ी शौक था तो उन्हें जनता के पैसे से गाड़ी खरीदवाने के बजाय अपने पैसों से गाड़ी खरीदनी चाहिए थी।

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बता दें कि सरकार के और मंत्री भी हैं जो सड़कों की खराब हालत का हवाला देकर नई एसयूवी की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रश्न उठता है कि जब आपको सड़कों से दिक्कत है तो गाड़ी खरीदनी चाहिए या सड़कों की हालत सुधारनी चाहिए? आप जिस जनता की सेवा के लिए चुने गए हैं, उसे तो एसयूवी नहीं मिलेगी। लेकिन आपको एसयूवी चाहिए और वह भी जनता के पैसे से। यह शर्मनाक नही तो और क्या है?

सोशल मीडिया में फिर चर्चा में आए प्रधान सचिव श्रीकांत बाल्दी

शिमला।। अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्रीकांत बाल्दी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर से मुलाकात की एक तस्वीर शेयर हो रही है जिसमें श्रीकांत बाल्दी भी एक तरफ बैठे नजर आ रहे हैं।

इस तस्वीर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जहां जिस कक्ष में हिमाचल के सीएम और केंद्रीय मंत्री जूते उतारकर बैठे हुए हैं, वहां श्रीकांत बाल्दी जूतों समेत बैठे हुए हैं। देखने में यह मामूली बात लग सकती है लेकिन इसी तरह की बातों के लिए बाल्दी पहले भी चर्चा में रह चुके हैं।

दो महीने पहले शिमला में एक कार्यक्रम की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर शेयह हो रही थी। उसमें कार्यक्रम की शुरुआत में जब मुख्यमंत्री का सम्मान किया जा रहा था, मंच पर मौजूद सभी व्यक्ति शिष्टाचार में अपनी सीट पर खड़े थे मगर श्रीकांत बाल्दी बैठकर इधर-उधर देख रहे थे।

उस समय कार्यक्रम में हिस्सा आए लोगों की नजरों से भी यह घटना बची न रह सकी और कैमरे ने भी इसे कैद कर लिया था। कार्यक्रम में आए लोग इस बात की चर्चा करते रहे थे कि कुछ अन्य मौकों पर भी कथित तौर पर बाल्दी का रवैया इसी तरह का गर्वीला देखने को मिला है। प्रशानिक अधिकारी भी कानाफूसी करते नजर आए थे।

इसके बाद अब शेयर की जा रही तस्वीर को इसी कड़ी में जोड़ा जा रहा है। गौरतलब है कि सात साल से बाल्दी वित्त विभाग संभाल रहे थे और जयराम सरकार ने जब बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया था, तब वह उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव तैनात किया गया था। तभी से प्रशासनिक अमले में भी बाल्दी के बदले हुए तेवर चर्चा में हैं।

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धमाल मचा रहा हिमाचली बेटियों का पंजाबी गानों पर डांस

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इन हिमाचल डेस्क।। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें कुछ लड़कियां पंजाबी गानों पर गिद्दा डाल रही हैं। यह GMMS सरकाघाट के पेज पर डाला गया है। यह किसी स्पोर्ट्स टूर्नमेंट का वीडियो लग रहा है जिसमें ये बेटियां परफॉर्म कर रही हैं। इस वीडियो में अन्य छात्र भी नजर आ रहे हैं।

बहरहाल, आप नीचे देखें वीडियो और बताएं कि कैसा लगा।

HRTC ड्राइवर को सीट से खींचने के आरोपी लुधियाना से गिरफ्तार

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, ऊना ।। रविवार को एचआरटीसी के देहरा डिपो की बस जिस समय होशियारपुर जा रही थी, उस दौरान ऊना के भरवाईं में आर्यन पब्लिक स्कूल पास के बस ड्राइवर की एक टेंपो ड्राइवर से पास को लेकर बहस हो गई थी। इस दौरान अपनी सीट पर बैठे ड्राइवर को टेंपो ड्राइवर और उसके बेटे ने बाहर खींच लिया था। इससे सवारियों से भरी बस गहरी खाई में जा गिरी थी जिससे 2 लोगों की मौत हो गई थी और 45 घायल हो गए थे।

