हिमाचल प्रदेश : एक IAS, 11 HPAS अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी

शिमला।। पुलिस अधिकारियों के तबादले के साथ ही सरकार ने 12 प्रशासनिक अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। इनमें एक आईएएस और 11 एचपीएएस अधिकारी शामिल हैं।

आईएएस अधिकारी राहुल जैन को एसडीएम धर्मपुर, एचपीएएस धनबीर ठाकुर को एसडीएम ज्वालामुखी कांगड़ा, अशीष शर्मा को एसडीएम जयसिंहपुर कांगड़ा, नरेंद्र कुमार-।। को एसी टू डीसी सोलन, रजनीश कुमार को डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में ज्वाइंट डारेक्टर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।

इसके अलावा डॉ. पूनम को एसडीएम शिमला अर्बन, संजय कुमार को डिविजनल कमिश्नर मंडी का असिस्टेंट कमिश्नर, पारस अग्रवाल को एसडीएम च्चयोट मंडी, सोमिल गौतम को एसडीएम ज्वाली कांगड़ा, रत्ती राम को असिस्टेंट सेटलमेंट ऑफिसर सोलन और अर्की, स्वाति डोगरा को एसी टू डीसी किन्नौर रिकॉगपियो, योगराज को एसडीएम बिलासपुर के अतिरिक्त कार्यभार की जिम्मेदारी दी है।

 

हिमाचल प्रदेश: नौ पुलिस अधिकारियों के तबादले

शिमला।। हिमाचल सरकार ने नौ पुलिस अधिकारियों के नियुक्ति और तबादला आदेश जारी किए हैं। इनमें एक आईपीएस और आठ एचपीएस शामिल हैं। आईपीएस चारु शर्मा को एसडीपीओ बंजार कुल्लू लगाया है।

एएसपी मनमोहन सिंह को सीआईडी शिमला से एएसपी विजिलेंस मंडी, डीएसपी सुरिंदर कुमार को महिला रिजर्व बटालियन बस्सी बिलासपुर से एसडीपीओ नूरपुर, डीएसपी विजिलेंस सोलन संतोष कुमार शर्मा को डीएसपी विजिलेंस बद्दी, एसडीपीओ हरोली ऊना अनिल कुमार को डीएसपी विजिलेंस ऊना, डीएसपी मंडी अनिल कुमार को एसडीपीओ हरोली ऊना, एसडीपीओ बंजार कुल्लू बिन्नी मिन्हास को डीएसपी एसडीआरएफ मंडी लगाया है।

इसके अलावा नियुक्ति का इंतजार कर रहे दो अधिकारियों श्वेता ठाकुर और वीरी सिंह को भी तैनाती दी गयी है। श्वेता ठाकुर को डीएसपी विजिलेंस सोलन और वीरी सिंह को डीएसपी महिला रिजर्व बटालियन बस्सी बिलासपुर में तैनात किया गया है। वहीं, एसडीपीओ नूरपुर के पद पर सेवाएं दे रहे आईपीएस अभिषेक के तबादला आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

नई शिक्षा नीति से खत्म होगी रट्टा लगाने की प्रवृत्ति

कांगड़ा।। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व की शिक्षा नीति देश की मिट्टी से नहीं जुड़ी थी। नई शिक्षा नीति रट्टा लगाने की प्रवृत्ति को खत्म करने का काम करेगी। नई शिक्षा नीति में स्पोर्ट्स एवं योग जरूरी होगा। इसमें कौशल विकास पर भी फोकस रहेगा।

बुधवार को धर्मशाला स्कूल शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति में बदलाव हुआ है। नई शिक्षा नीति लाई गई है। नई शिक्षा नीति के तहत शुरुआत से ही बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत कम से कम 2 भारतीय भाषाओं के साथ पढ़ना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में वोकेशनल शिक्षा को अनिवार्य किया गया हैं छठी क्लास से ही वोकेशनल शिक्षा दी जाएगी। हर विद्यालय में स्पोर्ट्स और योग की गतिविधियां अनिवार्य होंगी। इसके साथ ही स्पोर्ट्स व संगीत में विद्यार्थी की सहभागिता के आधार पर भी अंक जुड़ेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए पंचायत के वार्ड स्तर तक अभियान चलाया जाएगा।

मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि तीसरी कक्षा का पेपर बोर्ड बनाएगा, लेकिन पेपर चेकिंग सीएचटी स्तर पर होगी। पांचवी कक्षा का पेपर बोर्ड बनाएगा, लेकिन चेकिंग जिला स्तर पर होगी। आठवीं कक्षा का पेपर बोर्ड बनाएगा और परीक्षा परिणाम भी बोर्ड ही निकालेगा।

एमबीयू से फर्जी डिग्री लेकर हिमाचल के कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों की होगी छुट्टी

शिमला।। फर्जी डिग्री घोटाले में फंसी सोलन की मानव भारती यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले सरकारी कॉलेजों के कर्मचारियों के लिए मुसीबत खड़ी हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने उन सभी कॉलेज कर्मचारियों का विवरण मांगा है जिनके पास मानव भारती यूनिवर्सिटी की डिग्री है। संस्कृत कॉलेजों सहित प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को तीन दिन में आवश्यक सूचना देने को कहा गया है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत शर्मा ने कहा कि डीजीपी ने सभी विभागों से मानव भारती यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले कर्मचारियों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा था। जिसके बाद विभाग ने सभी कॉलेजों से विवरण मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह प्राप्त विवरण को फर्जी डिग्री घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के साथ साझा किया जाएगा।

अप्रैल में मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल अतुल कौशिक (सेवानिवृत्त) ने कहा था कि सरकारी क्षेत्र में केवल प्रतियोगी और योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए यह महत्वपूर्ण था कि एमबीयू से प्राप्त सभी कॉन्ट्रैक्ट आधारित और रेगुलर कर्मचारियों की डिग्रियों का सत्यापन किया जाए।

जब्त की गई 55 हार्ड ड्राइव में से 14 की स्कैनिंग के बाद एसआईटी अब तक 36 हजार फर्जी डिग्रियों का पता लगा चुकी है। शेष 41 हार्ड ड्राइव को भी स्कैन करने के बाद संख्या बढ़ने की संभावना है। एसआईटी अब तक 194.74 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

पति ने फोन पर दिया पत्नी को तलाक, गिरफ्तार

कुल्लू।। हिमाचल प्रदेश में एक हैरान कर देने का मामला आया है। प्रदेश के कुल्लू जिले में एक पति ने फोन पर अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में तीन तलाक का यह पहला मामला है।

पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता न बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

बता दें भारत में तीन तलाक दंडनीय अपराध है। 30 जुलाई 2019 को भारत की संसद ने तीन तलाक के खिलाफ कानून पास किया था। एक अगस्त से यह कानून लागू भी कर दिया गया था। अब इस कानून को लागू हुए दो साल हो चुके हैं।

IGMC शिमला : एक बेड पर एडमिट करने पड़ रहे दो मरीज

शिमला।। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में सामान्य मरीज बढ़ने लगे हैं। हर वार्ड में लगभग सभी बेड पर दो-दो मरीज एडमिट हैं। आलम ये है कि कोविड मरीजों के लिए बने मेकशिफ्ट अस्पताल में भी सामान्य मरीज रखे जा रहे हैं। आईजीएमसी में मेकशिफ्ट वार्ड में अब तक 10 से 15 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। आजकल मौसमी वायरल के मरीज बढ़ने के कारण भी ऐसा हो रहा है।

