FCI में शांता कुमार कमेटी की सिफारिशों को 10 दिन के भीतर लागू करे सरकार : सुप्रीम कोर्ट
बीजेपी के दिग्गज नेता गुलाब सिंह के बेटे सुमेंदर की करारी हार
इस बार जिला परिषद चुनाव में सबकी नजरें जोगिंदर नगर की तरफ लगी हुई थीं, जहां पर एक दिग्गज नेता का बेटा अपना राजनीतिक भविष्य आज़मा रहा था। बात हो रही है बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर के बेटे सुमेंदर ठाकुर की। सुमेंदर को जिला परिषद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। जोगिंदर नगर में नेर-घरवासड़ा सीट पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के तौर पर उतरे सुमेंदर ठाकुर को कांग्रेस समर्थित जीवन ठाकुर ने 98 वोटों से शिकस्त दी है।
गौरतलब है कि सुमेंदर ठाकुर व ठाकुर गुलाब सिंह ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। बुजुर्ग हो चले गुलाब सिंह अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे को सौंपना चाहते हैं, जिसके लिए यह एक तरह का टेस्ट था। मगर इस इम्तिहान में सोमेंदर फेल साबित हुए। इस बार जोगिंदर नगर में ज्यादातर पंचायतों में भी गुलाब सिंह समर्थित उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। मगर किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि उनके बेटे को भी हार का मुंह देखना पड़ेगा।
वहीं काग्रेस के ब्लॉक प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभालने वाले जीवन ठाकुर ने जीत हासिल की है। बेशक लोगों के बीच उनकी पहचान और लोकप्रियता उतनी नहीं थी, मगर फिर भी उनका इतने बड़े मार्जन से जीतना दिखाता है कि लोगों ने सुमेंदर ठाकुर व गुलाब सिंह को खारिज किया है। सोमेंदर की हार में एक बड़ा फैक्टर राकेश जमवाल भी है। गुलाब सिंह के करीबी रहे राकेश खुद यह चुनाव लड़ना चाहते थे, मगर आखिरी वक्त में उन्हें पीछे हटना पड़ा था। उनकी नाराजगी भी सुमेंदर को भारी पड़ी।
राजनीति के जानकार इसे जोगिंदर नगर में मझारनू युग के अंत के तौर पर देख रहे हैं। गौरतलब है कि मझारूने ठाकुर गुलाब सिंह के गांव का नाम है। दिलचस्प बात यह है कि उनके भतीजे सुरेंदर ठाकुर कांग्रेस नेता हैं और एक बार उन्हें हरा चुके हैं। चर्चा है कि अब लोग इस परिवार के अलावा कोई और नेतृत्व चाहते हैं।
धर्मशाला मैच को लेकर जी.एस. बाली का बीजेपी और अनुराग पर निशाना
शिमला।।
हिमाचल प्रदेश के परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री व कांग्रेस के तेज-तर्रार नेता जी.एस. बाली ने धर्मशाला में क्रिकेट मैच तो लेकर बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया है कि जिस वक्त पाकिस्तान समर्थित आतंकी भारत को निशाना बना रहे हैं और पाकिस्तान चुप्पी साधे बैठा है, वैसे में पाकिस्तान के साथ व्यवसायिक क्रिकेट मैच करवाना कहां तक सही है।
उन्होंने लिखा है कि सोमवार को वह शाहपुर गए थे, जहां पर उन्होंने पठानकोट हमले में शहीद हुए जवान संजीवन कुमार को श्रद्धांजलि दी थी। इसी दौरान उन्होंने देखा कि लोगों में इस मैच को लेकर बेहद गुस्सा था। उनकी फेसबुक पोस्ट में दो लिखा है, वह नीचे दिया जा रहा है-
जनहित के मुद्दों के अलावा मैं कभी इधर-उधर के मुद्दों को हाथ तक नहीं लगाता, मगर मुझे लगता है कि एक अलग मगर अहम विषय पर बा…
Posted by G.S. Bali on Monday, January 4, 2016
‘जनहित के मुद्दों के अलावा मैं कभी इधर-उधर के मुद्दों को हाथ तक नहीं लगाता, मगर मुझे लगता है कि एक अलग मगर अहम विषय पर बात करना जरूरी है। यह विषय भी कहीं न कहीं हम सबकी भावनाओं से जुड़ा हुआ है। आज मैं पठानकोट में शहीद हुए प्रदेश के जवान संजीवन कुमार को श्रद्धांजलि देने उनके गांव शाहपुर गया था। इस दौरान एक बात सुनी, जो हर किसी की जुबान पर छाई हुई थी। लोगों में इस बात को लेकर बहुत गुस्सा था कि एक तरफ तो पाकिस्तान की शह पाए आतंकवादी लगातार हमले कर रहे हैं, मगर दूसरी तरफ धर्मशाला में ही पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के लिए जमीन-आसमान एक किया जा रहा है।
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| श्रद्धांजलि देेते जी.एस. बाली (साभार: अमर उजाला) |
