बहन गैंगरेप का दावा करने और फिर मुकने वाली महिला की सास ने बताया उसकी बहू का चाल-चलन विवाह से पहले का ही खराब है। शादी के के बाद ही उसने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। वह पिछले करीब डेढ़ साल से बेहद परेशान हैं। उनकी बहू को एक बार गलत धंधे के जुर्म में मुंबई में गिरफ्तार किया गया था ।
उसके बाद एक बार लुधियाना से भी फोन आया था। वहां पर उनकी बहू ने एक फोैजी के साथ लूटपाट की थी। इसके बारे में कई बार पंचायत में शिकायत की गई। उसके मायके वाले भी इस महिला के विरुद्ध जा चुके हैं। पुलिस चौकी गगल में उन्होंने अपनी बहू के खिलाफ कई बार शिकायत की है। लेकिन, आज तक वह परेशानी झेल रहे हैं। वहां की पंचायत प्रधान ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से तथाकथित शिकायतकर्ता महिला ने अपने ससुराल वालों को परेशान करके रखा है। कई बार हमारी पंचायत और पुलिस चौकी गगल और जागोरी संस्था मेें शिकायत हो चुकी है। महिला कई बार गलत काम करते रंगे हाथों पकड़ी गई है।
शिकायतकर्ता महिला के मायके की पंचायत के सचिव और गांव के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि उसकी शादी 18-19 साल में हो गई थी। पिता की करीब आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है। मायके में उसकी मां, नानी और छोटा भाई रहता है। मां मनरेगा में काम करती है। महिला स्कूल में पढ़ने के दौरान भी दो बार घर से भाग गई थी। जब शादी हुई तो ससुराल से भी 20-25 दिन बाद भाग जाती थी। एक बार तो ससुराल वाले महिला को बांध कर पंचायत में लाए। महिला का तीन साल बच्चा भी है। ससुराल और मायके के संबंधित पुलिस स्टेशनों में महिला के बारे में एफआईआर दर्ज हैं। महिला के गायब होने को लेकर कई बार पंचायत और पुलिस में मामला पहुंचा। सचिव ने बताया कि उसे लगता है कि महिला मानसिक रोगी नहीं बल्कि ओवरस्मार्ट है।
शिकायतकर्ता महिला रात को अपने मायके के घर में पुलिस सुरक्षा के बीच रही। सुबह उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया। महिला के पति से भी थाने में पूछताछ हुई। पति ने पूछताछ के दौरान अपनी पत्नी के चाल चलन पर सवाल उठाए। दोनों के बीच पंचायत और पुलिस तक कई बार मामला पहुंच चुका है। पति ने बताया कि महिला अक्सर गायब हो जाती है।
शिकायतकर्ता महिला ने यह पूरा जाल किसके इशारे पर बुना। बिन बात का इतना बड़ा बतंगड़ बनाने की जरूरत उसे क्यों पड़ी पुलिस अब यह जांचने में जुटी है
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हिमाचल प्रदेश के इंजिनियरिंग कालेजों की निर्धारित सीटों के लिए बीटेक प्रवेश परीक्षा आधे छात्रों ने ही दी है। तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने प्रवेश भर के इंजिनियरिंग कालेजों को 7735 सीटें अलाट की हैं। इसके लिए ली गई बीटेक प्रवेश परीक्षा में मात्र 4516 कैंडीडेट अपीयर हुए हैं।
इन आंकड़ों के अनुसार बीटेक की सीटें भरने के लिए 58 फीसदी युवाआें ने ही दिलचस्पी दिखाई है। इस कारण इस प्रवेश परीक्षा के बाद भी 48 प्रतिशत बीटेक की सीटें खाली रह जाएंगी। हालांकि सिविल इंजिनियरिंग के लिए निर्धारित सीटों से ज्यादा छात्रों ने प्रवेश परीक्षा दी है।
बताते चलें कि तकनीकी विश्वविद्यालय ने सिर्फ अपने अधीन संबद्धता प्राप्त कालेजों के लिए सीटें अलाट की हैं। इसके अलावा प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय भी बीटेक में दाखिले दे रहे हैं। इन विश्वविद्यालयों में भी तकनीकी विश्वविद्यालय के माध्यम से सीटें भरी जाएंगी।
शिमला।।
मोदी सरकार के एक साल पूरा होने का जश्न और महासंपर्क अभियान अभी प्रदेश बीजेपी ने शुरू भी नहीं किया है कि पार्टी के जनसम्पर्क अभियान के लिए छपी पत्रिका विवादों के घेरे में आ गई है। पत्रिका के एक अंश में राज्य में रही बीजेपी सरकारों के कार्यकाल की उपलब्धियों को दर्शाया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर हो रही है, जिसमें इस पत्रिका को बनाने वालों की नीयत पर सवाल उठाए गए हैं।
सोशल मीडिया में पत्रिका की कटिंग्स दिखाई जा रही हैं और चर्चा चली है कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के 2 कार्यकाल इसमें नहीं हैं। अब तक काफी लोगों द्वारा शेयर की गई इस पोस्ट में शांता कुमार के दो कार्यकालों 1977 एवं 1990 की उपलब्धियों को पॉइंट वाइज दिखाया गया है और हैरानी जाहिर की गई है कि जनता जिसे पानी वाला मुख्यमंत्री और अंत्योदय पुरुष कहती है, उसकी योजनाओं का यहां जिक्र ही नहीं है।