अस्पताल में भर्ती होने वाले ज्यादातर मरीज ऐसे हैं, जो कोविड से रिकवर हुए हैं। लेकिन जिस तरह से आईजीएमसी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आग दबी स्थिति रही तो मेकशिफ्ट अस्पताल भी अगले हफ्ते तक फुल हो जाएगा। यहां भी एक बीएड पर दो मरीजो को रखने की नौबत आ सकती है। क्योंकि डॉक्टर किसी भी मरीज को एडमिट करने से मना नहीं कर सकते हैं।

आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ राहुल गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गयी है, जबकि बेड की संख्या काफी कम है। डॉक्टरों की मजबूरी है कि वह किसी भी मरीज को एडमिट करने से मना नहीं कर सकते हैं। ऐसे में आईजीएमसी के मेकशिफ्ट वार्ड में सामान्य मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जब नया ओपीडी ब्लॉक शुरू हो जाएगा तो पुराने ब्लॉक में रही ओपीडी को नए ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया जाएगा। पुराने ब्लॉक में बेड लगाए जाएंगे, जिससे मरीजों को दिक्कत नहीं होगी।

बता दें कि आईजीएमसी में करीब 850 बेड हैं। जबकि 1800 से ज्यादा मरीज यहां पर एडमिट किए गए हैं। मेडिसन, आर्थाे, सर्जरी, प्लमाेनरी मेडिसन वार्ड में सबसे ज्यादा भीड़ है। लगभग हर वार्ड में बेड की संख्या से दोगुना मरीज एडमिट किए गए हैं।

जमकर बादल बरसने के बावजूद सामान्य से 44 फीसदी कम हुई बारिश

शिमला।। मंडी जिला को छोड़कर हिमाचल प्रदेश में अगस्त महीने में सामान्य से 44 फीसदी कम बारिश हुई है। सिर्फ मंडी जिले में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। अगस्त महीने में झमाझम बारिश होने के बाद भी बारिश सामान्य से कम रही।

अगस्त में 146 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि 262 मिलीमीटर बारिश को इस अवधि में सामान्य माना गया है। ऐसे में इस बार सामान्य से 44 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। 2009 के बाद इस बार अगस्त महीने में सबसे कम बारिश हुई है। अगस्त 2009 में सामान्य से 52 फीसदी कम बारिश हुई थी।

इस बारे मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि इस वर्ष अगस्त में सिर्फ मंडी जिला में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। अन्य जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। उन्होंने बताया कि इस बार अधिक दिनों तक बारिश हुई, लेकिन मॉनसून कमज़ोर रहने से बारिश की मात्रा कम रही।

आसान शब्दों मे जानें, आखिर ‘बादल फटना’ होता क्या है

अगले महीने यहाँ होंगे पंचायत चुनाव

शिमला।। राज्य चुनाव आयोज ने मंगलवार को प्रदेश के जनजातियों क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार दो चरणों मे मतदान होगा। 29 सितंबर को पहले और एक अक्तूबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा।

लाहौल-स्पीति के उदयपुर व केलांग उपमंडल में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद, काजा में जिला परिषद व चंबा के पांगी उपमंडल में ग्राम पंचायत व पंचायत समिति के चुनाव होंगे। इस संबंध में राज्य चुनाव आयुक्त अनिल कुमार खाची की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

अधिसूचना के अनुसार 13, 14 और 15 सितंबर को सुबह 11 से तीन बजे तक नामांकन भरे जाएंगे। नामांकन पत्रों की छंटनी 16 सितंबर को सुबह 10 बजे से होगी। 18 सितंबर को प्रत्याशी नामांकन वापस ले सकेंगे। चुनाव चिन्हों का आबंटन भी इसी दिन होगा। सभी मतदान केंद्रों की सूची 13 सितंबर या इससे पहले जारी हो जाएगी।

29 सितंबर को पहले और एक अक्तूबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक मतदान प्रक्रिया चलेगी। प्रधान-उपप्रधान व वार्ड सदस्यों का परिणाम मतदान प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद जारी किया जाएगा। जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के मतों की गिनती ब्लॉक दफ्तरों में चार अक्तूबर को सुबह 8.30 बजे शुरू की जाएगी। वोटों की गिनती के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। छह अक्तूबर तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

