मंडी।। हिमचाल प्रदेश के मंडी जिले से सुंदरनगर में कथित तौर पर बच्ची के छात्रा के बाल उखाड़ने वाली अध्यापिका का तबादला कर दिया गया है। इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज हो गई है और विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सुंदरनगर-प्रथम को कहा है कि एक हफ्ते के अंदर मामले की रिपोर्ट दी जाए।
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दरअसल शुक्रवार को सुंदरनगर के एक प्राइमरी स्कूल में कथित तौर पर एक जेबीटी टीचर ने तीसरी कक्षा की बच्ची की पिटाई करने के इरादे से बालों से पकड़कर घुमाया और इस दौरान बालों का एक गुच्छा उसके हाथ आ गया। बताया जा रहा है कि बच्ची गणित के एक सवाल को हल नहीं कर पाई थी।
बच्ची की मां ने इस संबंध पुलिस में शिकायत की जिसके बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। बच्ची का मेडिकल भी करवाया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ज्यादा जानकारी सामने आ पाएगी। इस बीच ऐसी भी खबरें हैं कि लोग अध्यापिका और पीड़ित बच्ची के परिजनों के बीच समझौता करवाने की कोशिश कर रहे हैं और बच्ची के परिजनों का कहना है कि उनपर दबाव भी बनाया जा रहा है।
मीडिया में ऐसी खबरें भी सामने आई थीं जिनमें अध्यापिका ने कहा था कि बच्ची के बाल पहले से ही उखड़ रहे थे और बच्चों के साथ थोड़ी सख़्ती करनी ही पड़ती है।
मंडी।। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की थरजून पंचायत की प्रधान जबना चौहान स्वच्छता, नशाबंदी और अन्य मामलों में जागरूकता लाने को लेकर काफी नाम कमा चुकी हैं। मगर हाल में मुख्यमंत्री के मंडी दौरे के दौरान उन्होंने अपनी हाजिरजवाबी से सांसद रामस्वरूप शर्मा को असहज कर दिया।
जबना चौहान ने जनसभा में मंच से ही सांसद को घेर लिया और तंज कसते हुए उन्हें उनका पुराना वादा याद दिलाया। जबना ने कहा, “आपने पंचायत को दो लाख रुपये देने का ऐलान किया था। यह बता दें कि इसे कब पूरा करने जा रहे हैं।”
मंच पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ सांसद राम स्वरूप शर्मा भी मौजूद थे। सांसद थोड़े असहज हो गए और बैठे हुए ही जवाब देने लगे।
जबना चौहान कई बार सम्मानित हो चुकी हैं (Image: YourStory)
जबना ने भाषण जारी रखा और कहा, “पिछली घोषणा तो पूरी नहीं हुई मगर उम्मीद है कि माननीय सांसद इस बार दोगुनी राशि देने का ऐलान करेंगे।”
प्रधान के इस करारे तंज पर पूरी जनसभा में ठहाके भी लगे। बाद में सांसद ने माइक संभाला और कहा कि वह दो के बजाय तीन लाख रुपये देंगे और पंचायत प्रधान कल ही मंडी आकर यह रकम ले जा सकती हैं।
कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वाली में पौंग डैम बर्ड सेंक्चुअरी में महिला वन कर्मियों पर हमले के मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि घुमंतू गुज्जरों ने वनकर्मी अनीता और नेहा पर कथित तौर पर हमला कर दिया था।