इस मामले में दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान पंजाब के लुझियाना शहर के जमालपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले रामनगर की गली नंबर 11 में रहने वाले मंजीत कुमार (47) और उनके बेटे शिव कुमार (19) के तौर पर हुई है। घटना के बाद ये ड्राइवर अपने बेटे के साथ अपने परिवार के सदस्यों को छोड़कर घटनास्थल से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की पत्नी और बच्चों को पुलिस स्टेशन में रखा था।

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पुलिस टीम लुधियाना चली गई थी और आरोपी की पत्नी की निशानदेही पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी से पूछताछ की जाएगी कि आखिर उसने क्यों ड्राइवर को बस से बाहर खींचा। इनके खिलाफ धारा 336ए 337ए 304ए 34 और मोटर वीइकल ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

(इस खबर को सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित किया गया है)

इलाज के बहाने तथाकथित बाबा ने बच्ची के साथ की छेड़छाड़

ऊना।। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक तथाकथित साधु बाबा पर 15 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा है। मंडी जिले के रहने वाले एक परिवार ने पुलिस को बताया कि उनकी 15 साल की बेटी किसी बीमारी से जूझ रही है और वह उसके इलाज के लिए एक बाबा के पास ऊना लेकर गए।

इस परिवार का कहना है कि किसी के कहने पर वे अपनी बेटी को ऊना के मैड़ी में एक तथाकथित साधु बाबा के पास लाए थे। बाबा झाड़-फूंक के जरिए इलाज करने लगा।

परिवार ने शिकायत दी है कि पहले उन्हें लगा कि बाबा उनकी बेटी को ठीक कर देगा मगर बाद में वह उसके साथ गलत हरकतें करने लगा। पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और अभी बाबा को भी ढूंढा जा रहा है जो फरार हो गया है।

अंधविश्वास
हिमाचल प्रदेश में अंधविश्वास का बोल बाला है। अगर किसी व्यक्ति या बच्चों को डिप्रेशन या अन्य किसी कारण से कोई मानसिक समस्या आती है तो वे उसे ओपरा या भूत-प्रेत का प्रभाव मानकर ओझाओं और चेलों के पास झाड़-फूंक कराने लगते हैं जिससे मरीज के मन पर और गलत प्रभाव पड़ता है।

जबकि सही समय पर इलाज और काउंसलिंग मिले तो ऐसी समस्याओं का इलाज तुरंत संभव हो जाता है। मगर इस विषय पर सरकार की ओर से कोई जागरूकता अभियान न चलाए जाने के कारण अभी भी लोग ओझाओं का सहारा लेते हैं।

 

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जयराम ने दिखाया ‘न्यू इंडिया’

नई दिल्ली।। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में हिमाचल प्रदेश को तवज्जो मिली है। कार्यकारिणी के मंच पर हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

राजनाथ सिंह ने कार्यकारिणी में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर एक प्रस्ताव रखा जिसमें न्यू इंडिया और मोदी सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र था।

जयराम ठाकुर ने प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए केंद्र की उपलब्धियों के बारे में बताया और न्यू इंडिया के कॉन्सेप्ट पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि 2022 तक कैसे नए भारत का निर्माण होगा।

इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री भी मौजूद थे।

मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए OLS प्रक्रिया शुरू, अन्य हवाई अड्डे भी बनेंगे बेहतर

नई दिल्ली।।  देश की राजधानी नई दिल्ली के दौरे पर गए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से मुलाकात की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जाने का ऐलान किया गया है।

हिमाचल के सीएम और केंद्रीय उड्डयन मंत्री के बीच हिमाचल प्रदेश के मौजूदा एयरपोर्टों को बेहतर बनाने और हेलिकॉप्टर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की चर्चा हुई। इस दौरान मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर भी बात हुई।

इस चर्चा से जो बातें निकलकर आई हैं, वे इस तरह से हैं-

  • केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने हिमाचल के हवाई अड्डों को बेहतर बनाने के लिए टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया
  • हर हफ्ते इस टास्क फोर्स के काम की समीक्षा होगी और खुद केंद्रीय उड्डयन मंत्री इसकी समीक्षा करेंगे।
  • मंडी एयरपोर्ट को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है,  OLS सर्वे के लिए केंद्रीय मंत्री ने हरी झंडी दी।
  • OLS यानी ऑब्स्ट्रैक्शन लिमिटेशन सर्वे हवाई अड्डा बनाने की प्रक्रिया में सबसे अहम सर्वे होता है।
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पहाड़ी इलाकों में एयरपोर्ट बनाने से पहले कई तरह की बातों का ध्यान रखना पड़ता है ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • केंद्रीय मंत्री ने पवनहंस को हिमाचल प्रदेश में तय सीमा के अंदर सेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
  • मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि ‘उड़ान टू’ चरण होने से पहले ही हिमाचल हे हवाई अड्डों से हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो।
  • मुख्यमंत्री ने मांग की थी- चंडीगढ़-शिमला, शिमला-धर्मशाला और शिमला-कुल्लू के बीच हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो।
  • केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को इन रूटों पर हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की योजना बनाने के निर्देश दिए।

आसानी से समझें, डॉलर के आगे क्यों कमजोर हो रहा है रुपया

आशीष नड्डा।। ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में दुनिया की कोई भी अर्थव्यवयस्था अपने आप को किसी देश की सीमाओं तक सीमित नहीं कर सकती। राष्ट्रों के मध्य जैसे-जैसे परस्पर व्यापार बढ़ा है वैसे-वैसे एक देश की करंसी का प्रभाव दूसरे देश की करंसी की वैल्यू पर भी पड़ा है।

आजकल सुर्खियां यही चली हैं कि अमेरिकन डालर के आगे रुपया इतिहास के निम्नतम स्तर पर चला गया है और दिन प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहा है।

ऐसा होने का कोई एक कारण नहीं है बल्कि बहुत सारे कारण हैं। उनके बारे में चर्चा करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर दुनिया के इतने देश हैं, फिर सबकी करंसी की तुलना अमेरिकन डॉलर से ही क्यों होती है?

डॉलर से तुलना क्यों
वर्ल्ड वॉर 1 तक यूरोपियन देशों की करंसी भी खासी वैल्यू रखती थी परन्तु इस युद्ध के बाद यूरोप में दहशत का माहौल बना रहा। यूरोप में कारोबार करने वाले बहुत से इन्वेस्टर और व्यापारी अमरीका की ओर रुख कर लिया क्योंकि यूरोप के मुकाबले अमरीका में स्थिति बेहतर थी और राजनीतिक असंतुलन भी नहीं था। अमरीका ने भी मौके को भुनाया और इन्वेस्टर्स को अपने यहाँ आकर्षित करने के लिए बहुत सारे लाभ ऑफर किए।

वर्ल्ड वॉर 2 ने यूरोप की स्थिति और खस्ता की। नतीजा यह हुआ बहुत से बैंक अपना गोल्ड रिजर्व लेकर अमेरिका चले गए। यह रिजर्व इतना था कि दुनिया का 70% गोल्ड रिजर्व अमरीका के पास चला गया। 1940 से 1960 तक अमरीका के पास लगभग 20 हजार टन गोल्ड रिजर्व था।

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इसका मतलब यह हुआ की अमरीकी डॉलर वो करंसी बन गया जिसके पीछे गोल्ड की ताकत थी। 1944 में ‘ब्रेटन वुड्स अग्रीमेंट’ हुआ जिसमें विभिन्न देशों ने हिस्सा लिया। अमेरिका 44 देशों को अपने पाले में यह कहकर लाने में कामयाब रहा कि अमरीकी डॉलर को गोल्ड में बदला या आंका जा सकता है क्योंक उसके पास दुनिया का 70 % सोना है।

अमेरिका की बात उस समय उन देशों को इसलिए तार्किक लगी क्योंकि उसके पास गोल्ड का बड़ा जखीरा रखता था। वह सैन्य रूप में भी सबसे मजबूत था और हर देश में उसके समर्थक लॉबिस्ट मौजूद थे। इसलिए दुनिया के अधिकाँश देशों ने अमरीकन डॉलर को ही वैश्विक करंसी मानने और बनाने में हामी भरी। हालाँकि ब्रिटेन ने इसका विरोध भी किया परन्तु आंकड़ों और तत्कालीन स्थिति के आगे यह विरोध टिक नहीं पाया।