क्या है कोरोना वायरस का AY.12 वेरिएंट

शिमला।। देश में कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट के बाद अब AY.12 वेरिएंट के मामले भी सामने आने लगे हैं। कई राज्यों में AY.12 वेरिएंट के मामले आये हैं। पिछले कल हिमाचल के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में भी कोरोना वायरस के AY.12 वेरिएंट का पहला मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि इसी वेरिएंट को हाल में इजरायल में एकाएक बढ़े कोरोना मामलों के लिए भी जिम्मेदार माना जा रहा है। इंसाकॉग (INSACOG) के अनुसार AY.12 वेरिएंट कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट का ही सब लिनियेज यानी उप वंश है। इंसाकॉग विभिन्न लैब्स का एक अखिल भारतीय नेटवर्क है जो कोविड-19 की जिनोम स्टडी पर निगाह रखता है।

क्या है AY.12 वेरिएंट

इंसाकॉग के मुताबिक, AY.12 वेरिएंट कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट का ही सब लिनियेज है। डेल्टा और AY.12 दोनों काफी हद तक एक जैसे नज़र आते हैं। हालांकि दोनों में कुछ असामानताएं जरूर है। लेकिन इनके बीच के अंतर के बारे में अभी ज़्यादा जानकारी नहीं है।

छिड़काव किसका करें, कैसे करें और कहां पर करें, कहां नहीं

देश के पहले मतदाता बोले- विकास के नाम पर पहाड़ों को छलनी करना सही नहीं

शिमला।। देश के पहले मतदाता 103 वर्षीय श्याम शरण नेगी का कहना है कि किन्नौर जिले ने विकास के नाम पर बहुत कुछ खोया है। उनके अनुसार 75 साल पहले किन्नौर कुछ और था। आज के किन्नौर में बहुत ज़्यादा अंतर आ चुका है।

नेगी का कहना है कि किन्नौर जिला दिन-प्रतिदिन विकास के रास्ते पर अग्रसर है। लेकिन विकास के नाम पर पहाड़ों को छलनी करना सही नहीं है। पहले किन्नौर जिले में इतनी भूस्खलन की घटनाएं नहीं होती थी। लेकिन जबसे यहाँ हाइड्रो परियोजनाओं का निर्माण शुरू हुआ है। हैवी ब्लास्टिंग के कारण पहाड़ खोखले हो रहे हैं। इसको रोकना ही किन्नौर को बचाने का एकमात्र चारा है

नेगी ने कहा कि 75 साल पहले किन्नौर जिला छह महीने के लिए देश दुनिया से कटा रहता था। उस समय मनोरंजन का भी कोई साधन नहीं था। लोग एक जगह इकट्ठा होकर तोशिम कार्यक्रम का आयोजन करते थे। लेकिन आज ऐसा नहीं है। समय के साथ-साथ किन्नौर में काफी बदलाव हुआ है। आज किन्नौर जिले की हर पंचायत में सड़कें, बिजली, स्वास्थ्य, पानी और टेलीफोन की सुविधा है, लेकिन इसका खामियाजा भी भुगता है।

नेगी ने बटेसरी और निगुलसरी हादसे पर भी दुःख जताया। नेगी ने किन्नौर के युवाओं द्वारा चलाये जा रहे “नो मींस नो, सेव किन्नौर” अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि किनौर के युवा पढ़े लिखें और समझदार हैं। युवाओं ने किन्नौर को बचाने का जो संकल्प लिया है, वह प्रशंसनीय है।

नेगी ने कहा कि हम सभी को मिलकर इस लड़ाई में साथ देना होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए किन्नौर जिले को सुरक्षित कर सकते हैं। अगर किन्नौर के अस्तित्व को बचाने है और किन्नौर जिले को सुरक्षित रखना है तो युवा पीढ़ी को आगे आना होगा।के