इस घटना के बाद से विभाग पर इस बात को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं कि वन्यप्राणी विंग ने अपने स्तर पर शिकाय दर्ज नहीं करवाई है। हमले में घायल हुईं महिला वनरक्षकों से ही मामला दर्ज करवाया गया है। गौरतलब है कि ऑन ड्यूटी अगर किसी सरकारी कर्मचारी के साथ कोई समस्या आती है तो इसमें अक्सर संबंधित विभाग की ओर से मामला दर्ज होता है।
ऐसी भी खबरें हैं कि पुलिस इस मामले में शुरू में कोताही बरत रही थी। इस संबंध में कांगड़ा के एसपी संतोष पटियाल ने कहा है कि वन कर्मियों पर हमले के आरोप में 8 संदिग्धों को पकड़ लिया गया है जबकि तीन की तलाश की जा रही है।
क्या है मामला पौंग झील वेटलैंड में पशु चरा रहे गुज्जरों को महिला फोरेस्ट गार्ड ने रोका था। महिला वन कर्मी ने हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर पशु चराने के लिए मना किया और पहचान पत्र भी मांगे थे। आरोप है कि इसके बाद गुज्जर समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया था, जिसमें फोरेस्टगार्ड नेहा को ज्यादा चोटें आई थीं। वनरक्षक नीतू पर कथित तौर पर गुज्जर समुदाय की महिलाओं ने लातों से हमला किया था और पास के गांव के लोगों ने उसे बचाया था।
दरअसल पौंग झील वेटलैंड और बर्ड सेंक्चुअरी में पंजाब और जम्मू-कश्मीर से घुमंतू गुज्जर समुदाय के लोग पशु चराने आते हैं। मगर इस क्षेत्र में पशु चराना वर्जित है क्योंकि यह प्रवासी पक्षियों के लिए अभयारण्य घोषित है।
कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ाजिले के नगरोटा बगवां में शुक्रवार को कुछ लोगों ने तीन मुस्लिम युवकों की पिटाई कर दी। आरोप है कि इन युवकों ने कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की थी। इसे लेकर पुलिस ने लड़की की तरफ से आई शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला भी दर्ज किया है। मगर सवाल उठता है कि पुलिस द्वारा आरोपियों को हिरासत में लेने से पहले ही हिंदुत्ववादी संगठनों के कार्यकर्ता आगे कैसे पहुंच गए और उन्होंने युवकों की कैसे पिटाई कर दी?
खबरों के मुताबिक स्थानीय युवकों ने विश्व हिंदू परिषद के जिला संगठन मंत्री साहिल आहलूवालिया के नेतृत्व में बाजार में जुलूस भी निकाला। ध्यान देने की बात है कि स्थानीय खबरें देने का दावा करने वाले एक फेसबुक पेज “NAZAR Newstv – नगरोटा बगवां/पालमपुर” ने मुस्लिम युवकों की पिटाई की घटना की जानकारी देते हुए जो तस्वीरें पोस्ट की हैं, उनमें सबसे आगे जो शख्स चलता हुआ नजर आ रहा है, उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
Image: NAZAR Newstv – नगरोटा बगवां/पालमपुर
ध्यान देने की बात यह है कि नगरोटा बगवां से ही संबंध रखने वाला यह शख्स फेसबुक पर खुद को बजरंग दल का पदाधिकारी बताता है। यही नहीं, वह मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ पोस्टें भी डालता रहता है। नगरोटा में कल यानी 18 मई को हुई घटना से ठीक 6 दिन पहले यानी 12 मई को उसने नगरोटा में रहने वाले प्रवासी मुसलमानों के प्रति एक पोस्ट भी डाली थी।
मगर सवाल उठता था कि अगर ऐसा कोई आतंकवादी था तो पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई?