इसी आधार पर फिर इंटरनैशनल मॉनीटेरी फंड (IMF) की स्थापना हुई और बाद में वर्ल्ड बैंक का जन्म हुआ। इस तरह दुनिया के देशों ने आपस में व्यापार के लिए वैश्विक मुद्रा बन चुके अमेरिकन डॉलर का इस्तेमाल करना शुरू किया जो अब तक जारी है।

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रुपया क्यों कमजोर हुआ?
वर्तमान दौर की बात करें तो जनवरी से अगस्त तक रुपये की वैल्यू डॉलर के मुकाबले 8% रेट से कम हो रही है। ब्रिक्स देशों में रशियन मुद्रा रूबल के बाद रुपया वो करंसी है जिसकी वैल्यू डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा गिर रही है। अभी यह 70 रुपए के आसपास है। यह स्थिति कारणों से बनी है इस पर बात करते हैं-

1. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
भारत अपने प्रयोग का मात्र 20% तेल की खुद उत्पादित कर पाता है और बाकी उसे खाड़ी देशों से आयात करना पड़ता है। यह लेन-देन यूएस डॉलर्स में होता है। बीते महीनों में क्रूड ऑइल की कीमतों में वृद्धि हुई है जबकि पिछले साल की अपेक्षा भारत में क्रूड आइल की डिमांड में डबल बढ़ोतरी हुई है।

तो एक तो डिमांड बढ़ गई है दूसरा कीमत भी बढ़ गई है। तो लेनदेन में ज्यादा डॉलर भारत के खर्च हो रहे हैं। इकनॉमिक सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अगर क्रूड ऑइल की कीमत 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है तो भारत का जीडीपी रेट 0.2 से 0.3 प्रतिशत गिर जाता है। ज्यादा आयात मतलब भारतीय बाजार से डॉलर की ज्यादा जरूरत। इसका रुपये की कीमत पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

2. डोनाल्ड ट्रम्प का चीन-यूरोप से ट्रेड वॉर
अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन और यूरोप के साथ ट्रेड वॉर शुरू किया है, जिस कारण उनकी मुद्रा भी डॉलर मुकाबले प्रभावित हो रही है। इसका अप्रत्यक्ष नुकसान भारत को भी उठाना पड़ रहा है क्योंकि इन देशों का भारत के साथ भी व्यापार है। भारत भारी मात्रा में चीन और यूरोप से इम्पोर्ट करता है। ये सारा इम्पोर्ट डॉलर में होता है। अब अपनी मुद्रा को डॉलर के मुकाबले स्थिर रखने के लिए चीन और यूरोपीय देशों ने अपने यहां से एक्सपोर्ट होने वाली वस्तुओं के रेट बढ़ा दिए हैं। तो मतलब भारत को अब यहां भी इम्पोर्ट करने में ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं।

3. आयात और निर्यात में भारी गैप
भारत इम्पोर्ट ज्यादा करता है और एक्सपोर्ट कम। ऐसे में डॉलर देने ज्यादा पड़ते हैं आते कम हैं। इसका भी रुपये पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।

4. निवेशकों का देश से कूच करना
जब कोई निवेशक किसी दूसरे देश में अच्छी सम्भावना देखते हैं तो जिस देश में उन्होंने इन्वेस्टमेंट की होती है उसमें से अपना हिस्सा बेचकर अच्छी सम्भावना वाले देश की तरफ कूच करते हैं। पर हिस्सेदारी जब बेची जाती है तो डॉलर में बेची जाती है। इस कारण डॉलर की डिमांड बढ़ती है और उसकी वैल्यू भी बढ़ जाती है। भारत की बात करें तो पिछले 6 महीनों में फॉरन इन्वेस्टर्स अपनी लगभग 48,000 करोड़ की इन्वेस्टमेंट भारतीय बाज़ार से निकाल चुके हैं।

