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‘आदत से मजबूर’ बीजेपी विधायकों ने फिर किया वॉकआउट
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| File Photo |
बीजेपी की इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने कहा कि बाद में चर्चा पर विचार किया जाएगा। इस पर बीजेपी विधायकों ने लगभग आधे घंटे तक नारेबाजी की और आखिर में वॉकआउट कर दिया। इसके बाद आधे घंटे तक सदन बिना विपक्ष के ही चलता रहा।
लोगों का कहना है कि बीेजेपी असल मद्दों को उठाने के बजाय फालतू मुद्दों पर वॉकआउट कर देती है। एक फेसबुक यूजर ने तो यहां तक लिखा है कि बीजेपी के नेताओं को पता ही नहीं कि क्या करना है, क्या नहीं। ट्विटर पर एक शख्स ने लिखा है कि बीजेपी विधायकों को काम न करने का चस्का लग गया है, इसीलिए वे आए दिन वॉकआउट करते रहते हैं।

एक अन्य यूजर ने लिखा है, ‘वक्त बदल गया है मगर ये नेता पुरानी तौर-तरीकों पर चले हुए हैं। जनता समझने लगी है कि कौन सा मुद्दा वॉकआउट लायक है और कौन सा नहीं।’
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हिमाचल प्रदेश के युवा पर्वतरोही अरुण शर्मा का शव उसके जन्मदिन के एक दिन बाद घर पहुंचेगा। नोएडा में डेल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अरुण शर्मा का शव शनिवार सुबह उसके पैतृक गांव देहरा उपमंडल के मानगढ़ लाया जाएगा। हिमाचल सरकार ने शुक्रवार को भी अरुण का शव चौपर से लाने की कोशिश की, लेकिन मौसम बाधा बन गया। अरुण शर्मा का जन्म 21 अगस्त 1983 को हुआ था। और, उसका शव उसके घर 22 अगस्त 2015 को पहुंचेगा। एक मां के लिए यह बड़ा दुखदायक होगा।
Letter to Prime Minister: Corporate jobs should be transferred to rural areas
Letter to Prime Minister for transferring some corporate jobs to rural areas
Vijay Inder Chauhan.
(vijayinderchauhan@gmail.com)
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भारतीयों को ही आने नहीं दे रहा कसोल का एक इजरायली कैफे
- ए. आर. प्रसन्न
जहां विदेशियों ने माहौल बनाया हो, वहां पर भारतीय टूरिस्ट भी खिंचे चले आते हैं। मगर क्या हो, जब भारत की ही जमीन पर बने रेस्तरां में भारतीयों की एंट्री बैन हो? जी हां, जिस कसोल में आपको हिब्रू में साइन बोर्ड तक लगे दिखते हैं, वहां पर एक ऐसा रेस्तरां हैं, जिसमें भारतीयों के प्रवेश पर बैन लगा हुआ है।
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| इस कैफे में नहीं आ सकते भारतीय |
चिंकी सिन्हा लिखती हैं, ‘इजरायलियों ने भारत में फ्री कसोल नाम से कैफे बनाया है, जिसमें भारतीयों की एंट्री बैन है। उन्होंने एक गोरे दोस्त को तो जाने दिया, मगर भारतीय को रोक दिया।’
So, some Israelis have set up a cafe called Free Kasaul in Kasaul, and deny Indians admission. Our friend was denied…
Posted by Chinki Sinha on Sunday, August 16, 2015
चिंकी ने आगे लिखा है, ‘इजरायल जाने पर वे लोग पूरे कपड़े उतारकर तलाशी लेते हैं और वहां बंद बस्तियां बनाई हैं। वे यहां निर्वाण के नाम पर मस्ती करने आते हैं और मानते हैं कि वे ही यहां हे सर्वेसर्वा हैं। ‘
This restaurant in Kasol is called ‘Free Kasol’. The freak asshole who runs it refuses to serve Indians. I walked in…
Posted by Stefan Kaye on Monday, August 17, 2015
हिमाचल प्रदेश सरकार को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और इस कैफे समेत कसोल में चल रहे खेल पर लगाम लगानी चाहिए।
(लेखक ‘इन हिमाचल’ के स्तंभकार हैं)
नाहन शहर के बीचोबीच चल रहा था बम, कारतूस बनाने का कारखाना
नाहन शहर के बीचोबीच एक चार मंजिला मकान में गोला-बारूद और विस्फोटकों का भंडार पकड़ा गया है। अखबार ‘हिमाचल दस्तक’ में छपी खबर के अनुसार पुलिस ने शमशेरजंग मोहल्ला निवासी इमरान शेख पुत्र इमतयाज शेख उर्फ भाईजान के घर से विस्फोटक सामग्री बनाने में उपयोग होने वाले केमिकल्स के अलावा 3000 कारतूस, 220 किलो छर्रे, सैकडों किलो बारूद, डिटोनेटर, कई कट्टे, फ्यूज वायर, चार बंदूकें और भारी मात्रा में बंदूकें बनाने का सामान बरामद किया है।
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने से नाहन शहर में सनसनी फैल गई है। फरेंसिक और सेना के विस्फोटक विशेषज्ञों ने विभिन्न कैमिकलस व विस्फोटक सामग्री की जांच के बाद कुछ सैंपल भर जांच शुरू कर दी है। विस्फोटक सामग्री की मात्रा देख कर अंदाजा लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों से शहर में बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
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| सांकेतिक तस्वीर |
यह विस्फोटक व गोला बारूद नाहन में सदर थाना व एसपी ऑफिस से महज 50 मीटर दूरी पकड़ा जाना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है। शहर के बीचोबीच इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक की मौजूदगी सुरक्षा और खुफिया विभागों की नाकामी उजागर करता है। बहरहाल पुलिस ने इस मकान के मालिक इमरान शेख व उसके दो भाई शरिक शेख व वाशिर शेख को गिरफ्तार कर लिया है। इनके अलावा कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नाहन छावनी क्षेत्र से फस्ट पेरा के विस्फोटक विषेषज्ञ और शिमला से फोरेंसिक विशेषज्ञों के दल ने विस्फोटकों की जांच कर कुछ कैमिल के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। एसपी सौम्या सांबशिवन ने बताया कि शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घर की तलाशी के दौरान 220 किग्रा छर्रे सिक्का, छर्रे बनाने के सांचे, 3000 कारतूस, 4 टोपीदार बंदूकें, बंदूक बनाने की अन्य सामग्री ब्रामद की गई। उन्होंने बताया कि विस्फोटक सामग्री, गन पाउडर, सल्फर, कार्बन व अन्य सामान, कलपुर्जे जिनकी पहचान नहीं हो सकी है, भी बरामद किए गए हैं।