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| सोशल मीडिया पर यह पोस्ट शेयर की जा रही है |
शांता कुमार के अंत्योदय योजना लागू करने, प्रदेश को पावर प्रॉजेक्ट्स की रॉयल्टी दिलवाने वाले और पानी की सुविधा देने वाले कामों को इस पोस्ट में मुख्य रूप से शामिल किया गया है। खबर है कि इस तरह आम जनता के बीच यह मामला जाने से हिमाचल बीजेपी की बहुत किरकिरी हो रही है। लोग और खासकर बीजेपी कार्यकर्ता ये बातें कर रहे हैं कि क्या पत्रिका के संपादक नहीं जानते थे कि शांता कुमार जनसंभ और बीजेपी के संस्थापक मेंबर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की पहली सरकार भी उनके नेतृत्व में ही बनी थी।
लोगों का यह भी कहना है कि पार्टी के अंदर वर्षों से चली आ रही इसी जंग में बीजेपी पिछली बार के चुनावों में सरकार बनाने से चूक गई थी। अब राजनीति पंडितों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि बीजेपी इस मुद्दे को कैसे हैंडल करती है। क्या यह पत्रिका फिर से छापी जाएगी या इसे ऐसे ही बढ़ाया जाएगा।
भर्ती के लिए अभ्यर्थी का 12वीं पास होना, एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और कंप्यूटर में टाइपिंग स्पीड 30 शब्द अंग्रेजी और 25 शब्द हिंदी प्रति मिनट की शर्त रखी है। बोर्ड की ओर से पूर्व निर्धारित योग्यता को पूरी करने वाले अभ्यर्थी ही जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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| प्रेस कॉन्फ्रेंस करते डीजीपी (Courtesy: Punjab Kesri) |
पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने कहा कि इस मामले में महाविद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर प्रधानाचार्य कक्ष तक पुलिस ने 13 सीसीटीवी खंगाले, जिनमें से कोई क्लू नहीं मिला। इसके बाद वीरवार को शिकायतकर्ता का स्केच जारी करवाया गया। जारी स्केच की बदौलत ही वीरवार को पुलिस ग्राउंड के पास कथित शिकायतकर्ता लड़की पहचान में आई है। इसकी तत्काल सूचना पुलिस थाने को दी गई और युवती को कस्टडी में ले लिया।
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डीजीपी ने कहा कि लड़की ने अभी तक पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसने इस कथित दुराचार के मामले की शिकायत किसी के कहने पर की थी। उन्होंने यह भी कहा कि कथित शिकायतकर्ता लड़की कई बार घर से भाग चुकी है और उसे एक बार दूसरे राज्य की पुलिस धर्मशाला छोडऩे आई थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के तहत शिकायतकर्ता की मंशा व पृष्ठभूमि की तहकीकात भी पुलिस कर रही है।
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| साभार: अमर उजाला |
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शिमला।।
पत्रकार कई बार बेतुके सवाल पूछ लेते हैं। ऐसे ही एक पत्रकार ने ‘तुन वेड्स मनु-2’ के प्रोमोशनल इवेंट के दौरान कंगना से फालतू सवाल कर दिया। कंगना ने भी पत्रकार के अजीब सवाल का अजीब रिऐक्शन देते हुए जवाब दिया।
साथ ही हिमाचली टोन में बोली गई हिंदी में उन्होंने जो कहा, उसने वहां पर मौजूद लोगों को गुदगुदा दिया। देखें विडियो:
धर्मशाला।।
धर्मशाला मिस्ट्री लगातार उलझती जा रही है। अभी तक विक्टिम और प्रत्यक्षदर्शियों के सामने न आने की वजह से पुलिस को मामले को सुलझाने में दिक्कत हो रही है। पुलिस ने घटना की जानकारी देने वाले को इनाम देने और उसका नाम-पता गुप्त रखने की बात कही है। इस बीच एक विडियो सामने आय़ा है, जिसमें कॉलेज की स्टूडेंट बता रही है कि उसकी ‘विक्टिम’ की बहन से बात हुई थी।
विडियो में यह स्टूडेंट बता रही है कि कैसे विक्टिम की बहन आई थी और उसने घटना का पूरा वर्णन किया था। अगर मीडिया वाले इस प्रत्यक्षदर्शी को ढूंंढ सकते हैं, तो पुलिस क्यों नहीं? तमाम अटकलों पर तभी विराम लग सकता है, जब जांच के बाद पुलिस कोई मजबूत तथ्य निकालेगी।
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| लड़की ने बताई पूरी कहानी |
इस बीच पुलिस ने अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्यों के बिना सोशल मीडिया पर गलत बातें न फैलाएं। मीडिया को भी तथ्यों के साथ रिपोर्टिंग करने को कहागया है। बहरहाल, इस विडियो को देखिए, जिसे ‘अमर उजाला’ ने शेयर किया है: