पार्टी नेताओं पर टिप्पणी कर रहे वीरभद्र, अब आनंद शर्मा की उड़ाई खिल्ली

वीरभद्र के ख़ास हैं सुधीर शर्मा

शिमला।। पूर्व सीएम वीरभद्र लगातार मंचों से अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधकर चर्चा में बने हुए हैं। इस कारण उनकी उम्र और सेहत को लेकर भी अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। ताजा मामला धर्मशाला का है जहां कांगड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल के लिए प्रचार करने आए वीरभद्र ने पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा की खिल्ली उड़ा दी।

वीरभद्र ने कहा कि वह (आनंद शर्मा) पंचायत चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें पता चलेगा। उन्होंने आनंद शर्मा पर यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा राज्यसभा का रास्ता चुना। इस दौरान वीरभद्र बगल में बैठे सुधीर शर्मा को कुहनी मारते भी दिखे जो मुस्कुरा रहे थे। अब इस वीडियो को बीजेपी ने अपने प्रचार का हथियार बना लिया है।

चुनाव के दौरान हर पार्टी कुछ स्टार प्रचारक तय करती है। यानी ऐसे चेहरे, जिनका प्रभाव हो और वे विभिन्न सीटों पर जाकर पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करके मतदाताओं को प्रभावित कर सकें। मगर हिमाचल में इस बार चुनाव बेहद रोमांचक ढंग से हो रहा है क्योंकि हिमाचल प्रदेश बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक तरह से वीरभद्र को अपना ‘स्टार प्रचारक’ बना दिया है। दरअसल वह अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक पेजों पर वीरभद्र सिंह के उन भाषणों के अंश पोस्ट कर रही है, जिनमें वह अपनी ही पार्टी के नेताओं की मंच पर खिल्ली उड़ाते नजर आ रहे हैं। रोचक बात यह है कि बीजेपी के इंस्टा अकाउंट में सीएम, पीएम और प्रत्याशियों के ताजा वीडियो आपको मुश्किल से मिलेंगे मगर वीरभद्र के वीडियो आसानी से मिल जाएंगे। यानी बीजेपी को अपने प्रचार अभियान में अप्रत्यक्ष रूप से ही सही, वीरभद्र सिंह से मदद मिल रही है।

वैसे तो हर नेता मंच से विरोधी पार्टी के नेताओं पर हमले करता है मगर वीरभद्र पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के दौरान अपनी राजनीतिक भड़ास निकालते नजर आ रहे हैं। वे उन लोगों को निशाने पर ले रहे हैं, जो पार्टी में उनकी हां में हां मिलाने वाले नहीं रहे या फिर जिन्होंने वीरभद्र सिंह को सीधे चुनौती देने की कोशिश की। यह बात सभी जानते हैं कि पार्टियों ने नेताओं के बीच महत्वाकांक्षाओं का टकराव होना सामान्य सी बात है। मतभेद भी होते हैं और वे एक-दूसरे की टांग खींचने का मौका भी नहीं चूकते। मगर जब चुनाव के समय दिखावे के लिए ही सही, सभी अपनी दूरियों को मिटाकर मंच पर एकता दिखाने की कोशिश करते हैं।

मगर वीरभद्र ने मानो तय कर लिया है कि पार्टी की एकता, छवि और उसका अनुशासन की ऐसी-तैसी, वह मंच से वही कहेंगे जो उनके दिल और मन में है। इसीलिए सबसे पहले उन्होंने हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर के पक्ष में प्रचार के बाद मंच से पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम लिए बिना कह दिया कि उनके जाने से पार्टी में जो गंद था, वह साफ हो गया।

मजेदार बात है कि अब उनका यह वीडियो भारतीय जनता पार्टी के काम आ रहा है। उसने इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को शेयर किया है और लोग इसपर खूब चुटकियां ले रहे हैं। इसी तरह शिमला से प्रत्याशी धनी राम शांडिल को वीरभद्र ने मंच से ‘पुराना पापी’ कह दिया और उनका यह वीडियो भी बीजेपी ने लपक लिया और अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।

अब ताजा मामला मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा के प्रचार का है। सुखराम और वीरभद्र की प्रतिद्वंद्विता किसी से छिपी नहीं है। नैतिकता यह कहती है कि पार्टी ने अगर किसी नेता को वापस लेने का फैसला लिया है तो अन्य नेता दिखावे के लिए ही सही, उसका सम्मान करते। मगर मंच से सार्वजनिक ढंग से उन्होंने नाचन में आश्रय शर्मा को लज्जित कर दिया जब वह उनके दादा पंडित सुखराम को कोसने लग गए और कहने लगे कि वह उन्हें माफ नहीं करेंगे। इस दौरान आश्रय के चेहरे के भाव देखने लायक थे।

वैसे वीरभद्र सिंह राजनीति में लंबे समय से हैं और उन्होंने भी कई लोगों का खेल बिगाड़ा है। सोशल मीडिया पर लोग चर्चा कर रहे हैं कि जो नेता अपने मन की न होने पर खुलेआम मंच से ही इस तरह से अपनी पार्टी के प्रत्याशियों की चिंता किए बिना टिप्पणी कर सकता है, वह चुनाव के दौरान उन्हें ‘रगड़ने’ में गुपचुप ढंग से और क्या-क्या करता रहा होगा। कुछ ऐसे भी कॉमेंट कर रहे कि वीरभद्र को पता था कि इस बार में सीट निकालने में मुश्किल हो सकती है, इसलिए न खुद चुनाव लड़ा न परिवार के किसी सदस्य से। मगर कथित तौर पर वह ऐसा भी नहीं चाहेंगे कि इस माहौल में कोई और जीत जाए या अच्छे वोट ले जाए और आज नहीं तो कल के मजबूत नेता के तौर पर उभर जाए।

बहरहाल, ये राजनीतिक टीका-टिप्पणियां हैं, चलती ही रहेगीं। मगर राजनीति में चलती का नाम ही गाड़ी है और वीरभद्र की गाड़ी न सिर्फ चल रही है बल्कि दौड़ रही है।  उनकी रफ्तार पर लगाम लगाने का दम न तो प्रदेश के नए अध्यक्ष में हैं और न आलाकमान में जो कई बार वीरभद्र के दांव-पेंचों के आगे घुटने टेक चुका है।

बहरहाल, वीरभद्र के ही भाषण बीजेपी इस्तेमाल नहीं कर रही बल्कि वीरभद्र के करीबी पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी का भी एक वीडियो उसने पोस्ट किया है जिसमें वह आश्रय शर्मा के मज़े लेते नज़र आ रहे हैं।

कांग्रेस के नेता अपने ही प्रत्याशियों को गम्भीरता से नहीं लेते तो जनता क्या लेगी। देखिए कांग्रेस के पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी जी आश्रय शर्मा के नाम पर चुटकी लेते हुए। 👇🏼

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बहरहाल, रविवार को मंडी में क्या कहा मंच से वीरभद्र ने, पढ़ें और वीडियो देखें-

प्रचार के बजाय वीरभद्र ने किया प्रहार, असहज हुए आश्रय शर्मा

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