5. राजनीतिक अनिश्चितता
भारत में यह देखा जाता है की सरकारें सत्ता बदलने पर पिछली सरकार की पॉलिसी में कई तरह के परिवर्तन कर देती हैं। देश में अभी आने वाले वर्ष में चुनाव है, इसलिए फॉरेन निवेशक अभी इन्वेस्टमेंट करने डर रहे हैं कि कहीं हम वर्तमान सरकार की पॉलिसी के आधार पर इन्वेस्टमेंट कर दे तो ऐसा न हो की अगली बार किसी और पार्टी की सरकार आए तो वो पॉलिसी में चेंज करदे और हमारा पैसा फंस जाए। या न भी फंसे तो भी निवेशक अभी से अपने नफा-नुकसान का आकलन नहीं कर पा रहे। जब फॉरन इन्वेस्टमेंट नहीं आ रहा तो डॉलर कहाँ से आएगा? डॉलर जब भण्डार में आ नहीं रहा और सिर्फ जा रहा है तो रुपया तो कमजोर होगा ही।

(लेखक परिचय: डॉ. आशीष नड्डा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले हैं, वर्तमान में वर्ल्ड बैंक में सोलर एनर्जी कंसल्टेंट हैं।)

जानें, छत पर सोलर प्लांट लगाकर कैसे और कितनी बिजली बेच पाएंगे आप

सिरमौर में दलित अधिकार कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या

नाहन।। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई में बकरास के एक दलित अधिकार कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है। अधिवक्ता केदार सिंह जिन्दान का शव मिला था और कुछ दूर एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी थी। शुरू में पता नहीं चल पा रहा था कि हत्या हुई है या हादसा मगर अब पुलिस ने इसे शुरुआती जांच के बाद हत्या का मामला माना है।

शुक्रवार सुबह हुई इस घटना को लेकर पुलिस ने गाड़ी के मालिक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। गाड़ी के मालिक बकरास पंचायत के उप प्रधान हैं और उनके साथ गोपाल सिंह को भी डीटेन किया गया है।

पुलिस हत्या के कारण जानने के लिए पूछताछ कर रही है। ऐसी जानकारी भी सामने आई है कि गाड़ी से कुचलने से पहले उनकी लाठियों से पिटाई भी की गई थी।

केदार सिंह जिन्दान शिमला में वकालत करते थे और दलितों के शोषण और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों को लेकर आवाज उठाथे थे। उनके साथ पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी थी।

इससे पहले इस खबर को लेकर जो जानकारी आई थी, उसे नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं

सिरमौर में रहस्यमय हालात में मृत मिले दलित अधिकार कार्यकर्ता

नीरज भारती से शिमला में महिला थाने में 2 घंटे तक पूछताछ

एमबीएम न्यूज नेटवर्क, शिमला।। सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और ज्वाली से कांग्रेस के विधायक रहे नीरज भारती से आज शिमला पुलिस ने दो घंटों तक पूछताछ की।

नीरज भारती से महिला पुलिस स्टेशन में डीएसपी रैंक के एक अधिकारी ने पूछताछ की। दरअसल नीरज भारती के खिलाफ राजधानी के ढली थाने में मामला दर्ज है।

पिछले दिनों भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा नेत्री ने शिमला के एसपी के पास पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा था।

इसके बाद ढली पुलिस थाने में नीरज भारती के खिलाफ धारा 67 और 354 डी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद मामले की जांच में जुटी ढली पुलिस ने नीरज भारत को आज सात सितंबर को सुबह 10 बजे पूछताछ के लिए थाने में तलब किया था।

इस बीच महिला थाना पुलिस ने नीरज भारती को आज दोपहर में जब बीसीएस चौक पर रोका तो खूब हंगामा हुआ। नीरज भारती ने फेसबुक लाईव होते हुए कहा कि वह ढली पुलिस के बुलाने पर वहां जा रहे हैं, लेकिन एक महिला कांस्टेबल ने उसे बिना किसी कारण के बीसीएस में रोक लिया है और वह उसके साथ अपराधियों जैसा बर्ताब कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम पर शिमला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नीरज भारती को आज सुबह 10 बजे ढली थाने में पेश होने के लिए कहा गया था। लेकिन वह कई घंटे बाद भी जब ढली थाने नहीं पहुंचे, तो पुलिस को निर्देश दिए गए थे कि जहां भी वे नजर आएं, उन्हें पूछताछ के लिए डिटेन किया जाए।

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अधिकारी के अनुसार पूछताछ के बाद नीरज भारती को छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि नीरज भारती के खिलाफ दर्ज मामले की जांच की जा रही है।

(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)