इस पोस्ट के छह दिन बाद नगरोटा में ही कथित रूप से छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले मुस्लिमों की पिटाई में भी यह शख्स सबसे आगे नजर आ रहा है। एक बात और है कि इस शख्स ने 12 मई को मुस्लिमों के प्रति अपमाजनक और नफरत भरी पोस्ट डाली और 13 मई नगरोटा बगवां में ही ‘लव जिहाद और धर्मांतरण’ संबंधित बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की बैठक में शिरकत की। इसमें वीएचपी के संगठन मंत्री साहिल आहलूवालिया भी मौजूद थे। इस बैठक के कुछ दिन बाद ही नगरोटा में हुई इस घटना पर आहलूवालिया के बयान छपे हैं जिनमें पीटे गए मुस्लिम युवकों पर लव जिहाद से जुड़े होने की आशंका जताई गई है।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि नगरोटा बगवां वाली घटना के दो दिन पहले नूरपुर में एक मृत गाय मिली, जिसके पूंछ और थन कथित तौर पर काटे गए थे। इस घटना को लेकर विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। उस दौरान भी रोहित चौहान नाम के शख्स ने 17 तारीख को आईएएस अधिकारी और नूरपूर के एसडीएम आबिद हुसैन के प्रति अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किए गए थे। (नीचे स्क्रीनशॉट देखें)
नूरपुर में हुए प्रदर्शन के एक ही दिन बाद यानी 18 तारीख को नगरोटा बगवां में तीन मुसलमान युवकों की पिटाई कर दी गई, जिनपर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप है। इसमें भी यह शख्स एक फेसबुक पेज द्वारा डाली गई घटना से संबंधित तस्वीरों में था। ऐसे में एक हफ्ते के अंदर कांगड़ा में अचानक आए सांप्रदायिक उबाल के पीछे प्रबुद्ध लोग किसी साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं कर रहे हैं।
छात्रा से छेड़छाड़ के दोषियों को जरूर मिले सजा
इस बात से कोई इनकार नहीं किया जा सकता कि पीड़ित छात्रा को इंसाफ मिलना चाहिए और उसके साथ छेड़छाड़ करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। फिर वह किसी भी क्षेत्र, धर्म, संप्रदाय आदि का क्यों न हो। मगर नगरोटा वाले मामले में भी भीड़तंत्र का हावी होना दिखाता है कि कहीं न कहीं पुलिस इस तरह के तत्वों के आगे खुद को बेबस पा रही है।
Image: Divya Himachal
सवाल यह भी उठता है कि एक संप्रदाय विशेष के प्रति भड़काऊ पोस्ट डालना, जो कि कानूनन अपराध है और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है। मगर पुलिस इस मामले में खामोश है। उसने आरोपियों की दुकानें तो बंद करवा दी हैं(पढ़ें), मगर इस संबंध में अभी तक आरोपियों (जो दोष सिद्ध होने तक निर्दोष हैं) को पीटने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है, जो अपनी टाइमलाइन पर खुलेआम कल की घटनाओं की खबरे शेयर कर रहे हैं और गर्व जता रहे हैं।
इस बात की आशंका लगातार बनी हुई है कि अगर कांगड़ा पुलिस एक के बाद एक हो रही घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पाती है तो आने वाले समय में सांप्रदायिक सौहार्द्र को खतरा पैदा हो सकता है।
कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश में कुछ लोग किस तरह से सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उसका उदाहरण हाल ही में बढ़ रही कुछ संगठनों की हरकतों से पता चल रहा है। कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहे ये संगठन देशभक्ति की आड़ में संविधान और संवैधानिक मूल्यों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और प्रशासन खामोश बैठा हुआ है। यही नहीं, ये खबरें मीडिया में भी आपको नहीं दिखेंगी क्योंकि शायद वे उनके अजेंडे में फिट नहीं बैठतीं।
ऐसा ही एक मामला नूरपुर में सामने आया है। बुधवार को यहां चौगान मैदान गाय की कथित रूप से हत्या की खबर फैली। गाय की पूंछ और थनों पर चोट के निशान थे और ऐसा लगता था कि उन्हें काटा गया है। कथित तौर पर आरएसएस के कार्यकर्ताओं को शाखा के लिए जुटने के दौरान यह गाय मिली थी।
इसके बाद तथाकथित हिंदुत्ववादी संगठनों के लोग वहां पहुंचे और डीएसपी नवदीप सिंह पुलिस टीम के साथ आए। बाद में स्थानीय विधायक राकेश पठानिया की ओर से सूचना मिलने के बाद कथित तौर पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए।
एसपी संतोष पटियाल नूरपुर पहुंचे तो उन्होंने मीडिया को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गाय की मौत प्लास्टिक का कचरा खाने के कारण इन्फेक्शन से हुई है और बाद में संभवत: उसके पूंछ और थनों को काटने की कोशिश की है ताकि सांप्रयादिक सौहार्द्र बिगाड़ा जा सके।
वैसे एक आशंका यह भी है कि गाय के मर जाने के बाद आवारा कुत्तों ने पूंछ और थनों को काट खाया हो। मगर इस मामले में उत्तेजित तथाकथित हिंदुत्ववादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रोष में रैली निकाली और नारेबाजी की। मगर इस नारेबाजी में स्थानीय एसडीएम आबिद हुसैन को लेकर जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की गई, वह शर्मनाक है। यही नहीं, कुछ लोगों ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट भी की।
जाहिर है, पुलिस की जांच में यह साफ नहीं हुआ है कि गाय को नुकसान कुत्तों ने पहुंचाया है या किसी हिंदू या मुस्लिम ने। लेकिन रैली के दौरान मुस्लिम विरोधी अपमानजनक नारे लगाए गए और यहां तक कि एसडीएम आबिद हुसैन के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें करते हुए उन्हें ‘मुल्लों का दल्ला’ कह दिया गया।
खास बात यह है कि अब तक इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे संगठनों और उनके पदाधिकारियों को प्रदेश सरकार का संरक्षण मिला हुआ है? यदि वाकई किसी ने गाय को नुकसान पहुंचाया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, मगर एक प्रशासनिक अधिकारी को सिर्फ उसके धर्म या नाम की वजह से अपमानजनक शब्द कहना कहां उचित है?
एमबीएम न्यूज नेटवर्क, बद्दी।। सोलन जिले केऔद्योगिक क्षेत्र के बरोटीवाला में दो युवतियों पर हमले के मामले में नई जानकारियां सामने आई हैं। अब तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस वारदात को एक सिरफिरे आशिक ने अंजाम दिया है।
बताया जा रहा है कि 20 साल की आंचल, जो कि ऊना की रहने वाली थी, उसकी जान एक सिरफिरे आशिक ने ली है। उसने कमरे में घुसकर पहले आंचल की हत्या की और फिर 10 मिनट तक उसकी सहेली मनीषा को भी धमकाता रहा।
बताया जा रहा है कि कथित तौर पर अखिल नाम के शख्स ने इस घटना को अंजाम दिया है और वह भी ऊना का ही रहने वाला है। उसने कटर से आंचल का गला रेता।
गुरुवार सुबह वह हिल व्यू अपार्टमेंट में आंचल के कमरे में पहुंचा और उसे किचन ले गया। आपस में बहस हुई जिसमें कथित तौर पर अखिल यह पूछ रहा था कि मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो, मिल क्यों नहीं रही हो।
इसी बीच आंचल की सहेली ने बीचबचाव की कोशिश की तो कथित रूप से हमलावर ने उसे भी चोट पहुंचाई। मनीषा भी इस हमले में जख्मी है जिसका पीजीआई में इलाज चल रहा है।
पुलिस की जांच में साफ हुआ है कि मृतक आंचल और मनीषा के साथ अखिल भी रेड फार्मास्यूटिकल कंपनी में इंटर्नशिप कर रहा था।
कहा जा रहा है कि आंचल और अखिल के बीच दोस्ती थी लेकिन आंचल के नाता तोड़ लेने से अखिल ने इस हत्या को अंजाम दिया।
एसपी बिंदू रानी सचदेवा ने घटना की पुष्टि की है और कहा है कि आरोपी अखिल को गिरफ्तार कर लिया है। उनका कहना है कि जब अखिल और आंचल बात कर रहे थे तो मनीषा की भी नींद खुल गई थी। एसपी ने कहा कि मनीषा इस मामले में चश्मदीद गवाह है।
(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)
सोलन।। हिमाचल प्रदेश के बरोटीवाला औद्योगिक इलाके में दो युवतियों में जानलेवा हमला हुआ है, जिनमें से एक युवती की मौत हो गई है। दूसरी युवती का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। हमलावरों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि उन्होंने युवतियों के अपार्टमेंट में घुसकर वारदात को अंजाम दिया।
हमलावरों के बारे में कोई जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है मगर उन्होंने धारदार हथियारों से हमला किया था। दोनों युवतियां एक दवा बनाने वाली कंपनी में काम करती थीं और हिल व्यू अपार्टमेंट में रहती थीं।
यह हमला बीती रात को हुआ। मरने वाली युवती का नाम आंचल था और उसकी उम्र 28 साल बताई जा रही है। वह ऊना के अंब की रहने वाली थी। घायल हुई युवती का नाम मनीषा है और वह दभोटा की रहने वाली है।
पुलिस ने फरेसिंक टीम की मदद से जांच शुरू कर दी है। इस बीच ऐसी जानकारी भी सामने आई है कि पुलिस ने शक के आधार पर एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