मैं खेल को अन्य मसलों में अलग मानता हूं, मगर एक सवाल बेहद वाजिब है। वह यह कि जिस जगह पर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच चल रहा होगा, उसके नजदीक ही रहने वाले उन परिवारों पर क्या गुजरेगी, जिनके अपने पाक समर्थित आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हैं। कोई अपना गम और दिल में उठती टीस इस उम्मीद में भुला सकता है कि चलो, कुछ तो बेहतर होगा। मगर यह सद्भावना मैच नहीं, पूरी तरह से व्यावसायिक मैच है। वह भी उन हालात में, जब पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। कुछ मौकों पर तो वह खेल भावनाओं की दुहाई देता है, मगर अन्य मौकों पर इंसानियत को तार-तार कर देता है।
भारतीय जनता पार्टी और बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या शहीदों के परिवारों और देशवासियों की भावनाओं को कुचलते हुए यह व्यावसायिक क्रिकेट मैच करवाना जरूरी है? यह सवाल हर किसी के जहन में कौंध रहा है।’
लेख: धर्मशाला में पाकिस्तान के साथ मैच का विरोध होना चाहिए
(लेखक आयरलैंड में रहते हैं और ‘इन हिमाचल’ के नियमित स्तंभकार हैं। उनसे kalamkasipahi@gmail.com से संपर्क किया जा सकता है।)
सिर्फ पंचायत चुनावों में ही क्यों दिखती है स्वयंभू समाजसेवकों की फ़ौज : आशीष नड्डा
- आशीष नड्डा
| 15 वर्ष पहले तैयार किया गया महिला मंडल का भवन ( जिसका लेखक ने ज़िक्र किया है) |
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| आशीष नड्डा
लेखक आई आई टी दिल्ली में रिसर्च स्कॉलर हैं और प्रादेशिक मुद्दों पर लिखते रहते हैं इनसे aashishnadda@gmail.com पर संपर्क साधा जा सकता है।
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प्रदेश के पर्यटन स्थलों में चलेंगी बाइक टैक्सी : बेरोजगार युवकों को मिलंगे लाइसेंस
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| थाईलैंड में बाइक टैक्सी पर सवार महिला |
सामने जल रहे थे कार्यकर्ता : मंच से नेता करते रहे नारेबाजी
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| आग की चपेट में कांग्रेस कार्यकर्त्ता |
क्या कौशल विकास निगम के लिए विक्रमादित्य सिंह से अच्छा विकल्प नहीं मिला?
- आई.एस. ठाकुर।।
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| पिता वीरभद्र को मिठाई खिलाते विक्रमादित्य (Outlook.com) |
(लेखक आयरलैंड में रहते हैं और ‘इन हिमाचल’ के नियमित स्तंभकार हैं। उनसे kalamkasipahi@gmail.com से संपर्क किया जा सकता है।)
‘राम के स्वरूप’ या खुद ‘राम’, कौन संभालेगा बीजेपी की कमान?
हिमाचल की बेटी के मॉडल से प्रभावित हुए डॉ. हर्षवर्धन, कहा- पेटेंट किया जा सकता है
शिमला।।
इन हिमाचल में छपे एक आर्टिकल में बताया गया था कि किस तरह से दिल्ली में हुए पहले इंडिया इंटरनैशनल साइंस फेस्टिवल में प्रदेश के बच्चों ने शानदार मॉडल बनाए थे। इन्हीं में से एक था काईस स्कूल में पढ़ रही बच्ची विदुषी शर्मा का चूल्हा। इस चूल्हे के मॉडल को देखकर केंद्रीय साइंस ऐंड टेक्नॉलजी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।
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| साभार: Jagran |
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यह चूल्हा ग्रामीण भारत के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। उन्होंने अध्यापक पंकज वर्मा को दिल्ली स्थित सेंटर फॉर रूरल डिवेलपमेंट ऐंड टेक्नॉलजी के प्रमुख प्रफेसर डॉक्टर वीरेंद्र कुमार और विजय के साथ इस मॉडल पर काम करने की सलाह दी। विदुषी के मॉडल को देखकर डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि इसे तो पेटेंट करवाया जा सकता है।
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| चूल्हे के मॉडल के साथ विदुषी |
इस खास चूल्हे में सबसे पहले नीचे वह हिस्सा है, जहां लकड़ी जलाई जाएगी। पूरी तरह से इंसूलेट किए इस चूल्हे के अंदर तांबे के पाइप हैं, जिनसे पानी गरम हो सकता है। उसके ऊपर कुछ चीज़ों का मिश्रण है, जो प्रदूषण कम करता है। उसके ऊपर वह हिस्सा है, जहां आप खाना बना सकते हैं।
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