कांगड़ा।। हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों की हालत किसी से छिपी नहीं है। पिछली कांग्रेस सरकार भले ही लाख दावे करती थी, मगर उसके कार्यकाल में प्रदेश के लगभग सभी अस्पतालों की दुर्दशा थी और वहां डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी की कमी थी। सबकुछ बदल देने का वादा करके सत्ता में आई बीजेपी की सरकार को जल्द ही छह महीने पूरे हो जाएंगे, मगर अस्पतालों की हालत में खास सुधार नहीं हुआ है। आए दिन नकारात्मक खबरें मीडिया में आती रहती हैं।
अब नूरपुर के सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है, जिसे रशपाल सिंह नाम के एक व्यक्ति ने पोस्ट किया है। रशपाल ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है- नूरपुर हास्पिटल की व्यथा- मेरा बेटा पेट दर्द से कराह रहा है और SRLकर्मचारी का जवाब. चूंकि उनके इस वीडियो को सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं, ऐसे में ‘इन हिमाचल’ ने रशपाल से संपर्क किया और उनसे जानना चाहा कि आखिर हुआ क्या था।
रशपाल सिंह ने ‘इन हिमाचल’ को बताया कि उनका बेटा 14 तारीख को उनके बेटे के पेट में दर्द हुआ। उस समय रशपाल किसी सत्संग में गए हुए थे। घर से फोन आया कि बेटे की तबीयत खराब है।
रशपाल बताते हैं, “घर पहुंचा तो बेटे की हालत खराब थी। 108 को बुलाया गया। 108 वालों ने कहा कि मरीज के साथ सिर्फ दो ही लोग आ सकते हैं। तो मैंने घर की दो महिला दो सदस्यों को भेज दिया। मैं जब खुद बाद में अस्पताल पहुंचा तो देखा कि वहां कोई पूछने वाला नहीं है, इलाज वगैरह कुछ नहीं हो रहा था।”
“फिर मैंने एक बंदे को फोन किया फिर उसने यहां बात की तो ट्रीटमेंट शुरू हुआ। दो इंजेक्शन लगा दिए गए और दवाई दी गई। एक टेस्ट लिखा गया कि इसे तुरंत करवाइए। फिर मैं नीचे लैब टेक्निशन के पास गया तो उसका व्यवहार तो आप देख ही रहे हैं।”
वीडियो देखें-
रशपाल बताते हैं कि इसके बाद वह परेशान हो गए और अपने बेटे को वहां से किसी निजी अस्पताल में ले गए। वह कहते हैं, “इनकी ड्यूटी होती है कि मरीज के पास जाकर सैंपल लेकर आएं। जब मैं पहली बार नीचे गया था तो लैब टेक्निशन को कहा भी था कि मरीज उल्टी कर रहा है, हालत खराब है। आपको दो मिनट रुकना पड़े तो रुक जाएं।”
“जब बाद में मैंने उनसे आने को कहा तो वह इनकार करने लगे। कहने लगे कि स्ट्रेचर पर मरीज को ले आइए। यह अजीब बात थी कि वह ऊपर नहीं आ सकते और मरीज को नीचे लाने को कहा जा रहा था। इस रवैये से परेशान होकर मैंने बच्चे को बाहर निजी अस्पताल में ले जाना ही ठीक समझा।”
रशपाल बताते हैं, “रात को डॉक्टर और नर्स वगैरह भी थे, स्टाफ काफी था मगर रात को पता नहीं मेरे साथ ही ऐसा हुआ सभी से ऐसा करते हैं। किसी से सीधे मुंह यहां बात नहीं की जाती, जब तक कि किसी से फोन न करवाया जाए।”
इस घटना के संबंध में अस्पताल प्रशासन या वीडियो में दिख रहे लैब टेक्निशन की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उनका पक्ष आते ही उसे भी यहां प्रकाशित किया जाएगा।
रशपाल सिंह
बहरहाल, यह वीडियो दिखाता है कि रात को सरकारी अस्पतालों में मरीज भगवान भरोसे होते हैं। स्टाफ का रवैया किस तरह का रहता है, यह भी पता चलता है। यह सही है कि एक अस्पताल एक स्टाफ मेंबर की घटना के आधार पर पूरे प्रदेश के अस्पतालों या डॉक्टरों को दोष नहीं दिया जा सकता। मगर आए दिन ऐसी खबरें आती रहती हैं कि अस्पताल बदहाल हैं। कहीं पर संसाधन नहीं हैं तो कहीं पर सुविधाएं नहीं हैं। प्रदेश के जोनल अस्पतालों के साथ-साथ टांडा मेडिकल कॉलेज व आईजीएमसी तक में हालात बहुत अच्छे नहीं कहे जा सकते। फिर छोटे अस्पतालों की हालत का अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
एमबीएम न्यूज नेटवर्क, शिमला।। पूर्व मुख्यमंमत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य समेत चार लोगों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में एक एफआईआर दर्ज हुई है। यह एफआईआर वीरभद्र सिंह के भजीते राजेश्वर सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। मामला रामपुर थाने में दर्ज हुआ है।
दरअसल पूरा विवाद शाही महल के हिस्से को लेकर है। वीरभद्र सिंह और उनके बेटे पर राजेश्वर सिंह महल के एक हिस्से पर जबरन कब्जा करने आरोप लगाया है। शिकायत की गई है कि वीरभद्र सिंह और अन्य लोगों ने नौ मई को शाही महल के एक हिस्से राजेश्वर सिंह का सामान बाहर फेंक दिया और कमरों में ताले लगा दिए।
राजेश्वर सिंह ने इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय में की थी और मामला दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद बुधवार को रामपुर में यह मामला दर्ज हुआ।
इससे पहले राजेश्वर सिह के केयर टेकर मस्तराम की तरफ से शिकायत दी गई थी कि नौ मई को शाही महल के राजेश्वर सिंह वाले हिस्से में रखे उसके सामान को बाहर फेंक दिया गया था। उस समय मस्त राम ने कथित तौर पर रामपुर थाने में शिकायत पत्र दिया था, मगर अगले दिन इसे वापस ले लिया था।
थाना प्रभारी रविंद्र नेगी ने जानकारी दी है कि वीरभद्र सिंह, विक्रमादित्य सिंह, सतपाल नेगी और जसबीर जस्सी के खिलाफ आईपीसी की धारा 448, 427 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है घटनास्थल पर जाकर जांच की जाएगी।
(यह एमबीएम न्यूज नेटवर्क की खबर है और सिंडिकेशन के तहत प्रकाशित की गई है)
पावंटा साहिब।। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में नवादा में 2 करोड़ 30 लाख रुपये से बनी उठाऊ सिंचाई योजना के उद्घाटन के दौरान ट्रांसफॉर्मर फटने से धमाका हो गया। जैसे ही आईपीएच मिनिस्टर महेंद्र सिंह ने उद्घाटन के लिए बटन दबाया, पांच मिनट बाद जोरदार धमाका हुआ। उस समय मंत्री वहीं पर थे।
जानकारी सामने आई है कि इस धमाके के बाद योजना की पाइपलाइन में भी लीकेज हो गई। इसके बाद महेंद्र सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई और तुरंत चीजें ठीक करने को कहा।
जिस ट्रांसफॉर्मर में धमाका हुआ, वह पंपहाउस से मात्र 50 मीटर दूर था। इससे वहां पर अफरा-तफरी भी मची। पंप हाउस के अंदर के पंखे भी जल गए। सिंचाई मंत्री ने कहा कि उद्घाटन से पहले कम से कम टेस्टिंग तो कर लेते।
साफ है, इस मामले में लापरवाही रही है। यह तो शुक्र रहा कि बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी सुरक्षित रहे।